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रायपुर / शौर्यपथ / कोरोना का कहर प्रदेश सहित देश में लगातार विकराल रूप ले रहा है क्या आम क्या खास हर किसी तक इस बिमारी की पहुँच हो गयी . लगातार एतिहात बरतने के बावजूद जनप्रतिनिधियों को भी बिमारी अपने आगोश में ले रही है अब प्रदेश के मुखिया के ओएसडी व पीएसओ की कोरोना रिपोर्ट पोजिटिव आई जिसकी जानकारी प्रदेश के मुखिया ने अपने ट्वीट के जरिये दी और स्वयं सुरक्षा की दृष्टी से आइसोलेट हो गए है .
राजधानी रायपुर के मुख्यमंत्री निवास से इस वक्त एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है. सीएम भूपेश बघेल के ओएसडी और पीएसओ कोरोना पॉजिटिव मिले है. संक्रमित पाए जाने के बाद बघेल क्वारंटाइन हो गए है. मुख्यमंत्री ने खुद ट्वीट कर यह जानकारी दी है.
कोरोना छत्तीसगढ़ में अब बेकाबू हो गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आसपास भी अब कोरोना पहुंच गया है। कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी और उनके पूरे परिवार की कोरोना रिपोर्ट पॉजेटिव आयी थी, अब मुख्यमंत्री के OSD की कोरोना रिपोर्ट पॉजेटिव आ गयी है। OSD के साथ-साथ मुख्यमंत्री के PSO की भी कोरोना रिपोर्ट पॉजेटिव आयी है।
मुख्यमंत्री के करीबियों के पॉजेटिव होने के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। इधर मुख्यमंत्री ने अब खुद को क्वारंटीन कर लिया है। खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है कि वो चार दिन के लिए खुद को आइसोलेट कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर बताया है कि उनके ओएसडी और पीएसओ की रिपोर्ट कोरोना पॉजेटिव आयी है। हालांकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की रिपोर्ट कोरोना निगेटिव है। लेकिन एहितियातन उन्होंने खुद को आइसोलेट कर लिया है।
रायपुर / शौर्यपथ / पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह द्वारा विधानसभा भवन के शिलान्यास के औचित्य पर सवाल खड़ा किये जाने को कांग्रेस ने उनकी खीझ बताया है । प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पूर्ववर्ती रमन सिंह सरकार की अदूरदर्शिता के कारण वीरान पडी नई राजधानी को आबाद करने नवा रायपुर में नए भवनों ,मंत्रियों के निवास ,मुख्यमंत्री निवास और विधानसभा भवन बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है । नई राजधानी में 7 से 8हजार करोड़ ख़र्च बिना किसी योजना के तत्कालीन भाजपा सरकार ने खर्च कर दिया था ।बड़े बड़े भवन बनाये गए चौड़ी चौड़ी सड़के बनाई गई ,सड़को के किनारे लैंड स्केपिंग करवाया गया गार्डन बनाया गया ,हाउसिंग बोर्ड के माध्यम से कालोनियां बनवा दी गयी ।इतना सब करने के बाद नई राजधानी में आबादी बढ़ाने और लोगो की बसाहट बढ़ाने का कोई प्रयास नही किया गया ।हजारो करोड़ खर्च करने के बाद भी नया रायपुर वीरान पड़ा हुआ है ।वहा बने सरकारी भवन खंडहर में तब्दील होने की कगार पर हैं।सरकार को खाली भवन ,सड़को और गार्डनों के रख रखाव पर लाखों रु खर्च करने पड़ रहे है।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता ने कहा कि यदि रमन सरकार थोड़ी दूरदर्शिता दिखाती नई राजधानी को पूर्ण केपिटल काम्प्लेक्स के रूप में विकसित करती वहाँ मंत्रालय के साथ विधानसभा और मुख्यमंत्री मंत्रियों के निवास ,अधिकारियों के निवास भी स्थानांतरित करवाती तो आज नई राजधानी की स्थिति कुछ और ही होती ।