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राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी टोपेश्वर वर्मा द्वारा मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम 2021 के प्रचार-प्रसार के लिए भारत निर्वाचन आयोग से प्राप्त कार्यक्रम की समय सारणी अनुसार कार्य संपादित करने हेतु जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व (निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) समस्त तहसीलदार (सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) को पत्र प्रेषित कर ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार करने कहा गया है।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार फोटोयुक्त मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अर्हता तिथि 1 जनवरी 2021 का 'पुनरीक्षण-2021Ó कार्यक्रम संपन्न कराया जा रहा है। जिसके अंतर्गत अर्हता तिथि 1 जनवरी 2021 की स्थिति में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य मतदान केन्द्रों में नियुक्त बी.एल.ओ. के द्वारा किया जा रहा है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अर्हता तिथि 1 जनवरी 2021 हेतु कार्यक्रम जारी किया गया है। 12 दिसम्बर एवं 13 दिसम्बर 2020 को विशेष अभियान का आयोजन किया गया है। 5 जनवरी को दावा आपत्ति का निराकरण किया जाएगा। 14 जनवरी को आयोग के मापदंड अनुसार अंतिम प्रकाशन के लिए जांच, अद्यतन डेटाबेस एवं पूरक सूची की छपाई की जाएगी। 15 जनवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
नए मतदाताओं का नाम जोड़ा जाएगा, संशोधन व विलोपन के कार्य होंगे-
मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य त्रुटिरहित मतदाता सूची का निर्माण करना एवं पात्र मतदाताओं का नाम जोडऩा है। मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान ऐसे नागरिक जिनकी उम्र 1 जनवरी 2021 को 18 वर्ष पूर्ण हो जाएगी वे अपना नाम मतदाता सूची मेंं जोडऩे हेतु फार्म 6 भरकर अपने नजदीक के मतदान केन्द्र में बी.एल.ओ. के पास जमा कर सकते हैं। जिन मतदाताओं की मृत्यु हो गई हो या अपने मतदान केन्द्र से बाहर निवास कर रहे हैं जिनका विवाह हो गया हो व अपने ससुराल चली गई हो ऐसे मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से विलोपित किया जाना है, इस हेतु संबंधित के पारिवरिक सदस्य के द्वारा फार्म 07 में जानकारी दर्ज कर जमा करना होगा। उसी विधानसभा क्षेत्र में निवास स्थल बदलने पर फार्म 08 क एवं मतदाता सूची में नाम, पता फोटो आदि में सुधार करवाने हेतु फार्म 08 भरकर जमा करना होगा। सभी फार्म समस्त मतदान केन्द्र में नियुक्त बी.एल.ओ. के पास उपलब्ध है।
निर्वाचन से संबंधित फार्म ऑनलाइन भरने की सुविधा-
मतदाता सूची में नाम जोडऩे, काटने एवं त्रुटि सुधार का कार्य वर्ष भर सतत रूप से चलता रहता है। ऑनलाइन फार्म भरने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एनवीएसपी (राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल) एवं वोटर हेल्पलाइन मोबाईल एप संचालित किया जा रहा है। इस पोर्टल व एप की मदद से मतदाता सूची में आवश्यक संशोधन व सुधार नाम जोडऩे अथवा पता परिवर्तन करने का कार्य स्वयं कर सकते हैं।
लोक सेवा केन्द्र में निर्वाचन से संबंधित फार्म भरने की सुविधा -
