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लोगों के विरोध और यहां स्टेडियम निर्माण की मांग पर महापौर ने फोड़ा नारियलदेवेन्द्र की बढती लोकप्रियता को नही पचा पा रहे हैं भाजपाई
छत्तीसगढ़ सरकार ने नरवा, गरूवा, घुरवा अऊ बारी योजना से गौमाता के चारे का इंतजाम किया, अब गोबर खरीदकर पशुपालकों को बना रही है समृद्ध
रायपुर । शौर्यपथ । छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गोबर खरीदी के फैसले का विरोध करने वाले भाजपा नेताओं को कांग्रेस ने करारा जवाब देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में भाजपा शासनकाल में गौशालाओं के नाम पर करोड़ों का घोटाला हुआ। कई गौशालाओं में भूख से सैकड़ों गायों की मौत हो गई। सैकड़ों गायों की भूख से मौत और गौशालाओं में चारा घोटाला के जिम्मेदार भाजपा नेता ही अब कांग्रेस सरकार की नरवा, गरूवा, घुरवा अऊ बारी योजना का विरोध कर रहे हैं। राजेंद्र ने कहा कि भाजपा नेता नदी बचाने, नदियों को जोड़ने, गाय की रक्षा करने की बातें सिर्फ कागजों में ही करते हैं। भाजपा नेताओं को न तो गायों की फिक्र है, न गाय पालने वाले पशुपालकों की। अगर उन्हें गौमाता की फिक्र होती तो नरवा, गरूवा, घुरवा अऊ बारी योजना का मजाक नहीं उड़ाते। गोबर खरीदी का विरोध भी नहीं करते।
देश के प्रधानमंत्री पढ़ा रहे आत्म निर्भर का पाठ ,किन्तु छत्तीसगढ़ में भाजपा कर रही विरोध ..
राजेंद्र ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री लोगों को जिस आत्मनिर्भरता का पाठ पढ़ा रहे हैं, उसकी शुरूआत छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने डेढ़ साल पहले प्रदेश में कर दी थी। नरवा, गरूवा, घुरवा अऊ बारी योजना के माध्यम से प्रदेश के किसानों, युवा और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की यह योजना रोजगार के नए अवसर दे रही है। योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक समृद्धि आ रही है। उन्होंने कहा कि नरवा योजना से बारिश के पानी को सहेजने के साथ ही पुराने धरोहर को बचाने, भूगर्भीय जलस्तर को रीचार्ज किया जा रहा है। बारी योजना से पौष्टिक सब्जियां उगाई जा रही है। गरूवा और घुरवा योजना से गोधन की रक्षा, दूध उत्पादन को बढ़ावा देना है। वहीं गोबर खरीदकर उससे कम्पोस्ट खाद, जैविक खाद, गमला, दीया, धूप बत्ती सहित अनेक वस्तुएं बनाकर गोबर की उपयोगिता साबित कर रही है छत्तीसगढ़ सरकार।
भूपेश सरकार बढ़ा रही रोजगार के अवसर की दिशा में कदम ..
राजेंद्र ने कहा कि भूपेश सरकार की नरवा, गरूवा, घरवा अऊ बारी योजना और गोधन न्याय योजना से रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। इसका विरोध करने वाले भाजपा नेता वास्तव में छत्तीसगढ़ के लोगों को रोजगार के अवसर देने वाली योजना का विरोध कर रहे हैं। भाजपा ने हर साल 2 करोड़ लोगों को रोजगार देने की बात की थी, लेकिन केंद्र में सरकार बनाने के बाद रोजगार नहीं दिया बल्कि नोटबंदी और जीएसटी लागू कर करोड़ों लोगों का रोजगार छीन लिया। भाजपा की नीतियों पर हमला बोलते हुए राजेंद्र ने कहा कि भाजपा ने हमेशा अडानी-अंबानी जैसे लोगों को सहयोग करते हुए करोड़ों-अरबों रुपए का कर्ज माफ कर दिया। दूसरी ओर डीजल-पेट्रोल-रसोई गैस का भाव बढ़ाकर महंगाई बढ़ाते हुए आमजनता के साथ किसानों की कमर तोड़ने का काम भी केंद्र की भाजपा सरकार ने किया है। वहीं छत्तीसगढ़ सरकार गरीबों, किसानों, मजदूरों और युवाओं के हित में फैसले ले रही है। राजेंद्र ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार ने गांव-गांव के किसानों का कर्ज माफ किया। 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा। अब सरकार ने गोबर खरीदने का फैसला भी कर लिया है। प्रदेश में लगभग 20 लाख लोगों को रोजगार का अवसर मिलेगा। इन फैसलों से कृषि आधारित रोजगार मिलने से निश्चित रूप से किसान, मजदूर, युवा और महिलाएं आत्मनिर्भर और समृद्ध होंगे। इस योजना से हरियर छत्तीसगढ़, खुशहाल छत्तीसगढ़, समृद्ध छत्तीसगढ़, सुग्घर छत्तीसगढ़ की कल्पना साकार होगी।
