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दुर्ग / शौर्यपथ / रिसाली निगम क्षेत्रांतर्गत वार्ड नेवई भाठा में एक युवक का कोरोना संक्रमित रिपोर्ट पॉजिटिव आने से जिला प्रशासन द्वारा कंटेन्टमेंट जोन में तब्दील कर दिया गया है। कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आते ही अपर कलेक्टर व निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे एवं जोन आयुक्त रमाकांत साहू ने निगम अमले के साथ उल्लेखित स्थल पर पहुंचकर पुरे क्षेत्र को कंटेन्टमेंट जोन में तब्दील कर दिये है। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंचकर कोरोना संक्रमित परिवार की सेम्पल प्राप्त कर रिपोर्ट भेज दी गई है। नेवई के संक्रमित क्षेत्र का निगम स्वास्थ्य अमला द्वारा शाम से ही युद्ध स्तर पर पूरे क्षेत्र का सैनेटाईजेशन किया गया व वृहद स्तर पर संक्रमित क्षेत्र की साफ सफाई के साथ साथ ब्लिचिंग एवं किटनाशक दवाई को छि?काव किया जा रहा है। निगम के उडनदस्ता टीम द्वारा लोगों के आवाजाही व क्षेत्र के सभी दुकानों को भी को त्वरित बंद कराया गया। लोगों को घरों से निकलने मना किया गया है। जारी आदेश के अनुसार कंटेन्मेंट जोन में अतिआवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की आपूर्ति तथा अपरिहार्य स्वास्थ्यगत आपत्कालीन परिस्थितियों को छो?कर कंटेन्टमेंट जोन में आने जाने पर पूर्व प्रतिबंध लगा हुआ है। क्षेत्र के अंतर्गत सभी दुकाने आफिस व अन्य वाणिज्यक प्रतिष्ठान आगामी आदेश तक पूर्णत: बंद रहेंगे। वाहनों के आवागमन पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। घर पहुंच सेवा के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति उचित दरों पर किये जाने रिसाली निगम प्रयासरत है। संक्रमित क्षेत्र को सील कर पुलिस का सक्त पहेरा बैठाया गया है। देर रात तक अपर कलेक्टर व निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे व जोन आयुक्त श्री रमाकांत साहू मातहत अधिकारियों के साथ नेवई के संक्रमित क्षेत्र में डटे हुए थे रात में ही कंटेन्टमेंट जोन आवश्यक सुरक्षा एवं व्यवस्था के लिए निगम अधिकारियों को दायित्व सौंपे गये है। उक्त हेतु रिसाली निगम के सहायक यंत्री बी.के. सिंह को प्रभारी अधिकारी बनाया गया है। रिसाली निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने संक्रमित क्षेत्र के लोगों के साथ साथ पूरे निगम क्षेत्र के रहवासियों से एहतियात बरतने की अपील की है।
दुर्ग / शौर्यपथ / कांग्रेस नेता व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने भाजपा पर अपना वार जारी रखते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से सरकार के ६ साल में किये वादों के पूरा होने के बारे में पुचा . बता दे कि दुर्ग से कांग्रेस की तरफ से लगातार भाजपा के केंद्र सरकार के नीतियों पर सवालों की बौछार इन दिनों राजेन्द्र साहू द्वारा किया जा रहा है . अब राजेन्द्र साहू ने नवनियुक्त प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि साय को डेढ़ साल पहले बनी कांग्रेस सरकार के वादों से पहले 6 साल पहले केंद्र में सत्तारूढ मोदी सरकार के वादों को याद कर लेना चाहिए। साय देश की जनता को स्पष्ट बताएं कि मोदी सरकार ने 6 साल में कितने वादे पूरे किए। एक साल पहले दोबारा सत्ता में आने से पहले किए गए वादों का क्या हुआ?
