July 24, 2026
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    कांग्रेसी पार्षद गनी का भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई क्या दिखावा मात्र था .... Featured

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    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग निगम में 20 सालो तक सत्ता भाजपा के हाँथ में रही और इन 20 सालो में कांग्रेस ने विपक्ष की भूमिका निभाई . विपक्ष की भूमिका निभाते हुए कांग्रेस के कई पार्षद सत्ता पक्ष को पानी पी पी कर आरोप लगाते रहे की सत्ता पक्ष निगम के कार्यो में मनमानी कर रहे है और अपने मनपसंद ठेकेदारों को कार्य दे रहे है . कांग्रेस के लगातार आरोप से जनता भी भाजपा शासन के भ्रष्टाचार से रूबरू हुई और 20 सालो बाद कांग्रेस को दुर्ग की जनता ने मौका दिया की सत्ता संभाले और भ्रष्टाचार का खात्मा करे .
    कांग्रेस के महापौर निगम के कार्यो की प्रणाली के लिए नए थे और इस लिए संतुलन बनाते हुए निगम के सबसे महत्तवपूर्ण प्रभार का पद अब्दुल गनी को दिया गया . वर्तमान में अब्दुल गनी के पास निगम का सबसे महत्त्वपूर्ण प्रभार पीडब्ल्यूडी का प्रभार है . प्रभार मिलने पर शहर की जनता को लगा कि अब्दुल गनी जैसा वरिष्ट पार्षद को ये प्रभार मिलने से निगम के कार्यो में तेजी के साथ पारदर्शिता भी आएगी और शायद इसी मंशा के तहत नव नियुक्त महापौर बाकलीवाल ने निगम का महत्तवपूर्ण प्रभार वार्षित कांग्रेसी नेता और पार्षद मदन जैन की अपेक्षा अब्दुल गनी को जिम्मेदारी दी ताकि निगम की इस महतवपूर्ण प्रभार में कार्य की निष्पक्षता और पारदर्शिता एक मिसाल बन कर आम जनता की नजर के सामने पेश हो सके . प्रचार के दौरान अब्दुल गनी ने भी निष्पक्षता का ईमानदारी का राग अपनाया था किन्तु पद मिलते ही और नयी सर्कार को सत्ता संभाले 6-7 महीने होते ही पीडब्ल्यूडी की सारी पारदर्शिता धरी की धरी रह गयी . निगम के काय अब बिना टेंडर के ही मनपसंद ठेकेदार को दिए जाने लगे और अति का परिणाम तो देखिये की कार्य पुर्णत: की ओर है और अब टेंडर निकल रहे है . सारी जानकारी एक स्थानीय समाचार पत्र में मय प्रमाण भी प्रकाशित हो गयी .
    अगर स्थानीय समाचार की माने तो पीडब्ल्यूडी प्रभारी का कथन ये स्पष्ट दर्शाता है कि सत्ता और पद ही महत्तवपूर्ण है भष्र्टाचार तो निरंतर चलता ही रहेगा . किसी भी कार्य में भ्रष्टाचार बिना लें दें के नहीं होता है जहा भ्रष्टाचार है वहा लें दें है ये सर्व विदित है . क्या इसी भ्रष्टाचार के लिए शहर और वार्ड की जनता से चुनावी वादा किया गया था ?
    आयुक्त का कार्य के प्रति गंभीरता क्या दिखावा मात्र ...
    निगम आयुक्त बर्मन को दुर्ग निगम की सत्ता संभाले एक साल पूर्ण हो चुके है . सयुक्त कलेक्टर स्तर के अदिकारी इन्द्रजीत बर्मन को निगम के कार्य को समझने में ज्यादा समय नही लगा किन्तु निगम के कुछ अदिकारियो पर कार्यवाही में आज भी निगम आयुक मौन ही रहते है . निगम आयुक्त का अप्रत्यक्ष हाँथ सबसे ज्यादा प्रभारी ईई मोहन पूरी गोस्वामी और सब इंजिनियर भीम राव पर है ऐसा कुछ मामलो से प्रतीत होता है ऐसे ही कुछ मामले ...
    1. माह नवम्बर दिसंबर 2019 में निगम प्रशासन द्वारा 5 लाख के डिवाइडर पोताई का था जिसे बिना टेंडर कर दिया गया और कार्य की जिम्मेदारी मोहनपुरी गोस्वामी के उपर थी जबकि डिवाईडर के संधारण का कार्य जिला पीडब्ल्यूडी विभाग का था क्योकि निर्माण भी इन्ही के द्वारा था टूटे फूटे डिवाईडर पर निगम प्रशासन के 5 लाख बर्बाद होने के बाद जिला पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा संधारण किया गया और इस तरह खस्ताहाल निगाम्के 5 लाख बर्बाद हुए .
    2. राशन वितरण में भी स्तरहीन सामन के वितरण में जाँच की बात होती रही किन्तु सिर्फ आश्वासन ही मिलता रहा वही आयुक्त निवास में फर्जी दस्तावेजो के सहारे लाखो के निर्माण कार्य में भीम राव के हाँथ होने के बाद भी निगम आयुक्त मौन रहे वही वर्तमान में अमृत मिशन के कार्य में भरपूर मिलावट की सम्पूर्ण जानकारी होने के बाद भी निगम आयुक्त का मौन रहना कई सवालों को जन्म देता है .

