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May 26, 2026
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कोविड पॉजिटिव मां NewBorn Baby की देखभाल में क्या रखें सावधानियां

  • rounak group

शौर्यपथ / कोरोना वायरस का प्रकोप हर आयु वर्ग के लोगों को घेर रहा है। नवजात बच्‍चा भी इसकी चपेट में आ सकता है। यह वायरस गर्भवती महिला को होने पर एक साथ दो जिंदगियां दांव पर लग जाती है। ऐसे में दोनों का ध्‍यान रखना जरूरी है। लेकिन एक तरफ जहां हर तरह की सावधानियां बरती जा रही है। इसके बाद भी यह वायरस किसी को भी अपनी चपेट में ले लेता है। लेकिन जहां दो जिंदगी का सवाल हो वहां अधिक ध्‍यान देना जरूरी है। वहीं अगर मां कोविड पॉजिटीव हो जाती है तो न्‍यू बोर्न बच्‍चे की देखभाल कैसे करना चाहिए। इसे लेकर वेबदुनिया ने गायनोकॉलोजिस्‍ट डॉ हेमा जाजू से चर्चा की। आइए जानते हैं। क्‍या सावधानियां रखें और कैसे बच्‍चे की देखभाल करें।
मां के कोविड पॉजिटीव हो जाती है तो नवजात शिशु की देखभाल कैसे करें?

अपने देश में बच्‍चे को मां से अलग नहीं रखा जाता है। दरअसल, ब्रेस्टफीडिंग के लिए बच्‍चा मां के पास ही रहता है। अगर केस गंभीर होता है तो बच्‍चे को अगल करना पड़ सकता है। लेकिन बच्‍चे का ख्‍याल रखते हुए कोविड नियमों का पालन करना जरूरी है। बच्‍चे को फीडिंग करा रहे हैं तो मुंह पर डबल मास्‍क जरूर लगाएं। ताकि बारिक पार्टीकल बच्‍चे के अंदर नहीं जा सकें। फीडिंग के दौरान बच्‍चा बहुत करीब होता है। इसलिए नाक और मुंह को मास्‍क से अच्‍छे से ढकें।
जब कभी भी बच्‍चे को अपने हाथों में लें, सबसे पहले हाथों को डिसइनफेक्ट करें। डॉ ने चर्चा में बताया कि अगर कोविड पॉजिटीव मां बच्‍चे को फीडिंग कराती है तो बच्‍चे को खतरा नहीं होता है। क्‍योंकि फीडिंग कराने से बच्‍चों के अंदर वायरस नहीं जाता है। वहीं आमतौर पर ब्रेस्‍टफीड में वायरस नहीं रहते हैं। लेकिन सही तरह से स्‍तनपान कराएं तो नवजात के
कोविड होने की संभावना कम हो जाती है।

सीवर (गंभीर) केस होने पर बच्‍चे की देखभाल कैसे करें?

जब बच्‍चे को मां नहीं संभाल पाती हैं तब उन्‍हें मां से अलग करना पड़ता है। वहीं अगर प्रीमेच्‍योर बेबी होता है तो उन्‍हें हॉस्पिटल में सेपरेट रखा जाता है। लेकिन बच्‍चा घर पर रहता है तो उन्‍हें बॉटल से दूध नहीं पिलाएं। कटोरी चम्‍मच से बच्‍चे को दूध पिलाएं, वहीं बच्‍चे को कटोरी - चम्‍मच से दूध पिलाते हैं तो उन्‍हें अच्‍छे से गर्म पानी में उबालें। बच्‍चे बहुत नाजुक होते हैं ऐसे में उनके लिए एक तकनीक अपनाई जाती है non-touch-technique.यानी की जब कटोरी चम्‍मच को बाहर निकाला जाएं तो अंदर की साइड से उसे टच नहीं करें।इसके बाद कटोरी में दूध डालकर बच्‍चे को पिलाएं।

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय द्वारा नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए
जारी की गई
गाइडलाइन -

- बच्‍चे के कमरे को अच्‍छे से डिसइनफेक्ट करें।
-मां और बच्‍चे
दोनों घर में ही रहें।
-कोविड-19 से बचाव के लिए शारीरिक दूरी का ख्‍याल जरूर रखें।
-घर में अन्‍य छोटे बच्‍चे हैं तो उन्‍हें बच्‍चों से दूर रखें।
- मां बच्‍चे को हाथों में लेने से पहले हाथों को साफ पानी से धोएं।
- स्‍तनपान कराने से पहले हाथों को सैनिटाइज करें साथ ही मास्‍क जरूर लगाएं।

खुद का ख्‍याल भी रखें-
-डॉ की सलाह से उचित मात्रा में पानी पिएं।
-डॉ की सलाह से योग, मेडिटेशन जरूर करें।
-संतुलित और उचित आहार करें।
-नियमित अंतराल से चेकअप कराते रहें।

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