मतदाता सूची में नाम जोडऩे, काटने एवं त्रुटि सुधार का कार्य वर्ष भर सतत रूप से चलता रहता है। ऑनलाइन फार्म भरने हेतु भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एनवीएसपी (राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल) एवं वोटर हेल्पलाइन मोबाईल एप संचालित किया जा रहा है। इस पोर्टल व एप की मदद से मतदाता सूची में आवश्यक संशोधन व सुधार नाम जोडऩे अथवा पता परिवर्तन करने का कार्य स्वयं कर सकते हैं। अधिक जानकारी मतदाता हेल्पलाइन नं (टोल फ्री) 1950 से प्राप्त कर सकते हैं।
मतदाताओं की सुविधा हेतु निर्वाचन से संबंधित सेवाओं जैसे मतदाता सूची में पंजीकरण इपिक कार्ड प्रिटिंग तथा मतदाता सूची से संबंधित अन्य सुविधा निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार लोक सेवा केन्द्रों में दी जा रही है। नाम जुड़वाने के लिए फार्म 06, प्रवासी मतदाता पंजीयन के लिए फार्म 06 क, मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए फार्म 07, मतदाता सूची में नाम-पता, फोटो ठीक करवाने के लिए फार्म 08 उसी विधानसभा क्षेत्र में निवास स्थल बदलने पर फार्म 08 क, ऑनलाइन भरने का कार्य लोक सेवा केन्द्रों में संपादित हो रहे हैं। निर्वाचन से संबंधित आवश्यक कार्य जैसे डुप्लीकेट वोटर कार्ड प्रिटिंग कर जारी करना/मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने एवं नाम कटवाने एवं त्रुटि सुधार एवं पता परिवर्तन कार्य लोक सेवा केन्द्र में न्यूनतम शुल्क देकर कराए जा सकते हैैं। मतदाता सूची से संबंधित सुविधाएं प्राप्त करने हेतु अपने नजदीक के लोक सेवा केन्द्र में जाएं एवं आयोग द्वारा दी जा रही सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाए।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने निजी विद्यालयों को अपने आरटीई पोर्टल पर शिक्षा विभाग राज्य कार्यालय द्वारा प्रदर्शित सूची के अनुसार शत प्रतिशत प्रवेश की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जारी आदेश में उन्होंने कहा है कि आदेश का पालन नहीं करने पर मान्यता निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
जारी आदेश में कलेक्टर ने कहा है जिले में संचालित समस्त निजी विद्यालयों के 25 प्रतिशत आरक्षित सीट पर शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 12 (1) के तहत वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बालकों का नि:शुल्क प्रवेश हेतु राज्य कार्यालय से माह अगस्त 2020 को संपन्न ऑनलाईन लॉटरी द्वारा बच्चों का चयन उपरांत संबंधित निजी विद्यालय के आरटीई पोर्टल पर प्रवेश की कार्रवाई हेतु चयनित बालकों की सूची प्रदर्शित हो रही है। परन्तु यह अत्यंत खेदजनक है कि बार-बार निर्देशित किए जाने के बाद भी विद्यालयों द्वारा ऑनलाईन एडमिटेड की कार्रवाई नहीं की गई है। कार्यालयीन आदेश एवं निर्देश की अवमानना, शिक्षा का अधिकार जैसे महत्वपूर्ण योजना के पालन में उदासीनता, छात्रहित की योजनाओं पर कुठाराघात, वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बालकों का अहित करने संबंधी कृत का दोषी मानते हुए विद्यालयों को प्रदान की गई मान्यता निरस्तीकरण की कार्रवाई छत्तीसगढ़ नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार नियम 2010 भाग पंाच (16) में उल्लेखित रीति अनुसार प्रारंभ की जाएगी। जिसके लिए समग्र रूप से आप जिम्मेदार होंगे।
पेंड्रीडीह की महिलाओं को गोधन न्याय योजना के तहत मिली 1 लाख 32 हजार 282 रूपए की राशि