मंत्रालय और सचिवालय तो नवा रायपुर में शिफ्ट कर दिया गया लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों के निवास पुराने रायपुर में ही है लोग घण्टो सफर कर डीजल पेट्रोल जला कर रायपुर से नई राजधानी आते जाते है ।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा किआम आदमी तो नए रायपुर से कट गया। जब पूरा सरकारी अमला वहा चले जाएगा तो स्वाभाविक है कि प्रदेश भर से राजधानी पहुचने वाले लोगो की वहा आमदरफ्त भी बढ़ेगी और नए राजधानी के लिए खर्च किये गए 8 हजार करोड़ रु की कुछ सार्थकता हो सकेगी।
हाउसिंग बोर्ड के द्वारा नए रायपुर में हर वर्ग के लिए आवासीय परिसर का निर्माण किया गया लेकिन लोगो ने उनको खरीदने और वहाँ बसने में रुचि नही दिखाई ।सार्वजनिक यातायात सुविधाओ को विकसित किये बिना बसाहट की कल्पना की गई जिसे लोगो ने नकार दिया ।
दुर्ग / शौर्यपथ / निजी विधालय की फीस बढ़ोतरी को लगाम लगाने के लिए फीस नियामक गठन कर भूपेश बघेल सरकार का छत्तीसगढ़ वासियों के लिए एक ओर महत्पूर्ण जनप्रिय इतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री द्वारा लिये गये इस फैसले पर कांग्रेसी नेता एवं पूर्व लोकसभा अध्यक्ष युकां अयूब खान ने उनके प्रति आभार व्यक्त किया है।
अयूब खान ने आगे कहा कि जबसे प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आयी है तबसे लगातार अनेक लाभकारी योजनाएं की घोषणा और राहत देने का कार्य भूपेश बघेल सरकार कर रही है जैसे किकिसानो के कर्ज माफ करना ओर सरकार घोषणा के अनुसार किसानो बोनस देना, वायपारियो उद्योगतियों के लिए जमीन फ्रीहोल्ड की घोषणा , आमजनता के लिए बिजली बिल आधा करना, ए पी ल और बी पी एल कार्ड धारियों को राशन देना, छत्तीसगढ़ वासियों राशन कार्ड से अस्पतालों में तय सीमा खर्चों तक मुफ्त इलाज देना , जमीन रजिस्ट्री शुल्क कम करना ये इन सभी फैसले से प्रदेश के हर वर्ग को राहत मिला और फायदा हुआ है
अब सरकार का एक और निर्णय मध्यम वर्गीय और गरीब परिवार के हित को लेकर प्रदेश निजी विद्यालयो बेतहाशा फीस वृद्धि को रोक लगाने के लिए फीस नियामक गठन करने का फैसला लेना जिसमें प्रदेश के सभी स्कूल हर वर्ष की फीस या अन्य शुल्क के बढ़ोतरी के पूर्व नियामक से परमिशन लेना होगा ओर नियामक कमेटी में सरकार के तीन वरिष्ठ मंत्रीगण ताम्रध्वज साहू, रवीन्द्र चोबे ओर शिक्षा मंत्री प्रेम सिंह टेकाम सदस्य होंगे और इनके द्वारा फीस के मांप कर फीस लागू करना होगा जिसमें निश्चित फीस बढ़ोतरी कम होगी ओर लगाम में रहेगी जिसका सीधा असर मध्य वर्गी ओर गरीब परिवार को मिलेगा।
दुर्ग / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम दुर्ग के वार्ड क्रं0 07 किल्ला मंदिर वार्ड में स्थित नगर निगम क्वाटर शिक्षक नगर में रहने वाले चार निवासियों द्वारा अपने निजी शौचालय का मल, मूत्र सार्वजनिक नाली में बहाये जाने के कारण आयुक्त इ्रदजीत बर्मन के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा सिटी कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज कर कार्यवाही करने पत्र प्रेषित किया गया।
