Google Analytics —— Meta Pixel
May 26, 2026
Hindi Hindi

आपदा को अवसर में बदलना कोई दुर्ग निगम के कर्मचारियों से सीखे , एक बार फिर ईई गोस्वामी के कमान में दुर्ग निगम .. Featured

  • rounak group

दुर्ग / शौर्यपथ / निधि जनप्रतिनिधि की वो राशी होती है जिसका उपयोग जनप्रतिनिधि आम जनता के हितो के लिए खर्च करे और इसकी रुपरेखा बनाने मेअधिकारियो की अहम् भूमिका रहती है . बात अगर दुर्ग क्षेत्र की करे तो दुर्ग निगम में जब से प्रभारी ईई मोहन पूरी गोस्वामी ने पद ग्रहण किया है तब से विवादों से उनका नाता रहा है . अपनी मर्जी से कार्य करना निविदा के नियमो का उल्लंघन करते हुए मनपसंद ठेकेदार को कार्य देना , आरटीआई द्वारा मांगे हुए दस्तावेजो को समय पर प्रस्तुत ना करना , बिना उपयोग की महंगी संसाधनों को खरीदना , विधायक निधि के रकम को औचित्यहीन उपयोग करना , निगम के सर्वेसर्वा बनने की कोशिश करना , अपने कारनामो को शायद छुपाने की असफल कोशिश के तहत लिफाफा बाँटना जैसे कई आरोप से घिरे ईई मोहन पूरी गोस्वामी वर्तमान समय में एक बार फिर निगम आयुक्त के खासमखास और महापौर विधायक के करीबी अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए है .
पूर्व आयुक्त इन्द्रजीत बर्मन के कार्यकाल में कई बार अनियमितता के आरोप के कारण एक प्रभार से दुसरे प्रभार में आते जाते रहे है . पूर्व आयुक्त द्वारा कार्य की पारदर्शिता को प्राथमिकता देने के कारण महत्तवपूर्ण कार्यो से सदा ईई गोस्वामी को दुर्ग रखा गया . चर्चा तो यहाँ तक चली कि पिछले साल सुखा राशन खरीदी में कई तरह की अनियमितता के कारण जाँच प्रारंभ होने वाली थी किन्तु अचानक मामला दब गया .
अब एक बार फिर ईई मोहनपुरी गोस्वामी के अपरोक्ष मार्गदर्शन पर निगम आयुक्त हरेश मंडावी चल रहे है . चर्चा तो यहाँ तक है कि मुक्तिधाम समाधी स्थल के आस पास उद्यान बनाने की निविदा को पास कराने में मोहन पूरी गोस्वामी की अहम् भूमिका रही है . एक ऐसी जगह उद्यान का निर्माण किया जा रहा है जहां पूर्व में ही राज्यसभा संसद निधि से जिला का पीडब्ल्यूडी विभाग एक करोड़ का कार्य कर रहा है . अगर मामले की निष्पक्ष जाँच होगी तो निगम आयुक्त हरेश मंडावी और कार्य की रुपरेखा बनाने वाले ईई मोहनपुरी गोस्वामी के पास शायद ही कोई जवाब होगा किन्तु सत्ता की ताकत के आगे मामला दब गया जो सत्ता परिवर्तन के बाद आज नहीं तो कल जरुर उजागर होगा .
किन्तु वर्तमान में एक नया मामला सामने आया है जिसमे निगम द्वारा आयुर्वेद अस्पताल में कोविद हॉस्पिटल तैयार किया जा रहा है जहां एक बार फिर नए सामन की खरीददारी जोरो पर है जबकी ६-८ महीने पहले ही निगम प्रशासन ने कोविड आइसोलेषण सेंटर के नाम से लाखो का सामन खरीदा था . पूर्व में खरीदा गया सामन कहाँ है इसकी कोई जानकारी किसी के पास नहीं किन्तु एक बार फिर नए सामन की खरीदी से शासन के राजस्व का बोझ बढ़ने वाला है आश्चर्य की बात है कि इस मामले पर महापौर धीरज बाकलीवाल और विधायक वोरा मौन है जबकी पूर्व में इन सब बातो की जानकारी जनप्रतिनिधियों को थी . क्या जिलाधीश महोदय द्वारा मामले की तह तक जा कर पूर्व में क्रय किये गए सामानों की वर्तमान स्थिति के बारे में ,

Rate this item
(2 votes)

Leave a comment

Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

हमारा शौर्य

हमारे बारे मे

whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
 
CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
CONTECT NO.  -  8962936808
EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)