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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
नई दिल्ली/रायपुर: छत्तीसगढ़ की सियासत के सबसे चर्चित हत्याकांडों में से एक, रामअवतार जग्गी मर्डर केस में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (J) के अध्यक्ष अमित जोगी को देश की सर्वोच्च अदालत से बड़ी राहत मिली है। गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के उस फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसमें जोगी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के प्रमुख बिंदु
सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ—जिसमें जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस विजय बिश्नोई शामिल हैं—ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निम्नलिखित निर्देश जारी किए:
जेल जाने पर रोक: हाई कोर्ट द्वारा दिए गए 3 सप्ताह के भीतर सरेंडर करने के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। जोगी को अभी जेल नहीं जाना होगा।
दोषसिद्धि (Conviction) पर स्टे: कोर्ट ने अमित जोगी की सजा के साथ-साथ उनकी दोषसिद्धि पर भी रोक लगा दी है।
CBI को नोटिस: शीर्ष अदालत ने इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को नोटिस जारी कर उनका पक्ष रखने को कहा है।
दिग्गज वकीलों की दलीलें आई काम
अमित जोगी की ओर से देश के तीन दिग्गज वकीलों—कपिल सिब्बल, मुकुल रोहतगी और विवेक तन्खा— ने पैरवी की। वकीलों ने हाई कोर्ट के फैसले की कानूनी बारीकियों और पूर्व में निचली अदालत से मिली रिहाई के तथ्यों को मजबूती से रखा, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपील स्वीकार करते हुए राहत प्रदान की।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद 23 साल पुराना है, जिसने छत्तीसगढ़ की राजनीति को हिलाकर रख दिया था:
जून 2003: रायपुर में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता रामअवतार जग्गी की सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
साल 2007: निचली अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर अमित जोगी को इस मामले में बरी कर दिया था।
अप्रैल 2026: करीब 19 साल बाद छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए अमित जोगी को हत्या की साजिश रचने का दोषी माना और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
निष्कर्ष: सुप्रीम कोर्ट के इस 'स्टे ऑर्डर' के बाद अमित जोगी के लिए कानूनी और राजनीतिक गलियारों में एक नई उम्मीद जगी है। फिलहाल यह मामला अब देश की सर्वोच्च अदालत के अधीन है, जहाँ इसकी विस्तृत सुनवाई होगी।
दुर्ग। शौर्यपथ । शहर के सबसे व्यस्त और प्रमुख चौराहों में शुमार मालवीय नगर चौक अब दुर्घटनाओं का केंद्र बनता जा रहा है। हाल ही में हुई एक बड़ी दुर्घटना के बाद भाजपा नेता विजय जलकारे ने दुर्ग की ट्रैफिक व्यवस्था और चौक के निर्माण में हुई तकनीकी खामियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
बताया गया कि बुधवार, 22 जून की सुबह करीब 5 बजे राजनांदगांव से भिलाई की ओर जा रही फलों से भरी मिनी ट्रक (CG07CZ9808) के सामने अचानक एक कार आ गई, जो भिलाई से दुर्ग रेलवे स्टेशन की ओर मुड़ रही थी। कार को बचाने के प्रयास में ट्रक चालक नियंत्रण खो बैठा और वाहन पास स्थित एन.सी. नाहर के घर की बाहरी दीवार से जा टकराया।
इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन दीवार को भारी नुकसान पहुंचा और एक बड़ा हादसा टल गया।
⚠️ “तकनीकी त्रुटियों ने बनाया खतरनाक”
भाजपा नेता विजय जलकारे का कहना है कि मालवीय नगर चौक का नया निर्माण ही इसकी सबसे बड़ी समस्या बन गया है।
उनके अनुसार, चौक की डिजाइन ऐसी है कि भिलाई से आने वाले वाहन जब रेलवे स्टेशन की ओर मुड़ते हैं, तो सामने से आ रहे वाहन स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देते, जिससे टक्कर की आशंका बढ़ जाती है।
? सिग्नल बंद तो बढ़ता खतरा
स्थानीय लोगों के अनुसार, जब ट्रैफिक सिग्नल बंद रहते हैं, तब यहां हादसों की संख्या और बढ़ जाती है। जलकारे ने यह भी आरोप लगाया कि लगातार मांग के बावजूद इस चौक पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती नहीं की जाती, जिससे अव्यवस्था बनी रहती है।
? दुर्घटनाओं में सबसे आगे
पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, दुर्ग शहर में सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं इसी चौक पर दर्ज की गई हैं, जिससे यह क्षेत्र अब “ब्लैक स्पॉट” के रूप में चिन्हित होने लगा है।
?️ प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
विजय जलकारे ने प्रशासन से मांग की है कि:
चौक की डिजाइन और तकनीकी खामियों की तत्काल जांच हो
नियमित रूप से ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की जाए
सिग्नल व्यवस्था को दुरुस्त कर 24×7 चालू रखा जाए
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
? निष्कर्ष:
मालवीय नगर चौक की बढ़ती दुर्घटनाएं प्रशासन के लिए एक गंभीर चेतावनी हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस ‘ब्लैक स्पॉट’ को सुरक्षित बनाने के लिए कितनी तेजी और गंभीरता से कदम उठाते हैं।
रायपुर। शौर्यपथ । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग के बीच छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए कहा है कि राज्य में अब सत्ता परिवर्तन तय है। उन्होंने दावा किया कि मतदान के शुरुआती रुझान स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि जनता बदलाव चाहती है और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार की विदाई निकट है।
अरुण साव ने भरोसा जताया कि इस बार पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी पहली पसंद बनकर उभरेगी और “कमल खिलने” के साथ राज्य को सुशासन, सुरक्षा और विकास की नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि माताओं-बहनों की सुरक्षा और युवाओं को रोजगार के अवसर देना भाजपा की प्राथमिकता होगी।
? कांग्रेस पर तीखा प्रहार — “ओबीसी के मुद्दे पर दोहरा चेहरा”
उप मुख्यमंत्री साव ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी का ओबीसी वर्ग के प्रति रवैया हमेशा से दोहरा रहा है।
उनके अनुसार, जब कांग्रेस सत्ता में थी तब उसने अन्य पिछड़ा वर्ग की उपेक्षा की, लेकिन अब सत्ता से बाहर होने के बाद वह ओबीसी हितैषी बनने का दिखावा कर रही है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ की पूर्व भूपेश बघेल सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में भी ओबीसी वर्ग के साथ न्याय नहीं हुआ।
? इतिहास का हवाला, कांग्रेस पर सवाल
नवा रायपुर अटल नगर स्थित निवास कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुए साव ने कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद काका कालेकर आयोग की रिपोर्ट को दबाकर रखा और मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करने में भी गंभीरता नहीं दिखाई।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वी.पी. सिंह की सरकार ने मंडल आयोग लागू किया, जबकि उस समय राजीव गांधी ने इसका विरोध किया था।
? राजनीतिक संदेश स्पष्ट
अरुण साव ने कहा कि देश और प्रदेश का ओबीसी वर्ग अब कांग्रेस के “राजनीतिक दिखावे” को समझ चुका है और आने वाले समय में इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगा।
? निष्कर्ष:
पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर भाजपा का आत्मविश्वास चरम पर है। अब सबकी नजरें चुनाव परिणामों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि क्या वास्तव में “बदलाव की बयार” सत्ता परिवर्तन में बदलती है या नहीं।
मृणेन्द्र चौबे राजनांदगांव/शौर्यपथ / नगर निगम द्वारा प्रस्तुत बजट को पार्षद रवि सिन्हा ने विकासोन्मुख, दूरदर्शी और जनहितकारी बताया है। उन्होंने कहा कि महापौर मधुसूदन यादव के नेतृत्व में निगम ने संतुलित और प्रभावशाली बजट पेश किया है, जो शहर के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा। पार्षद सिन्हा ने कहा कि बजट की खास बात यह है कि पूर्व वर्षों में घोषित कार्यों का लगातार क्रियान्वयन जारी है। इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा सरकार केवल घोषणाएं नहीं करती, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने का कार्य भी करती है। यही कार्यशैली जनता के विश्वास को मजबूत करती है। उन्होंने बताया कि बजट में सड़क, नाली, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, स्वच्छता और अधोसंरचना विकास के साथ-साथ शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए व्यापक प्रावधान किए गए हैं, जिससे शहर के विकास को नई गति मिलेगी।
0 गंजपारा स्कूल के उन्नयन पर जोर
पार्षद रवि सिन्हा ने वार्ड 39 स्थित गंजपारा प्राथमिक इंग्लिश मीडियम स्कूल के उन्नयन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उपेक्षित इस स्कूल को अब आधुनिक हाईटेक मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां स्मार्ट क्लास, डिजिटल लर्निंग और बेहतर अधोसंरचना की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने इस कार्य के लिए महापौर मधुसूदन यादव का आभार जताते हुए कहा कि त्वरित निर्णय और सकारात्मक सोच के कारण यह योजना साकार हो रही है। पार्षद सिन्हा ने कहा कि यह बजट राजनांदगांव के उज्ज्वल भविष्य का रोडमैप है और इससे स्पष्ट होता है कि सरकार विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने निगम प्रशासन को बजट के लिए बधाई देते हुए विश्वास जताया कि इससे शहर को नई ऊंचाइयां मिलेंगी और आम जनता को सीधा लाभ होगा।
अम्बिकापुर। शौर्यपथ ।
सरगुजा जिले में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने न केवल शिक्षा प्रणाली बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वरंग किड्स एकेडमी (पेशागी एजूकेशन सोसायटी), चोपड़ापारा द्वारा महज 4 वर्षीय मासूम बच्चे को केवल इसलिए प्रवेश देने से इंकार कर दिया गया क्योंकि वह हिन्दी के बजाय स्थानीय सरगुजिहा भाषा में बात करता था।
❗ मामला क्या है?
सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों में वायरल इस घटना में बताया गया कि विद्यालय प्रबंधन ने बच्चे के पिता से यह तक कह दिया कि “यहाँ बड़े घर के बच्चे पढ़ते हैं, वे भी आपके बच्चे की तरह सरगुजिहा सीख जाएंगे।” साथ ही यह तर्क दिया गया कि शिक्षक बच्चे की भाषा समझ नहीं पा रहे हैं, इसलिए प्रवेश नहीं दिया जा सकता।
⚖️ जांच में क्या निकला?
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए।
जांच समिति का गठन वरिष्ठ प्राचार्य श्रीमती रूमी घोष की अध्यक्षता में किया गया।
जांच में यह पुष्टि हुई कि घटना सही है।
साथ ही यह भी सामने आया कि विद्यालय बिना विभागीय मान्यता के संचालित हो रहा था।
शाला प्रबंधन और शिक्षकों ने अपनी गलती स्वीकार कर ली।
? कानून का खुला उल्लंघन
यह पूरा मामला निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act) और नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के प्रावधानों के सीधे उल्लंघन के रूप में सामने आया है, जिसमें मातृभाषा और स्थानीय भाषा को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है।
? सख्त कार्रवाई
जिला शिक्षा अधिकारी ने धारा 18(5) के तहत सख्त कदम उठाते हुए—
विद्यालय पर ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) का आर्थिक दंड लगाया है।
साथ ही विद्यालय का संचालन तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है।
संस्था को निर्देश दिया गया है कि निर्धारित चालान के माध्यम से राशि शासन के खजाने में जमा कर उसकी प्रति प्रस्तुत करें।
? बड़ा सवाल
यह घटना शिक्षा के अधिकार और समानता के मूल सिद्धांतों पर चोट करती है। जब देश की शिक्षा नीति खुद स्थानीय भाषाओं को बढ़ावा देने की बात करती है, तब इस तरह का भेदभाव न केवल असंवैधानिक है बल्कि समाज में विभाजन को भी बढ़ावा देता है।
? निष्कर्ष:
सरगुजा में हुई यह कार्रवाई एक स्पष्ट संदेश है—
? शिक्षा के अधिकार से किसी भी बच्चे को वंचित नहीं किया जा सकता, चाहे उसकी भाषा, पृष्ठभूमि या परिस्थिति कुछ भी हो।
दुर्ग। शौर्यपथ । जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री धीरज बाकलीवाल के नेतृत्व में आज कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने शहर की विभिन्न ज्वलंत जनसमस्याओं को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए त्वरित समाधान की मांग की गई।
ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने महतारी वंदन योजना में हितग्राही महिलाओं को आ रही तकनीकी एवं प्रशासनिक परेशानियों पर चिंता जताई। साथ ही शहर में बढ़ते जल संकट, अनियमित पेयजल आपूर्ति और इससे आम जनजीवन पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को भी गंभीर मुद्दा बताया गया।
