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भोपाल । शौर्यपथ । ग्वालियर-चंबल संभाग में पूर्व सीएम कमलनाथ ने बीजेपी को जोर का झटका दिया है, ग्वालियर पूर्व से बीजेपी के उम्मीदवार रहे सतीश सिकरवार ने कमलनाथ की मौजूदगी में कांग्रेस का हाथ थाम लिया है. पूर्व सीएम कमलनाथ ने आज बीजेपी को बड़ा झटका दे दिया. उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में सेंधमारी की है. 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के प्रत्याशी रहे सतीश सिकरवार ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की है. पूर्व सीएम कमलनाथ की मौजूदगी में सैकड़ों की संख्या में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की है. ये बीजेपी के लिए ग्वालियर-चंबल में बड़ा झटका माना जा रहा है.
रायपुर / शौर्यपथ / कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार के कुप्रबंधन के कारण देश का खजाना खाली हो गया है ।मोदी सरकार किसान सम्मान निधि का पैसा देने की स्थिति में नही है ।इसीलिए केंद्र बहाने बाजी कर आधे अधूरे किसानों के खाते में पैसे डाल रही है।पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह द्वारा किसान सम्मान निधि के सम्बंध में दिए गए बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा एक तो मोदी सरकार ने किसानों के खातों में पैसा नही डाला ऊपर से रमन सिंह उसी के बचाव में गलत बयानी कर रहे हैं। केंद्र सरकार की नीयत छत्तीसगढ़ सहित देश भर के किसानों को किसान सम्मान निधि का पैसा देने की है ही नहीं ।मोदी सरकार की नीयत किसानों को किसान सम्मान निधि का पैसा देने की रहती तो पहली दूसरी क़िस्त के समय केंद्र सरकार के पास जो सूची है उसी के आधार पर किसानों को भुगतान कर दिया गया होता ।कोरोना काल मे फिर से आवेदन नही मंगवाया जाता ।कोरोना के समय लोगो को कम से बाहर निकलने के उद्देश्य से देश भर में दीगर कार्यो और योजनाओं के लिए पुराने आंकड़ो को आधार बनाया जा सकता है फिर किसान सम्मान निधि में क्यो नही ? जैसा दावा केंद्र सरकार कर रही है कि उसने राज्य के 27 लाख किसानों को पहली और अन्य क़िस्त का भुगतान किया था तो उसी आधार पर अब भी भुगतान किया जाना चाहिए किस आधार पर मात्र 2 लाख किसानों को भुगतान किया गया। कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार देश की अर्थ व्यवस्था सम्भालने में बुरी तरह नाकाम साबित हुई है ।केंद्र सरकार अपनी योजनाओं को भी चलाने में असमर्थ साबित हो रही है ।राज्यो को जीएसटी की क्षति पूर्ति का पैसा देने में केंद्र पहले ही हाथ उठा चुका है ।अब किसानों को नाम मात्र का दिया जाने वाला किसान सम्मान निधि का पैसा देने में भी केंद्र हिला हवाला कर रहा है । मोदी सरकार की नीयत किसानों को पैसा देने की होती तो हर क़िस्त के बाद अलग अलग फार्म भरवाने बैंक रिकार्ड की जानकारी मंगवाने के नाम पर किसानों को परेशान नही किया जाता ।छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार द्वारा चलाई जाने वाली राजीव गांधी किसान न्याय योजना में लगभग 19 लाख किसानों ने लाभ प्रप्त किया ।राज्य में समर्थन मूल्य पर लगभग इतने ही किसान धान बेचते है ।इन सबके आंकड़े सरकार के पास है जो केंद्र सरकार की भी जानकारी में है ।भाजपा सरकार चाहती तो इसी जानकारी के आधार पर कम से कम इतने किसानों को भुगतान कर सकती थी ।भाजपा सरकार किसान सम्मान निधि योजना चलाने में असमर्थ लग रही है इसी लिए वह राज्य सरकार पर आरोप लगा कर कुछ किसानों को ही भुगतान कर अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है। कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि रमन सिंह सहित भाजपा के नेता दलीय प्रतिबद्धता के कारण केंद्र सरकार द्वारा किये जा रहे किसान विरोधी आचरण में उसके साथ खड़े नजर आते है और मोदी सरकार को खुश करने राज्य सरकार पर झूठे आरोप लगा कर बयान बाजी करते है ।जब केंद्र ने राज्य सरकार के द्वारा 2500 रु में धान खरीदी पर राज्य से चावल न लेने की धमकी दिया था तब भी भाजपा का एक भी नेता छत्तीसगढ़ के किसानों के समर्थन में सामने नही आया था सारे के सारे नेता केंद्र की किसान विरोधी नीति के साथ खड़े थे। छत्तीसगढ़ की जनता भाजपा के इस चरित्र को देख रही है 2018 के विधानसभा चुनाव का दोहराव 2023 में भी होगा।
अब नाक बचाने के लिए भाजपा के नेता कर रहे हैं राजनीति
अगर किसानों को पैसा नहीं दे सकती मोदी सरकार तो न दे, कम से कम धोखा तो न दे
रमन सिंह और कौशिक 25 लाख किसानों को दें जवाब
रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ एक और धोखाधड़ी कर रही है। छह हज़ार रुपए प्रति वर्ष मिलने वाली किसान सम्मान निधि की पहली किस्त तो 27 लाख किसानों को दी गई लेकिन अब इस सूची में सिफऱ् दो लाख किसान बचे हैं। उन्होंने कहा है कि पंजीकरण के नाम पर केंद्र की भाजपा सरकार किसानों के नाम काट रही है और भाजपा के राज्य के नेता इस पर राजनीतिक रोटी सेंकने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा है कि भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को छत्तीसगढ़ की जनता को बताना चाहिए कि मोदी सरकार छत्तीसगढ़ के 25 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि की किस्त क्यों नहीं दे रही है? उन्होंने कहा है कि जिन किसानों को पहली किस्त दे दी गई उन्हें शेष किस्तें भी मिलनी चाहिए लेकिन किसानों के साथ ठगी की आदी हो चुकी मोदी सरकार किसानों को बार बार पंजीयन कराने पर मजबूर कर रही है और इसी में खामियां निकालकर किसानों की संख्या घटाई जा रही है। प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी जी ने किसानों को आय दोगुनी करने का वादा किया था लेकिन अब पांच सौ रुपए महीने भी देने में चालबाज़ी कर रहे हैं। ठीक उसी तरह रमन सिंह ने प्रदेश के किसानों को बोनस और समर्थन मूल्य के नाम पर भ्रम जाल में फंसाया था।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि भाजपा का चरित्र में ही है धोखेबाजी करना। मोदी सरकार किसानों के साथ ही नहीं बल्कि देश के बेरोजगार युवाओं, मजदूरों, गृहणियों, व्यापारियों, छात्रों के साथ भी दगाबाजी छल धोखा कर रही है।मोदी भाजपा ने किसानों से केंद्र में सरकार बनने पर स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश के अनुसार लागत मूल्य का डेढ़ गुना धान का समर्थन मूल्य देने का वादा किया था जो अब तक पूरा नहीं हुआ। सस्ती रासायनिक खाद सस्ती डीजल पेट्रोल सहित किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने का सपना दिखाकर मोदी भाजपा की सरकार ने सस्ती डीजल को महंगे दरों पर और रासायनिक खादों की कीमत बेतहाशा वृद्धि कर किसानों को लूट रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते रमन सिंह ने भी किसानों के साथ 15 साल तक धोखाघड़ी किया। रमन सिंह सरकार के धोखा बाजी छल से व्यथित किसान परेशान होकर आत्महत्या करने मजबूर थे। उस दौरान रोज 4 किसान आत्महत्या करते थे, बेरोजगार युवा आत्महत्या करते थे। रमन सिंह ने किसानों का धान 2100 किविंटल की कीमत पर खरीदने और 300 रु बोनस देने का वादा कर वादा पूरा नहीं किया। आदिवासी परिवारों को 10 लीटर दूध देने वाली जर्सी गाय एवं उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का वादा कर धोखा दिया। छत्तीसगढ़ के युवाओं के रोजगार को आउटसोर्सिंग के माध्यम से बेचा गया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि असल मायने में मोदी सरकार किसानों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने नहीं बल्कि उन को कमजोर करने की नियत से काम कर रही है।छत्तीसगढ़ में किसानों के धान को ?2500 क्विंटल के दर पर खरीदने पर भी अड़ंगा मोदी भाजपा की सरकार ने लगया था। अब छत्तीसगढ़ के 25 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि की राशि नहीं देकर मोदी भाजपा किसानों के साथ धोखा कर रही है प्रधानमंत्री मजदूर गरीब कल्याण योजना से भी छत्तीसगढ़ को बाहर रखा गया है और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह इस पर मौन है।
रायपुर / शौर्यपथ /भाजपा नेता नरेश चंद्र गुप्ता के बयान पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा के नेता बातों के धनी हैं और काम एवं सहयोग देने के मामले में हमेशा फिसड्डी ही साबित हुए हैं।कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में शुरुआत से लेकर अब तक भाजपा नेताओं से उनकी भूमिका पूछी जाए तो गुमराह करने वाली बयानबाजी के अलावा कुछ भी नहीं मिलेगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार क्वॉरेंटाइन सेंटर, कोविड-19 हॉस्पिटल कोविड-केयर सेंटर, आईसीयू वार्ड,टेस्टिंग लैब बनाकर मरीजो के खाने-पीने और दवाइयों का उचित प्रबंध कर छत्तीसगढ़ के कोरेना पॉजिटिव मरीजों का बेहतर से बेहतर इलाज कर रही है और मरीज स्वस्थ होकर अपने घर जा रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने भाजपा को 9 सांसद दिए तब ये नही सोचे रहे होगे कि वे जिन्हें अपना प्रतिनिधि चुन रहे है वो विषम परिस्थिति में भी जनप्रतिनिधि होने का दायित्व निभाने के बजाये जनहित कार्य के लिए पीला चांवल सुपारी का इंतजार करेंगे। महामारी काल में छत्तीसगढ़ के विभिन्न सामाजिक संगठनों गुरुद्वारा धार्मिक ट्रस्टों एवं बच्चों ने भी गुल्लक में जमा राशि को महामारी के लड़ाई में उपयोग करने सहयोग किए ।लेकिन भाजपा के 9 सांसद और विधायक भाजपा के नेता इस महामारी काल में सहयोग करने के बजाए क्वॉरेंटाइन सेंटर में सेवा दे रहे अधिकारियों को बेल्ट से मारने की धमकी देते रहे डराते रहे धमकाते रहे एम्स में इलाज करा रहे विशेष समुदाय के युवक के प्रति दुर्भावना पूर्वक बयानबाजी कर छत्तीसगढ़ के शांत माहौल को खराब करने का प्रयास किया.जिसका खंडन एम्स प्रशासन ने किया।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि महामारी संकट को लेकर मोदी भाजपा की सरकार कभी भी सीरियस नहीं रही यही वजह है कि छत्तीसगढ़ ही नहीं मध्यप्रदेश उत्तर प्रदेश गुजरात बिहार महाराष्ट्र राजस्थान सहित देश के अन्य राज्यों में भी कोरोना महामारी की काली छाया मंडरा रही है। भाजपा नेता आज भी कोरोना संकट से निपटने सहयोग करने के बजाए सिर्फ सुझाव देना चाहते हैं भाजपा नेताओं में थोड़ी बहुत भी नैतिकता बाकी है तो राज्य के हित में पीएम केयर्स फंड में छत्तीसगढ़ से जमा हुई सीएसआर फंड की राशि छत्तीसगढ़ के जनता के हित में खर्च करने वापस दिलाएं प्रधानमंत्री मजदूर कल्याण योजना में छत्तीसगढ़ को शामिल करने दबाव बनाएं छत्तीसगढ़ के जीएसटी के क्षति पूर्ति राशि 2828 करोड़ देने पक्ष में खड़े हो।
भाजपा महामारी काल में एक सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाने में असफल साबित हुई है अभी भी वक्त है भाजपा आपदा में अवसर की राजनीति की सोच को बदल कर छत्तीसगढ़ की जनता की सेवा करें महामारी संकटकाल में अब तक भाजपा के सांसदों से जनता ने जो अपेक्षा की थी उसकी पूर्ति नहीं हुई है।
रायपुर / शौर्यपथ / कांग्रेस ने कहा कि शक्षको की भर्ती के मामले में भाजपा को बोलने का कोई नैतिक अधिकार नही है।शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में चयनित अभ्यर्थियों से हठधर्मिता नही करनी चाहिये।प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राज्य सरकार की नीयत युवाओं को रोजगार देने की है ।सरकार चाहती है कि राज्य में खाली पड़े शिक्षकों के पदों में भर्तियां हो इसी लिए सरकार ने 14500 शिक्षकों के भर्ती के लिए आवेदन मंगाए थे और चयन प्रक्रिया भी पूर्ण किया गया था ।भर्ती के लिए पात्र अभ्यर्थियों की सूची भी जारी की गई थी ।कोरोना के कारण चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति बिलम्बित है ।सरकार की मंशा साफ है इसीलिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चयनित अभ्यथियों की पात्र सूची की अवधि को एक साल के लिये बढ़ा दिया है ताकि जो पात्र है उनको नुकसान न हो उनकी नौकरियां सुनिश्चित रहे।
कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा नेता अभ्यर्थियों के पक्ष में घड़ियाली आंसू न बहाये। राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के समय सरकारी नौकरियों में भर्ती पर अघोशित रोक लगी हुई थी राज्य में शिक्षकों के 45000 से अधिक पद खाली पड़े हुए थे ।कांग्रेस सरकार ने भर्ती शुरू किया है ।वर्तमान परिपेक्ष्य में जब पहले से नियमित शिक्षकों से पठन पाठन का काम नही लिया जा पा रहा है ऐसे समय नए शिक्षकों की उपयोग किस प्रकार किया जाएगा ।ऐसे समय जब केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों के वेतन में 30 फीसदी की कटौती कर रही है। जब केंद्र के रेल्वे जैसे संस्थानों में छटनी हो रही है ।सारी राज्य सरकार अपने कर्म कर्मचारियों के वेतन भत्तों में कटौती कर रही ऐसे समय भी छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने कर्मचारियों के साथ खड़े है ।छत्तीसगढ़ देश का अकेला राज्य है जहाँ कर्मचारियों के वेतन आदि में एक रु की कटौती नही हुई ।शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों को सरकार की मंशा समझनी चाहिये और कोरोनो के इस बुरे वक्त के बीतने के इंतजार करना चाहिये।
raipur/ शौर्यपथ / कोरोना महामारी संकटकाल में भाजपा सांसदों को जनता के प्रति गैर जिम्मेदार ठहराते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी भाजपा सरकार की ओर से छत्तीसगढ़ को नाम मात्र सहयोग मिला है जिसमें वेंटीलेटर एवं पीपीई किट मास्क शामिल है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार अपने संसाधन से 20हजार से अधिक क्वॉरेंटाइन सेंटर में रहने खाने दवाई की व्यवस्था एवँ कोविड-19 हॉस्पिटल्स,कोविड केयर सेंटर में 25,000 से अधिक बैड आईसीयू बैड, टेस्ट लैब,टेस्टिंग किट, सहित सभी प्रकार के संसाधनों की व्यवस्था की है।
ठाकुर ने कहा कि कोरेना महामारी संकटकाल में छत्तीसगढ़ के भाजपा और उनके सांसदों का रवैया जनता और छत्तीसगढ़ प्रति गैर जिम्मेदाराना रहा है।विपत्ति काल में भी भाजपा के सांसद मदद करने के बजाय तथ्यहीन आधारहीन झूठे आंकड़ों के सहारे गुमराह की राजनीति कर रहे हैं। पीएमकेयर फंड में छत्तीसगढ़ के एसईसीएल भेल सेल एनटीपीसी सहित अन्य औद्योगिक इकाइयों से सीएसआर फंड की हजारों करोड़ की राशि जबरदस्ती जमा करवा ली गई।भाजपा सांसदों ने भी सांसद निधि के करोड़ों रुपए पीएम केयर्स फंड में दे दिए जिस पर क्षेत्र की जनता का अधिकार होता है। दुर्भाग्य की बात है मोदी सरकार छत्तीसगढ़ से सैकड़ो करोड़ रुपए लेकर भी छत्तीसगढ़ को देने में ही आनाकानी कर रही हैं। मोदी सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ को दी गई राशि खाना पूर्ति मात्र है। मोदी सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ को दी गई वेंटिलेटर पीपीआई किट मास्क की गुणवत्ता में संदेह है। छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूरों के घर वापसी का किराया भी राज्य सरकार एवं कांग्रेस संगठन ने वहन किया।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने भाजपा सांसदों से पूछा पीएम केयर फंड में छत्तीसगढ़ के सीएसआर मद से ली गई राशि कहां खर्च की गई है? प्रधानमंत्री गरीब कल्याण मजदूर योजना से छत्तीसगढ़ को दूर क्यों रखा गया? भाजपा सांसदों ने अब तक छत्तीसगढ़ को कोरोना महामारी से निपटने के लिए क्या सहयोग किया जनता को बताएं?
रायपुर / शौर्यपथ / महंगाई की मार को लेकर प्रदेश कांग्रेस की नेत्री वंदना राजपूत ने पीएम मोदी पर कडा प्रहार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने अपने मन की बात की 68 वी कड़ी में अपने विचार व्यक्त किए, मोदी जी ने मन की बात में एक बार भी बढ़ती हुईं महगांई के मुद्दे का जिक्र भी नहीं किया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते आर्थिक बदहाली से जूझ रहे आम उपभोक्ताओं पर महगांई की मार बढ़ती जा रही हैं। देश में बढ़ती महगांई को रोकने में केंद्र सरकार पूरी तरह से विफल रही हैं।
मोदी जी ने 6 साल पहले से दस मिनट के भाषण में कितनी बार महगांई को कम करने की बात की है। जब से मोदी जी के हाथों में जनता ने केन्द्र की चाबी सौंपी है तब से महगांई बेलगाम होती चली जा रही हैं डीजल-पेट्रोल के बढ़ते दामों ने जनता के जेब पर डाका डाला है। डीजल-पेट्रोल के बढ़ते दामों का असर आवश्यक दैनिक वस्तुओ पर पड़ा है। आज महगांई आसमान छू रही है। क्यो मोदी जी को मालूम नहीं है क्या? डीजल-पेट्रोल के बढ़ते दामों के कारण परिवहन का किराया बढ़ेगा, जिसके कारण हर एक वस्तु महंगी हो जायेगी। बेलगाम महगांई चिंताजनक है लेकिन प्रधानमंत्री जी ने ना कभी इस पर चिन्ता की और ना बढ़ती हुये महगांई को रोकने आवश्यक कदम उठाए।
वंदना राजपूत ने कहा कि मोदी जी के मन की बात का आयोजन जब-जब होता है तब-तब महिलाओं को लगता है कि अब शायद मोदी जी महगांई के मुद्दे पर चर्चा करके महगांई से थोड़ा बहुत निजात दिलाएंगे लेकिन हर बार महिलाओं के हाथ निराशा लगती है। बढ़ती महगांई के कारण रसोई का बजट बिगड़ गया है। बेशक भारत की जनता बहुत सहनशील और भावनात्मक है लेकिन 80-90 रुपए लीटर के भाव का डीजल- पेट्रोल बेचकर कब तक मोदी जी जनता के भावनाओं से खिलवाड़ करेंगे। प्रदेश प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि कोरोना काल में लोगों की आमदनी कम हो गई हैं। पहले से ही बेरोजगारी की मार थी। कोरोना काल में जिसके पास रोजगार था वह भी छिन गया। आमदनी चव्वनी और खर्चा रूपया हो गया है, केन्द्र सरकार प्रमुख मुद्दे को छोड़ बाकी सभी विषयों पर बात करती हैं। केन्द्र सरकार अपनी जिममेदारियों से भाग रही है।
वंदना राजपूत ने कहा कि पिछले 6 साल में मंदी ने भारत की अर्थव्यवस्था की हालत खराब कर दी है। मंदी के इस दौर में पहले नरेन्द्र मोदी ने नोट बंदी की और फिर जीएसटी, रही-सही असर कोरोना ने पूरी कर दी। देश की जनता को भी 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज पर सवाल उठाने का अधिकार है आखिर उसका बड़ा लाभ कौन उठा रहा है। बेहतर होगा कि केंद्र सरकार संघीय ढांचे और उसमें मुखिया की अपनी भूमिका को समझें। छह माह पुराने कोरोना ने आज पूरे भारत में पांव पसार लिया है, मोदी यदि समय रहते आवश्यक कदम उठाते तो कोरोना के मरीजों की संख्या 35 लाख के पार नहीं होती।
रायपुर । शौर्यपथ । कांग्रेस ने कहा देश मे रोज 80 हजार लोग कोरोना से बीमार हो रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुत्तो की नस्ल सुधारने के लिए फिक्र मन्द हो रहे।प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30अगस्त रविवार को प्रसारित मन की बात के अपने उदबोधन में यह साबित कर दिया कि उनके मन मे देश वासियों की कोई फिक्र नही है। मोदी ने अपने मन की बात इधर उधर की बहुत बाते की लेकिन कोरोना बीमारी से बचाव के लिए उनकी सरकार द्वारा क्या उपाय किये गए है इसके बारे में एक शब्द भी नही कहा।देश की जनता को लग ही नही रहा की कोरोना काल मे उनके साथ केंद्र सरकार भी है।जब देश और दुनिया कोरोना के वेक्सीन का इंतजार कर रही है ऐसे समय मोदी खिलौने और उसके अविष्कार और उत्पादन पर ध्यान केंद्रित किये हुए हैं। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि देश में 36 लाख लोग कोरोना की चपेट में आ चुके है 65हजार लोगों की मौते हो चुकी है आज भारत प्रतिदिन कोरोना पीड़ितों के मामले में दुर्भाग्य पूर्ण पहले नम्बर पर पहुच गया है ऐसे समय देश के प्रधानमंत्री देश की जनता को राहत पहुचाने की बात करने के बजाय भारत की विविधता और देश मे भादों और क्वार महीने में मनाए जाने वाले त्योहारों का बखान करने में आत्म मुग्ध हो रहे है।देश की जनता को अपेक्षा थी प्रधानमंत्री मन की बात में भारत मे होने वाली कुल टेस्टिंग के बारे में बताएंगे कोरोना से देश भर में तैयार बिस्तर चिकित्सा सुविधा वेंटिलेटर आदि पर बात करेंगे लेकिन मोदी तो एक बार फिर चिरपरिचित अंदाज में जुमले बाजी कर गए। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कोरोना से निपटने थाली ताली पिटवाने मोमबत्ती जलाने के बाद मोदी ने कोरोना के पीक समय मे देश के राष्ट्रीय प्रसार माध्यमो में आ कर जिस प्रकार की उदासीनता और लापरवाही दिखाई है वह अक्षम्य और अस्वीकार्य है ।