August 12, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    रायपुर / शौर्यपथ / हमेशा की तरह इस बार भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज दुर्ग जिले के ग्राम जजंगिरी, कुम्हारी पहुंचकर सबकी मंगलकामना के लिए सांटा का प्रहार झेलने की परंपरा निभाई। हर बार गांव के बुजुर्ग श्री भरोसा ठाकुर यह प्रहार करते थे, उनके निधन के कारण इस साल यह परंपरा उनके बेटे श्री बीरेंद्र ठाकुर ने निभाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुंदर परंपरा सबकी खुशहाली के लिए मनाई जाती है। इस बात का दुख है कि इस बार श्री भरोसा ठाकुर हमारे बीच नहीं हैं। खुशी इस बात की है कि उनके सुपुत्र श्री बीरेंद्र, उनका परिवार और जजंगिरी के ग्रामीण इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार दीवाली कोरोना काल में आई है। हमेशा मास्क पहने रहे, हाथ साबुन से धोएं तथा फिजिकल दूरी का पालन करें।
    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कुम्हारी में गौरा गौरी की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की।

    मुख्यमंत्री ने सपरिवार गौरा-गौरी और गोवर्धन पूजा की और गौमाता को खिचड़ी खिलाई
    पारंपरिक लोक धुनों के बीच सुआ नर्तक दल और राउत नर्तक दलों ने बांधा समा: मुख्यमंत्री ने नर्तक दलों का उत्साह बढ़ाया

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रायपुर स्थित निवास पर आज देवारी तिहार और गोवर्धन पूजा का उत्सव पारंपरिक हर्षाेल्लास के बीच धूमधाम और उत्साह पूर्वक मनाया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती मुक्तेश्वरी बघेल और परिवार के सदस्यों के साथ गौरा-गौरी और गोवर्धन पूजा की और गौमाता को खिचड़ी खिलाकर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना की।
    राउत नाचा दल और सुआ नर्तक दल ने आकर्षक धुनों के साथ परंपरागत नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक वेशभूषा में राउत नर्तक दलों के बीच पहुंचकर उनका उत्साह बढ़ाया।
    पूजा स्थल ग्रामीण क्षेत्रों के घरों के परिवेश की भांति आकर्षक और भव्य रूप से सजाया गया था। खपरेल की छत थी, तुलसी चौरा बनाया गया था, दो अगल-अलग चौरों पर गौरा-गौरी और गोवर्धन पूजा, गांव के रक्षक साहड़ा देव की पूजा की व्यवस्था थी, जहां मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना की। गाय की सार की छत में छिंद की पत्तियों से छाया की गई थी और सार को गोबर से लीप के सुंदर रंगोली बनाई गई थी। घर में धन-धान्य संपन्नता की प्रतीक धान की बालियों की झालर बांधी गई थी आम, चिरचिड़ा और सुरसुरी की टहनी से ग्रामीण परिवेश की छवि प्रस्तुत की गई थी।
    मुख्यमंत्री ने यहां सार में गायों को खिचड़ी खिलाई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी संस्कृति के अनुरूप श्री बघेल ने प्रतिनिधियों के साथ देवारी और गोवर्धन पूजा की रस्म अदा की। मुख्यमंत्री ने लोगों को दीपावली और गोवर्धन पूजा की बधाई और शुभकामनाएं दीं।
    इस अवसर पर वनमंत्री मोहम्मद अकबर, आदिम जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, संसदीय सचिव विकास उपाध्याय, विधायक सत्यनारायण शर्मा और कुंवर सिंह निषाद, राज्य गृह निर्माण मण्डल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, राज्य ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राजेन्द्र तिवारी, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती किरणमयी नायक, महापौर एजाज ढेबर, सभापति प्रमोद दुबे, मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा, मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल, अपर मुख्य सचिव द्वय अमिताभ जैन और सुब्रत साहू, कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती एम. गीता, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारियों सहित प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे।

