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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
दुर्ग / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा इस वर्ष का भव्य सावन मेला छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक सहभागिता का अनूठा उत्सव बनने जा रहा है। महापौर अलका बाघमार के मार्गदर्शन में सांस्कृतिक पर्यटन, मनोरंजन एवं विरासत संरक्षण समिति की प्रभारी हर्षिका संभव जैन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मेले की तैयारियों को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि इस बार सावन मेले को पहले से अधिक आकर्षक, व्यवस्थित और जनभागीदारी से परिपूर्ण बनाया जाएगा।
समिति ने निर्णय लिया कि मेले में केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। स्थानीय कलाकारों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न सांस्कृतिक एवं पारंपरिक प्रतियोगिताओं का मंच उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए कार्यक्रमों की तिथियां, आयोजन स्थल, पंजीयन प्रक्रिया और व्यवस्थाओं की विस्तृत कार्ययोजना शीघ्र तैयार की जाएगी।
लोक संस्कृति और पारंपरिक खेल होंगे मुख्य आकर्षण
सावन मेले में पारंपरिक खेलों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी, जिनमें फुगड़ी, रस्सीकूद, रस्साकशी, कंची दौड़, मटका फोड़ तथा दौड़ प्रतियोगिताएं शामिल रहेंगी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए अरसा, ठेठरी-खुर्मी, फरा और चीला जैसे पारंपरिक व्यंजनों की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
मेले में छत्तीसगढ़ी वेशभूषा प्रतियोगिता, छत्तीसगढ़ी मॉडलिंग, लोक गायन प्रतियोगिता तथा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। समिति का उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।
'सावन मेला हमारी संस्कृति का उत्सव है'
समिति की प्रभारी हर्षिका संभव जैन ने कहा कि सावन मेला केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि हमारी लोक संस्कृति, परंपराओं और विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी समिति सदस्यों से समन्वय, सक्रिय सहभागिता और बेहतर व्यवस्थाओं के साथ आयोजन को सफल एवं यादगार बनाने का आह्वान किया।
बैठक में पार्षद विद्यावती सिंह, मनीष कोठारी, युवराज कुंजाम, लोकेश्वरी ठाकुर, शरद निर्मलकर, रामचंद सेन, लिपिक लता यादव, विकल निर्मलकर सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने आयोजन को भव्य बनाने के लिए अपने सुझाव दिए तथा विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की।
नई दिल्ली। निजी भूमि पर बने मंदिरों की संपत्तियों के प्रबंधन और कथित नीलामी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार तथा मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह याचिका 237 वंशानुगत पुजारियों और निजी मंदिरों के मालिकों की ओर से दायर की गई है।
जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस आलोक आराधे की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की शिकायतों पर संबंधित पक्षों से जवाब तलब किया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि निजी भूमि पर बने मंदिरों की संपत्तियों की सरकारी स्तर पर नीलामी की जा रही है और वर्ष 1974 के एक शासनादेश के आधार पर जिला कलेक्टरों को इन मंदिरों का प्रबंधक बना दिया गया।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि ये मंदिर उनके पूर्वजों द्वारा निजी भूमि पर स्थापित किए गए थे और हमेशा से निजी मंदिर रहे हैं। उनका आरोप है कि अब प्रशासन मंदिरों की जमीन की नीलामी की कार्रवाई कर रहा है।
सुनवाई के दौरान जस्टिस अरविंद कुमार ने सवाल किया कि यदि वर्ष 1974 से ही राजस्व अभिलेखों में जिला कलेक्टरों का नाम दर्ज था, तो याचिकाकर्ताओं ने इतने वर्षों तक इस पर आपत्ति क्यों नहीं उठाई।
खंडपीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि "कई मामलों में पुजारी मंदिरों की संपत्तियों का दुरुपयोग कर रहे हैं। वास्तव में यह संपत्ति देवता की होती है।"
अदालत ने यह भी संकेत दिया कि प्रथम दृष्टया इस विवाद के समाधान के लिए दीवानी अदालत (सिविल कोर्ट) का रास्ता अधिक उपयुक्त हो सकता है।
सुनवाई के दौरान जस्टिस अरविंद कुमार ने अपने मथुरा दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि लगभग 22 वर्ष पहले मंदिर की स्थिति काफी खराब थी, जबकि हालिया दौरे में सरकारी प्रबंधन के बाद रखरखाव में उल्लेखनीय सुधार दिखाई दिया।
याचिका में सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई है कि एक स्वतंत्र प्राधिकरण या अधिकरण गठित किया जाए, जो यह तय करे कि संबंधित मंदिर निजी हैं या सार्वजनिक। साथ ही वर्ष 1974 के शासनादेश और उससे जुड़े राजस्व अभिलेखों को रद्द करने, वंशानुगत पुजारियों के नाम पुनः दर्ज करने तथा मंदिर की संपत्तियों की नीलामी, ध्वस्तीकरण या किसी भी प्रकार की सरकारी दखलअंदाजी पर अंतरिम रोक लगाने की भी मांग की गई है।
ध्यान दें: सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल मामले में केवल नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ताओं की मांगों पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया गया है।
*बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के 11 विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण हेतु 3 करोड़ की राशि स्वीकृत दी*