बाड़ी की साग-सब्जी बनी आय का जरिया
राजनांदगांव / शौर्यपथ / ग्रामीण संस्कृति, परिवेश एवं संसाधनों के अनुरूप जब ग्रामीण विकास की दिशा तय की जाती है, तब उसकी परिणति सामाजिक परिवर्तन के रूप में होती है। शासन की किसान हितैषी नरवा, घुरवा, गरुआ एवं बाड़ी योजना गावों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही है और खुशहाली एवं समृद्धि ला रही है। वहीं सामाजिक चेतना की मशाल भी है, जिसकी रोशनी से ग्रामीण महिलाओं को आगे बढऩे का आत्मविश्वास और संबल मिला है। इसकी एक बानगी छुरिया विकासखंड के ग्राम पेंड्रीडीह में दिखी, जहाँ महिलाओं की जिंदगी बदल रही है। मेहनतकश महिलाओं का कारवां सफलता की राह पर आगे बढ़ा है। पेंड्रीडीह आदर्श गौठान में 5 महिला स्व सहायता समूह कार्यरत है।
गौठान से लगे 6 एकड़ की सामुदायिक बाड़ी में जैविक खाद से साग-सब्जी का उत्पादन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा ने अपने भ्रमण के दौरान समूह की महिलाओं को सब्जी उत्पादन के लिये प्रोत्साहित किया था। बाड़ी में टमाटर, बैंगन, बरबट्टी, मूली, जिमीकंद का उत्पादन हो रहा है। स्वादिष्ट सब्जियां होने के कारण इनकी आस-पास के बाजार में मांग बढ़ी है और समूह की आय में वृद्धि हुई है। गोधन न्याय योजना के तहत गौठान में एकत्रित गोबर से समूह की महिलाओं को 1 लाख 32 हजार 282 रूपए की राशि मिली। राधाकृष्ण आदर्श गौठान समिति में 703.20 क्विंटल गोबर खरीदी गई, जिसमें से 390 क्विंटल गोबर का वर्मी टैंक में भराई किया गया है और वर्मी कम्पोस्ट तैयार किया जा रहा है। माँ भवानी स्वसहायता समूह के सदस्यों द्वारा टैंक में 65 किलो वर्मी डाला गया है और 243 किलो वर्मी खाद तैयार कर लिया गया है, जिसे सैम्पल जांच के लिए भेजा गया है। जनपद सीईओ छुरिया श्री प्रतीक प्रधान ने बताया कि अभी गौठान में 5 समूह जिनमें राधाकृष्ण स्वसहायता समूह, जय माँ दंतेश्वरी स्वसहायता समूह, जय माँ गायत्री स्वसहायता समूह, जय माँ शीतला एवं जय लक्ष्मी स्वसहायता समूह कार्यरत है और बहुत अच्छा कार्य कर रही हैं। एनजीजीबी की टीम इनका सहयोग कर रही है।
नई दिल्ली / शौर्यपथ / कृषि कानून के विरोध में किसानों के 'दिल्ली चलो' मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राज्य सरकार से शहर के नौ स्टोडियम को अस्थायी जेल के तौर पर इस्तेमाल करने की मांग की है ताकि पंजाब और हरियाणा से आने वाले प्रदर्शनकारी किसानों को यहां रखा जा सके. दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने इन स्टेडियमों को जेल में बदलने की अनुमति देने से मना कर दिया है. दिल्ली पुलिस के अनुरोध का आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं ने विरोध भी किया है.
आम आदमी पार्टी के विधायक और राष्ट्रीय प्रवक्ता राघव चड्ढा ने शुक्रवार को किसानों के प्रदर्शन करने के अधिकारों का बचाव किया है और स्टेडियम को अस्थायी जेल में बदलने का अनुरोध करने का विरोध किया.
उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, "मैं दिल्ली सरकार से अस्थायी जेल स्थापित करने की अनुमति देने से इनकार करने का आग्रह करता हूं. हमारे देश के किसान न तो अपराधी हैं और न ही आतंकवादी. भारतीय संविधान में शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन का अधिकार अनुच्छेद 19 (1) में निहित है और विरोध प्रदर्शन एक स्वतंत्र, लोकतांत्रिक समाज की पहचान है.