रायपुर / शौर्यपथ / वरिष्ठ भाजपा नेता नन्द कुमार साय द्वारा भाजपा के प्रदेश नेतृत्व पर उठाए गए सवाल पर कांग्रेस ने कहा कि प्रदेश भाजपा पर रमन एन्ड कम्पनी के कब्जे के खिलाफ यह दूसरे भाजपा नेता का बगावती तेवर है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यह तो एक नेता का गुबार है भाजपा के हर नेता के दिल मे ऐसे ही बगावत की मशाले जल रही हैं। यह भारतीय जनता पार्टी का दुर्भाग्य है कि जिन लोगो की कमीशन खोरी और भ्रष्टाचार के कारण भारतीय जनता पार्टी 14 सीटों तक सिमट गयी, उन्ही लोगो के पास आज भी पार्टी की कमान है। साय जैसे जमीन से जुड़े और वरिष्ठ नेताओं की पीड़ा जायज है । कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि नन्दकुमार साय ही नहीं रामविचार नेताम, सरोज पांडे, बृजमोहन अग्रवाल जैसे नेता भी वर्तमान नेतृत्व के पैरलल लगातार बयानबाजी कर अपने महत्व को अलग से रेखांकित करने के जुगत में लगे दिखते है। नन्दकुमार साय निर्भीक नेता है उन्होंने पार्टी नेतृत्व को आइना दिखाने का साहस दिखाया है। बाकी नेता यह साहस नही दिखा पा रहे। प्रदेश भाजपा का कार्यकर्ता भी देख रहा की उनकी पार्टी के भाजपा नेताओं के द्वारा एक दूसरे को पीछे छोड़ने की जद्दोजहद के कारण प्रदेश की जनता रचनात्मक विपक्ष की कमी साफ महसूस कर रही है। भाजपा का वर्तमान नेतृत्व मात्र रमन सिंह के अहं की तुष्टि की राजनीति कर रहा उसे प्रदेश की जनता के हितों से कोई लेना देना नही है। रमन सिंह के अहं के कारण ही भाजपा ने 2500 में धान खरीदी के समय राज्य के किसानों के हितों के खिलाफ जा कर विरोध किया था। रमन सिंह के अहं के कारण ही भाजपा ने कोरोना संकट के समय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा केंद्र से मांगे गए 30 हजार करोड़ के पेकेज का विरोध किया था। रमन सिंह के अहं की तुस्टी के कारण छत्तीसगढ़ भाजपा ने गरीब कल्याण रोजगार अभियान में छत्तीसगढ़ को शामिल किए जाने के लिए एक बार प्रधानमंत्री को अनुरोध करना भी जरूरी नही समझा था। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि छतीसगढ़ भाजपा रमन सिंह के दुराग्रह के कारण कांग्रेस सरकार का विरोध करने के बजाय राज्य की जनता का विरोध करने लग गयी है। प्रदेश की जनता, भाजपा के चरित्र को भली भांति देख रही है और समझ भी रही है भाजपा के लिए व्यक्ति विशेष के हितों की राजनीति जन हित से बड़ा हो गया। साय जैसे नेता इसीलिए विरोध में खड़े दिख रहे है।
रायपुर / शौर्यपथ / पूर्व मुख्यमंत्री रमनसिंह द्वारा ट्वीट कर कांग्रेस सरकार से वायदों का हिसाब मांगे जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि वादा खिलाफी का लम्बा रिकार्ड बनाने वाले रमन सिंह किस नैतिकता से कांग्रेस सरकार से मात्र डेढ़ साल में ही वायदों का हिसाब मांग रहे है । कांग्रेस की सरकार और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने डेढ़ साल में अपने जन घोषणा पत्र के 36 वायदों में से 22 वायदों को पूरा कर दिया है ।कांग्रेस की सरकार को पांच साल के लिए जनादेश मिला है।कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के जनघोषणा पत्र में पांच साल कार्यकाल में पूरा करने के लिए वायदा किया था आने साढ़े तीन सालों में कांग्रेस की सरकार अपने सारे वायदों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस से डेढ़ साल में ही सारे वायदों को पूरा करने की अपेक्षा करने वाले रमन सिंह भूल रहे है उन्होंने 2003के भाजपा के संकल्प पत्र के वायदों को 15 साल तीन बार सरकार चलाने के बाद भी पूरा नही किया था ।