आज देश का हर नागरिक इस वैश्विक महामारी के कारण संकट में है लोगो के रोजगार चले गए है ।आमदनी के साधन चले गए है ऐसे समय देश का प्रधानमंत्री उनको मुंह चिढ़ा रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा ठीक है कोरोना वैश्विक महामारी है लेकिन भारत मे इसके विकराल रूप तक पहुँचने में कहीं न कही मोदी सरकार की लापरवाही भी जिम्मेदार है ।जनवरी में जब विदेश से आने वालों की हवाई अड्डे में स्क्रीनिंग कर क्वारेंटिंन करने की जरूरत थी तब मोदी सरकार ने मध्यप्रदेश सरकार बनाने के लालच और नमस्ते ट्रम्फ की वाहवाही में देश को खतरे में डाल दिया और आज जब कोरोना से लड़ाई की बात आई तो राज्यो को स्वतंत्रता देने के नाम पर खुद पल्ला झाड़ लिया सारी जिम्मेदारी राज्यो पर डाल कर केंद्र बेफिक्र हो गया है ।
रायपुर / शौर्यपथ / पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह द्वारा विधानसभा भवन के शिलान्यास के औचित्य पर सवाल खड़ा किये जाने को कांग्रेस ने उनकी खीझ बताया है । प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पूर्ववर्ती रमन सिंह सरकार की अदूरदर्शिता के कारण वीरान पडी नई राजधानी को आबाद करने नवा रायपुर में नए भवनों ,मंत्रियों के निवास ,मुख्यमंत्री निवास और विधानसभा भवन बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है । नई राजधानी में 7 से 8हजार करोड़ ख़र्च बिना किसी योजना के तत्कालीन भाजपा सरकार ने खर्च कर दिया था ।बड़े बड़े भवन बनाये गए चौड़ी चौड़ी सड़के बनाई गई ,सड़को के किनारे लैंड स्केपिंग करवाया गया गार्डन बनाया गया ,हाउसिंग बोर्ड के माध्यम से कालोनियां बनवा दी गयी ।इतना सब करने के बाद नई राजधानी में आबादी बढ़ाने और लोगो की बसाहट बढ़ाने का कोई प्रयास नही किया गया ।हजारो करोड़ खर्च करने के बाद भी नया रायपुर वीरान पड़ा हुआ है ।वहा बने सरकारी भवन खंडहर में तब्दील होने की कगार पर हैं।सरकार को खाली भवन ,सड़को और गार्डनों के रख रखाव पर लाखों रु खर्च करने पड़ रहे है।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता ने कहा कि यदि रमन सरकार थोड़ी दूरदर्शिता दिखाती नई राजधानी को पूर्ण केपिटल काम्प्लेक्स के रूप में विकसित करती वहाँ मंत्रालय के साथ विधानसभा और मुख्यमंत्री मंत्रियों के निवास ,अधिकारियों के निवास भी स्थानांतरित करवाती तो आज नई राजधानी की स्थिति कुछ और ही होती ।मंत्रालय और सचिवालय तो नवा रायपुर में शिफ्ट कर दिया गया लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों के निवास पुराने रायपुर में ही है लोग घण्टो सफर कर डीजल पेट्रोल जला कर रायपुर से नई राजधानी आते जाते है ।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा किआम आदमी तो नए रायपुर से कट गया। जब पूरा सरकारी अमला वहा चले जाएगा तो स्वाभाविक है कि प्रदेश भर से राजधानी पहुचने वाले लोगो की वहा आमदरफ्त भी बढ़ेगी और नए राजधानी के लिए खर्च किये गए 8 हजार करोड़ रु की कुछ सार्थकता हो सकेगी।
हाउसिंग बोर्ड के द्वारा नए रायपुर में हर वर्ग के लिए आवासीय परिसर का निर्माण किया गया लेकिन लोगो ने उनको खरीदने और वहाँ बसने में रुचि नही दिखाई ।सार्वजनिक यातायात सुविधाओ को विकसित किये बिना बसाहट की कल्पना की गई जिसे लोगो ने नकार दिया ।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