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को 15 नवम्बर को गोवर्धन पूजा और गौठान दिवस के अवसर पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं और प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि गोवर्धन पूजा लोकजीवन से जुड़ा त्यौहार है। दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा की जाती है, इसे अन्नकूट के रूप में में जाना जाता है। छत्तीसगढ़ में इस दिन गायों की पूजा करने की परम्परा रही है। गायों को सजा-धजा कर उनकी पूजा कर खिचड़ी खिलाई जाती है और गोधन के रूप में अमूल्य चीजों के लिए श्रद्धा और आभार प्रकट किया जाता है।
    मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार ने गोधन को सहेजने और उसका लाभ लोगों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है। सुराजी गांव योजना के तहत प्रदेश में गौठान बनाये जा रहे हैं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के साथ ही फसलों की रक्षा हो सके। पशुपालन को अर्थव्यवस्था से जोड़ने, लोगों को रोजगार दिलाने और जैविक खेती को बढ़वा देने के प्रयास किये जा रहे हैं। गौ पालकों से गोबर खरीद कर वर्मी कम्पोस्ट और दूसरे उपयोगी सामान बनाने की पहल की गई है। इसका फायदा छत्तीसगढ़ के निवासियों को मिलने लगा है। श्री बघेल ने कहा कि गोवर्धन पूजा में खिचड़ी खिलाने की तरह ही हम सभी को साल के 365 दिन गायों के लिये छाया, चारा और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।

    इन दीपों से जगमग होगा हमर राम के ननिहाल में मां कौशल्या माता का मंदिर
    पहली बार यह एक साथ 3636 दीयों से जगमगाएगा मंदिर प्रांगण
    छत्तीसगढ़ के 36 गढ़ों के प्रतीकों के स्वरूप में 100-100 दीयों का होगा प्रज्वलन
    मुख्यमंत्री ने समिति के संयोजक महंत श्री रामसुंदर दास को सौंपे 36 दीये

    रायपुर / शौर्यपथ / चौदह वर्षों के वनवास के बाद भगवान राम के अयोध्या लौटने की खुशी में हिंदू धर्म का सबसे बड़ा त्यौहार दीपावली के पावन अवसर पर हमर राम समिति के द्वारा छत्तीसगढ़ के चंदखुरी स्थित माता कौशल्या मंदिर प्रांगण में दीपावली की पावन संध्या पर छत्तीसगढ़ के 36 गढ़ों के प्रतीक स्वरूप 100-100 दीये जलाए जाएंगे।
    छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद पहली बार होने जा रहे इस आयोजन के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय पर खुद 36 दीयों का दान किया। मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से समिति के संयोजक और छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास सहित सर्वश्री आर.पी. सिंह और विनोद तिवारी को 36 दीये दान किए। इस अवसर पर विधायक द्वय भुवनेश्वर बघेल और इंदर शाह मंडावी, महापौर एजाज ढेबर उपस्थित थे।
    समिति के संयोजकों में शामिल आर.पी. सिंह ने बताया कि दीपावली के पावन अवसर पर माता कौशल्या मंदिर में आज यह आयोजन किया जा रहा है।

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में देश के प्रथम प्रधानमंत्री पण्डित जवाहरलाल नेहरू की जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया है।
    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि पंडित नेहरू को बच्चे बहुत प्रिय थे, वे बच्चों को देश का भावी निर्माता मानते थे। बच्चे भी उन्हें चाचा नेहरू कहते थे। इसी स्नेह और प्रेम के कारण पंडित नेहरू का जन्मदिन बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चे शिक्षित और स्वस्थ होंगे तो देश का भविष्य उज्ज्वल होगा। उन्होंने बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि बच्चे शिक्षा, अपने कौशल से अपनी अलग पहचान बनाएं।
    इस अवसर पर गौसेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास, विधायक द्वय भुवनेश्वर बघेल और इंदर शाह मंडावी, महापौर एजाज ढेबर, आर.पी.सिंह उपस्थित थे।

    भोपाल / शौर्यपथ / मध्य प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव के दौरान ढिलाई का नतीजा है कि लोग मास्क पहनना ही भूल गए हैं. बाजारों से लेकर हर जगह भीड़ बिना मास्क घूम रही है. यही वजह है कि मध्यप्रदेश में नवंबर में पहली बार कोरोना के रोजाना मरीज़ों का आंकड़ा 1000 के पार गया है. राजधानी भोपाल सहित 6 जिलों से 54% मामले सामने आए हैं.
    भोपाल के बाजार में त्योहारी सीजन और शुरुआती ठंड के बीच हर तरफ भीड़ नजर आई. लोगों के चेहरे से मास्क गायब दिखे, जबकि कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. मास्क न पहने एक शख्स से पूछा गया तो उसने भूल गया का रटरटाया बहाना बता दिया. दूसरे ने कहा कि बच्चों और पत्नी के साथ बाइक पर निकला था और गलती से लाना रह गया. एक लड़की से जब इस बारे में सवाल किया तो उसने दुपट्टे से अपना चेहरा ढंकने की कोशिश की. मध्य प्रदेश में गुरुवार को कोरोना से 10 और लोगों की जान गई. इससे राज्य में मौत का आंकड़ा 3065 तक पहुंच गया. डॉक्टरों का कहना है इसकी बड़ी वजह लापरवाही और मरीजों को अस्पताल लाने में देरी है.