साय के आरोपों पर राजेंद्र ने कहा कि कांग्रेस ने शराबबंदी का वादा किया था। इस वादे को कांग्रेस भूली नहीं है। शराबबंदी धीरे-धीरे लागू की जाएगी। कांग्रेस ने 10 दिनों के भीतर किसानों का कर्जमाफी और 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का वादा किया था। पद की शपथ लेने के 4 घंटे के भीतर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपना वादा पूरा कर दिखाया। कर्जमाफी की घोषणा कर दी।
राजेंद्र ने कहा कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय को बताना चाहिए कि देश के सभी नागरिक के खाते में 15 लाख रुपए जमा करने के वादे का क्या हुआ। हर साल दो करो? बेरोजगारों को रोजगार देने, किसानों की आय दोगुना करने, महिलाओं को सशक्त बनाने के वादे का क्या हुआ।
राजेंद्र ने कहा कि भूपेश बघेल सरकार ने जो कहा, उसे पूरा भी किया। शहरी क्षेत्र में भूमिहीन आबादी पट्टटा देने का वादा पूरा किया। एपीएल वर्ग को 10 रुपए प्रति किलो की दर से 35 किलो चावल, हाफ बिजली बिल जैसे दर्जनों वादे पूरे कर दिए। मनरेगा से देश में सबसे ज्यादा रोजगार दिया जा रहा है। कांग्रेस सरकार ने हर वर्ग को राहत दी है। भाजपा ने कितने वादे पूरे किए, इसका खुलासा साय को करना चाहिए।
राजेंद्र ने कहा कि साय केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। इसके बावजूद उन्होंने कोरोना के वैश्विक संकट पर एक शब्द भी नहीं कहा, यह दुख की बात है। बीते दो माह में देश में 10 करोड़ से ज्यादा लोग बेरोजगार हो चुके हैं। असंगिठत कामगारों की बेरोजगारी का आंकडा भी लगभग 8 करोड से ज्यादा हो चुका है। ठेला, खोमचा वालों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। किसानों, मजदूरों समेत निम्न आय वर्ग के लोगों की आर्थिक स्थिति चरमरा गई है। रोजी-रोटी चौपट हो गई है। इन वर्गों को राहत देने या आर्थिक रूप से मजबूती देने के बारे में साय ने मौन साध लिया। राजेंद्र ने कहा कि साय ने 20 लाख करोड के पैकेज के बारे में एक भी शब्द नहीं कहा। यह दर्शाता है कि 20 लाख करोड का पैकेज भ्रष्टाचार की भेंट चढ चुका है। भाजपा नेताओं ने राज्य में सत्ता से दूर होने के बावजूद अब तक सत्ता का मोह नहीं त्यागा है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों के साथ आसमान छूती महंगाई के बावजूद साय को 6 साल पुरानी मोदी सरकार के वादे याद नहीं है। उन्हें अगर सवाल करना है तो पहले मोदी सरकार से 6 साल पुराने वादों को लेकर सवाल करें।
दुर्ग / शौर्यपथ / श्री शंकराचार्य महाविद्यालय में 21 जून को 6 वां अंतराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जायेगा। वैसे तो योग दिवस पूरे विश्व भर में मनाया जाने वाला बृहद कार्यक्रम है जिसे पूरे विश्व मे विभिन्न संस्थानों द्वारा इसे अपने-अपने प्रांगणों पर एक स्थान पर एकत्र होकर योग का अभ्यास करके मनाया जाता जाता है परन्तू इस वर्ष वैश्विक कोविड-19 महामारी के संकट के कारण अंतराष्ट्रीय योग दिवस को मनाने का स्वरूप पूर्णत: बदल गया है इस बार पतंजलि युवा भारत छत्तीसगढ़ व छत्तीसगढ़ योग एसोसिएशन ने एक बड़ी पहल की है 21 जून अंतराष्ट्रीय योग दिवस के प्रोटोकॉल ट्रेनिंग को छत्तीसगढ़ में पूरी तरह ऑनलाइन डिजिटल विडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से करने वाली पहली संस्था बन गयी है।
