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रायपुर / शौर्यपथ / वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेश बिस्सा ने कहा की “एक देश - एक बाजार” के नारे के साथ केंद्र सरकार किसानों व राष्ट्र का सत्यानाश करने की दिशा में बढ़ चुकी है। जिस तरह वो एक के बाद एक गैर जवाबदाराना निर्णय लेती जा रही है तथा उसे सत्तर सालों की गलती के सुधार के रूप में प्रस्तुत कर रही है यह बहुत घातक है।
बिस्सा ने बताया की केंद्र सरकार की कैबिनेट के निम्न निर्णय –
1. कृषि उत्पाद व्यापार एवं वाणिज्य संवर्धन एवं सहायता अध्यादेश 2020 को मंजूरी दी है। इसके तहत किसान, व्यापारी, अनाज, तेल, तिलहन, दाल, आलू, प्याज इत्यादि का अनलिमिटेड स्टॉक कर सकेंगे।
2. आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 में संशोधन को मंजूरी दी है जिससे अनाज दलहन आलू प्याज सहित विभिन्न खाद्य वस्तुओं को नियमन के दायरे से बाहर किया जा सके। किसान एक्सपोर्ट कर सकेगा। जितना चाहे स्टोर कर सकता है।
यह दोनों निर्णय केंद्र सरकार की कैबिनेट ने बहुत हल्के से ले लिये है जो हानिकारक है। अगर उन्होने जानबूझ कर निर्णय लिया है तो यह “राष्ट्र-द्रोही” कदम है और अगर अनजाने में ले लिया है तो यह “राष्ट्र-घाती” कदम है। बिस्सा ने कहा की इन निर्णयों का दीर्घकालीन दुष्प्रभाव यह होगा की आने वाले समय में हमारा पूरा कृषि क्षेत्र देशी व विदेशी निजी निवेशकों का गुलाम बन कर रह जायेगा। किसान मजदूर बनकर रह जायेगा। उसकी स्थिति बदतर बने रहेगी तथा आम जनता मंहगे में कृषि उत्पाद खरीदने को मजबूर हो जायेगी। देश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली प्रभावित हो जायेगी।
एक ओर नीति आयोग तक स्वीकार कर चुका है कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल पाता। यह समाचार हम देश के विभिन्न कोनों से सुनते भी रहते हैं। जब सरकारी नियंत्रण के बाद भी यह हाल हैं तो दलालों को सरकारी छूट मिल गयी तो किसानों का क्या होगा सोचा जा सकता है।
बिस्सा ने कहा की निजी खरीदारों द्वारा भारी मात्रा में जमाखोरी किए जाने व मुनाफे के लिये अधिकांश अन्न निर्यात किये जाने दशा में सरकारी खाद्य भंडारण और खाद्य सुरक्षा प्रभावित हो जायेगी। आज फूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया के पास 524 लाख टन का अन्न भंडार है। जो आपदा से बचने का बहुत बड़ा साधन है। यदि निजी खरीददारों के हाथों में अन्न चला गया तो भविष्य में अकाल, महामारी जैसी स्थितियों में अनाज की आपूर्ति की स्थिति बहुत विषम हो सकती है।
बिस्सा ने कहा की केंद्र सरकार से देश की अर्थव्यवस्था संभालने में चूक हो चुकि है जिसका खामियाजा देश भुगतने की स्थिति में आ चुका है। अच्छा यह होगा की अब वह बिना हड़बड़ाये धैर्य के साथ सभी पक्ष विपक्ष के लोगों व अर्थशास्त्रियों से व्यापक चर्चा कर निर्णय लें जिससे देश की व्यवस्था को पटरी पर लाने में मदद मिले।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / जिले के तहसील मुख्यालय डोंगरगढ़ से लगभग 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित देवकट्टा सिंचाई जलाशय से इस गर्मी में 5 गांवों के निस्तारी तलाबों को लबालब भरने के साथ ही इस जलाशय के कमाण्ड एरिया में आने वाले ठाकुरटोला एव छीपा के एनीकट सहित कुल 5 एनीकट में भी जलापूर्ति की गई है। इस सिंचाई जलाशय के जल भराव क्षमता 3.03 एमसीएम है। देवकट्टा जलाशय में वर्तमान समय में 50 फीसद जलभराव है। खरीफ सीजन में इस जलाशय से 2500 एकड़ में सिंचाई के लिए जलापूर्ति की जाती है।