    सरकार ने ढिलाई की तो लोग बेफिक्र हो गए
    बंसल कोविड ​​अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट और इंचार्ज डॉ स्कंद त्रिवेदी ने कहा कि हर जगह चुनाव था तो सरकार ने ढिलाई की नीति अपनाई. लोगों को लगा कि मास्क पहनना अब बंद कर सकते हैं तो बाजार में भी इससे असमंजस बना. लगता है कि लोग नियमों का पालन करते थक गए हैं. तीसरा Corona वायरस से ग्रसित लोग देरी से अस्पताल आ रहे हैं. पहले सर्दी, खांसी होती थी तो लोग तुरंत आ जाते थे. अब सर्दी के मौसम में 1-2 हफ्ते लेट आते हैं और तब तक फेफड़े प्रभावित हो चुके होते हैं. लोगों का जब कोविड टेस्ट नेगेटिव आता है तो भी उनको समझाने में बहुत मुश्किल होती है. एक और वजह टेस्ट को लेकर है.

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / विश्व स्वास्थ्य संगठन ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह भारत में पारम्परिक दवाइयों के एक वैश्विक केंद्र की स्थापना करेगा. इस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्वास जताया कि जिस प्रकार भारत ‘‘विश्व के औषधालय'' के रूप में उभरा है उसी प्रकार यह वैश्विक स्वास्थ्य का केंद्र बनेगा. डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक तेद्रोस अधानोम गेब्रेसस ने प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में एक वीडियो संदेश के जरिए यह घोषणा की. मोदी वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित एक कार्यक्रम में पांचवें आयुर्वेद दिवस पर आयुर्वेद संस्थानों - जामनगर के आयुर्वेद अध्यापन एवं अनुसंधान संस्थान (आईटीआरए) और जयपुर के राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए) - को राष्ट्र को समर्पित कर रहे थे.
    गेब्रेसस ने अपने संदेश में कहा, ‘‘मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि पारम्परिक और पूरक चिकित्सा के क्षेत्र में अनुसंधान, प्रशिक्षण और जागरूकता बढ़ाने के लिए हम भारत में पारम्परिक दवाइयों का डब्ल्यूएचओ का केंद्र स्थापित करने पर सहमत हुए हैं.'' उन्होंने कहा, ‘‘यह नया केंद्र डब्ल्यूएचओ की पारम्परिक चिकित्सा रणनीति 2014-2023 को क्रियान्वित करने के डब्ल्यूएचओ के प्रयासों में मदद करेगा. इस रणनीति का उद्देश्य स्वस्थ और सुरक्षित विश्व के लिए देशों को नीतियां बनाने और उसमें पारम्परिक चिकित्सा की भूमिका को मजबूती देना है.'' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आयुर्वेद भारत की विरासत है जिसके विस्तार में पूरी मानवता की भलाई समाई हुई है. उन्होंने कहा कि कोरोना के संक्रमण से भारत आज संभली हुई स्थिति में है तो इसमें पारम्परिक चिकित्सा पद्धति का बहुत बड़ा योगदान है जो आज अन्य देशों को भी समृद्ध कर रहा है.
    उन्होंने कहा कि यह सम्मान की बात है कि डब्ल्यूएचओ ने पारम्परिक दवाइयों के वैश्विक केन्द्र की स्थापना के लिए भारत को चुना है. उन्होंने कहा, ‘‘अब भारत से दुनिया के लिए इस दिशा में काम होगा. भारत को ये बड़ी जिम्मेदारी देने के लिए मैं डब्ल्यूएचओ और उसके महानिदेशक का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं.'' जामनगर के आयुर्वेद अध्यापन एवं अनुसंधान संस्थान को संसद के कानून के माध्यम से राष्ट्रीय महत्व के संस्थान (आईएनआई) का दर्जा प्रदान किया गया है जबकि जयपुर के राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा मानद विश्वविद्यालय का दर्जा प्रदान किया गया है.
    आयुष मंत्रालय 2016 से ही धन्वंतरि जयंती के मौके पर हर साल आयुर्वेद दिवस मनाता आ रहा है.
    प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ दिनों पहले ही गेब्रेसस से फोन पर बात की थी और इस दौरान वैश्विक आबादी के कल्‍याण और प्रतिरक्षा बढ़ाने वाली पारम्‍परिक चिकित्‍सा प्रणालियों के महत्‍व के बारे में चर्चा की थी.गेब्रेसस ने इस बातचीत में कहा था कि पारम्‍परिक चिकित्‍सा की क्षमता को अभी पर्याप्‍त सराहना प्राप्‍त नहीं हुई है. उन्‍होंने यह भी कहा था कि विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन इस क्षेत्र में अनुसंधान और प्रशिक्षण को प्रोत्‍साहन देने तथा सर्वश्रेष्‍ठ प्रक्रियाओं को साझा करने के बारे में सक्रिय रूप से काम कर रहा है.

