August 12, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

     शौर्यपथ / इन दिनों हर दूसरे व्‍यक्ति‍ से बात करते हुए लगता है कि जैसे आपकी फि‍टनेस का सबसे बड़ा दुश्‍मन घी ही है। इसके बाद मुझ जैसे कई लोगों ने घी की जगह रिफाइंड ऑयल का इस्‍तेमाल करना शुरू कर दिया। पर क्‍या आप जानती हैं कि क्‍या होता है आपके इस निर्णय का आपकी सेहत पर असर? आइए पता करते हैं।
    किचन में काम करते हुए अक्सर दिमाग हमारे खाने के पोषक तत्वों और गुणवत्ता की ओर चला ही जाता है। अगर आप भी पकौड़े तलते हुए ये सोच रही हैं कि यह तेल आपकी सेहत पर क्या प्रभाव डालता है, तो आपके सवाल का जवाब हम देंगे। ताकि आप समझ सकें कि घी और रिफाइंड ऑयल में से क्‍या है आपके और आपके परिवार की सेहत के लिए बेहतर।
    ‘हेल्दी फैट’ को लेकर चर्चा पिछले कुछ समय में बढ़ी है और यह सवाल हर किसी के मन में है कि वो जो फैट ले रहे हैं वह अच्छा है या बुरा। अब तक फैट को डाइट का दुश्मन और मोटापे का कारण मान लिया जाता था। यही कारण है कि फैट विलेन की भूमिका में आ गया था और लोगो ने फैट के सभी स्रोतों को अपनी डाइट से बाहर कर दिया। मगर हाल ही में फैट का महत्व लोगों को समझ आया है और गुड फैट यानी हेल्दी फैट डाइट में वापस लौट रहे हैं।
    क्या हैं हेल्दी फैट?
    अगर आप फिटनेस के प्रति जागरूक हैं, तो आपने हेल्दी फैट (Healthy Fat) के बारे में जरूर सुना होगा। एवोकाडो से लेकर मछली और अंडों में हेल्दी फैट होता है। आसान भाषा में कहें, तो फैट दो प्रकार के होते हैं- सैचुरेटेड और अनसैचुरेटेड। सैचुरेटेड फैट आपके दिल के लिए फायदेमंद होते हैं। वहीं अनसैचुरेटेड फैट कोलेस्ट्रॉल और इंफ्लामेशन बढ़ाते हैं और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं।
    अब लौटते हैं अपने मुख्य प्रश्न की ओर- घी और रिफाइंड तेल में से क्या ज्यादा बेहतर है?
    पहले बात करते हैं घी की
    यह तो आप जानती ही होंगी कि घी दूध से बनता है। दूध को मथकर फैट निकाला जाता है जिसे मक्खन कहते हैं। इस मक्खन को उबालकर इसका पानी खत्म कर दिया जाता है और शुद्ध रूप में हमें मिलता है घी। घी में लैक्टोज नहीं होता इसलिए लैक्टोज इंटोलेरेंट लोग भी घी का प्रयोग कर सकते हैं।
    घी में सैचुरेटेड फैट होता है जो घी को शरीर के लिए फायदेमंद बनाता है। इसके साथ ही घी में कंजुगेटेड लिनोलिक एसिड होता है, जो घी को स्वास्थ्य के लिए लाभदायक बनाता है। घी गट हेल्थ के लिए अच्छा होता है।
    इंटरनेशनल जर्नल ऑफ फूड साइंस एंड न्यूट्रिशन में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार घी फैट का सबसे हेल्दी रूप है। इसमें ब्यूटाइरेट होता है जो पाचनतंत्र को दुरुस्त रखता है। साथ ही घी में विटामिन ए, ई और विटामिन के होते हैं। इसके अतिरिक्त घी सेलेनियम, आयोडीन और फैटी एसिड्स का अच्छा स्रोत है।
    लेकिन हम आपको बता दें, घर का बना शुद्ध घी ही फायदेमंद होता है। बाजार के घी को प्रोसेस किया जाता है जिससे उसकी गुणवत्ता काफी कम हो जाती है।
    अब बात करते हैं रिफाइंड तेल की
    रिफाइंड तेल कई अलग अलग सीड्स से प्राप्त हो सकता है। जैतून का तेल, सोयाबीन तेल, सनफ्लॉवर ऑयल और मूंगफली का तेल इसके कुछ उदाहरण हैं। इसलिए सभी तेलों की अलग-अलग खूबियां होती हैं।
    रिफाइंड तेल पॉली अनसैचुरेटेड फैटी एसिड्स से लैस होते हैं, जो इंफ्लामेशन के लिए जिम्मेदार होते हैं।
    तेल का स्मोकिंग पॉइंट ज्यादा होता है यानी इसे अधिक गर्म तापमान पर इस्तेमाल किया जा सकता है। यही कारण है कि तलने के लिए तेल का ही प्रयोग होता है।
    सेलेब्रिटी शेफ और नूट्रिशनिस्ट तरला दलाल मानती हैं कि कम मात्रा में इस्तेमाल किया जाए तो कोई भी तेल हानिकारक नहीं है। पर जब अत्यधिक इस्तेमाल करेंगी तो हर तेल हानिकारक होगा।
    बाजार में फोर्टिफाइड तेल मौजूद हैं जिनमें विटामिन्स और मिनरल्स अलग से मिलाए जाते हैं।
    तो क्या है अंतिम निष्कर्ष?
    हर तेल बराबर रूप से फायदेमंद नहीं है। अगर आप फोर्टिफाइड रिफाइंड तेल का इस्तेमाल करती हैं, तो यह फायदेमंद है।
    घी का प्रयोग तलने के लिए नहीं करना चाहिए क्योंकि उसका स्मोकिंग पॉइंट कम है। दाल, रोटी या छौंक में घी का इस्तेमाल करें जबकि तलने, भूनने के लिए नारियल, सरसों, सोयाबीन या मूंगफली के तेल का इस्तेमाल करें। ताड़ के तेल का इस्तेमाल करने से बचें।
    याद रखें, आप बिना घी-तेल का भोजन करने के बाद भी अगर कोई एक्सरसाइज नहीं करते हैं, तो यह उतना ही अनहेल्दी है। आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छे भोजन के साथ-साथ एक्सरसाइज भी जरूरी है।

    सेहत / शौर्यपथ / वजन कम करने के लिए सबसे पहले चावल छोड़ने की सलाह दी जाती है लेकिन अगर आपको चावल बहुत पसंद है और रोजाना मील का हिस्सा है, तो चावल को छोड़ना बहुत मुश्किल हो जाता है।डाइटीशियन्स की मानें, तो चावल को खाते हुए भी वजन कम किया जा सकता है लेकिन इसके लिए सबसे जरूरी है चावल को सही तरीके से खाया जाए, आइए जानते हैं कुछ टिप्स-
    सिंगल मील में खाएं चावल
    कोशिश करें, कि सिंगल मील में चावल की एक ही सर्विंग लें। इससे आपकी कैलोरी इन्टेक कम हो जाएगी क्योंकि चावल में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा पहले से ही ज्याजदा होती है, इसलिए खाने की थाली में अन्यी कोई भी ऐसी चीज न परोंसे, जिसमें ज्यादा कार्ब हो।
    सब्जियों के साथ पकाएं चावल
    चावल में अपनी मनपसंद सब्जिथयां डाल कर पकाएं। सब्जि यों में ढेर सारा प्रोटीन और फाइबर पाया जाता है, जो आपके पेट को लंबे समय तक फुल रखने में मदद करेगा। राइस को हेल्दी बनाने के लिये इसमें बींस, शिमला मिर्च, ब्रोकोली, टोफू, पनीर और चिकन आदि मिला सकते हैं।
    चावल फ्राई न करें
    चावल को न तो फ्राई करें और न ही इसे क्रीम के साथ मिक्सन करें। इसे हमेशा पानी के साथ उबाल कर ही पकाएं। चावल बनाते समय अतिरिक्त पानी को भी फेंक दें। इससे चावल में मौजूद स्टा र्च निकल जाएगा।
    ब्राउन चावल खाएं
    आप अगर दिन में दो बार चावल खाना चाहते हैं, तो वाइट राइस की जगह ब्राउन राइस खाएं।इसमें फैट और स्टार्च की मात्रा कम होती है जिससे वजन कंट्रोल रहता है।

    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग नगर पालिका निगम और भ्रष्टाचार एक दुसरे के पर्याय बनते जा रहे है . संधारण मद के नाम पर ऐसे कई कार्य हो जाते है और मनमानी रकम का आहरण कर लिया जाता है इसका अगर बारीकी से निरिक्षण करे तो साल भर में करोडो के नुक्सान वाली दुर्ग निगम के करोडो खर्च संधारण में ही होते है किन्तु इन मद के आड़ में बड़ा खेल चलता है लेन देन का जिस पर सब मौन है .
