August 12, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति के बीच आम आदमी पार्टी (आप) ने पंजाब में लगातार पराली जलाए जाने की घटनाओं का मुद्दा उठाया है. संसदीय सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि आप सांसद एनडी गुप्ता ने संसदीय समिति की बैठक में पंजाब में पराली जलाए जाने की घटनाओं की ओर सभी सदस्यों का ध्यान खींचा. इस बीच दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तरबेहद गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है.
    संसदीय सूत्रों ने यह जानकारी दी. गुप्ता ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मामलों से जुड़ी समिति की बैठक में अपनी बात रखी. समिति की बैठक शुक्रवार को संसद में हुई. सूत्रों का कहना है कि एनडी गुप्ता ने संसद में रखे गए उस डेटा का उल्लेख किया. जिसमें कहा गया है कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में फैले प्रदूषण में पराली की हिस्सेदारी करीब 45 फीसदी है.
    संसदीय समिति के चेयरमैन और बीजेपी के वरिष्ठ सांसद रमेश बिधूड़ी ने एनडीटीवी इंडिया से कहा, पराली दिल्ली एनसीआर इलाके में प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण नहीं, सबसे ज्यादा प्रदूषण गाड़ियों के चलने से उठने वाले धूल और धुआं की वजह से होता है. दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की है, केजरीवाल ने कितनी बार हरियाणा पंजाब या यूपी के मुख्यमंत्री से बैठक कर पराली की समस्या से निपटने के लिए रणनीति पर चर्चा की. एमसीडी ने अगर धूल साफ करने वाली मशीन खरीदी होती और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई होती तो आज दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के बेहतर नतीजे सामने आते हैं.
    बैठक में कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उनका मंत्रालय किसानों के लिए प्रोत्साहन योजना लाने पर काम कर रहा है. ताकि उन्हें पराली न जलाने के लिए मनाया जा सके. संसदीय समिति की बैठक का आधिकारिक एजेंडा "गैर पारंपरिक ईंधन के उत्पादन की प्रगति की समीक्षा, विशेषकर जैव ईंधन के संदर्भ में" था.
    बेहद गंभीर श्रेणी में Delhi-NCR के शहरों में प्रदूषण
    दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में प्रदूषण का स्तर गंभीर स्थिति में पहुंच गया है. एनसीआर में सबसे बुरा हाल नोएडा का है. दिल्ली-एनसीआर के शहरों का एयर इंडेक्स 400 से ऊपर 'गंभीर श्रेणी' में आ गया. नोएडा में PM 2.5 का स्तर शुक्रवार को 610 पर पहुंच गया है. वहीं, दिल्ली के कई इलाकों में आज भी PM 2.5 का स्तर 500 के पार है. दिल्ली यूनिवर्सिटी का वायु गुणवत्ता सूचकांक 540 तो आईआईटी दिल्ली का आंकड़ा 563 पर है.

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / राष्‍ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू यादव की ज़मानत याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई 27 नवम्बर तक टल गई है. शुक्रवार की सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्‍यूरो के आग्रह पर सुनवाई स्थगित हुई हैं. इसके मायने यह है बिहार विधानसभा चुनाव के लिवा वोटों की गिनती होने तक लालू को राहत नहीं मिली है. चारा घोटाले के चार विभिन्न मामलों में सजायाफ्ता लालू यादव के खिलाफ दुमका कोषागार से गबन के मामले में जमानत पर शुक्रवार को सुनवाई हुई. आरजेडी सुप्रीमो की ओर से दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में आधी सजा काटने के आधार पर जमानत प्रदान किए जाने की गुहार लगाई गई है.
    लालू के वकील देवर्षि मंडल ने बताया कि आरजेडी प्रमुख इस मामले में 42 माह जेल में रह चुके हैं. इसके अलावा आधी सजा काटने के आधार पर उन्हें जमानत मिलनी चाहिए. सजा की आधी अवधि काट लेने के आधार के अलावा लालू की ओर से उन्हें किडनी, हृदय रोग व शुगर सहित 16 प्रकार की बीमारियां होने का भी दावा किया गया है.
    गौरतलब है कि चारा घोटाले के चार मामलों में यादव को सजा मिली है, जिनमें से चाईबासा के दो मामले व देवघर के मामले में उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है.गौरतलब है कि RJD नेता और महागठबंधन के सीएम पद के उम्‍मीदवार तेजस्वी यादव अपनी रैलियों में कह रहे थे कि नतीजों से पहले 9 तारीख को पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव लौटकर आ जाएंगे लेकिन अब उनकी इस उम्मीद को सनवाई टलने से झटका लगा है.

