September 02, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    Uncategorised

    Uncategorised (35355)

    अन्य ख़बर

    अन्य ख़बर (5877)

    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    भिलाई / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम के जोन-3 और छावनी पुलिस की टीम ने रविवार को सयुंक्त रूप से अभियान चलाकर लाकडाउन का उल्लघन करने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की। निर्धारित समय के बाद भी मटन चिकन और मछली बेचने वाले चार दुकानदारों से कुल 8 हजार रूपए अर्थदंड वसूल किया गया।
    जोन-3 के सहायक राजस्व निरीक्षक टिकेन्द्र वर्मा ने बताया कि लाकडाउन के दिन रविवार को मांस-मछली बेचने की शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर मार्केट क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। इस दौरान चार दुकानदार चिकन और मछली बेचते हुए पाए गए। सभी के खिलाफ 2-2 हजार की चालानी कार्रवाई की गई। वार्ड 22 श्याम नगर लिंक रोड निवासी नरेश यादव मछली बेच रहे थे। उनसे दो हजार अर्थदंड वसूल किया गया। इसी प्रकार वार्ड 24 मिलन चौक निवासी उत्तम कुमार से 2 हजाार, वार्ड 23 शेख महमूद और मोहम्मद कुमरैद से 2-2 हजार जुर्माना वसूल किया गया। सभी को जिला प्रशासन के आदेशानुसार निर्धारित तिथि एवं समय में व्यावसाय करने की समझाइश दी गई। टीम में वार्ड प्रभारी मनहरण साहू और छावनी पुलिस के जवान शामिल थे।

    भिलाई / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम के शहरी गोठान में गोबर से अब वर्मी कंपोस्ट के साथ गुणवत्ता युक्त लिक्विड जैविक खाद (वर्मी वाश) तैयार किया जाएगा। बागवानी और सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को लिक्विड खाद के रूप में विक्रय जाएगा। निगम प्रशासन ने जिला कृषि विभाग एवं कामधेनु विश्वविद्यालाय अंजोरा दुर्ग के विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार वर्मी कंपोस्ट और वर्मी वाश बनाने के लिए 14 लाख रूपए की लागत से शहरी गोठान में 50 टंकियां और टिन शेड का निर्माण किया है। जहां गोबर से वर्मी कंपोस्ट बनने की प्रक्रिया के दौरान रिसने वाले पानी को लिक्विड जैविक खाद के रूप में एकत्र किया जाएगा। उसे पात्रों में भरकर लिक्विड जैविक खाद (वर्मी वाश) के रूप में डिमांड के अनुसार सप्लाई किया जाएगा।
    टैंक में एकत्र होगा लिक्विड
    निरीक्षण करने पहुंचे सहायक अभियंता सुनील दुबे ने बताया कि वर्मी वाश को एकत्र करने के लिए सभी टंकी के नीचे एक पाइप लाइन बिछाई गई है। उस पाइप को एक टंकी से जोड़ दिया गया है। जिससे होकर पानी आसानी से एक टैंक में एकत्र हो जाएगी। इससे लिक्विड खाद को एकत्र करने के लिए अतिरिक्त मेहनत नहीं करना पड़ेगा।
    खेती के लिए फायदेमंद
    कामधेनु विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित पशुपालन एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के विशेषज्ञ डॉ एसके थापक ने शहरी गोठान में समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण के दौरान वर्मी कंपोस्ट के साथ वर्मी वाश बनाने की प्रक्रिया पर जोर दिया था। उन्होंने बताया था कि वर्मी कंपोस्ट बनाने के दौरान गोबर में नमी बनाए रखने की आवश्यक होता है। इसके लिए गोबर पर उपर से पानी का छिड़काव करना पड़ता है। अतिरिक्त पानी गोबर से रिसकर टंकी के नीचे चला जाता है। चूंकि यह पानी गोबर से रिसाव होने की वजह से उसमें मौजूद सभी तत्व पानी के साथ चली जाती है। यह पेड़ पौधों के लिए उत्तम पोषक आहार है। इसका पेड़-पौधों में छिड़काव करने से अच्छा ग्रोथ करता है। बाजार में इसकी अच्छी डिमांड और 10-12 रूपए लिटर तक विक्रय होने की जानकारी दी थी। उनके सलाह के मुताबिक ही महापौर व भिलाई नगर विधायक श्री देवेन्द्र यादव और निगम आयुक्त श्री ऋतुराज रघुवंशी ने जोन-1 आयुक्त सुनील अग्रहरि को वर्मी कंपोस्ट का शेड और टंकी बनाने के निर्देश दिए थे। निर्देश के मुताबिक टंकी और शेड का निर्माण किया गया है। इसी तरह की शेड और टंकियां बोगदा पुल जामुल स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड एसएलआरएम सेंटर, बैकुंठधाम और खुर्सीपार एसएलआरएम सेंटर में बनाई गई है। जहां क्रय की जाने वाले गोबर से वर्मी कंपोस्ट बनाने की प्रकिया चल रही है। सभी गोबर खरीदी केन्द्र में अलग से पंजीयन कक्ष बनाया गया है। जहां कोई भी पशुपालक पंजीयन फार्म के साथ मतदाता परिचय पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और राशन कार्ड की फोटो कापी जमा कर पंजीयन करवा सकते हैं।