    पहले 20 सालो से सत्ता में रही भाजपा में चला संधारण मद का खेल जिसमे अधिकतर पार्षदों की चांदी हो गयी . भाजपा राज में ऐसे कई वार्ड रहे जिसमे पार्षद किसी भी दल का हो संधारण मद का खुल कर बंदरबाट हुआ शौर्यपथ समाचार पत्र द्वारा ऐसे कई संधारण मद के कार्यो को प्रमुखता से प्रकाशित भी किया किन्तु इस मद और इसके काम से अधिकतर पार्षदों को शायद लाभ होता होगा तभी मौन रहे और संधारण मद से बनी हुई सडक पर फिर सडक बन गयी , गड्ढे भरने के नाम पर जाने कितने लाखो के बिल निकल गए किन्तु स्थिति जस की तस , जो निगम की संपत्ति नहीं जिसके संधारण का कार्य निगम की जिम्मेदारी नहीं उस पर भी निगम द्वारा लाखो खर्च किये जाते रहे जैसा कि पिछले साल का ही मामला है पटेल चौक से साइंस कॉलेज तक के डिवाईडर का जिसके संधारण की जिम्मेदारी जिला पीडब्ल्यूडी विभाग की थी किन्तु तब भी बिना निविदा के इस डिवाईडर की पोताई का कार्य ईई गोस्वामी द्वारा अपने किसी ख़ास ठेकेदार को दिया गया लाखो के इस कार्य के कुछ समय बाद इसकी टूट फुट की मरम्मत हुई और इस तरह निगाम्के लाखो पानी में बह गए .
    ऐसे ही एक मामले में तकिया पारा वार्ड में वाटर फाउंटेन का है जिसमे लाखो के संधारण का कार्य तो हो गया किन्तु लाखो खर्च करने के बाद भी वाटर फाउंटेन कुछ घंटे भी नहीं चला और ये हाल है दुर्ग निगम के पीडब्ल्यूडी प्रभारी के वार्ड का . अगर पीडब्ल्यूडी प्रभारी के वार्ड के कार्य में ही इतनी लापरवाही हो सकती है तो शहर की जनता अंदाज लगा ले कि किस तरह की लापरवाही शहर के अन्य हिस्सों में कार्य के दौरान होती होगी . शहर की व्यवस्था को देखने और सुचारू रूप से चलाने के लिए जनता ने सरकार चुनी और जनता के प्रतिनिधि के तौर पर वार्ड पार्षदों को निगम में भेजा . शहर के मेयर जो संगठन की राजनीती करते आ रहे थे सक्रीय राजनीती में सभी का सम्मान करते हुए भरपूर प्रयास कर रहे है कि निगम सुचारू चले . जैसा कि सभी को मालूम है कि दुर्ग कांग्रेस के दो वरिष्ठ पार्षद मदन जैन और अब्दुल गनी दोनों ही महापौर के प्रबल दावेदार थे किन्तु महापौर के चयन के बाद निगम के सबसे महत्तवपूर्ण पद पीडब्ल्यूडी विभाग की जिम्मेदारी दोनों वरिष्ठ पार्षदों में से महापौर ने अब्दुल गनी के सुपुर्द करी किन्तु इन 10 महीनो के कार्यकाल में जनप्रतिनिधि खुले में चर्चा के अपेक्षा बंद कमरों में चर्चा में ज्यादा व्यस्त रहे , निगम के कार्य बिना निविदा के आरम्भ होते गए और मनपसंद ठेकेदारों को कार्य मिलता रहा जो ज्यादा सलामी दे उसे ज्यादा कार्य की तर्ज पर नियमो की लगातार अवहेलना होती रही किन्तु अनुभवी पीडब्ल्यूडी प्रभारी गनी मौन रहे , उनके खुद के वार्ड में संधारण मद से लाखो खर्च के बाद भी वाटर फाउंटेन की हालत जस की तस यहाँ तक की उस फाउंटेन में पानी की व्यस्था भी नहीं ना ही निकासी की फिर भी प्रभारी मौन , इंजिनियर मौन , ईई मौन आखिर शहर में सुशासन की उम्मीद की किरण कभी रोशन होगी या फिर जनता अगले चुनाव और नए वादों के लिए तैयार है ?

    सेहत / शौर्यपथ / राजस्थान के झुंझुनू जिले में बाल स्वास्थ्य पोषण के तहत बच्चों को बीमारी और कमजोरी से बचाने के लिए विटामिन 'ए' की खुराक पिलाई जाएगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए माइक्रोप्लान तैयार किया है। इस प्लान में नौ माह से पांच साल तक के दो लाख दो हजार 934 बच्चे कवर किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि विटामिन ए कार्यक्रम 3० अक्टूबर से लॉन्च किया गया है। जिसके तहत 3० नवंबर तक इस कार्यक्रम को व्यापक स्तर पर संचालित किया जाएगा।
    इसमें निर्धारित आयु वर्ग के बच्चों को शत-प्रतिशत विटामिन 'ए' की खुराक पिलाई जाएगी। बच्चों को आंखों सहित विभिन्न बीमारी और कमजोरी से बचाने के लिए यह कदम मील का पत्थर साबित होगा। इस कार्यक्रम को जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों से संचालित किया जाएगा। इस में आशा सहयोगिनी भी सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगी।
    उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरोत्तम जांगिड़ ने बताया कि इस कार्य में आंगनबाड़ी में दर्ज कुपोषित बच्चों के अलावा नौ महीने से पांच साल तक के सभी बच्चों को शामिल किया जाएगा। इसके लिए अलग से कोई विशेष कैटेगरी जारी नहीं की गई है।

    धर्म संसार /शौर्यपथ / हिंदू धर्म में गुरुवार का दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है। कहते हैं कि इस दिन भगवान विष्णु की सच्चे मन से पूजा और अराधना करने से मन की मुरादें पूरी हो जाती हैं। मान्यता है कि भगवान विष्णु प्रसन्न होकर अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं। जिससे भक्तों को धन-धान्य की कमी नहीं रहती है।
    कहते हैं कि गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से जिन जातकों की कुंडली में गुरु ग्रह का दोष होता है, उनके जीवन की भी समस्याएं खत्म हो जाती हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, भगवान विष्णु की पूजा के दौरान उनकी सुननी या पढ़नी चाहिए। कहते हैं कि आरती सुनने या पढ़ने से ही पूजा संपन्न होती है। जानिए गुरुवार के दिन भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए कौन-सी आरती पढ़नी या सुननी चाहिए-
    श्री बृहस्पतिवार की आरती- ॐ जय बृहस्पति देवा-
    ॐ जय बृहस्पति देवा, जय बृहस्पति देवा।
    छिन-छिन भोग लगाऊं, कदली फल मेवा।।
    ॐ जय बृहस्पति देवा।।
    तुम पूर्ण परमात्मा, तुम अंतर्यामी।
    जगतपिता जगदीश्वर, तुम सबके स्वामी।।
    ॐ जय बृहस्पति देवा।।
    चरणामृत निज निर्मल, सब पातक हर्ता।
    सकल मनोरथ दायक, कृपा करो भर्ता।।
    ॐ जय बृहस्पति देवा।।
    तन, मन, धन अर्पण कर, जो जन शरण पड़े।
    प्रभु प्रकट तब होकर, आकर द्वार खड़े।।
    ॐ जय बृहस्पति देवा।।
    दीनदयाल दयानिधि, भक्तन हितकारी।
    पाप दोष सब हर्ता, भव बंधन हारी।।
    ॐ जय बृहस्पति देवा।।
    सकल मनोरथ दायक, सब संशय तारो।
    विषय विकार मिटाओ, संतन सुखकारी।।
    ॐ जय बृहस्पति देवा।।
    जो कोई आरती तेरी प्रेम सहित गावे।
    जेष्टानंद बंद सो-सो निश्चय पावे।।
    ॐ जय बृहस्पति देवा।।