    खाना खजाना / शौर्यपथ / दिवाली आने में कुछ दिन ही बचे हैं, ऐसे में अगर आप कोई स्पेशल रेसिपी की तलाश में हैं, तो आज हम आपको बता रहे हैं आलू-गोभी टिक्की की स्पेशल रेसिपी।
    सामग्री : 1 कप ब्रेड क्रम्ब्स 2 उबले आलू 1 कप फूलगोभी ग्रेटिड 1 कप बेसन 1/2 टीस्पून धनिया पाउडर 1 टीस्पून जीरा 1 टीस्पून नींबू का रस 1 टीस्पून चाट मसाला 1 टीस्पून अदरक-लहसुन का पेस्ट 2 टेबलस्पून हरा धनिया नमक स्वादानुसार तेल जरूरत के अनुसार
    विधि : सबसे पहले एक बर्तन में आलू मैश कर लें। इसमें सभी चीजें डालकर मिला लें और मिश्रण तैयार कर लें। मीडियम आंच पर पैन में तेल डालकर गर्म करने के लिए रख दें। इस बीच हाथों को तेल से चिकना कर मिश्रण का एक चम्मच लें और टिक्की की शेप दें। इसी तरह से सारी टिक्की तैयार कर लें। - गर्म तेल में टिक्की डालकर सुनहरा होने तक फ्राई करें। तैयार हैं आलू-गोभी की टिक्की। गरमागरम सॉस के साथ सर्व करें।

    खेल /शौर्यपथ / दिल्ली कैपिटल्स की टीम को बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन के चलते मुंबई इंडियंस के खिलाफ आईपीएल 2020 के पहले क्वलिफायर में 57 रनों से हार का सामना करना पड़ा। मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में सूर्यकुमार यादव (51), ईशान किशन (नॉटआउट 55) और हार्दिक पांड्या (नॉटआउट 37) की उम्दा पारियों के दम पर 5 विकेट खोकर 200 रन बनाए। जवाब में दिल्ली की टीम 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 143 रन ही बना सकी। दिल्ली की टीम ने इस मैच में अपने शुरुआती तीन विकेट बिना कोई रन बनाए गंवाए। पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) एक बार अपनी खराब फॉर्म से जूझते नजर आए और अपना खाता तक नहीं खोल सके। शॉ अपनी इस पारी के बाद ट्विटर पर लोगों के निशाने पर रहे।
    पृथ्वी शॉ का बल्ला इस पूरे ही टूर्नामेंट में एकदम खामोश नजर आया है। शॉ ने इस सीजन खेले 13 मैचों में 136.52 के स्ट्राइक रेट से सिर्फ 228 रन बनाए हैं। शॉ का पिछली 8 पारियों में सर्वाधिक स्कोर 19 रन रहा है, जबकि इस दौरान वो तीन दफा जीरो पर आउट हुए हैं। शॉ के लगातार हर मैच में जल्दी आउट होने से टीम के मिडिल ऑर्डर पर काफी प्रेशर बना है, जिसके चलते दिल्ली की बल्लेबाजी पिछले मैचों में बुरी तरह से फ्लॉप रही है। मुंबई के खिलाफ शून्य पर आउट होने के बाद पृथ्वी ट्विटर पर लोगों के निशाने पर रहे और उनको जमकर ट्रोल किया गया। सोशल मीडिया पर लोगों ने पृथ्वी शॉ से जुड़े कई मीम भी शेयर किए।
    मुंबई के खिलाफ पहला क्वलिफायर गंवाने के बावजूद दिल्ली की टीम फाइनल में पहुंचने का अभी एक मौका और होगा। दिल्ली कैपिट्ल्स दूसरे क्वलिफायर में एलिमिनेटर मैच जीतने वाली टीम से भिड़ेगी। दिल्ली की टीम ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को हराकर प्वॉइंट्स टेबल में दूसरे नंबर पर रहते हुए लीग स्टेज को खत्म किया था।

    सेहत / शौर्यपथ / प्रदूषण आपके पूरे शरीर पर बुरा प्रभाव डालता है। इसके कुप्रभाव से बचने के लिए सरकारी प्रयास ही काफी नहीं हैं। हम खुद कितने सजग और तैयार हैं, यह भी मायने रखता है। छोटे-छोटे कदम उठाकर घर-परिवार को इसके प्रकोप से बचा सकते हैं। आज से हम विशेषज्ञों के सुझाए ऐसे ही उपाय साझा कर रहे हैं। पहली कड़ी में जानिए दिल के मरीज क्या करें...
    क्यों घातक
    एम्स के ह्रदय रोग विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर संदीप मिश्रा के मुताबिक कई शोध में यह देखा गया है कि वायु प्रदूषण वाले इलाकों में प्रदूषण बढ़ने पर हृदयघात की संख्या बढ़ जाती है। प्रदूषित सूक्ष्म कण ,पीएम 2.5 और 2.5 माइक्रोन से भी छोटे प्रदूषित कण दिल तक रक्त पहुंचाने वाली आर्टरी की एंडोथीलियम को नुकसान पहुंचा रही है। ऐसे में हृदय रोगी गुनगुना पानी ज्यादा पीएं। समय पर दवा लें और घर पर ही व्यायाम करें।
    क्या खतरा
    ’ हृदयघात का खतरा बढ़ जाता है।
    ’ दिल की नसें सूखने लगती हैं।
    ’ रक्त का संचार धीमा होने लगता है।
    ’ रक्त संचार के लिए रोगी को जोर लगाना पड़ता है।
    क्या करें
    ’ वायु प्रदूषण से बचने के लिए एन 95 मास्क लगाएं
    ’ दिल के मरीज हैं तो अपने रक्तचाप पर नियंत्रण रखें
    ’ सर्दियों के हिसाब से एक बार डॉक्टर को जरूर दिखा लें
    क्या न करें
    ’ प्रदूषण का स्तर अधिक हो तो सैर पर निकलने से बचना चाहिए।
    ’ प्रदूषित सड़कों पर निकलने से भी बचें, जरूरी न हो तो घर पर ही रहें
    वायु प्रदूषण से दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है। कई शोध में देखा गया है कि वायु प्रदूषित इलाकों में रहने वाले लोगों में ह्रदयघात के मामले उस समय ज्यादा बढ़ गए जब उनके क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया।
    -प्रोफेसर संदीप मिश्रा, ह्रदय रोग विभाग ,एम्स
    एनसीआर का हाल
    15 फीसदी मरीज बढ़े
    फरीदाबाद में हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. उमेश कोहली बताते हैं कि जिले में करीब 20 हजार हृदय रोगी हैं। प्रदूषण के कारण जिले में करीब 15 फीसदी हृदयरोगी मरीज बढ़ जाते हैं।
    ठंड में परेशानी अधिक
    नोएडा स्थित मेट्रो अस्पताल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. समीर गुप्ता बताते हैं कि नवंबर, दिसंबर और जनवरी में हृदय रोगियों की संख्या 30 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। इसमें कड़ाके की ठंड भी एक पहलु है।
    हार्ट अटैक के मामले बढ़े
    गुरुग्राम स्थित कॉलबिंया एशिया अस्तपाल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित गुप्ता ने बताया कि खराब होती आबोहवा के कारण 20 फीसदी तक हार्ट अटैक के मामले बढ़ जाते हैं।
    दोगुने हुए मरीज
    गाजियाबाद स्थित एमएमजी अस्तपाल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सुनिल कात्याल ने बताया कि पिछले 15 दिनों में दिल के मरीजों की ओपीडी में दोगुनी हो गई है। 30 से अधिक मरीज आ रहे।

    सेहत / शौर्यपथ / उम्र का तीसरा दशक आपके लिए सबसे ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण है। इस समय हर रोज एक टुकड़ा पनीर अपने आहार में शामिल करना आपको उन जोखिमों से बचा सकता है, जो 40 के दशक में आपके सामने आने वाले हैं।
    पनीर हम भारतीयों का पसंदीदा व्यंजन है। अगर आप शाकाहारी है तब तो पनीर हर छोटे बड़े मौके पर खास रूप से बनता है। बात चाहें स्वाद की हो या सेहत की पनीर आपकी प्लेट का आवश्यक हिस्सा है।
    पनीर में सेलेनियम और पोटेशियम होता है, जो मेंटल और फिजिकल दोनों हेल्थ के लिए बहुत लाभदायक है। पोटेशियम हमारे दिमाग के लिए, खासकर याददाश्त के लिये बहुत महत्वपूर्ण है। वहीं सेलेनियम प्रजनन क्षमता को बढ़ाता है। पनीर दूध से बना होने के कारण कैल्शियम का भी उत्कृष्ट स्रोत है। और कैल्शियम दांतों और हड्डियों के लिए फायदेमंद होता ही है।
    एक प्रोटीन के स्रोत के रूप में पनीर आपके लिए बहुत आवश्यक है। शाकाहारी हैं तो पनीर ही आपके लिए प्रोटीन का प्रमुख स्रोत होता है। 100 ग्राम पनीर में 265 कैलोरी होती हैं। इसमें से 20.7 ग्राम फैट, 1.2 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 18.5 ग्राम प्रोटीन और 208 मिलीग्राम कैल्शियम होता है।
    अगर आप वेट ट्रेनिंग करते हैं, तो आपको ज्यादा मात्रा में पनीर खाना चाहिए। पनीर प्रोटीन तो देता ही है, साथ ही लम्बे समय तक आपका पेट भी भरता है, जिससे आपको कम भूख लगती है।
    हम बताते हैं हर दिन पनीर खाने के फायदे-
    1. मजबूत दांत और हड्डियां
    पनीर में ढेर सारा कैल्शियम होता है, जो आपके दांत और हड्डियों को मजबूत करता हैं। पनीर दांतो की सड़न को रोकता है और कैविटी दूर करता है। पनीर में लैक्टोज कम होने के कारण यह दांतो और मसूड़ों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। महिलाओं में मेनोपॉज के बाद कैल्शियम की कमी बहुत आम समस्या है। इससे बचने के लिए अभी से अपनी डाइट में पनीर शामिल कर लें।
    2. मेटाबॉलिज्म बूस्‍ट करता है पनीर
    इसमें कैलोरी ज्यादा होती हैं, यही कारण है कि पनीर तुरन्त ऊर्जा प्रदान करता है। यह मेटाबॉलिज्म भी बढ़ाता है, क्योंकि पनीर खाने से इंसुलिन संतुलन में रहती है। जर्नल न्यूट्रिएंट में प्रकाशित स्टडी के अनुसार पनीर में लिनोलिक एसिड होता है जो फैट बर्न करने में मदद करता है। इसलिये वजन कम करने और लीन बॉडी बनाने के लिए पनीर किसी भी मीट विकल्प से बेहतर है।
    3. अर्थराइटिस और हड्डियों की अन्य समस्याओं को कम करता है
    पनीर में ओमेगा 3 और ओमेगा 6 फैटी एसिड होते हैं, जो अर्थराइटिस कम करने मे कारगर होते हैं। ओमेगा 3 गर्भावस्था में भी बहुत जरूरी होता है, यह प्रसव के दौरान होने वाली जटिलता को कम करने में सहायक है। शाकाहारियों के लिए यह ओमेगा 6 फैटी एसिड्स का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत है।
    4. आपके दिल को रखता है स्वस्थ
    पनीर में मौजूद पोटेशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है, जिसके कारण दौरा पड़ने का जोखिम कम हो जाता हैं। इतना ही नहीं यह मसल क्रेम्प्स भी कम करता है। पनीर में हेल्दी फैट होता है जो बैड कोलेस्ट्रॉल कम करता है। यानी दिल को स्वस्थ रखने में पनीर बहुत फायदेमंद है।
    तो लेडीज, अपनी डाइट में पनीर आज से ही शामिल कर लें ताकि आप भविष्य में भी स्वस्थ और जवान रहें।

    सेहत / शौर्यपथ / गिलोय की लता को चबाना या उसे उबालकर काढ़ा बनाना ताजे गिलोय के सेवन का सबसे आसान तरीका है। लेकिन क्या यह गिलोय के टैबलेट से बेहतर है?
    कोविड-19 के चलते हम कम से कम अपनी इम्युनिटी का ख्याल रखना तो सीख ही गए हैं। इम्युनिटी की जब भी बात हो, गिलोय का नाम सबसे पहले आता ही है। आयुर्वेद में गिलोय का सेवन सदियों से होता आया है और आज साइंस भी गिलोय के फायदों को मानती है।
    क्यों फायदेमंद होता है गिलोय?
    गिलोय एंटीऑक्सिडेंट का भंडार है जो फ्री-रेडिकल्स से लड़ने का काम करता है। फ्री रेडिकल्स शरीर मे ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ने पर पैदा होते हैं, जो शरीर के सभी महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुचाते हैं। गिलोय का सेवन इन फ्री रेडिकल्स को खत्म करता है जिससे शरीर को नुकसान पहुंचने से बच जाता है।
    बुखार का इलाज करने से लेकर पाचन और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तक गिलोय आपके लिए फायदेमंद है। गिलोय वैश्विक स्तर पर प्रचलित जड़ी-बूटी है जो इम्युनिटी को बढ़ाने में मदद करती है। यह एंटीऑक्सिडेंट का महत्वपूर्ण स्रोत है जो फ्री-रेडिकल्स से लड़ता है। आपकी कोशिकाओं को स्वस्थ रखता है और बीमारियों से छुटकारा दिलाता है। गिलोय शरीर से टॉक्सिन को हटाने में मदद करता है।
    यही नहीं गिलोय के सेवन से रक्त शुद्ध होता है। यह कई रोगों के लिए जिम्मेदार बैक्टीरिया से लड़ता है और इंफेक्शन के जोखिम को भी कम करता है।
    गिलोय में एंटी-पायरेटिक प्रॉपर्टी होती हैं। इसलिए यह डेंगू, स्वाइन फ्लू और मलेरिया जैसी कई बीमारियों के खतरों को कम कर सकता है।
    नेशनल लाइब्रेरी ऑफ हेल्थ की रिपोर्ट में पाया गया है कि गिलोय एक हाइपोग्लाइसेमिक एजेंट के रूप में कार्य करता है और मधुमेह के इलाज में मदद करता है। गिलोय का रस ब्लड शुगर लेवल को कम करने का काम करता है।
    लेकिन क्या ताजा गिलोय टैबलेट और कैप्सूल से बेहतर है?
    सबसे पहले बात करते हैं उन सभी तरीको की जिनसे आप गिलोय का सेवन कर सकती हैं। गिलोय की लता या डंडी चबायी जाती है। इसे उबालकर काढा भी बनता है। गिलोय का रस भी बनता है जो बाजार में उपलब्ध भी है। इसके अतिरिक्त टैबलेट और कैप्सूल के रूप में भी गिलोय बाजार में मौजूद है। असल मे रस या ताजे गिलोय में एक कड़वा स्वाद होता है, जिससे बचने के लिए लोग टैबलेट या कैप्सूल चुनते हैं।
    अगर आप आयुर्वेद की जानकारी रखते होंगे, तो आपको पता होगा कि पतंजलि से लेकर बहुत सी आयुर्वेदिक ब्रांड गिलोय की टेबलेट और कैप्सूल बनाती हैं। इनमें गुण गिलोय के ही होते हैं। मगर कोई स्वाद नहीं होता।
    गिलोय में एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टी होती हैं जिससे यह इम्युनिटी बढ़ाता है। टैबलेट या कैप्सूल के लिए 250mg दिन में दो बार डोज होता है, यानी दिन में 500 मिलीग्राम गिलोय। अब कैप्सूल या टेबलेट में भी वही गुण होते हैं जो ताजे गिलोय में मिलेंगे, लेकिन इसमें एक कमी है।
    गिलोय का रस या काढ़ा शरीर मे जाते ही असर करता है। बुखार उतारने से लेकर खून में शुगर लेवल कम करने तक ताजा गिलोय तुरंत काम शुरू करता है। जबकि कैप्सूल या टैबलेट को घुलने में समय लगता है।
    भोजन से पहले गिलोय की टैबलेट लेने से आपकी शुगर नियंत्रित रहेगी। लेकिन अगर आप भोजन से पहले लेने के बजाय बाद में लें तो यह काम करने से समय लेगी। ऐसा ताजे गिलोय के साथ नहीं होता।
    क्या गिलोय के साइड इफेक्ट्स होते हैं?
    गिलोय के सेवन के कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं हैं क्योंकि यह एक प्राकृतिक और सुरक्षित औषधि है। हालांकि, कुछ मामलों में गिलोय के उपयोग से कब्ज और ब्लड शुगर लेबल कम हो सकता है। इसलिए यदि आप मधुमेह के रोगी हैं और लंबे समय से गिलोय का सेवन कर रहे हैं, तो अपने बल्ड शुगर लेवल की नियमित रूप से जांच करते रहें। इसके अलावा,यदि आप गर्भवती हैं या स्तनपान करा रही तो गिलोय के उपयोग से बचें।
    गिलोय के सेवन से पहले मात्रा डॉक्टर से सलाह लेकर ही तय करें।

    मनोरंजन / शौर्यपथ / बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर ऋषि कपूर को उनकी बेहतरीन एक्टिंग के लिए जाना जाता है। आज भले ही वह इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन अपने फैन्स के दिलों में वह आज भी जीवित है। बताया जा रहा है कि वह बेटे रणबीर कपूर के साथ गुजराती फिल्म चाल जीवी लाइए के हिंदी रीमेक में काम करने वाले थे।
    सोर्स ने बताया कि ऋषि कपूर ने यह फिल्म देखी थी और उन्हें बहुत आई थी। इसलिए जब उन्हें फिल्म के रीमेक के लिए संपर्क किया गया, तो उन्होंने दिलचस्पी दिखाई थी। यह भी बताया गया कि ऋषि ने रणबीर कपूर को भी फिल्म में बेटे की भूमिका निभाने के लिए मना लिया था। हालांकि, इस फिल्म को करने से पहले ही वह इस दुनिया को छोड़कर चले गए।
    कोकोनट मोशन पिक्चर्स के सीईओ रितेश लालन ने बॉलीवुड हंगामा को बताया, 'हां हम, ऋषि कपूर और रणबीर कपूर को इस फिल्म के हिंदी रीमेक में कास्ट करने के लिए प्लान बना रहे थे। हमने मार्च में लॉकडाउन से ठीक पहले ऋषि के मैनेजर से बात करने की शुरुआत की थी, लेकिन महामारी के कारण सब खराब हो गया। इसके बाद ऋषि कपूर गुजर गए। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस फिल्म को लेकर रणबीर से अभी तक कोई बात नहीं है।
    चाल जीवी लाइए फिल्म एक ऐसे बेटे की कहानी है, जो हमेशा काम में व्यस्त रहता है। वह अपने पिता की आखिरी इच्छा पूरी करने के लिए उन्हें वेकेशन पर लेकर जाता है। बताते चलें कि ऋषि कपूर और रणबीर कपूर फिल्म बेशरम में साथ काम किया था हालांकि, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई थी। इस फिल्म में नीतू कपूर ने ऋषि की पत्नी की भूमिका निभाई थीं।
    ऋषि कपूर आखिरी बार फिल्म द बॉडी में नजर आए थे। वहीं, रणबीर कपूर की पिछली फिल्म संजू साल 2018 में रिलीज हुई थी। यह फिल्म बड़ी सुपरहिट साबित हुई। अब उनकी अपकमिंग फिल्में ब्रह्मास्त्र और शमशेरा है जो एक के बाद एक रिलीज होंगी।

    धर्म संसार / शौर्यपथ / अहोई अष्टमी पर माताएं अपनी संतान की दीर्घ आयु के लिए व्रत रखती हैं। इस साल रविवार 8 नवंबर को अहोई का व्रत रखा जाएगा। इस व्रत में महिलाएं शाम को तारों को देखकर जल अर्पित करने के बाद व्रत को खोलेंगी। यह व्रत निर्जला रखा जाता है और इसमें अहोई मईया की पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि कार्तिक मास की अष्टमी के दिन निर्जला व्रत रखकर अहोई माता की पूजा करने से संतान की लम्बी आयु होती है। अहोई माता की पूजा के लिए कहीं कहीं चांदी के दानें लाएं जाते हैं और हर अहोई अष्टमी पर दो दानें माला में पिरोए डाले जाते हैं। इस तरह हर साल माला में दो चांदी के दाने पिरोए जाते हैं और उस माला को माताएं पूजा के बाद धारण करती हैं। इसके बाद किसी भी अच्छे दिन इस माला की पूजा करके उतारा जाता है। इसके बाद अगली होई पर फिर चांदी के दो मनके माला में पिरोए जाते हैं। इस माला को भी पूजा में शामिल किया जाता है।
    अहोई अष्टमी शुभ मुहूर्त-
    अष्टमी तिथि प्रारंभ: 08 नवंबर को सुबह 07 बजकर 29 मिनट
    अष्टमी तिथि समाप्त: 09 नवंबर को सुबह 06 बजकर 50 मिनट पर
    पूजा का मुहूर्त: 5 बजकर 37 मिनट से शाम 06 बजकर 56 मिनट के बीच।
    करवा चौथ के ठीक चार दिन बाद अष्टमी तिथि को देवी अहोई व्रत मनाया जाता है । गोबर से या चित्रांकन के द्वारा कपड़े पर आठ कोष्ठक की एक पुतली बनाई जाती है और उसके बच्चों की आकृतियां बना दी जाती हैं। माताएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखने के बाद शाम को या प्रदोष काल उसकी पूजा करती हैं।
    करवाचौथ में इस्तेमाल किए गए करवे में जल भर लिया जाता है। शाम को माता की विधि-विधान से पूजा और कथा के बाद उन्हें फल, फूल और मिठाई भोग लगाते हैं। उसके बाद तारों को करवे से अर्घ्य देने के बाद रात में व्रत का समापन किया जाता है। मान्यता है कि अहोई माता की पूजा करके उन्हें दूध-चावल का भोग लगाना शुभ होता है।

    धर्म संसार / शौर्यपथ / कार्तिक मास 1 नवंबर से शुरू होकर 30 नवंबर 2020 तक रहेगा। हिंदू धर्म में कार्तिक मास का विशेष महत्व है। मान्यता है कि कार्तिक मास में धन और धर्म की प्राप्ति होती है। कहते हैं कि कार्तिक मास मां लक्ष्मी को अतिप्रिय होता है। ऐसे में इस माह के शुक्रवार को कुछ खास उपायों को करने से मां लक्ष्मी होती हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाती हैं।
    कार्तिक मास में मां लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने के लिए शुक्रवार के उपाय-

    1. शुक्रवार को लाल या सफेद वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। कहते हैं कि हाथ में चांदी की अंगूठी या छल्ला धारण करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
    2. कहते हैं कि रात में लोग अंधेरा करके सोते हैं। रात में पूरे घर में अंधेरा करना शुभ नहीं होता है। मान्यता है कि रात में मध्यम रोशनी रखने से मां लक्ष्मी प्रसन्न रहती हैं।
    3. कहते हैं कि शुक्रवार को मां लक्ष्मी की विधि-विधान पूजा करने से धन-संपदा की प्राप्ति के साथ दांपत्य जीवन भी खुशहाल होता है। माना जाता है कि मां लक्ष्मी की पूजा से प्रेम-संबंध भी सुधरते हैं।
    4. यूं तो गाय को हर दिन रोटी खिलाना शुभ माना जाता है। हालांकि शुक्रवार के दिन गाय को ताजी रोटी खिलाने से भी मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
    5. माना जाता है कि मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए शुक्रवार को रात के समय घर के पूजा स्थल पर शुद्ध घी का दीपक जलाएं। कहते हैं कि तुलसी के पौधे के सामने भी दीपक जलाने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।
    6. कहते हैं कि शुक्रवार को मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए पूजा के दौरान शंख और घंटी बजाना चाहिए। मान्यता है कि ऐसे घरों में मां लक्ष्मी का हमेशा वास रहता है।
    7. शुक्रवार के दिन माता महालक्ष्मी के मंदिर जाकर उन्हें लाल वस्त्र अर्पित करना शुभ माना जाता है। संभव हो तो मां लक्ष्मी को लाल बिंदी, सिंदूर, लाल चुनरी और लाल चूडियां भी अर्पित करें। कहते हैं कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी अपनी कृपा भक्त पर बरसाती हैं।
    8. कहते हैं कि शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए हाथ में पांच लाल रंग के फूल लेकर माता का ध्यान लगाना चाहिए। इसके बाद लक्ष्मीजी को प्रणाम करते हुए प्रार्थना करें कि वह आपके घर पर सदैव विराजमान रहें। इसके बाद इन फूलों को तिजोरी या अलमारी में रख दें।
    9. माना जाता है कि शुक्रवार के दिन श्री लक्ष्मी नारायण पाठ करने से भी मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। कहते हैं कि पाठ करने के बाद श्री लक्ष्मी नारायण भगवान को खीर का भोग लगाना चाहिए।
    10. शुक्रवार के एक लाल रंग का कपड़ा लें और इस कपड़े में सवा किलो चावल रखें। ध्यान रहे कि चावल का एक भी दाना टूटा नहीं होना चाहिए। चावल की पोटली बनाकर हाथ में लेकर ओम श्रीं श्रीये नम: का पांच माला जाप करें। फिर इस पोटली को तिजोरी में रख दें। कहते हैं कि ऐसा करने से धन प्राप्ति का योग बनता है।

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