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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
भिलाई / शौर्यपथ / ट्रांस्पोर्ट नगर की स्थिति दिन प्रतिदिन बद से बद्तर होते जा रही है, लेकिन लागातार मांग करने और ध्यान आकषर््िात कराने के बाद भी भिलाई तीन चरोदा निगम इस ओर ध्यान नही दे रही है। यहां के सड़कों में बड़े बडे गड्ढे होने के कारण यहां अब तक चार चार लोगों की जान जा चुकी है। यहां गाडिय़ों से आना जाना तो दूर पैदल चलना ष्भी अब मुश्किल हो गया है। इसके कारण ट्रांसपोर्ट नगर वासी भारी दहशत में है 30 वर्षों से ट्रांसपोर्ट नगर को लेकर बार-बार सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया लेकिन ट्रांसपोर्ट नगर की सूरत नही बदली। मुख्यमंत्री द्वारा घोषित की गई राशि आज भी सरकारी प्रक्रिया में है लेकिन फिलहाल बड़े-बड़े गड्ढों को लेकर गाडिय़ों के टायर फटने, एक्सल व कमानी पट्टा टूटने की समस्या से हर गाड़ी मालिक को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है अब ट्रांसपोर्ट नगर की स्थिति ऐसी है की आप पैदल भी नहीं जा सकते जबकि यहां गड्ढों के चलते चार चार मौतें हो चुकी है।
दिन प्रतिदिन लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है, ट्रांसपोर्टर उनके प्रति नाराज़ है जिन्होंने बिना विकास किए ट्रांसपोर्ट नगर को लाठी के बल पर पावर हाउस तीन दर्शन मंदिर से विकास जल्द करने का झांसा देकर यहां भेज दिया गया तथा दूसरी नाराजगी नगर निगम भिलाई चरोदा से है। जिनको सिर्फ भूभाटक, संपत्ति कर चाहिए, कुछ गढों को फिलिंग कर दे ताकि कुछ राहत मिल सके और बरसात निकल जाए लेकिन इनके पास रोने के सिवाय कुछ नही है जबकि मुख्यमंत्री के क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट नगर है। ट्रांस्पोर्ट नगर के नाराज सभी ट्रांस्पोर्टरों ने निर्णय लिया है कि ट्रांस्पोर्ट नगर की सड़कों सहित अन्य अव्यवस्थाओं के विरोध में अब ट्रांसपोर्ट नगरवासी आगामी बुधवार 24 जून को शारिरिक दूरी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम भिलाई चरोदा के सामने एक दिवसीय धरना देंगे।
उक्त जानकारी देते हुए ट्रांस्पोर्टर प्रभुनाथ बैठा ने देते हुए बताया कि ट्रांस्पोर्ट नगर के सभी ट्रांस्पोर्टरों छत्तीसगढ़ ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रमुख संरक्षक इंदरजीत सिंह छोटू, प्रांतीय अध्यक्ष सुखचैन सिंह सुखा, प्रभुनाथ बैठा, बलजिंदर सिंह, पंकज सेठी, जसवंत सिंह, सुरजीत सिंह ,सीता सिंह, इंदरजीत सिंह सैनी, गुरप्रीत सिंह धींगरा ,अरुण कुमार बैठा, गोपी अरोरा ,भजन सिंह, जगजीत सिंह लाडी ,मलकीत सिंग, हरनेक सिंह ने सार्वजनिक रूप से फैसला लिया गया है। नगर निगम के सामने 24 जून को दिये जाने वाले धरने में शासन के गाईडलाईन और सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखकर मात्र 11 आदमी को ही सम्मिलित किया जाएगा तथा इस धरने में मांग की जाएगी कि तत्काल गड्ढों को फिलिंग करे या जमा की गई भूभाटक और संपत्ति कर को वापिस करे।
दुर्ग / शौर्यपथ / केन्द्रीय जेल में उस समय हड़कंप मच गया जब हत्या के आरोप में जेल में बंद एक कैदी ने वीरवार की सुबह 8 बजे के करीब जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। बताया जा रहा है कि अस्पताल की दिवाल के बने रौशनदान के रॉड में कपड़े का फंदा बनाकर कैदी ने फांसी लगाई है। आनन फानन में इसकी सूचना पद्मनाभपुर चौकी पुलिस को दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। वहीं बंदी द्वारा फांसी लगाए जाने के बाद जेल के भीतर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है। हालांकि जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या करने का यह कोई पहले मामला नही है, इससे पहले भी यहां कई लोग फांसी लगाकर आत्महत्या कर चुके हैं। हालंाकि यह अंदेश जताया जा रहा है कि उसका स्वास्थ्य खराब होने के कारण उसने आत्महत्या की होगी, क्योंकि उसका तबियत कुछ दिनों से खराब था उसको अस्पताल में भी भर्ती कराया गया था और अभी भी वह पूर्ण रूप से ठीक नही हुआ था। हांलांकि आत्हत्या का कोई कारण सामने नही आया है।