इसी तारतम्य में पतंजलि युवा भारत छत्तीसगढ़ व छत्तीसगढ़ योग एसोसिएशन के द्वारा श्री शंकराचार्य कॉलेज दुर्ग के प्राचार्या डॉ. श्रीमती रक्षा सिंह के साथ एक हस्ताक्षर किया गया जिसमें 21 जून अंर्तराष्ट्रीय योग दिवस के प्रोटोकॉल की ट्रेनिंग लगातार 15 दिनों तक ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दी जाएगी। जिसमे लगभग 200 प्रशिक्षणार्थी शामिल होने वाले है। शिविर के आखिरी दिन (21 जून) प्रयास किया जायेगा कि हजारो की संख्या में लोग अपने घरों से योगासन करते हुए जुडे।
पतंजलि युवा भारत छत्तीसगढ़ व छत्तीसगढ़ योग एसोसिएशन के पास लगभग 7000 स्किल्ड योग ट्रेनर है जो पूर्ण रूप से योग में पारंगत है जो योग ट्रेनिंग दे सकते हैं। इसलिए छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय व अशासकीय संस्थानों जैसे विश्वद्यिालय, कॉलेज, बीएसफ, सेना, एनएसएस, आईटीबीपी, नगर सेना, पुलिस, नगर निगम, नगर पालिका सहित समस्त संस्थानों को हम आमंत्रित करते हैं कि वो सभी अपने संस्थानो पर इसी तरह अंतरास्ट्रीय योग दिवस हेतु ऑनलाइन विडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से योग प्रोटोकॉल ट्रेनिंग आयोजित कराएं इसके लिए आप सभी हमसे संपर्क कर सकते हैं।
पतंञ्जलि युवा भारत के राज्य प्रभारी आदरणीय श्री जयन्त भारती जी ने पूर्व में 12जनवरी 2017 को भिलाई में सूर्य नमस्कार का विश्व रिकॉर्ड बना चुके हैं छत्तीसगढ़ योग एसोसिएशन के Óराज्यप्रभारी श्री शैलेंद्र विशी जी कृतसंकल्पित हैं कि प्रदेश के समस्त योग से शिक्षा प्राप्त योग साधकों को स्वावलम्बन से जोड़ रोजगार के क्षेत्र में एक स्वावलंबी भारत का निर्माण कर सकें।
आज ई-प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस पर छत्तीसगढ़ योग सुश्री पुर्वी वर्मा (राज्यकार्यकरणी सदस्य व योग टैऊनर छ.ग.योग एसोसिएशन) ने 1.30 घंटे तक योगाभ्यास कराया जिसमें उन्होने उष्ट्रासन, पादहस्तासन जैसे महत्वपूर्ण और शरीरोपयोगी आसनों का अभ्यास कराया और प्राणायाम की महत्ता बताते हुए कपाल भाती और अनुलोम-विलोम को विस्तारित करते हुए अभ्यास कराया। इस शिविर का लाभ प्रशिक्षाणार्थियों को गुगल मिट के माध्यम से प्राप्त हुआ। महाविद्यालय इस प्रकार के तकनीको का प्रयोग कर प्रशिक्षाणार्थियों को लाभ पहुचाने हेतु अग्रसर है। अंत में मिस अदा इंडियन क्लासिक और सिटी क्विन (2018) दीपा मेश्राम ने योग को महत्वपूर्ण बताते हुए की योग व ध्यान की वजह से ही वह खुद को शारिरीक और मानसिक रूप से स्वस्थ्य रख पाती है। जो शारिरीक सौदर्य और स्वास्थ्य को बनाये रखने में मददगार साबित होता है।
