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0 “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान के तहत छात्राओं को स्वास्थ्य और जीवनशैली पर प्रशिक्षण
राजनंदगांव/शौर्यपथ/सेवा पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत शासकीय कमला देवी राठी महिला महाविद्यालय में महिला स्वास्थ्य जागरूकता संगोष्ठी एवं प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान के तहत आयोजित किया गया था, जिसमें कॉलेज की छात्राओं को स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता और संतुलित जीवनशैली के महत्व के बारे में प्रशिक्षित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरत्न, डॉ. प्रकाश खूटे, डॉ. धीरज भागवानी, डॉ. सौम्या चेलक, डॉ. लकी नेताम, डॉ. पूजा मेश्राम, डॉ. साक्षी गजभिए, डॉ. नलिनी सागरे, नर्स ज्योति यादव और नर्स शब्दारंगारी उपस्थित थे। आयोजक मंडल में मणी भास्कर गुप्ता, अध्यक्ष, जन भागीदारी समिति (कमला कॉलेज), डॉ. ओंकार लाल श्रीवास्तव, प्रभारी प्राचार्य कमला कॉलेज और महाविद्यालय परिवार शामिल थे।
कार्यक्रम में विभिन्न सत्र आयोजित किए गए, जिनमें मुख्य रूप से स्वास्थ्य, संतुलित आहार, नींद और हेल्दी लाइफस्टाइल पर ध्यान केंद्रित किया गया।
0 सत्र 1 संतुलित आहार
डॉ. प्रकाश खूटे ने संतुलित आहार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संतुलित आहार में सभी आवश्यक पोषक तत्व – कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज, फाइबर और पानी – उचित मात्रा में होने चाहिए। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, ऊर्जा स्तर बेहतर रहता है और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है।
0 सत्र 2 नींद और स्वास्थ्य
डॉ. धीरज भागवानी ने नींद के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि वयस्कों को हर रात 7 से 9 घंटे की गुणवत्ता वाली नींद की आवश्यकता होती है। नींद न केवल शरीर को आराम देती है, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद आवश्यक है।
0 सत्र 3 हेल्दी लाइफस्टाइल
डॉ. सौम्या चेलक और डॉ. लकी नेताम ने हेल्दी लाइफस्टाइल के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वस्थ जीवनशैली का मतलब है शारीरिक और मानसिक रूप से ऊर्जावान रहना, संतुलित आहार अपनाना, नियमित व्यायाम करना और सकारात्मक आदतों को जीवन में शामिल करना। कार्यक्रम में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और चिकित्सकों से मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस शिविर ने महिला स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में काम किया।
O गंभीर रोगों का नि:शुल्क इलाज कर चिकित्सकों ने की अमूल्य सेवा, दूरस्थ मरीजों के लिए बना संजीवनी शिविर : डॉ. रमन सिंह
राजनांदगांव/ शौर्यपथ/ भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, राजनांदगांव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस और भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर नि:शुल्क वृहद स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का समापन समारोह विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर 'स्वस्थ नारी - सशक्त परिवार अभियान' का भी विधिवत शुभारंभ किया गया। डॉ. रमन सिंह ने शिविर में उपचार कर रहे विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि यह शिविर राजनांदगांव के लिए एक ऐतिहासिक और जनसेवा से परिपूर्ण दिवस रहा। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर दूरस्थ अंचलों में रहने वाले मरीजों के लिए वरदान सिद्ध होते हैं। शिविर में कुल 2056 मरीजों का नि:शुल्क उपचार किया गया, जिनमें से कई मरीजों को पहली बार अपने गंभीर रोगों जैसे हृदय, किडनी, मधुमेह, मोतियाबिंद आदि की जानकारी मिली।