रायपुर / राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश ही एक समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ की सच्ची नींव है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार राज्य में गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और संस्कारयुक्त शिक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है, ताकि आने वाली पीढ़ी अपनी संस्कृति से जुड़कर एक जिम्मेदार नागरिक बन सके। राज्य के विद्यालयों में छात्रों को भारतीय ज्ञान-परंपरा, नैतिक मूल्यों और अनुशासन से जोड़ने के लिए शालाओं में प्रार्थना, सरस्वती वंदना और श्लोक का समावेश किया गया है। उन्होंने बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के 11 विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण हेतु 3 करोड़ की राशि स्वीकृत
रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड के शासकीय बीएनबी हायर सेकेंडरी स्कूल में विकासखंड स्तरीय शालेय प्रवेश उत्सव उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, जिला पंचायत प्रतिनिधियों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और नैतिक मूल्यों के साथ जीवन पथ पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
*संकल्प से ही प्राप्त होती है सिद्धि*
देश के पूर्व राष्ट्रपति, भारतरत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी के विचारों को रेखांकित करते हुए राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि सपने वे नहीं जो हम सोते हुए देखते हैं, सपने तो वे हैं जो हमें सोने ही नहीं देते। सफलता की आधारशिला बड़े सपनों और दृढ़ संकल्प पर टिकी होती है। जिस प्रकार एक अभिभावक अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का, शिक्षक अपने विद्यालय की उत्कृष्टता का और जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के विकास का सपना देखते हैं; ठीक उसी प्रकार विद्यार्थियों को भी उच्च लक्ष्य निर्धारित कर लगातार मेहनत करनी चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्प से सिद्धि के मंत्र को दोहराते हुए विद्यार्थियों को निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया।
*दृष्टिकोण बदलता है जीवन की दिशा*
कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद के संदेश उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य हासिल न हो जाए का स्मरण कराते हुए विद्यार्थियों में असीम ऊर्जा और सकारात्मक दृष्टिकोण का संचार किया गया। एक प्रेरक प्रसंग के माध्यम से मंत्री श्री वर्मा ने स्पष्ट किया कि एक ही कार्य को करने वाले लोगों का दृष्टिकोण अलग-अलग हो सकता है। जैसे बाँध निर्माण में लगे तीन मजदूरों में से सकारात्मक सोच वाले मजदूर ने अपने कार्य को जन-कल्याण और समृद्धि से जोड़कर देखा, ठीक उसी तरह विद्यार्थियों को भी अपनी पढ़ाई का उद्देश्य तय करना होगा। जब दृष्टिकोण स्पष्ट होता है, तो लक्ष्य प्राप्ति निश्चित हो जाती है।
*नई शिक्षा नीति 2020- भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कारों का समावेश*
मंत्री वर्मा ने कहा कि विष्णु देव साय सरकार द्वारा शिक्षा के सर्वांगीण विकास के लिए उठाए जा रहे है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत राज्य में शिक्षा को आधुनिक तकनीक के साथ-साथ भारतीय ज्ञान परंपरा (वेद, शास्त्र, रामायण एवं हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर) से जोड़ा गया है। शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर बच्चों में नैतिक मूल्य, विनम्रता, अनुशासन और अपने माता-पिता व बुजुर्गों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने का माध्यम बन रही है।
*बलौदाबाजार के विद्यालयों को मॉडल बनाने 3 करोड़ रुपए की स्वीकृति*
क्षेत्रीय अधोसंरचना विकास पर राजस्व मंत्री ने कहा कि बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के विद्यालयों को सर्वसुविधायुक्त मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के 11 विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण हेतु 3 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। बाउंड्री वॉल, शौचालय, शुद्ध पेयजल, विद्युत व्यवस्था और बैठक व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जा रहा है। बीएनबी हायर सेकेंडरी स्कूल परिसर में विद्यार्थियों के सांस्कृतिक व बौद्धिक विकास हेतु एक आधुनिक एवं भव्य रंगमंच के निर्माण की भी स्वीकृति दी गई।
*2047 तक छत्तीसगढ़ देश का सबसे समृद्धशाली और सशक्त राज्य बनेगा*
कार्यक्रम में राजस्व मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महतारी वंदन योजना और कृषक उन्नति योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ अधोसंरचनात्मक विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जब वर्ष 2047 में भारत एक विकसित राष्ट्र बनेगा, तब हमारा छत्तीसगढ़ भी देश का सबसे समृद्धशाली और सशक्त राज्य बनकर उभरेगा। कार्यक्रम में नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ पर सभी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर व मिठाई खिलाकर अभिनंदन किया गया तथा उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी गईं।
पर्यटन मंडल मुख्यालय में योजनाओं और परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा, आगामी पर्यटन गतिविधियों के रोडमैप पर हुआ मंथन
रायपुर। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के संचालक मंडल की 38 वीं बैठक सोमवार को रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड मुख्यालय में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक में पर्यटन क्षेत्र के समग्र विकास, वर्तमान योजनाओं की प्रगति, नई पर्यटन पहलों तथा आगामी गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में लिए गए निर्णयों को प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम है।