रमन सिंह और भाजपा ने 2003 में वायदा किया था हर आदिवासी परिवार को 10 लीटर वाली जर्सी गाय देंगे कभी पूरा नही किया ।भाजपा ने हर आदिवासी परिवार से एक को सरकारी नौकरी देने का वायदा किया ।भाजपा ने 2003 में ही राज्य के बेरोजगार युवाओं को 500 रु बेरोजगारी भत्ता देने का वायदा किया था जो कभी पूरा नही किया ।किसानों को धान पर पूरे पांच साल बोनस का वायदा कर सिर्फ चुनावी साल में बोनस देने वाले रमन सिंह आज किस नैतिकता से 2500 रु में धान खरीदी पर सवाल खड़ा कर रहे है ।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस की सरकार ने मोदी सरकार की अड़ंगेबाजी और धमकी से डरे बिना किसानों को धान की पूरी कीमत देने का रास्ता निकाला ।भाजपा की केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीति के कारण ही वायदा निभाने कांग्रेस ने राजीव गांधी न्याय योजना लागू की किसानों को धान के कीमत की अंतर राशि की पहली क़िस्त का भुगतान हो गया शेष दूसरी और तीसरी क़िस्त का भुगतान 20 अगस्त तक हो जाएगी।
कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस सरकार के वायदों को पूरा करने की गति और गरीब किसान गांव विरोधी नीतियों को मिल रहे जन समर्थन से रमन सिंह और भाजपा विचलित हो गए हैं ।मुद्दा विहीन भाजपा नेता रोज अप्रसांगिक बयान बाजी कर खुद को चर्चा में बने रहने का बहाना खोज रहे हैं।
रायपुर / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना पर छत्तीसगढ़ के एक भी जिले को ना शामिल करने पर प्रदेश कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि डॉ रमन सिंह जी भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष है और 15 साल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहे है। रमन सिंह जी के 15 वर्षो के कार्यकाल में भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी, कुशासन और जनविरोधी नीतियों के चलते छत्तीसगढ़ को गरीबी के मामले में देश में नंबर वन बनाया गया। अब फिर से भाजपा नेताओं का गरीब विरोधी चरित्र उजागर हो गया है। छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं और सांसदों द्वारा छत्तीसगढ़ को गरीब कल्याण योजना से छत्तीसगढ़ के 5 लाख से मजदूरों को मोदी सरकार द्वारा भी वंचित करने को जायज ठहराने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।
एन एस एस ओ के आंकड़ों के आधार पर छत्तीसगढ़ में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों की संख्या 47.9प्रतिशत है और यह पूरे देश में सर्वाधिक है। गरीबी रेखा के नीचे रहने वालों का राष्ट्रीय औसत शहरी क्षेत्रों के लिए 13.7प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 25.7प्रतिशत है। गरीब कल्याण रोजगार योजना में शामिल किए गए राज्य उड़ीसा(45.9 प्रतिशत), मध्य प्रदेश(44.3 प्रतिशत), झारखंड(42.4 प्रतिशत) और बिहार(41.3 प्रतिशत) का गरीबी रेखा के मामले में नंबर क्रमश: 2, 3, 4 और 5 है।
गरीब कल्याण योजना में राजस्थान को भी शामिल किया गया है जहां गरीबी रेखा का आंकड़ा छत्तीसगढ़ के आधे से भी कम 21.7 प्रतिशत है, पर सर्वाधिक गरीबी रेखा प्रतिशत वाले राज्य छत्तीसगढ़ को दुर्भावना पूर्वक छोड़ दिया गया है! भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय मंत्री, 9 सांसद लोकसभा के, दो राज्यसभा सांसद, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय महामंत्री बताए कि मोदी सरकार छत्तीसगढ़ की गरीब जनता से किस बात का बदला लेना चाहती है?
हाल ही में मोदी सरकार द्वारा जून के अंतिम सप्ताह में देश कि नवरत्न कंपनी "कोल इंडिया लिमिटेड" के 41 खदानों के निजीकरण की प्रक्रिया आरंभ की गई, जिनमें से 9 कोल खदाने छत्तीसगढ़ की है! जब मोदी सरकार को खदान बेचना होता है तो छत्तीसगढ़ की याद आती है पर गरीबों के कल्याण के लिए कोई योजना चालू करना होता है तो छत्तीसगढ़ की याद नहीं आती! छत्तीसगढ़ की जनता जानना चाहती है कि छत्तीसगढ़ के साथ गरीब कल्याण योजना में यह सौतेला व्यवहार क्यों?
कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार का बदला मोदी सरकार छत्तीसगढ़ की जनता और मजदूरों से ले रही है। भाजपा के रमनसिंह जैसे नेता और सांसद मजदूर विरोधी, गरीब विरोधी, किसान विरोधी और आम जनता विरोधी गतिविधियों में संलिप्त है। छत्तीसगढ़ की जनता कभी उनको माफ नहीं करेगी।
संचार विभाग अध्यक्ष ने कहा है कि यह दुख का विषय है कि केंद्र की भाजपा सरकार राज्य राज्य के हिसाब से मजदूरों में भेदभाव कर रही है। लॉकडाउन और लॉकडाउन में कुप्रबंधन के लिये जिम्मेदार मोदी सरकार को मानवता और नैतिकता के नाते भी छत्तीसगढ़ के इन 5 लाख से अधिक प्रवासी मजदूरों के प्रति इन मजदूरों को मदद करनी चाहिए थी। छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूरों को मदद मोदी सरकार का फर्ज था और है। 1200 करोड़ रुपए से अधिक की मजदूरों की सिफ रोजी की राशि केंद्र की भाजपा सरकार पर मजदूरों का कर्ज है। इन मजदूरों के प्रति अपना फर्ज निभाने और अपने पर कर्ज चुकाने के बजाए मजदूर कल्याण योजना से मोदी सरकार ने छत्तीसगढ़ को बाहर कर दिया। मोदी सरकार के इस फैसले ने छत्तीसगढ़ के मजदूरों गरीबों और पूरे राज्य के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है।
गरीब कल्याण योजना में छत्तीसगढ़ को शामिल करने की मांग दोहराते हुए कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने मांग की है कि छत्तीसगढ़ के सभी प्रवासी मजदूरों को डायरेक्ट बेनिफिट योजना के अंतर्गत प्रवासी मजदूर ?25000 की राशि तत्काल दी जाये। केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के साथ सौतेला व्यवहार बंद करें। छत्तीसगढ़ के इन गरीब मजदूरों ने मोदी सरकार का क्या बिगाड़ा है? विधानसभा चुनाव में भाजपा की करारी हार रमन सिंह सरकार की जनविरोधी नीतियों की हार थी। भाजपा की करारी हार कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार और जनहित की उपेक्षा की हार थी। विधानसभा चुनाव की हार का बदला छत्तीसगढ़ के मजदूरों से लिए जाने का कांग्रेस पार्टी विरोध करती है और मांग करती है कि गरीब कल्याण योजना में छत्तीसगढ़ को शामिल किया जाये।
कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने मांग की है कि छत्तीसगढ़ को पड़ोसी राज्यों मध्यप्रदेश, झारखंड की तरह ही गरीब कल्याण योजना में शामिल किया जाये। बड़ी संख्या में 5 लाख से अधिक प्रवासी मजदूर छत्तीसगढ़ में वापस लौटे हैं। छत्तीसगढ़ में प्रवासी मजदूरों ने लॉकडाउन के 60 दिनों में रोजी मजदूरी का बहुत बड़ा नुकसान उठाया है। मनरेगा की औसत मजदूरी ?200 प्रतिदिन की दर से भी जोड़ा जाए तो प्रति मजदूर ?12000 का नुकसान लाकडाउन के कारण हुआ है। छत्तीसगढ़ के मजदूरों की कुल मजदूरी का नुकसान ही 600 करोड़ से ज्यादा बैठता है। भूख प्यास रहने की जगह की समस्या इलाज की समस्या सब कुछ छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूरों ने अपने प्रदेश से बाहर मजबूरी में झेली है। अपने घर अपने गांव अपने प्रदेश लौटने की बड़ी कीमत छत्तीसगढ़ के मजदूर भाइयों ने चुकाई है। छत्तीसगढ़ वापस लौटने के लिये पुणे, कोल्हापुर, कर्नाटक, तमिलनाडु तक फंसे मजदूर सैकड़ों किलोमीटर पैदल चले हैं। बसों में प्रति सवारी ?5000 से ?10000 तक का प्रति सदस्य किराया तक पूरे परिवार के सभी सदस्यों का मजदूरों को मजबूरी में देना पड़ा है। अपना गहना गुरिया गिरवी रखकर कर्जदार होकर छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूर वापस लौटे। केन्द्र सरकार को अन्य राज्यों की तरह इन मजदूरों को राहत पहुंचाना था।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने मजदूर कल्याण योजना में छत्तीसगढ़ को जानबूझकर छोड़े जाने के मामले में भाजपा के छत्तीसगढ़ के नेताओं और सांसदों की चुप्पी पर कड़ा ऐतराज जताया है। क्या छत्तीसगढ़ ने राज्य से 9 भाजपा सांसदों को चुन कर इसीलिए भेजा है कि वे दलीय प्रतिबद्धता के कारण जब राज्य के हितों की बात हो तो चुप्पी साध रखें। अब समय आ गया है कि भाजपा के सांसद राज्य की जनता के सामने स्पष्ट करें कि उनका छत्तीसगढ़ के हकों हितों से कोई सरोकार क्यों नहीं है?
संचार विभाग के अध्यक्ष ने कहा है कि मोदी सरकार छत्तीसगढ़ के कोयला, आयरन ओर बाक्साइट जैसे खनिज संसाधनों पर अपना हक जमा सकती है लेकिन राज्य के लोगो के लिए जब राहत देने की बात आती तब भाजपा की केंद्र सरकार मुंह मोड़ लेती है। राज्य के भाजपा के बड़े नेता मोदी सरकार के सौतेले व्यवहार को सही ठहराने के लिये तर्क देने लगते है। मुख्यमंत्री ने जब राज्य के लिए कोरोना संकट से निपटने 30,000 करोड़ की सहायता मांगी तब भी रमन सिंह सहित लगभग हर भाजपा नेता ने इसका ऐसे विरोध किया था, जैसे यह पैसा किसी के व्यक्तिगत हित के लिये मांगा गया था। 2500 रू. में धान खरीदी के समय केंद्र की अड़ंगेबाजी पर भी छत्तीसगढ़ में भाजपा नेताओं और सांसदों ने किसानों का साथ देने के बजाय मोदी सरकार के अन्याय का साथ दिया था।
त्रिवेदी ने पूछा है कि बात-बात में बड़े-बड़े बयान देने वाले पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह जो भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी है राज्य के मजदूरों के हित में मोदी सरकार के समक्ष आपत्ति दर्ज कराने का साहस क्यो नही दिखा रहे हैं? सरोज पांडे, धरम लाल कौशिक, रामविचार नेताम, विष्णुदेव साय की बोलती अब क्यो बन्द है? छोटी-छोटी बातों पर बचकाने बयान जारी करने वाले सांसद सुनील सोनी अब कहाँ छुप गए हैं? छत्तीसगढ़ हित की बात करने से भाजपा सांसदों को किसने रोका है?
छत्तीसगढ़ में दीगर राज्यो से 5 लाख से अधिक प्रवासी मजदूर वापस आये है राज्य के क्वारन्टीन सेंटरों से घर वापसी के बाद इन सबके रोजगार की व्यवस्था करने के छत्तीसगढ़ सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है। मनरेगा में भूपेश बघेल सरकार की उपलब्धि राष्ट्रीय स्तर पर सबसे बेहतर है। यदि केंद्र सरकार गरीब कल्याण रोजगार अभियान कार्यक्रम से छत्तीसगढ़ को भी जोड़ती तो राज्य के 5 लाख से अधिक मजदूरो के हित में और अच्छा काम हो सकता था।
दुर्ग / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव व बेमतरा प्रभारी जितेन्द्र साहू ने पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में हल्लाबोल किया। जितेन्द्र साहू ने सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ साइकिल रैली निकाल कर केन्द्र की मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने बैलगाड़ी की सवारी कर महंगाई के खिलाफ लोगों को सचेत किया।
विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदेश कांग्रेस महासचिव जितेन्द्र साहू ने कहा कि केन्द्र सरकार लगातार पेट्रोल व डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी कर आम जनता को खून के आंसू रुला रही है। इन दिनों वैसे ही लोग कोरोना के कारण परेशान है लोगों का कामधंधा बंद है। लोग गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे हैं ऐसे में पेट्रोल व डीजल के दाम बढ़ाने से लोगों की मुस्किलें बढ़ गई हैं। ईंधन के मंहगे होने का प्रभाव हमारी रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं पर पड़ता है। ट्रांसपोर्टिंग महंगी होने के कारण खाद्य पदार्थों जैसे अनाजए फल सब्जियों के दाम बढ़ जाते हैं जो सीधे आम लोगों को चोट करता है।