शिविर में कार्डियोलॉजिस्ट, न्यूरोसर्जन, ऑर्थोपेडिक, नेफ्रोलॉजिस्ट, यूरोलॉजिस्ट, ऑन्कोलॉजिस्ट जैसे कुल 30 विशेषज्ञ चिकित्सकों (प्रदेश से 18 एवं जिले से 12) ने अपनी सेवाएं दी। पेट रोग, न्यूरो, हड्डी, शिशु हृदय, मेडिसिन, किडनी, एवं अन्य रोगों के लिए विशेष पंजीयन काउंटर बनाए गए थे, जिनमें से 1066 मरीजों को विशेषज्ञों द्वारा चिन्हित कर उपचार प्रदान किया गया और 1090 मरीजों की सामान्य जांच की गई।
शिविर में आयुष्मान कार्ड बनाए गए, दवाइयों का वितरण किया गया, साथ ही दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण भी प्रदान किए गए। सीआरसी (CRC) के माध्यम से दिव्यांगजनों के पुनर्वास एवं शिक्षा के लिए भी जागरूकता फैलाई गई। आईएमए द्वारा 10 लाख रुपए की दवाइयों का सहयोग दिया गया, वहीं राम रसोई द्वारा 3000 लोगों के भोजन की व्यवस्था की गई।
समारोह में महापौर मधुसूदन यादव, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे, डीन डॉ. पंकज लुका, अधीक्षक डॉ अतुल देशकर ,सीएमएचओ डॉ. नेतराम नवरतन सहित जनप्रतिनिधि, चिकित्सा अधिकारी, पैरामेडिकल स्टाफ, मेडिकल छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में मरीज और परिजन उपस्थित थे।
डॉ. रमन सिंह ने शिविर में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले चिकित्सकों को सम्मानित किया तथा ‘स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार’ अभियान के तहत जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनी का शुभारंभ भी किया। इस अवसर पर भारतीय रेडक्रास सोसायटी के प्रदेश अध्यक्ष तोमन साहू, पद्मश्री डॉ. पुखराज बाफना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिवस की बधाई दी और सेवा पखवाड़ा के तहत इस शिविर को जनसेवा का सशक्त उदाहरण बताया।
राजनांदगांव/ राजनांदगांव में सोमवार को विश्वकर्मा पूजा का पर्व श्रद्धा, उत्साह और सामूहिक सहभागिता के साथ मनाया गया। शहर की कई कंस्ट्रक्शन साइट्स पर श्रमिकों और मिस्त्रियों ने अपने-अपने कार्यस्थलों पर पारंपरिक विधि से भगवान विश्वकर्मा की पूजा की। सुबह से ही निर्माण स्थलों पर विशेष साफ-सफाई की गई और पूजा के लिए स्थान सजाया गया। मिस्त्रियों और मजदूरों ने अपने औजारों – जैसे हथौड़ा, छेनी, गैंती, बेलचा, मिक्सर मशीन आदि को धोकर पूजा के लिए सजाया। पूजा में नारियल, अगरबत्ती, फूल और प्रसाद चढ़ाकर भगवान विश्वकर्मा से सुरक्षा, समृद्धि और कार्य में सफलता की प्रार्थना की गई। पूजा संपन्न होने के बाद सभी श्रमिकों और मिस्त्रियों के लिए सामूहिक भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम के दौरान आपसी भाईचारे और सहयोग की झलक साफ देखने को मिली। वरिष्ठ मिस्त्री हिरामन साहू,हिरा साहू,सावन साहू,'गोपाल कवरकार्तीक,कोमल,महेन्द ने बताया, “हम सालभर मेहनत करते हैं, लेकिन यह दिन हमारे लिए विशेष होता है जब हम अपने औजारों और मेहनत को पूजते हैं। यह पर्व हमारे आत्मसम्मान और एकता का प्रतीक है।” निर्माण कंपनिऔर ठेकेदारों ने भी आयोजन में सहयोग करते हुए पूजा सामग्री और भोजन की व्यवस्था कराई। इस आयोजन ने मेहनतकश हाथों को नमन करते हुए तकनीकी प्रगति और श्रमिकों के योगदान को सम्मानित करने का संदेश दिया।
0 तीन बच्चों के साथ बेघर हुई मां, संत रामपाल महाराज के अनुयायियों ने बढ़ाया मदद का हाथ