आम आदमी पार्टी के एक और विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मुझे लगता है कि हमारे किसानों के लिए यह सबसे अमानवीय बात है. दिल्ली पुलिस को खुद को दिल वाली पुलिस कहना बंद कर देना चाहिए."
दिल्ली की ओर कूच कर रहे किसानों पर पानी की बौछारों और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया, जबकि कई किसान पुलिस के अवरोधों को तोड़कर आगे बढ़ने में सफल रहे. देर शाम तक, पंजाब और हरियाणा से बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी दिल्ली के करीब पहुंच गए हैं.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / केंद्र के कृषि कानून के खिलाफ 'दिल्ली चलो' मार्च निकाल रहे किसान राष्ट्रीय राजधानी के बाहरी हिस्सों तक पहुंच गए हैं. हजारों की संख्या में किसान दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं. कोरोना संकट के मध्य निकल रहे इस मार्च को लेकर एक किसान ने एनडीटीवी से शुक्रवार को कहा कि हमें कोविड महामारी से ज्यादा, अपने साथ हो रहे भेदभाव और आजीविका के नुकसान से डर लगता है. कृषि कानून के विरोध में पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत 6 राज्यों के किसानों ने दिल्ली की ओर कूच किया है.
एक किसान ने एनडीटीवी से कहा, "हमें कोविड से डर नहीं लगता, लेकिन हमारे साथ जो भेदभाव हो रहा है, उससे लगता है. हम सभी किसान... यहां एकत्र सभी लोग किसान. यहां कोई राजनीति नहीं हो रही है... इस सब में किसी राजनीतिक पार्टी की कोई भूमिका नहीं है. यह किसानों का आंदोलन है. जो भी कहता है कि इसमें राजनीति है उसके दिल में किसानों के लिए कल्याण की भावना नहीं है."
दिल्ली कूच कर रहे आंदोलनरत किसानों को पुलिस ने रास्ते में रोकने के पुख्ता इंतजाम किए हैं. रास्ते में किसानों पर कहीं लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे गए हैं तो कहीं कंटीले तारों से उनके रास्तों की बैरिकेडिंग की गई है. कई जगहों पर बैरिकेड्स हटाने के दौरान पुलिस और किसानों में झड़पें भी हुई हैं.
दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी गौरव शर्मा ने कहा, "हम दिल्ली के लोगों की जान को खतरे में नहीं डालेंगे. हम किसी भी कीमत पर प्रदर्शनकारियों को दिल्ली में आने की इजाजत नहीं देंगे." उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान, केरल और पंजाब के किसानों ने गुरुवार को दिल्ली के लिए मार्च शुरू किया.
नई दिल्ली/ शौर्यपथ / कृषि कानून के विरोध में दिल्ली कूच करने वाले आंदोलनरत किसानों को शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अनुमति मिल गई है. दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता ईश सिंघल ने कहा कि किसान नेताओं से बातचीत के बाद दिल्ली पुलिस ने किसानों को बुराड़ी के निरंकारी ग्राउंड में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन की परमिशन दे दी गई है. साथ ही उन्होंने सभी किसानों से शांति बनाये रखने की अपील की है. परमिशन मिलने के बाद किसान अब बुराड़ी अपने ट्रेक्टर और गाड़ियों से जा रहे हैं. किसानों से कहा गया है कि वे दिल्ली आ सकते हैं. इसके बाद भी किसानों पर आंसू गैस के गोले दागे जा रहे हैं.
दिल्ली पुलिस की ओर से प्रवेश की इजाजत मिलने के बाद दिल्ली हरिद्वार राजमार्ग खोल दिया गया है. किसानों का चक्काजाम खत्म हो गया है. शनिवार सुबह उत्तर प्रदेश और उत्तरांचल के किसान दिल्ली के लिए रवाना होंगे. आज रात किसान मेरठ में रुकेंगे.
इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने बताया था कि सभी आंदोलनकारी किसान नेताओं से दिल्ली पुलिस के अधिकारियों की बातचीत चल रही है. यह बातचीत बुराड़ी इलाके में खाली ग्राउंड पर आंदोलनकारी किसानों को शिफ्ट करने को लेकर चल रही है. बातचीत के बाद आगे की योजना तय होगी.
किसानों के 'दिल्ली चलो' मार्च को देखते हुए दिल्ली-हरियाणा सीमा पर भारी मात्रा में पुलिस बल की तैनाती की गई. कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की भी खबरें आईं. किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले और पानी की बौछारें की गईं. टैक्टर में खाने पीने और अन्य जरूरी सामान लेकर चल रहे किसानों ने कई जगहों से दिल्ली में प्रवेश की कोशिश की थी.
इस बीच, दिल्ली सरकार ने राज्य के 9 स्टेडियम को अस्थायी जेल में बदलने की दिल्ली पुलिस की अर्जी को नामंजूर कर दिया है. दिल्ली पुलिस ने किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली सरकार से 9 स्टेडियम को अस्थायी जेल में तब्दील करने के लिए अनुरोध किया था. आम आदमी पार्टी के कई नेताओं ने दिल्ली पुलिस की इस मांग पर आपत्ति भी जताई.
लाइफस्टाइल /शौर्यपथ / अगर आपका बच्चा दिखने में मोटा- तगड़ा लगता है, मगर उसे नींद नहीं आती है, चिड़चिड़ा है, खेलने में थक जाता है, रात में थकान की शिकायत करता है। पैरों में मालिश के बाद सोता है तो सतर्क होने की जरूरत है। यह बच्चे के शरीर में विटामिन डी की मात्रा बेहद कम होने के संकेत हैं जो आगे चलकर गंभीर बीमारियां दे सकते हैं।
30 फीसदी बच्चे दिखने में सामान्य मगर विटामिन डी की बेहद कमी वाले मिले हैं। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में हुए एक रिसर्च में यह खुलासा हुआ है। पांच साल से कम उम्र के बच्चों पर हुए रिसर्च में दो तरह के बच्चों को शामिल किया गया है। एक तो ऐसे बच्चे जो दिखने में सामान्य थे।
मानक का 50 फीसदी भी विटामिन डी नहीं मिल रहा है। बच्चा दिखने में स्वस्थ है मगर उसकी हडिडयां भुरभुरी हो रही हैं। विटामिन डी की कमी से बच्चों को कई तरह की बीमारियां घेरती हैं। भर्ती होने वाले या ओपीडी में आने वाले बच्चों की जांच की जाती है तो यह कमी दिख जाती है। यही बच्चे अति गम्भीर होकर भर्ती होते हैं। विटामिन डी की कमी पूरा होते ही बच्चे ठीक हो जाते हैं।रिसर्च में सभी पैरामीटर का इस्तेमाल किया गया है। इसे एकेडमी आफ पीडियाट्रिक्स के वाषिक सम्मेलन में रखा जाएगा।
सैम बच्चों में लक्षण नहीं मिले
सीवियर एक्यूट मेल न्यूट्रीशन यानी सैम बच्चों में विटामिन डी की कमी के लक्षण नहीं पाए गए, मगर उनके विटामिन डी की घोर कमी मिली है। इन बच्चों को सैम से बाहर निकालने और जीवन के खतरे से बचाने में तीन से छह महीने तक मशक्कत करनी पड़ी।
बच्चों में इन बीमारियों का खतरा
