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June 02, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

हर भारतीय महिला एक पुरुष की निगरानी में बड़ी होती है. जो बचपन से शुरू होती है और उसकी आंखि‍री सांस तक चलती है. इसी के बीच वह गुम सी हो जाती है.

शौर्यपथ / यही निगरानी उसकी हर मांग को तय करती है- उसे क्या पहनना है, क्या छिपाना है. किस वक्त तक घर वापस आना है. कॉलेज में किस तरह के लड़कों से बचना है. शादी के लिए सही उम्र क्या है. शादी से पहले सेक्स नहीं करना है. कैसे पोर्न देखना ठीक नहीं है. कैसे हस्तमैथुन गंदा है. एक अच्छी लड़की की यही कहानी है- सती सावित्री शुद्ध भारतीय नारी. नैतिक रूप से ईमानदार. सेक्सुअली तनावग्रस्त.
परछाई से डर लगता है.
अंधेरे के बाद रास्तों को खतरनाक समझाया गया. शहरों को "असुरक्षित" के रूप में प्रचारित किया गया. नैतिक आचरण का एक कड़ा परदा होना चाहिए. उम्मीद की जाती है कि खुद को बुरी नजर से बचाने के लिए खुद एक लक्ष्मण रेखा बनाए रखें.
पेपर स्प्रे. आत्मरक्षा की क्लास. कार की पिछली सीट पर हॉकी रखना. फोन के स्पीड डॉयल में पिताजी और भैया का नंबर रखना. दिल्ली पुलिस के नंबर के साथ. लंबे बाजू वाले टॉप. कोई तंग जींस नहीं.
छूना नहीं. क्लीवेज नहीं. कोई इच्छा नहीं.
और फिर भी हर रोज लगभग हर भारतीय मेट्रो में महिलाओं के साथ यौन अपराध के चौंकाने वाले मामले सामने आते हैं. ऐसी जगहों पर पहली बार में आप उन पुरुषों को बलात्कारियों के रूप में वर्गीकृत नहीं करते हैं. उदाहरण के लिए उबेर टैक्सी ड्राइवर का मामला ही लीजिए, जिसने गुड़गांव में एक महिला सवारी को जबरन किस करने की कोशिश की. कुछ महीनों पहले एक 27 वर्षीय फाइनेंस एक्जीक्यूटिव ने आरोप लगाया था कि उसके साथ एक अन्य उबेर टैक्सी ड्राइवर ने गुड़गांव में एक सुनसान जगह पर उस वक्त बलात्कार किया था जब वह टैक्सी में जाते वक्त सो गई थी. नए मामले में पीड़िता के भाई ने अपने आक्रोश को बाहर निकालने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है.
यह जानते हुए कि उस लड़की को अब खामोश रहने के लिए मजबूर किया जाएगा, यह चुप्पी शर्म की बात है. इस वक्त में...
हमारे पुराने पड़ोसी पोतोल की तरह. कोलकाता में एक मध्यम आयु वर्ग का मोटे व्यक्ति, जिनके कानों और नाक से बाहर बाल निकल आए थे. हमारी बर्तन धोने वाली नौकरानियों को वह अपनी छत से घूरा करता था. और अपने नंगे सीने और गुप्तांग को छूता था. इसी वजह से हम हमेशा अपने स्टडी रूम की खिड़की को बंद रखते थे ताकि हमें पोतोल का मलिन बेडरूम दिखाई न दे. जहां से वह ताक झांक करता था.
उसकी पत्नी निःसंतान थी.
क्या यह एक तरह की सजा थी? मैं रोज उन लोगों को फुसफुसाते हुए सुनती थी. कुछ नौकरानियां आपस में बातें किया करती थीं कि उसकी पत्नी पर आत्माओं का साया है, इसीलिए वह जो चाहता था उसकी पत्नी उसे नहीं दे सकती थी.
एक बिगड़ा हुआ आम भारतीय वास्तव में क्या चाहता है? क्या पोतोल का रोजाना खराब व्यवहार उचित सेक्स की कमी से जूझने की वजह से था? क्यों हमने उसे इतनी आसानी से जाने दिया? क्यों नौकरानियां हमेशा उसके घर में रहती थी? क्या वह उन्हें गलत तरीके से छूने की कोशिश करता था? क्या यह छूना एक लिंग के प्रति संवेदनशीलता थी? क्या स्पर्श करना एक वर्ग बाधा है? क्या एक गरीब नौकरानी का शरीर उसका अपना नहीं था? क्या बलात्कार केवल एक शहरी घटना है?
अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि "मुझे हर वक्त मुस्कुराना चाहिए, हमेशा अच्छा व्यवहार करना चाहिए. मैं एक ट्रॉफी की तरह हूं. मेरे चेहरे पर कोई दाना नहीं होना चाहिए, वजन नहीं बढ़ाना चाहिए और जब फोटोग्राफर मेरे चेहरे पर फ्लैश चमाकाएं तो मुझे अंधेरे में भी अपना चेहरा कवर नहीं करना चाहिए, चाहे यह मुझे डराने वाला ही क्यों न हो. भारी भीड़ मुझे परेशान करती हो और पुरुष मुझे छूने की कोशिश कर रहे हों फिर भी मैं प्रतिक्रिया न करूं क्योंकि वे सभी मेरे फैन हैं? आखिर क्या मैं एक औरत नहीं हूं!"
क्या हम कभी जिंटा की परेशानी को समझ सकते हैं?
ज्यादातर भारतीय पुरुषों की कामेच्छा जो स्वस्थ यौन शिक्षा का हिस्सा नहीं हैं उसकी शुरूआत स्कूलों और कॉलेजों से पहले घरों से होती है... काम करने की जगह पर कामेच्छा को काबू में रखना? क्या यह आत्म नियत्रंण हमारी उस पाखंडी संस्कृति का परिणाम तो नहीं है, जिसमें एक ओर तो वह खजुराहो में कामसूत्र के किरदारों को देखने आए नीली-आंखों वाले पर्यटकों को घूरता है और दूसरी ओर सख्त आत्म नियंत्रण की बात करता है. माता-पिता ने शायद ही कहीं कभी हाथ पकड़े हों? यहां तक कि एक युवा विवाहित जोड़ा बच्चे पैदा करने में देरी के लिए इजाजत नहीं ले सकता, क्या उन्हें अधिकार नहीं कि वे सेक्स का आनंद लें. जो एक शारीरिक जरूरत है. एक स्वस्थ काम. आपसी खोज की यह अवस्था निश्चि‍त रूप से सुहाग रात, कौमार्य और अरेंज शादियों का पर्याय नहीं है. सेक्स एक अवस्था है न कि एक शर्त. जीभ, स्तन, योनी, स्क्रोटम, होंठ, बाहें, उंगलियां...
क्या हम हर रोज विकृत लोगों को पैदा कर रहे हैं?
अधिकांश किशोर चुपके से इंटरनेट से ट्रिपल एक्स-रेटेड कंटेंट डाउनलोड करते हैं. सनी लियोन ने सेक्सुअली चार्ज भारतीय युवाओं को बहुत कुछ दिया है... उन्हें मर्द बना दिया है, सिर्फ मस्ती की चाह वाला!
इस तरह से वो खुद तो सेक्स के मामले में विफल होते हैं. और दूसरी ओर महिलाओं को इसकी इजाजत ही नहीं है. यहां तक कि यदि वह कोई फिल्म का चुनाव करती है, तो कथि‍त नारीवादी उसकी क्वालिटी पर ही सवाल खड़े करने लगते हैं.
मैं बंगलौर में बिल्कुल नई थी. 2004 की बात है. ऑफिस में मेरा दूसरा ही दिन था. वहीं लावेले रोड से मैं एक ऑटो में सवार हुई. मुझे किसी काम से ब्रिगेड रोड पर जाना था. अभी हमारी कार दिल्ली से नहीं आई थी. सफर के दौरान ऑटो चालक मुझे लगातार बुरी नजर से घूरता रहा. मैंने अपनी बाहों को कवर किया हुआ था. कुछ मोड़ के बाद मैंने उससे कहा मुझे एक जगह पर छोड़ दे. उसने अपने कंधों को उचकाकर यह बताने की कोशि‍श की कि उसे हिंदी समझ में नहीं आई. मेरी परेशानी बढ़ रही थी. शहर में नया होने के नाते मैंने भगवान से किसी भी तरह ब्रिगेड रोड पर पहुंचने की प्रार्थना की. हम पहुंच गए. बाहर आते ही मैंने उसे 50 रुपये दिए, मैं बचे हुए पैसे भी वापस नहीं लेना चाहती थी.
