August 13, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा एवं पुलिस अधीक्षक डी श्रवण ने आज कोविड-19 संक्रमण के मद्देनर राजनांदगांव शहर के प्रमुख मार्केंट एवं सब्जी बाजार का आकस्मिक निरीक्षण कर मास्क का उपयोग नहीं करने वालों पर चालानी कार्रवाई एवं कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन नहीं करने वाले दुकानों पर सील बंद की कार्रवाई की गई। कलेक्टर, एसपी एवं उनकी टीम ने मानव मंदिर चौक, सिनेमा लाईन, गुड़ाखू लाईन, सब्जी मार्केट एवं जयस्तंभ चौक का भ्रमण कर निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा ने कहा कि दीपावली त्यौहार के दौरान लोगों में बिना मास्क के निकलने की प्रवृत्ति बढ़ी है। दुकानदार एवं लोगों को मास्क का प्रयोग आवश्यक रूप से करने के लिए कहा गया है, अन्यथा चालानी एवं दुकान सीलबंद की कार्रवाई की जाएगी।
    उन्होंने कहा कि लोगों की लापरवाही से कोरोना संक्रमण बढऩे की संभावना बनती है। जैसे ही कोरोना के लक्षण दिखाई दे तत्काल जांच कराना चाहिए, ताकि जल्द से जल्द इलाज शुरू हो सके। उन्होंने कहा कि दीपावली के दौरान लोगों में मास्क लगाने के प्रति सिथिलता आयी है। सभी कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन करें तथा सर्तक एवं सजग रहे।
    इस अवसर पर बिना मास्क के दिखाई देने वाले लोगों पर चालानी कार्रवाई कर उन्हें मास्क लगाने की समझाईश दी गई। कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन नहीं करने पर अग्रवाल मेटल स्टोर्स को सील बंद करने की कार्रवाई की गई। कलेक्टर वर्मा ने कालीचरण गुप्ता के परिवार में उनके परिजनों को कोविड-19 होने के बावजूद दुकान खुला रखने पर राष्ट्रीय आपदा अधिनियम 188 का उल्लंघन करने पर सील बंद करने तथा एफआईआर करने के निर्देश दिए है। भ्रमण के दौरान बिना मास्क के दिखाई देने वाले युवक-युवतियों एवं महिलाओं सभी को कोविड-19 के दुष्परिणामों से आगाह करते हुए समझाईश दी गई। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री चंद्रकांत कौशिक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती सुरेशा चौबे, एसडीएम मुकेश रावटे, सीएसपी श्री मणिशंकर चंद्रा, प्रशिक्षु डीएसपी मयंक रणविजय एवं रूचि वर्मा सहित जिला, पुलिस, राजस्व एवं नगर निगम की टीम उपस्थित थे।