    दुर्ग / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज गोधन न्याय योजना के एप की लॉन्चिंग की। इस अवसर पर उन्होंने पाटन के ग्राम सिकोला के ग्रामीणों से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले सरपंच श्रीमती उषा निषाद से गौठान की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही गोबर खरीदी की व्यवस्था की जानकारी भी ली। सरपंच ने बताया कि गोबर खरीदी बहुत अच्छी हो रही है गोधन न्याय योजना से लोगों में काफी उत्साह का वातावरण है। लोग इससे काफी लाभ कमा रहे हैं। ग्रामीण इससे काफी खुश हैं अब इसके दूसरे चरण में वर्मी कंपोस्ट से भी आय होगी। मुख्यमंत्री ने उप सरपंच पुरुषोत्तम यादव से गांव के चारागाह बाड़ी आदि के बारे में जानकारी ली। श्री यादव ने बताया कि नरवा गरवा घुरवा बाड़ी योजना के माध्यम से हम लोग अपने गांव को संवार रहे हैं। बाड़ी का विकास कर रहे हैं। बाड़ी के माध्यम से सब्जियां उगा रहे हैं जिससे हमारे बच्चों को भी पर्याप्त पोषण मिल पा रहा है। मुख्यमंत्री ने पशु पालकों से भी चर्चा की। पशुपालक श्रीमती कविता ने बताया कि वह 35 क्विंटल गोबर बेच चुकी है जिससे उन्हें 7000 रुपये की आय प्राप्त हो चुकी है। गोधन न्याय योजना पशु पालकों के लिए बहुत अच्छी है। साथ ही इससे जैविक खेती करने के लिए भी रास्ता मिलेगा। ग्रामीणों को वर्मी कंपोस्ट से भी आय हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर गौठान अध्यक्ष श्री गोकरण यादव से भी बातचीत की। श्री यादव ने बताया कि गांव में हम लोगों ने दो चरवाहे रखे हैं । एक चरवाहा समिति की ओर से रखा है और एक चरवाहा गांव की ओर से रखा गया है जो आवारा पशुओं की भी देखभाल करता है। मुख्यमंत्री ने ग्राम सचिव श्री बिहारी लाल साहू से कहा कि ऐप के बारे में प्रचार प्रसार करें साथ ही गोधन योजना के बारे में पर्याप्त प्रचार-प्रसार करें ताकि ग्रामीणों को इस महत्वपूर्ण योजना के माध्यम से आर्थिक लाभ हासिल हो सके। इस मौके पर कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे एवं जिला पंचायत सीईओ श्री सच्चिदानंद आलोक भी उपस्थित थे। कलेक्टर ने इस मौके पर ग्रामीणों से गांव की समस्या एवं गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी भी ली तथा उन्हें सामूहिक रूप से काम कर इस योजना का लाभ उठाने की अपील भी की। जिला पंचायत सीइओ एस. आलोक ने बताया कि जिले की 216 गौठान में नोडल अधिकारी नियुक्ति किए गए है। जो शासन की महत्वकांक्षी योजना एनजीजीबी के तहत बनाए गए गौठान में सतत् गतिविधियां एवं गोधन न्याय योजना का क्रियान्वयन निरीक्षण करेंगे।
    गोधन न्याय योजना के तहत गोबर विक्रेताओं के द्वारा बेचे गए गोबर का खरीदी विक्रय का विवरण रखने के लिए एप तैयार किया गया जिसके माध्यम पंजीकृत हितग्राही अपने सभी विवरण इसमें देख सकेगे । इस संबंध में नोडल अधिकारियों को एप से संबंधित जानकार को लेकर प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस. आलोक ने बताया कि गोबर खरीदी के लिए शासन के द्वारा चिप्स के माध्यम से एप तैयार कराया गया है। जिले में कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंन्द्र भुरे के मार्ग दर्शन में गोधन न्याय योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। एस. आलोक बताया कि अब एप के माध्यम से गोधन न्याय योजना का संचालन किया जाएगा। जिस तरह से धान खरीदी में किसानों का पंजीयन किया जाता है। उसी तरह गोधन न्याय योजना में गोबर विक्रता का पंजीयन कृषि सहकारी समिति द्वारा किया जाना है। ऐसा करना इसलिए आवश्यक है क्योकि गोबर खरीदी के समय विक्रताओं की जानकारी भरने की आवश्यकता न रहे। केवल क्रय किए गए गोबर की मात्रा ही भरना पड़े। उन्होंने बताया कि जिन हितग्राहियों ने गोबर की विक्रय किया है। उनकी जानकारी एनआईसी में एकत्रित हो गई है। उनका पंजीयन दुबारा करने आवश्यक नही होगा। सिर्फ जिन्होने अब तक गोबर नहीं बेचा है, उनका ही पंजीयन कराये जाने को कहा है। उन्होने गौठान नोडल अधिकारियों को अभियान चलाकर शेष सभी गोबर विके्रता का पंजीयन कराने कहा है। एप के संबंध में सभी नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके बाद भी अगर कही पर भी कोई कठिनाई आती है, तो जिलास्तरिय अधिकारी या फिर चिप्स के हेल्पलाईन नम्बर पर कॉल करके समस्या का समाधन कर सकते है। उन्होने कहा कि इस एप को सहायता से पंजीकृत हिजग्राही अपने पंजीयन की जानकारी जैसे व्यक्तिगत विवरण, बैक विवरण एवं संबंधित गौठान का नाम देख पाएगें। इसमें हितग्राही द्वारा बेचे गए गोबर की तिथिवार जानकारी एवं विक्रय से प्राप्त राशि को जानकारी आसानी से देख सकेगें।