उल्लेखनीय है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा अपने निजी शौचालय का गंदा पानी, मल, मूत्र आदि र्साजनिक नालियों में बहाया जाना छ0ग0 नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 216 (अ), (आ) के तहत् पूर्णत: प्रतिबंधित है। स्वास्थ्य विभाग अमला द्वारा निरीक्षण के दौरान क्षेत्र के सार्वजनिक नाली में शिक्षक नगर के सतीश चैधरी, देशभक्त अग्रवाल, कौशल किशोर यादव, सिद्धांत शर्मा द्वारा अपने निजी शौचालय का गंदा पानी, व मल मूत्र पाइप के माध्यम से सीधे बहाया जा रहा है। चारों निवासियों के विरुद्ध कार्यवाही करने सिटी कोतवाली में स्वास्थ विभाग की ओर से प्राथमिकी दर्ज करने पत्र पे्रषित किया गया है।
दुर्ग / शौर्यपथ / लगातार हो रही बारिश के बाद भी निगम का स्वास्थ्य अमला शहर की निरंतर सफाई में लगा हुआ है। चार दिनों से हुई बारिश में शंकर नगर के दुर्गा चैक को छोड़ कर शहर के किसी भी हिस्से में नाली जाम की स्थिति निर्मित नहीं हुई । महापौर धीरज बाकलीवाल एवं आयुक्त इंद्रजीत बर्मन के निर्देश पर आज निगम स्वास्थ्य विभाग अमला ने शहर के तालाबों से कचरा निकाल कर सफाई की गई। वार्डो में नालियों से कचरा निकालकर कचरा उठाया गया। ब्लीचिंग और दवाई का छिड़काव भी वार्डो में किया गया।
उल्लेखनीय है कि शहर स्वच्छता की दृष्टि से महापौर एवं आयुक्त के निर्देशानुसार मिनाक्षी नगर, बोरसी, आदित्य नगर, राजीव नगर, कातुलबोर्ड, करहीडीह वार्ड 15, पुलगांव वार्ड, नयापारा, रामदेवमंदिर वार्ड, पोटियाकला वार्ड, न्यू पुलिस लाईन क्षेत्र, नया गंजमंडी, पोलसायतालाब रोड, गवलीपारा पीछे भैंस खटाल, सिकाकेला बस्ती, रायपुर नाका क्षेत्र, केलाबाड़ी अपोलो स्कुल के पीछे, विद्युत नगर बोरसी, कसारीडीह वार्ड 43, में नालियों के किनारे से गाजर घांस व झाडिय़ॉ काटी गई तथा नालियों से कचरा निकालकर सफाई किया गया। इसके अलावा उपरोक्त वार्डो में ब्लीचिंग और सेनेटाईजर दवाई का छिड़काव भी किया गया। इसके साथ ही निस्तारी तालाबों कचहरी तालाब, शक्ति नगर तालाब, लुचकी तालाब, शंकर नाला पुलिया, शीतला तालाब विसर्जन कुण्ड, कैलाश नगर तालाब में बारिश के कारण एकत्र हुये कचरों को निकालकर तालाब की सफाई की गई।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, भाजपा के सारे सांसद और विधायक कोरोना संकट के समय छत्तीसगढ़ की जनता के साथ नहीं खड़े हुये और सिर्फ़ अपने आकाओं की हां में हां मिलाने में लगे हुए हैं. भाजपा नेताओं के मन में ज़रा सा भी दर्द है तो वे छत्तीसगढ़ की जनता के पक्ष में खड़े होकर करोना संकट को देखते।
उन्होंने कहा है कि यह बेहद दुखद है भाजपा नेताओं की वफादारी मोदी के प्रति तो दिखती है लेकिन छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ की जनता के हितों और हकों के प्रति नहीं। मोदी के प्रति वफादारी साबित करने के लिए इनने छत्तीसगढ़ की जनता की जरूरतों दुख दर्द और तकलीफ की अनदेखी की हैं.
उन्होंने कहा कि राज्य की जनता भाजपा नेताओं के चाल और चरित्र दोनों को देख रही है और यह समझ भी रही है कि भाजपा नेताओं को छत्तीसगढ़ में कोरोना के नाम पर राजनीति करनी है लेकिन छत्तीसगढ़ के लोगों की किसी तरह की सहायता करने या करवाने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है.
कोरोना पर छत्तीसगढ़ को संसाधन मुहैया करवाने का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा है कि पहले तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम-केयर्स नाम की एक संस्था बनवा ली और फिर राज्य के सभी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से भारी भरकम राशि उसके खाते में जमा करवा ली.
उन्होंने कहा है कि सच यह है कि भिलाई इस्पात संयंत्र, एसईसीएल, एनटीपीसी, बाल्को जैसे उपक्रम छत्तीसगढ़ से ही कमाई करते हैं लेकिन कोरोना से लड़ने के लिए इन उपक्रमों द्वारा राज्य को दी गई राशि नगण्य है. राज्य से चुने गए भाजपा के नौ लोकसभा और दो राज्यसभा सांसदों ने एमपी-लैड की राशि भी छत्तीसगढ़ को देने की बजाय पीएम-केयर्स में दे दी. शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि पीएम-केयर्स में छत्तीसगढ़ से जो राशि जमा हुई है अगर उसकी आधी राशि भी छत्तीसगढ़ को वापस दे दी जाती तो छत्तीसगढ़ सरकार और ज़्यादा प्रभावी ढंग से कोरोना के संकटकाल में प्रबंधन कर पाती.
उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार को नियमानुसार जीएसटी की राशि राज्य को देनी है लेकिन पिछले चार महीनों से एक फूटी कौड़ी भी नहीं दी गई है और अब केंद्र की मोदी सरकार जीएसटी के पैसे न देने का बहाना बना रही है. राज्य के भाजपा नेता इस बात पर भी चुप्पी साधे हुए हैं. केंद्र सरकार कह रही है कि राज्य जीएसटी क्षतिपूर्ति की राशि लेने की बजाय रिज़र्व बैंक से कर्ज़ ले लें और भाजपा के नेता छाती पीट रहे हैं कि राज्यसरकार कर्ज़ लेती जा रही है. अगर छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं को राज्य की जनता की चिंता है तो वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहते कि राज्य पर कर्ज़ का बोझ न लादा जाए.
संचार विभाग के प्रमुख ने कहा है कि मनरेगा में कार्य दिवसों को 100 से बढ़ाकर 150 किए जाने के मामले में, धान के लिए किसानों को 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल देने पर छत्तीसगढ़ के किसानों के धान से बना चावल उपार्जित नहीं करने के केंद्र सरकार के आदेश पर छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं का यही छत्तीसगढ़ विरोधी रवैया सामने आ चुका है. उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ को गरीब कल्याण योजना से बाहर रखे जाने पर भी एक भी भाजपा नेता का स्वर छत्तीसगढ़ के 7.30 लाख से अधिक प्रवासी मजदूरों को इस योजना का लाभ दिए जाने की जरूरत पर नहीं फूटा.
प्रदेश के मुखिया का गृह निवास भिलाई तीन में तथा गृह मंत्री का निवास दुर्ग में है ऐसे में रायपुर जाने के लिए इन्हें भी जर्जर और घटिया सडको से गुजरना पड़ता है . ये अलग बात है कि प्रोटोकाल की वजह से इन्हें ट्राफिक जाम का सामना नहीं करना पड़ता किन्तु जर्जर सडक से रूबरू जरुर होते है .
दुर्ग / शौर्यपथ / घटिया निर्माण सिर्फ चाँद दिनों का ही होता है परदेश में कई स्थानों पर घटिया निर्माण की आये दिन बात खुलती रहती है फिर भी कोई ऐसा मामला सामने नहीं आया जिसमे घटिया निर्माण के जिम्मेदार एजेंसी व प्रभारी अभियंता पर कोई कार्यवाही हुई हो और इसी का परिणाम एक बार फिर सामने है . मामला अब कुम्हारी से गुज्रने वाली सड़क के निर्माण का है जो वर्तमान में आम जनता के लिए परेशानी का सबब तो है ही गंभीर दुर्घटना की आशंका को भी नहीं नकारा जा सकता .