    दुर्ग / शौर्यपथ / हिंदी भवन में आज संभाग के सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों की कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में अधिकारियों को राजस्व एवं कानून व्यवस्था से जुड़े सैद्धांतिक एवं मैदानी क्षेत्र में उपयोगी पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। संभागायुक्त टीसी महावर ने कहा कि राजस्व अधिकारी बहुमुखी अधिकारी होते हैं। वे अपने अधिकारों का पूरी तरह क्रियान्वयन कर जनहित में बेहतरीन कार्य कर सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि वे भू राजस्व संहिता सहित रेवेन्यू एवं नियमों एवं कानूनों पर लिखी पुस्तकों का नियमित अध्ययन करें। नियमों की जानकारी जितनी ज्यादा होगी, प्रशासनिक रूप से आप उतने ही प्रभावी होंगे। उन्होंने कहा कि सैद्धांतिक पक्ष के साथ ही अपने मैदानी स्तर की व्यावहारिक समझ एवं संवेदना भी बेहद जरूरी है। पूरे ध्यान से आवेदक की बातें सुने एवं यथासंभव उनकी मदद करें। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारी न्यायालय के लिए नियत दिनों में कोर्ट में बैठकर कोर्ट में न्यायालयीन कार्य करें। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा भ्रमण करने एवं मौके पर ही मामलों के निराकरण के लिये निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि अपने रूटीन कामों के साथ ही शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी विशेष नजर रखें और अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
    इस मौके पर आईजी विवेकानंद सिन्हा ने कहा कि इस तरह की कार्यशाला बहुत उपयोगी होती है क्योंकि मैदानी स्तर पर की अलग तरह की चुनौतियां होती हैं। पूर्व में वरिष्ठ अधिकारियों ने जिस कुशलता के साथ इन्हें हल किया, उनके अनुभव का लाभ आप लोगों को मिलता है। सीसीफ श्रीमती शालिनी रैना ने कहा कि वनाधिकारपत्रों के मामले में वन विभाग के समन्वय से बहुत सारे लोगों की मदद की जा सकती है। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने कहा कि कोर्ट बहुत महत्वपूर्ण होता है। लोग काफी उम्मीद लेकर आते हैं। यथासंभव कोर्ट में मौजूद रहने की कोशिश करें। इस तरह का समन्वय बनायें कि कोर्ट के कार्य प्रभावित न हों। एसपी प्रशांत ठाकुर ने कहा कि जिले में कानून व्यवस्था के बेहतर संचालन के लिए राजस्व विभाग और पुलिस में अच्छा समन्वय बहुत आवश्यक होता है। यहां एक और एक मिलकर दो नहीं होता ग्यारह हो जाते हैं।
    वाजिब उल अर्ज और निस्तार पत्र में क्या अंतर है-
    संभागायुक्त ने कहा कि मैदानी स्तर में लगातार काम करने के दौरान हमारी पढऩे की आदत छूटती हैं और हम अक्सर नियमों से संबंधित किताबें नहीं पढ़ पाते। यह बेहद जरूरी है इससे त्वरित और न्यायपूर्ण निर्णय लेने में मदद मिलती है। उन्होंने प्रश्न भी राजस्व अधिकारियों से पूछे। भू राजस्व संहिता में फारसी के शब्दों के अर्थ और उनका प्रशासनिक उपयोग भी उन्होंने पूछा। मसलन वाजिब उल अर्ज और निस्तार पत्र में क्या अंतर है अथवा तौजियां पत्र किसे कहते हैं इस तरह के प्रश्न, साथ ही उन्होंने शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं जैसे गोधन न्याय योजना आदि के नवीन निर्देशों के बारे में भी अधिकारियों से पूछा। उन्होंने राजस्व अधिकारियों से भी अपने विचार रखने कहा।
    टूर सेगमेंट प्रोग्राम पर दिया फोकस-
    संभागायुक्त ने कहा कि टूर सेगमेंट प्रोग्राम राजस्व अधिकारियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। इससे अपने कार्यक्षेत्र की समझ बढ़ती है। लोगों से प्राथमिक जानकारी मिलती है जिससे उनके लिए बेहतर कार्य करने की गुंजाइश बनती है। उन्होंने कहा कि दौरे में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की स्थिति, अस्पतालों की स्थिति, स्कूलों में मध्याह्न भोजन, पटवारी हल्कों का निरीक्षण, छात्रावास, पेयजल की उपलब्धता, ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के अप्रत्याशित आवागमन आदि बातों पर भी विशेष ध्यान रखें।
    कार्य की प्राथमिकता और समन्वय सबसे जरूरी-
    संभागायुक्त ने कहा कि राजस्व अधिकारियों के लिए कार्य की प्राथमिकता तय करना और अन्य विभागों से समन्वय बेहद जरूरी है। इन दोनों क्षेत्रों में विशेष ध्यान देकर बेहतरीन कार्य किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सक्रिय मौजूदगी के साथ ही कार्यालयीन प्रणाली में भी दक्षता बेहद आवश्यक है। इन दोनों गुणों का संयोग आपको अच्छा अधिकारी बनाएगा और लोग अच्छे अधिकारी को केवल काम के कारण ही याद करते हैं। संभागायुक्त ने आशा की कि इस कार्यशाला से अधिकारियों को काफी मदद मिलेगी। समय-समय पर इस तरह की कार्यशाला का आयोजन किया जाता रहेगा।