बैठक की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने की। इस अवसर पर पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन (भा.प्र.से.), छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य (भा.व.से.), अवर सचिव श्रीमती रुचि शर्मा, उपमहाप्रबंधक श्रीमती पूनम शर्मा, संस्कृति विभाग के संचालक श्री संजय कन्नौजे विभिन्न विभागों के शासकीय सदस्य तथा पर्यटन मंडल के विभिन्न शाखा प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधारोपण और हरित पहल के संकल्प के साथ हुई। प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा तथा पर्यटन सचिव डॉ. एस. भारतीदासन को पौधा भेंट कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। वहीं, उपमहाप्रबंधक श्रीमती पूनम शर्मा ने विभिन्न विभागों के शासकीय सदस्यों का पौधा भेंट कर स्वागत किया।
बैठक के दौरान पर्यटन मंडल द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं विकास परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। परियोजनाओं के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन, पर्यटन अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार तथा प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को और अधिक आकर्षक एवं सुविधायुक्त बनाने के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। साथ ही आगामी पर्यटन कार्यक्रमों, प्रचार-प्रसार गतिविधियों, निवेश संभावनाओं तथा पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने के विभिन्न पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि प्रदेश की प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक एवं जनजातीय पर्यटन संपदा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएंगे। पर्यटन स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, पर्यटक अनुभव को बेहतर बनाने तथा स्थानीय समुदाय की सहभागिता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को गति प्रदान करने तथा भविष्य में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने की रणनीति पर सर्वसम्मति बनी। संचालक मंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि इन निर्णयों से प्रदेश की पर्यटन पहचान और अधिक सशक्त होगी तथा छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख पर्यटन राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान को और मजबूत करेगा।
रायपुर / प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ में स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ आम नागरिकों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। राजनांदगांव जिला इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है। योजनागत उपलब्धियों के आधार पर राजनांदगांव प्रदेश में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।
जिले में अब तक योजना के अंतर्गत 8 हजार 256 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 4 हजार 120 हितग्राहियों के घरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि शेष प्रकरणों में दस्तावेजों के सत्यापन, संयंत्र स्थापना एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं।
योजना के तहत अब तक 3 हजार 205 हितग्राहियों को शासन की ओर से सब्सिडी का लाभ मिल चुका है। वहीं 1 हजार 155 परिवारों का बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है। ये परिवार अब अपनी आवश्यकता के अनुरूप सौर ऊर्जा का उपयोग कर बिजली खर्च में उल्लेखनीय बचत कर रहे हैं। कई हितग्राही अतिरिक्त उत्पादित बिजली को ग्रिड में भेजकर ऊर्जा उत्पादन में भी भागीदार बन रहे हैं।
योजना का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिले की सभी जनपद पंचायतों की ग्राम पंचायतों में नियमित रूप से 'पीएम सूर्य सभा' आयोजित की जा रही है। इन सभाओं में नागरिकों को योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, सब्सिडी की जानकारी तथा रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापना की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया जा रहा है। पात्र हितग्राहियों के आवेदन भी मौके पर ही प्राप्त किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार शासन द्वारा सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। योजना का उद्देश्य घरेलू बिजली व्यय में कमी लाने, स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने, कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने तथा ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करना है।
राजनांदगांव जिले की उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि प्रभावी जनजागरूकता, समयबद्ध क्रियान्वयन और हितग्राही-केंद्रित प्रयासों से प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ऊर्जा क्रांति का आधार बन रही है।
रायपुर / छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकास शील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में गृह विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम (CCTNS) के डैशबोर्ड की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्य के कमजोर बिंदुओं को चिन्हित कर उनमें त्वरित सुधार करने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के डीजीपी श्री अरुण देव गौतम भी विशेष रूप से मौजूद थे।