रायपुर और दुर्ग के बीच आवाजाही करने वालों के लिए कुम्हारी का स्टेशन चौक परेशानी का सबब बना हुआ है। शाम ढलने के साथ ही यहां पर दोनों ओर वाहनों का लंबा जाम लग जाता है। यह स्थिति रात के 9 बजे तक बनी रहती है। लोगों को आधा से एक घंटा इंतजार करने के बाद ही आगे निकल पाने में कामयाबी मिल पा रही है। यह स्थिति बीमार मरीजों को ले जाने वाली एंबुलेंस के लिए बेहद ही विकट बन रही है। शाम 5 बजे के बाद जब यातायात में तेजी आ जाती है तो जाम की वजह से रायपुर छोर में वाहनों की कतार खारून टोल प्लाजा को पार करके टाटीबंध तक लग जाना किसी आश्चर्य से कम नहीं है। दुर्ग की ओर जंजगिरी मोड़ तक वाहनों की लंबी कतार लग जाने से रायपुर से भिलाई अथवा दुर्ग का सफर दो से तीन घंटे में तय हो रहा है।
कुम्हारी के स्टेशन चौक के दोनों ओर फोरलेन सड़क पर जाम की समस्या बढ़ गई है। लॉकडाउन में बनी सड़क बारिश की इस पहली झड़ी में फिर से जर्जर हो जाने से वाहनों का लग रहा जाम एक तरह से जी का जंजाल साबित हो रहा है। यातायात की बिगड़ी हुई दशा यहां बन रहे फ्लाई ओव्हर का कार्य प्रगति पर होने के साथ बरकरार है।
जाम की इस स्थिति के लिए काफी हद तक स्टेशन चौक के आसपास की सड़क का जर्जर हो जाने को जिम्मेदार माना जा रहा है। यहां पर फ्लाई ओव्हर का निर्माण चल रहा है जिसके लिए फोरलेन के मेन कैरिज-वे को कब्जे में लेकर दोनों ओर के पुराने सर्विसलेन की चौड़ाई को बढ़ाकर दोनों दिशा में यातायात बहाल रखा गया है। एक ही सड़क पर सभी तरह के वाहनों का दबाव बने रहने से उसकी दशा और दिशा पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। कुछ दिन पूर्व लॉकडाउन के दौरान कृष्णा हास्पिटल के आसपास की सड़क को बनाया गया था। जिससे शाम को लगने वाली जाम से आंशिक मुक्ति मिली थी। लेकिन अभी लगी बारिश की अनवरत झड़ी के चलते लॉकडाउन में बनी सड़क फिर से जर्जर हो गई है। इसके साथ ही वाहनों की रफ्तार कम हो जाने से फिर एक बार जाम की समस्या बढऩे लगी है। जाम की यह समस्या फ्लाई ओव्हर निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही बनी हुई है। इससे दुर्घटना होने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा रहा है।
हो चुकी है कई जानलेवा दुर्घटना
फ्लाई ओव्हर निर्माण के साथ ही सड़क के सिमटकर आधी हो जाने के चलते स्टेशन चौक के आसपास लगातार दुर्घटनाएं पेश आ रही है। इन दुर्घटनाओं में अनेक लोगों को जान तक गंवानी पड़ी है। जिस तरह की स्थिति यहां पर शाम के वक्त बन रही है उससे जानलेवा दुर्घटना होने की संभावना बनी हुई है। शाम को जाम की सबसे भयावह स्थिति रायपुर से दुर्घ की दिशा में देखी जा रही है। इससे राहत के लिए ट्रेफिक पुलिस के द्वारा दुर्ग से रायपुर की दिशा में जा रहे वाहनों को कृष्णा हास्पिटल से पहले आधे-आधे घंटे के अंतराल में रोककर रायपुर से दुर्ग की ओर गुजरने वाले वाहनों को दोनों दिशा की सड़क से गुजारते हैं। इससे स्थानीय वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है।
रायपुर / शौर्यपथ / क्वॉरेंटाइन सेंटर में हुई गड़बड़ी को लेकर भाजपा के आरोपों का कांग्रेस ने कड़ा और तीखा जवाब दिया है ।प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार पारदर्षिता के साथ काम कर रही है।जनता को सरकारी खजाने से होने वाली खर्च की जानकारी लेने का अधिकार दिया गया है यही वजह है क्वॉरेंटाइन सेंटर को लेकर आरटीआई में मांगी गई जानकारी भी बिना रोक-टोक दी गई है। क्वॉरेंटाइन सेंटर में गड़बड़ी करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।