    दुर्ग / शौर्यपथ / युवा कांगे्रस व एनएसयुआई के संयुक्त तत्वावधान में आज सेक्टर-1 मुर्गा चौक पर बेरोजगारी के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर केन्द्र सरकार के रोजगार विरोधी नीतियोंं के खिलाफ युवा कांग्रेस व एनएसयुआई के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए बेरोजगारों के लिए रोजगार की मांग की। यही नहीं भिलाई इस्पात संयंत्र में ठेका श्रमिकों के शोषण के खिलाफ भी आवाज उठाई। कार्यक्रम में भिलाई शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती तुलसी साहू, भिलाई नगर विधायक व महापौर देवेन्द्र यादव, भारतीय युवा कांग्रेस प्रभारी महेन्द्र, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष अंकुश पिल्ले, युवा कांग्रेस भिलाई नगर अध्यक्ष अफरोज, एनएसयुआई जिला अध्यक्ष आदित्य सिंह, सीजू एंथोनी, नीता लोधी सहित सैकड़ों की संख्या में युवा कांग्रेस व एनएसयुआई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
    कार्यक्रम के दौरान विशेष रूप से उपस्थित भिलाई शहर जिला अध्यक्ष श्रीमती तुलसी साहू ने केन्द्र सरकार पर जमकर हल्ला बोला। इस मौके पर उन्होंने कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार देश में बेरोजगारी का बीज बो रही है। देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने देशभर में नौ रत्नों का निर्माण किया जिसमें से भिलाई इस्पात संयत्र एक है। एक ओर जहां जवाहर लाल नेहरू ने देश में युवाओं को रोजगार दिया वहीं दूसरी ओर केन्द्र की मोदी सरकार देश के बड़े औद्योगिक क्षेत्रों का नीजिकरण करने में लगी हुई है। नेहरू जी का सपना था युवाओं को काम देंगे तो उनके हाथ में पैसा आएगा। जब लोगों के हाथ में पैसा होगा तो बाजारों में पैसा पहुंचेंगा और देश की अर्थव्यवस्था सुधरेगी। कार्यक्रम को भिलाई नगर विधायक व महापौर देवेन्द्र यादव ने भी संबोधित किया। साथ ही भारतीय युवा कांग्रेस प्रभारी, युवा कांग्रेस अध्यक्ष अंकुश पिल्ले, एनएसयुआई अध्यक्ष आदित्य सिंह ने भी अपनी बात रखी।