    पटना /शौर्यपथ / बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. कैबिनेट की बैठक में विधानसभा भंग करने की सिफारिश के बाद उन्होंने अपना त्यागपत्र बिहार के राज्यपाल को दिया है. इससे पहले आज एनडीए गठबंधन की बैठक में फैसला लिया गया कि गठबंधन अब दीवाली बाद अपना नया नेता चुनेगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर बुलाई गई बैठक 15 नवंबर तक के लिए टाल दी गई है. राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया कि अब 15 नवंबर यानी रविवार को दोपहर 12.30 बजे एनडीए के विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें नए नेता का चुनाव किया जाएगा. हालांकि, आज मौजूदा नीतीश कैबिनेट की आज बैठक बुलाई गई है, जिसमें मौजूदा विधान सभा भंग करने पर मुहर लगाई जाएगी.
    गौरतलब है कि मंगलवार को आए चुनावी नतीजों में नीतीश कुमार की अगुवाई वाले एनडीए गठबंधन को 243 सदस्यों वाली विधानसभा में 125 सीटें आई हैं. एनडीए में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. बीजेपी को 74 जबकि जेडीयू को 43 सीटें मिली हैं. 2015 में जेडीयू को 71 सीटें मिली थीं. इनके अलावा गठबंधन में वीआईपी और हम को चार-चार सीटें मिली हैं.
    इससे पहले सातवीं बार राज्य का मुख्यमंत्री बनने की संभावनाओं पर नीतीश कुमार ने कहा था कि इसका फैसला एनडीए विधायक दल करेगा. उन्होंने यह भी कहा था कि उन्होंने खुद कभी ये दावा नहीं किया कि वही राज्य के मुख्यमंत्री होंगे. चुनाव बाद नीतीश कुमार ने गुरुवार को पहली बार नवनिर्वाचित विधायकों से मुलाकात की थी और फिर मीडियाकर्मियों से भी बात की थी.

    लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / राजस्थान में बीकानेर संभाग मुख्यालय पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत आह्वान का असर इस दीपावली पर ऐसा नजर आ रहा है कि इस बार बाजारों में चीन में बने सामान दिखाई नहीं दे रहे हैं। आमजन का स्वदेशी वस्तुओं के प्रति काफी रूझान देखने को मिल रहा है। इस बार गाय के गोबर से बने दीपकों के प्रति भी लोगों का काफी रुझान नजर आ रहा है। बीकानेर गोशाला संघ के अध्यक्ष सूरजमालसिंह नीमराना ने आज बताया कि राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के आह्वान पर इस अभियान के तहत प्रदेश के 33 जिलों में 33 लाख गायों के गोबर से बने दीपक लोगों के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। इस बार दीपावली पर गौमय दीपक जलाए जाएंगे। बीकानेर में अब तक 15 हजार से ज्यादा दीपक लोग स्वेच्छा से अपने घर ले जा चुके हैं और लगातार इन दीपकों के ऑर्डर भी आ रहे हैं।
    उन्होंने बताया कि यह दीपक दो प्रकार के हैं। एक दीपक जो तेल से जला कर सामान्य दीपक की तरह उसे घर में सजाया जाएगा, दूसरा दीपक घर के वातावरण को शुद्ध करने के लिए हवन सामग्री के साथ बना है, उस दीपक को देसी घी से जलाया जाएगा, उससे घर का वातावरण शुद्ध होगा। इस दीपक के जलने से घर में हवन की खुशबू महकेगी। जिससे घर के वातावरण को पटाखों की गैस को कम करने में सहायक होगी। नीमराणा के अनुसार देसी गाय के गोबर से बने दीपक में गोबर के साथ गोंद का उपयोग किया गया है। इसमें 4० प्रतिशत ताजा गोबर और 6० प्रतिशत सूखा गोबर गोंद के साथ मिलाकर यह दीपक बनाए जा रहे हैं। गोबर के साधारण दीपक की कीमत 2 रुपए व हवन सामग्री मिलाकर बनाए गए गोबर के दीपक की कीमत 5 रुपए है। गोबर के दीपक के साथ-साथ गोबर से लक्ष्मी-गणेशजी की प्रतिमा भी बनाई गई है। लक्ष्मी-गणेश प्रतिमा की कीमत 31 रुपए रखी गई है।