रोग प्रतिरोधक क्षमता शून्य तक पहुंच सकती है। विकास रुक सकता है। निमोनिया, डायरिया, कार्डियोमायोपैथी, बार बार फ्रैक्चर, अनिद्रा, स्किन बीमारी, साइनस इंसफेक्शन, मेनेनजाइटिस और ब्लड डिसआर्डर सम्बंधी बीमारी।
डाइट बेहतर करें, धूप में रहने दें
रिसर्च में यह बात सामने आई है कि बच्चों को पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी नहीं मिली। विटामिन डी की कमी पूरा करने के लिए इमरजेंसी में सप्लीमेंट दे सकते हैं मगर उससे अच्छा है कि बच्चों की डाइट बेहतर करें। सबसे अधिक जरूरी धूप है। कम से कम 45 मिनट उसे रोजाना सुबह की धूप दें। धूप में ही सुबह होम वर्क कराएं और उसे खेलने दें।
इस तरह हुआ रिसर्च
-120 बच्चे शामिल किए
-0-5 साल के बच्चे रिसर्च में लिए गए
-03 साल तक बच्चों की मॉनीटरिंग
-60 बच्चे दिखने में सामान्य स्वस्थ थे
-60 बच्चे कुपोषित और अति कुपोषित थे
यह रहा रिजल्ट
-30 फीसदी सामान्य दिखने वाले बच्चों में विटामिन डी की मात्रा बेहद कम
-विटामिन डी की मात्रा 70 फीसदी कुपोषित बच्चों में सामान्य से बेहद न्यूनतम स्तर पर मिली
-90 फीसदी अति कुपोषित यानी सीवियर एक्यूट मेलन्यूट्रीशन यानी सैम बच्चों में कम थी विटामिन डी
सेहत / शौर्यपथ / विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सभी उम्र के लोगों के लिए फिजिकल एक्सरसाइज को लेकर सिफारिशें लागू की हैं। डब्लूएचओ ने कहा है कि कोरोना महामारी के दौर में सभी को व्यायाम और शारीरिक गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए। इसके साथ महिलाओं को कहा है कि प्रेग्नेंसी के दौरान और उससे पहले वह शारीरिक तौर पर एक्टिव रहें और कुछ-न-कुछ गतिविधि करती रहें, इससे वह स्वस्थ रहेंगी।
डब्लूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस ऐडनॉम ने कहा कि शारीरिक रूप से सक्रिय होना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, हमारे जीवन में कुछ साल और जोड़ देता है। हर कदम मायने रखता है, हमें हर दिन बेहद सुरक्षित और रचनात्मक ढंग से आगे बढ़ना है और कोरोना वायरस से लड़ना है।
डब्लूएचओ ने नए दिशानिर्देश जारी कर सभी को कोरोना वायरस से लड़ने के लिए प्रोत्साहित किया है। इसके साथ उन्होंने कहा कि व्यायाम, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है और अगर हम ऐसा नहीं करते हैं तो इसके दुष्परिणाम हमें झेलने पड़ सकते हैं।
डब्लूएचओ के अनुसार, अगर लोग शारीरिक तौर पर अधिक सक्रिय होते तो साल में चार से पांच मिलियन लोगों को मरने से बचाया जा सकता था।
WHO की नई गाइडलाइन्स
1. बच्चों के लिए
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार बच्चों को प्रति दिन कम से कम 60 मिनट और सप्ताह में कम से कम तीन दिन जोरदार एरोबिक एक्सरसाइज करनी चाहिए। इन एक्सरसाइज से बच्चों की मांसपेशियां और हड्डियां मजबूत होंगी।
2. 18 से 64 वाले लोग
