July 24, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

    जरूरी कर सुधार

    • rounak group

    सम्पादकीयलेख / शौर्यपथ / कर सुधार की ओर भारत ने जो कदम उठाए हैं, वे जरूरी व स्वागतयोग्य हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में कराधान व्यवस्था को सुधारने के इरादे से जो घोषणाएं की हैं, उनसे टैक्स चुकाने वालों को निश्चित ही खुशी हो रही होगी। इन सुधारों का मुख्य लक्ष्य यदि ईमानदार करदाताओं को बढ़ावा देना है, तो इसकी जरूरत दशकों से महसूस की जा रही थी। अव्वल तो स्वयं प्रधानमंत्री ने बता दिया है कि 130 करोड़ लोगों के देश में केवल डेढ़ करोड़ कर चुकाते हैं। कर चुकाने की क्षमता इससे कहीं ज्यादा लोगों में होगी, लेकिन ज्यादातर लोग कमाई छिपाकर टैक्स चुकाने से बचते रहे हैं। कर वसूली की जो पुरानी या लगभग सामंती व्यवस्था रही है, उसमें कई बार कर चुकाने वाला भी कठघरे में खड़ा कर दिया जाता है। शहर या इलाके के आयकर अधिकारियों में बहुत ताकत होती है और वे अपना ‘टारगेट’ चुनने के लिए लगभग स्वतंत्र होते हैं। आयकर अधिकारियों की मनमानी और कई बार सरकारों की स्थानीय राजनीति के तहत भी आयकर चुकाने वाले नागरिक निशाने पर आ जाते हैं। अब नए दौर के हिसाब से हो रहे सुधारों से हम बदलाव की उम्मीद कर सकते हैं।

    सरकार करों के फेसलेस मूल्यांकन अर्थात सीधे संपर्क के बिना ही कर निर्धारण की ओर जो कदम उठा रही है, उसमें व्यावहारिक पहलुओं पर विशेष ध्यान देना होगा। ठीक इसी तरह से कर चुकाने में कोई शिकायत होने पर फेसलेस अपील की सुविधा दी जा रही है, तो जाहिर है, ऑनलाइन सिस्टम को बहुत आसान रखना होगा। इसके साथ ही टैक्स चार्टर का जमीनी लाभ दिखना जरूरी है, ताकि बाकी लोग भी कर देने के लिए प्रेरित हों। प्रधानमंत्री ने देश के लोगों से आगे बढ़कर ईमानदारी के साथ कर देने का आह्वान किया है, तो इस जरूरत को भी समझा जा सकता है। कोरोना और आर्थिक सुस्ती की वजह से सरकार के राजस्व पर असर पड़ा है। सरकार को यह भी लग रहा है कि बुरे दौर में कर वसूली पिछले वर्षों के मुकाबले घटेगी, यह स्वाभाविक भी है, इसलिए सरकार यह सुधार लेकर आई है। राजस्व बढ़ाने का एक उपाय कर दायरा बढ़ाना होता है, पर आज देश जिस दौर में है, लोगों पर नए टैक्स नहीं लादे जा सकते। अत: वर्तमान करदाताओं को ईमानदारी से और पारदर्शी कर भुगतान की सुविधा देकर सरकार ठीक ही कर रही है। प्रधानमंत्री ने यह भी इशारा किया है कि कर सुधार एक सतत प्रक्रिया है, समय-समय पर सुधार होते रहे हैं, इससे संकेत मिलता है कि अभी अन्य कर सुधार भी संभव हैं।

    इसमें कोई शक नहीं कि ईमानदार करदाता की राष्ट्र-निर्माण में बड़ी भूमिका होती है। ईमानदार करदाता के जीवन को आसान बनाने के लिए अमेरिका और कुछ अन्य देशों में बेहतर प्रावधान हैं। विकसित अर्थव्यवस्थाओं में कर चुकाने वालों की वक्त आने पर मदद करने की परंपरा है, जिसके तहत कोरोना के समय भी कर चुकाने वालों के लिए विशेष राहत, रियायत के प्रबंध किए गए हैं। भारत में भी ऐसे करदाताओं के बारे में सोचना चाहिए, जो वर्षों से कर चुका रहे थे, लेकिन इस बार रोजगार-धंधे के प्रभावित होने से नहीं चुका पा रहे हैं। करदाताओं को कर चुकाने में सुविधा-सम्मान देने के साथ अन्य प्रकार से भी प्रोत्साहित करने पर विचार करना चाहिए। कर मानव सभ्यता की पुरानी परंपरा है, यह जितनी सहज और शालीन हो, उतना अच्छा है।

     

    Rate this item
    (0 votes)

    Leave a comment

    Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision