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भगवान राम की माता कौशल्या के मायके छत्तीसगढ़ से किसी भी साधु-संत,धर्माचार्य को नही बुलाया गया
जब राम मंदिर के भूमिपूजन में अडानी-अम्बानी आ सकते है तो आदिवासी,सतनामी,कबीरपंथी धर्मगुरु क्यो नही
आरएसएस,विहिप और मंदिर निर्माण समिति द्वारा निर्धारित 600 अतिथियों की सूची में राम भगवान के ननिहाल से किसी को आमंत्रित नही किया गया
कोसल राज्य के आदिवासी,सतनामी,कबीरपंथी धर्मगुरुओं को भी दरकिनार किया गया
माता कौशल्या के मायके के मुखिया भूपेश बघेल को सपत्नीक भूमिपूजन में आमंत्रित करना चाहिये
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं प्रदेश सचिव विकास तिवारी ने उत्तर प्रदेश राज्य के पावन नगरी अयोध्या में 5 अगस्त को होने वाले बहुप्रतीक्षित मर्यादा पुर्षोत्तम भगवान राम के मंदिर के भूमि पूजन आयोजन का स्वागत किया है और कहां है कि भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम राजा रामचंद्र का भव्य मंदिर और रामराज्य की कल्पना जो भारतवर्ष के पूर्व युवा प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी ने देखा था और रामलला के पूजन हेतु सालों साल बंद पड़े मंदिर का ताला खुलवाया था जिसके बाद कि पूरे देश और विदेश के राम भक्त राम लला के दर्शन कर सके। 5 दिसंबर को होने वाले अयोध्या के भूमि पूजन कार्यक्रम में मंदिर निर्माण समिति द्वारा पूरे देश से 600 से अधिक लोगों को आमंत्रित किया गया है जिसमें कि अधिकतर आर एस एस विश्व हिंदू परिषद और बड़े औद्योगिक घराने से तालुकात रखते हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य में भारतीय जनता पार्टी का शासन है जिसके की कारण राजनीतिक वैमनस्यता के कारण मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के ननिहाल कौशल प्रदेश जो कि माता कौशल्या का मायका है जहां भगवान राम ने अपने वनवास के अधिकतम समय व्यतीत भी किये हैं और जहां पर विश्व का एकमात्र माता कौशल्या का मंदिर भी है उस कौशल प्रदेश छत्तीसगढ़ राज्य के किसी भी धर्मगुरु साधु संत,धर्माचार्य और प्रदेश प्रमुख को आमंत्रण नहीं दिया गया जबकि छत्तीसगढ़ राज्य बाबा गुरु घासीदास की जन्मस्थली और तपोभूमि है दामाखेड़ा में कबीर पंथ के संस्थापक कबीर दास जी के वंशज निवासरत है और वनवास के समय मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम कौशल राज छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्रों में काफी समय व्यतीत किए हैं जहां के आदिवासी समाज भी प्रभु श्रीराम के पर गहरी आस्था रखते हैं और उन्हें अपना आराध्य भी मानते हैं उसके बावजूद भी ना तो सतनामी समाज के धर्मगुरु ना कबीर पंथ के कबीर साहब के वंशज और ना ही आदिवासी समाज के धर्मगुरु को अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया जिससे कि पौने तीन करोड़ की आबादी वाले भगवान राम के ननिहाल और कौशल्या माता के मायके में निराशा व्याप्त हो गई है।
कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि माता कौशल्या के मायके कौशल राज्य छत्तीसगढ़ के प्रमुख मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा पूरे विश्व में एकमात्र स्थित कौशल्या माता के मंदिर का जीर्णोद्धार करवाने का संकल्प लिया है और निर्माण कार्य शीघ्र अति शीघ्र प्रारंभ होने जा रहा है मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कौशल्या माता के मंदिर निर्माण को तेजी से बनाने के लिए कहा है और उन्होंने कहा है कि आसपास के क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा ताकि पूरे विश्व के राम भक्त अपने आराध्य के ननिहाल कौशल प्रदेश छत्तीसगढ़ आकर माता कौशल्या का दर्शन कर सके और राम वन गमन में भी चल कर अपने आराध्य का सुमिरन कर सकेंगे।
कांग्रेस प्रवक्ता तिवारी ने कहा कि राजनीति से ऊपर उठकर मंदिर निर्माण समिति आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद को तत्काल माता कौशल्या के कौशल प्रदेश छत्तीसगढ़ राज्य के मुखिया भूपेश बघेल को सपत्नीक अयोध्या के राम मंदिर भूमि पूजन के कार्यक्रम में सम्मिलित होने का निमंत्रण भेजना था ताकि व माता कौशल्या के जन्म भूमि की पावन रज को अयोध्या ले जाकर भगवान राम के मंदिर के भूमि पूजन पर अर्पित कर सकें साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य के सतनामी समाज कबीरपंथी समाज और आदिवासी समाज के धर्म गुरुओं को भी निमंत्रण भेजना चाहिए ताकि वह भी अयोध्या पहुंचकर भगवान श्री राम के मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होकर माता कौशल्या के मायके का प्रतिनिधित्व कर सके।
दुर्ग । शौर्यपथ । प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने प्रदेश के भाजपा नेताओं को नियमित रूप से मेडिटेशन और योग शिविर में जाने की सलाह दी है। भूपेश सरकार के खिलाफ भाजपा नेताओं की लगातार अनर्गल बयानबाजी पर राजेंद्र ने कहा कि ध्यान-योग करने पर उन्हें 15 साल की सत्ता से हटने के दर्द से उबरने में मदद मिलेगी। उन्हें रमन सरकार की नाकामियों पर आत्मचिंतन करने का सुअवसर मिलेगा। 18 माह की भूपेश सरकार की उपलब्धियां भी साफ-साफ दिखने लगेगी। राजेंद्र ने कहा कि भाजपा की सरकार हमेशा उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने वाली योजनाएं शुरू करती है, जबकि कांग्रेस सरकार हमेशा गरीबों, आदिवासियों और किसानों समेत हर वर्ग के लोगों को सीधा फायदा पहुंचाती है। प्रदेश की जनता के साथ 15 साल तक भाजपा शासनकाल में छलावा होता रहा। भाजपा शासनकाल में भ्रष्टाचार कर प्रदेश की खनिज-वन संपदा को लूटने के साथ विकास कार्यों में कमीशनखोरी का खेल चलता रहा। रमन सरकार ने जनता के हित में ठोस फैसले नहीं किए। किसानों, आदिवासियों, महिलाओं समेत हर वर्ग के साथ रमन सरकार ने धोखा किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सिर्फ 18 माह के कार्यकाल में प्रदेश के हर वर्ग को राहत देने के फैसले किए हैं। इनकी तारीफ करने की बजाय भाजपा नेता ऊलजलूल बयानबाजी कर रहे हैं। राजेंद्र ने कहा कि भाजपा नेता आदिवासियों के हितों का संरक्षण करने की सलाह दे रहे हैं। सच ये है कि रमन सरकार ने आदिवासियों की जमीन जबरन छीनकर उद्योगपतियों को आवंटित कर दी थी, मगर वहां कई साल तक उद्योग नहीं लगाया गया। भूपेश सरकार ने आदिवासियों की जमीन वापस दिलाने का काम किया है। गरीब और भूमिहीन आदिवासियों को वन अधिकार पट्टा दिलाने का काम भूपेश सरकार ने किया है। देश में सबसे ज्यादा तेंदूपत्ता का समर्थन मूल्य 4 हजार रुपए करने सहित 31 वनोपज की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने का ऐतिहासिक फैसला भी भूपेश सरकार की देन है। आदिवासी इलाकों में सबसे पहले हॉट क्लीनिक, सुपोषण अभियान चलाकर जैसी योजनाएं चलाकर स्वास्थ्य सुविधाएं और पौष्टिक भोजन देने की शुरुआत की गई। प्रदेश के अन्य हिस्सों की तरह आदिवासी इलाकों में भी किसानों को कर्जमाफी, 25 सौ रुपए की दर से धान खरीदी और किसान न्याय योजना का फायदा मिला। राजेंद्र ने कहा कि भाजपा नेता डॉ. रमन सिंह, धरमलाल कौशिक, बृजमोहन अग्रवाल, सरोज पांडेय सहित अन्य भाजपा नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बाबा रामदेव और श्री श्री रविशंकर की सलाह मानकर ध्यान-योग करेंगे तो आत्मचिंतन करने में मदद मिलेगी। भाजपा नेताओं को पता चलेगा कि भूपेश सरकार ने आदिवासियों के हित में जितने फैसले किए हैं उतने फैसले किसी भी सरकार ने नहीं किए। भाजपा नेताओं को याद रखना चाहिए कि रमन सरकार के कार्यकाल में चरणपादुका और जर्सी गाय वितरण को लेकर हुए भ्रष्टाचार के साथ-साथ आदिवासियों के शोषण का सच अभी लोग भूले नहीं हैं।
राज्य सरकार से ईष्या में जनता से दुश्मनी निकाल रहे भाजपाई
सवाल पूछने का इतना ही शौक तो मोदी से पूछे देश मे इतने मरीज क्यो बढ़ रहे
रायपुर /शौर्यपथ / नेता प्रतिपक्ष धर्मलाल कौशिक सहित भाजपा नेताओं द्वारा कोरोना को ले कर की जा रही बयान बाजी को कांग्रेस ने गैर जिम्मेदाराना बताया है।प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा के नेता राजनैतिक विद्वेष के कारण गलत बयानी कर जनता में कोरोना के प्रति और भय फैला रहे है । राज्य सरकार कोरोना की रोकथाम और पीड़ितों के इलाज के पूरे इंतजाम कर रही है ।प्रदेश में जांच के व्यापक इंतजाम किए गए है ।मरीजो के इलाज के लिए राज्य के सभी जिला अस्पतालों ,प्रदेश के सभी 6मेडिकल कालेजों सहित अम्बेडकर अस्पताल ,एम्स के अलावा माना कोविड अस्पताल ,राजधानी के इनडोर स्टेडियम तथा रावभाठा के इएसआईसी के अस्पताल में कोविड के इलाज की व्यवस्था की गई है प्रदेश में 140 कोविड सेंटर की भी व्यवस्था की गई है ।राज्य में लगभग 22000 बेड कोविड के लिए उपलब्ध है। राज्य सरकार ने कोविड से इलाज और बचाव के पुख्ता इंतजाम किए है । बढ़ते संक्रमण की रोक थाम के लिए राज्य के संक्रमण वाले जिलो में लॉक डाउन भी लगाया गया है ।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा के नेता संकट के इस समय भी राजनीति करने से बाज नही आ रहे ।सकारात्मक सहयोग करने के बजाय तथ्यहीन झूठे आरोप लगा राज्य में मरीजो के इलाज की प्रयाप्त व्यवस्था नही होने की गलत जानकारियो के बयान दे कर भय का माहौल पैदा कर रहे हैं ।जबकि राज्य में सभी मरीजो के इलाज की पूरी व्यवस्था है सबके बेहतर इलाज हो भी रहे है ।
राज्य सरकार के प्रभावी इंतजाम का ही नतीजा है आज छत्तीसगढ़ में कोरोना मरीजो का रिकवरी रेट देश के राष्ट्रीय औसत से अधिक है।छत्तीसगढ़ में मृत्यु दर भी देश के अन्य राज्यो की अपेक्षा बहुत कम है।
कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा नेताओं को सवाल पूछने का इतना ही शौक है तो वे देश के प्रधान मंत्री से सवाल पूछे जब पूरे देश मे कोरोना के पांच हजार भी मरीज नही मीले थे तब तो मोदी सुबह शाम टीवी चैनलों पर आ कर चिंता व्यक्त करते थे आज देश मे हर रोज लगभग एक लाख मरीज मिल रहे तो मोदी जी की बोलती क्यो बन्द हो गयी ? मोदी सरकार ने कोरोना के इस संकट में देश की जनता को अकेले छोड़ दिया।राज्य सरकारें अपने संसाधनों से इस संकट से जूझ रही है ।केंद्र सरकार तो अब कोरोना से लड़ने का दिखावा करना भी बंद कर चुकी है ।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि बात बात में केंद्रीय मदद की दुहाई देने वाले भाजपा के नेता बताये की राज्य सरकार द्वारा कोरोना से निपटने के लिए मांगे गए 30 हजार करोड़ के पैकेज के समर्थन में केंद्र के समक्ष क्या पहल किया ?भाजपा के नेता बताये कोरोना से लड़ने के लिए राज्य के लोगो के लिए केंद्र से उन्होंने क्या सहयोग मांगा ?कितने टेस्टिंग किट कितने मेडिकल उपकरण वेंटिलेटर पीपीई किट आदि के बारे में मांग कर दिलवाया ।छत्तीसगढ़ से भाजपा के एक केंद्रीय मंत्री 9 लोकसभा और 3राज्यसभा के सदस्य है । राष्ट्रिय भाजपा के तीन पदाधिकारी है लेकिन किसी ने भी राज्य के लोगो के हित में केंद्र से न कोई मदद मांगी न ही अपने प्रभाव का उपयोग के किसी भी प्रकार का मदद दिलवाया ।सब के सब राज्य सरकार से दलीय ईर्ष्या में राज्य की जनता से दुश्मनी निकाल रहे ।
रायपुर /शौर्यपथ / गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी पर विपक्ष पार्टी भाजपा के वार पर पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों के हित में, मजदूरों के हित मे, पशुपालकों के हित मे गोबर खरीद रहे हैं तो रमन सिंह जी को तकलीफ होना स्वभाविक है, ईष्र्या होना स्वाभाविक है। रमन सिंह जी के कार्यकाल में तो एक नहीं अनेकों जगह करोड़ों रुपए का घोटाला गौशाला के नाम पर भाजपा नेताओं ने किया और गाय के मांस के लिए, गाय की चमड़ी के लिए गाय की हत्या का जघन्य कृत्य रमन सिंह जी के 15 साल के कार्यकाल में हुआ।
रमन सिंह जी यह बताएं कि उनको राज्य के खजाने की याद क्यों नहीं आई? मुंबई से करीना कपूर को सेल्फी खिंचवाने के लिए राज्य के खजाने का करोड़ों रूपए खर्च किए गए तब उन्हें राज्य की याद क्यों नहीं आई? डेढ़ सौ करोड़ रुपए वाले बजट वाले जनसंपर्क विभाग में रमन सिंह जी के प्रभारी मंत्री रहते हुए साढ़े 400 रू. खर्च किए गए, कांग्रेस के खिलाफ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी उस समय प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष थे उनके खिलाफ साजिश रचने के लिए जनसंपर्क का पैसा बर्बाद किया गया तब रमन सिंह जी को राज्य के खजाने की याद क्यों नहीं आई?