पद्मनाभपुर चौकी प्रभारी ने बताया कि हत्या के मामले में सजायाफ्ता बंदी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या कर ली। घटना आज सुबह 8 बजे की है। मृतक बंदी का नाम दिवाकर योगी आत्मज करन लाल योगी (23) है। यह परपौड़ी जिला बेमेतरा का निवासी था। चौकी प्रभारी ने बताया कि मृतक दिवाकर योगी को हत्या के मामले में 28 जून 2019 को आजीवन कारावास की सजा हुई थी। सजा सुनाये जाने क बाद उसे बेमेतरा से दुर्ग सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया था तब से यह सेंट्रल जेल दुर्ग में सजा काट रहा था। आज सुबह अचानक हुई घटना से जेल प्रशासन भी सकते में हैं। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
गृहमंत्री साहू ने दिए जाँच के आदेश ..
केन्द्रीय जेल दुर्ग में कैदी द्वारा आत्महत्या की खबर लगते ही प्रदेश के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने मामले की जाँच के विभागीय आदेश जरी किये वही घटना पर एएसपी झा ने कहा कि मामले में मार्ग कायम कर लिया गया है और आदेश अनुसार जाँच की जाएगी एवं आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जायेगा .
धमतरी ब्यूरो/ शौर्य पथ
कोरोना वायरस के चलते इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का महत्व और बढ़ गया है। योग से कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को कम किया जा सकता है क्योंकि शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए योग एक आसान और अच्छा साधन है। साथ ही तनाव को भी ध्यान (मेडिटेशन) लगाकर दूर किया जा सकता है ।
अंतर राष्ट्रीय योग दिवस हर वर्ष 21 जून को मनाया जाता है। सामाजिक दूरी के नियम को मानते हुए इस वर्ष इस दिन की थीम : `` घर पर योग और परिवार के साथ योग’’ राखी गयी है और लोगों से घर पर ही योग करने की सलाह दी गयी है।
वर्तमान में क्वारंटाइन सेंटरों में भी योग करने की सलाह दी जा रही है । प्रवासी लोग नियमित रूप से योग करके दिन की शुरुआत कर रहे हैं जिससे वह शारीरिक रूप से स्वास्थ्य और मानसिक रूप से तनाव मुक्त रह सकें।
मन को स्वस्थ रखने के लिए योग क्रियाएं रामबाण की तरह होती है । मनोचिकित्सकों का मानना है योग शरीर को जितना सुंदर बनाता है उतना ही मन को भी स्वस्थ करता है । भारतीय संस्कृति में योग का एक महत्वपूर्ण स्थान है ।
जिला अस्पताल पंडरी में स्थित स्पर्श क्लीनिक के मनोचिकित्सक डॉ. अविनाश शुक्ला ने बताया शरीर को स्वास्थर रखने और बीमारियों को दूर भगाने के लिए योग सबसे अच्छा और सरल तरीका है। योग शारीरिक ही नहीं ब्लकि योग करने से मानसिक स्वास्थ्य की समस्या से भी बचा जा सकता हैं।
डॉ.शुक्ला ने कहा योग से मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं जैसे एंजाइटी, चिंता, तनाव, डिप्रैशन और पोस्ट-ट्रमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर आदि को दूर किया जा सकता है। इसके साथ ही योग से विचार करने की क्षमता, समझने की शक्ति और स्मरण शक्ति भी बढ़ती है।
उन्होंने कहा योग के माध्यम से नशे को रोका और छोड़ा जा सकता है। योग से शरीर और आत्मा पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों को बढाया जा सकता है। योग भी नशा मुक्ति का एक उपयुक्त तरीका है जिससे नशा मुक्ति समाज का निर्माण किया जा सकता है। साथ ही नशा मुक्ति के समय उत्पन्न होने वाले लक्षणों को भी योग से नियंत्रित किया जा सकता है ।नशा मुक्ति में योग अपना महत्वपूर्ण स्थान रखता है ।