    धर्म संसार /शौर्यपथ /दीपावली के 7 दिन पूर्व बन रहा है अद्भुद शुभ संयोग एवं मुहूर्त्त। नक्षत्रो में पुष्य नक्षत्र को शुभ एवं पुण्यदायक नक्षत्र माना जाता है। इस बार दीपावली के एक सप्ताह से पूर्व 7 नवंबर दिन शनिवार को पुष्य नक्षत्र को भोग सम्पूर्ण दिन होगा। पुष्य नक्षत्र का मान 7 नवंबर को सूर्योदय पूर्व से रात में 4:59 बजे तक होगा।
    उत्थान ज्योतिष संस्थान के निदेशक ज्योतिर्विद पं दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली ने बताया कि पुष्य नक्षत्र के शुभ काल में खरीद-फरोख्‍त ,उद्योगों एवं व्यापार की शुरुआत, बहुत शुभ मानी जाती है। इस नक्षत्र में अशुभ काल में शुभ काल में बदलने की क्षमता होती है।
    शनि देव इस नक्षत्र के स्वामी भी है और यह नक्षत्र शनिवार को पूरा दिन व्याप्त होगा। ऐसे में इसका व्यापारिक महत्त्व बढ़ जाता है। इस बार ग्रहों की स्थिति भी अति उत्तम है जहाँ शनि देव मकर राशि मे स्वगृही है ,गुरु स्वगृही है ,बुध एवं शुक्र राशि परिवर्तन राजयोग में है , बुधादित्य राजयोग के साथ साथ चंद्रमा भी स्वगृही स्थिति में रहेंगे ऐसे में यह समय अत्यंत श्रेष्ठ एवं शुभफलदायी है।
    'तिष्य और अमरेज्य' जैसे अन्य नामों से भी पुकारे जाने वाले इस नक्षत्र की उपस्थिति कर्क राशि के 3-20 अंश से 16-40 अंश तक है। 'अमरेज्य' का श‍ाब्दिक अर्थ है, देवताओं के द्वारा पूजा जाने वाला। शनि इस नक्षत्र के स्वामी ग्रह हैं। इसी कारण विवाह को छोड़कर अन्य सभी मांगलिक कार्यो की शुरूआत शुभफल दायक होती है।
    शनिदेव व्यक्ति के कर्म के फल प्रदायक ग्रह है। ऐसे में शुभ कार्यो की शुरुआत ऐसे समय मे किए जाने से शनिदेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है । अतः इस दिन विशेष कर खरीदारी ,निवेश और बड़े उद्योग की शुरुआत या व्यापारिक लेन देन के लिए अति उत्तम होता है।

    मनोरंजन / शौर्यपथ / रिएलिटी शो बिग बॉस 14 के घर में रुबीना दिलैक और अभिनव शुक्ला ने करवा चौथ सेलिब्रेट किया। कलर्स के सोशल मीडिया हैंडल पर बिग बॉस का नया प्रोमो शेयर किया गया है, जिसमें रुबीना और अभिनव करवा चौथ का त्योहार मनाते नजर आते हैं। बिग बॉस के घर में रुबीना और अभिनव का यह अंदाज उनके फैन्स को बहुत पसंद आ रहा है।
    वीडियो में रुबीना पति अभिनव से कहती हैं कि उन्होंने उनके लिए करवा चौथ का व्रत रखा है और वह चांद देखने के बाद भी खाएंगी। इस पर अभिनव कहते हैं 'सुबह तो कुछ खा लेना था एक बार।' इस पर रुबीना कहती हैं, 'नहीं खाते हैं।' वह आगे कहती हैं, 'एनिथिंग फॉर यू माय लव।' इसके बाद वीडियो में दोनों काफी इमोशनल नजर आते हैं।
    इसके बाद बिग बॉस की तरफ से रुबीना को करवा चौथ पूजा के लिए सामान भेजा जाता है, जिसे देखकर वह खुशी से झूम उठती हैं। वीडियो में रुबीना, अभिनव के लिए कहती हैं, 'आप मेरी शक्ति हैं, मैं चल भी और जी भी तब तक सकती हूं जब तक आप हैं।' शो के बाकी कंटेस्टेंट् दिए को पेंट करते हैं वहीं, दूसरी तरफ रुबीना मांग में सिंदूर और कपड़े पहनकर करवा चौथ पूजा के लिए होती हैं।