दुर्ग / शौर्यपथ / भारतीय बौद्ध महासभा शाखा दुर्ग छ ग ने अयोध्या स्थित राम जन्म भूमि में निर्माणाधीन मंदिर स्थल में समतलीकरण एवं खुदाई के दौरान तथागत बुद्ध के अवशेष लगातार मिल रहे हैं। वास्तव में ये नगरी कौशल जनपद बौद्ध कालिन साकेत है जहाँ दो हजार वर्ष पूर्व बौद्धों का शासन था चक्रवर्ती सम्राट अशोक के समय में बावरी नामक प्रसिद्ध बौद्ध भिक्षु के नाम से विहार बनवाया गया था । ये विरासत न तो मुसलमानों के है और न ही हिन्दुओं के है ये विरासत बौद्धों की है इसके लिए बौद्धों के द्वारा अपना पक्ष रखा गया था, परन्तु बौद्धों की बात नहीं सुनी गई जबकि अभी समतलीकरण एवं खुदाई में बौद्ध कालिन पुरातात्विक अवशेष एवं तथागत गौतम बुद्ध की प्रतिमाये चक्र, कमल पुष्प स्तंभ इत्यादि मिल रहें हैं जो इस बात के साक्षी है की ये जो स्थल है वो बौद्ध कालिन है इन स्थलों को सुरक्षित रखने के लिए भारतीय पुरातत्व विभाग एवं उत्तर प्रदेश सरकार को संरक्षित रखने के लिए भारतीय बौद्ध महासभा दुर्ग ने कलेक्टर को ज्ञापन सौपकर उक्त स्थल एवं मिले अवशेषों को भारतीय पुरातत्व विभाग के द्वारा संरक्षित किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालो में राष्ट्रीय सदस्य आयु एस आर कानडे राज्य उपाध्यक्ष संजय शेनदरे, जिला अध्यक्ष सी के डोंगरे, सी एल देवदास, आशीष सूर्यवंशी ,रामाराव ढोक, महासचिव जितेन्द्र मेश्राम एवं कोचे जी उपस्थित थे।
दुर्ग / शौर्यपथ / दो साल के बाद फिर एक बार शहर में डेंगू जैसी बीमारी के महामारी का रूप धारण करने का आसार स्पष्ट नजर आ रहा है। इस बार फोरलेन सड़क पर फ्लाई ओव्हर निर्माण के लिए की गई खुदाई के चलते बने गड्ढों से डेंगू का खतरा उत्पन्न होने की संभावना उभरने लगी है। इन गड्ढों में बारिश का पानी जमा होने से डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के लार्वा को पनपने का मौका मिलेगा। ऐसे में दो साल पहले खुर्सीपार में केनाल रोड निर्माण के साथ बनी परिस्थितियां इस बार भी बनने की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा है।
भिलाई नगर निगम क्षेत्र में अभी दर्जन भर के करीब डेंगू के मरीज सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के साथ ही जिला और निगम प्रशासन के लिए बारिश शुरू होने से पहले शहर में डेंगू की दस्तक पड़ जाने से चुनौती बढ़ गई है। इस बीच डेंगू के लिहाज से फ्लाई ओव्हर निर्माण के लिए फोरलेन सड़क पर की गई खुदाई वाली जगह भी खासी चुनौती बन सकती है। दरअसल डेंगू फैलाने वाले मच्छर जमा पानी में पनपते हैं। ऐसे में फ्लाई ओव्हर के लिए सड़क की हुई खुदाई वाली जगह पर जमा होने वाले बारिश का पानी डेंगू के मच्छरों को लार्वा छोडऩे के लिए अनुकूल माहौल प्रदान कर सकते हैं। इन गड्ढों में पनपने वाले लार्वा जब मच्छर बनकर शहर में फैल जाएंगे तो इसमें संदेह नहीं कि डेंगू एक बार फिर कहर बरपा सकता है।
गौरतलब रहे कि दो साल पहले भिलाई-दुर्ग सहित इसके आसपास के इलाके में महामारी के रूप में कहर बरपाया था। भिलाई निगम क्षेत्र में ही 54 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। उस वक्त खुर्सीपार इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ था। तब आम लोगों के बीच केनाल रोड निर्माण के लिए हुए खुदाई वाले जगहों पर बारिश का पानी जमा होने को डेंगू फैलने की चर्चा ने खासा जोर पकड़ा था। इस बार भी वैसी ही आशंका फ्लाई ओव्हर निर्माण के लिए की गई खुदाई वाली जगह को लेकर जताई जाने लगी है।
