Google Analytics —— Meta Pixel
May 26, 2026
Hindi Hindi

मां बगलामुखी की किस उपासना से मिलेगी चमत्कारी शक्तियां

  • rounak group

धर्म संसार / शौर्यपथ / मां बगलामुखी की उपासना हर कोई बताता है लेकिन आराधना और उपासना से जो चमत्कारी लाभ मिलते हैं वह कोई नहीं जानता। बगलामुखी उपासना के लिए सवा लाख जाप का विधान है।
बगलामुखी साधना के दौरान हवन में दूधमिश्रित तिल व चावल डालने पर धन, संपत्ति और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।
संतान सुख की प्राप्ति के लिए अशोक और कनेर के पत्तों द्वारा हवन करना चाहिए।
सभी रोगों से छुटकारा पाने के लिए कुम्हार के चाक की मिट्टी, एक हाथ लंबाई की अरंड की लकड़ी, शहद या चीनी में भुना हुआ चावल से हवन करना चाहिए। इससे लंबे समय से बने रोग से सदा के लिए मुक्ति मिलती है।
गुग्गुल और तिल से हवन करने पर जेल के बंधन या शत्रु के नकारात्मक प्रभाव से मुक्ति मिलती है।
शहद मिला तिल या सरसों से हवन करने से अभीष्ट व्यक्ति वशीभूत हो जाता है। वशीकरण का यह उपाय बहुत ही अचूक परिणाम देता है।
हरिताल, नमक और हल्दी से हवन करने से शत्रुओं को निष्प्रभावित किया जाता है।
36 अक्षरों वाले इस मां बगलामुखी मंत्र में है गजब की ताकत, साधना में रखें ये सावधानियां, पढ़ें विधि
सतयुग में एक समय भीषण तूफान उठा। इसके परिणामों से चिंतित हो भगवान विष्णु ने तप करने की ठानी। उन्होंने सौराष्ट्र प्रदेश में हरिद्रा नामक सरोवर के किनारे कठोर तप किया। इसी तप के फलस्वरूप सरोवर में से भगवती बगलामुखी का अवतरण हुआ। हरिद्रा यानी हल्दी होता है। अत: मां बगलामुखी के वस्त्र एवं पूजन सामग्री सभी पीले रंग के होते हैं। बगलामुखी मंत्र के जप के लिए भी हल्दी की माला का प्रयोग होता है।
प्राचीन तंत्र ग्रंथों में दस महाविद्याओं का उल्लेख मिलता है। 1. काली 2. तारा 3. षोड़षी 4. भुवनेश्वरी 5. छिन्नमस्ता 6. त्रिपुर भैरवी 7. धूमावती 8. बगलामुखी 9. मातंगी 10. कमला। मां भगवती श्री बगलामुखी का महत्व समस्त देवियों में सबसे विशिष्ट है।
साधनाकाल की सावधानियां :-
- ब्रह्मचर्य का पालन करें।
- पीले वस्त्र धारण करें।
- एक समय भोजन करें।
- बाल नहीं कटवाए।
- मंत्र के जप रात्रि के 10 से प्रात: 4 बजे के बीच करें।
- दीपक की बाती को हल्दी या पीले रंग में लपेट कर सुखा लें।
- साधना में छत्तीस अक्षर वाला मंत्र श्रेष्ठ फलदायी होता है।
- साधना अकेले में, मंदिर में, हिमालय पर या किसी सिद्ध पुरुष के साथ बैठकर की जानी चाहिए।
मंत्र-सिद्ध करने की विधि :-
- साधना में जरूरी श्री बगलामुखी का पूजन यंत्र चने की दाल से बनाया जाता है।
- अगर सक्षम हो तो ताम्रपत्र या चांदी के पत्र पर इसे अंकित करवाए।
- बगलामुखी यंत्र एवं इसकी संपूर्ण साधना यहां देना संभव नहीं है। किंतु आवश्‍यक मंत्र को संक्षिप्त में दिया जा रहा है ताकि जब साधक मंत्र संपन्न करें तब उसे सुविधा रहे।
मां बगलामुखी का प्रभावशाली मंत्र
विनियोग -
अस्य : श्री ब्रह्मास्त्र-विद्या बगलामुख्या नारद ऋषये नम: शिरसि।
त्रिष्टुप् छन्दसे नमो मुखे। श्री बगलामुखी दैवतायै नमो ह्रदये।
ह्रीं बीजाय नमो गुह्ये। स्वाहा शक्तये नम: पाद्यो:।
ॐ नम: सर्वांगं श्री बगलामुखी देवता प्रसाद सिद्धयर्थ न्यासे विनियोग:।
आवाहन
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं बगलामुखी सर्वदृष्टानां मुखं स्तम्भिनि सकल मनोहारिणी अम्बिके इहागच्छ सन्निधि कुरू सर्वार्थ साधय साधय स्वाहा।
ध्यान
सौवर्णामनसंस्थितां त्रिनयनां पीतांशुकोल्लसिनीम्
हेमावांगरूचि शशांक मुकुटां सच्चम्पकस्रग्युताम्
हस्तैर्मुद़गर पाशवज्ररसना सम्बि भ्रति भूषणै
व्याप्तांगी बगलामुखी त्रिजगतां सस्तम्भिनौ चिन्तयेत्।
मंत्र
- ह्रीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय जिह्ववां कीलय बुद्धि विनाशय ह्रीं ॐ स्वाहा।
इन 36 अक्षरों वाले मंत्र में अद्‍भुत प्रभाव है। इसको 1 लाख जाप द्वारा सिद्ध किया जाता है। जप की संपूर्णता के पश्चात् दशांश यज्ञ एवं दशांश तर्पण भी आवश्यक है। अधिक सिद्धि हेतु 5 लाख जप भी किए जा सकते हैं।
मां बगलामुखी यंत्र मुकदमों में सफलता तथा सभी प्रकार की उन्नति के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। कहते हैं इस यंत्र में इतनी क्षमता है कि यह भयंकर तूफान से भी टक्कर लेने में समर्थ है।

Rate this item
(0 votes)

Leave a comment

Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

हमारा शौर्य

हमारे बारे मे

whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
 
CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
CONTECT NO.  -  8962936808
EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)