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नई दिल्ली / शौर्यपथ / वाराणसी दिल्ली मैं कोरोना वायरस का कहर तेजी से बढ़ रहा है. इसके लिए एक तरफ दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन दलील दे रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ दिल्ली के मुख्यमंत्री फिर से लॉकडाउन की बात कर रहे हैं. दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी ने आज बनारस में थे. बीजेपी नेता मनोज तिवारी ने कोरोना के मामले बढऩे के लिए अन्य राज्यों से आ रहे लोगों को जिम्मेदार ठहराने पर दिल्ली सरकार को निशाना बनाया. उन्होंने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी (्र्रक्क) सरकार नमक हराम की श्रेणी में आ गई है. वह जिनका दिया हुआ नमक खा रही है, जिनके कारण सत्ता में है, उन्हीं को बार-बार चोट पहुंचा रही है. मनोज तिवारी ने यह बात दिल्ली में रह रहे यूपी, बिहार और झारखंड के लोगों के संदर्भ में कही.
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि दिल्ली में बाहर से आकर लोग ज्यादा टेस्टिंग करा रहे हैं इसलिए संक्रमितों का आंकड़ा बड़ा नजर आ रहा है. इस पर मनोज तिवारी का कहना है कि 'Óअसल में दिल्ली में जो आम आदमी पार्टी की सरकार है वह नमक हराम की श्रेणी में आ गई है. वह जिनका दिया हुआ नमक खा रही है, जिनके कारण सत्ता में है, उन्हीं को बार-बार चोट पहुंचा रही है. आप सोचिए बिहार के दिल्ली में जो लोग हैं, छठ मनाने वाले जो लोग हैं, उनके बल पर ही उनकी सरकार है. लेकिन उन्हीं को कहेंगे कि कोरोना में उनका इलाज नहीं करेंगे. कभी कहेंगे कि इन्हीं के कारण कोरोना बढ़ रहा है. कभी कहेंगे कि यही ज्यादा से ज्यादा टेस्ट करा रहे हैं इसीलिए कोरोना बढ़ रहा है. तो अरविंद केजरीवाल जी को, सत्येंद्र जैन जी को छठ मां देख रही हैं, वहीं इंसाफ करेंगी. दिल्ली राजधानी है देश की, वहां उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड के लोग रह रहे हैं, जो इनके लिए बोझ हो गए हैं.ÓÓ
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा हा कि फिर से लॉकडाउन किया जाएगा. विवाहों में 200 लोगों की मौजूदगी की इजाजत दे दी गई थी. यह संख्या शायद घटाई जाएगी. इस बारे में सवाल पर मनोज तिवारी ने कहा कि 'Óदेखिए अगर दिल्ली में वापस कोरोना का कहर है तो इसका सारा कारण दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार है. इसके पहले जब कोरोना का अटैक हुआ था, यह तो घरों में दुबके हुए थे. यह तो धन्यवाद अमित शाह का जो निकलकर एलएनजेपी अस्पताल आ गए, 10008 बना दिया. नहीं तो अरविंद केजरीवाल जी तो खाली एडवर्टाइजमेंट-एडवर्टाइजमेंट खेलते रहते. वह सड़कों पर ही नहीं निकले. हम लोग राहत देने में लगे थे, अनाज दे रहे थे, दवाई दे रहे थे, फल दे रहे थे, लेकिन अरविंद केजरीवाल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे, सड़क पर नहीं थे. आप एनडीटीवी का उस समय का फुटेज निकाल लीजिए वह कहीं नहीं थे. और आज भी जो परिस्थिति हुई है तो फिर अमित शाह को आना पड़ा है. दिल्ली को अरविंद केजरीवाल से भी बचाना महत्वपूर्ण है.ÓÓ