प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि दरअसल रमन सिंह जी 2018 के चुनाव की हार के बाद भाजपा में अप्रासंगिक हो गए हैं भाजपा का कोई भी सच्चा कार्यकर्ता और नेता उनको पसंद नहीं कर रहा है पार्टी में अपनी जगह बनाए रखने के लिए रमन सिंह इस तरह की बयान बाजी कर रहे हैं और खबरों में बने रहना चाहते हैं
दुर्ग / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री निवास के सामने बेरोजगार युवक हरदेव सिन्हा द्वारा आत्मदाह करने व उपचार के दौरान उनकी मौत होने के मामले को लेकर आज प्रदेश भाजयुमो के निर्देशानुसार जिला भारतीय जनता युवा मोर्चा अध्यक्ष दिनेश देवांगन के नेतृत्व में लॉकडाउन के बीच कलेक्ट्रेट पहुंचकर मृत युवक हरदेव सिन्हा को 50 लाख रुपए मुआवजा एवं परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग को लेकर सीएम के नाम ज्ञापन सौंपकर बेरोजगारो को नौकरी व भत्ता देने का वादा पूरा करने कांग्रेस सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया।इस अवसर पर भाजयुमो जिला महामंत्री नितेश साहू, जिला उपाध्यक्ष राहुल पंडित जिला मंत्री राहुल दीवान जिला प्रचार मंत्री राजा महोबिया उपस्थित थे
जिले में कोरोना संक्रमण रोकने 8 दिन के लॉकडॉउन के बीच आज इस मुद्दे पर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में भाजयुमो द्वारा सरकार के नाम ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराए जाने के कार्यक्रम के तहत जिला युवा मोर्चा द्वारा कलेक्टर सर्वेश्वर भूरे की अनुमति से जिला भाजयुमो के पांच पदाधिकारियों का दल जिला अध्यक्ष दिनेश देवांगन के नेतृत्व में कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर एसडीएम रविराज ठाकुर को ज्ञापन सौंपा इस अवसर पर जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष दिनेश देवांगन ने कहा कि बेरोजगारी से नवयुवक हताश परेशान हो रहे हैं और सरकार शराब में मस्त है। छत्तीसगढ़ के युवाओं को बेरोजगारी भत्ता, शासकीय नौकरियां, समूह ऋण माफी जैसे सब्जबाग दिखा कर सत्ता में आये कांग्रेस के नेता अब उन्ही युवाओं महिलाओं और बेरोजगार नोजवानों पर आंखें तरेर रही है। रोजगार की गुहार लेकर मुख्यमंत्री निवास पहुंचे युवा नौजवान से मुख्यमंत्री नही मिले, जिससे व्यथित होकर हरदेव सिन्हा ने आत्मदाह जैसा हृदयविदारक कदम उठा लिया। जिनकी आज मृत्यु हो गयी।
उन्होंने कहा कि निश्चित ही कांग्रेस सरकार द्वारा बेरोजगारों को शासकीय नौकरी या भत्ता देने का वादा पूरा नही करना जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री, उनके सलाहकार और अमला थोड़ी भी संवेदनशीलता दिखाते तो आज एक बेटी विधवा नही होती, एक पिता अपना जवान बेटा नही खोता, एक छोटे से बच्चे के सर से उसके पिता का साया नही उठता। हरदेव किस कदर परेशान रहा होगा तब वह मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी तकलीफ बताना चाह रहा था। परंतु उसे कहां पता था कि उस बंगले में निर्दयी लोग रहते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक वकील की हत्या पर कांग्रेस के सभी राष्ट्रीय नेता चिल्ला उठते हैं, यहां तक की मुख्यमंत्री योगी जी पर घृणित निजी आक्षेप करने, कांग्रेस प्रवक्ता द्वारा योगी जी की संतान नहीं होने जैसा अशोभनीय और अभद्र आक्षेप तक करने लगते हैं, लेकिन कांग्रेस शासित राज्य में ऐसी घटनाओं पर कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी पर क्या कहा जाय? भाजयुमो जिला अध्यक्ष दिनेश देवांगन ने आगे कहा कि भाजपा, कांग्रेस की तरह अभद्र आक्षेप नहीं कर सकती लेकिन यह तो पूछ ही सकती है कि इतने दर्दनाक घटना अपर राहुल गांधी की चुप्पी का आखिर रहस्य क्या है?
