
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
Google Analytics —— Meta Pixel
नरेश देवांगन की खास रिपोर्ट
जगदलपुर / शौर्यपथ / 13 जून को शौर्यपथ अखबार ने वन विभाग में चल रही मनमानी को लेकर खबर प्रकाशित की थी कि वनमंडल कार्यालय में किस प्रकार से एक बाबू व डिप्टीरेंजर मिल व्यय शाखा में शाखा प्रभारी व सहायक के रूप में नियम के विरुद्ध कार्य कर प्रतिपूर्ति राशि के नाम से शासकीय राशि का बंदरबाट कर रहे हैं।
इस खबर को आज लगभग डेढ़ माह होने को हैं, इस पुरे मामले पर विभाग के राजधानी में बैठे विभाग के प्रमुख अधिकारी की तारीफ की जानी चाहिए जिन्होंने इस पर बस्तर वन मण्डल को जाँच के आदेश दिए हैं लेकिन यह कहना भी गलत नहीं होगा की जिस अनियमितता की कार्यवाही को बस्तर वनमण्डल के अधिकारी गंभीरता से लेते हुए कार्यवाही कर सकते थे लेकिन डेढ़ महीने होने को हैं उसके बाद भी बस्तर वनमण्डल के जिम्मेदार अधिकारीयों ने कार्यवाही क्यों नहीं की सबसे बड़ा सवाल हैं ? क्या इस मामले पर कार्यवाही करने से सम्बंधित अधिकारी भी रडार में तो नहीं आ जाते? बरहाल देखने वाली बात होंगी की बस्तर वनमण्डल के अधिकारी अपने विभाग के प्रमुख अधिकारी के आदेश को कितनी गंभीरत से लेते हुए इस पर कार्यवाही करते हुए दिखाई देते हैं ये तो आने वाला समय तय करेगा।
सूत्र बताते हैं की खबर को लेकर विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने इस पुरे मामले में एक एक पहलु की जाँच के लिए 9 जुलाई को अख़बार की कतरन लगा कर सम्बंधित विभाग के अधिकारी को 15 दिन के अंदर कार्यवाही कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा हैं। अब इस मामले में देखने वाली बात हैं की प्रमुख अधिकारी के आदेश का पालन वन मंडलाधिकारी कितनी गंभीरत से करते हैं। सूत्र आगे बताते हैं की खबर की 3 किस्त लगने के बाद नियम के विररुद्ध काम कर रहे व्यय शाखा प्रभारी श्री देशमुख को अपने मूल जगह पर भेज दिया गया हैं। लेकिन व्यय शाखा सहायक के रूप में कार्य कर रहे डिप्टी रेंजर श्री भट्ट को अपने मूल जगह सर्गीपाल डिप्पो में नहीं भेजा, वर्तमान में डिप्टी रेंजर बाबू का कार्य कर रहे हैं। वनमंडल में नियम के विरुद्ध कार्य कर रहे एक बाबू को अपने मूल जगह पर भेज दिया गया तो डिप्टी रेंजर को क्यों नहीं भेजा गया? ऐसी क्या मज़बूरी की डिप्टी रेंजर को अब तक भेजा नहीं जा रहा हैं? या बड़ी भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए डिप्टी रेंजर को मज़बूरी में हटाया ना जा रहा हो ? ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा जब जिम्मेदार अधिकारी इस मामले की गंभीरता से निष्पक्ष जाँच करेंगे।
Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