यहां पर यह बताना लाजिमी होगा कि फोरलेन सड़क पर कुम्हारी से लेकर सुपेला के बीच चार फ्लाई ओव्हर का निर्माण हो रहा है। पहला फ्लाई ओव्हर कुम्हारी में बन रहा है और इसका जमीनी स्तर का काम पूरा हो जाने से खुदाई वाले गड्ढों का भरा जा चुका है। इस लिहाज से कुम्हारी में तो कोई खास खतरा नहीं दिखता, लेकिन डबरापारा तिराहे सहित पावर हाउस और फिर चंद्रा-मौर्या से लेकर सुपेला चौक तक तीन स्थानों मे पिलर खड़ा करने के लिए की गई खुदाई के चलते बने गड्ढों में बारिश का पानी जमा होना तय है। इस जमे पानी में डेंगू के लार्वा को पनपने का मौका मिलेगा जिससे दो साल पहले जैसी परिस्थितियां बनने की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा है।
खुर्सीपार है संवेदनशील इलाका
डेंगू के लिहाज से भिलाई निगम के खुर्सीपार का इलाका संवेदनशील माना जाता है। दो साल पहले इसी इलाके में डेंगू से ज्यादा मौते हुए थी। हालांकि इस बार केम्प-2 के संतोषी पारा वार्ड में डेंगू की दस्तक पड़ चुकी है और 10 मरीज मिले हैं। इसके साथ ही संतोषी पारा में साफ सफाई के साथ लोगों को मच्छर से बचने और सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर भूरे ने गत दिनों संतोषी पारा वार्ड का दौरा कर निगम द्वारा डेंगू के रोकथाम हेतु किए जा रहे इंतजाम का अवलोकन कर जरुरी निर्देश दिया। निगम द्वारा सभी संवेदनशील वार्डों में टैमीफास का वितरण कर जमा पानी में इस्तेमाल करने की सलाह लोगों को दी जा रही है। इसके साथ ही कूलर, पानी टंकी की हर दो दिन में सफाई, खुले में पड़े टायर व गमलों व मिट्टी के बर्तन में पानी जमा नहीं होने देने की अपील निगम द्वारा की जा रही है।
रायपुर / शौर्यपथ / जैन समाज के गौरव समाजसेवी श्री अनूप चंद कोठारी (जैन) का दुःखद निधन हो गया। देह दान की इच्छा के अनुरूप उनका पार्थिव शरीर परिजनों द्वारा आज 08 जून को मेकाहारा रायपुर में दान किया गया।
मानव समाज के लिए समर्पित छत्तीसगढ़ के प्रथम माइनिंग व्यवसायी व समाज सेवी श्री अनूपचंद कोठारी (जैन) का निधन प्रदेश व राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है। राजनांदगांव के छोटे से गांव कुसुम कसा से अपनी जीवन यात्रा प्रारंभ करने वाले स्व. श्री अनूप चंद कोठारी (जैन) का समाज को समर्पित जीवन राजनांदगांव जैन श्वेतांबर मूर्ति पूजक संघ के अध्यक्ष के रूप में शुरू हुआ था।
इस दौरान उन्होंने भव्य जैन बगीचा (दादाबाड़ी) निर्माण के कार्य को चुनौती के साथ पूर्ण किया। जिसका उद्घाटन तत्कालीन मुंख्यमंत्री श्री विरेंद्र कुमार सखलेचा द्वारा 16 मई 1979 को किया गया। तत्पश्चात वे निरंतर 63 वर्षों से समाज सेवा के कार्यों में लगे रहे तथा मृत्यु उपरांत भी अपनी देह दान कर समाज के सामने एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश कर के गए हैं।