स्पर्श क्लीनिक के योग गुरु राधेश्याम साहू ने बताया योग से दिमाग शांत रहता है। शवासन मेडिटेशन करने के लिए योग की सबसे अच्छी मुद्रा है ।एकाग्र भाव से ध्यान लगाने सेमनुष्य को आत्मिक शांति प्रदान होती है । ध्यान एक प्रकार की क्रिया है, जिसमें मनुष्य अपने मन को चेतन की एक विशेष अवस्था में लाने की कोशिश करता है।बालासन नर्वस सिस्टम को शांत करने में और प्रभावित ढंग से माइग्रेन के दर्द को कम करने में मदद करता है।वज्रासन में घुटने,कमर, और मस्तिष्क को लाभ होता है । उत्तानासन तनाव, डिप्रैशन को दूर करने के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य को अच्छा करता है। विपरीत करनी आसन शरीर में रक्त प्रवाह को ठीक करने के साथ मानसिक स्वास्थ्य में सुधार लाता है।
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / रोका-छेका कार्यक्रम के तहत शुक्रवार 19 जून को जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तीर्थराज अग्रवाल जनपद पंचायत नवागढ़ की ग्राम पंचायत खोखरा की गौठान में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि रोका-छेका ही यह परंपरा गांव में प्राचीन समय से चली आ रही है। आज इस परंपरा के तहत ही तय किया जा रहा है कि पशुपालक अपने मवेशियों को घर में रखे या गौठान में भेजे। इससे फसल की बुआई के समय किसानों को खुले घूमने वाले मवेशियों से नुकसान नहीं होगा। इसलिए कोई भी अपने पशुओं को खुले में नहीं छोड़ंेगे। ग्रामीणों ने रोको-छेका कार्यक्रम के दौरान ही शपथ लेते हुए कहा कि वे अपने पशुओं को गौठान में ही भेजेंगे और किसानों की फसल को नुकसान होने से बचाएंगे।
जिपं सीईओ ने कहा कि राज्य शासन की मंशानुरूप एनजीजीबी के तहत गौठान बनाए गए हैं। इन गौठानों में रोका-छेका परंपरा के अनुसार ही पशुपालक अपने मवेशियों को भेजे। उन्होंने बताया कि खोखरा आने के पूर्व कलेक्टर श्री यशवंत कुमार के साथ जनपद पंचायत अकलतरा की ग्राम पंचायत खटोला में रोका-छेका कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों से मुलाकात की। जिपं सीईओ ने ग्राम पंचायत खोखरा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समूह की महिलाओं से कहा कि आजीविका संवर्धन की दिशा में बेहतर कार्य करें, उन्हें हरसंभव प्रशिक्षण एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से जोड़कर लाभ दिलाया जाएगा। गौठान में काम करते हुए बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं। लॉकडाउन की मुश्किल घड़ी में भी समूहों की महिलाओं ने विभिन्न गतिविधियों में कार्य करते हुए आय अर्जित की है। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं से किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है, ताकि वे बेहतर धान एवं अन्य फसलों को उत्पादन कर सके। इस दौरान पशुपालन विभाग, कृषि विभाग के स्टाल लगाए गए थे। इसके अलावा समूह की महिलाओं के द्वारा बनाई गई सामग्री अगरबत्ती, जैविक खाद, फाइल कवर, साबुन आदि का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में एसडीएम श्रीमती मेनका प्रधान, गौठान नोडल अधिकारी एवं जनपद पंचायत सीईओ श्री मोहनीश देवांगन सहित सरपंच, जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस अवसर पर गौठान परिसर में पौधरोपण भी किया।
गौठानों में हुई जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों के साथ बैठक
