July 24, 2026
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    रसूख, रुतबा और जमीन का खेल! भिलाई में उद्योगपति दंपत्ति संगीता केतन शाह पर करोड़ों की जमीन धोखाधड़ी का मामला, कोर्ट के आदेश के बाद FIR दर्ज Featured

    • rounak group

    दुर्ग/भिलाई। शौर्यपथ।

    भिलाई के चर्चित उद्योगपति परिवार और Simplex Castings Limited की डायरेक्टर Sangeeta Ketan Shah एवं उनके पति Ketan Shah के खिलाफ जमीन धोखाधड़ी के गंभीर आरोपों ने पूरे दुर्ग जिले में हलचल मचा दी है। सुपेला थाना पुलिस ने न्यायालय के स्पष्ट निर्देश के बाद दोनों आरोपियों पर आपराधिक मामला दर्ज किया है।

    यह मामला केवल एक जमीन विवाद तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि यह उन बढ़ते आरोपों का प्रतीक बनता जा रहा है जिनमें रसूखदार और आर्थिक रूप से प्रभावशाली लोग आम नागरिकों के विश्वास और कानून व्यवस्था को चुनौती देते दिखाई देते हैं।

    जानकारी के अनुसार, ग्राम कोहका स्थित लगभग 0.10 हेक्टेयर जमीन को विवाद-मुक्त बताकर पीड़ित सुनील कुमार सोमन से 50 लाख रुपये में बेचने का सौदा किया गया था। 13 मार्च 2023 को हुए इकरारनामे के तहत 10 लाख रुपये बयाना राशि के रूप में लिए गए, लेकिन बाद में आरोपियों ने जमीन की रजिस्ट्री करने से इनकार कर दिया।

    पीड़ित का आरोप है कि जिस जमीन को विवाद-मुक्त बताया गया था, वह पहले से ही लीज विवाद में उलझी हुई थी। इतना ही नहीं, उसी जमीन के मूल दस्तावेजों का उपयोग कर आरोपियों द्वारा एक निजी वित्तीय संस्था से लगभग 4.50 करोड़ रुपये का भारी लोन भी लिया गया।

    मामले की शिकायत लंबे समय तक पुलिस और प्रशासन के समक्ष लंबित रहने के बाद पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दुर्ग ने दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी के पर्याप्त आधार पाए और सुपेला थाना पुलिस को FIR दर्ज करने का निर्देश दिया।

    यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि Sangeeta Ketan Shah पूर्व में भी जमीन लेन-देन से जुड़े विवादों में घिर चुकी हैं। अप्रैल 2025 में पुलगांव थाना क्षेत्र में एक अन्य कारोबारी से कथित करोड़ों की ठगी के मामले में भी उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ था, जिसमें बाद में उन्हें अग्रिम जमानत प्राप्त हुई थी।

    बड़ा सवाल — कानून का डर आखिर किसे?

    समाज में यह प्रश्न लगातार उठ रहा है कि यदि आर्थिक रूप से संपन्न और प्रभावशाली लोग ही कानून की सीमाओं को चुनौती देते हुए आम नागरिकों के साथ कथित धोखाधड़ी करेंगे, तो आम जनता का न्याय व्यवस्था पर विश्वास कैसे कायम रहेगा?

    कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में केवल FIR दर्ज होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि निष्पक्ष जांच, वित्तीय लेन-देन की गहराई से पड़ताल और दोष सिद्ध होने पर कठोर दंड आवश्यक है, ताकि यह स्पष्ट संदेश जाए कि कानून के सामने हर व्यक्ति समान है।

    जनमानस में यह भावना भी तेजी से उभर रही है कि प्रभाव, राजनीतिक संपर्क और आर्थिक ताकत के सहारे बार-बार राहत प्राप्त कर लेना न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। ऐसे मामलों में त्वरित सुनवाई और पारदर्शी जांच ही लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का भरोसा मजबूत कर सकती है।

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