उस आदमी ने मुझे हैरान होकर देखा. मैंने उसकी आंखों में देखा और पूछा कि जो किराया मैंने दिया है क्या वो कम था? उसने अपने होंठों पर जीभ घुमाई. और शक के लहजे में अपनी एक भौं उठाई. मैंने नजर नीचे कर ली. और उस वक्त मैं बुरी तरह चौंक गई जब मैंने देखा कि उसके कपड़े खुले थे और उसका गुप्तांग सार्वजनिक रूप से दिख रहा था. मैंने वहां से दौड़ लगाई. और पीछे मुड़कर नहीं देखा. किसी से भी इस घटना के बारे में बात करना मुझे अच्छा नहीं लग रहा था.
हम एक सेक्स के रूप में कैसे सुरक्षित हैं?
हम किस आदमी पर भरोसा कर सकते हैं?
ड्राइवर? धोबी? डिलिवरी ब्वॉय? चौकीदार? माली?
क्या भारत की लोकप्रिय संस्कृति वास्तव में ईव-टीज़र, ताक-झांक करने वालों और सेक्स के भूखे अधेड़ों वाली है? क्या हमने मुख्यधारा की बॉलीवुड फिल्मों में नहीं देखा कि कॉलेज में लड़कियों की एंट्री पर हीरो और उसके दोस्त गीत गाते हैं? आमतौर पर हीरो के साथ एक कॉमेडी सीन भी जुडा हुआ होता है, जब हीरो छात्रावास में स्नान करने वाली एक महिला की तस्वीर क्लिक करता है? जहां खलनायक हमेशा हीरोइन के साथ बलात्कार और यौन शोषण करता है? क्या सेक्स को लेकर ये दोहरापन हमारे घरों का हिस्सा है, जहां ये बिलकुल नहीं सिखाया जाता कि दूसरे सेक्स का सम्मान कैसे करें? जहां लड़के खुले तौर पर अपने पिता को माताओं पर ताने मारते हुए देख कर बड़े होते हैं. आवाजें उठ रही हैं. तो फिर... भारतीय सामाजिक संरचना क्या महिलाओं का नसीब यही है कि उन्हें यौन गुलाम बनाकर रखा जाएगा? कभी पलटकर जवाब नहीं देना... अंत में.
क्या सभी भारतीय पुरुष लगभग बलात्कारी हैं? जो एक मुक्त और मुखर महिला को सजा देना चाहते हैं?
दिमाग से?
जब सच्चाई जगजाहिर है...
हमारी सबसे बड़ी ताकत हकीकत में हमारी गहरी, अंधेरी आशंका पर आधारित है.
कब तक हम एक आदमी से डरते रहेंगे?
श्रीमई पियु कुंडू की कलम से

नई दिल्ली । शौर्यपथ । जब से देश की सत्ता प्रधानमंत्री मोदी के हांथ आई तब से प्रति माह देश के सामने पीएम मोदी अपने मन की बात कहते आये है । विभिन्न माध्यम से प्रसारित इस कार्यक्रम में मोदी विभिन्न मुद्दों पर अपने मन की बात कहते है किंतु मोदी -2 में अब मोदी के मन की बात पर कुछ ऐसी बात सामने आई जो चौकाने वाली है । मन की बात का प्रसारण भारतीय जनता पार्टी के यू ट्यूब चेनल , प्रधानमंत्री मोदी के यू ट्यूब चेनल सही रेडियो , टीवी चैनल आदि पर प्रसारित होता है किंतु इन पर आम जनता अपनी टिप्पणी नही कर सकता सिर्फ लाइक / डिसलाइक ही कर सकता है । पीएम के इस कार्यक्रम से देश की जनता का मोह अब धीरे धीरे भंग होता दिख रहा है । पिछले माह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'मन की बात' कार्यक्रम इंटरनेट यूज़र्स की नकारात्मक प्रतिक्रिया के कारण चर्चा में आ गया है. आकाशवाणी पर रविवार को प्रसारित होने वाले इस कार्यक्रम का दूरदर्शन के अलावा कई निजी चैनल भी सीधा प्रसारण किया था . इसके साथ ही पीआईबी, बीजेपी और पीएम मोदी के यूट्यूब चैनल पर भी देश के नाम पीएम के संबोधन को सुना जा सकता है. मगर इस रविवार के मन की बात को लेकर इन यूट्यूब चैनलों पर यूज़र्स की प्रतिक्रिया सकारात्मक कम, नकारात्मक ज़्यादा रही है. इन तीनों ही जगह मन की बात के वीडियो पर लाइक्स की तुलना में डिसलाइक बहुत ज़्यादा हैं. इस बात को असामान्य माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले मन की बात को लेकर दर्शकों का रवैया इतना नेगेटिव नहीं रहता था. ऐसे में चर्चा हो रही है कि आख़िर इसकी वजह क्या हो सकती