देवकट्टा सिंचाई जलाशय के बंड में दरार की शिकायत के संबंध में मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार डीसी जैन ने बताया कि इसकी तकनीकी अधिकारियों से जांच कराई गई है। देवकट्टा सिंचाई जलाशय का बंड और उसका शीर्ष पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि डोंगरगढ़ के जल संसाधन विभाग के एसडीओ श्री प्रदीप नादिया ने इस संबंध में प्रेषित अपनी रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया है कि इस जलाशय के कमाण्ड एरिया के ग्राम बेलगांव, करेली, रींवागहन, कन्हारगांव एवं देवकट्टा के निस्तारी तलाबों सहित ठाकुरटोला, छीपा एवं अन्य एनीकट को जलापूर्ति के बाद जलाशय का स्लूज गेट बंद करते समय पत्थर का टुकड़ा फंस जाने की वजह से जल द्वार से पानी वर्तमान में लीकेज कर रहा है।
गेट में फंसे पत्थर को हटाकर गेट को पूरी तरह बंद करने की कार्रवाई की जा रही है। मुख्य अभियंता जैन ने बताया कि लगभग 15 वर्ष पूर्व निर्मित इस सिंचाई जलाशय की 8 किलोमीटर लम्बाई वाली मुख्य केनाल तथा 7 किलोमीटर की लम्बाई लघु नालों से वितरिका नहरों से बेलगांव, कटली, रीवांगहन, कन्हारगांव एवं देवकट्टा में सिंचाई के लिए जलापूर्ति होती है।
भिलाई नगर / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र मे मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी के निर्देश पर निगम सभागार में नोडल अधिकारी तरुण पाल लहरें ने बैठक ली! मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के लिए आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) जारी किया जा चुका है! इस योजना के तहत निगम क्षेत्र के नागरिकों को उनकी बस्ती, मोहल्ले, पारा में ही चिकित्सा की उन्नत सेवा मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से मिल पाएगी! निवास के समीप ही सुविधा प्राप्त होने के कारण स्लम क्षेत्र के नागरिक इसका सहज ही लाभ प्राप्त कर पाएंगे साथ ही उन्हें अपने कार्यों से छुट्टी नहीं लेनी पड़ेगी एवं बच्चों की पढ़ाई भी निरंतर चल सकेगी! यह सेवा बिल्कुल निशुल्क होगी!
मोबाइल मेडिकल यूनिट से होगा परीक्षण इस योजना के अंतर्गत चलित वाहन जिसमें चिकित्सक एवं अन्य स्टाफ उपलब्ध होंगे के साथ पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार स्लम क्षेत्र में निर्धारित स्थल जो कि सामान्यतः सांस्कृतिक भवन/ सांस्कृतिक चबूतरा/ वार्ड कार्यालय/ निकाय के अन्य भवन के पास पहुंचेंगे जहां पर रोगियों के बैठने, पेयजल तथा अन्य अनुषांगिक सुविधाएं निगम द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी! चिकित्सक द्वारा बारी-बारी से रोगियों का परीक्षण कर आवश्यक दवाइयां प्रदान की जाएगी! इसके अतिरिक्त पैथोलॉजी लैब की सुविधा भी मोबाइल मेडिकल यूनिट में उपलब्ध होंगी! चिकित्सा, दवाईयां तथा पैथोलॉजी टेस्ट की सुविधा नागरिकों को निशुल्क प्रदान की जाएगी! मोबाइल मेडिकल यूनिट में अनुपलब्ध परीक्षण की सुविधाएं समीपस्थ शासकीय चिकित्सालय से प्राप्त की जा सकेगी!