जितेन्द्र साहू ने कहा केन्द्र की मोदी सरकार गरीबों का दर्द नहीं समझ पा रही है। पिछले तीन सप्ताह से लगातार पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ रहे हैं और स्थानीय भाजपा नेता चुप्पी साधे हुए हैं। जो लोग पहले पेट्रोल व डीजल की दरों में नाममात्र की बढ़ोत्तरी पर विरोध करने उतर जाते थे वे वर्तमान में 11 से 12 रुपए तक की बढ़ोत्तरी के बाद भी चुप बैठे हैं। केन्द्र सरकार पेट्रोल डीजल के जरिए अपना खजाना भर रही है वहीं आम आदमी और गरीब जनता महंगाई की मार से पिस रही है। इस अवसर पर बेमेतरा विधायक आशीष छाबड़ा, नवागढ़ विधायक गुरु दयाल बंजारे, जिला अध्यक्ष बंशी पटेल, शहर अध्यक्ष सुमन गोस्वामी, नगर पालिका अध्यक्ष शकुन्तला साहू, एनएसयूआई अध्यक्ष अजय सेन, हितेन्द्र साहू, लोकेश वर्मा, अवनीश राघव, टीआर जर्नादन, जावेद खान, ललित विश्वकर्मा सहित सैकड़ों कांग्रेसजन उपस्थित थे।
दुर्ग / शौर्यपथ / गुरुवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मौजूदगी में हुई वरिष्ठ मंत्रियों की बैठक में निगम मंडलों के रिक्त पदों पर नियुक्ति को अंजाम देने नाम तय कर लिया गया है। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी महासचिव पीएल पुनिया तय किए गए नामों की सूची को अंतिम रूप देने दिल्ली में पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी से चर्चा करेंगे। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा निगम व मंडल में किए जाने वाली नियुुक्तियों को लेकर नाम तय कर लिए जाने की खबर सेे भिलाई-दुर्ग की राजनीति में हलचल सी मचा दी है। अपनी भावी स्थिति को लेकर पद के दावेदारों की बेचैनी बढ़ गई है। दावेदारों के साथ ही उनके समर्थकों के द्वारा इस संबंध में रायपुर व दिल्ली तक फोन लगाकर पूछताछ किया जा रहा है।
दरअसल निगम मंडल में पद हासिल करने के लिए अनेक नेताओं ने दावेदारी पेश किया है। अब जब नाम तय हो जाने की पुष्टि वरिष्ठ मंत्री रविन्द्र चौबे ने कर दी है तो जितने भी दावेदार है उनकी दिल की धड़कन तेज हो गई है। अपनी भावी राजनीतिक स्थिति को जानने न केवल दावेदार बल्कि उनके समर्थकों में जबरदस्त उत्सुकता देखने को मिल रहा है। कुछ दावेदारों के बारे में कांग्रेस की राजनीति में अंदर तक दखल रखने का दावा करने वाले स्थानीय नेता रायपुर व दिल्ली तक फोन लगाकर सुराग लेने में लगे हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बने डेढ़ साल का समय बीत चुका है। लगातार 15 वर्ष तक प्रदेश की सत्ता से दूर रहे कांग्रेस के अनेक नेता सरकार बनने के बाद से ही निगम मंडलों में की जाने वाली नियुक्ति का बेसब्री के साथ इंतजार कर रहे हैं। प्रदेश में कुल 129निगम, मंडल, आयोग, प्राधिकरण और विभागीय समितियां है। जिनमें से प्रशासनिक दृष्टिकोण से 8-9 निगम मंडल में मंत्रियों को अध्यक्ष बनाया जा चुका है। इस तरह लगभग 120 पदों पर नियुक्ति की जानी है।
यहां पर यह बताना भी लाजिमी होगा कि कुल छह विधानसभा क्षेत्र वाले दुर्ग जिले में अभी वैशाली नगर को छोड़ शेष 5 में कांग्रेस के विधायक है। इनमें से जिले के पाटन विधानसभा का प्रतिनिधित्व करने वाले भूपेश बघेल जहां मुख्यमंत्री पद का निर्वहन कर रहे हैं। वहीं दुर्ग ग्रामीण के विधायक ताम्रध्वज साहू और अहिवारा से विधायक गुरु रुद्रकुमार प्रदेश मंत्री मंडल में शामिल है।
इस तरह जिले में कांग्रेस के दो विधायक दुर्ग शहर से अरुण वोरा और भिलाई नगर से देवेन्द्र यादव ही ऐसे है जिनकी स्वाभाविक दावेदारी निगम मंडल के महत्वपूर्ण पदों के लिए बनती है। इसके अलावा भिलाई-दुर्ग के कई दिग्गज कांग्रेस नेताओं के द्वारा भी सत्ता और संगठन के माध्यम से निगम मंडल में प्रतिष्ठा के अनुरुप पद प्राप्त करने की दावेदारी लंबे समय से चर्चा में बनी हुई है।