है. क्या है स्थिति । इस रविवार को मन की बात के वीडियो पर इंटरनेट यूज़र्स की प्रतिक्रिया शुरू से ही सुस्त रही. कार्यक्रम का प्रसारण सुबह हुआ था मगर देर रात तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ था. रात ढ़ाई बजे, ख़बर लिखे जाने तक भारतीय जनता पार्टी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर 'मन की बात' कार्यक्रम पर लगभग 30 लाख व्यूज़ थे. इस चैनल पर इस वीडियो को 1लाख 37 हज़ार लोगों ने लाइक किया था जबकि 7 लाख 35 हज़ार ने डिसलाइक किया था. स्पष्ट है कि यह अंतर काफ़ी बड़ा है. जबकि यह भारतीय जनता पार्टी का आधिकारिक चेनल है । इसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अपने यूट्यूब चैनल (Narendra Modi) पर इसके 15 लाख हज़ार व्यूज़ थे. इस वीडियो पर 94 हज़ार लाइक और 226 हज़ार डिसलाइक थे. इसी तरह पीआईबी के यूट्यूब चैनल पर 'मन की बात' पर मात्र 91 हज़ार व्यूज़ थे जबकि लाइक 3.2 हज़ार और डिसलाइक 10 हज़ार थे. इतनी बड़ी संख्या में नापसंद किया जाना इन दिनों चर्चा का विषय है । आखिर ऐसी क्या बात कही पीएम मोदी ने इस बार मन की बात में कई लोगो ने इसे बड़े अंतर में नापसंद किया । एक बार आप भी देखे कि बेरोजगारी , कोरोना आपदा , स्वास्थ्य की बदहाल व्यवस्था के काल मे देश के पीएम ने मन की बात में क्या कहा आखिर वर्तमान स्थिति में उनके मन मे क्या चल रहा ? पीएम मोदी के मन की बात पर आप कोई टिप्पणी तो नही कर सकते किन्तु लाइक डिसलाइक ज़रूर कर सकते है ।

रायपुर । शौर्यपथ । कांग्रेस ने कहा देश मे रोज 80 हजार लोग कोरोना से बीमार हो रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुत्तो की नस्ल सुधारने के लिए फिक्र मन्द हो रहे।प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30अगस्त रविवार को प्रसारित मन की बात के अपने उदबोधन में यह साबित कर दिया कि उनके मन मे देश वासियों की कोई फिक्र नही है। मोदी ने अपने मन की बात इधर उधर की बहुत बाते की लेकिन कोरोना बीमारी से बचाव के लिए उनकी सरकार द्वारा क्या उपाय किये गए है इसके बारे में एक शब्द भी नही कहा।देश की जनता को लग ही नही रहा की कोरोना काल मे उनके साथ केंद्र सरकार भी है।जब देश और दुनिया कोरोना के वेक्सीन का इंतजार कर रही है ऐसे समय मोदी खिलौने और उसके अविष्कार और उत्पादन पर ध्यान केंद्रित किये हुए हैं। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि देश में 36 लाख लोग कोरोना की चपेट में आ चुके है 65हजार लोगों की मौते हो चुकी है आज भारत प्रतिदिन कोरोना पीड़ितों के मामले में दुर्भाग्य पूर्ण पहले नम्बर पर पहुच गया है ऐसे समय देश के प्रधानमंत्री देश की जनता को राहत पहुचाने की बात करने के बजाय भारत की विविधता और देश मे भादों और क्वार महीने में मनाए जाने वाले त्योहारों का बखान करने में आत्म मुग्ध हो रहे है।देश की जनता को अपेक्षा थी प्रधानमंत्री मन की बात में भारत मे होने वाली कुल टेस्टिंग के बारे में बताएंगे कोरोना से देश भर में तैयार बिस्तर चिकित्सा सुविधा वेंटिलेटर आदि पर बात करेंगे लेकिन मोदी तो एक बार फिर चिरपरिचित अंदाज में जुमले बाजी कर गए। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कोरोना से निपटने थाली ताली पिटवाने मोमबत्ती जलाने के बाद मोदी ने कोरोना के पीक समय मे देश के राष्ट्रीय प्रसार माध्यमो में आ कर जिस प्रकार की उदासीनता और लापरवाही दिखाई है वह अक्षम्य और अस्वीकार्य है ।आज देश का हर नागरिक इस वैश्विक महामारी के कारण संकट में है लोगो के रोजगार चले गए है ।