कोरोना महामारी संकटकाल में प्रवासी मजदूरों के आने जाने ,रहने,खाने पीने ,स्वास्थ्य, को लेकर किसी भी प्रकार की कोई कमी ना हो इसके लिए स्थानीय स्तर पर अधिकारियों को कवारेन्टीइन सेंट्ररो की आवश्यकतओं को पूरा करने का अधिकार दिया है। राज्य में 20हजार से अधिक कवारेन्टीन सेंटर में साढ़े सात लाख प्रवासी मजदूर की रहने खाने की व्यवस्था की गई थी। इन क्वॉरेंटाइन सेंटरों में प्रवासी मजदूर क्वॉरेंटाइन अवधि को पूरा कर सकुशल घर पहुंच गए।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जिस भाजपा की केंद्र सरकार पीएमकेयर फंड की जानकारी छिपा रही है पीएमकेयर फंड को आरटीआई के दायरे से बाहर रखी है।केयर फड में जमा की गई राशि एवं खर्च की राशि की जानकारी में गोपनीयता बरत रही है। वह भाजपा किस मुहँ से पारदर्शी तरीके से काम कर रही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के ऊपर आरोप लगा रही है।मोदी सरकार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार की पारदर्षिता की नीति को अपनाना चाहिए।पीएम केयर फंड की जानकारी जनता को देना चाहिए। दुर्भाग्यजनक है जो जनता पीएमकेयर फंड में मुक्त हस्त से सहयोग की है उन्ही को जानकारी देने से मोदी भाजपा बच रही है।पीएमकेयर फंड में जानकारी छुपाने से स्पष्ठ हो गया की दाल में कुछ काला नही बल्कि पूरी दाल ही काली है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा नेताओं में दम है तो आरटीआई लगाकर पीएम केयर्स फंड की जानकारी लेकर बताये? पीएम केयर्स फंड में अब तक कितनी राशि जमा हुई है? कितनी राशि खर्च की गई है?पीएम केयर्स फंड से मजदूरों के लिए एक हजार करोड़ खर्च करने का दावा किया जा रहा है देशभर के कितने मजदूरों के खाते में कितनी कितनी राशि जमा हुई है जानकारी लेकर बताएं? कोरोना महामारी संकटकाल में छत्तीसगढ़ भाजपा के सांसद विधायक नेताओं का योगदान शून्य रहा है। भाजपा के सांसद क्वॉरेंटाइन सेंटर में सेवा कर रहे अधिकारियों को बेल्ट से मारने की धमकी देते रहे डराते रहे चमकाते रहे?छत्तीसगढ़ में कोरोना महामारी नियंत्रित करने में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के साथ साथ आम जनता और सरकारी अधिकारियों कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है इसको भुलाया नहीं जा सकता। कुछ एक क्वॉरेंटाइन सेंटर में हुई गड़बड़ी को लेकर प्रदेश भर में गड़बड़ी का आरोप लगाना भाजपा की दूषित राजनीतिक मानसिकता को दर्शाता है। भाजपा आपदा में भी राजनीति करने की अवसर तलाश रही है। झूठे मनगढ़ंत आरोप लगाने की राजनीति कर रही है।
शौर्यपथ / वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण उत्तराखंड में पर्यटन उद्योग पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव तथा उनसे जुड़ी समस्याओं एवं सुझावों पर विचार-विमर्श के दौरान औद्योगिक प्रतिनिधयों ने साहसिक पर्यटन शुरू करने और क्वारंटीन अवधि कम करने के सुझाव दिए हैं। पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर की मौजूदगी में होटल, राफ्टिंग, एयरो स्पोट्र्स, सीआईआई और फिक्की के 20 से अधिक प्रतिनिधियों की शनिवार को यहां वचुर्अल बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों ने यह सुझाव दिया। श्री जावलकर ने सरकार की तरफ से उद्योग के कर्मियों को उपलब्ध करायी जा रही मदद की जानकारी दी और उद्योग से सरकार को सहयोग करने की अपेक्षा जाहिर की। होटल उद्योग प्रतिनिधियों ने कोविड टेस्ट के सम्बंध में असमंजस की स्थिति से अवगत कराया। साथ ही पर्यटकों हेतु क्वारंटीन अवधि सात दिन से कम किये जाने का सुझाव दिया गया। राज्य के बॉर्डर पर पर्यटक सहायता केन्द्र भी स्थापित किये जाने के सुझाव दिए गए। शादी समारोह व अन्य कार्यक्रमों से सम्बन्धित आयोजनों में अधिकतम 5० अतिथियों की सीमा के स्थान पर प्रति वर्ग मी० के आधार पर अतिथियों की संख्या के निधार्रण करने का सुझाव दिया गया है।
ऑनलाईन बैठक के दौरान राफ्टिंग व साहसिक पर्यटन से जुड़े प्रतिनिधियों द्वारा साहसिक पर्यटन की गतिविधियों को खोले जाने का अनुरोध किया गया है। साथ ही ट्रैकिंग गतिविधियों को खोलने के लिए वन विभाग को दिशा-निदेर्श जारी किये जाने का भी सुझाव दिया गया। साहसिक पर्यटन की गतिविधियों के संचालन हेतु एडवेंचर टुअर ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ इण्डिया (एटीएएआई) द्वारा तैयार की गई गाईडलाइन्स को प्रयोग में लाने का सुझाव दिया गया। सीआईआई के प्रतिनिधि ने पर्यटकों से जुड़ी समस्याओं एवं उनके समाधान के लिए कॉल सेंटर स्थापित किये जाने का सुझाव दिया। फिक्की के प्रतिनिधि द्वारा राज्य में पर्यटन को बढ़ाने के उद्देश्य से पर्यटकों को इनसन्टिवध्डिस्काउंट दिये जाने के साथ ही सकारात्मक प्रचार अभियान चलाये जाने का भी सुझाव दिया गया। कोविड से सम्बन्धित सभी प्रोटोकॉल गाईडलाइन्स पर स्पष्ट आदेश जारी किये जाने के सुझाव दिये गये, जिसमें किसी प्रकार का असमंजस न हो। श्री जावलकर ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पर्यटन उद्योग के कार्मिकों को तात्कालिक सहायता के रूप में 1000 रुपये प्रति कार्मिक उपलब्ध कराये जाने हेतु धनराशि जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराई गई है, जिसमें लगभग 2.5० करोड़ की धनराशि वितरित भी की जा चुकी है।
लाइफस्टाइल /शौर्यपथ /ऐसा माना जाता है कि अधेड़ उम्र में लोगों का व्यवहार रूखा और चिड़चिड़ा हो जाता है। लेकिन, अधेड़ उम्र के लोग असल में अन्य उम्र के लोगों की तुलना में ज्यादा सकारात्मक होते हैं। एक हालिया शोध के अनुसार 40 से 60 साल की उम्र के लोग युवाओं और बुजुर्गों की तुलना में कहीं ज्यादा सकारात्मक होते हैं।
अमेरिका और नीदरलैंड में 30,000 लोगों पर किए गए शोधों की समीक्षा करने वाले शोधकर्ताओं ने पाया कि अधेड़ उम्र के लोग जीवन में अच्छी चीजें होने लेकर ज्यादा सकारात्मक होते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अधेड़ लोग जो अपने जीवन में मूल्यों और संतुष्टि को ज्यादा कीमती समझते हैं वे अच्छी बातों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करते हैं। हालांकि, शोध में यह पता चला कि जर्मनी के लोग अधेड़ उम्र में भी सकारात्मक नहीं होते। मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर विलियम चोपिक ने कहा, जैसे-जैसे लोग परिपक्व होते हैं वे अपने काम में अधिक सक्षम हो जाते हैं।
सफलता उनके लिए थोड़ी आसान हो जाती है क्योंकि वे अपने जीवन के विभिन्न कार्यों में महारत हासिल कर लेते हैं, इसलिए वे अधेड़ उम्र तक पहुंचते ही अधिक आशावादी बनने लगते हैं। अधेड़ उम्र के लोग जीवन में आगे बढ़ने पर कम ध्यान केंद्रित करते हैं और जो वर्तमान में मौजूद है उसे खुशी से जीने को कोशिश करते हैं।
अमेरिका और नीदरलैंड में यह सकारात्मक रवैया 60 साल की उम्र के बाद घटने लगता है। प्रोफेसर चोपिक ने जर्नल ऑफ रिसर्च इन पर्सनैलिटी ने बताया कि सकारात्मक रवैया स्वास्थ्य और लोगों के नजरिये से जुड़ा होता है इसलिए उम्र बढ़ने पर इसमें कमी आती है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