प्रतिस्पर्धात्मक निविदाओं के माध्यम से होगा एजेंसी का चयन अर्बन पब्लिक सर्विस सोसायटी के द्वारा निगम क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मक निविदा के माध्यम से एजेंसी नियुक्त किया जाएगा जिसके लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल जारी किया जा चुका है भिलाई क्षेत्र में जिसकी अंतिम तिथि 15 जून नियत की गई है तथा 8 जून को प्री बीट मीटिंग निगम सभागार में रखा गया है जहां पर कोई भी एजेंसी या इस कार्य में रूचि लेने वाले विस्तृत जानकारी एकत्रित कर सकते हैं, इनके प्रश्नों का निराकरण भी इस दिन किया जाएगा! कार्य लेने वाले एजेंसी के द्वारा मोबाइल मेडिकल यूनिट चालक एवं इंधन सहित, मेडिकल ऑफिसर, फार्मासिस्ट, महिला चिकित्सा मित्र तथा पैथोलॉजी लैब सहायक उपलब्ध कराए जाएंगे!
भिलाई के लिए तीन मोबाइल मेडिकल यूनिट की होगी व्यवस्था सहायक नोडल अधिकारी बीके देवांगन ने बताया कि भिलाई क्षेत्र के लिए 3 मेडिकल मोबाइल यूनिट की व्यवस्था की जानी है, अभी केवल एक मेडिकल मोबाइल यूनिट के लिए दर मंगाया गया है जिसके आधार पर बाकी का दर तय किया जाएगा! प्रत्येक मेडिकल मोबाइल यूनिट में मानिटरिंग हेतु सीसीटीवी तथा योजना के प्रचार-प्रसार हेतु टीवी, प्रोजेक्टर, मुनादी हेतु साउंड सिस्टम आदि की व्यवस्था होगी! मोबाइल मेडिकल यूनिट के संचालन हेतु समस्त आनुषांगिक अधिनियम, नियमों तथा पंजीयन आदि समस्त आवश्यक कार्य जैसे नर्सिंग होम एक्ट, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट एक्ट चयनित एजेंसी द्वारा किया जाएगा! मेडिकल मोबाइल यूनिट के माध्यम से होने वाले परीक्षण के उपरांत इसका रिपोर्ट भी दिया जाएगा तथा इसके लिए दिन एवं समय भी निर्धारित किया गया है!
मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना को लेकर सभागार में हुई बैठक निगम आयुक्त श्री ऋतुराज रघुवंशी के निर्देश पर भिलाई क्षेत्र में मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर सभागार में बैठक हुई जिसमें नोडल अधिकारी तरुण पाल लहरें ने विस्तृत जानकारी प्रदान की! चयनित एजेंसी को 5 साल के लिए कॉन्ट्रैक्ट दिया जाएगा!
उन्होंने बताया कि योजना के पात्र हितग्राही भिलाई निगम क्षेत्र के समस्त नागरिक होंगे एवं स्लम क्षेत्र में निवास करने वाले नागरिकों को प्राथमिकता दी जाएगी यदि शिविर स्थल पर दूसरे वार्ड के नागरिक आते हैं तो उन्हें भी समस्त सुविधाएं प्रदान की जाएगी! बैठक में कुछ चिकित्सक एवं एजेंसी भी उपस्थित रहे! इस कार्य से संबंधित अधिक जानकारी के लिए नोडल अधिकारी के मोबाइल नंबर 7509229781 से संपर्क किया जा सकता है!
भिलाई निगम क्षेत्र अंतर्गत 59 स्लम क्षेत्र नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र मे स्लम क्षेत्र बात करें तो तकरीबन 59 स्लम क्षेत्र है जिसमें 24470 से अधिक परिवार निवासरत है! रहवासी क्षेत्र में इनको मोहल्ले में ही मेडिकल मोबाइल यूनिट का लाभ मिलेगा!