शिवराज में हिम्मत है तो मध्यप्रदेश के किसानों का कर्ज माफ करें, 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का फैसला लेने का दमखम दिखाएं
व्यापमं घोटाला, हजारों किसानों की आत्महत्या, किसानों पर गोली कांड को याद करें शिवराज, छत्तीसगढ़ सरकार पर झूठे आरोप न लगाएं
दुर्ग / शौर्यपथ / मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की वर्ज्युल रैली पर पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री राजेन्द्र साहू ने शिवराज सिंह चौहान पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा की वर्चुअल रैली में छत्तीसगढ़ सरकार पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आरोपों को झूठ का पुलिंदा है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने तीखे लहजे में कहा कि भूपेश सरकार पर झूठे आरोप लगाने से पहले शिवराज सिंह चौहान अपने राज्य की बदहाल व्यवस्था सुधारें। मंडी लगाकर दूसरी पार्टी के विधायक खरीदने वाले शिवराज सिंह चौहान में हिम्मत है तो मप्र के कर्ज से पीड़ित और शोषित किसानों का कर्ज माफ करके बताएं। संवेदनशीलता का ढोल पीटने वाले शिवराज प्रदेश के किसानों से 25 सौ रुपए प्रति क्विं. की दर से धान खरीदने का दमखम भी दिखाएं।
रविवार को भाजपा की वर्चुअल रैली में शिवराज के आरोपों का जवाब देते हुए राजेंद्र ने कहा कि खेती-किसानी के समय मध्यप्रदेश में डीजल की कीमत 90 रुपए ज्यादा है। शिवराज सिंह चौहान अगर वास्तव में किसानों और मजदूरों के लिए फिक्रमंद हैं तो उनके प्रदेश में छत्तीसगढ़ से 10 रुपए ज्यादा कीमत पर डीजल की बिक्री कैसे हो रही है। वे मध्यप्रदेश में डीजल की कीमतें घटाकर किसानों को राहत देने की संवेदनशीलता क्यों नहीं दिखा रहे।
राजेंद्र ने कहा कि शिवराज सिंह के पिछले 15 साल के कार्यकाल में हजारों किसान आत्महत्या कर चुके हैं। भूपेश सरकार पर झूठे आरोप लगाने से पहले शिवराज को अपने पिछले कार्यकाल में व्यापमं घोटाला, हजारों किसानों की आत्महत्या, माइनिंग माफिया के गुंडाराज और किसानों पर गोलीकांड जैसे कलंक को याद कर लेना चाहिए।
राजेंद्र ने शिवराज चौहान को नसीहत देते हुए कहा कि वे छत्तीसगढ़ आकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से संवेदनशीलता का सबक सीखें। भूपेश सरकार ने किसानों से 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा है। किसानों का कर्ज माफ किया है। लॉकडाउन के दौरान दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों के खाते में राशि जमा कराने के साथ ही भूपेश सरकार ने श्रमिकों को वापस लाने ट्रेन का किराया भी दिया।
राजेंद्र ने कहा कि प्रवासी श्रमिकों को मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराने में पूरे देश में छत्तीसगढ़ टॉप पर है। आदिवासियों को तेंदूपत्ता सहित अन्य 31 वनोपजों की सबसे ज्यादा कीमत छत्तीसगढ़ में मिल रही है। भूपेश सरकार ने हर वर्ग के लोगों को राहत देने का काम किया है। राजेंद्र ने कहा कि भूपेश सरकार ने अपने कार्यों से प्रदेश की जनता का दिल जीता है।
