July 24, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    महापौर अलका बाघमार के निर्देश पर युद्धस्तर पर अभियान, अधिकारियों को दी गई नियमित निगरानी की जिम्मेदारी

    दुर्ग । आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए नगर पालिक निगम दुर्ग ने शहर को जलभराव और गंदगी की समस्या से बचाने के लिए विशेष सफाई अभियान तेज कर दिया है। महापौर अलका बाघमार के निर्देश पर निगम क्षेत्र के सभी बड़े और छोटे नालों तथा नालियों की व्यापक सफाई का कार्य 60 वार्डों में युद्धस्तर पर संचालित किया जा रहा है।

    निगम प्रशासन का लक्ष्य मानसून के आगमन से पहले जल निकासी व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करना है, ताकि बारिश के दौरान शहरवासियों को जलभराव, गंदगी और मच्छरों की समस्या का सामना न करना पड़े।

    जलभराव मुक्त शहर निगम की प्राथमिकता

    महापौर अलका बाघमार ने कहा कि वर्षा के दौरान नागरिकों को राहत प्रदान करना और शहर की जल निकासी व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना निगम की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग प्रभारी निलेश अग्रवाल के मार्गदर्शन तथा वार्ड पार्षदों की निगरानी में विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है।

    उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सफाई कार्य केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि नालियों और नालों की तल तक सफाई सुनिश्चित की जाए, जिससे पानी के बहाव में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

    नालों से हटाई जा रही गाद और कचरा

    निगम की सफाई टीमों द्वारा शहर के विभिन्न हिस्सों में नालों और नालियों से जमा गाद, प्लास्टिक, कचरा एवं अन्य अवरोधक सामग्री को हटाया जा रहा है। इसके साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों की विशेष निगरानी भी की जा रही है, जहां हर वर्ष जलभराव की शिकायतें सामने आती रही हैं।

    अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर कार्यों का निरीक्षण करने तथा नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।

    नागरिकों से भी सहयोग की अपील

    महापौर ने शहरवासियों से अपील की है कि वे नालियों और नालों में कचरा न फेंकें तथा स्वच्छता बनाए रखने में निगम का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ शहर के निर्माण में प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों की सहभागिता भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित दुर्ग की दिशा में प्रयास

    नगर निगम द्वारा संचालित यह विशेष अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसून के दौरान संभावित समस्याओं की रोकथाम का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। निगम प्रशासन का दावा है कि समय रहते किए जा रहे इन कार्यों से बारिश के मौसम में जल निकासी व्यवस्था बेहतर होगी और नागरिकों को राहत मिलेगी।

    मुख्य बिंदु

    • 60 वार्डों में विशेष सफाई अभियान जारी।
    • बड़े और छोटे नालों की व्यापक सफाई।
    • नालियों की तल तक सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश।
    • जलभराव और मच्छरों की समस्या रोकने पर विशेष ध्यान।
    • नागरिकों से नालों में कचरा नहीं डालने की अपील।
    • मानसून पूर्व जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाने की तैयारी।

    शौर्यपथ विशेष:
    दुर्ग नगर निगम का यह अभियान आगामी मानसून के लिए शहर की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। यदि सफाई कार्य निर्धारित समय पर और प्रभावी ढंग से पूरा होता है, तो इस वर्ष जलभराव की समस्या में उल्लेखनीय कमी देखने को मिल सकती है।

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    ग्रामीण राजनीति में बदले समीकरण, मतदाताओं ने नए नेतृत्व पर जताया भरोसा

    राजनांदगांव, । छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन 2026 के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। राजनांदगांव जिले के विभिन्न पंचायत क्षेत्रों में हुए उपचुनावों ने ग्रामीण राजनीति के नए संकेत दिए हैं। जनपद पंचायत सदस्य, सरपंच और पंच पदों के लिए हुए चुनाव में मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाते हुए नए जनप्रतिनिधियों का चयन किया।

    सबसे अधिक चर्चा जनपद पंचायत डोंगरगांव निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक-5 मचानपार की रही, जहां मुकाबला बेहद रोचक और कांटे का था।


    मचानपार में द्वारिका दास टंडन की दमदार जीत

    जनपद पंचायत सदस्य पद के लिए हुए चुनाव में द्वारिका दास टंडन ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी नेतराम देशलहरे को 75 मतों के अंतर से पराजित कर जीत दर्ज की।

    प्राप्त मत:

    अभ्यर्थी प्राप्त मत
    द्वारिका दास टंडन 1269
    नेतराम देशलहरे 1194
    भानूराम नारंग 610
    आत्मा राम रात्रे 235
    • कुल विधिमान्य मत: 3308
    • अविधिमान्य मत: 89
    • कुल मतदान: 3397

    राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह परिणाम क्षेत्र में द्वारिका दास टंडन की मजबूत जनस्वीकृति का संकेत माना जा रहा है। हालांकि नेतराम देशलहरे ने भी कड़ी टक्कर देकर मुकाबले को अंतिम दौर तक रोचक बनाए रखा।


    ककरेल में नरेन्द्र कुमार भारती ने जीता सरपंच चुनाव

    ग्राम पंचायत ककरेल में सरपंच पद के लिए हुए चुनाव में मतदाताओं ने नरेन्द्र कुमार भारती को अपना नया सरपंच चुना।

    प्राप्त मत:

    अभ्यर्थी प्राप्त मत
    नरेन्द्र कुमार भारती 455
    शंकर लाल देशलहरे 380
    केजू राम टण्डन 319
    • कुल विधिमान्य मत: 1154
    • अविधिमान्य मत: 21
    • कुल मतदान: 1175

    नरेन्द्र कुमार भारती की जीत को स्थानीय स्तर पर विकास, जनसंपर्क और सामाजिक सक्रियता के प्रति जनता के विश्वास के रूप में देखा जा रहा है।


    पंच पदों पर भी घोषित हुए परिणाम

    वार्ड क्रमांक-20, ग्राम पंचायत (राजनांदगांव खण्ड)

    पंच पद के लिए दिलाशा साहू विजयी घोषित की गईं।

    अभ्यर्थी प्राप्त मत
    दिलाशा साहू 67
    अनोखी बाई 42
    पार्वती साहू 0
    • कुल विधिमान्य मत: 109
    • अविधिमान्य मत: 1
    • कुल मतदान: 110

    ग्राम पंचायत मनगटा, वार्ड क्रमांक-20

    पंच पद के लिए डामेश्वरी साहू निर्वाचित घोषित हुईं।

    अभ्यर्थी प्राप्त मत
    डामेश्वरी साहू 66
    कांति बाई साहू 44
    संतोषी 44
    • कुल विधिमान्य मत: 154
    • अविधिमान्य मत: 2
    • कुल मतदान: 156

    ग्रामीण लोकतंत्र की मजबूती का संकेत

    त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव के ये परिणाम केवल जनप्रतिनिधियों के चयन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण लोकतंत्र की सक्रियता और मतदाताओं की जागरूकता को भी दर्शाते हैं। पंचायत स्तर पर चुने गए प्रतिनिधियों के सामने अब क्षेत्रीय विकास, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, पेयजल, सड़क, स्वच्छता और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

    राजनीतिक महत्व

    मचानपार और ककरेल के परिणामों ने यह स्पष्ट किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय मुद्दे, जनसंपर्क और व्यक्तिगत विश्वसनीयता आज भी चुनावी सफलता का सबसे बड़ा आधार बने हुए हैं। आने वाले पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों के लिए भी इन परिणामों को महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेतक माना जा रहा है।

    शौर्यपथ विश्लेषण:
    राजनांदगांव जिले के इन उपचुनाव परिणामों ने यह संदेश दिया है कि ग्रामीण मतदाता विकास, उपलब्धता और स्थानीय नेतृत्व की कार्यशैली को प्राथमिकता दे रहे हैं। विजयी उम्मीदवारों के सामने अब जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की चुनौती होगी।

     

    राजनांदगांव, । मानसून आगमन की संभावना के साथ जिले के किसान खरीफ फसलों की तैयारी में जुट गए हैं। आगामी खरीफ सीजन में जिले में लगभग 1.80 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बोनी संभावित है। किसानों को समय पर खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग द्वारा एक अप्रैल से ही सहकारी समितियों में भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गई थी, जिसके सकारात्मक परिणाम अब दिखाई दे रहे हैं।

    कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ वर्ष 2026 के लिए सहकारी क्षेत्र में 45,650 मीट्रिक टन उर्वरक भंडारण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अंतर्गत 18,500 मीट्रिक टन यूरिया, 4,000 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी), 3,600 मीट्रिक टन म्यूरेट ऑफ पोटाश (एमओपी) तथा 9,800 मीट्रिक टन विभिन्न प्रकार के एनपीके उर्वरकों का लक्ष्य शामिल है।

    निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध अब तक जिले में 12,000 मीट्रिक टन से अधिक यूरिया, 365 मीट्रिक टन से अधिक एसएसपी, 2,755 मीट्रिक टन से अधिक एमओपी तथा लगभग 3,000 मीट्रिक टन डीएपी उर्वरक का भंडारण किया जा चुका है। खरीफ सीजन की तैयारी के साथ किसान लगातार उर्वरकों का उठाव कर रहे हैं और अब तक 17,205 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है। वितरण के बावजूद जिले में वर्तमान में 12,584 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है, जो किसानों की जरूरतों की पूर्ति के लिए पर्याप्त माना जा रहा है।

    बीज उपलब्धता के संबंध में विभाग ने बताया कि खरीफ 2026 के लिए धान सहित विभिन्न दलहनी एवं तिलहनी फसलों हेतु 14,331 क्विंटल बीज की आवश्यकता का आकलन किया गया है। इसके मुकाबले अब तक 7,236 क्विंटल बीजों का भंडारण सहकारी समितियों में किया जा चुका है। किसानों द्वारा लगातार बीजों का उठाव किया जा रहा है तथा अब तक 1,533 क्विंटल बीजों का वितरण भी किया जा चुका है।

    कृषि विभाग किसानों को मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने तथा प्राकृतिक रूप से नत्रजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हरी खाद के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है। इसके तहत जिले में 350 क्विंटल मूंग बीज एवं 100 क्विंटल धैचा बीज का भंडारण किया गया है। किसान इनका उपयोग हरी खाद के रूप में कर भूमि की उत्पादकता एवं जैविक गुणवत्ता में वृद्धि कर सकते हैं।

    कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे खरीफ फसलों की बुआई के लिए आवश्यक खाद एवं बीज का समय पर उठाव करें तथा संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाकर बेहतर उत्पादन प्राप्त करें।

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    राजनांदगांव, । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में मार्च तिमाही 2026 के अंतर्गत जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलसीसी) एवं जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति (डीएलआरसी) की बैठक लेकर विभिन्न बैंकिंग एवं शासकीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बैंकों को निर्देशित किया कि पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध एवं सरल प्रक्रिया के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाए तथा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

    बैठक में कलेक्टर ने कहा कि बैंक एवं संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिकाधिक हितग्राहियों तक पहुंच सके। उन्होंने अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) से जून माह में आयोजित किए जाने वाले पीएम स्वनिधि महोत्सव एवं खेत बचाओ अभियान की तैयारियों और प्रगति की जानकारी भी ली।

    बैठक के दौरान प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) बैंक क्रेडिट लिंकेज, पीएम स्वनिधि, किसान क्रेडिट कार्ड (मत्स्य पालन), केसीसी पशुपालन, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) तथा पीएम अजय योजना सहित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

    इस अवसर पर प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के सफल क्रियान्वयन एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया मुख्य शाखा, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक क्षेत्रीय कार्यालय, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक तथा बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा राजनांदगांव के शाखा प्रबंधकों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

    बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री सुरूचि सिंह, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक श्री मनोज नायक, अग्रणी जिला प्रबंधक एवं प्रभारी निदेशक आरसेटी श्री मुनीश शर्मा, श्री अमित मिश्रा सहित विभिन्न बैंकों एवं विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

    नीट समेत कई परीक्षाओं में गड़बड़ियों से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित, कांग्रेस ने उठाए सवाल

    दुर्ग / शौर्यपथ / देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के मामलों को लेकर दुर्ग शहर कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राहुल शर्मा ने केंद्र और संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं की मेहनत, सपनों और भविष्य पर सीधा प्रहार हैं।
    जारी प्रेस विज्ञप्ति में राहुल शर्मा ने कहा कि आज देश का युवा कठिन परिश्रम और वर्षों की तैयारी के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होता है, लेकिन बार-बार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाएं उसकी उम्मीदों को तोड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि नीट सहित विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में सामने आए विवादों ने लाखों छात्र-छात्राओं को मानसिक तनाव और असुरक्षा के माहौल में धकेल दिया है।

    "सिर्फ जांच की घोषणा पर्याप्त नहीं"
    राहुल शर्मा ने कहा कि प्रत्येक पेपर लीक प्रकरण के बाद जांच की घोषणा कर देना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। आवश्यक है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर और उदाहरणात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति परीक्षा प्रणाली के साथ खिलवाड़ करने का साहस न कर सके।
    उन्होंने कहा कि परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं के विश्वास की आधारशिला होती है। यदि यही व्यवस्था संदेह के घेरे में आ जाए तो युवाओं का मनोबल टूटना स्वाभाविक है।

    युवाओं में बढ़ रही निराशा चिंताजनक
    कांग्रेस महामंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में छात्र वर्षों का समय, आर्थिक संसाधन और अथक परिश्रम लगाते हैं। ऐसे में जब पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आती हैं तो मेहनती और ईमानदार अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होता है।
    उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में गड़बड़ियों के आरोपों ने युवाओं के बीच गहरी निराशा पैदा की है। यह स्थिति केवल शैक्षणिक संकट नहीं, बल्कि सामाजिक चिंता का विषय भी है। कई अवसरों पर परीक्षा विवादों और भविष्य को लेकर बढ़ी मानसिक परेशानियों के कारण छात्रों द्वारा आत्महत्या जैसे दुखद कदम उठाए जाने की खबरें भी सामने आई हैं, जो पूरे समाज के लिए गंभीर चेतावनी हैं।

    "देश का युवा जवाब मांग रहा है"
    राहुल शर्मा ने कहा कि देश का युवा अब जवाब मांग रहा है। उसकी मेहनत, समय और परिवारों की उम्मीदों का मूल्य है। सरकार को अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए ऐसी मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए, जिससे परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित, निष्पक्ष और विश्वसनीय बन सके।
    उन्होंने मांग की कि परीक्षा संचालन से जुड़े तंत्र को तकनीकी रूप से और अधिक सुदृढ़ किया जाए, पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष व्यवस्था बनाई जाए तथा दोषियों को कड़ी सजा सुनिश्चित की जाए।

    शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता
    राहुल शर्मा ने कहा कि हाल के महीनों में कांग्रेस सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों और छात्र समूहों द्वारा भी परीक्षा प्रणाली में सुधार, जवाबदेही तय करने और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की जाती रही है। उन्होंने कहा कि यह किसी एक दल का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य से जुड़ा विषय है।

    मुख्य बिंदु
    पेपर लीक को युवाओं के भविष्य पर सीधा हमला बताया।
    नीट सहित विभिन्न परीक्षाओं की निष्पक्षता पर उठे सवाल।
    दोषियों पर कठोर कार्रवाई और जवाबदेही तय करने की मांग।
    युवाओं में बढ़ती निराशा और मानसिक तनाव पर चिंता व्यक्त।
    परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की आवश्यकता पर जोर।

    (नोट: छात्रों की आत्महत्या जैसे मामलों का उल्लेख अत्यंत संवेदनशील विषय है। किसी भी घटना को विशिष्ट रूप से पेपर लीक से जोड़ने के लिए आधिकारिक जांच या प्रमाणित तथ्यों का होना आवश्यक है। इसलिए समाचार में इसे व्यापक सामाजिक चिंता और मीडिया में सामने आए मामलों के संदर्भ में संतुलित रूप से प्रस्तुत किया गया है।)

    इटली ने नहीं तोड़ा व्यापारिक रिश्ता, 2029 तक 20 बिलियन यूरो व्यापार का लक्ष्य भारत-इटली साझेदारी और मजबूत, लेकिन घटा भारत का व्यापारिक मुनाफा नई दिल्ली। भारत और इटली के…

    “Month of Solar” अभियान में बेहतर प्रदर्शन के लिए मिलेगा पीएम सूर्यघर एक्सीलेंस अवार्ड