दुर्ग / शौर्यपथ / शहर के 132 मंदिरों के पुरोहितों को आज विधायक अरुण वोरा एवं महापौर धीरज बाकलीवाल ने कोरोना राहत केन्द्र विवेकानंद सभा भवन बुलाकर सूखा राशन प्रदान किया गया । इस दौरान एमआईसी प्रभारी दीपक साहू, कार्यपालन अभियंता मोहनपुरी गोस्वामी सहा0 अभियंता जितेन्द्र समैया, पूर्व पार्षद राजेश शर्मा व अन्य उपस्थित थे । महापौर श्री बाकलीवाल ने बताया कि शासन द्वारा 22 मार्च से जारी सभी लाॅकडाउन के बाद से पूरे देश और प्रदेश के सभी धार्मिक संस्थान, मंदिरों के पट को सार्वजनिक उपयोग के लिए बंद कर दिया गया है । एैसे में मंदिरों में भगवान की पूजा अर्चना और सेवा करने वाले पुरोहितों के सामने आर्थिक परेशानी होने लगी थी। इन्हीं मंदिरों में सेवा के बदले वे अपने और अपने परिवार का जीवन यापन करते आ रहे हैं । इन पुरोहितों को भी गरीबों की श्रेणी में मानते हुये आज करीब 132 मंदिरों के पुरोहितों को विवेकानंद सभा भवन बुलाकर उन्हें सूखा राशन आटा, दाल, तेल, मसाला, साबून, आदि आवश्यक सामग्री प्रदान की गई।
पूर्व कलेक्टर जनक प्रसाद पाठक पर रेप का लगा आरोप, चैंबर के रेस्ट रूम में कलेक्टर ने युवती को बनाया हवस का शिकार, एनजीओं को काम दिलाने के लिए पीड़ित पहुंची थी कलेक्टर के द्वार, पुलिस को सुनाई आपबीती, 15 मई की घटना, कलेक्टर के साथ हुई चैटिंग और तस्वीरों को पुलिस के साथ किया साझा, कार्रवाई में जुटी पुलिस
जिला प्रतिनिधि कृष्णा टण्डन दैनिक शौर्यपथ अखबार जांजगीर
जांजगीर चाम्पा । शौर्यपथ । जनक पाठक पूर्व आई ए एस अधिकारी पर बलात्कार का आरोप लगा है पीड़ित युवती ने आपबीती सुनाते हुए पुलिस को साक्ष्य भी पेश किये है उसने बताया है कि कलेक्टर साहब ने चैंबर में ही उसके साथ संबंध स्थापित किये थे उन्होंने उसे भरोसा दिलाया था कि उसके एनजीओं को वो फौरन काम दिला देंगे इसके बाद डेढ़ महीने तक वो इंतजार करते रही लेकिन एनजीओं को काम मिलना तो दूर , हवस का पुजारी यह कलेक्टर बार बार अपनी प्यास मिटाने की गुहार लगाते रहा पीड़ित युवती ने उसके और कलेक्टर के बीच हुई बातचीत की रिकार्डिंग और कुछ तस्वीरें पुलिस को सौंपी है पीड़ित युवती अनुसूचित जाति की है उसने अपनी शिकायत में कलेक्टर और उसके बीच नियमित होने वाली बातचीत और अश्लील वीडियों का ब्यौरा भी दिया है उसने बताया कि कलेक्टर ने कई बार उसके गुप्तांगों की तस्वीरें भी मांगी थी 32 वर्षीय पीड़ित युवती शादीशुदा है उसने बताया कि खुद कलेक्टर साहब उसे अपने मोबाइल से अश्लील तस्वीरें और वीडियों भी भेजा करते थे पीड़ित युवती का कहना है कि उसका पति सरकारी सेवा में है , इसकी जानकारी कलेक्टर को लगने के बाद उन्होंने उसे भी अच्छी पदस्थापना देने का भरोसा दिलाया था लेकिन कलेक्टर ने उसे धोखा दिया पीड़ित युवती ने बताया कि जब उसे कलेक्टर की असलियत का अंदाजा हुआ तो उसने उससे दूरियां बनानी शुरू की इस दौरान कलेक्टर ने उसके पति की नौकरी से बर्खास्तगी की धमकी दी थी लिहाजा वो शांत हो गई हाल ही में