इसके अलावा स्वामी आत्मानंद शासकीय स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए गए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पारदर्शिता के अभाव में जरूरतमंद विद्यार्थियों को समय पर प्रवेश नहीं मिल पा रहा है।
ज्ञापन में हाल ही में हुए नसबंदी ऑपरेशन के दौरान महिलाओं की मृत्यु के मामलों को भी उठाया गया। कांग्रेस ने अब तक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं किए जाने और पीड़ित परिवारों को मुआवजा न मिलने पर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई तथा प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत प्रदान करने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि इन जनहित से जुड़े मुद्दों पर शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन आगे और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
जनता की बुनियादी समस्याओं को लेकर सौंपे गए इस ज्ञापन के बाद अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
दुर्ग। शौर्यपथ। शहर के बस स्टैंड पार्किंग क्षेत्र में अवैध कब्जों का मामला लगातार गहराता जा रहा है। आरोप है कि प्रवीण इंजीनियरिंग संस्था के संचालक द्वारा एक छोटे से प्याऊ घर के निर्माण की आड़ में बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया गया है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर आंखें मूंदे बैठे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संबंध में बाजार विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को कई बार सूचित किया गया, लेकिन हर बार “देखते हैं” कहकर मामले को टाल दिया गया। नतीजा यह हुआ कि अब पार्किंग क्षेत्र में धीरे-धीरे अतिक्रमण का दायरा बढ़ता जा रहा है।
गौरतलब है कि जिस स्थान पर प्याऊ घर बनाया जा रहा है, उसके ठीक पास ही नगर निगम द्वारा वाटर एटीएम पहले से संचालित है। ऐसे में सामाजिक सेवा के नाम पर यह निर्माण संदेह के घेरे में आ गया है। लोगों का आरोप है कि यह पूरा मामला दिखावे की आड़ में जमीन कब्जाने की सुनियोजित कोशिश है।
सबसे बड़ा सवाल बाजार अधिकारी अभ्युदय मिश्रा और बाजार प्रभारी शेखर चंद्राकर की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि दोनों अधिकारी इस पूरे मामले में निष्क्रिय बने हुए हैं, जिससे अवैध कब्जाधारियों के हौसले बुलंद हैं। बिना विभागीय मिलीभगत के इस तरह का कब्जा संभव नहीं माना जा रहा।
निगम प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर उच्च अधिकारी स्थल निरीक्षण करें तो पूरे कब्जे का खेल उजागर हो सकता है।
वहीं, अब निगाहें शहर की महापौर अलका बाघमार पर टिक गई हैं। जनता का मानना है कि निगम की कमान संभालने वाली महापौर की जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने विभागीय प्रभारियों की कार्यप्रणाली पर नजर रखें और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।
स्थानीय नागरिकों की मांग है कि पार्किंग क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराते हुए दोषी अधिकारियों और कब्जाधारियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए, ताकि सार्वजनिक स्थानों का संरक्षण हो सके और आम जनता को राहत मिल सके।
भिलाई। शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने और सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए नगर पालिक निगम भिलाई ने पावर हाउस चौक पर लगातार दूसरे दिन भी सख्त कार्रवाई जारी रखी। निगम की इस कार्रवाई से अव्यवस्थित ढंग से सड़क घेरकर व्यवसाय करने वालों में हड़कंप मच गया।
निगम की टीम ने उन व्यापारियों और ठेला संचालकों पर कार्रवाई की, जो सड़क के बीचों-बीच सामान रखकर या फल-ठेला लगाकर व्यवसाय कर रहे थे। ऐसे अतिक्रमण के कारण मार्ग अवरुद्ध हो रहा था, जिससे आए दिन जाम की स्थिति बनती है और दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है।