    व्रत /त्यौहार /शौर्यपथ / छठ महापर्व न सिर्फ एक साधना है बल्कि यह आपको बीमारियों से बचने और स्वस्थ रहने की भी सीख देता है। छठ महापर्व में अर्घ्य देने में प्रयुक्त होनेवाली सामग्रियों में से अधिकांश स्थानीय स्तर पर उपलब्ध रहती हैं और आयुर्वेद में इनका खास महत्व भी है। इनमें प्रयुक्त होनेवाले फल व अन्य खाद्य सामग्री रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ ठंड से लड़ने में शरीर को तैयार करती है। साथ ही इनसे कई बीमारियों से बचाव भी होता है।

    आयुर्वेद के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भी छठ में प्रयुक्त होनेवाले आंवला, हल्दी, ईंख, अनानास, पानी फल सिंघाड़ा, नारियल, सुथनी, ठेकुआ आदि को स्वस्थ रहने का माध्यम बताया है। वहीं सूर्योपासना से विटामिन डी मिलता है और कुष्ठ रोग से भी बचाव होता है। सभी सामग्री पित्त संबंधी विकारों को दूर करती है। पटना आयुर्वेदिक कॉलेज के अधीक्षक डॉ. वीएस दूबे, उपाधीक्षक डॉ. धनंजय शर्मा और आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. मधुरेंदु पांडेय ने छठ में प्रयुक्त होनेवाली सामग्रियों को गुणों की खान बताते हुए ठंड में होनेवाली बीमारियों से बचाव का साधन बताया।

    आंवला
    विटामिन सी, कैल्शियम, ठंड ऋतु के प्रकोप से बचाव, प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी करता है।

    हल्दी
    एंटी एलर्जिक, एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी सेप्टिक, घाव, दर्द और सूजन में राहत। कई आयुर्वेदिक औषधियों में इस्तेमाल।

    अदरक
    शरीर को गर्म रखता है। कोरोना काल में इसका महत्व काफी बढ़ा है। कई आयुर्वेदिक औषधियों में इस्तेमाल।

    गुड़
    पाचन शक्ति बढ़ाने में मददगार, शरीर के विकारों को निकालता है, शरीर को गर्म रखता है।

    अनानास
    पोटैशियम, रिच फाइबर, विटामिन ए, सी, एंटी ऑक्सीडेंट, पाचन शक्ति बढ़ाने में मददगार।

    नारियल
    हाई फाइबर, कैल्शियम, मिनिरल, विटामिन बी, हाई बीपी, किडनी, पेट की बीमारियों से बचाव।

    सेव
    विटामिन ए, बी, सी, ई और के, वजन कम व कोलेस्ट्रॉल कम करने में मददगार, शुगर, अस्थमा वाले मरीज के लिए फायदेमंद, सर्वगुण संपन्न फल

    गागर नींबू
    विटामिन सी, पोटैशियम, रिच फाइबर, वजन कम करने में मददगार, एंटी ऑक्सीडेंट, पाचन शक्ति बेहतर करने में मददगार।

    ईंख
    इसका रस शक्तिदायक, पाचनशक्ति, ताकत, स्फूर्ति बढ़ाने में मददगार।

    पानी फल
    लो फैट, विटामिन बी 6, पोटैशियम से भरपूर।

    सूर्य को अर्घ्य देने का है खास महत्व
    शाम और सुबह को सूर्य को अघ्र्य देते समय सूर्य निकलनेवाली पारा बैंगनी किरणें तिरछी निकलती हैं। शरीर पर इन किरणों के पड़ने से विटामिन डी का निर्माण होता है। विटामिन डी स्वस्थ रहने के लिए काफी महत्वपूर्ण तत्व है। यही कारण है कि हमारे पूर्वजों ने छठ के एक-एक विधानों को स्वस्थ शरीर रखने की आवश्यकतानुसार तैयार किया है। इससे एक ओर सूर्य, गंगा, स्वच्छता के महत्व को बताया गया है तो कठोर व्रत से शरीर के विकारों को दूर कर स्वस्थ रखने की कवायद की जाती है।