*स्टेट स्कोरकार्ड में मिले 64.97 अंक, प्रशासनिक सुधार में पूर्ण अंक*
बैठक के दौरान अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी नवीनतम स्टेट स्कोरकार्ड में छत्तीसगढ़ को 100 में से 64.97 अंक प्राप्त हुए हैं। हालांकि राज्य ने 'प्रशासनिक सुधार' और 'मेडलीगल रिपोर्ट पोर्टल' के क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूर्ण अंक हासिल किए हैं।
*जीरो एफआईआर और ई-चार्जशीट को सुदृढ़ करने पर जोर*
मुख्य सचिव श्री विकास शील ने कानून व्यवस्था और डिजिटल पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया कि जीरो एफआईआर और ई-चार्जशीट की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाया जाए। न्यायालयों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए 'न्याय श्रुति प्रणाली' को शीघ्र अति शीघ्र प्रारंभ किया जाए। मामलों के त्वरित निपटारे के लिए निर्धारित 60 एवं 90 दिवस के भीतर हर हाल में न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया जाए। डिजिटल साक्ष्यों की महत्ता को देखते हुए ई-साक्ष्य (E-Evidence) के उपयोग को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
डैशबोर्ड की समीक्षा के दौरान पुलिस और गृह विभाग के समन्वय पर विशेष बल दिया गया। इस उच्च स्तरीय बैठक में गृह विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, गृह विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता सहित कई अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
*'मेरा परिवार गौव्रति परिवार' अभियान का शुभारंभ, गौ विज्ञान परीक्षा के मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित*
*1.64 लाख से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता को बताया नई पीढ़ी में भारतीय संस्कृति और वैज्ञानिक सोच का सकारात्मक संकेत*
*सुरभि गौधाम योजना, गौशालाओं को बढ़ी सहायता और डेयरी विकास से गौपालन को मिलेगा नया विस्तार*
रायपुर,/गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।
इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशव्यापी 'मेरा परिवार गौव्रति परिवार' अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
*नई पीढ़ी में भारतीय संस्कृति और वैज्ञानिक दृष्टि का सुंदर समन्वय*
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौमाता केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि कृषि, स्वास्थ्य, पर्यावरण और ग्रामीण समृद्धि की महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि बच्चों में गाय के वैज्ञानिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व की समझ विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित गौ विज्ञान परीक्षा अत्यंत सराहनीय पहल है।
उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस वर्ष प्रदेश के स्कूलों एवं महाविद्यालयों के 1 लाख 64 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। इतनी बड़ी संख्या में युवाओं की सहभागिता यह दर्शाती है कि नई पीढ़ी भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों और प्रकृति संरक्षण के प्रति सजग हो रही है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि वे समाज में गौ संरक्षण और संवर्धन के प्रभावी दूत बनेंगे।
*गौ संरक्षण को जनभागीदारी से मिलेगा स्थायी आधार*
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गौ संरक्षण के उद्देश्य को पूर्ण करने के लिए समाज के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने परिवारों और आसपास के लोगों को गौसेवा एवं गौ संरक्षण के प्रति जागरूक करें तथा इस अभियान को घर-घर तक पहुंचाएं।
*न्योता भोज जैसी पहल सामाजिक सहभागिता का उदाहरण*
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नए शिक्षा सत्र के साथ प्रदेश में शाला प्रवेश उत्सव और न्योता भोज जैसी अभिनव पहल संचालित की जा रही हैं। जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ अथवा माता-पिता की पुण्यतिथि जैसे विशेष अवसरों पर विद्यालयों में बच्चों के साथ भोजन कराने की परंपरा समाज और विद्यालय के बीच आत्मीय संबंध मजबूत कर रही है। इससे बच्चों को अतिरिक्त पोषण भी प्राप्त हो रहा है तथा समाज की भागीदारी भी बढ़ रही है।
*गोबर आधारित उत्पाद बन रहे रोजगार का नया माध्यम*
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गाय से प्राप्त दूध, दही, गोबर और गोमूत्र सहित प्रत्येक उत्पाद मानव जीवन के लिए उपयोगी है। आज गोबर से अनेक उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, जो स्वरोजगार और ग्रामीण उद्यमिता के नए अवसर प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार गोबर एवं गोमूत्र आधारित उत्पादों के निर्माण तथा प्रशिक्षण की व्यवस्था भी करेगी, जिससे गौपालन आय का सशक्त माध्यम बन सके।
*गौ संरक्षण के लिए सरकार के प्रभावी कदम*
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गौ संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। पंजीकृत गौशालाओं में प्रति गाय चारे के लिए दी जाने वाली सहायता राशि 20 रुपये से बढ़ाकर 35 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। साथ ही सुरभि गौधाम योजना के माध्यम से आधुनिक सुविधाओं से युक्त गौधाम विकसित किए जा रहे हैं, जहां पशु चिकित्सक, चरवाहे तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
*बस्तर में डेयरी विकास का नया अध्याय*