कार्रवाई के दौरान निगम अमले ने सड़क पर रखे सामान को हटवाया और संबंधित लोगों को सख्त हिदायत दी कि वे केवल निर्धारित स्थानों पर ही अपना व्यवसाय करें। साथ ही यह चेतावनी भी दी गई कि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण पाए जाने पर जुर्माना और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निगम अधिकारियों के अनुसार पावर हाउस चौक शहर का अत्यंत व्यस्त मार्ग है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहनों का आवागमन होता है। ऐसे में सड़क पर अतिक्रमण से आम नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
नगर निगम ने नागरिकों और व्यापारियों से अपील की है कि वे यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और सड़क पर अतिक्रमण न करें, ताकि शहर को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाया जा सके।
देश में एक बार फिर लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व पूरे जोश के साथ शुरू हो चुका है। आज सुबह 7 बजे से पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में मतदान प्रारंभ हो गया है, जो शाम 6 बजे तक चलेगा। इसके साथ ही महाराष्ट्र की चर्चित बारामती सीट पर उपचुनाव भी राजनीतिक हलकों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
? बंगाल: TMC vs BJP, हाईटेक निगरानी में वोटिंग
पश्चिम बंगाल में पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान हो रहा है। यहां मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच है।
चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग (लाइव मॉनिटरिंग) की व्यवस्था की गई है।
राज्य की शेष 142 सीटों पर दूसरे चरण में 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे, जबकि नतीजे 4 मई को घोषित होंगे।
? तमिलनाडु: सीधा मुकाबला, लेकिन तीसरा कोण भी मजबूत
तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर एक ही चरण में मतदान हो रहा है। यहां मुख्य लड़ाई
द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) + भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस गठबंधन
और
अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम + BJP गठबंधन
के बीच है।
हालांकि, इस बार चुनाव में नया मोड़ तब आया जब फिल्म अभिनेता थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) मैदान में उतरी, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।
? बारामती: सहानुभूति और सियासत का संगम
महाराष्ट्र की बारामती सीट पर उपचुनाव हो रहा है, जो उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में निधन के बाद खाली हुई थी।
इस सीट से उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार चुनाव मैदान में हैं। दिलचस्प बात यह है कि विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी (MVA) ने यहां कोई उम्मीदवार नहीं उतारा, जिससे यह चुनाव लगभग एकतरफा नजर आ रहा है।
? लोकतंत्र का उत्सव, जनता के हाथ में सत्ता की चाबी
तीनों राज्यों में मतदान को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मतदाताओं में भी भारी उत्साह देखा जा रहा है।
अब सबकी नजर 4 मई पर टिकी है, जब ईवीएम में बंद जनता का फैसला सामने आएगा और तय करेगा कि किसके सिर सजेगा सत्ता का ताज।
राजनांदगांव /शौर्यपथ / जिले में शराब व्यवस्था को लेकर हालात चिंताजनक नजर आ रहे हैं। अधिकृत दुकानों में सीमित उपलब्धता के बीच शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से शराब की बिक्री तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है। यह स्थिति न केवल व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि आम उपभोक्ताओं के लिए भी परेशानी का कारण बन गई है। जानकारी के अनुसार, कई स्थानों पर लोग निर्धारित दुकानों से शराब नहीं मिलने पर अवैध विक्रेताओं का सहारा लेने को मजबूर हैं। यहां उन्हें तय दर से अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है, जिससे जेब पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है।
0 कोचियों का नेटवर्क हावी…
शहर के कई इलाकों और आसपास के गांवों में अवैध विक्रेताओं की सक्रियता किसी से छिपी नहीं है। चर्चा है कि इन तक नियमित रूप से सप्लाई पहुंच रही है, जिससे यह संदेह और गहराता है कि कहीं न कहीं सिस्टम की पकड़ कमजोर पड़ रही है। आम लोगों के लिए जहां उपलब्धता संकट बनी हुई है, वहीं अवैध चैनल बिना रोकटोक चल रहे हैं।
0 अतिरिक्त रकम लेकर सप्लाई की चर्चा…
सूत्रों के हवाले से यह कहा जा रहा है कि कथित तौर पर प्रति पेटी 200 से 300 रुपये तक अतिरिक्त लेकर कुछ कोचियों को प्राथमिकता के साथ शराब दी जाती है। इससे आम उपभोक्ता जहां खाली हाथ लौट रहा है, वहीं अवैध विक्रेताओं के पास पर्याप्त स्टॉक बने रहने की बात सामने आ रही है।
0 गठुला भट्टी पर केंद्रित गतिविधियां…
शहर के गठुला क्षेत्र की एक शराब दुकान/भट्टी का नाम विशेष रूप से चर्चा में है, जहां से बड़े पैमाने पर सप्लाई होने की बातें कही जा रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां से शहर के अलग-अलग हिस्सों के साथ-साथ आसपास के इलाकों तक शराब पहुंचने की कड़ियां जुड़ी हुई हैं। ऐसे में इस स्थान की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। 0
0 चखना सेंटर भी बना रहे मौका…
अब इस पूरे मामले में एक और पहलू सामने आया है। लोगों का कहना है कि लाइसेंसी चखना दुकानों वाले भी इस सूखे का फायदा उठा रहे हैं। आरोप है कि जहां अधिकृत दुकानों पर शराब उपलब्ध नहीं होती, वहीं कुछ चखना सेंटरों में अधिक कीमत लेकर शराब आसानी से मिल जाती है। इससे अवैध बिक्री के नेटवर्क को और मजबूती मिलने की बात कही जा रही है।
0 चौकी के सामने से आवाजाही
बताया जा रहा है कि संबंधित क्षेत्र के पास ही पुलिस चौकी मौजूद है, इसके बावजूद कथित रूप से शराब का परिवहन निर्बाध जारी रहने की चर्चाएं हैं। इससे निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है। हालांकि कुछ मामलों में कार्रवाई होने के बाद भी बड़े स्तर पर संचालित चैन पर अपेक्षित असर नहीं दिख रहा, जिससे कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
कुल मिलाकर, अधिकृत दुकानों में कमी और अवैध चैनलों की सक्रियता ने पूरे सिस्टम की पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार विभाग इस पर किस तरह ठोस कार्रवाई करता है।
दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने जिले में होने वाले नगरपालिका उप-निर्वाचन 2026 के लिए रिटर्निंग और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों की नियुक्ति की है। छत्तीसगढ़ नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह नियुक्तियाँ भिलाई और रिसाली नगर पालिक निगम के रिक्त वार्डों में चुनाव संपन्न कराने हेतु की गई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर पालिक निगम भिलाई के वार्ड क्रमांक 01 (जुनवानी) के लिए नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल (आईएएस) को रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है। उनकी सहायता के लिए नगर निगम दुर्ग के उपायुक्त श्री मोहेन्द्र साहू को सहायक रिटर्निंग ऑफिसर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी प्रकार, नगर पालिक निगम रिसाली के वार्ड क्रमांक 02 एवं 39 के लिए नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री राजीव पाण्डेय को रिटर्निंग ऑफिसर और उपायुक्त श्री नरेन्द्र बंजारे को सहायक रिटर्निंग ऑफिसर पदाभिहित किया गया है। यह आदेश तत्कालशील हो गया है। निर्वाचन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियाँ शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
दुर्ग / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप जिले में ‘सुशासन तिहार 2026’ का शुभारंभ किया जा रहा है, जिसे जन शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध निराकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
अभियान दो चरणों में संचालित होगा। पहले चरण में 30 अप्रैल 2026 तक राजस्व से जुड़े लंबित प्रकरणों—जैसे नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन—के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर रहेगा। इसके साथ ही मनरेगा मजदूरी भुगतान, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र जारी करना, बिजली व्यवस्था, ट्रांसफार्मर और हैंडपंप सुधार जैसे मूलभूत कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। शासन की प्रमुख योजनाएं—उज्ज्वला, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत और सामाजिक सुरक्षा पेंशन—का लाभ पात्र हितग्राहियों तक सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