जनपद पंचायत पामगढ़ की ग्राम पंचायत बरगांव में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री राघवेन्द्र सिंह, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शिवकुमारी रात्रे, जनपद अध्यक्ष राजकुमार पटेल, उपाध्यक्ष श्री मनीष चंदेल ने रोका-छेका कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके अलावा जनपद पंचायत नवागढ़ की ग्राम पंचायत अमोरा आदर्श गौठान में नोडल अधिकारी श्री अभिमन्यु साहू, जिला पंचायत सदस्य श्री राजकुमार साहू, पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्री दिनेश शर्मा, सरपंच सहित ग्रामीण शामिल हुए। इसके अलावा ग्राम पंचायत भुईगांव में गौठान में ही बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों से रोका-छेका के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। बम्हनीडीह ग्राम पंचायत लखाली में गौठान में कार्यक्रम के आयोजन के साथ ही पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशुओं का परीक्षण किया गया एवं बारिश के दौरान मवेशियों को किस तरह से सुरक्षित रखना है, इस संबंध में भी ग्रामीणों को जानकारी दी गई। गौठान पीथमपुर, कुलीपोटा, सरखों, खोखसा, गुचकुलिया, भोथिया, ओडेकेरा, बालपुर, कटारी, रेडा, सोनगुढ़ा, पिरदा, नवागांव सहित सभी जनपद पंचायत की गांव, गोठान में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
मुंगेली / शौर्यपथ / पुरानी पेंशन बहाली मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीपी रावत के मार्गदर्शन अनुसार प्रदेश के समस्त शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा 21 जून को पुरानी पेंशन की बहाली की मांग हेतु देशव्यापी पोस्टर बैनर प्रदर्शन किया जाएगा। छग में पुरानी पेंशन की मांग के साथ स्थानीय आदेश का भी विरोध दर्ज किया जायेगा। जिसमें प्रदेश के समस्त कर्मचारियों का जुलाई माह में लगने वाले वार्षिक वेतनवृद्धि पर छग शासन द्वारा रोक लगाई गई है, उपरोक्त आदेश को वापस लेने की मांग भी इस प्रदर्शन में सम्मलित होगा।
पुरानी पेंशन बहाली मोर्चा छग के प्रदेश संयोजक संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे व उप- संयोजक संजय उपाध्याय ने बताया कि छग ने अभी तक केंद्रीय वेतनमान नही दिया है। इसके कारण शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों के वेतन में भारी विसंगति व्याप्त है।
पुरानी पेंशन बहाली मोर्चा के जिला संयोजक बलराज सिंह एवम जिला संयोजक दीपक वेंताल ने बताया कि पुरानी पेंशन, वार्षिक वेतनवृद्धि कटौती आदेश वापसी, वेतन विसंगति दूर करने मांग का यह पोस्टर प्रत्येक शिक्षक और कर्मचारी अधिकारी 21 जून को समस्त सोशल मीडिया, प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भेज कर अपनी मांग को बुलंद करेंगे। साथ ही संगठन स्तर पर ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। जिले के समस्त शिक्षकों से अपील किया गया है कि अपनी इन मांगों को 21 जून को मुखर कर इस देशव्यापी प्रदर्शन में सम्मलित होकर अपनी आवाज बुलंद करें। अशोक मिश्रा,विजय यादव,उमेश कश्यप,बलदाऊ साहू,पोषण साहू ,गौकरण डिंडोले,सुनील वाधवानी, संतोष यादव,खूबचंद सिंह क्षत्री,जिलाराम यादव,उमेश साहू,नरेंद्र तिवारी, पी के बंजारे,राधेश्याम राय, पी के दिवाकर,मोहन कश्यप,घनश्याम देवांगन,ब्रजेश्वर मिश्रा,राजेश गबेल, नारायण शुक्ला, अजय सिंह ठाकुर,दुर्गेश देवांगन,ऋषि क्षत्रिय,मयूर लाल पुष्कर,रमेश अंनत,रामेश्वर राव,अभिषेक तिवारी,अखिलेश शर्मा,सुशील जांगड़े,हरीश मंडावी,सत्येंद्र पटेल,राजेन्द्र नेताम सहित समस्त शिक्षक साथियो ने सरकार से फैसले वापस लेने का आग्रह किया है। व् पुरानी पेंशन बहाल करने की बात कही है।