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद समाप्त होने के साथ अब विकास का नया दौर प्रारंभ हुआ है। कृषि एवं पशुपालन आधारित आजीविका को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से देसी गाय उपलब्ध कराने की योजना प्रारंभ की गई है।उन्होंने कहा कि इस योजना से प्रदेश में दूध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अब सरकार इस योजना का लाभ अन्य इच्छुक पशुपालकों, विशेषकर यादव समाज के लोगों तक भी पहुंचाने पर विचार कर रही है, जिससे डेयरी क्षेत्र को और मजबूती मिलेगी।
*गौ सेवा से संस्कृति और मूल्यों से जुड़ रही नई पीढ़ी : स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव*
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने कहा कि गौ विज्ञान परीक्षा के माध्यम से हजारों बच्चों ने गौमाता के महत्व को समझा है। यह पहल नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गौ संरक्षण के लिए गौ अभ्यारण्य विकसित कर रही है, जहां गौवंश के लिए पर्याप्त चारा और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। देसी गाय के शुद्ध दूध के उत्पादन को बढ़ावा देकर आर्थिक स्वावलंबन के साथ जनस्वास्थ्य को भी मजबूती मिलेगी।
*भारतीय ज्ञान परंपरा से परिचय करा रही है गौ विज्ञान परीक्षा*
गौ सेवा गतिविधि के अखिल भारतीय संयोजक श्री अजीत महापात्र ने कहा कि गौ विज्ञान परीक्षा विद्यार्थियों को गाय के वैज्ञानिक महत्व तथा भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रही है। इससे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान का भाव विकसित हो रहा है।
*गौ विज्ञान परीक्षा के विजेताओं का हुआ सम्मान*
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गौ विज्ञान परीक्षा के तीनों वर्गों के विजेताओं को सम्मानित किया। प्रथम स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को 51 हजार रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को 31 हजार रुपये तथा तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को 11 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने सभी विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि यह परीक्षा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, भारतीय परंपराओं के प्रति सम्मान तथा समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष श्री राजीव लोचन जी महाराज, छत्तीसगढ़ राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष श्री सुधीर गौतम, श्री चंद्रशेखर देवांगन, श्री आत्मबोध अग्रवाल, श्री मनोज पांडेय, श्री गोपाल यादव सहित छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति के पदाधिकारी, प्रदेशभर से आए गौ विज्ञान परीक्षा के प्रतिभागी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
पूर्व CEO बी.आर. सुखदेव को सम्मानपूर्वक विदाई, अधिकारियों-कर्मचारियों ने नए नेतृत्व पर जताया भरोसा
शौर्यपथ संवाददाता | कांकेर
जनपद पंचायत नरहरपुर में शुक्रवार को आयोजित गरिमामय समारोह में भानु प्रताप चुरेंद्र ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) का पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर जनपद पंचायत परिवार ने उनका पुष्पगुच्छ एवं माल्यार्पण कर आत्मीय स्वागत किया, वहीं पूर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी बी.आर. सुखदेव को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानपूर्वक भावभीनी विदाई दी गई।
समारोह में अधिकारियों, कर्मचारियों, पंचायत प्रतिनिधियों, सरपंचों, सचिवों एवं रोजगार सहायकों ने नए CEO का स्वागत करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में ग्रामीण विकास कार्यों और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को नई गति मिलेगी।
विदाई समारोह में वक्ताओं ने बी.आर. सुखदेव के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने प्रशासनिक दक्षता, अनुशासन और समन्वयपूर्ण कार्यशैली से जनपद पंचायत की कार्यप्रणाली को मजबूत बनाया। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम में सुरेंद्र कश्यप, एम.के. सिद्दीकी, आनंद साहू, बीरबल मतलम, सचिव संघ अध्यक्ष संजय कलिहारी, प्रभु राम मंडावी, धर्मचंद सोनबर, भावेश साहू, कैस कुमार साहू, हृदय राम जैन, धनीराम कुंजाम, संतोष लोन्हारे सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी एवं पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कांकेर / शौर्यपथ / जिले की सरोना पुलिस ने करीब साढ़े तीन लाख रुपये मूल्य के एसीएसआर पैंथर कंडक्टर तार चोरी के मामले का सफल खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी गया पूरा कंडक्टर तार बरामद कर लिया है। इस कार्रवाई को जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार साहू, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (साइबर) दिनेश कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस मोहसिन खान के पर्यवेक्षण में थाना सरोना पुलिस एवं साइबर टीम द्वारा संयुक्त रूप से की गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, मुखबिर से प्राप्त सूचना तथा गहन विवेचना के आधार पर आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
विद्युत लाइन निर्माण कार्य के दौरान हुई थी लाखों की चोरी
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रार्थी मनोज सोनी निवासी रामपुर वार्ड, जिला धमतरी ने थाना सरोना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी कंपनी द्वारा सीएसपीडीसीएल के विद्युत लाइन निर्माण कार्य के लिए ग्राम मालगांव एवं बरकई के बीच सड़क किनारे एसीएसआर पैंथर कंडक्टर तार रखा गया था।
दिनांक 3 दिसंबर 2025 से 6 दिसंबर 2025 के बीच अज्ञात चोरों ने एक ड्रम से एसीएसआर पैंथर कंडक्टर तार चोरी कर लिया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 3 लाख 50 हजार रुपये थी। घटना की सूचना मिलते ही थाना सरोना में अपराध क्रमांक 04/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के अंतर्गत मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की गई।
पूछताछ में आरोपी ने कबूला जुर्म, दी अहम जानकारी
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर ग्राम गोविंदपुर निवासी शुभम यादव को संदेही के रूप में चिन्हित किया। हिरासत में लेकर की गई पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की पूरी वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि चोरी के बाद पूरे कंडक्टर तार को एक फरार साथी के घर ले जाकर सीढ़ी के नीचे छिपाया गया था। पहचान छिपाने के लिए उस स्थान पर विशेष रूप से दीवार चिनवाकर तार को सुरक्षित रखा गया था ताकि किसी को उस पर संदेह न हो। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने फरार आरोपी के घर से चोरी गया पूरा एसीएसआर पैंथर कंडक्टर तार बरामद कर लिया।
साढ़े तीन लाख का माल बरामद, फरार साथियों की तलाश जारी
पुलिस ने आरोपी शुभम यादव, पिता अशोक यादव, उम्र 26 वर्ष, निवासी ग्राम गोविंदपुर, थाना कांकेर को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया। आरोपी के कब्जे और निशानदेही से बरामद एक नग एसीएसआर पैंथर कंडक्टर तार की अनुमानित कीमत 3 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है।
पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर मामले का पूर्ण खुलासा किया जाएगा।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका, आम नागरिकों से सहयोग की अपील
इस पूरे मामले के सफल खुलासे में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (साइबर) दिनेश कुमार सिन्हा के नेतृत्व में निरीक्षक मालिक राम केवट, निरीक्षक यशवंत कुमार श्याम, उप निरीक्षक गोपाल नेताम, प्रधान आरक्षक नरोत्तम लाटिया, प्रधान आरक्षक सत्यप्रकाश सिंह, आरक्षक डोमेश नागेश, आरक्षक लक्ष्मीनारायण तथा साइबर टीम के एएसआई भकेश पटेल, पुरुषोत्तम कतलाम, सचिन सोरी, नारद देवांगन, छेदन सोनकर, हिमेश्वर मंडावी, जीतेन्द्र नाग, भूपेश नेताम, कृष्णा केशरी और रामरतन निषाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कांकेर पुलिस ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी संदिग्ध गतिविधि, चोरी अथवा किसी अन्य अपराध की जानकारी मिले तो तत्काल निकटतम पुलिस थाना, डायल-112 या कांकेर पुलिस हेल्पलाइन 9479155125 पर सूचना दें। पुलिस का कहना है कि आम नागरिकों की सतर्कता और समय पर दी गई सूचना अपराधों की रोकथाम तथा आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
अब तक 1 लाख 49 हजार से अधिक बच्चों की हो चुकी स्क्रीनिंग
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थय को प्राथमिकता देते हुए चलाई जा रही योजना “प्रोजेक्ट धड़कन” के अंतर्गत ज़िले भर में विशेष स्वास्थय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य है - बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से अभनपुर टीम-बी द्वार शासकीय प्राथमिक शाला कोलार में 92 बच्चों, धरसींवा टीम-बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र-11 सिलयारी एवं आंगनबाड़ी केंद्र-1 मेहरसाखा में 141 बच्चों, तिल्दा टीम-बी द्वारा प्राथमिक शाला चंगोरी, पहाड़ी एवं खुदमुड़ी में 133 बच्चों, अर्बन टीम-ए द्वारा पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1, डब्ल्यूआरएस रायपुर में 140 बच्चों, अर्बन टीम-बी द्वारा माध्यमिक शाला बोरियाखुर्द में 98 बच्चों तथा अर्बन टीम-डी द्वारा प्राथमिक शाला बंजारी रावाभाठा में 86 बच्चों की स्क्रीनिंग की। पूरे जिले में कुल 690 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।
इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक जिले में कुल 1 लाख 49 हजार 9 सौ 20 बच्चों की स्क्रीनिंग, 14 बच्चों का मेडिकल उपचार व प्रबंधन एवं 18 बच्चों का निःशुल्क ऑपरेशन किया जा चुका है।
शौर्यपथ संवाददाता | संतराम कुर्रे
महासमुंद। जिला पंचायत महासमुंद में नवपदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) सुश्री अनुपमा आनंद के पदभार ग्रहण करने पर जिला पंचायत परिसर में आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोंगरा पटेल, उपाध्यक्ष श्री भीखम सिंह ठाकुर सहित जिला पंचायत के सभी सम्मानित सदस्य उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत करते हुए नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं तथा जिले के समग्र विकास में उनके नेतृत्व पर पूर्ण विश्वास व्यक्त किया।
समारोह में जिला पंचायत सदस्य रवि फ़रोदिया, करण सिंह दीवान, श्रीमती रामदुलारी सिन्हा, श्रीमती जगमोतिन बाई, श्रीमती देवकी दीवान, श्रीमती कुमारी भास्कर, लोकनाथ बारीक, जागेश्वर (जुगनू) चंद्राकर, श्रीमती देवकी पटेल, नैन पटेल, श्रीमती सृष्टि अमर चंद्राकर, मोक्ष प्रधान एवं श्रीमती सीमा लोकेश नायक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने सुश्री अनुपमा आनंद का स्वागत करते हुए उनके सफल, पारदर्शी और जनहितैषी कार्यकाल की कामना की।
इस दौरान आयोजित बैठक में जिले के समग्र विकास, ग्राम पंचायतों के सशक्तिकरण, ग्रामीण अधोसंरचना के विस्तार तथा केंद्र एवं राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय को विकास की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत-2047' के संकल्प तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में 'विकसित छत्तीसगढ़' के लक्ष्य को साकार करने में जिला पंचायत की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी विचार-विमर्श हुआ। जनप्रतिनिधियों ने विश्वास व्यक्त किया कि सुश्री अनुपमा आनंद के नेतृत्व में जिला पंचायत महासमुंद सुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसेवा के नए मानक स्थापित करेगी।
सभी जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि जिला पंचायत महासमुंद विकासोन्मुखी सोच के साथ कार्य करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, पंचायतों की क्षमता वृद्धि तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा। कार्यक्रम के अंत में सभी जनप्रतिनिधियों ने सुश्री अनुपमा आनंद को पुनः शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल कार्यकाल एवं महासमुंद जिले के समग्र, समावेशी और सतत विकास की मंगलकामना की।
प्रतियोगी परीक्षाओं से लेकर महापुरुषों की जीवनियां तक उपलब्ध, हर ब्लॉक में प्रतिभावान विद्यार्थियों के सम्मान का भी निर्णय
शौर्यपथ संवाददाता | संतराम कुर्रे
महासमुंद। प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज ने शिक्षा और सामाजिक जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए महासमुंद जिले की पहली सामाजिक लाइब्रेरी की शुरुआत की है। यह लाइब्रेरी पे बैक सोसायटी के सहयोग से बागबाहरा स्थित सुनसुनिया सामाजिक भवन में प्रारंभ की गई, जिसका संचालन समाज के शिक्षा प्रकोष्ठ, बागबाहरा द्वारा किया जाएगा।
इस अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय बैठक की अध्यक्षता समाज के जिलाध्यक्ष विजय बंजारे ने की। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज की प्रगति का सबसे सशक्त माध्यम है और यह लाइब्रेरी विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं, नौकरीपेशा लोगों तथा महिलाओं के लिए ज्ञान का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी।
महापुरुषों की जीवनियां और प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें होंगी उपलब्ध
लाइब्रेरी के प्रारंभिक चरण में भारत के महान संतों, समाज सुधारकों और महापुरुषों की जीवनियों के साथ-साथ उनके द्वारा लिखित ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी साहित्य को शामिल किया गया है। इसके अलावा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित पुस्तकें भी उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि जिले के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री एक ही स्थान पर मिल सके।
जिलाध्यक्ष विजय बंजारे ने शिक्षा प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों से लाइब्रेरी का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और अधिक से अधिक विद्यार्थियों एवं युवाओं को नियमित रूप से पुस्तक अध्ययन के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
हर ब्लॉक में प्रतिभावान विद्यार्थियों का होगा सम्मान
बैठक में महासमुंद, बागबाहरा, पिथौरा और बसना ब्लॉक में संगठनात्मक चुनाव कराने के लिए गांव-गांव सदस्यता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही शिक्षा प्रकोष्ठ द्वारा प्रत्येक ब्लॉक के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं की सूची तैयार कर उनका सम्मान समारोह आयोजित करने पर भी सर्वसम्मति बनी।
समाज के पदाधिकारियों ने शिक्षा, संगठन सुदृढ़ीकरण और सामाजिक विकास से जुड़े विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रमों को आगामी दिनों में प्राथमिकता के साथ संचालित करने का संकल्प भी लिया।
इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
बैठक में जिलाध्यक्ष विजय बंजारे, जिला उपाध्यक्ष चिंता साय, सचिव रेखराम बघेल, प्रवक्ता राजेंद्र कुमार मारकंडेय, मीडिया प्रभारी सोमनाथ टोंडेकर, जिला कार्यकारिणी सदस्य सेतलाल खुंटे, पवन कुमार घृतलहरे, हेमन कुमार ढीढी, हरक मन्नाडे, ब्लॉक अध्यक्ष चित्र कुमार भारती (महासमुंद), तरुवर कोसरिया (पिथौरा), शिक्षा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष राजेश रात्रे, बागबाहरा अध्यक्ष महेंद्र बंजारे, राधेश्याम परमार, राधेश्याम निराला, चिंता कुर्रे, भूपेंद्र निराला, बालकदास कोसरे तथा युवा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष तेजराम चौलिक एवं पिथौरा ब्लॉक अध्यक्ष मुकेश मधुकर सहित बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
भिलाईनगर / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम भिलाई की नवनियुक्त आयुक्त सुश्री सुरूचि सिंह ने शुक्रवार को निगम सभागार में शहर के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया प्रतिनिधियों के साथ पहली बार परिचयात्मक एवं सीधा संवाद स्थापित किया। इस संवाद में 50 से अधिक मीडिया प्रतिनिधियों ने भाग लिया और शहर के विकास, नागरिक सुविधाओं तथा निगम की कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर खुलकर चर्चा की।
आयुक्त ने कहा कि नगर निगम का मूल उद्देश्य नागरिकों को बेहतर, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेयजल, स्वच्छता, सड़क, जलनिकासी और जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शहर के समग्र विकास के लिए प्रभावी कार्ययोजना पर काम किया जाएगा।
वर्षा में जलभराव वाले क्षेत्रों पर होगी त्वरित कार्रवाई
संवाद के दौरान आयुक्त ने कहा कि बारिश के दौरान जिन क्षेत्रों में जलभराव की समस्या सामने आ रही है, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्य कर नागरिकों को राहत पहुंचाई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण कर स्थायी समाधान तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