    सेहत /शौर्यपथ / कोरोना के मद्देनजर चल रहे वर्क फ्रॉम होम में वजन कम करना बेहद मुश्किल हो सकता है। ऐसे में कुछ लोग स्ट्रिक्ट डाइट की सलाह देते हैं तो अन्य भारी वर्कआउट के महत्व पर जोर देते हैं। लेकिन वजन घटाने के इन नियमों का पालन करने के अलावा, आपको इन दोनों और अन्य चीजों के बीच संतुलन बनाना भी सीखना चाहिए। ऐसा करने के लिए, आपको जीवन जीने के स्वस्थ विकल्प बनाने चाहिए जो न केवल आपको सही मात्रा में वजन कम करने में मदद करते हैं, बल्कि आपको हेल्दी भी रखते हैं। फेस्टिव सीजन में पूरी, पकवान और मिठाई खाने बाद इन 6 तरीकों से आप आसानी से अपना वजन कम कर सकते हैं-
    1.एक हेल्दी डाइट चार्ट प्लान करें
    हेल्दी खाना वजन कम करने की कुंजी है। आपको तृप्त रखने के अलावा, यह दूसरे बाहर के अनहाइजीनिक खाने से आपको दूर रखता है। बाहर का खाना वजन बढ़ने के प्रमुख कारणों में से एक है। इसके अलावा, जरुरी है कि आप एक साप्ताहिक डाइट प्लान बनाए, इससे आपको अपने भोजन को पहले से तय करने में मदद मिलेगी जो आपको दूसरे किसी भी प्रकार के बाहर के खाने से बचाएगा।
    2. रोज वर्कआउट या एक्सरसाइज करें
    अपने टाइम-टेबल में एक्सरसाइज या वर्कआउट एड करने से आप आसानी से कैलोरी बर्न कर सकते हैं। यह न केवल आपको वजन कम करने और फिट शरीर बनाए रखने में मदद करता बल्कि आपको डाइटिंग नाम पर न खाने और न भूखे रहने की आजादी देता है।
    3. जंक फूड की जगह खाएं घर का खाना
    कई लोग, विशेष रूप से युवा पीढ़ी, एक टोंड और स्लिम बॉडी प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। हालांकि, जब खाने की बात आती है, तो वे अपने आसपास उपलब्ध सभी जंक फूड को ‘न’ नहीं कह पाते हैं। इसलिए, यदि आप अपना वजन कम करना चाहते हैं, तो अपने खाने की आदतों में कुछ बदलाव करें। बाहर के खाने के बजाय घर का खाना खाएं।
    4. कभी खाना न छोड़ें
    भोजन छोड़ना और खुद को भूखा रखना वजन कम करने के लिए एक अच्छे विकल्प की तरह लग सकता है। हालाँकि, यह एक मिथक है जिसे आपको दूर करना चाहिए। भोजन स्किप करने से आपको अधिक भूख लगती है। जिसके बाद आप नॉर्मल से अधिक खाना खाते हैं। इसलिए, आपको कभी भी खाना नहीं छोड़ना चाहिए, बल्कि आपको इसे नियंत्रित करना चाहिए।
    5. पानी पीते रहें
    पानी एक कुशल मात्रा में वजन कम करने के लिए जरुरी होता है। आप इससे हाइड्रेटेड रहते हैं। इसके साथ ही यह आपको हेल्दी रखता है और आपको लंबे समय तक तृप्त भी रखता है। भोजन से पहले पानी पीना बेहद प्रभावी हो सकता है क्योंकि यह आपकी क्रेविंग्स को कम करता है और आपकी कैलोरी की मात्रा को भी कम करता है।
    6. योग और मैडिटेशन आपको तनावमुक्त रखते हैं
    तनाव और चिंता वजन बढ़ने के प्रमुख कारणों में से एक है, जो बदले में नींद की कमी का कारण बनता है। कोर्टिसोल नामक स्ट्रेस हार्मोन में आपकी भूख को बढ़ाने की प्रवृत्ति होती है और यह आपको अधिक खाने पर मजबूर करता है, विशेषकर ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें हाई कैलोरी होती हैं। यह कुछ ऐसा है जो न केवल आपके दिन की प्रोडक्टिविटी को प्रभावित करता है, बल्कि आपके वजन को भी बढ़ाता है।