18 से 64 वर्ष वाले लोगों के लिए डब्लूएचओ ने कहा है कि इन्हे हर हफ्ते कम से कम 130 से 300 मिनट तक मॉडरेट इंटेंसिटी वाली एरोबिक एक्सरसाइज करनी चाहिए। इससे वह स्वस्थ रहेंगे। इसके सेहत ही 75-150 मिनट वाली अधिक-तीव्रता वाली एरोबिक एक्सरसाइज करनी चाहिए। हर हस्ते.2 दिन माशपेशियों वाली एक्सरसाइज करना भी बेहद जरूरी है।
3. 65 वर्ष से अधिक
स्वस्थ लोग जो 65 वर्ष से अधिक होते हैं, उन्हें उतना ही एक्सरसाइज और शारीरिक गतिविधियों में ध्यान देना चाहिए जितना कि 18 से 64 वर्ष तक के लोग देते हैं। उन्हें सप्ताह में कम से कम तीन दिन फिजिकल एक्सरसाइज करनी चाहिए। यह उन्हें स्वस्थ रहने में मदद करेगी।
4. गर्भवती महिलाएं
डब्लूएचओ ने गर्भवती महिलाओं को विशेष सलाह देते हुए कहा है कि प्रेग्नेंसी के दौरान भी महिलाओं को 1 हफ्ते में कम-से-कम 150 मिनट मध्यम-तीव्रता वाली एरोबिक एक्सरसाइज करनी चाहिए।
सेहत /शौर्यपथ /‘शाकाहार खाने में मांसाहार की तरह प्रोटीन नहीं होता इसलिए आपको नॉनवेज खाना शुरू कर देना चाहिए’ आपने अपने दोस्तों या फिर किसी ओर को ऐसा ही कुछ कहते हुए सुना होगा कि प्रोटीन की पूर्ति के लिए नॉनवेज खाना बहुत जरूरी है लेकिन फिर भी आपका दिल नॉनवेज खाने को नहीं करता, अगर आपके या आपके किसी दोस्त के साथ कुछ ऐसा ही है, तो आपको जानकर खुशी होगी कि शाकाहार यानी वेज खाने की कुछ चीजों में भरपूर मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है। आइए, जानते हैं प्रोटीन से भरे शाकाहार स्रोत-
हल्की आंच में भुने आलू
आपको जानकर हैरानी होगी कि मीडियम साइज में कटे और हल्की आंच में भुने हुए आलू में प्रोटीन, पोटेशियम, विटामिन सी और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है।
ब्रोकली
अगर अभी तक आप ब्रोकली खाने से परहेज कर रहे थे, तो आपको ब्रोकली खानी शुरू कर देनी चाहिए। आपको ब्रोकली में प्रोटीन की मात्रा और आयरन मिलेगा।
फूलगोभी
ज्यादातर लोगों को फूलगोभी पसंद होती है। इस सब्जी में प्रोटीन, कैलोरीज, पोटेशियम, मैग्नीशियम, फाइबर और आयरन के गुण होते हैं।
मशरूम
आप अगर बार-बार बीमार पड़ते हैं, तो आपको मशरूम खाना शुरू कर देना चाहिए। इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन होता है।
पालक
पालक में प्रोटीन के अलावा आयरन, फाइबर और विटामिन बी पाया जाता है।
मक्का
सर्दियों में मक्का खाना सेहत के लिए बहुत अच्छा है। इसमें प्रोटीन और फाइबर काफी मात्रा में पाया जाता है।
मटर
आलू हो या पनीर, मटर किसे अच्छा नहीं लगता। मटर प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत है।
वास्तु शास्त्र /शौर्यपथ / देशी फेंगशुई कहें या फिर हमारे शास्त्रों में पहले से ही दर्ज की कई व्यवस्थाओं की, वे आज के फेंगशुई से ज्यादा बेहतर और प्रभावकारी हैं। इनमें से कुछ हैं दर्पण, काले घोड़े की नाल और घंटी। हमारे जीवन में ये कुछ ऐसी अनोखी वस्तुएं हैं जिनका हम नित्य प्रयोग करते हैं। किंतु उनके उपयोगी उपायों को कम लोग ही जानते हैं। ज्योतिषाचार्य पं.शिवकुमार शर्मा से जानिए दर्पण, घंटी और घोड़े की नाल का महत्व।