अब इस कलेक्टर के ट्रांसफर के बाद उसने हिम्मत जुटाकर उसके खिलाफ FIR दर्ज करने का फैसला किया है । बुधवार को अपने पति के साथ यह पीड़ित महीला पुलिस अधीक्षक कार्यालय जांजगीर पहुंची यहां उन्होंने पुलिस अधीक्षक पारुल माथुर को अपनी आपबीती सुनाते हुए शिकायती आवेदन सौंपा पुलिस ने उसे कार्रवाई का भरोसा दिलाया है पीड़ित महिला के आवेदन में जांजगीर के तत्कालीन कलेक्टर जेपी पाठक पर बलात्कार का आरोप लगाया गया है जेपी पाठक 2007 बैच के आईएएस अधिकारी है हप्तेभर पूर्व राज्य सरकार ने उन्हें जांजगीर कलेक्टर के पद से स्थानांतरित करते हुए रायपुर स्थित भू-अभिलेख शाखा में पदस्थापना दी है ! जांजगीर एस पी ने की मीडिया से चर्चा पीड़ित ने बताई आपबीती देखे वीडियो
दुर्ग । शौर्यपथ । दुर्ग पुलिस को मिली बड़ी सफलता । बता दें कि क्षेत्र में लगातार हो रही किसानों के सामान की चोरियों पर मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्य वाही की गई । मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी नेहरू राम बंजारे ग्राम धूमा थाना पाटन ने थाना आकर जबानी रिपोर्ट दर्ज कराया कि दिनांक 29/ 5/20 की मध्य रात्रि उसकी खेत में लगे सोलर पैनल में लगे तार जिसमें ताबा एवं एलमुनियम तार है जिसमें से करीब 100 मीटर एलमुनियम तार एवं करीब 30 मीटर तांबा तार को अज्ञात चोर चोरी कर लिए और तार को जलाकर उसमें रखें उसमें लगे एलमुनियम और ताबा तार को ले गए हैं प्राथमिक रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया विवेचना के दौरान क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी के मद्देनजर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय यादव द्वारा अज्ञात चोरों को शीघ्र गिरफ्तारी करने एवं क्षेत्र में हो रहे चोरी पर अंकुश लगाने हेतु निर्देशित किए जिस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले एवं पाटन एसडीओपी आकाश गिरिपुंजे के कुशल मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार थाना प्रभारी पाटन से निरीक्षक शिवानंद तिवारी द्वारा टीम गठित कर आरोपियों की पतासाजी हेतु थाना पाटन रन चिरई रानीतराई गुंडरदेही अमलेश्वर एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के कबाड़ी दुकान पर फेरी वालों करीब 200 से 300 व्यक्तियों से पूछताछ किया गया एवं पतासाजी के दौरान जरिए मुखबिर सूचना मिली की ग्राम उत्ई वार्ड नंबर 3 का सोनू राजपूत मोबाइल के माध्यम से ग्राम कोसा के मिथुन मारकंडे से करीब 20 किलो तांबा वायर और एलमुनियम वायर को बेचने की बात कर रहा है की सूचना पर आरोपी सोनी राजपूत पिता पंचानंद उम्र 21 वर्ष निवासी उतई प्रदीप नेताम , अभिषेक साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया गवाहों के समक्ष पूछताछ पर आरोपियों के कब्जे से घटना में चोरी किया हुआ 15किलोग्राम तांबा और एल्युमिनियम तार कित्ती करीब 1लाख रूपये तथा घटना पर प्रयुक्त पिलास एवं वायरकटर को जप्त किया गया आरोपियों से पूछताछ में आरोपियों द्वारा अपना जुर्रत स्वीकार करने पर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी में थाना पाटन के सहायक उपनिरीक्षक रेमन साहू सहायक उपनिरीक्षक सुरेन्द्र तारम आरक्षक दिलेश्वर पठारे आरक्षक महेंद्र बंजारे हुमन साहु तुषार वर्मा कमल साहू दीपक गोस्वामी कि सराहनीय भूमिका रही
दुर्ग । शौर्यपथ । मनी बैक जीवन बीमा पॉलिसी लेने वाले शासकीय कर्मचारी को आठवें और बारहवें वर्ष में मनी बैक का बेनिफिट नहीं दिया, इस कृत्य को सेवा में निम्नता ठहराते हुए जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये और लता चंद्राकर ने भारतीय जीवन बीमा निगम की पदमनाभपुर दुर्ग शाखा पर 21 हजार रुपये हर्जाना लगाया। *परिवादी की शिकायत* आनंद नगर दुर्ग निवासी शासकीय कर्मचारी ए.के. पाठक ने महासमुंद में पदस्थ रहते हुए भारतीय जीवन बीमा निगम से 28 फरवरी 2003 को जीवन सुरभि मनी बैक पॉलिसी ली थी, जिसका वार्षिक प्रीमियम 6170 था, इस पॉलिसी में 4 वर्ष बाद 30 प्रतिशत, 8 वर्ष बाद 30 प्रतिशत 12 वर्ष बाद 40 प्रतिशत मनी बैक बेनिफिट दिया जाना था एवं अंतिम वर्ष में परिपक्वता राशि का भुगतान किया जाना था। शासकीय कर्मचारी होने के कारण परिवादी का महासमुंद से दुर्ग स्थानांतरण हुआ तब उसने अपनी बीमा पॉलिसी को भी दुर्ग स्थानांतरित करा लिया। स्थानांतरण के पश्चात परिवादी को पॉलिसी से मिलने वाली मनी बैक बेनिफिट आठवें वर्ष (2011) और बारहवें वर्ष (2015) में नहीं मिली और दिनांक 28 फरवरी 2018 को पॉलिसी परिपक्व होने के बाद भी उसे इस लाभ से वंचित रखा गया। इसके बाद परिवादी ने लिखित में जानकारी भी बीमा कंपनी को दी लेकिन परिवादी को उसकी मनी बैक बेनिफिट रकम 41648 रुपये का भुगतान नहीं किया गया। *अनावेदक का जवाब* बीमा कंपनी ने प्रकरण में उपस्थित होकर जवाब दिया कि परिवादी ने अपनी पालिसी महासमुंद से क्रय की थी जिसका भुगतान महासमुंद शाखा से प्राप्त होना था और आठवें वर्ष में 15000 रुपये एवं बारहवें वर्ष में 20000 रुपये का चेक महासमुंद शाखा से समय पर भेजा गया था किंतु परिवादी के नाम से जारी पॉलिसी ट्रांसफर हो जाने के कारण और परिवादी द्वारा किसी प्रकार की सूचना नहीं दिए जाने के कारण परिवादी को भुगतान नहीं हो सका। कंपनी ने भुगतान करने का प्रयास किया था। परिवादी ने ही घोर लापरवाही की है। *फोरम का फैसला* प्रकरण में पेश दस्तावेजों एवं प्रमाणों तथा दोनों पक्षों के तर्को के आधार पर जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये और लता चंद्राकर ने यह निष्कर्ष निकाला कि परिवादी का स्थानांतरण दुर्ग हुआ तब परिवादी ने नए पते की सूचना दी थी ऐसे में अनावेदक का यह दायित्व था कि आठवें एवं बारहवें वर्ष मिलने वाली राशि को परिवादी के पालिसी में दर्शित पते पर भेजता। इसके बाद जब बीमा कंपनी ने दिनांक 28 फरवरी 2018 को अंतिम भुगतान किया उस दौरान भी परिवादी को आठवें एवं बारहवें वर्ष की राशि का भुगतान किया जा सकता था किंतु उस समय भी परिवादी को उसकी राशि नहीं दी गई जबकि अनावेदक को परिवादी के पते का ज्ञान हो चुका था। उपभोक्ता फोरम के समक्ष प्रकरण के लंबित रहने के दौरान बीमा कंपनी ने 41648 रुपये का भुगतान आठवें और बारहवें वर्ष के लिए ब्याज सहित किया है। ये राशि परिवादी को वर्ष 2011 एवं 2015 में ही अनावेदक से प्राप्त होनी थे किंतु उसे राशि प्राप्त नहीं हुई और कई वर्षों तक पत्र व्यवहार करना पड़ा और अनावश्यक चक्कर लगाने पड़े। इससे उसे आर्थिक व मानसिक पीड़ा हुई है और परिवादी अपनी ही राशि से कई वर्षों तक वंचित रहा। यदि परिवादी ने फोरम के समक्ष परिवाद प्रस्तुत न किया गया होता तो उसे उसकी राशि भी प्राप्त नहीं होती। इस आधार पर परिवादी अनावेदक बीमा कंपनी से 20000 रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति प्राप्त करने का अधिकारी है साथ ही बीमा कंपनी को वाद व्यय के रूप में 1000 रुपये भी परिवादी को देना होगा।
दुर्ग । शौर्यपथ । विधायक अरूण वोरा ने आईएएनएस.सी वोटर स्टेट ऑफ द नेशन 2020 सर्वे में देश के दूसरे सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री चुने जाने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बधाई देते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य की जनता के नजर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पूरे देश में सबसे उत्कृष्ट मुख्यमंत्री हैं। मुख्यमंत्री और उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार का काम दूसरे नंबर पर नहीं बल्कि पहले नंबर पर है। वोरा ने कहा कि पिछले डेढ़ साल के कार्यकाल में भूपेश सरकार ने किसानों की कर्जमाफी और 25 रुपए प्रति क्विंटल पर धान खरीदी के साथ न्याय योजना शुरू कर बहुत बड़े राहत भरे फैसले किए हैं। देश में धान का सबसे ज्यादा मूल्य छत्तीसगढ़ सरकार दे रही है। इसी तरह वनोपज का मूल्य भी आदिवासियों को सबसे ज्यादा दिया जा रहा है। इन फैसलों से परेशानहाल किसानों व आदिवासियों की आर्थिक स्थिति सुधर रही है। इसी तरह भूपेश सरकार ने हाट बाजार क्लीनिक, मोहल्ला क्लीनिक जैसी योजनाएं शुरू कर लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए उनके इलाज की चिंता की है। हाफ बिजली बिल जैसी योजना लागू कर पूरे छत्तीसगढ़वासियों को बड़ी राहत देने का महत्वपूर्ण फैसला किया गया है। भूपेश सरकार ने कोविड 19 महामारी से बचाव और इलाज के लिए जिस तरह से योजनाबद्ध ढंग से काम किया है उसकी देश विदेश में प्रशंशा हो रही है। वोरा ने कहा कि लॉकडाउन की विपरीत परिस्थितियों में लाखों गरीबों, मजदूरों को रोज भोजन देने, प्रवासी मजदूरों को राहत देने के लिए भोजन, नाश्ता, पेयजल के साथ चरणपादुका जैसी व्यवस्थाएं करते हुए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने दूसरे राज्यों से मजदूरों को वापस लाने की दिशा में बहुत महत्वपूर्ण काम किया है। वोरा ने दावा किया कि सर्वे एजेंसियों की नजर में भले ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दूसरे नंबर पर हों, लेकिन प्रदेश के हर नागरिक को राहत देने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राज्य की जनता की नजर में पहले नंबर पर हैं।