    दुर्ग / शौर्यपथ / शंकराचार्य अस्पताल के संचालक ने अपने ऊंची सोर्स के बल पर आपदा को अवसर में बदलने के लिए प्रशासन से यहां कोविड अस्पताल बनवा लिया। प्रारंभिक दौर में ये अस्पताल में अच्छी सुविधाएं दी लेकिन बाद में यहां की व्यवस्था एक दम लचर हो गई। यहां भरपूर गंदगी है, सफाई पर कोई ध्यान नही दे रहा है। दो दिन तक यहां डॉक्टर जांच करने नही आते। यहां न ही मरीजों को ठीक से और समय पर खाना ही दिया जा रहा है और न ही गरम पानी। आक्सीजन रहते हुए भी आवश्यकता वाले मरीजों को नही दिया जा रहा है। प्रशासन द्वारा यहां कोरोना के लोगों को ले जाकर भर्ती करके इतिश्री कर लिया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण यहां लोग असमय ही परलोक सिधार रहे हैं, अभी दो दिन पहले ही जैसे प्लेटफार्म पर कोई भिखारी कराहते कराहते बिना इलाज पानी के मर जाता है, वही स्थिति यहां निर्मित हो रही है,जिसके कारण दो दिन पूर्व एक बुर्जुग कराहते कराहते मर गया उसे ऑक्सीजन की आश्यकता होने के बाद भी ऑक्सीजन नही दिया गया। जिसका विडिया वायरल होने के बाद प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने इस मामले को संज्ञान में लेकर कलेक्टर को जांच करने कहा तो प्रशासन द्वारा जांच करने और व्यवस्था सुधारने के बजाय समाचार प्रकाशन के लिए भिजवाया जा रहा है कि शंकरा अस्पताल में कितने लोग इलाज कराने आये, कितने ठीक हुए। यहां की लापरवाही के कारण अब लोग भारी दहशत में आ गये है, अधिकांशतर लोग बुखार सर्दीं, खंासी व अन्य लक्षण होने के बाद भी जांच कराने नही जा रहे है कि कही कोरोना निकल गया तो यहां के लावरवाही कोविड अस्पतालों में मरने कौन जायेगा। बल्कि लोग घर में ही तुलसी, चिरैता व अन्य जड़ी बुटियो का काढा बनाकर या मेडिकल से दवालाकर घर में ही रहकर अपना इलाज कर रहे हैं।
    शंकराचार्य कोविड अस्पताल प्रबंधन द्वारा किये जा रहे लापरवाही का एक और मामला सामने आया है जिसमें एक पुत्र ने शंकरा अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि मेरी मां का उपचार नही किया गया और न ही खाना पानी दिया गया, जिसके कारण उसकी मां की मौत हो गई। मृतक के पुत्र मुकुंद बंसोड़ ने मीडिया को बताया कि मेरी मां लीला बाई बसोड़ जिनकी तबियत खराब होते ही मेरे व्दारा इलाज के दौरान मेरी मां को कोरोना पाज़िटिव बताकर शंकराचार्य में भर्ती करवाया और न बात करवाईं न खाना दिया न पानी दिया, मेरी मां से मंगलवार गत 2 सितंबर को रात 8 बजे बात हुई जो बगल वाले मरीज ने करवाईं, मां से कहा मैं कल आऊंगा मैं 3 सितंबर बुधवार को वहां पर अनिस सर से दिन भर कहता रहा कि मेरी मां से बात करा दो, लेकिन किसी ने नहीं सुनी मेरी दिन भर बात नहीं होने के कारण मेरी मां सदमे में आ गयी और वो परलोक सिधार गई। मुझे मां से बात करने के लिए एक नम्बर दिया गया था 6260221616 नम्बर को मैं दिन भर लगात रहा लेकिन किसी ने कोई जानकारी नहीं दी और रात 1 बजे मेरी मां की मरने की ख़बर दी गई। यानी मेरी मां की मौत एक साजीस के तहत हुई है, जिसका आडीयो वाईस रिकार्डिंग मेरे पास है, वहां किसी को जाने नहीं देते, और सही ढंग से देख देख नहीं होती मरीजों को उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है, मेरी मां के मौत का हिसाब प्रबंधन को देना होगा।

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / दिल्ली उच्च न्यायालय के गेट नंबर पांच के बाहर नौ वर्ष पहले सात सितम्बर के दिन सूटकेस में रखे बम में हुए विस्फोट में 17…
    नई दिल्ली / शौर्यपथ / संकट में फंसी दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया लि. (वीआईएल) ने उच्चतम न्यायालय द्वारा ऑपरेटरों को समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) का बकाया चुकाने के लिए 10…
    मुंबई / शौर्यपथ / बॉलीवुड एक्‍टर कंगना रनौत की मुंबई को लेकर किए गए कमेंट का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है. कंगना के इस कमेंट पर शिवसेना…
    नई दिल्ली /शौर्यपथ / भारतीय सेना और लेह में तिब्बती समुदाय के लोगों ने सोमवार को तिब्बती जवान नीमा तेन्जिन को अंतिम विदाई दी. तेन्जिन कभी गुप्त समूह रहे स्पेशल…
    शौर्यपथ / किसी भी रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए व्यवहार प्रमुख आधार होता है। कद-काठी या रंग-रूप का ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ता। लेकिन एक…

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision