August 12, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    शौर्यपथ / त्योहारों का सीजन शुरू हो चुका है। कुछ ही दिनों में दिवाली, भैया दूज भी आने वाले हैं। ऐसे में हर उत्सव का मजा दोगुना करने और रिश्तों में मिठास घोलने के लिए लोग घर पर ही कई तरह की मिठाइयां बनाते हैं। ज्यादातर मिठाइयां मावा से बनाई जाती हैं, जो खाने में बेहद स्वादिष्ट होती हैं। लेकिन मिठाई बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाला मावा अगर नकली हो तो न सिर्फ त्योहार का मजा खराब हो जाता है बल्कि सेहत को भी काफी नुकसान होता है। अगर आप भी नकली माला खरीदने और सेहत को होने वाले नुकसान से बचना चाहते हैं तो मावा खरीदते समय ध्यान रखें ये जरूरी बातें।
    -मावा खरीदते समय ध्यान रखें ये जरूरी बातें-
    1-मावा पहचानने का सबसे आसान तरीका है कि यह ध्यान रखें कि असली खोया मुलायम और नकली खोया दरदरा होता है।
    2- मावा खरीदने से पहले थोड़ा मावा खाकर देखें, मावा अगर असली होगा तो मुंह में चिपकेगा नहीं जबकि नकली मावा चिपक जाएगा।
    3- हथेली पर खोया को लेकर उसकी गोली बनाएं। अगर यह फटने लग जाए तो समझ जाएं मावा नकली है या फिर इसमें मिलावट की गई है।
    4- मावा या खोया को अपने अंगूठे के नाखून पर रगड़ें। अगर यह असली है तो इसमें से घी की महक आएगी।
    5- असली मावे को खाने पर कच्चे दूध जैसा स्वाद आएगा। जबकि नकली मावा चखने पर स्वाद में कसैला होता है
    6- मावे में थोड़ी चीनी डालकर गरम करें।अगर ये पानी छोड़ने लगे तो यह नकली खोया है।
    7- असली खोया पानी में जल्दी घुल जाता है जबकि नकली खोया पानी में जल्दी नहीं घुलता।
    8- असली खोया चिपचिपा नहीं होता बल्कि नकली खोया चिपचिपा होता है।
    9- नकली मावे का पता लगाने के लिए उसे पानी में डालकर फेंटने से वह दानेदार टुकडों में अलग हो जाएगा।
    10-असली खोया सफेद रंग का और नकली हल्का पीले रंग का होता है।

    धर्म संसार / शौर्यपथ / सुख-समृद्धि की कामना के साथ त्योहार मनाए जाते हैं। हर त्योहार से जुड़ी तैयारियां वास्तु के सिद्धांत पर ही आधारित हैं। दीपावली के अवसर पर वास्तु के अनुसार त्योहारों की तैयारियां करें। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    त्योहारों के अवसर पर अपने घर या प्रतिष्ठान की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। घर या प्रतिष्ठान के प्रवेश द्वार पर की जाने वाली सजावट के लिए चावल के आटे, रंगीन पाउडर, फूल, आम के पत्ते का प्रयोग करें। घर में रखे अनुपयोगी सामान को घर से बाहर कर दें। घर की साज सज्जा में विविध रंगों का इस्तेमाल करें। घर के प्रवेश द्वार के दोनों ओर दीया जलाएं। त्योहार के अवसर पर किसी को भी पानी वाली चीजें या शोपीस उपहार में न दें। अपने कार्यक्षेत्र से संबंधित चीजें भी किसी को उपहार में न दें। किसी को भी भगवान श्रीगणेश-माता लक्ष्मी की मूर्ति उपहार में न दें। घर या प्रतिष्ठान के मुख्य द्वार पर मां लक्ष्मी के पैरों के निशान लगाना शुभ माना जाता है। पैरों की दिशा द्वार से अंदर आते हुए हो। दीपावली पर घर या दुकान के मुख्यद्वार के पास किसी बर्तन में पानी भरकर उसमें फूल डाल दें। इस बर्तन को मुख्यद्वार की पूर्व या उत्तर दिशा में रखें। त्योहार पर बर्तनों में पीतल, तांबे या चांदी के बर्तन ख़रीद सकते हैं। सोने या चांदी का सिक्का ख़रीदना भी शुभ होता है। दीपदान के लिए मिट्टी का दीपक ही जलाएं। दीपावली पर मिट्टी के दीए जरूर जलाएं। त्योहारों पर मखाने की खीर बनाने से घर में संपन्नता आती है। पूजाघर में सभी देवी-देवताओं की मूर्तियां बैठी हुई अवस्था में होनी चाहिए। दीपावली के दिन नई झाडू खरीदे। इस नई झाडू की पूजा कर आप पूरे घर की सफाई नई झाडू से करें।

    शौर्यपथ / त्योहार हमारे जीवन में नई खुशियां, नई ऊर्जा और नया उत्साह लेकर आते हैं। दीपावली के साथ कई त्योहार आने वाले हैं। घर और प्रतिष्ठानों में त्योहारों को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। वास्तु में कुछ आसान से उपाय बताए गए हैं जो इन त्योहारों पर आपके परिवार में सुख और समृद्धि में वृद्धि करने में सहायक हो सकते हैं। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में।
    घर या प्रतिष्ठान का मुख्य द्वार वास्तु शास्त्र में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। त्योहारों के स्वागत में घर या प्रतिष्ठान के मुख्य द्वार को तोरण, रंगोली से सजाएं। घर के प्रवेश द्वार की सफाई का विशेष ध्यान रखें और प्रवेश द्वार के दोनों ओर दीपक जलाएं। अगर घर या प्रतिष्ठान में रंग-रोगन की आवश्यकता है तो इसे जरूर कराएं। दीवारों पर दरारें, टूट-फूट, सीलन के निशान सकारात्मक ऊर्जा ग्रहण नहीं कर पाती हैं। घर में जो वस्तुएं अनुपयोगी हैं और नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न कर रही हैं तो उन्हें घर से बाहर कर दें। त्योहारों पर घर या प्रतिष्ठान का वातावरण धूप-अगरबत्ती से सुगंधित करें। घर की सफाई का विशेष ध्यान रखें और फूल, आम के पत्ते, रंगोली, रंगीन बल्ब आदि से घर या प्रतिष्ठान की साज सज्जा करें। रंगोली बनाते समय काले या भूरे रंग का प्रयोग न करें। त्योहार पर घर में बच्चों, बहू-बेटियों को रुपया-पैसा या दूसरी वस्तुओं का दान अवश्य करें। किसी को भी उपहार में चाकू या चमड़े आदि का सामान न भेंट करें। घर के कोने-कोने में नमक मिश्रित जल का छिड़काव करें। त्योहारों पर ध्यान रखें कि घर में कोई कमरा बंद न हो। पूजा में पीले वस्त्रों का प्रयोग करें। पीले आसन पर बैठकर पूजा करें। त्योहारों पर तुलसी के पौधे पर लाल या पीले रंग का वस्त्र चढ़ाएं और घी का दीप जलाकर रखें।

    खेल / शौर्यपथ / अमेरिका में लंबे समय के इंतजार के बाद राष्ट्रपति के लिए हुए चुनाव के नतीजे आ गए हैं। जो बाइडेन ने डोनाल्ड ट्रंप को इस चुनाव में हरा दिया है और बड़े अंतर से जीत दर्ज की है। बाइडेन की इस जीत के बाद ट्विटर पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। क्रिकेट जगत में भी इस चुनाव को लेकर कई दिग्गज खिलाड़ियों ने अपनी राय रखी है। इसी बीच, जो बाइडेन की जीत के बाद इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर का एक छह साल पुराना ट्वीट सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

    दरअसल, साल 2014 में जोफ्रा आर्चर द्वारा किए गए इस ट्वीट में आर्चर ने एक शब्द लिखा था, 'जो' लोग आर्चर के इस ट्वीट को जो बाइडेन की जीत के साथ जोड़कर देख रहे हैं और आर्चर की 6 साल पहले की गई भविष्षवाणी को सही मान रहे हैं। राजस्थान रॉयल्स की टीम ने आर्चर के इस ट्वीट को अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया है।
    जोफ्रा आर्चर का प्रदर्शन इस सीजन आईपीएल में काफी दमदार रहा था, उन्होंने राजस्थान रॉयल्स की तरह से खेले 14 मैचों में 20 विकेट अपने नाम की थी। इस दौरान आर्चर काफी किफायती भी रहे थे और उनका इकॉनमी महज 6.55 का रहा था। हालांकि, आर्चर के बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद भी राजस्थान की टीम प्लेऑफ में पहुंचने में नाकाम रही थी। राजस्थान के बल्लेबाजों का प्रदर्शन इस पूरे टूर्नामेंट में कुछ खास नहीं रहा, कप्तान स्टीव स्मिथ का बल्ला भी शुरुआती मैचों के बाद खामोश ही दिखाई दिया। बेन स्टोक्स ने आखिरी के मैचों में कुछ अच्छी पारियां जरूर खेली, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

    मनोरंजन / शौर्यपथ /करोड़ों लोगों के दिल में बसने वाले अभिनेता शहीर शेख जल्द शादी करने वाले हैं। जी हां, खबरों के मुताबिक, शहीर शेख रूमर्ड गर्लफ्रेंड रुचिका कपूर संग इस महीने के आखिर में शादी के बंधन में बंध जाएंगे। हाल ही में शहीर ने रुचिका कपूर संग फोटो शेयर कर रिलेशनशिप कन्फर्म किया।
    रुचिका कपूर, एकता कपूर फिल्म्स की हेड हैं। लंबे समय तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद शहीर ने इंस्टाग्राम पर फोटो शेयर कर रिलेशनशिप स्टेटस कन्फर्म किया है। एक एंटरटेनमेंट पोर्ट्ल के मुताबिक, दोनों नवंबर के अंत तक शादी कर सकते हैं। इसमें केवल करीबी दोस्त और परिवार के लोग शामिल होंगे। कोर्ट मैरिज के बाद दोनों एक छोटा-सा सेलिब्रेशन घर पर रखेंगे।
    सूत्र के मुताबिक ईटाइम्स के हवाले से पता चला है कि शहीर शेख काफी प्राइवेट इंसान हैं। वह अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में बात करना पसंद नहीं करते हैं। पहले भी उन्होंने कभी नहीं किया है। दो साल पहले शहीर की मुलाकात रुचिका से एक कॉमन दोस्त के जरिए हुई थी। उस समय रुचिका फिल्म ‘जजमेंटल है क्या’ के काम में व्यस्त थीं। दोनों अच्छे दोस्त बने और डेढ़ साल पहले ही डेट करना शुरू किया। अब दोनों ही इस रिलेशनशिप को आगे लेकर जाना चाहते हैं।
    बता दें कि शहीर शेख ‘महाभारत’, ‘ये रिश्ते हैं प्यार के’, ‘झांसी की रानी’ और ‘तेरी मेरी लव स्टोरी’ समेत कई सीरियल्स का हिस्सा रह चुके हैं।