दूसरे चरण में 1 मई से 10 जून 2026 के बीच ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर जन समस्या निवारण शिविर लगाए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में 15-20 पंचायतों के समूह पर और नगरीय क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के आधार पर शिविर आयोजित होंगे। इन शिविरों में न केवल समस्याओं का समाधान किया जाएगा, बल्कि शासकीय योजनाओं के प्रति जनजागरूकता बढ़ाते हुए पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही लाभ वितरण भी सुनिश्चित किया जाएगा। शिविरों में प्राप्त आवेदनों का निराकरण अधिकतम एक माह के भीतर कर प्रत्येक आवेदक को इसकी सूचना देना अनिवार्य होगा।
अभियान की गंभीरता को देखते हुए स्वयं मुख्यमंत्री साय, मंत्रीगण और वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर औचक निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के बाद जिला मुख्यालय में समीक्षा बैठकें आयोजित कर कार्यों की प्रगति का बिंदुवार आकलन किया जाएगा, वहीं मुख्यमंत्री द्वारा प्रेसवार्ता के माध्यम से भी जानकारी साझा की जाएगी।
पूरे अभियान के सुचारू संचालन के लिए अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन को जिला नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में जिम्मेदारी जिला पंचायत सीईओ को और नगरीय क्षेत्रों में संबंधित निगम आयुक्त व मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को सौंपी गई है।
‘सुशासन तिहार 2026’ को शासन की जनकेंद्रित कार्यप्रणाली का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य प्रशासन को आमजन के और अधिक निकट लाकर समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करना है।
दुर्ग / शौर्यपथ / जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आमजन से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री विरेन्द्र सिंह और डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव भी मौजूद रहे। जनदर्शन में कुल 120 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार और आर्थिक सहायता जैसी समस्याएं प्रमुख रहीं।
सबसे प्रमुख मुद्दा गोड़पेन्ड्री के किसानों द्वारा उठाया गया, जहां भारतमाला परियोजना के तहत बन रही सिक्सलेन सड़क ने करीब 100 किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। किसानों ने बताया कि सड़क खेतों के बीच से गुजरने के कारण उनका सीधा रास्ता बंद हो गया है। अब उन्हें खेत तक पहुंचने के लिए करीब 3 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई कि सड़क किनारे की जा रही घेराबंदी से स्थिति और गंभीर हो जाएगी, जिससे खेती प्रभावित होगी। किसानों ने ग्राम छाटा और मानिकचौरी के बीच अंडरपास या पुलिया निर्माण की मांग की। इस पर कलेक्टर ने एनएच और एसडीओ पाटन को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
वहीं भिलाई के मदर टेरेसा नगर (वार्ड क्रमांक 31) के निवासियों ने जाम सीवरेज की समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि गटर पाइपलाइन बार-बार जाम हो जाती है, जिससे गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है और दुर्गंध व मच्छरों की समस्या बढ़ रही है। नगर निगम में शिकायत के बावजूद स्थायी समाधान नहीं मिला। वार्डवासियों ने पुरानी पाइपलाइन को बदलकर नई सीवरेज लाइन डालने की मांग की। कलेक्टर ने नगर निगम भिलाई को स्थल निरीक्षण कर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसी क्रम में ग्राम हनोदा के एक निवासी ने आबादी भूमि का पट्टा न मिलने की शिकायत रखी। उन्होंने बताया कि 1980 से पहले बना उनका मकान अब जर्जर हो चुका है, जबकि 2017 के सर्वे के बाद गांव के अन्य लोगों को पट्टा मिल चुका है। उन्होंने पड़ोसियों द्वारा रास्ता बाधित कर प्रताड़ित करने की भी बात कही। कलेक्टर ने तहसीलदार दुर्ग को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जनदर्शन में सामने आई इन समस्याओं ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि विकास कार्यों के साथ जमीनी जरूरतों और नागरिक सुविधाओं के संतुलन पर ध्यान देना जरूरी है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