    मध्यम उपभोक्ता आधार वाले राज्यों की श्रेणी में सर्वाधिक वेंडर रजिस्ट्रेशन में देश में दूसरा स्थान

    रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर : मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत आयोजित “Month of Solar” अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाना राज्य के लिए अत्यंत गौरव और प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य में स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में किए जा रहे सतत प्रयासों का प्रमाण है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मध्यम उपभोक्ता आधार वाले राज्यों की श्रेणी में सर्वाधिक वेंडर रजिस्ट्रेशन के मामले में छत्तीसगढ़ ने देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है, जिसके लिए राज्य का चयन पीएम सूर्यघर एक्सीलेंस अवार्ड हेतु किया गया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि ऊर्जा क्षेत्र में राज्य की सक्रियता, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनसहभागिता का सकारात्मक परिणाम है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए ऊर्जा विभाग, क्रेडा, विद्युत वितरण कंपनियों, सभी अधिकारियों, कर्मचारियों तथा सहयोगी संस्थाओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि टीमवर्क, प्रतिबद्धता और बेहतर समन्वय के कारण छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार ऊर्जा आत्मनिर्भर, पर्यावरण अनुकूल और हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने वाले ऐसे प्रयास प्रदेश के नागरिकों को आर्थिक राहत देने के साथ-साथ स्वच्छ एवं सतत विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    जिले में 24 हजार टन से अधिक उर्वरक का भंडारण, सहकारी समितियों के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर वितरण

    रायपुर, । जिला रायगढ़ में मानसून की दस्तक से पहले जिले के किसान आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों में जुट गए हैं। खेतों की जुताई, बुआई की तैयारी और कृषि आदानों की व्यवस्था के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी से जुड़ी गतिविधियां तेज हो गई हैं। किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को उनकी मांग के अनुरूप खाद एवं बीज उपलब्ध कराया जा रहा है, वहीं पात्र किसानों को नगद ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया भी निरंतर जारी है। कलेक्टर द्वारा इसकी लगातार समीक्षा भी की जा रही है।

    उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले में खाद की उपलब्धता, भंडारण एवं वितरण की स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है तथा किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

    कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए जिले में उर्वरकों के भंडारण और वितरण की व्यवस्था सुनियोजित ढंग से संचालित की जा रही है। खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर से लेकर विकासखंड स्तर तक लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि खेती के महत्वपूर्ण समय में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
    जिले में अब तक विभिन्न प्रकार के उर्वरकों का 24 हजार 138 टन से अधिक भंडारण किया जा चुका है। इनमें सहकारी संस्थाओं में 15 हजार 789 टन तथा निजी क्षेत्र में 8 हजार 348 टन उर्वरक उपलब्ध है। कृषि विभाग के अनुसार सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उर्वरकों की पहुंच और वितरण व्यवस्था मजबूत बनी हुई है।
    विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध अब तक लगभग 48 प्रतिशत तथा गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में 52 प्रतिशत खाद का भंडारण किया जा चुका है। वहीं इस वर्ष उपलब्ध कराए गए भंडारण के विरुद्ध लगभग 46 प्रतिशत उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप खाद की आपूर्ति एवं भंडारण की प्रक्रिया चरणबद्ध और समयबद्ध तरीके से संचालित की जा रही है।
    कृषि विभाग द्वारा जिले में गठित निगरानी दलों, उर्वरक निरीक्षकों तथा मैदानी अमले के माध्यम से सहकारी एवं निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। किसानों को उनके कृषि रकबे एवं आवश्यकता के अनुरूप नियमानुसार उर्वरकों का वितरण सुनिश्चित कराया जा रहा है। साथ ही उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
    विभाग द्वारा किसानों को डीएपी उर्वरक के विकल्प के रूप में एनपीके, एसएसपी तथा नैनो उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके अलावा हरी खाद उत्पादन को बढ़ावा देने तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से ग्रामीण क्षेत्रों में दीवार लेखन, प्रचार-प्रसार एवं कृषि विस्तार गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
    कृषि विभाग ने बताया कि आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए खाद वितरण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया गया है। मानसून के दौरान उर्वरकों की मांग बढ़ने की स्थिति में भी पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। विभाग का लक्ष्य किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराकर खरीफ फसलों की बेहतर उत्पादन व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

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