समाज को समर्पित उनका संपूर्ण जीवन निःस्वार्थ रहा। धर्मशालाओं के निर्माण में योगदान, आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की शिक्षा व जीविकोपार्जन में मदद, स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, गरीबों को राशन वितरण, स्वरोजगार में मदद करना इत्यादि के अनेकों कार्य बिना प्रचार प्रसार जीवन पर्यंत वे करते रहे। राजनांदगांव में लायंस क्लब के माध्यम से भी उन्होंने अनेक उल्लेखनीय कार्य किए जिन्हें लोग आज भी याद करते हैं।
वे माइनिंग व्यवसाय से जुड़े छत्तीसगढ़ के पहले ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने पूरे राष्ट्र में अपने कारोबार को सेवा की भावना के साथ फैलाया। भारत सरकार की कई दुर्गम खदानों को शुरू करवाया। वे अपने व्यवसाय में भी सेवा भावना के कारण पहचाने जाते थे। उनसे जुड़े अनेक मजदूरों, ड्राइवरों व कर्मचारियों को उन्होंने सफल व्यापारी बनने में मदद की। खनन कार्य में लगे सैकड़ों ट्रकों व मशीनों को अपने कर्मचारियों को भेंट कर उन्हें मज़दूर से व्यापारी बनने के अवसर प्रदान किए।
वर्तमान में वे कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन व जैन मंदिर के बगल में टीवी टावर रोड, शंकर नगर रायपुर मे रहते थे। वे अपने पीछे संपतलाल, भीखमचंद, उत्तमचंद (भाई), अनिल, अशोक, अजय (पुत्र), सतीश, यश, संतोष (भतीजे), सौम्य,आकाश (पोते), आर्यन ( पड़पोता) का भरा पूरा परिवार छोड़ कर गए हैं।
दुर्ग / शौर्यपथ / शहर की बढ़ती आबादी एवं जिला अस्पताल में मरीजों के बढ़ते दबाव को देखते हुए नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की मांग प्रमुखता से की जा रही थी। जिस पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा 75 लाख रु की राशि पोटिया क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निर्माण हेतु स्वीकृति मिली। विधायक अरुण वोरा द्वारा एक वर्ष पूर्व भूमिपूजन करने के पश्चात लगातार मॉनिटरिंग से अब लॉकडाउन के पश्चात विधायक वोरा व महापौर धीरज बाकलीवाल ने लेंटर लेवल तक का कार्य पूर्ण के बाद छत ढलाई का कार्य प्रारंभ किया गया। तीन माह के अंदर कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
विधायक वोरा ने कहा कि नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शुरू हो जाने से आसपास के 14 वार्डों की लगभग 60 हजार जनता को जिला अस्पताल की लंबी दूरी का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा व घर के निकट अच्छी स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त हो सकेगी जो अपने आप में मोहल्ला क्लिनिक मॉडल का स्वरुप होगा। 10 बिस्तर वाले पोटिया स्वास्थ्य केंद्र के अतिरिक्त शहर में तीन अन्य स्थानों शनिचरी बाजार, बघेरा एवं पटरीपार क्षेत्र में भी स्वास्थ्य केंद्र निर्माण कराने मुख्यमंत्री से मांग की गई है। महापौर धीरज बाकलीवाल से सीजीएमएससी के अधिकारियों ने नगर निगम द्वारा स्वास्थ्य केंद्र के सामने नाली निर्माण करने की मांग रखी। इस दौरान जिला चिकित्सालय के डॉ. राजेन्द्र खण्डेलवाल, निगम उप अभियंता जितेंद्र समैया, परियोजना अधिकारी संजीव दुबे, लोनिवि अभियंता आर के राव मौजूद थे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / जंगलों एवं पहाड़ों की नैसर्गिक छटा मनोरम है। दूरस्थ ग्रामों में वनवासियों के उल्लास भरे चेहरे उनकी खुशी बयां कर रही है। जैवविवधिता से भरपूर इन जंगलों में किस्म-किस्म के फल-फूल और औषधीय वृक्ष है। अभी लघुवनोपज संग्रहण का कार्य अपनी चरम पर है और शासन की ओर से ग्रामीण आदिवासी संग्राहकों को पर्याप्त लाभ दिलाने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर निर्धारित किया गया है। ताकि वे बिचौलियों से बचे रहें और उनकी आमदनी में बढ़ोत्तरी हो सके।