आमदनी के साधन चले गए है ऐसे समय देश का प्रधानमंत्री उनको मुंह चिढ़ा रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा ठीक है कोरोना वैश्विक महामारी है लेकिन भारत मे इसके विकराल रूप तक पहुँचने में कहीं न कही मोदी सरकार की लापरवाही भी जिम्मेदार है ।जनवरी में जब विदेश से आने वालों की हवाई अड्डे में स्क्रीनिंग कर क्वारेंटिंन करने की जरूरत थी तब मोदी सरकार ने मध्यप्रदेश सरकार बनाने के लालच और नमस्ते ट्रम्फ की वाहवाही में देश को खतरे में डाल दिया और आज जब कोरोना से लड़ाई की बात आई तो राज्यो को स्वतंत्रता देने के नाम पर खुद पल्ला झाड़ लिया सारी जिम्मेदारी राज्यो पर डाल कर केंद्र बेफिक्र हो गया है ।

रायपुर । शौर्यपथ । प्रदेश में कोरोना का कहर आम जनता से बढ़ते हुए अब जनप्रतिनिधियों तक पहुंच गया , दो दिन पहले प्रदेश के मुखिया बघेल के ओएसडी व पीएसओ के कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद मुख्यमंत्री बघेल ने सुरक्षा की दृष्टि से होम आइसोलेशन में जाने का फैसला लिया अब प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री भी कई विधायको के कोरोना पॉजिटिव होने पर स्वास्थ्य व ऐतिहात के मद्देनजर 8 दिनों के होम आइसोलेशन में चले गए है ।

बालोद / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर बालोद जिले से भी आईआईटी जेईई (JEE) और नीट (NEET) परीक्षा के परीक्षार्थियों को उनके परीक्षा केन्द्र तक पहुॅचाने तथा वापसी के लिए नि:शुल्क बस की व्यवस्था की जाएगी। कलेक्टर जनमेजय महोबे ने आज शाम संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में इस संबंध में जानकारी दी। कलेक्टर ने व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु बालोद एस.डी.एम. श्रीमती सिल्ली थॉमस को नोडल अधिकारी और तहसीलदार बालोद श्रीमती रश्मि वर्मा व जिला परिवहन अधिकारी रविन्द्र ठाकुर को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। अन्य संबंधित एस.डी.एम. समन्वय का कार्य करेंगे।
कलेक्टर ने कहा कि परीक्षा में शामिल हो रही छात्राओं के साथ उनके एक अभिभावक को भी यात्रा की अनुमति होगी। परिवहन वाहन में फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य रूप से किया जाएगा। परीक्षार्थियों को वाहन में यात्रा के लिए अपने प्रवेश परीक्षा का प्रवेश पत्र दिखाना ही पर्याप्त होगा। प्रवेश पत्र दिखाने पर परीक्षार्थियों को वाहन में यात्रा की अनुमति दी जाएगी। कलेक्टर ने बताया कि आईआईटी जेईई की प्रवेश परीक्षा हेतु प्रदेश में पॉच परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। परीक्षा का आयोजन 01 सितम्बर 2020 से है। कलेक्टर ने बताया कि जिले के ऐसे परीक्षार्थी जो जेईई और नीट की परीक्षा में सम्मिलित होना चाहते हैं तथा उनके पास परीक्षा केन्द्र तक जाने आने के लिए वाहन की सुविधा नहीं है, ऐसे परीक्षार्थियों के लिए हेल्पलाईन नम्बर की सुविधा दी जा रही है। परीक्षार्थियों को हेल्पलाईन नम्बर में सम्पर्क कर अपना नाम, परीक्षा का नाम, परीक्षा केन्द्र का नाम एवं शहर का नाम, परीक्षा की तिथि एवं समय, अपना मोबाईल नम्बर इत्यादि की जानकारी आवश्यक रूप से देनी होगी।
1.बालोद तहसील- मनोज भारद्धाज, नायब तहसीलदार ,(मोबाईल नम्बर - 7587870733) 2.डौण्डीलोहारा तहसील - रामरतन दुबे, तहसीलदार (मोबाईल नम्बर - 9685640306) 3. डौण्डी तहसील सुश्री प्रतिमा ठाकरे, तहसीलदार (मोबाईल नम्बर - 9406373510) 4. गुरूर तहसील-सुब्रत प्रधान, प्रभारी तहसीलदार (मोबाईल नम्बर - 9993684757) 5. गुण्डरदेही तहसील-अश्वन पुसाम, तहसीलदार (मोबाईल नम्बर - 9406211477)