    सेहत /शौर्यपथ / दिवाली के बाद मिठाइयों और स्पाइसी पकवान खाने का साइड इफेक्ट्स दिखता है. वहीं, मौजूदा समय में बढ़ता वायु प्रदूषण और बदलते मौसम के कारण अस्थमा, म्यूकस बनना, साइनस, सांस लेने में होने वाली तकलीफ, खांसी-जुकाम और सांस से संबंधित दूसरी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में एक असरदार मैजिक लंग टी जिसे आप बड़ी आसानी से घर पर ही बना सकते हैं और वह भी किचन में मौजूद बेसिक मसालों और जड़ी बूटियों के इस्तेमाल से। इस चाय की मदद से लंग्स डीटॉक्स होते हैं और कंजेशन से भी छुटकारा मिलता है।
    घर में ऐसे बनाएं डीटॉक्स चाय
    एक बर्तन में 2 कप पानी लें और उसे उबलने दें। इसके बाद इसमें आधा इंच अदरक, दालचीनी का छोटा टुकड़ा या एक चौथाई चम्मच दालचीनी पाउडर, थोड़ा सा गुड़, आधा चम्मच तुलसी के पत्ते, 1 चम्मच सूखा ओरिगैनो, 3 काली मिर्च, 2 इलायची कुटी हुई, एक चौथाई चम्मच सौंफ, चुटकी भर अजवाइन, एक चौथाई चम्मच जीरा, लहसुन की 1-2 कली- इन सभी साम्रगियों को उबले पानी में डालें और करीब 10 मिनट तक इन सारी चीजों को धीमी आंच पर पानी में अच्छी तरह से मिक्स होने दें। फिर गैस बंद कर दें और चाय को कप में छान लें। इस चाय का फायदा तब ही है जब आप इसे गर्म-गर्म पिएं।

    खेल /शौर्यपथ / टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने बताया है कि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) के किस खिलाड़ी ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 13वें सीजन में सबसे ज्यादा निराश किया। विराट कोहली की कप्तानी वाली आरसीबी टीम प्लेऑफ में तो पहुंची, लेकिन पहले ही एलिमिटेर मैच में सनराइजर्स हैदराबाद से हारकर बाहर हो गई। इस सीजन में आरसीबी की ओर से ऑस्ट्रेलियाई लिमिटेड ओवर कप्तान आरोन फिंच खेले, लेकिन वह कुछ खास नहीं कर सके।
    फिंच को आरसीबी ने 4.4 करोड़ रुपये में खरीदा था, लेकिन वह अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके। फिंच आरसीबी की ओर से 12 मैचों में 22.33 के मामूली औसत से 268 रन ही बना सके। फेसबुक पर अपलोड किए गए एक वीडियो में आकाश चोपड़ा ने कहा, 'आरोन फिंच आरसीबी के लिए इस सीजन में सबसे बड़ी निराशा रहे। आरसीबी को उनसे काफी भरोसा था, और इसीलिए टीम मैनेजमेंट उन पर भरोसा दिखाता गया। उन्हें बल्लेबाजी के काफी मौके मिले। कोई यह नहीं कह सकता कि उन्हें मौका नहीं मिला। आप ऐसा मोइन अली के लिए कह सकते हैं कि वह टीम से अंदर-बाहर होते रहे, लेकिन फिंच ने काफी मैच खेले।'
    आकाश चोपड़ा ने कहा, 'लेकिन वह फॉर्म में बिल्कुल नजर नहीं आए। ना ही फॉर्म दिखी और ना ही रन दिखे। उन्हें ड्रॉप किया गया, लेकिन फिर से उन्हें वापस लाया गया क्योंकि जोशुआ फिलिप भी कुछ खास नहीं कर पाए। आपको फिंच से अपेक्षाएं रहती हैं, क्योंकि सोचिए देवदत्त पडीक्कल अच्छी फॉर्म में थे और अगर फिंच भी अच्छा खेलते तो विराट कोहली और एबी डिविलियर्स पर दबाव काफी कम रहता।

    मनोरंजन / शौर्यपथ / बॉलीवुड एक्टर आमिर खान बेटी इरा खान संग मुंबई में थिएटर के बाहर स्पॉट किए गए। खबरों के मुताबिक, आमिर और इरा दोनों ही फिल्म ‘सूरज पे मंगल भारी’ देखने थिएटर पहुंचे थे। दोनों ही मुंह पर मास्क लगाए नजर आए। हालांकि, फिल्म के बारे में तो आमिर ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन सोशल मीडिया पर वह ट्रोल जरूर हो रहे हैं।
    फिल्म देखने जाने से पहले आमिर खान ने फैन्स को ट्वीट कर जानकारी दी थी कि वह फिल्म ‘सूरज पे मंगल भारी’ देखने जा रहे हैं। लंबे वक्‍त बाद बड़े स्‍क्रीन का अनुभव लेने का बेसब्री से इंतजार है। आमिर के इस ट्वीट पर लोगों ने जमकर कॉमेंट्स किए हैं। लोगों का मानना है कि अभी कोरोना खत्म नहीं हुआ है, ऐसे में सिनेमाघरों में जाकर फिल्में देखना सही नहीं है।
    बता दें कि आमिर खान जब थिएटर पहुंचे तो लोगों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया। सभी उनसे फोटो क्लिक कराने की अपील करने लगे। आमिर ने भी सभी के साथ फोटो क्लिक कराए। कोरोनावायरस के चलते लंबे समय बाद सिनेमा हॉल खुले हैं। धीरे-धीरे लोग थिएटर में फिल्म देखने जा रहे हैं। टीवी शोज और फिल्मों की भी शूटिंग शुरू हो चुकी है।
    आमिर खान इस समय अगली फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ की शूटिंग में व्यस्त हैं। इसमें करीना कपूर खान भी मुख्य भूमिका में नजर आने वाली हैं।

    धर्म संसार /शौर्यपथ प्राचीनकाल से चले आ रहे हिन्दू सनातन धर्म को श्रीकृष्ण ने एक नवीनतम रूप देकर भागवत धर्म की स्थापना की थी। इसमें वेदव्यास मुनि का भी बहुत योगदान रहा है। आओ जानते हैं कि श्रीकृष्ण के काल में कहां कहां उनकी मुख्?य रूप से स्थापना हो चली थी।
    श्रीकृष्ण के जीवन में 8 अंक का अजब ही संयोग रहा है। भगवान विष्णु ने आठवें मनु वैवस्वत के मन्वंतर के अ_ाईसवें द्वापर में आठवें अवतार श्रीकृष्ण के रूप में देवकी के गर्भ से आठवें पुत्र के रूप में मथुरा के कारागर में जन्म लिया था।

    उनका जन्म भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की रात्रि के सात मुहूर्त निकल गए और जब आठवां उपस्थित हुआ तभी आधी रात के समय सबसे शुभ लग्न में हुआ था। उस लग्न पर केवल शुभ ग्रहों की दृष्टि थी। रोहिणी नक्षत्र तथा अष्टमी तिथि के संयोग से जयंती नामक योग में ईसा से 3112 वर्ष पूर्व उनका जन्म हुआ। ज्योतिषियों अनुसार उस समय शून्य काल (रात 12 बजे) था।
    भगवान श्रीकृष्ण वसुदेव के आठवें पुत्र थे। उनकी आठ सखियां, आठ पत्नियां, आठ मित्र और आठ शत्रु थे। गुरु संदीपनि ने कृष्ण को वेद शास्त्रों सहित 14 विद्या और 64 कलाओं का ज्ञान दिया था। इस तरह उनके जीवन में आठ अंक का बहुत संयोग है। इसी तरह प्रमुख रूप से आठ नगर में ही उनका अधिकतर जीवन संचालित हुआ है।