    सेहत / शौर्यपथ / क्या आप हर रात कुछ न कुछ सोचते रहते हैं और कई तरह के ख्याल आपकी नींद उड़ा देते हैं? अगर आपका जवाब हां है, तो आप मेडिटेशन के साथ अखरोट खाना शुरू कर दीजिए, इससे आपकी यह समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। आज हम आपको खाली पेट भिगाए हुए अखरोट खाने के फायदे बता रहे हैं।
    सूखे अखरोट की बजाय खाएं भीगा हुआ अखरोट
    अखरोट को कच्चा खाने की बजाए अगर भिगोकर खाया जाए, तो इसके फायदे कई गुणा बढ़ जाते हैं। इसके लिए रात में 2 अखरोट को भिगोकर रख दें और सुबह के समय खाली पेट इसे खा लें। यकीन मानिए भीगे हुए बादाम खाना जितना फायदेमंद है उतना ही फायदेमंद भीगे हुए अखरोट खाना भी है। भीगा हुआ अखरोट कई बीमारियों से निजात दिलाने में मदद करता है।
    डायबिटीज का खतरा करता है कम
    ब्लड शुगर और डायबिटीज से बचना चाहते हैं, तो भीगे हुए अखरोट का सेवन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। बहुत सी स्टडीज में यह बात सामने आयी है कि जो लोग रोजाना 2 से 3 चम्मच अखरोट का सेवन करते हैं, उनमें टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा कम हो जाता है। अखरोट ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है जिससे डायबिटीज का खतरा कम हो जाता है।
    पाचन शक्ति होती है बेहतर
    अखरोट फाइबर से भरपूर होता है, जो आपकी पाचन प्रणाली को दुरुस्त रखता है। पेट सही रखने और कब्ज से बचने के लिए फाइबर युक्त चीजें खानी जरूरी है। ऐसे में अगर आप रोजाना अखरोट का सेवन करते हैं, तो आपका पेट भी सही रहेगा और कब्ज भी नहीं होगा। भीगे हुए अखरोट को पचाना भी आसान हो जाता है।
    हड्डियों की मजबूती के लिए खाएं अखरोट
    अखरोट में ऐसे कई घटक और प्रॉपर्टीज पाए जाते हैं जो आपकी हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाते हैं। अखरोट में अल्फा-लिनोलेनिक ऐसिड पाया जाता है जो हड्डियों को मजबूत करने में मदद करता है। इसके अलावा, अखरोट में मौजूद ओमेगा-3 फैटी ऐसिड सूजन को भी दूर करता है।
    तनाव को दूर करने में कारगर
    अखरोट खाने से कई मायनों में आपका तनाव और स्ट्रेस कम होता है और आपको अच्छी नींद भी आती है। अखरोट में मेलाटोनिन होता है, जो बेहतर नींद लाने में मदद करता है। वहीं, ओमेगा-3 फैटी ऐसिड ब्लड प्रेशर को संतुलित कर तनाव से राहत दिलाता है। भीगे अखरोट खाने से आपका मूड भी अच्छा होता है और फिर ऑटोमैटिकली आपका स्ट्रेस कम हो जाता है।
    वेट लॉस करके आपको फिट रखता है अखरोट
    अखरोट वजन कम करने में अहम भूमिका निभाता है। ये बॉडी के मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और आपकी बॉडी से एक्स्ट्राभ फैट कम करने में हेल्प करता है। इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन व कैलरी होती है, जो वजन को नियंत्रित रखने में मदद करती है। शोध में भी यह बात साबित हो चुकी है कि अखरोट का सेवन न सिर्फ वजन कम करता है, बल्कि उसे कंट्रोल में रखने में भी मदद करता है।

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