दर्पण:चेहरा देखने वाला दर्पण वास्तु शास्त्र में बहुत ही उपयोगी माना गया है। दिशाओं को बढ़ाने का भ्रम करने वाला यह दर्पण कई बार तो चौकाने वाले प्रभाव दिखाता है। यदि घर का उत्तर पूर्व का कोना कटा हुआ है तो उस दिशा में एक बड़ा लुकिंग मिरर लगा देने से दिशा भ्रम हो जाता है। वह दिशा बढ़ती हुई प्रतीत होती है। इससे उसका वास्तु दोष समाप्त हो जाता है। यदि घर के सामने कोई खंबा, पेड़, किसी मकान का कोना, कूड़, खंडहर हो तो घर के मुख्य द्वार की चौखट के ऊपर एक गोल शीशा लगा देने से घर में आने वाली नकारात्मक शीशे से टकराकर बाहर चली जाती है। डाइनिंग रूम में उत्तर-पूरब की दीवार पर ओवल शेप का एक बड़ा शीशा लगा देना चाहिए, इससे भोजन करने वालों का और भोजन का प्रतिबिंब उसमें दिखाइए इससे घर में समृद्धि बढ़ती है। ड्रेसिंग रूम में शीशा सदैव उत्तर अथवा पूर्व की दीवार पर ही लगाना शुभ होता है। भूलकर भी शीशे को दक्षिणी दीवार पर न लगाएं। कभी भी शयन कक्ष में शीशा न लगाएं उस कक्ष में सोने वाले व्यक्तियों के संबंधों पर बुरा असर पड़ता है।
घंटी: घंटा अथवा घंटी ऐसी वस्तु है जो प्राय मंदिरों में और अपने घरों के मंदिर में आसानी से मिल जाती है। इसका प्रयोग हम आरती के समय या मंदिर में प्रवेश के समय,भगवान जी को भोग लगाने के समय करते हैं। इसके अलावा भी घंटी के कई उपयोग हैं। घंटी वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा भर देती है। जहां पर घंटी या घंटे की ध्वनि होती है वहां से नकारात्मक शक्तियां दूर चली जाती हैं। इसलिए हमें प्रात:काल उठकर स्नान करने के बाद अपने घर की घंटी को घर के मुख्य द्वार और मंदिर में अवश्य बजाएं। घर के मुख्य द्वार में के सामने दो अथवा तीन द्वार एक सीध में हो तो एक पीतल की छोटी घंटी बीच के द्वार पर टांग दें। यदि आपके छोटे बच्चे पढ़ाई में कमजोर हैं तो एक उपाय करें। जब वह अपनी पढ़ने को बैठें तो कम से कम एक मिनट पीतल की घंटी उसकी स्टडी टेबल के पास बजाएं। वहां का वातावरण हो उर्जित हो जाएगा और बच्चों का मन एकाग्र होकर पढ़ाई में लगेगा।
काले घोड़े की नाल: प्राचीन काल से ही घोड़े की नाल अथवा नाव की कील को बहुत ही मान्यता प्राप्त हुई है। घोड़े की नाल घोड़े के पैर में रहती है और घिस-घिसकर ऊर्जावान हो जाती है। इसी प्रकार नाव की कील लगातार पानी के थपेड़े खाकर के ऊर्जित हो जाती है। यदि काले घोड़े की नाल मिल जाए तो बहुत अच्छी होती है। घर के द्वार के वास्तु दोष को समाप्त करने के लिए घर के द्वार पर टांग देते हैं। U शेप की घोड़े के नाल घरों में नीचे की ओर करके लगाते हैं। फैक्ट्री अथवा कार्यालय में ऊपर की ओर करके लगाते हैं। ऐसा माना जाता है घोड़े की नाल से घर हमारा बुरी ऊर्जाओं से संरक्षित हो जाता है। शनि की महादशा अथवा साढ़ेसाती के समय घोड़े की नाल की अंगूठी या छल्ला बनाकर भी लोग पहनते हैं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