    बालोद / शौर्यपथ / राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी सुराजी गांव योजना नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी अंतर्गत निर्मित गौठानों में ‘‘गोधन न्याय योजना‘‘ के तहत् खरीदी गई गोबर से बनाई गई उत्पाद आजीविका का साधन बन रहे है। गोबर से वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने के साथ ही अन्य उत्पादन जैसे गोबर के दीए व जैविक कीटनाशक का निर्माण किया जा रहा है। जिला बालोद के महिला स्वसहायता समूहों एवं गौठान समितियों के द्वारा गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट के अलावा, फिनाइल, गोबर के दिये आदि अन्य गतिविधियां संचालित की जा रही है।
    वर्मी कम्पोस्ट एवं वर्मी कल्चर निर्माण हेतु बालोद जिले के गौठान समितियों एवं स्व-सहायता समूहों को सरकारी विभागों द्वारा गोबर, फसल व अन्य जैविक अवशेष एकत्रीकरण, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण, वर्मी कल्चर उत्पादन, वर्मी कम्पोस्ट की पैकेजिंग, भण्डारण एवं विक्रय की जानकारी से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया। कृषि विभाग उप संचालक ने बताया कि जिले के 158 गौठानों में 2857 वर्मी बेड स्वीकृत किया गया है, जिसमें से 1805 वर्मी बेड का निर्माण हो चुका है। 1351 वर्मी टांके भरे गये है तथा 955 वर्मी टांका में केचुआ (वर्म) डाला गया है, जिससे 287.10 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन किया गया है, जिसका प्रयोगशाला में गुणवत्ता परीक्षण के पश्चात समितियों के माध्यम से 250 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट का विक्रय किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि रबी के अनाज दलहन, तिलहन, सब्जियों में इसका उपयोग होने लगा है। उन्होंने बताया कि वर्मी कम्पोस्ट के उत्पादन से जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। जिससे लोगों को जैविक खाद से उत्पादित अनाज, दाल, तिलहन, फल, सब्जी मिल सकेगा। इससे कृषकों की आमदनी में भी इजाफा होगा।

    रायपुर / शौर्यपथ / कोरोना संक्रमण की बेहतर रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। राज्य में शासकीय स्वास्थ्य केन्द्रों में दो हजार 686 आक्सीजन युक्त बेड हैं और 4827 बेड और बढ़ाने की तैयारियां की जा रही हैं।
    स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में वर्तमान में 25196 जनरल बेड, 1120 आई सी यू बेड, 724 एच डी यू बेड उपलब्ध हैं। कोविड मरीजों को लाने ले जाने के लिए 213 एबंुलेंस जिसमें 193 बेसिक लैब सुविधाओं वाली और 20 आधुनिक लैब सुविधाओं से लैस है। मुक्तांजलि के तहत 60 वाहन उपलब्ध हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य में 29 डेडिकेटेड कोविड केयर अस्पताल, 127 कोविड केयर सेंटर हैं।

    रायपुर / शौर्यपथ / राज्य में बढ़ती ठंड और प्रदूषण को देखते हुए कोरोना संक्रमण की संभावनाओं को देखते हुए विशेषज्ञ लगातार सभी को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
    राजधानी रायपुर की प्रसिद्ध स़्त्री रोग विशेषज्ञ डाॅ सरिता दुबे इस समय गर्भवती महिलाओं एवं शिशुवती महिलाओं को अधिक सावधानी बरतने की सलाह दे रही हैं। उन्होने कहा कि गर्भवती महिलाएं और उनके परिजन जब भी बाहर जाएं मास्क जरूर लगाएं,भीड़ में न जाएं और दूसरों से 1 मीटर की दूरी बनाकर रखें। ऐसे समय में उन्हे अपने शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता भी बनाए रखनी है। उन्होने कहा कि कोरोना संक्रमित शिशुवती माताएं, शिशुओं को पूरी सावधानी बरतते हुए मास्क लगाकर और हाथ अच्छी तरह से धोकर स्तनपान करा सकती हैं।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम. गीता ने आज कलेक्टोरेट के सामने आम्बेडकर चौक के समीप छŸाीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आयोजित विपणन प्रशिक्षण सह उत्पाद प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री वनधन विकास योजना के तहत राजवन फूड्स का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा, संचालक उद्यानिकी माथेश्वरन व्ही. एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती तनुजा सलाम एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
    कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम. गीता ने मानपुर के शहद का स्वाद लिया और उन्होंने समूह की महिलाओं को अच्छा कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। राजवन फूड्स के अंतर्गत शहद, कुलथी, हल्दी, मिर्च, धनिया पाउडर, बांस मोवा एवं अन्य उत्पाद उपलब्ध हैं। वनधन केन्द्र के समूह की महिलाओं द्वारा वनधन केन्द्र के अंतर्गत कार्य करते हुए स्थानीय रूप से उपलब्ध मिर्च, मसाले एवं अन्य खाद्य पदार्थों के प्रोसेसिंग एवं पैकेजिंग का कार्य किया जा रहा है। इस कार्य में ट्रायफ्रेड द्वारा भी विशेष सहयोग दिया जा रहा है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में जिले में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। जिले के वनधन केन्द्र में उत्पादित खाद्य पदार्थ राजवन फूड्स के नाम से ब्रांडिग की गई है।