    अभिनव, रुबीना से पूछते हैं कि कभी सोचा था बिग बॉस के घर में करेंगे ये सब। अभिनव शुक्ला, रुबीना को पानी और कुछ खिलाकर उनका व्रत तोड़ते हैं। इसके बाद रुबीना, अभिनव के पैर छूती हैं। बता दें कि अभिनव और रुबीना ने तीन साल तक रिलेशनशिप में रहने के बाद जुलाई 2018 में शादी की थी।

    मनोरंजन / शौर्यपथ / टीवी का पॉप्युलर शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ को 12 साल पूरे हो गए हैं। इन 12 सालों में करीब तीन हजार से भी ज्यादा एपिसोड्स प्रसारित हो चुके हैं। दर्शकों के दिल में शो के किरदार ‘जेठालाल’ ने खास जगह बनाई है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान दिलीप जोशी उर्फ ‘जेठालाल’ ने शो से जुड़े कई दिलचस्प किस्से सुनाए। इस दौरान उन्होंने बताया कि ‘दयाबेन’ को उन्होंने एक डायलॉग बोल दिया था जो स्क्रिप्ट का हिस्सा नहीं था, जिसके बाद उन्हें जबरदस्त ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था।
    स्टैंड अप कॉमेडियन सौरभ पंत के साथ हाल ही में दिलीप जोशी पॉडकास्ट शो में नजर आए। उन्होंने कहा, “शो में जेठालाल के किरदार के लिए मैंने एक डायलॉग खुद इम्प्रोवाइज किया यानी वह स्क्रिप्ट में नहीं लिखा था, लेकिन मैंने बोल दिया। दयाबेन से बातचीत में मैं एक बार उन्हें ‘ए पागल औरत’ (मतलब क्या कुछ भी बोल रही है) बोलता हूं, जिसके बाद इसपर लोग विवाद खड़ा कर देते हैं। इसे लेकर कोई विमेन लिबरेशन मूवमेंट हो गया। कई लोगों ने इसपर मीम्स बनाए। जब मेकर्स ने यह सब देखा तो उन्होंने मुझे इसका इस्तेमाल न करने की सलाह दी। विवाद जबरदस्त बढ़ा था। इस लाइन को मैंने किसी गलत मतलब से नहीं कहा था, लेकिन कुछ लोगों ने इसे गलत समझ लिया। हालांकि, वह किसी को नीचे दिखाने जैसा नहीं था।”
    गिर रही है शो की टीआरपी
    दिलीप का कहना है कि शो के राइटर्स पर काफी प्रेशर होता है। उन्हें रोज नए एपिसोड के लिए स्क्रिप्ट देनी होती है। यही वजह है कि उनकी राइटिंग की क्वॉलिटी पर इसका असर पड़ता है। पहले हम वीकली काम करते थे और राइटर्स के पास बहुत समय होता था। चार एपिसोड लिखे, दूसरे चार एपिसोड अगले महीने शूट करने हैं। अभी यह एक फैक्ट्री हो गया है।
    दिलीप ने आगे कहा, “राइटर्स भी तो इंसान हैं। मैं मानता हूं कि सारे एपिसोड्स अब उस लेवल के नहीं रहे जो हुआ करते थे। जहां तक कॉमेडी की बात है तो कुछ एपिसोड्स में तो यह भी नहीं होचा है।”
    बता दें कि हाल ही में ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ की पूरी टीम ‘इंडियाज बेस्ट डांसर’ शो में पहुंची थी। वहां कंटेस्टेंट रुतुजा जुन्नारकर ने ‘दयाबेन’ के किरदार में डांस किया। शो के प्रोड्यूसर को रतुजा का लुक इतना पसंद आया था कि उन्होंने शो में दया भाभी (रुतुजा) का किरदार उन्हें ऑफर कर दिया।

    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग नगर पालिका निगम और भ्रष्टाचार एक दुसरे के पर्याय बनते जा रहे है . संधारण मद के नाम पर ऐसे कई कार्य हो जाते है और मनमानी रकम का आहरण कर लिया जाता है इसका अगर बारीकी से निरिक्षण करे तो साल भर में करोडो के नुक्सान वाली दुर्ग निगम के करोडो खर्च संधारण में ही होते है किन्तु इन मद के आड़ में बड़ा खेल चलता है लेन देन का जिस पर सब मौन है .
    पहले 20 सालो से सत्ता में रही भाजपा में चला संधारण मद का खेल जिसमे अधिकतर पार्षदों की चांदी हो गयी . भाजपा राज में ऐसे कई वार्ड रहे जिसमे पार्षद किसी भी दल का हो संधारण मद का खुल कर बंदरबाट हुआ शौर्यपथ समाचार पत्र द्वारा ऐसे कई संधारण मद के कार्यो को प्रमुखता से प्रकाशित भी किया किन्तु इस मद और इसके काम से अधिकतर पार्षदों को शायद लाभ होता होगा तभी मौन रहे और संधारण मद से बनी हुई सडक पर फिर सडक बन गयी , गड्ढे भरने के नाम पर जाने कितने लाखो के बिल निकल गए किन्तु स्थिति जस की तस , जो निगम की संपत्ति नहीं जिसके संधारण का कार्य निगम की जिम्मेदारी नहीं उस पर भी निगम द्वारा लाखो खर्च किये जाते रहे जैसा कि पिछले साल का ही मामला है पटेल चौक से साइंस कॉलेज तक के डिवाईडर का जिसके संधारण की जिम्मेदारी जिला पीडब्ल्यूडी विभाग की थी किन्तु तब भी बिना निविदा के इस डिवाईडर की पोताई का कार्य ईई गोस्वामी द्वारा अपने किसी ख़ास ठेकेदार को दिया गया लाखो के इस कार्य के कुछ समय बाद इसकी टूट फुट की मरम्मत हुई और इस तरह निगाम्के लाखो पानी में बह गए .
    ऐसे ही एक मामले में तकिया पारा वार्ड में वाटर फाउंटेन का है जिसमे लाखो के संधारण का कार्य तो हो गया किन्तु लाखो खर्च करने के बाद भी वाटर फाउंटेन कुछ घंटे भी नहीं चला और ये हाल है दुर्ग निगम के पीडब्ल्यूडी प्रभारी के वार्ड का . अगर पीडब्ल्यूडी प्रभारी के वार्ड के कार्य में ही इतनी लापरवाही हो सकती है तो शहर की जनता अंदाज लगा ले कि किस तरह की लापरवाही शहर के अन्य हिस्सों में कार्य के दौरान होती होगी . शहर की व्यवस्था को देखने और सुचारू रूप से चलाने के लिए जनता ने सरकार चुनी और जनता के प्रतिनिधि के तौर पर वार्ड पार्षदों को निगम में भेजा . शहर के मेयर जो संगठन की राजनीती करते आ रहे थे सक्रीय राजनीती में सभी का सम्मान करते हुए भरपूर प्रयास कर रहे है कि निगम सुचारू चले . जैसा कि सभी को मालूम है कि दुर्ग कांग्रेस के दो वरिष्ठ पार्षद मदन जैन और अब्दुल गनी दोनों ही महापौर के प्रबल दावेदार थे किन्तु महापौर के चयन के बाद निगम के सबसे महत्तवपूर्ण पद पीडब्ल्यूडी विभाग की जिम्मेदारी दोनों वरिष्ठ पार्षदों में से महापौर ने अब्दुल गनी के सुपुर्द करी किन्तु इन 10 महीनो के कार्यकाल में जनप्रतिनिधि खुले में चर्चा के अपेक्षा बंद कमरों में चर्चा में ज्यादा व्यस्त रहे , निगम के कार्य बिना निविदा के आरम्भ होते गए और मनपसंद ठेकेदारों को कार्य मिलता रहा जो ज्यादा सलामी दे उसे ज्यादा कार्य की तर्ज पर नियमो की लगातार अवहेलना होती रही किन्तु अनुभवी पीडब्ल्यूडी प्रभारी गनी मौन रहे , उनके खुद के वार्ड में संधारण मद से लाखो खर्च के बाद भी वाटर फाउंटेन की हालत जस की तस यहाँ तक की उस फाउंटेन में पानी की व्यस्था भी नहीं ना ही निकासी की फिर भी प्रभारी मौन , इंजिनियर मौन , ईई मौन आखिर शहर में सुशासन की उम्मीद की किरण कभी रोशन होगी या फिर जनता अगले चुनाव और नए वादों के लिए तैयार है ?