बालोद जिले के परीक्षार्थियों के ऑनलाईन पंजीयन हेतु जिला प्रशासन द्वारा जारी लिंक:-
JEE Mains -: https://forms.gle/5P1cUcrsXV8eaNcp6
NEET EXAM -: https://forms.gle/9sZjFBaoJU1miYX87

कलेक्टर ने बताया कि बालोद तहसील के परीक्षार्थियों के लिए सरदार वल्लभ भाई पटेल मैदान में बस की सुविधा उपलब्ध रहेगी। डौण्डी तहसील के परीक्षार्थियों के लिए दल्लीराजहरा के बस स्टैण्ड में बस की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसी प्रकार डौण्डीलोहारा, गुरूर और गुण्डरदेही तहसील के परीक्षार्थियों के लिए संबंधित तहसील मुख्यालय के बस स्टैण्ड में बस की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

दुर्ग / शौर्यपथ / जिले के प्रभारी सचिव एवं मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेसी ने आज बीते 3 दिनों में हुई बारिश के चलते जल प्रभावित क्षेत्रों का अवलोकन किया। प्रभारी सचिव ने इन क्षेत्रों में राहत शिविरों में ठहराये गए लोगों की व्यवस्था का निरीक्षण किया। साथ ही अतिवृष्टि के चलते संपर्क से टूट गए क्षेत्र का निरीक्षण भी किया श्री परदेसी ने प्रशासनिक अधिकारियों से अतिवृष्टि से प्रभावित फसल, जान माल एवं अन्य तरह की क्षति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आपदा राहत से संबंधित प्रकरण शीघ्र तैयार कर पीड़ितों को राहत दी जाए।
उन्होंने कहा कि जिन स्थलों में एहतियातन लोगों को पृथक किया गया है तथा जहां पर लोग आपदा के चलते राहत शिविर में रुके हुए हैं वहां इन लोगों की भोजन एवं बुनियादी सुविधाओं के इंतजाम पर पूरे समय नजर रखें। प्रभारी सचिव ने कुम्हारी स्थित राहत शिविर का निरीक्षण भी किया यहां पर 24 लोगों को रखा गया है। श्री परदेसी ने उन्हें बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग लगातार सक्रिय है आपकी हर संभव मदद की जाएगी। इस मौके पर श्री परदेसी पाटन ब्लॉक के गौठान भी पहुंचे यहां पर उन्होंने पाहन्दा एवं खम्हरिया गौठान का निरीक्षण किया।
यहां उन्होंने स्व सहायता समूह की महिलाओं से चर्चा की। गौठान समिति के सदस्यों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि सभी गौठानों में बड़ी मात्रा में गोबर का क्रय किया जा रहा है अब इनसे वर्मी कंपोस्ट बनाया जाएगा। वर्मी कंपोस्ट का उत्पादन जितना अच्छा गुणवत्तापूर्ण और अधिक मात्रा में होगा। इससे समितियों की और स्व सहायता समूहों की उतनी ही अधिक आय होगी अतः इस कार्य को पूरी लगन के साथ करें। सचिव ने कहा कि जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त वर्मी टैंकों का निर्माण भी कर ले। सचिव ने गौठान में व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी भी गौठान समिति के सदस्यों से ली। गौठान समिति के सदस्यों ने बताया कि नियमित रूप से पशु चिकित्सक यहां पर आते हैं और नस्ल सुधार आदि का कार्य किया जा रहा है। श्री परदेसी ने इस मौके पर कहा कि यदि गोबर का संग्रहण अधिक मात्रा में हो रहा है तो ऐसे गौठान में बायोगैस के लिए भी कार्य किया जा सकता है। श्री परदेसी ने गांव के लोगों से गोधन न्याय योजना के भुगतान से संबंधित जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि आप लोगों की सक्रियता से ही यह योजना सफल होगी।

भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशक वक्र्स बी पी सिंह ने यूनिवर्सल रेल मिल में हॉट सॉ-1 एवं क्रेन क्रमाँक-412 का उद्घाटन किया। इन दोनों उपकरणों को आंतरिक संसाधनों से पूर्णरूपेण प्रारंभ किया गया। बीएसपी के रेल एवं स्ट्रक्चरल मिल तथा यूनिवर्सल रेल ने संयुक्त रूप से भारतीय रेलवे द्वारा प्राप्त रेल्स के आर्डर्स को पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूर्ण करने के लिए कृत-संकल्पित है। वर्तमान वित्तवर्ष में आरएसएम तथा यूआरएम के समक्ष प्राइम लाँग रेल्स के उत्पादन में वृद्धि का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य है, जिसे पूर्ण करने हेतु निरंतर प्रयासरत् है। हाल ही में भारतीय रेलवे ने कम ल बाई वाले रेल्स की अपनी माँग में कमी कर दी है। भारतीय रेलवे की लाँग रेल्स की माँग को ध्यान में रखते हुए यूआरएम ने ल बी रेल्स की उत्पादकता बढ़ाने, नुकसान को कम करने और 130 मीटर ल बी रेल्स के उत्पादन में वृद्धि हेतु लगातार प्रयास कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि यूआरएम परियोजनाओं के प्रारंभ में हॉट सॉ-1 एवं क्रेन क्रमाँक-412 जैसे उपकरणों का आंशिक रूप से कमीशन किया गया। स्पेयर्स की अनुपलब्धता के कारणों से इन उपकरणों की पूर्ण कमीशनिंग नहीं हुई थी। इन दोनों उपकरणों को आंतरिक संसाधनों का प्रयोग करते हुए पूर्णरूपेण प्रचालन प्रारंभ कर दिया गया है। मु य महाप्रबंधक (यूआरएम) पी मुरगेसन के मार्गदर्शन में अनुभागीय प्रमुख महाप्रबंधक (ऑपरेशन) एम वी के रामप्रसाद, महाप्रबंधक (मेकेनिकल) प्रकाश बोन्डेकर एवं महाप्रबंधक (इलेक्ट्रिकल) अनिश सेनगुप्ता की टीम ने आंतरिक संसाधनों और विशेषज्ञता के साथ इन दोनों महत्वपूर्ण उपकरणों के प्रचालन को प्रारंभ करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। बीडी-2 स्टैंड के बाद लगे हॉट सॉ-1 द्वारा ब्लू स के अधिक ल बाई/अधिक वजन को कटिंग किया जाता है। अगर यह कटिंग न की जाए तो परिणामस्वरूप लंबाई बढऩे के कारण रेल रोलिंग में कोबल्स की समस्या उत्पन्न होती थी जिसे निकालने में अधिक समय लगता था जिससे उत्पादन में कमी आती थी। इसके अलावा जब अधिक वजन वाले ब्लू स को भट्टी में चार्ज किया जाता है उसे वापस लौटा दिया जाता है, जो उत्पादकता पर प्रतिकूल प्रभाव डालता था और रोलिंग को बाधित करता था।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / नगर निगम द्वारा गणेश विसर्जन अवसर पर मूलभुत सुविधा सहित व्यापक व्यवस्था की जा रही है। जिसके लिये निगम के अधिकारियो कर्मचारियों को दायित्व सौपा गया है।
उक्ताशय की जानकारी देते हुये नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक ने बताया कि गणेश विसर्जन पर्व पर मूलभूत दायित्वों के निर्वहन के लिये अधिकारियों व कर्मचारियों को दायित्व सौपा गया है।
जिसके लिये कार्यपालन अभियंता यूके रामटेके (मो.नं. 98271-18810) व दीपक जोशी (मो.नं. 94252-40050) को प्रभारी अधिकारी बनाया गया है और सहायक अभियंता कामना सिंह यादव (मो.नं. 94252-40491) को व्यवस्था प्रभारी के साथ साथ सभी उप अभियंताओं को अलग अलग प्रभार सौपा गया है।
आयुक्त कौशिक ने बताया कि 1 व 2 सितंबर को गणेश विसर्जन के लिये मोहारा नदी में निर्मित विसर्जन कुंड में विसर्जन कराये जाने प्रकाश व्यवस्था, मूर्ति विसर्जन के लिये क्रेन की व्यवस्था की जा रही है। विर्सजन उपरांत वेस्ट मटेरियल, पूजा समाग्री, फूल, कपड़े, प्लॉस्टिक पेपर आदि सुरक्षित एकत्र कर पुर्नउपयोग एवं कम्पोसि्ंटग आदि में भेजने 1 सितंबर 2020 के लिये प्र. सहायक अभियंता संदीप तिवारी (मो.नं. 96307-37486) एवं दिनांक 2 सितम्बर 2020 के लिये सहायक अभियंता दीपक अग्रवाल (मो.नं. 70004-25234) को प्रभारी अधिकारी बनाया गया है तथा रानी सागर, सर्किट हाऊस के पास व नंदई चौक में मूर्ति लाने ले जाने के लिये वाहन की व्यवस्था की जा रही है, इन सबके लिये उप अभियंताओें को सहयोगी बनाया गया है। साथ ही मोहारा रोड एवं मुख्य मार्गो में विद्युत व्यवस्था एवं कंट्रोल रूप प्रभारी का भी दायित्व प्र. सहायक अभियंता अतुल चोपड़ा (मो.नं. 94062-40475) को सौपा गया है।