छुईखदान विकासखंड के दूरस्थ ग्राम सरईपतेरा में यह मौसम ग्रामवासियों के लिए सौगात की तरह है। पीले रंग के फूल सरई वृक्ष से गिरकर जमीन पर बिखरे हुए हैं। साल वृक्षों की अधिकता के कारण ही इस गांव का नाम सरईपतेरा पड़ गया है। गांव की श्रीमती जलवती, बिस्ता, ज्योति, रिना, संवरी, राजीम, हिमानी, प्रेमवती, श्रीमती तिजा, राधिका, थामन, पांचोबाई, साहिबिन, सुखवारो, जसवंतिन, भागवती, हेलेंद्री एवं अन्य महिलाएं सरई फूल बीज एकत्रित करने के लिए सुबह से निकल जाती है। कोविड-19 से बचाव के लिए महिलाएं वनोपज संग्रहण के दौरान मास्क का उपयोग कर रही है। लघुवनोपज संग्रहण उनका प्रिय कार्य है और कार्य करते हुए वे आपस में सुख-दुख भी बांट लेती हंै। गांव में जामुन की अधिकता होने के कारण जामुन संग्रहण का कार्य भी प्रगति पर है।
छुईखदान विकासखंड के दूरस्थ ग्राम ढोलपिट्टा में बैगा जनजाति के परिवार के लिए लघुवनोपज आजीविका का प्रमुख साधन है। बैगा जनजाति के बुजुर्ग श्री कमल मरकाम ने कहा कि वे सुबह से बेल गुदा एवं हर्रा संग्रहण में लग जाते हैं। जिससे उन्हें आमदनी हो रही है और परिवार की अच्छी गुजर-बसर हो जाती है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को न्यूनतम समर्थन मूल्य में लघुवनोपज खरीदी करने के लिए धन्यवाद दिया। उनकी पत्नी श्रीमती भगतीन और उनकी नतनी उषा सयाम ने भी खुशी जाहिर की। शासन की ओर से बैगा जनजाति के उत्थान के लिए ग्राम में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। घाटी में ग्राम रेंगाखार के श्री खानू एवं श्री गुलाब खान भी बेलगुदा एकत्रित करने में व्यस्त थे। वहीं बांधाटोला के श्री हरे सिंह और सदाराम धु्रर्वे हर्रा बहेरा एकत्रित कर रहे थे। माहुल पत्ता की तोड़ाई में भी अब तेजी आ गई है। जिससे ग्रामवासी दोना-पत्तल बनाने का कार्य करेंगे।
जिले में आंवला बीज, पुवाड़ बीज, कौंच बीज, बायबिडिंग, कालमेघ, नागरमोथा, हर्रा, धवई फूल, बहेड़ा, महुआ फूल, शहद, फूलझाडु, इमली, रंगीन लाख, कुसमी लाख, सालबीज, गम कराया, महुआ बीज, बेल गुदा, करंज बीज, चिरौंजी गुठली और जामुन बीज के संग्रहण का कार्य किया जा रहा है। दूरस्थ ग्राम सरईपतेरा, ढोलपिट्टा में लघुवनोपज संग्राहक अपना वनोपज शासन की समिति में विक्रय करते हैं। वन विभाग की ओर से लघुवनोपज संग्रहण के लिए वनवासियों को जागरूक किया जा रहा है और उन्हें कोरोना वायरस के बचाव के लिए भी बताया जा रहा है। ग्रामवासियों को कोविड-19 से सुरक्षा के लिए मास्क दिया जा रहा है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की समीक्षा की एवं लंबित प्रकरणों को समय-सीमा में निराकरण करने के सख्त निर्देश दिए। कलेक्टर वर्मा ने कहा कि कोरोना संक्रमण में प्रोटोकाल का पालन करते हुए सभी अधिकारी-कर्मचारी अपने कार्यों में प्रगति लाए। लॉकडाउन की अवधि में लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करें।