रायपुर। शौर्यपथ । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने अपने अध्यक्षीय कार्यकाल के एक वर्ष पूरे कर लिए । एक वर्ष जब मोहन मरकाम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बने तब उनके सामने एक बड़ी चुनौती थी पिछले पन्द्रह सालो तक विपक्ष में रहे और उसमें भी पिछले छ वर्षो से तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल के नेतृत्व में आक्रमक और लड़ाकू हो चुके कार्यकर्ताओ को सत्तारूढ़ दल की तासीर के अनुसार आचरण और व्यवहार में ढालने की ।राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के साथ ही कांग्रेस जनों के किरदार में भी परिवर्तन हो चुका था लेकिन पन्द्रह साल तक विपक्ष के रूप में रच बस चुके कार्यकर्ताओ के आचरण में सहसा बदलाव लाना आसान काम नही था।सरकार बनने के साथ महत्वाकांक्षाओं के ज्वार का उफान मारना स्वाभाविक है ।पन्द्रह सालो के संघर्ष की परिणिती के बाद बनने वाली सरकार में भागीदारी और हर छोटे बड़े कार्यकर्ता की अपनी अलग अलग लालसाएं थी इन सबको साथ ले कर अनुशाषित तरीके से संगठित हो कर आगे बढ़ना दुरूह कार्य था । सत्तारूढ़ दल होने के कारण संगठन के पास उतनी जबाब दारिया नही होती यह मत प्रचारित करने वाले यह भूल जाते है कि सरकार में आने के बाद सबको एक जुट रख कर सबकी आकांक्षाओं को सहेज कर सरकार के निर्णयों नीतियों को जनता तक पहुचाने की महति जबाबदारी ऐसे समय संगठन की और अधिक हो जाती है । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में मोहन मरकाम ने अपने इस दायित्व का बखूबी निर्वहन किया ।उनके इस काम मे उनका सबसे बड़ा सहारा बना उनका अपना खुद का व्यक्तित्व ।सरलता और सहजता प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में मोहन मरकाम के बड़े हथियार साबित हुए ।एक एक कार्यकर्ता से मिल कर उनकी बातों को धैर्यपूर्वक सुन कर व्यथित कार्यकर्ता के चेहरे पर मुस्कान लाने की अद्भुद क्षमता है मोहन मरकाम के व्यक्तित्व में । धरना ,प्रदर्शन, घेराव चक्काजाम जैसे लोकतांत्रिक कार्यक्रमो में महारथ हासिल कर चुके कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हाथ मे राज्य सरकार की उपलब्धियों के पर्चे थमा कर गली मोहल्ले शहरों में घुमाने का जो दायित्व उन्हें मिला उसको वे बखूबी निभा रहे । प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व सम्भालने के ढाई महीने के अंदर ही हुए दंतेवाड़ा उपचनाव कांग्रेस की नई सरकार और नए प्रदेश अध्यक्ष दोनों के ही लिए बड़ा लिटमस टेस्ट था ।पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप पूरे चुनाव तक दंतेवाड़ा में डटे रहे ।राजनैतिक विश्लेषकों के सारे अनुमानों को ध्वस्त कर कांग्रेस दन्तेवाड़ा उप चुनाव जीतने में सफल हुई ।इसके बाद चित्रकोट उप चुनाव में पार्टी की सीट को बचाने की उपलब्धि भी मोहनमरकाम के लिए हर्ष का कारण बनी । लोक सभा चुनाव में राष्ट्रीय स्तर पर फैलाये गए झूठ के भाजपाई आवरण के कारण कांग्रेस को आशातीत सफलता नही मिली लेकिन राज्य में पार्टी के सांसद एक से दो हुए ।उसके बाद नगरी निकाय चुनाव में कांग्रेस की एक तरफा बढ़त दस में दस महापौरों का जीतना कांग्रेस की राज्य सरकार के साथ पार्टी संगठन के लिये भी बड़ी उपलब्धि थी ।नगरीय निकाय चुनाव के बाद पंचायत चुनाव में भी पार्टी के समर्थित उम्मीदवारों का जीतना इस बात का प्रमाण था कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्र के मतदाता कांग्रेस पार्टी और उसकी सरकार से संतुष्ट हैं। राज्य सरकार की उपलब्धियों के साथ केंद्र की भाजपा सरकार की नाकामियों दोनों को जनता के बीच ले जाने की जो जबाबदेही मोहन मरकाम के कंधों में कांग्रेस नेतृत्व ने डाला था उसे पूरा करने में वे सफल रहे हैं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