बीएसपी के साथ बेहतर समन्वय से सुधरेंगी नागरिक सुविधाएं
सुश्री सिंह ने बताया कि भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यों को गति दी जाएगी। विशेष रूप से बीएसपी क्षेत्र की सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति और अन्य मूलभूत सुविधाओं में सुधार के लिए बीएसपी प्रबंधन के साथ नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी।
हर सोमवार होगी जनसुनवाई, लंबित प्रकरणों का होगा त्वरित निराकरण
आयुक्त ने घोषणा की कि प्रत्येक सोमवार सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक निगम कार्यालय में नियमित जनसुनवाई आयोजित की जाएगी, जहां नागरिकों की समस्याएं सीधे सुनी जाएंगी और उनके त्वरित समाधान का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि निगम में लंबित फाइलों की समीक्षा कर विलंब के कारणों का विश्लेषण किया जाएगा तथा सभी प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
100 प्रतिशत ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने का लक्ष्य
निगम की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली को शत-प्रतिशत लागू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे फाइलों के निस्तारण में गति आएगी और कार्यों की ऑनलाइन निगरानी भी संभव होगी।
राजस्व बढ़ाने के लिए कर वसूली और दुकानों की पारदर्शी नीलामी
नगर निगम की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए करों की समयबद्ध वसूली पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही निगम की दुकानों की पारदर्शी नीलामी कर राजस्व में वृद्धि के प्रयास किए जाएंगे, ताकि विकास कार्यों के लिए संसाधनों की उपलब्धता बढ़ सके।
'मिशन क्लीन सिटी' में शामिल कराने की तैयारी
स्वच्छता को लेकर आयुक्त ने कहा कि भिलाई को 'मिशन क्लीन सिटी' में शामिल कराने के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। इससे शासन से अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्राप्त होगी और शहर की सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।
नई पानी टंकियां, शहीद पार्क और संजय नगर तालाब भी प्राथमिकता में
आयुक्त ने बताया कि शहर की पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नई पानी टंकियों के निर्माण की योजना तैयार की जा रही है। इसके साथ ही शहीद पार्क सेक्टर-5 के बेहतर संचालन, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) की योजनाओं को गति देने तथा संजय नगर तालाब के सौंदर्यीकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
मॉल पार्किंग व्यवस्था होगी व्यवस्थित
शहर के प्रमुख मॉलों में पार्किंग शुल्क और पार्किंग व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी आयुक्त ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने कहा कि संबंधित पक्षों से चर्चा कर नागरिकों की सुविधा के अनुरूप व्यवस्थित और पारदर्शी पार्किंग व्यवस्था विकसित करने की दिशा में पहल की जाएगी।
मीडिया के सुझावों का होगा स्वागत
संवाद के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों ने जलभराव, स्वच्छता, पेयजल, कर वसूली, पार्किंग, बीएसपी क्षेत्र की समस्याओं सहित अनेक जनहित के मुद्दे उठाए। आयुक्त ने सभी प्रश्नों का तथ्यपरक एवं विस्तार से उत्तर देते हुए भरोसा दिलाया कि नगर निगम पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसहभागिता के साथ शहर के समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करेगा।
उन्होंने कहा कि मीडिया और नगर निगम के बीच सकारात्मक समन्वय शहर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए नागरिकों तक विकास कार्यों की सही और समय पर जानकारी पहुंचाने के लिए संवाद की यह परंपरा आगे भी जारी रहेगी।
रायपुर। शौर्यपथ । संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), नई दिल्ली द्वारा आयोजित सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स में सहायक कमांडेंट भर्ती परीक्षा-2026 का आयोजन 19 जुलाई 2026 को जिले के 4 परीक्षा केंद्रों में किया जाएगा। परीक्षा प्रथम पाली में प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक तथा द्वितीय पाली में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षा में कुल 1704 अभ्यर्थी शामिल होंगे।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी पर्यवेक्षकों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पेयजल, विद्युत, बैठक व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं पहले से सुनिश्चित कर ली जाएं। उन्होंने सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक परीक्षार्थी की प्रवेश से पूर्व फ्रिस्किंग एवं फेस ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से पूरी की जाए।
परीक्षा से संबंधित गोपनीय सामग्री का वितरण 19 जुलाई को जिला कोषालय, रायपुर से किया जाएगा। परीक्षा के संचालन हेतु डिप्टी कलेक्टर श्री नवीन ठाकुर को को - ऑर्डिनेटिंग सुपरवाइजर, डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम प्रसाद रजक को सहायक को - ऑर्डिनेटिंग सुपरवाइजर एवं रोजगार अधिकारी विशेष रोजगार कार्यालय श्री केदारनाथ पटेल को कंट्रोल रूम प्रभारी नियुक्त किया गया है।
सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा केंद्र पर प्रथम पाली में 9:30 बजे एवं द्वितीय पाली में 1:30 बजे तक पहुंचें, ताकि फ्रिस्किंग, फेस ऑथेंटिकेशन एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं समय पर पूरी की जा सकें और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