    रायपुर / शौर्यपथ / राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके आज राजभवन में छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय, भिलाई द्वारा महिला सशक्तिकरण विषय पर आयोजित वेबिनार में शामिल हुई। उन्होंने वेबीनार को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। जो महिला सशक्त होकर समाज में जगह बना चुकी हैं उन्हें हमारी बेटियों को आगे बढऩे की प्रेरणा देनी चाहिए।
    राज्यपाल ने कहा कि भारत वह देश है, जहां पर माता हमेशा पूज्यनीय रही हैं, समय के साथ कई कुरीतियां भी भारतीय समाज में आ गई, लेकिन जब भारत स्वतंत्र हुआ तो शिक्षा के प्रसार के साथ जागरूकता आई और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने का प्रयास किया जाने लगा। महिलाओं के कल्याण के लिए शासन द्वारा अलग विभाग बनाया गया, जिसके माध्यम से कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जाने लगी। फलस्वरूप कई महिलाएं स्वप्रेरणा से सामने आने लगी। आज महिलाएं सभी क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।
    हम छत्तीसगढ़ की बात करें तो बस्तर से लेकर सरगुजा तक महिलाएं आगे आ रही हैं और स्व-सहायता समूह बनाकर अच्छा कार्य कर रही हैं इससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रहे हैं। बस्तर अंचल दंतेवाड़ा के बालूद ग्राम की महिलाएं नई दिशा स्व-सहायता समूह के माध्यम से आर्थिक सहायता प्राप्त कर छोटे-छोटे व्यवसाय कर रही हैं और जैविक खेती भी कर रही हैं।
    सरगुजा के अंबिकापुर शहर में स्व-सहायता समूह के माध्यम से महिलाएं डोर-टू-डोर जाकर कचरा एकत्रित कर रही हैं और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा प्रारंभ किए गए स्वच्छता मिशन में योगदान दे रही हैं। साथ ही उत्तरी छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम चांगरो की महिलाएं स्व-सहायता समूह के माध्यम से जीरा फूल धान की खेती कर रही हैं और मिनी राईस मिल का संचालन भी कर रही हैं। इन समूह द्वारा उत्पादित जीरा फूल चावल की मांग दूर-दूर तक है।
    यह हमारी महिला सशक्तिकरण की पहचान है कि फुलबासन यादव को टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति में शामिल होने का अवसर मिला। राज्यपाल ने महिलाओं के प्रति हो रहे अपराध पर समाज को जागृत होने का आग्रह करते हुए कहा कि सबसे पहले परिवार में बच्चों को महिलाओं के प्रति सम्मान की शिक्षा देनी चाहिए। यदि उसके मन में बचपन से ऐसी भावनाएं आ जाए तो महिलाओं के प्रति अपराध में काफी कमी आ सकती है। इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय, भिलाई के कुलपति डॉ. एम.के. वर्मा, सांसद श्रीमती छाया वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती किरणमयी नायक, लोकसभा सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत तथा प्राध्यापकगण उपस्थित थे।

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