    1.मथुरा : जहां उनका जन्म हुआ और जहां रहकर जरासंध से कई युद्ध किए।
    2.गोकुल-नंदगांव : जहां उनका बचपन गुजरा और कई असुरों का वध किया।
    3.वृंदावन-मधुबन : जहां उन्होंने रास रचा और दुनिया को प्रेम का पाठ पढ़ाया।
    4.गोवर्धन : जहां उन्होंने पहाड़ को उठाकर नई परंपरा और त्योहार को प्रकट किया।
    5.बरसाना : जहां उनकी प्रेमिका राधा रानी रहती थीं।
    6.उज्जैन : मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध तीर्थ उज्जैन में सांदीपनि आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण के पढ़ाई की थी। इसीलिए यह स्थान भी बहुत महत्व रखता है। यहां भी श्रीकृष्ण का प्रसिद्ध मंदिर है।
    7.द्वारिका : जहां उन्होंने नया नगर बसाकर अपनी नई जिंदगी की शुरुआत की थी। यहीं पर उनका विवाह हुआ और आगे का जीवन चला।
    8.प्राभाष क्षेत्र : सोमनाथ के पास प्रभाष क्षेत्र जहां पर उन्होंने अपनी देह त्याग दी थी।
    प्तइसके अलावा अन्य प्रमुख स्थान :
    9.जगन्नाथपुरी : यहां पर उन्हें मुख्य रूप से अपने भाई और बहन के साथ पूजा जाता है।
    10.श्रीनाथ मंदिर :
    राजस्थान के नाथद्वारा में श्रीनाथजी का मंदिर। यहां भगवान श्रीकृष्ण को श्रीनाथ कहते हैं। यह मंदिर वैष्णव संप्रदाय के वल्लभ सम्प्रदाय के प्रमुख तीर्थ स्थानों में सर्वोपरि माना जाता है।
    11.श्रीकृष्ण मठ मंदिर, उडुपी : 'उडुपी श्रीकृष्ण मंदिरÓ कर्नाटक में स्थित है। इसका निर्माण संत माधवचार्य ने 13वीं सदी में करवाया था। यह मंदिर लकड़ी और पत्थर से बना हुआ है। इस मंदिर के पास मौजूद तालाब के पानी में मंदिर का प्रतिबिंब दिखाई देता है। भक्ति के लिए ये मंदिर बेहद पवित्र माना जाता है।
    12.अरुलमिगु श्री पार्थसारथी स्वामी मंदिर : 8वीं सदी में बना यह मंदिर चेन्नई में स्थित है। यहां पर भगवान श्रीविष्णु की कई आकर्षक मूर्तियां मौजूद हैं। यह मंदिर भी पूरे दक्षिण भारत में बहुत प्रसिद्ध है।

    13.पंढरपुर का विठोबा मंदिर : पंढरपुर का विठोबा मंदिर पश्चिमी भारत के दक्षिणी महाराष्ट्र राज्य में भीमा नदी के तट पर शोलापुर नगर के पश्चिम में स्थित है। इस मंदिर में विठोबा के रूप में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है। यहां भक्तराज पुंडलिक का स्मारक बना हुआ है।

    धर्म संसार / शौर्यपथ / भाई मनी सिंह ... गुरु गोविंद सिंह के बाल-सखा और श्री दरबार साहिब जी के ग्रंथी थे
    उन्होंने शहर के प्रमुख सिक्खों से सलाह लेकर श्रीदरबार साहिब का प्रबंध काफी सुधारा था
    यह उस समय की बात है जब श्री अमृतसर साहिब में दीपावली का मेला मुगल सरकार ने काफी सालों से बंद करवा रखा था
    भाई साहिब ने सूबा लाहौर से दीपावली मेला लगाने की इजाजत मांगी, सूबेदार ने आज्ञा इस शर्त पर दी गई कि मेले के बाद भाई मनी सिंह पांच हजार स्वर्णमुद्राएँ सरकार को देंगे
    यह रकम काफी अधिक थी पर भाई मनी सिंह को विश्वास था कि वह श्रद्धालुओं के बड़ी संख्या में आने से जुटा ली जाएगी
    मेला दस दिन लगना था, इसके लिए भाई साहिब जी ने खालसा को संदेश भेजे, पर मुगलों ने कुछ और ही सोच रखा था
    जकारिया खान के नेतृत्व में बहुत भारी फौज भेज दी गई
    मुगल सैनिक श्रद्धालुओं का कत्ले आम करने के लिए हरमंदिर साहेब के आस-पास छुपे हुए थे
    भाई मनी सिंह जी को भी इस योजना का पता लग गया, उन्होंने संदेश भेजे की श्रद्धालु यहां न एकत्र हो और न आएं, तब तक वहाँ पर एकत्र हो चुके श्रद्धालुओं को भी किसी तरह बाहर निकाल कर रवाना कर दिया गया
    दीपावली के बाद जब मुगलों ने पैसे मांगे तो भाई मनी सिंह ने स्पष्ट रूप से कह दिया कि खालसा आपकी चालों में नहीं आएगा, एक तरफ आपके फौजी दस्ते श्रद्धालुओं पर घात लगाकर खत्म करने के लिए तैयारी करें और दूसरी तरफ हम आपको पैसे दें
    यह सम्भव नहीं है
    भाई मनी सिंह को गिरफ्तार कर दरबार ले जाया गया
    मौलवियों से भाई मनी सिंह की सजा तय करने को कहा गया, उन्होंने इस्लाम के हिसाब से काफिर मनी सिंह की बोटी बोटी काटना उचित बताया
    वहां उनसे कहा गया कि मुसलमान हो जाओ, नहीं तो आपको बंद-बंद (हड्डी के प्रत्येक जोड़ से) काट दिया जाएगा,
    मगर भाई साहिब ने मुसलमान बनने से साफ इंकार कर दिया
    जल्लाद ने भाई साहिब से पूछा आँखों पर पट्टी बांधना चाहते हो ?
    भाई मनी सिंह ने कहा, इसकी आवश्यकता नहीं है तुम अपना काम करो
    भाई मनी सिंह का पोर पोर उंगलियों से शुरू कर काटा गया फिर उनके बच्चों का भी कत्ल कर लाहौर की बादशाही मस्जिद के आगे टाँग दिया गया ...
    भाई मनी सिंह के कहे अंतिम शब्द थे "यह यज्ञ व्यर्थ नहीं जाएगा, इस मुग़ल सेनाध्यक्ष के बाद हो सकता है और क्रूर सेनाध्यक्ष आए लेकिन इस धरती पर निस्संदेह ऐसी सुबह होगी जब हम अपने त्यौहार बिना डर के पूरे गौरव से मनाएँगे ”
    आज हम दीपावली मनाते है तो एक बार उन शहीदों को भी नमन करें जिन्होंने दीपावली की कीमत अपनी और परिवार की बलि देकर चुकाई है