राजनांदगांव /शौर्यपथ / ग्राम–दपका जिला व तहसील–(खैरागढ़-छुईखदान गंदई, छत्तीसगढ़)। ग्राम दपका में रविवार की शाम दर्दनाक हादसा हुआ। स्व. महेश निषाद की पत्नी आशा निषाद का झोपड़ीनुमा घर अचानक आग की चपेट में आ गया। तेज लपटों ने देखते ही देखते पूरे आशियाने को निगल लिया और कुछ ही देर में घर का सारा सामान राख में तब्दील हो गया। घटना के वक्त आशा निषाद अपने मामा के घर गई थी। दोनों बच्चे गांव में ही अपने बड़े पापा के घर में रह रहे थे और लड़के आसपास पड़ोसी के घर में खेलने के लिए गए थे। इस परिवार के मुखिया स्व. महेश निषाद जो कि दो वर्ष पहले भयंकर कैंसर से पीड़ित रहे और आर्थिक तंगी के चलते समय पर इलाज की व्यवस्था न हो पाने की वजह से महेश निषाद का निधन हो गया। परिवार में बच्चों के लालन पालन, देख रेख, पढ़ाई और खानपान की पूरी जिम्मेदारी आशा निषाद के ऊपर आ गई। गरीबी और लाचार स्थिति से जूझ रहे इस परिवार पर विपत्ति की दोहरी मार तब पड़ी जब इनके अरमानों का आशियाना आग की लपेट में आकर राख में बदल गया। अचानक लगी आग से परिवार को संभलने का मौका तक नहीं मिला। घर में रखे कपड़े, बर्तन, अनाज, चावल और अन्य आवश्यक सामान जलकर खाक हो गया। इस घटना में आशा निषाद की बड़ी बेटी भारती (16), बेटा आकाश (12) और छोटी बेटी पायल (10) के साथ पूरा परिवार बेघर हो गया। मजबूरी में यह परिवार अब रिश्तेदारों के घर शरण लिए हुए है। संत रामपाल महाराज बने बेघर का सहारा इस दर्दनाक घटना की सूचना जब संत रामपाल महाराज के अनुयायियों को समाचार माध्यमों से मिली तो वे तुरंत अपने गुरु संत रामपाल महाराज के आदेशों से 10 सितंबर को दपका गांव पहुंचे और सबसे पहले सरपंच एवं पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पूरी स्थिति का जायजा लिया। अगले ही दिन यानी 11 सितंबर को अनुयायियों ने “अन्नपूर्णा मुहिम” के अंतर्गत राहत सामग्री पीड़ित परिवार तक पहुंचाई। राहत सामग्री में शामिल था— भोजन एवं राशन सामग्री बर्तन (सभी रसोई उपयोग की सामग्री) 2 खाट व गद्दा कपड़े (परिवार के सभी सदस्यों के लिए 2 जोड़ी) बच्चों के लिए जूते शिक्षा सामग्री गैस सिलेंडर व चूल्हा पंखा गांव दपका में आशा निषाद के परिवार की अंधियाली भरी जीवन को नई उम्मीद की किरण संत रामपाल महाराज ने प्रदान की। अनुयायियों द्वारा पहुंचाई गई मदद से आशा निषाद और उनके बच्चों को बड़ी राहत मिली। ग्राम दपका की सरपंच केशरी कमल नेताम ने बताया कि – “इस अन्नपूर्णा मुहिम के द्वारा रोटी, कपड़ा, शिक्षा, चिकित्सा और मकान जैसे जीवन जीने की मूलभूत सुविधा मुहैया कराई जा रही है। यह पहल बहुत सराहनीय है, हमारे समाज को ऐसे संतों की आवश्यकता है, बहुत अच्छी मुहिम संत रामपाल महाराज द्वारा चलाई जा रही है।” राजेन्द्र टंडन उपसरपंच ने अन्नपूर्णा मुहिम और संत रामपाल महाराज की खूब सराहना करते हुए कहा कि इस मुहिम के माध्यम से इन्हें बहुत राहत मिली है। भूतपूर्व सरपंच पति ज्ञानचंद साहू ने बताया कि— “अन्नपूर्णा मुहिम के तहत मेरी सोच से ज्यादा सामग्री दी गई। इस परिवार का घर पूरा जल गया था, कुछ भी नहीं बचा था। ऐसे में यह मुहिम इनके लिए वरदान बनकर आया है।” साथ ही ग्रामीणों और शिक्षकों द्वारा भी मदद दी गई। आज संत रामपाल महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम इस परिवार के लिए भगवान बनकर आई है। संत ने बेटी–बेटों के लिए शिक्षा सामग्री भी दी। गांव और पंचायत की तरफ से संत महाराज को बहुत-बहुत धन्यवाद और आभार। ---
राजनांदगांव/शौर्यपथ/ मिनी स्टेडियम बजरंगपुर नवागांव वार्ड नं. 02 में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा का सात दिवसीय आयोजन श्रद्धा और भक्ति के माहौल में संपन्न हुआ। इस धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ 17 अगस्त 2025, रविवार को कलश यात्रा के साथ हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिलाओं, युवाओं और नगरवासियों ने भाग लिया। कलश यात्रा ने पूरे नगर में धार्मिक वातावरण का संचार किया। 18 अगस्त से 24 अगस्त तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक पूज्य श्री नारायण महाराज जी ने भक्तों को शिव महापुराण की अमृतमयी कथा सुनाई। कथा श्रवण के दौरान भक्तों ने भक्ति-रस में डूबकर भगवान शिव के लीलाओं और उपदेशों का श्रवण किया। आयोजन समिति एवं हाकाल मित्र मंडल के सदस्यों ने बताया कि इस सात दिवसीय कथा में नगर ही नहीं बल्कि आसपास के गाँवों से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। कथा पांडाल में प्रतिदिन भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण की व्यवस्था रही। यह आयोजन स्व. श्री मोहनलाल साहू की स्मृति में किया गया था। आयोजन में श्रीमती माधुरी साहू, श्री रामकुमार साहू, श्रीमती गोदावरी साहू सहित साहू परिवार, महाकाल मित्र मंडल एवं समस्त नगरवासियों का विशेष सहयोग रहा। भव्य कथा समापन पर श्रद्धालुओं ने एक स्वर में भगवान शिव से नगर की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की।
राजनांदगांव/शौर्यपथ/ स्वतंत्रता दिवस की 79वीं वर्षगांठ के अवसर पर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक राजनांदगांव के प्रधान कार्यालय में राष्ट्रीय ध्वज का ध्वजारोहण बैंक के अध्यक्ष सचिन सिंह बघेल द्वारा किया गया। इस अवसर पर बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभात मिश्रा, अधीक्षक सुरेश द्विवेदी, मुख्य लेखापाल अचला नंदीश्वर, शाखा प्रबंधक मनीष श्रीवास्तव, प्रकाश अखिलेश सहित बैंक के प्रधान कार्यालय, विभिन्न शाखाओं एवं समितियों के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। ध्वजारोहण के पश्चात स्वतंत्रता दिवस पर कर्मचारियों ने अपने विचार व्यक्त किए। देशभक्ति से ओतप्रोत गीतों एवं वक्तव्यों से पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति की भावनाओं से सराबोर हो गया
राजनांदगांव/शौर्यपथ/ भारतवर्ष में आज भी लाखों लोग ऐसे हैं, जो जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं से वंचित हैं। किसी के पास दो वक्त की रोटी नहीं, तो कोई छत और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्षरत है। राजनांदगांव के मीलचाल कलोनी में रहने वाली दिव्या लकड़ा का परिवार भी ऐसी ही कठिन परिस्थिति से जूझ रहा है। पति छोड़ कर चला गया है। 4 माह की बेटी सहित दो सदस्यीय इस परिवार को पड़ोसी खाना देते है तब पेट भरता है। आवक का कोई साधन नहीं। ऐसी विषम परिस्थिति में संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाई जा रही “अन्नपूर्णा मुहिम” इस परिवार के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है। 13 अगस्त को संत रामपाल जी महाराज की ओर से अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत परिवार को निःशुल्क राहत सामग्री पहुंचाई गई। उन्हें आटा, चावल, दाल, तेल, नमक जैसी रोजमर्रा की आवश्यक खाद्य सामग्री 1 महीने की दी गई है। साथ ही परिवार की आवश्यकता को देखते हुए बर्तन, पलंग, कपड़ा एवं बाल्टी जैसी अन्य सामग्रियां भी मुहैया कराई गई। अन्नपूर्णा मुहिम के तहत् परिवार का नाम और Contact नंबर भी दर्ज कर लिया गया है, ताकि समय-समय पर और भी सहायता दी जा सके। पड़ोसीयो ने संत रामपाल जी महाराज की ओर से चल रही अन्नपूर्णा मुहिम को मानवता के लिए सराहनीय कार्य बताया। “अन्नपूर्णा मुहिम” केवल राहत सामग्री पहुँचाने का कार्य नहीं है, बल्कि मानवता की पुनर्स्थापना का कार्य है। वर्तमान में उनकी "अन्नपूर्णा मुहिम" देश के कोने-कोने में जरूरतमंदों तक पहुंचने लगी है।
राजनांदगांव/शौर्यपथ/ शहर की सुरक्षा को नई तकनीक से सशक्त बनाने के उद्देश्य से त्रिनेत्र योजना के अंतर्गत आज इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम का उद्घाटन माननीय डॉ. रमन सिंह, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ विधानसभा एवं पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। यह योजना कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे और एसपी श्री मोहित गर्ग के मार्गदर्शन में जन सहयोग से संचालित की जा रही है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, कॉलोनी और गलियों में प्रारंभिक चरण में 385 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। देश की पहली योजना है जिसमें नागरिकों की समिति बनाकर जनता के सहयोग से कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे ANPR, वेरिफोकल व PTZ तकनीक से लैस हैं और 1000 कैमरों तक जोड़ने की क्षमता वाले सर्वर से संचालित होंगे। इस कंट्रोल रूम से 24x7 पुलिस निगरानी की व्यवस्था की गई है, जिससे दुर्घटना, अपहरण, चोरी, हिंसा जैसे अपराधों पर नियंत्रण पाया जा सकेगा। कैमरों में लगे PA सिस्टम के माध्यम से जरूरी सूचनाएं सार्वजनिक रूप से प्रसारित की जा सकेंगी। इस अवसर पर आईजी श्री अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर, एसपी, त्रिनेत्र समिति के सदस्य व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। ---
0 बरसात में बढ़े सर्पदंश के मामले: मेडिकल कॉलेज अस्पताल सतर्क
राजनांदगांव। बरसात का मौसम जहां हरियाली और ठंडक लेकर आता है, वहीं यह मौसम सर्पदंश जैसी घटनाओं में भी अप्रत्याशित बढ़ोतरी लाता है। पिछले एक सप्ताह में मेडिकल कॉलेज अस्पताल राजनांदगांव में सर्पदंश के 6 मरीज इलाज के लिए पहुंचे, जिनमें से 4 को जहरीले सांप ने काटा था। इनमें से 3 मरीजों की हालत गंभीर थी और उन्हें वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। हालांकि, चिकित्सकों की सतर्कता, समर्पण और समय पर इलाज से सभी मरीजों की जान बचा ली गई है और वे स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।
0 गंभीर हालत में आए मरीज, समय पर इलाज से बची जान तीनों गंभीर मरीज लगभग तीन दिन तक वेंटिलेटर पर रहे। एक मरीज राजनांदगांव का निवासी था जबकि दो अन्य आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से लाए गए थे। सभी मरीज अस्पताल पहुंचने पर बेहोशी की हालत में थे और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग की सतर्क टीम के सदस्य डॉ चिन्मय जैन, डॉ आशीष डुलानी , डॉ गोपेश एवं डॉ राहुल ने बिना समय गंवाए इलाज शुरू किया। एंटी वेनम इंजेक्शन और अन्य जीवनरक्षक उपायों से उनकी हालत में तेजी से सुधार हुआ। यह पूरी तरह से अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था और डॉक्टरों के प्रयासों की सफलता है।
0 क्यों बढ़ते हैं बरसात में सर्पदंश के मामले? (एक्सपर्ट व्यू डॉ प्रकाश खूंटे, एमबीबीएस एमडी मेडिसिन एवं प्रोफेसर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल राजनांदगांव)
डॉक्टर प्रकाश खूंटे के अनुसार, बरसात के मौसम में सांपों के बिलों में पानी भर जाता है, जिससे वे बाहर निकल आते हैं। अक्सर ये सांप घनी आबादी वाले क्षेत्रों या खेतों की ओर चले जाते हैं, जहां मानव-सांप आमना-सामना बढ़ जाता है। कई बार इंसान उन्हें देखते ही मारने की कोशिश करता है और ऐसे में सांप आत्मरक्षा में डंस लेते हैं। यही वजह है कि इस मौसम में सर्पदंश के केस बढ़ जाते हैं।