दुर्ग / शौर्यपथ / आज पूरे दुर्ग जिले के ग्रामीण अंचलों में पारंपरिक रोका छेका की रस्म निभाई गई। ग्राम पतोरा में भी इस रस्म का आयोजन हुआ और यह क्षण विशेष रूप से और भी खुशी में बदल गया क्योंकि पूजा के तुरंत पश्चात मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वीडियो कॉल के माध्यम से यहां के ग्रामीणों से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने सरपंच से पूछा कि गायों की पूजा हो गई। आप सभी ने क्या संकल्प ले लिया। आप लोगों के उत्साह को देखकर बहुत खुशी महसूस हो रही है। गौठान को आगे बढ़ाने के लिए गठित समिति के सदस्य सभी ग्रामीण जन उत्साह से जुटे दिख रहे हैं।
रोकाछेका की रस्म को मनाने के लिए आप लोग इतने मेहनत से काम कर रहे हैं। यह बहुत खुशी की बात है रोकाछेका हमारी ग्रामीण संस्कृति की महत्वपूर्ण परंपरा है। इस परंपरा को निभाने के लिए आप लोगों के द्वारा जो यत्न किया गया है। आप लोग इतने उत्साह से जुड़े हैं यह देखकर बहुत अच्छा लग रहा है। सरपंच श्रीमती अंजीता साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि आज हम लोगों ने सभी से मवेशियों को गौठान में ही रखने की शपथ लिवाई है। इसके लिए हम लोगों ने गौठान में पूरी तैयारी कर ली है। पैरा एकत्रित कर लिया है। पैरा काटने की मशीन भी हम लोगों ने रख ली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीफ फसल को बचाने के लिए रोकाछेका बहुत जरूरी परंपरा है। पहले गांव के सभी लोग ऐसे ही संकल्प लेते थे और उसके बाद फसल की रक्षा होती थी।
मुख्यमंत्री ने गांव के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि अश्विनी साहू से भी चर्चा की। अश्विनी साहू ने बताया कि गांव में रोकाछेका के लिए दो.तीन दिनों से तैयारी की जा रही थी। सभी को रोकाछेका के दिन सामूहिक शपथ लेने के लिए प्रेरित किया गया है। सभी उत्साह से शपथ लेने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके अलावा गौठान में भी खरीफ फसल के लिए मवेशियों को रखने के लिए आवश्यक तैयारियां कर ली गई है। श्री साहू ने गौठान की व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर पहाटिया से भी बात की। उन्होंने कहा कि पहाटिया लोगों के अच्छे कार्य की वजह से ही गौठान आगे बढ़ रहा है।
शासन ने गौठान को बढ़ावा देने के लिए रोकाछेका के अवसर पर महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की है। उन्होंने गांव वालों को खरीफ फसल की शुभकामनाएं भी दी। इस मौके पर कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे भी उपस्थित रहे। इस मौके पर मुख्यमंत्री के ओएसडी आशीष वर्मा, एसडीएम विनय पोयाम, सीईओ मनीष साहू सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
धमतरी ब्यूरो/ शौर्य पथ
रेत माफियाओं का हौसला इतना बुलंद हो गया है कि विरोध करने पर बंधक बनाने व जानलेवा हमला करने तक से नहीं घबराते
नगरी सहीत, जिले में रेत तस्करी का कारोबार बेखौफ चल रहा है। कारवाई नहीं होने की वजह से रेत माफिया का हौसला सातवें आसमान में पहुंच गया है।
रेत खदान में जिला पंचायत सदस्य और साथियों को बंधक बनाकर पीटने वाले 7 आरोपियों पर कार्यवाही की गई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार को खूब लाल ध्रुव सदस्य जिला पंचायत ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह गुरुवार की रात अवैध रूप से चल रहे रेत खदान के संचालन को रोकने गया था, जिस पर नागू चंद्राकर एवं उनके अन्य साथियों के द्वारा जातिसूचक गाली गलौज कर डंडा राड आदि से मारपीट कर मोबाइल, चैन व अंगूठी छीन लिया गया।
धमतरी ब्यूरो /शौर्य पथ
थाना सिहावा अंतर्गत एक युवती छेड़खानी की शिकार हो गई थी।जिसके रिपोर्ट पर सिहावा थाना ने आरोपी युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।थाना प्रभारी सिहावा संतोष मिश्रा से प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 5 जून को सिहावा थाना क्षेत्र अंतर्गत एक युवती का रास्ता रोककर छेड़छाड़ कर जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने एवं धमकी दो युवकों ने दी थी।इस मामले की रिपोर्ट पर थाना सिहावा में 18 जून को धारा 341 ,376( घ) 506 भादवी के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया ।जिस संबंध में पुलिस अधीक्षक बीपी राज भानु के निर्देशन व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीषा ठाकुर रावटे के मार्गदर्शन में सिहावा पुलिस द्वारा आरोपी खेमलाल साहू उर्फ मोनू साहू पिता सुरेश कुमार साहू उम्र 23 वर्ष व सहयोगी सूरज ध्रुव पिता लल्लूराम ध्रुव उम्र 24 वर्ष निवासी सेमरा को 19 जून को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया जहां से आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
सागर । शौर्यपथ । बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद उनके परिवार और फैंस पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. हर कोई जानना चाह रहा है कि उन्होंने ऐसा क्यों किया. इसी बीच एक मामला मध्य प्रदेश के सागर जिले से आया है, जिसने सबको चौंका दिया है. दरअसल, मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक 20 साल की युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. आश्चर्य की बात ये है कि फांसी लगाने के कुछ घंटे पहले ही उसने कहा था कि मैं भी सुशांत सिंह राजपूत की तरह ही फांसी लगा लूंगी. यह पूरा मामला सागर के खुरई का है. मृतक युवती के भाई ने बताया कि सुबह से ही उसकी बहन अपनी भाभी से मजाक में बोल रही थी कि वो भी सुशांत सिंह राजपूत की तरह फांसी लगा लेगी. कुछ घंटे बाद जब सभी लोग अपने-अपने काम में व्यस्त हो गए तब मौका पाते ही उसने छत पर जाकर घटना को अंजाम दे दिया. किसी को कुछ समझ नहीं आया कि उसने ऐसा क्यों कर लिया. घटना के बाद घर वाले सदमे में हैं. मृतक युवती के भाई ने यह भी बताया कि जब उसने फांसी लगाने के लिए कहा तो उसकी भाभी ने यह जवाब दिया कि तुम बहुत मुंह चला रही हो, हम मम्मी और आपके भैया से तुम्हारी शिकायत कर देंगे. इसके बाद युवती ने अपनी भाभी को बताया कि ऐसा कुछ नहीं है, वो सिर्फ मजाक कर रही है. इतना कहकर वह हंसकर वहां से चली गई. कुछ घंटों बाद जब सब इधर-उधर अपने काम में लगे थे तो वह चुपचाप ऊपर छत पर गई और वहां उसने फांसी लगा ली. युवती की मां और भाभी ने उसे देखा और घर वालों ने तत्काल डॉक्टर को बुलवाया. उसे अस्पताल लाया गया लेकिन वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. इस घटना की सूचना पुलिस को भी दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची. खुरई थाना की एसआई सुरभि बिलथरे ने बताया कि अब्दुल हमीद वार्ड में रहने वाली एक महिला मृत अवस्था में पाई गई है. उसने फांसी लगा ली. उसके परिजनों ने भी यही बताया कि उसने फांसी लगाई है. फिलहाल जांच शुरू कर दी गई. पुलिस ने यह भी बताया कि मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. घर वालों का बयान भी दर्ज किया जाएगा. मृतक युवती के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है. आगे की जानकारी जांच के बाद जो परिणाम आएगा, उसी के आधार पर दी जाएगी. पिछले दिनों भी एक ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के बरेली से आया था, जहां एक दसवीं कक्षा के छात्र ने सुशांत सिंह की आत्महत्या की खबर को टीवी पर देखने के बाद खुद भी फंदे से लटककर अपनी जान दे दी. छात्र ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि अभिनेता सुशांत सिंह आत्महत्या कर सकते हैं तो मैं क्यों नहीं.
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सिकल सेल अनुवांशिक रोग है जो माता पिता से बच्चों को मिलता है। अगर दोनो सिकल सेल रोग से ग्रसित है तो अपनी नई पीढ़ी में इस रोग के पहुँचने की संभावना अधिक होती है।
भौगोलिक रुप से देश के कई राज्यों में सिकल सेल के रोगी पाए जाते है जिसमें छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड, उड़ीसा, तेलंगाना, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान है । सिकल सेल रोग कई जनजातियों में अनुवांशिक रूप से घर कर गया है ।
डॉ अरविन्द नेरल, राज्य सिकल सेल संस्थान के महानिदेशक सह एचओडी पैथोलॉजी एवं माइक्रोबायोलॉजी पं.ज.ला.नेहरू मेडिकल कॉलेज, रायपुर के अनुसार खून में ऑक्सीजन और हिमोग्लोबिन की कमी के कारण यह रोग होता है ।
सिकल सेल जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्ग की भी कुछ जातियों और क्षेत्रों में ज़्यादा पाया जाता है । प्रदेश में 9.8 प्रतिशत लोगों में सिकल सेल के जींस पाए जाते हैं । जबकि 0.98 प्रतिशत से 1 प्रतिशत लोग इससे ग्रसित है । प्रदेश के लिए यह एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या है| नवयुवकों और नवयुवतियों को विवाह पूर्व कुंडली मिलान के साथ-साथ सिकलिंग की कुंडली का मिलान भी करा लेना लाभकारी होगा । सिकल सेल रोग से ग्रसित हैं तो आने वाली पीढ़ी को बचाया जा सकता हैं, डॉ नेरल का कहना है ।
उनके अनुसार यह बताना भी मुश्किल है कि यह बीमारी कब और कहां से आई लेकिन वैज्ञानिकों का अनुमान है मलेरिया पैरासाइट से बचने के लिए कभी-कभी लाल रक्त कणों ने यह रक्षात्मक रूप धारण किया हो ।
डॉ. नेरल ने कहा छत्तीसगढ़ में लगभग 2.5 लाख लोग में सिकल सेल से ग्रसित है । सामान्य व्यक्ति में विशेष रुप से लाल रक्त कण अंग्रेजी के ओ आकार के होते हैं । लेकिन सिकल सेल ग्रस्त व्यक्ति में लाल रक्त कण की आकृति हंसिए के समान होती है । इसलिए इसको सिकल सेल कहते हैं| लाल रक्त कण हंसिए के आकार के होने के कारण शरीर के विभिन्न अंगों में पहुंचकर रुकावट उत्पन्न करते हैं जिसके कारण शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन और हीमोग्लोबिन नहीं मिल पाता है विशेष रूप से तिल्ली, फेफड़े, हृदय, गुर्दे, लीवर को यह खराब कर देते हैं जिसके कारण रोगी की असमय मृत्यु हो जाती है ।
रोकने के उपाय
डॉ. नेरल कहते है इस बीमारी को रोका जा सकता है और बहुत हद तक खत्म भी किया जा सकता है। इसके लिए विवाह पूर्व सिकलिंग कुंडली का मिलान करा लेने से अनुवांशिक गुणों का दूसरी पीढ़ी में जाना रोका जा सकता है । अंतरजातीय विवाह सिकल सेल को बढ़ावा देता है । अगर अंतरजातीय विवाह के बंधन को तोड़कर विवाह किया जाए तो भी इस बीमारी को खत्म किया जा सकता है ।
सिकल सेल दो प्रकार के होते हैं
सिकल वाहक कैरियर (ए एस) और सिकल पीड़ित रोगी (एसएस)