    क्या महापौर मामले को संज्ञान में लेकर पीडब्ल्यूडी प्रभारी से चर्चा करेंगे या प्रभार में बदलाव कर जनता को स्वकक्ष सरकार देंगे ....
    महापौर बाकलीवाल निगम की सत्ता में पहली बार पहुंचे है किन्तु विगत 7 महीने से निगम के कार्यो में रूचि लेकर जनहित के कई फैसले किये है , गौठान के कार्य में तेजी लाकर जमीनी स्तर पर चालु किया है , बारिश के पहले नालो की सफाई और अमृत मिशन के कार्यो में तेजी लाने का निर्देश दिया , कोरोना काल में शहर वासियों के साथ खड़े नजर आये , कोरोना संक्रमण आपदा में भी आम जनता से रूबरू होकर परेशानियों को समझने और हल करने की कोशिश की . क्या निगम में पीडब्ल्यूडी विभाग में हो रही धांधली को भी नवनियुक्त महापौर संज्ञान में लेकर प्रभारी अब्दुल गनी से चर्चा कर दोषियों पर कार्यवाही की अनुशंषा करेंगे या फिर प्रभार में बदलाव कर एक साफ़ सुथरी सत्ता देंगे ?

    जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधि पर होनी चाहिए कार्यवाही - मदन जैन
    निगम के सबसे वरिष्ठ पार्षद मदन जैन का इस सारे मामले पर कहना है कि इस तरह के कार्य से कांग्रेस की और महापौर बाकलीवाल की छवि धूमिल हो रही है साथ ही दुर्ग के विधायक पर भी आरोप लग रहे है जो कि दुर्ग कांग्रेस के साथ प्रदेश सरकार की छवि को भी धूमिल करती है . बिना टेंडर के व फर्जी दस्तावेजो के सहारे किये गए निर्माण के कार्यो में संलिप्त अधिकारियो पर व इन अधिकारियों को कार्य के लिए निर्देशित करने वाले जनप्रतिनिधियों पर सख्त कार्यवाही होनी चाहिए . प्रदेश में 15 साल और निगम में 20 साल बाद सत्ता में लौटी कांग्रेस को जनहित के मुद्दों पर और कार्यो पर भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए ताकि महापौर बाकलीवाल और विधायक वोरा पर किसी को भी ऊँगली उठाने का मौका ना मिले .

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    Last modified on Monday, 03 August 2020 10:12

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