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर ओंकार यदु, अपर कलेक्टर हरिकृष्ण शर्मा, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती तनुजा सलाम, नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री मिथलेश चौधरी, एसडीएम राजनांदगांव श्री मुकेश रावटे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर वर्मा ने नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि बारिश से पहले निर्माणाधीन गौठानों को तैयार कर लिया जाए। यहां पशुओं के लिए पर्याप्त चारागाह की व्यवस्था किया जाना चाहिए। गौठान में ही बाड़ी का निर्माण भी करें और इसमें महिला स्व सहायता समूह तथा बिहान की महिलाओं को जोड़कर कार्य करें। ताकि इन समूहों को आजीविका से जोड़ा जा सके। इसके लिए गौठान समिति का चयन किया जाए। गौठान में पशुओं की देखभाल के लिए पशुचिकित्सक नियमित रूप से निरीक्षण करें। घुरवा संवर्धन का कार्य प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन करने पर जोर दिया।
कलेक्टर वर्मा ने कहा कि भूमिहिन परिवारों का चिन्हांकन करें, ताकि उन्हें योजना में शामिल कर लाभान्तिव कर सके। श्री वर्मा ने किसान सम्मान निधि के आंकड़ों पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इसमें सभी पात्र किसानों का लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए पटवारियों को कार्य में लगाकर अभियान चलाए।
कलेक्टर ने कहा कि खाद्य एवं लघुवनोपज प्रसंस्करण केन्द्र की स्थापना की जाएं और इसे समूहों द्वारा संग्रहित वनोपज की खरीदी केन्द्र के रूप में स्थापित करें। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि जिले में उद्योगों की स्थापना के लिए खाली जमीन का चिन्हांकन करें। ताकि जब यहां उद्योग लगाने के लिए उद्योगपति प्रेरित हो तो उन्हें जमीन उपलब्ध कराया जा सके। यहां उद्योग लगने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। श्री वर्मा ने कहा कि किसानों को धान की जगह अन्य फसल लेने के लिए प्रेरित करें। उन्होंंने आश्रमों, छात्रावासों को सर्वसुविधा युक्त बनाने के निर्देश दिए हैं। बच्चों के लिए बिस्तर, खेल सामग्री, लाईबे्ररी तथा शौचालय हो।
कलेक्टर ने राजस्व प्रकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं तथा लंबित प्रकरणों को जल्दी पूरा करने के लिए कहा है। वन अधिकार पट्टा, परिवर्तित लगान भूमि की वसूली, नजूल भूमि फ्री होल्ड, अतिक्रमित भूमि, नक्शा, खसरा, सीमांकन, शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना, सुपोषण अभियान, इंग्लिस मीडियम स्कूल की स्थापना, स्कूलों में रंगरोगन तथा मरम्मत कार्य, हाटबाजार, राशन कार्ड, जॉब कार्ड के संबंध में जानकारी ली और इससे संबंधित प्रकरणों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से सभी विकासखंडों के एसडीएम, जनपद सीईओ, तहसीलदार तथा सभी विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