    दुर्ग । शौर्यपथ । जिले में जुआरियों पर नकेल कसने दुर्ग पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है । दुर्ग पुलिस कप्तान प्रशांत ठाकुर ने जिले का प्रभार संभालते ही शहर में चल रहे जुए और सट्टा पर लगाम कसने थाना प्रभारियों को निर्देश किया था । उसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक प्रशांत ठाकुर के निर्देश पर विभिन्न थानों द्वारा दीपावली के दौरान दौरान जुआड़ियों के जुआं खेलने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने एवं जुआड़ियों के विरुद्ध कार्यवाही किए जाने हेतु जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में जुआडि़यों के विरुद्ध दिनांक 12 .11.2020 से दिनांक 16.11.2020 तक अभियान चलाकर लगातार कार्रवाई कराई गई । दिनांक 12.11. 2020 को जुआ एक्ट के 11 प्रकरण में 30 आरोपियों को गिरफ्तार कर इनके कब्जे से ताश पत्ती एवं नगदी ₹16880 जप्त किया गया। इसी प्रकार दिनांक 13 .11.2020 को 16 प्रकरण में 74 आरोपियों को गिरफ्तार कर ₹282270 नगद एवं ताश पत्ती जप्त किया गया। दिनांक 14.11. 2020 को 39 प्रकरण कायम कर 135 आरोपियों को गिरफ्तार कर इनके कब्जे से ताश पत्ती एवं नगदी ₹49995 जप्त किया गया। दिनांक 15.11. 2020 को 45 प्रकरणों में 155 आरोपियों को गिरफ्तार कर ताश पत्ती एवं नगदी 51030 रुपए तथा दिनांक 16.11.2020 को 123 प्रकरणों में 416 आरोपियों को गिरफ्तार कर इनके कब्जे से नगदी ₹199863 एवं ताश पत्ती जप्त किया गया है । इस प्रकार दिनांक 12 .11. 2020 से 16. 11. 2020 तक जुआं के विरुद्ध चलाए गए अभियान में 234 प्रकरण जुआं एक्ट के कायम कर 810 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया । गिरफ्तार किए गए आरोपियों से ₹599838 नगद एवं ताश पत्ती जप्त किया गया है। द्वारा जुआ एक्ट के 234 प्रकरण कायम में 810 जुआरियों गिरफ्तार, नगद लगभग 6,00,000/- ₹ जप्त

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