सिकल सेल कैरियर या सिकल सेल ट्रेट (हेटेरोजायगोट्स) भी कहते हैं । इसमें सिकल का एक जींस होता है । लेकिन इसमें रोग के कोई लक्षण नहीं होते हैं । इन्हें किसी तरह के इलाज की जरूरत नहीं होती है। यह सामान्य जीवन व्यतीत करते हैं । इन्हें स्वयं भी मालूम नहीं होता है के उनके रक्त में सिकल का जींस हैं । सिकल रोग के प्रसार की रोकथाम के अभियान में इनका विशेष महत्व है । लेकिन जब यह अनजाने में दूसरे सिकल रोगी या वाहक से विवाह करते हैं तो सिकल पीड़ित संतान होने की संभावना बढ़ जाती है।
सिकल पीड़ित रोगी (एसएस) सिकल सेल सफरर (होमोजायगोट्स) भी कहते हैं । जब दोनों पालकों के असामान्य जींस मिलते हैं तो संतान सिकल रोगी या सफरर होती है । इसे सिकल सेल एनीमिया रोग भी कहा जाता है। ऐसी स्थिति में रोग के सभी लक्षण मिलते हैं ।
सिकल सेल में लाल रक्त कण की आयु बहुत कम हो जाती है सामान्य तौर पर लाल रक्त कण की आयु 100 से 120 दिन की होती है । वही सिकल सेल से ग्रसित रोगी के लाल रक्त कणों की आयु मात्र 10 से 12 दिन तक रह जाती है जिससे रोगी की असमय मृत्यु हो जाती है
कोविड-19 में कैसे करें बचाव
वर्तमान समय में कोविड-19 के संक्रमण से बचने के लिए सिकल सेल रोग के रोगी का जोखिम ज्यादा बढ़ जाता है क्योंकि उसकी सामान्य प्रतिरोधक क्षमता काफी कम होती है ऐसे लोगों को बाहर निकलते समय बहुत ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है । मां-बाप को चाहिए कि ऐसे बच्चों को बाहर एकांत में निकालें तो उनके साथ रहे । बाहर की वस्तुओं को छूने से बचाऐं ।शारीरिक दूरी को बनाएं । फल सब्ज़ियों का ज्यादा प्रयोग करें । पानी का सेवन ज्यादा से ज़्यादा करें । ठंड और धूप से भी बच्चों को बचाऐं ।हल्का-फुल्का ही व्यायाम करें लेकिन जानकारी लेकर ही । फोलिक एसिड, ज़िक और पेनिसिलिन की दवाई का प्रयोग डॉक्टर की सलाह अनुसार ही करें ।
धमतरी/ ब्यूरो शौर्य पथ
लदाख की गलवान सीमा पर चीन-भारतीय सैनिकों के बीच टकराव के बाद देश में चीनी सामानों के बहिष्कार का कैंपेन फिर जोर पकड़ रहा है. देश भर के खुदरा व्यापारियों के संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने चीनी सामान का बहिष्कार करने की अपील की है.
कैट ने प्रथम चरण में उन 3000 से अधिक वस्तुओं का चयन किया है, जो भारत में भी बनती हैं, लेकिन सस्ते के लालच में अब तक चीन से इन वस्तुओं का आयात हो रहा था.
कैट ने चीनी सामान के बहिष्कार के लिए 'भारतीय सामान-हमारा अभिमान' कैंपेन की शुरूआत की है. कैट ने चीन से आयात होने वाले करीब 3,000 प्रोडक्ट की लिस्ट बनाई है. इसमें से आज 500 वस्तुओं की लिस्ट जारी की गयी है. कैट ने कहा, "इन वस्तुओं के चीन से आयात नहीं होने से भारत पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि वह सारी चीजें भारत में पहले से ही बनाई जा रही हैं."
चाइनीस ऐप का बहिष्कार करने की भी बात कही गई है
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China is earning crores of money per day by above Apps.
You should uninstall these Apps as soon as possible
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Feb 09, 2021 Rate: 4.00