दुर्ग । शौर्यपथ । मध्य ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दुर्ग के अध्यक्ष व पूर्व पार्षद अलताफ अहमद ने बयान जारी कर कहा कि मोदी सरकार का 6 वर्ष का कार्यकाल सिर्फ हवा हवाई व जुमलेबाजी से भरा हुआ निराशा जनक जनता की अपेक्षाओं उम्मीदों पर पानी फेरने वाला रहा।प्रधानमंत्री के साथ साथ उनके मंत्रिमंडल के सदस्य भी सिर्फ घोषणाओं तक ही सीमित रहें हैं अपनी की गई घोषणाओं को धरातल पर लाने में रुचि नही दिखाये जिससे देश की जनता को लाभ नही मिला।मोदी सरकार की नाकामियों को बताते हुए अलताफ अहमद ने कहा कि मोदी सरकार में नोटबंदी सबसे बड़ा घोटाला हुआ जिसने देश की अर्थव्यवस्था को बिगाड़ दिया लोगों को लाइन में खड़ा कर लोगों की जेब से उनकी मेहनत की कमाई निकाल ली और आदमी सम्हलता उसके पहले जीएसटी लगाकर छोटे बड़े उद्योगों के व्यापारियों को जम का करंट देकर काम धंधा बन्द करने पर मजबूर कर दिया।कहां गये मोदी सरकार के पूर्व में किये गए मंहगाई कम करने,पेट्रोल डीजल के दाम कम करने,भ्रष्टाचार मिटाने,कालाधन वापस लाने,प्रतिवर्ष 2 करोड़ बेरोजगार को रोजगार देने की बात कही गई थी पर सत्ता में आने के बाद यह सब जुमला ही रहा काम किसी पर नही हुआ जनता अपने आप को ठगा सा महसूस कर रही है।प्रधानमंत्री ने ऐसे सैकड़ों जुमलेबाजी को आगे बढ़ाते हुए देश को 50 साल पीछे कर दिया।कांग्रेस ने रेल,सेल,बी एस एन एल,एयरपोर्ट,बनाये उन्हें और विकसित करने के बजाये उन्हें अपने चहेते उद्योगपति मित्रों को निजीकरण की आड़ में बेचा जा रहा है। अलताफ अहमद ने कहा की पूरा देश कोरोना जैसी गंभीर महामारी से जूझ रहा है उससे निपटने के लिये केंद्र सरकार के पास कोई सकारात्मक योजना नहीं है आज जो व्यवस्था हो राज्यों की सरकारें ही अपने अपने स्तर पर कर रही है।केंद्र सरकार की गलत नीतियों की वजह से लाखों प्रवासी मजदूर जिसमें बड़े बूढ़े,नौजवान, महिलाएं अपने बच्चों के साथ अपने घरों को जाने भूखे प्यासे हजारो किलोमीटर पैदल ही निकल गए जिसमें 80 से भी ज्यादा प्रवासी मजदूरों की रास्तो में ही मौत हो गई और मोदी सरकार तमाशबीन रही 20 लाख करोड़ का झुनझुना पकड़ा दिया और ये नही बताया कि इन राशियों का लाभ कब और कितना देश के लोगों को मिलेगा। 12 करोड़ से भी ज्यादा लोग बेरोजगार क्यों हुए ,गरीबों के खाते में प्रतिमाह 7500 रु.कब डालोगे,चीन भारत की सीमा पर बवाल क्यों कर रहा वहीं नेपाल ने भारत के कुछ हिस्से अपने नक्शे में क्यों दिखाया इससे यह साबित होता है कि मोदी सरकार की विदेश नीति भी फेल हो गई है। मोदी सरकार जनता के सब्र का इम्तिहान न ले नही तो वक्त आने पर देश की भोली भाली जनता ऐसा जवाब देगी की मोदी सरकार फर्श पर ऐसा आएगी की फिर उठ न सकेगी ।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