    दुर्ग / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज दुर्ग जिले के पाटन ब्लाक के ग्राम पतोरा के गौठान पहुंचे। वहां स्वसहायता समूह की महिलाओं ने दीवाली त्योहार के लिए सुंदर डिजाइनर दीये, सजावटी सामग्री तथा परंपरागत छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के पैकेट की सामग्री उन्हें दिखाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बिहान बाजार के बुकलेट का भी लोेकार्पण किया।
    मुख्यमंत्री ने महिलाओं द्वारा संचालित आयमूलक गतिविधियों और उनके द्वारा उत्पादित सामग्री की गुणवत्ता की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सामग्रियों को केवल स्थानीय स्तर विक्रय करने के बजाए इसकी मार्केटिंग अन्य बाजारों एवं शहरों में की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को महिला समूहों के उत्पाद की मार्केटिंग एवं ऑनलाईन विक्रय की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि आनलाइन प्लेटफार्म के लिए बातचीत चल रही है। इन उत्पादों को अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाने दुर्ग में बिहान बाजार जिला पंचायत परिसर में आरंभ किया गया है। केवल दो दिनों में 3 लाख रुपए की बिक्री बिहान बाजार में हो चुकी है।
    मुख्यमंत्री ने महिलाओं से कहा कि जिन वस्तुओं की बाजार में ज्यादा माँग है, उन्हें तैयार करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कहा कि इन्हें सिलाई मशीन का प्रशिक्षण भी दें। अगरबत्ती, फिनाइल, साबुन जैसे उत्पादों के निर्माण के लिए भी सभी समूहों को प्रेरित करें। कोशिश यह हो कि स्थानीय मार्केट में अधिकाधिक उत्पाद स्थानीय एसएचजी ही उपलब्ध करा दें। इससे आय का रास्ता खुलेगा।
    मुख्यमंत्री ने गौठान में वर्मी कंपोस्ट उत्पादन को भी देखा। मुख्यमंत्री ने पूछा कि डिकंपोजर डाला या नहीं। महिला समूह से जुड़ी सुमन ने बताया कि डिकंपोजर के उपयोग से खाद बनाने में लगने वाला समय काफी कम हो गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठानों को आत्मनिर्भर बनाना है। आप लोग जितना काम गोधन न्याय योजना पर करेंगे, आपकी आय उतनी ही बढ़ेगी। उन्होंने पहाटियों से भी बातचीत की। पहाटियों ने बताया कि इससे हमें आय जरिया मिल गया है।इस मौके पर गुंडरदेही के विधायक श्री कुंवर निषाद, संभागायुक्त श्री टीसी महावर, आईजी विवेकानंद सिन्हा, सीएफ श्रीमती शालिनी रैना, कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, एसपी प्रशांत ठाकुर, सीईओ सच्चिदानंद आलोक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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