कश्मीर को लेकर वहां की पार्टियों ने एक ग्रुप बनाया है और कर कह रही हैं कि इंटरनेशनल दबाव बनाकर 370 को खत्म करेंगे. इस पर मनोज तिवारी का कहना है कि 'Óसरासर देश के साथ धोखा है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें राहुल गांधी की पार्टी शामिल हो रही है. वे जम्मू कश्मीर को अलग-थलग करने के लिए फिर से 370 लगाने के लिए प्रयास करेंगे. हम बनारस में हैं और बनारस में हमारे एक मित्र हैं मुर्तजा जाफरी. उनके दादाजी ने एक शेर लिखा था - अपनी इज्जत आबरू तौकीर दे सकते नहीं, जान दे सकते हैं पर कश्मीर दे सकते नहीं... तो देश के इन हिस्सों में घुसते हैं तो एक नारा चलता है कि दूध मांगोगे तो खीर देंगे कश्मीर मांगोगे तो चीर देंगे. कश्मीर मस्तक है, भारत का गर्व है. हमारी अखंडता को कोई नजर भी दिखाए तो आंखें फोड़ दी जाएंगी. अब यह भारत राहुल गांधी का पन्ना फाडऩे वाला भारत नहीं है. यह नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब लोगों की शक्ति से खड़ा भारत है. जितने लोग इस तरह की कोशिश कर रहे हैं वह जम्मू कश्मीर और लद्दाख की प्रगति में बाधक हैं. जो दर्द हो रहा है, बड़े-बड़े लीडरों को उनके दर्द को अब जम्मू कश्मीर के लोग जान गए हैं.ÓÓ
नई दिल्ली / शौर्यपथ / मुंबई के धारावी इलाके में कपड़ों का व्यवसाय करने वाले मसीउद्दीन अंसारी की फैक्ट्री लॉकडाउन के समय बंद थी, लेकिन फिर भी उन्हें हर महीने हज़ारों रुपयों का बिल बिजली विभाग की ओर से दिया गया. महाराष्ट्र सरकार ने पहले लोगों को आश्वासन देते हुए कहा था कि उन्हें राहत देने के लिए जल्द ही कोई कदम उठाया जाएगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं. मार्च महीने से अब तक मसीउद्दीन अंसारी का 56 हजार रुपयों का बिल बकाया है. उन्हें नहीं पता कि वे अब बिल का भुगतान कैसे करेंगे. मसीउद्दीन अंसारी ने कहा कि मार्च से बिल बकाया है जो धीरे-धीरे अब 56 हज़ार हो गया है. रीडिंग के हिसाब से अगर बिल दिया जाएगा तो हम भर देंगे, लेकिन अब जब खाने के पैसे नहीं हैं तो यह बिल कैसे भरेंगे.. कारोबार 5 महीने से बंद था.
धारावी की तबस्सुम खातून के पति मजदूरी करते हैं और महीने का 10 से 12 हज़ार रुपये कमाते हैं. घर में एक पंखा और दो ट्यूब लाइट हैं और उनका एक महीने का बिल 13 हजार रुपये आया. उन्हें नहीं समझ आ रहा कि वो इतनी बड़ी रकम कैसे चुकाएंगे. तबस्सुम खातून कहती हैं कि ''हम खाएंगे या पैसे भरेंगे, मजदूर आदमी तो मर ही जाएगा. क्या करें.. मर जाएंगे. जो कमाते हैं, उससे घर में कुछ सब्ज़ी लाते हैं, बाकी पैसा बिजली का बिल भरने में खर्च करते हैं.''
महाराष्ट्र में लॉकडाउन के दौरान बिजली के मीटरों की रीडिंग नहीं ली गई थी और पिछले साल के औसत निकालकर लोगों को बिल भेजा गया था. सभी जगह पर इसका विरोध होने पर सरकार ने राहत देने की बात कही थी. लेकिन अब सरकार का कहना है कि सरकार की ओर से राहत नहीं दी जा सकती और इसके लिए ऊर्जा मंत्री ने केंद्र सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया है. ऊर्जा मंत्री नितिन राउत ने कहा कि जब केंद्र सरकार से पैसों की मांग की तो उन्होंने 10 फीसदी ब्याज मांगा. हमने कहा कि आपको बिना ब्याज पैसे देने चाहिए, केंद्र ने वो किया नहीं.
महाराष्ट्र बीजेपी बिजली बिलों के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरती नज़र आ रही है.
नई दिल्ली / शौर्यपथ /शिलॉन्ग, मेघालय: पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित मेघालय की वरिष्ठ पत्रकार और शिलॉन्ग टाइम्स की एडिटर पट्रीशिया मुखिम ने ए़डिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया में अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. उनका आरोप है कि पत्रकारों की यह बड़ी संस्था बस 'सेलेब्रिटी पत्रकारों का बचाव करती है.' अपने इस्तीफे में, पट्रीशिया मुखिम ने टीवी एंकर अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी का उदाहरण देते हुए कहा कि कैसे संस्था ने उस केस में फुर्ती से बयान जारी कर निंदा की थीजबकि उनके केस में पूरी तरह से चुप्पी साध ली गई है.
पिछले हफ्ते मेघालय हाईकोर्ट ने जुलाई में उनके एक फेसबुक पोस्ट को लेकर पुलिस में दाखिल की गई शिकायत पर कोई टिप्पणी करने या आदेश देने से इनकार कर दिया था.
मुखिम ने दावा किया कि उन्होंने एडिटर्स गिल्ड को इस केस के बारे में डिटेल में जानकारी दी थी. उन्होंने अपनी चिट्ठी में लिखा है, 'मैं अपनी सदस्यता से इस्तीफा देना चाहती हूं. इसके पीछे कई कारण हैं. पहला, एक पत्रकार के तौर पर मैं उन सेलेब्रिटी पत्रकारों की श्रेणी में नहीं आती हूं, जिनके अखबार खूब पढ़े जाते हैं, या फिर जिनकी वेबसाइटें बहुत पॉपुलर हैं. मैं भौगोलिक तौर पर और संस्था की हायरार्की में भी अलग-थलग पड़े जगह से आती हूं. मैंने हाईकोर्ट के इस आदेश को गिल्ड के साथ साझा किया था इस उम्मीद के साथ कि वो कम से कम इसकी निंदा करते हुए बयान जारी करेंगे लेकिन अधिकारियों की ओर से इसपर पूरी तरह से चुप्पी है.'
उन्होंने गिल्ड की नई नियुक्त हुई अध्यक्ष सीमा मुस्तफा के नाम लिखे इस पत्र में कहा है कि 'विडंबना है कि गिल्ड ने अर्नब गोस्वामी (जोकि गिल्ड के सदस्य भी नहीं हैं) की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए बयान जारी किया था, वो भी उस केस में जिसका पत्रकारिता से कुछ लेना-देना नहीं था, बल्कि खुदकुशी के लिए उकसाए जाने का आरोप था. मेरे हिसाब से गिल्ड सेलेब्रिटी एडिटरों/एंकरों' को बचाने और जानबूझकर अपने ही एक सदस्य की आवाज को नजरअंदाज करने का का काम कर रही है.'
बता दें कि 4 जुलाई को पट्रीशिया मुखिम ने एक फेसबुक पोस्ट में लॉशोतुन विलेज काउंसिल की उस घटना को लेकर आलोचना की थी, जिसमें बास्केटबॉल कोर्ट में पांच लड़कों पर चेहरा ढंके हुए कुछ लोगों ने हमला किया था. इस केस में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई थी. मुखिम ने मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा और स्थानीय प्रशासन दॉरबार श्नोंग से आरोपियों के खिलाफ एक्शन लेने की मांग की की थी. इसपर विलेज काउंसिल ने उनपर सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करवाया था. इसके आधार पर पुलिस ने उनके खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किया था. उनपर मानहानि का केस भी दर्ज था.
इसके खिलाफ वो हाईकोर्ट पहुंची थीं. हालांकि, हाईकोर्ट ने उनके केस को खारिज करने से इनकार कर दिया था. अब वो हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही हैं.
पट्रीशिया मुखिम ने अपनी चिट्ठी में लिखा है, 'जाहिर तौर पर यह हाशिए से आने वाले लोगों के खिलाफ भेदभाव और उन्हें और दूर धकेलने की कोशिश का मामला है ताकि वो राष्ट्र की मुख्यधारा से बिल्कुल अलग हो जाएं और अपनी मुश्किलों का सामना अपनी क्षमता से करने को मजबूर हो जाएं.'
मनोरंजन / शौर्यपथ / बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद को चुनाव आयोग ने पंजाब का स्टेट आइकन नियुक्त किया है। इसपर सोनू सूद ने कहा कि यह पल उनके लिए बहुत मायने रखता है, इमोशनली। बता दें कि सोनू सूद का जन्म पंजाब में हुआ था। वह पंजाब में चुनाव संबंधी जागरूकता फैलाते नजर आएंगे। इस सिलसिले में चुनाव आयोग ने सोमवार को एक पत्र जारी किया था।
सोनू सूद कहते हैं कि मैं इस सम्मान के लिए खुद को खुशकिस्मत मानता हूं। सभी का शुक्रिया। पंजाब में जन्म लेना, मेरे लिए इमोशनली यह बहुत मायने रखता है। मुझे खुशी है कि मेरा राज्य मुझपर गर्व महसूस करता है। आगे अच्छा कार्य करने के लिए मैं प्रेरित हुआ हूं।
बता दें कि सोनू सूद ने लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों की मदद की थी। उन्हें घर पहुंचाने से लेकर बेरोजगारों को रोजगार देने तक, सोनू सूद ने कई लोगों की जिंदगी बदली। पंजाब के मोगा जिले से ताल्लुक रखने वाले सोनू सूद फिल्म इंडस्ट्री में भी काफी सक्रिय हैं। वह हिन्दी, तमिल और पंजाबी समेत कई भारतीय भाषाओं में फिल्में कर चुके हैं।
मालूम हो कि लॉकडाउन में किए कार्यों को लेकर सोनू सूद ने एक किताब भी लिखी है। उनकी किताब का नाम ‘आई एम नो मसीहा’ है। यह दिसंबर में लॉन्च होगी। इस समय सोनू सूद फिल्म ‘पृथ्वीराज’ की शूटिंग में व्यस्त हैं। इस फिल्म में अक्षय कुमार और मानुषी छिल्लर मुख्य भूमिका में नजर आएंगे।
खाना खजाना /शौर्यपथ / कुछ चटपटा खाने का मन है, तो आप मटर की कचौड़ी ट्राई कर सकते हैं। इसकी रेसिपी बहुत ही आसान है।
सामग्री : 2 कप गेहूं का आटा या मैदा, 2 टीस्पून तेल, नमक स्वादानुसार, 1 कप हरी मटर, 2 टीस्पून तेल पिट्ठी भूनने के लिए, चुटकी भर हींग, 1/2 टीस्पून जीरा, 1 टीस्पून धनिया पाउडर , 1/2 टीस्पून सौंफ पाउडर, 1/2 टीस्पून लाल मिर्च पाउडर, 1 टीस्पून गरम मसाला, 1/4 टीस्पून अमचूर पाउडर, हरी मिर्च बारीक कटी हुई, 1 इंच अदरक, नमक स्वादानुसार, तेल तलने के लिए
विधि : गूंथे हुए आटे को सेट होने के लिए 20 मिनट के लिए एक तरफ रख दें। पिट्ठी तैयार करने के लिए मटर के दानों को ग्राइंडर में दरदरा पीस लें। पैन में तेल डालकर गर्म करें। फिर उसमें हींग और जीरा डालें। जीरा ब्राउन होने के बाद धनिया पाउडर, सौंफ, हरी मिर्च, अदरक डालकर हलका सा भूनें और मटर का पेस्ट डालें। फिर लाल मिर्च, गर्म मसाला, अमचूर, हरा धनिया और नमक डालकर मटर को 3-4 मिनट तक भूनें। अब पिट्ठी तैयार है।
नींबू के आकार का आटा लेकर लोई बनाएं। उसे हथेली पर रखकर थोड़ा दबाकर बीच में एक छोटी चम्मच पिट्ठी भरकर गोल करें। अब भरी हुई लोई को हथेली से दबाकर उसका आकार थोड़ा सा बढ़ा लें, इससे लोई में मटर की पिट्ठी एकसार हो जाती है। भरी हुई लोई को बेलन से बेल लें। इसी तरह बाकी कचौरियां भी तैयार कर लें। बेली हुई कचौरी को एक-एक करके गर्म तेल में डालें और पलट कर दोनों ओर से सेंकें।
तली हुई कचौरियां किसी प्लेट पर पेपर नैपकिन बिछाकर निकाल लें। इसी तरह सारी कचौरियां तल लें।
अब कचौरियों को हरे धनिये की चटनी के साथ गर्मागर्म सर्व करें।
सेहत / शौर्यपथ / ‘संडे हो या मंडे, रोज खाएं अंडे।’ नाश्ते के मामले में दुनिया की ज्यादातर आबादी भले ही इस फंडे पर यकीन करती है। लेकिन, चायना मेडिकल यूनिवर्सिटी और कतर विश्वविद्यालय के हालिया अध्ययन की मानें तो हर चीज की तरह ही, अंडे की अति भी बुरी है। ज्यादा मात्रा में अंडे का सेवन टाइप-2 डायबिटीज का सबब बन सकता है।
साल 1991 से 2009 के बीच हुए इस अध्ययन में दो हजार चीनी वयस्क शामिल हुए। शोधकर्ताओं ने सभी प्रतिभागियों की सेहत पर अंडे के नियमित सेवन का असर आंका। इस दौरान पाया कि रोज 50 ग्राम (एक बड़ा अंडा) से ज्यादा अंडा खाने वाले लोगों के टाइप-2 डायबिटीज का शिकार होने का खतरा 60 फीसदी तक बढ़ जाता है।
चीन में डायबिटीज का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मौजूदा समय में 11 फीसदी से अधिक चीनी आबादी के टाइप-2 डायबिटीज से जूझने का अनुमान है। यह आंकड़ा वैश्विक औसत (8.5 फीसदी) से कहीं ज्यादा है। डायबिटीज अर्थव्यवस्था पर भी बड़ा बोझ बनकर उभरी है।
वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य क्षेत्र में खर्च होने वाली दस फीसदी राशि डायबिटीज रोगियों पर खर्च हो रही है। शोधकर्ता डॉ. मिंग ली के मुताबिक डाइट टाइप-2 डायबिटीज का खतरा निर्धारित करने वाले प्रमुख कारकों में शुमार है। ऐसे में खानपान से जुड़ी उन वस्तुओं का पता लगाना बेहद अहम है, जो ब्लड शुगर में उछाल का कारण बन सकती हैं। इससे खानपान में जरूरी बदलाव लाकर डायबिटीज का जोखिम टालने में मदद मिलना तय है।
ली ने बताया कि अंडे में मौजूद कार्बोहाइड्रेट और फैट ब्लड शुगर में वृद्धि ला सकते हैं। चूंकि, 1991 से 2009 के बीच चीन में अंडे की दैनिक खपत दोगुनी हो गई है, इसलिए यह अध्ययन आंखें खोलने वाला है। लोगों का फास्टफूड, मीठे और सोडा ड्रिंक के साथ ही अंडे के सेवन पर भी लगाम लगाना जरूरी है।
सुबह देर से उठने वाले हो जाएं सतर्क
-‘नाइट आउल्स’ यानी रात में देरी से सोने और सुबह देरी से उठने वाले लोगों में शारीरिक सक्रियता का स्तर बेहद कम रहता है। यही कारण है कि ऐसे लोग टाइप-2 डायबिटीज के खतरे के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं। लिसेस्टर और साउथ ऑस्ट्रेलिया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अपने हालिया अध्ययन के आधार पर यह दावा किया है।
मुख्य शोधकर्ता जोसेफ हेनसन के मुताबिक ‘नाइट आउल्स’ सुबह जल्द उठने वाले लोगों से 56 फीसदी कम व्यायाम करते हैं। इससे उनका ब्लड शुगर ही नहीं, वजन और रक्तचाप भी सामान्य से अधिक होता है। लंबे समय तक सोने-उठने की आदत में सुधार न करने पर वे डायबिटीज और हाइपरटेंशन की जद में आ जाते हैं।
संकट
-46.3 करोड़ वैश्विक आबादी के डायबिटीज पीड़ित होने का अनुमान
-7.8 करोड़ मरीज दक्षिणपूर्वी एशिया में, इनमें 7.7 करोड़ भारतीय शामिल
-25 फीसदी से अधिक रोगी खुद के बीमारी से जूझने की खबर से अनजान
-70 करोड़ तक पहुंच सकता है डायबिटीज रोगियों का आंकड़ा 2045 तक
शौर्यपथ / तुलसी के विभिन्न प्रकार के पौधे मिलते हैं- जैसे श्रीकृष्ण तुलसी, लक्ष्मी तुलसी, राम तुलसी, भू तुलसी, नील तुलसी, श्वेत तुलसी, रक्त तुलसी, वन तुलसी, ज्ञान तुलसी आदि। आओ जानते हैं कि हिन्दू धर्म में क्या है तुसली का महत्व।
1.भगवान विष्णु को सबसे प्रिय है तुलसी का पत्ता। भगवान को जब भोग लगाते हैं या उन्हें जल अर्पित करते हैं तो उसमें तुलसी का एक पत्ता रखना जरूरी होता है।
2.तुलसी का पत्ता खाते रहने से किसी भी प्रकार का रोग और शोक नहीं होता। प्रतिदिन 4 पत्तियां तुलसी की सुबह खाली पेट ग्रहण करने से मधुमेह, रक्त विकार, वात, पित्त, कैंसर आदि दोष दूर होने लगते हैं।
3.तांबे के लोटे में एक तुलसी का पत्ता डालकर ही रखना चाहिए। तांबा और तुलसी दोनों ही पानी को शुद्ध करने की क्षमता रखते हैं। दूषित पानी में तुलसी की कुछ ताजी पत्तियां डालने से पानी का शुद्धिकरण किया जा सकता है।
4.तुलसी के समीप आसन लगाकर यदि कुछ समय प्रतिदिन बैठा जाए तो श्वास व अस्थमा जैसे रोग आदि से छुटकारा मिल जाता है।
5.वास्तु दोष को दूर करने के लिए तुलसी के पौधे को अग्नि कोण से लेकर वायव्य कोण तक के खाली स्थान में लगा सकते हैं। यदि खाली जमीन न हो तो गमलों में भी तुलसी लगा सकते हैं।
6.ऐसा कहते हैं कि यदि आपके घर में कोई संकट आने वाला है तो सबसे पहले तुलसी को इसका ज्ञान होगा और वह सूख जाएगी। आप उस पौधे का कितना भी ध्यान रखें, धीरे-धीरे वह पौधा सूखने लगता है।
दुर्ग / शौर्यपथ / जिला कांग्रेस कमेटी भिलाई नगर के द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु की 131 जयंती नेहरू भवन सुपेला में मनाई गई। नेहरू जी की आदमकद प्रतिमा में पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें 2 मिनट की श्रद्धा सुमन अर्पित की गई। जिलाध्यक्ष तुलसी साहू ने कहा कि पंडित नेहरू ने स्वतंत्रता आंदोलन में अनेकों बार जेल की यात्राएं कर महात्मा गांधी के साथ भारत को स्वतंत्र दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में पार्टी को मजबूती प्रदान किया। स्वतंत्रता के बाद आधुनिक भारत के निर्माता प्रधानमंत्री के रूप में भारत को विकास की नई दिशा प्रदान की। लघु भारत के रूप में उन्होंने भिलाई स्टील प्लांट की स्थापना की जो छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का आधार स्तम्भ है। उन्होंने पंचवर्षीय योजना के माध्यम से भारत के नव निर्माण के लिए कल कारखानों के साथ बड़े बडे बांध और सिचाई परियोजनाओं की आधार शिला रखी। अपने पंचशील नीति से भारत की विदेश नीति को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में प्रभुत्व कायम रखा। कार्यक्रम में महामंत्री संदीप निरंकारी, मुकेश चंद्राकर, नीलेश चौबे, ब्लाक अध्यक्ष केशव चौबे, जानकी साहू, लालचंद वर्मा, नरसिंह नाथ, प्रेम साहू, निरंजन बिसाई, सुजीत साव, नीतीश कश्यप, लादूराम सिन्हा, रमेश शिववंशी, अमनदीप सोढ़ी, वासु पांडेय, दीपक साहू, आशुतोष सिंह आदि ने उपस्थित होकर नेहरू जी को श्रद्धा सुमन अर्पित किये।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / रियासतकालीन प्राचीन रानी मंदिर छुईखदान में जय बजरंग मानस मंडली बाजार लाईन द्वारा रामायण पाठ संपन्न हुआ। रानी मंदिर के संरक्षक लाल जेके वैष्णव ने जानकारी दी कि रामायण पाठ में भगवान श्रीराम के जन्म से लेकर विभिन्न लीलाओं का अर्थ, टीका द्वारा भक्तजनों को बताया गया। जिसमें मानस प्रेमी मोहन कामड़े गुरूजी, गौकरण रजक, सतीश महोबिया, राघव महोबिया, पंडुप प्रेम चंद्राकर, अमर सिंह ठाकुर, रामकुमार कुम्भकार, गेंदू राम निषाद, नारायण निषाद, श्रीधर वैष्णव, अनिल पुजारी रानी मंदिर, रत्नाकर महोबिया, दिनेश महोबिया, मुकेश महोबिया, लतेल राम ध्रुवे, संजय लल्ला, शिवेन्द्र किशोर दास, माधव शास्वत दास सहित बड़ी संख्या में रामायण समिति के सदस्य एवं भक्तगण उपस्थित रहे। आदर्श महिला रामायण मण्डली बाई साहब मंदिर द्वारा भी रामायण पाठ रानी मंदिर में सम्पन्न हुआ। समाजसेवी अशोक चंद्राकर एवं शरद डब्बू श्रीवास्तव जय जगन्नाथ सेवा समिति ने रामायण पाठ आयोजन हेतु बधाई, शुभकामनाएँ दी। लाल जितेन्द्र किशोर वैष्णव ने रामचरित मानस के दर्शन को आज की युवा पीढ़ी को अपने जीवन में आत्मसात करने की बात कहते हुए बताया कि यह हमें जीवन जीने की कला सिखाती है। पूरा मंदिर परिसर रामायण पाठ द्वारा राममय रहा।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कृषि विभाग के अंतर्गत एक्सटेंशन रिफार्म्स आत्मा योजनांतर्गत गवर्निंग बोर्ड की बैठक ली। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि किसानों को जिन फसलों के उत्पादन से अधिक लाभ हो उसकी खेती करने के लिए प्रेरित करें। धान की खेती के अलावा अन्य फसलों को भी प्रोत्साहित करें और उसकी मार्कें टिंग पर भी ध्यान दें। उन्होंने कहा कि धान कटाई के बाद किसान पैरा जला देते है, जिससे प्रदूषण होता है। इसके लिए जागरूकता लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि महिला स्व-सहायता समूह को खेती किसानी एवं गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने के लिए कार्य करें। उन्होंने बताया कि औंधी,पानाबरस, भोजटोला में वनधन केन्द्र बनाए जा रहे हैं। जहां कोदो, कुटकी, मक्का एवं अन्य फसलों तथा वनीय उत्पादों का विक्रय किया जाएगा। उन्होंने कोदो प्रसंस्करण मशीन लगाने के लिए भी कहा। गौठान में वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन प्रारंभ हो गया है और महिला स्व-सहायता समूह के माध्यम से वर्मी कम्पोस्ट बनाया जा रहा है। इस अवसर पर उप संचालक कृषि जीएस धु्रर्वे, सहायक संचालक उद्यानिकी राजेश शर्मा एवं गवर्निंग बोर्ड के सदस्य उपस्थित थे।
डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर आत्मा राजू ने बताया कि एक्सटेंशन रिफार्म्स आत्मा योजनांतर्गत रबी में 650 एकड़ की वृद्धि हुई। जिसमें गेंहू, सरसों, अलसी, मसूर जैसे फसल किसानों द्वारा ली गई। 668 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट क्रय किया गया है। उन्होंने बताया कि वनांचल क्षेत्रों के गौठान ग्रामों में कृषक समूह के लिए कोदो, रागी एवं मक्का प्रसंस्करण इकाई भी आरंभ किया जाना है। राज्य के बाहर शैक्षणिक भ्रमण के तहत किसानों को एग्रोविजन एक्सपो 2019 कृषक मेला में कृषकों की सहभागिता कराई गई कृषि उन्नति मेला में उन्नत तकनीकों एवं प्रदर्शनी का अवलोकन एवं तकनीकी हस्तांतरण के लिए भ्रमण कराया गया। जैविक खेती कृषि, गौवंश संवर्धन, जैविक खाद उत्पादन तकनीक का भ्रमण कराया गया। कृषि के उन्नत तकनीकों एवं प्रदर्शनी का अवलोकन एवं प्रशिक्षण, मशरूम उत्पादन, सब्जी उत्पादन, डेयरी तकनीक, मत्स्य पालन आदि की उन्नत तकनीक का प्रशिक्षण दिया गया। रागी, कोदो, लघु धान्य उत्पादक कृषकों को उत्पादन की उन्नत तकनीक एवं मूल्य संवर्धन की तकनीक सीखी। उन्होंने विभाग में रिक्त पदों की भर्ती के लिए भी कलेक्टर को जानकारी प्रदान की।
गवर्निंग बोर्ड के सदस्य एवं मलेशिया से पुरस्कृत तथा डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न अलंकरण से सम्मानित बिसेशर साहू ने कहा कि किसानों को विभिन्न तरह की फसल लेने के लिए प्रोत्साहित करना होगा और जमीनी स्तर पर उनकी समस्याओं के निदान खोजने होंगे। उन्होंने कहा कि समिति के सदस्यों को नवाचार एवं तकनीक की जानकारी देनी चाहिए। जिससे किसान जागरूक बनेगें। कृषक श्री सलूजा ने कहा कि स्वास्थ्य के लिए पौष्टिक अलसी जैसी फसलों को बढ़ावा देने की जरूरत है। फसल उत्पाद की मार्केटिंग एवं वैल्यू एडिशन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। कोदो, कुटकी, रागी, सोयाबीन जैसे स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद लोगों तक पहुंचे। दुग्ध उत्पाद, मत्स्य पालन एवं उद्यानिकी में बहुत संभावनाएं है। सब्जियों की पैकेजिंग कर विक्रय किया जा सकता है। किसानों को चयनित कर उन्हें अलग-अलग तरह की फसल उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। इस अवसर पर पशुपालन विभाग से डॉ. ममता मेश्राम, कृषक अशोक चौधरी, चैनदास बांधव एवं गर्वर्निंग बोर्ड के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
आत्मा योजनांतर्गत जिला वार्षिक कार्ययोजना 2018-19, 2019-20 एवं 2020-21 के भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य एवं प्रगति का अनुमोदन किया गया। विकासखंड, जिला, राज्य स्तरीय उत्कृष्ट कृषि उत्पादकता पुरस्कार वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 हेतु चयनित कृषकों की सूची का अनुमोदन किया। वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 में बीटीटी कनवेनर एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी समस्त 9 विकासखंड समवर्गीय विभाग एवं कृषि विज्ञान केन्द्र को प्रदाय राशि का कार्येत्तर अनुमोदन के साथ एक्सटेंशन रिफार्म्स ‘‘आत्मा’’ योजनांतर्गत वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 में राज्य के बाहर कृषकों का शैक्षणिक भ्रमण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का कार्येत्तर अनुमोदन हेतु प्रस्तुत। एक्सटेंशन रिफार्म्स ‘‘आत्मा’’ योजनांतर्गत जीबी, डीएफएसी, बीएफएसी एवं किसान मित्रों के सदस्यों का पुर्नगठन हेतु अनुमोदन एवं चर्चा। एक्सटेंशन रिफार्म्स ‘‘आत्मा’’ योजनांतर्गत जिला मुख्यालय एवं तीन अनुविभाग में कृषकों के प्रशिक्षण एवं योजनाओं के प्रचार-प्रसार कार्य हेतु 4 नग प्रोजेक्टर क्रय करने, गौठानों एवं जिले के जैविक उत्पादक कृषकों के उत्पादों के जिला कार्यालय परिसर में स्थायी विक्रय केन्द्र व्यवस्था हेतु अनुमोदन एवं चर्चा, कोदो एवं रागी प्रसंस्करण इकाई स्थापना हेतु अनुमोदन एवं चर्चा की गई। गौठानों में उत्पादित वर्मी कम्पोस्ट का क्रय उत्पादक समूह एवं सेवा सहकारी समिति के माध्यम से क्रय करके योजनांतर्गत आयोजित होने वाले फसल प्रदर्शनों में उपयोग करने हेतु अनुमोदन एवं चर्चा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन एवं एक्सटेंशन रिफार्म्स ‘‘आत्मा’’ योजनांतर्गत रिक्त पदों पर भर्ती अनुमोदन एवं चर्चा। आत्मा योजनांतर्गत कार्यरत संविदा स्टॉफ की सेवा अवधि विस्तार का अनुमोदन। कृषि यांत्रिकीकरण सबमिशन योजनांतर्गत वर्ष 2020-21 की कार्ययोजना का अनुमोदन। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजनांतर्गत 2018-19, 2019-20 एवं 2020-21 के भौतिक-वित्तीय प्रगति का अनुमोदन किया गया।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
