July 17, 2026
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    कोरोना से बचने के लिए खाने में ब्लीच भी मिला रहे लोग, जानें शरीर पर पड़ता है क्या बुरा असर

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    लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / कोरोना वायरस से बचने के लिए अमेरिका में कई लोग भोजन में ब्लीच तक मिलाकर खाने लगे है। अमेरिकी एजेंसी ‘सेंटर फॉर रिसर्च एंड डीसीज कंट्रोल’ के सर्वे में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, 19 फीसदी लोग न सिर्फ भोजन में ब्लीच मिला रहे हैं बल्कि वे ब्लीच से ही खाद्य पदार्थों को धोने लगे हैं। इतना ही नहीं, घर साफ करने वाले क्लीनर से वे शरीर के खुले अंगों को डिसइंफेक्ट कर रहे हैं। कई लोगों ने तो क्लीनर को सूंघने की बात भी स्वीकार की है।

    सीडीसी ने मई में 502 वयस्कों के साथ एक ऑनलाइन सर्वेक्षण किया, जिसमें ये चौंकाने वाले परिणाम सामने आए। सर्वे में शामिल 39 प्रतिशत लोगों ने माना कि उन्होंने कोरोना वायरस को नष्ट करने के लिए सफाई से जुड़े उत्पादों का गलत इस्तेमाल किया। इनमें से एक तिहाई लोगों के शरीर पर इन उत्पादों का नकारात्मक असर भी देखा गया है। शोधकर्ताओं ने लोगों के व्यवहार में आए इस बदलाव को लेकर चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि सेनेटाइजर, ब्लीच और साफ-सफाई में प्रयोग किए जाने वाले क्लीनर का सावधानी पूर्वक इस्तेमाल होना चाहिए। इससे आप कोरोना से नहीं बच सके।

    साबुन का पानी शराब में मिलाकर पी गए-
    सर्वे में भाग लेने वाले 18 फीसदी अमेरिकियों ने कहा कि उन्होंने अपनी त्वचा पर घरेलू क्लीनर लगाए। 10 फीसदी वयस्कों ने कहा कि उन्होंने खुद पर कीटाणुनाशक स्प्रे छिड़का। छह फीसदी लोगों ने स्वीकार किया कि उन्होंने क्लीनर निगला और इसके स्प्रे से भाप ली और चार फीसदी लोगों ने एल्कोहल आदि नशीले पदार्थों में साबुन का पानी, ब्लीच व अन्य कीटनाशक द्वव्य मिलाकर पी लिए।

    शरीर पर खतरनाक असर-
    ब्लीच:
    क्लीनिंग मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट के अनुसार , ब्लीच मिश्रण सिर्फ ठोस सतहों पर इस्तेमाल करें, ब्लीच कपड़ों और नाजुक सतहों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है। इसकी भाप भी हानिकारक है। इससे गले में दर्द और मुंह का स्वाद बिगड़ने की शिकायत होती है। ब्लीच का इस्तेमाल करते समय खिड़कियां खुली रखी जाएं। ब्लीच में अमोनिया, विनेगर व जंग मिटाने वाले द्वव्य तेजाब आदि मिलाने से जहरीली गैस बन सकती है।

    क्लीनर-
    क्लीनर से सफाई करते समय पेपर टॉवल सबसे अच्छा विकल्प है। कपड़ा या पोंछा इस्तेमाल करते हैं तो उन्हें हर बार इस्तेमाल के बाद धोएं और बदलते भी रहें। कई क्लीनिंग उत्पादों के गलत इस्तेमाल से गला व आंखों में जलन, सिरदर्द के अलावा कैंसर जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है।

    सुरक्षा किट पहनकर करें सफाई : आईसीएमआर-
    कोरोना वायरस की दहशत बढ़ने के बाद भारत के अलग-अलग हिस्सों से खबरें आईं कि लोग अपने शरीर से संक्रमण हटाने के लिए सेनेटाइजर तक पी रहे हैं। इसके बाद इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने स्पष्ट चेतावनी जारी की। इसमें कहा गया कि किसी भी तरह के ब्लीच, सेनेटाइजर, क्लीनर का इस्तेमाल शरीर पर करना हानिकारक है। सतहों को विसंक्रमित करते समय लोगों को व्यक्तिगत सुरक्षा किट पहननी चाहिए।

     

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