इसके अलावा प्र.स्वास्थ्य अधिकारी अजय यादव (मो.नं. 94241-16018) सहित उनकी टीम को शहर के संपूर्ण क्षेत्रो में विशेष साफ सफाई व्यवस्था एवं शहर के भीतरी इलाकों में घुमने वाले आवारा पशुओं को पकडने तथा विसर्जन के दौरान विशेष रूप से यातायात सुविधा की दृष्टि से आवारा पशुओं को पकडने आदि का दायित्व सौपा गया है।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / जिला प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा जेईई एवं नीट (एनईईटी) परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं के परीक्षा केन्द्र तक जाने-आने के लिए वाहन की व्यवस्था की गई है। व्यवस्था जाने एवं आने दोनों के लिये होगी और यह यात्रा नि:शुल्क होगी। इस सुविधा का उपयोग करने के लिए छात्र-छात्राओं को अपने साथ एडमिट कार्ड लाना अनिवार्य होगा। परीक्षा में शामिल होने वाली छात्रा के साथ उनके एक अभिभावक को भी यात्रा की अनुमति होगी।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए वाहन की व्यवस्था की जा रही है। बस कलेक्टोरेट से लगेगी। परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थी अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकंडेय से मोबाइल नंबर 9425540484, डिप्टी कलेक्टर श्री लवकुश ध्रुव से मोबाइल नंबर 9907339864 एवं श्री हितेश पिस्दा से मोबाइल नंबर 9981015696 पर सम्पर्क कर सकते है। उल्लेखनीय है कि जेईई परीक्षा 1 सितम्बर से 6 सितम्बर तक तथा नीट की परीक्षा 13 सितम्बर को है। जिसके लिए प्रदेश में 5 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। जेईई एवं नीट परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थी परीक्षा केन्द्रों तक ले जाने और लाने के लिए दिए गए लिंक https://docs.google.com/forms/d/1K8ntjNwpvYWCQuTwjCooMW_zr_WcXYM8IE-vYiRDEYg/edit?usp=sharing पर नि:शुल्क परिवहन की व्यवस्था हेतु रजिस्ट्रेशन कराएं।

सुविधा का लाभ उठाने इसके लिए नियुक्त किये गए नोडल अधिकारी डॉ रविराज ठाकुर से कर सकते हैं संपर्क, उनका नंबर 73895-77569


दुर्ग / शौर्यपथ / आगामी नीट और आईआईटीजेईई परीक्षाओं में छात्र-छात्राओं को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की सुविधा उपलब्ध कराने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया था। दुर्ग जिले में आदेश के अनुपालन में कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने इसकी व्यवस्था के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति की है। डॉ रविराज ठाकुर यह कार्य देखेंगे। जिन छात्र-छात्राओं को स्वयं के वाहन से आने में असुविधा है वे इसके लिए डॉ ठाकुर से संपर्क कर सकते हैं। परीक्षा केंद्र तक लाने ले जाने की सुविधा उनके द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। छात्राएं अपने साथ एक अभिभावक को भी ले जा सकती हैं। इसके लिए डॉ. ठाकुर के मोबाइल नंबर 73895-77569 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

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