0 मेडिकल कॉलेज की टीम तैयार, एंटी वेनम की पर्याप्त व्यवस्था मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मेडिकल सुप्रीटेंडेंट डॉ अतुल देशकर ने बताया कि सर्पदंश से निपटने के लिए अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में एंटी वेनम इंजेक्शन उपलब्ध हैं। इसके अलावा इमरजेंसी टीम, विशेषज्ञ डॉक्टर और जरूरी उपकरण हर समय तैयार हैं। अब तक सर्पदंश के जितने भी मरीज अस्पताल लाए जा चुके हैं सभी को समय पर इलाज देकर बचाया गया है। बरसात को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त तैयारी की गई है।
0 "जहर नहीं, घबराहट ज्यादा खतरनाक"
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रकाश खुटे ने बताया कि सर्पदंश से होने वाली मौतों के पीछे अक्सर घबराहट और भ्रम कारण होते हैं। डॉ. खूंटे के मुताबिक, 80 फीसदी सांप गैर-जहरीले होते हैं, जबकि कुछ सांप कम जहरीले होते हैं और समय पर इलाज मिल जाए तो मरीज की जान बच सकती है। कई बार सांप ने किसी जानवर को खा लिया होता है, जिससे जहर का असर कमजोर हो जाता है।
० क्या करें अगर सांप काट ले? – वरिष्ठ चिकित्सक डॉ खूंटे की सलाह:
1. झाड़-फूंक या टोने-टोटके में समय न गंवाएं।
2. जिस अंग को सांप ने काटा हो, उसे स्थिर और नीचे रखें।
3. शरीर की मूवमेंट कम करें, ताकि जहर न फैले।
4. कोई चीरा या कट न लगाएं।
5. काटे गए स्थान के ऊपर ढीला कपड़ा बांधें ताकि दो उंगलियां अंदर जा सकें।
6. मरीज को तुरंत अस्पताल ले जाएं और एंटी वेनम इंजेक्शन दिलवाएं।
0 जनजागरूकता की जरूरत मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि बरसात में विशेष सतर्कता रखें। खेतों, झाड़ियों, अंधेरे या गीले स्थानों में सावधानी से चलें। रबर के जूते, टॉर्च और डंडे का उपयोग करें। यदि सर्पदंश हो, तो डरें नहीं और तुरंत मेडिकल सहायता लें। यह रिपोर्ट इस बात की मिसाल है कि समय पर उपचार और जागरूकता से सर्पदंश जैसे खतरनाक हालात से भी जंग जीती जा सकती है। बरसात के इस मौसम में सतर्कता और सावधानी ही जीवन रक्षा का सबसे बड़ा उपाय है।
राजनांदगांव /शौर्यपथ /लालबाग स्थित रॉयल किड्स कान्वेंट, जो कि शहर का एकमात्र CISCE बोर्ड स्कूल है ने अपनी वार्षिक परीक्षाओं के परिणामों की घोषणा की। इस बार कक्षा पांचवीं के छात्र दक्ष चौबे ने 99.22 % प्रतिशत अंक प्राप्त किया, जबकि कक्षा चौथी के छात्र अमल चौबे ने 95.68 % प्रतिशत अंक प्राप्त किया।
चौबे बंधु दक्ष और अमल ने न केवल अपनी शैक्षिक उपलब्धियों से स्कूल का नाम रोशन किया, बल्कि खेल के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किए हैं। बड़े भाई दक्ष चौबे ने शतरंज में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है और इसके अलावा, वह हाँकी में छत्तीसगढ़ राज्य में सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय खिलाड़ी भी हैं। उन्होंने बेस्ट स्ट्राइकर का पुरस्कार भी जीता है और गोलकीपर की भूमिका में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।
छोटे भाई अमल चौबे भी शतरंज के राष्ट्रीय खिलाड़ी हैं और खेल के क्षेत्र में अनेक पुरस्कार प्राप्त कर चुके है। अमल को स्कूल में 'बेस्ट प्लेयर इन प्राइमरी' के अवार्ड से नवाजा गया। इसके अलावा, क्रिकेट में राजनांदगांव प्रिमियर लीग U-14 ड्यूस बाल (50 ओवर) में इमर्जिंग प्लेयर का अवार्ड प्राप्त किया। हाँकी में स्टेट लेवल टूर्नामेंट में उन्हें 'मोस्ट इंटेलिजेंट प्लेयर ' का पुरस्कार अपने नाम किया।
दक्ष और अमल चौबे की यह शानदार सफलता उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है। उनके इस अद्वितीय प्रदर्शन ने न केवल अपने परिवार, बल्कि स्कूल और समुदाय का भी गौरव बढ़ाया है।
दक्ष अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ि एवं nis कोच मृणाल चौबे का भतीजा एवं अमल चौबे पुत्र है l
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