भाजयुमो जिला अध्यक्ष दिनेश देवांगन ने कहा कि प्रदेश में कुरीति, कुनीति, कुशासन, कुप्रबंधन चरम पर है। इससे प्रदेश के युवा छला हुआ महसूस कर रहे हैं जिसकी परिणति प्रदेश के एक युवा की मृत्यु के रूप में सामने आयी। सरकार की तो निर्लज्जता देखिए, आत्मदाह करने वाले नवयुवक को प्रदेश सरकार में बैठे कांग्रेस के नेता मानसिक रोगी साबित करने की जुगत में लग गए थे। सरकार में आकर लूटखसौट करने के लिए कांग्रेस के ये नेता किस हद तक गिर सकते हैं, हरदेव सिन्हा के आत्मदाह से निधन ने यह फिर साबित किया है। सरकार में आने के लिए इन लोगों ने क्या कुछ झूठे वादे नही किये। इनके नेता राहुल गांधी में यदि जरा भी इंसानियत मानवता सद्भावना बाकी हो तो वे तत्काल भूपेश बघेल से इस मृत्यु की पूरी रिपोर्ट तलब करें।
भाजयुमो नेता दिनेश देवांगन ने कहा कि हरदेव जी के परिवार के साथ भारतीय जनता पार्टी की गहरी संवेदना है। भारतीय जनता युवा मोर्चा सरकार से यह मांग करती है कि हरदेव सिन्हा के परिवार को 50 लाख बतौर मुवावजा और पत्नी को शासकीय नौकरी तत्काल दिया जाय। सरकार अपने किये वादों को शीघ्र पूर्ण करे। साथ ही ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो इसलिए युवाओं को रोजगार,भत्ता आदि देने के वादे शीघ्र पूरा करे अन्यथा भाजयुमो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन करेंगी।
रक्षा बंधन जैसे पवित्र रिश्ता में भी राजनीति करने से नहीं चुकते भाजपा के नेता एवं नेत्रियां - फूलोदेवी नेताम
रमन सिंह को सरोज पांडे ने 15 सालों में राखी भेज कर शराब बंदी की मांग क्यों नहीं की ? क्या रमन पर सरोज को विश्वास नही था।
रायपुर / शौर्यपथ / राज्य सभा सांसद सरोज पांडे को अचानक से रिश्तेदारी याद कैसे आई राज्य सभा सांसद एवं महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती फूलों देवी नेताम ने कहा कि रक्षा बंधन जैसे पवित्र रिश्ता में भी राजनीति करने से नहीं चुकते है भाजपा के नेता एवं नेत्रियां। राजनीति में बने रहने के लिये भाई बहन के रिश्तों पर भी ओछी राजनीति कर रहे है।
फूलों देवी नेताम ने कहा कि 15 साल तक भारतीय जनता पार्टी के शासन रहा क्या इन 15 सालों में सरोज पांडे ने रमन सिंह को राखी भेजकर शराब बंदी की मांग क्यों नही की ? क्या सरोज पांडे को रमन सिंह पर विश्वास नहीं था। लम्बे समय तक छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी का शासन था तब सरोज पांडे को याद नहीं आई शराब बंदी की। राखी जैसे पवित्र त्यौहार को राजनीति करण करने में भी नही चुके मानना पडेगा।
फूलोदेवी नेताम ने कहा सरोज पांडे को छत्तीसगढ़ वासियों का चिंतन यदि होता तो प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर छत्तीसगढ़ राज्य को भी गरीब कल्याण योजना में शामिल करने के लिये कहती केन्द्र के भारतीय जनता पार्टी के सरकार छत्तीसगढ़ राज्य को गरीब कल्याण योजना में शामिल ना कर छत्तीसगढ़ के गरीब मजदूरों के साथ अन्याय किए सरोज पांडे को जिस समय छत्तीसगढ़ वासियों के प्रति अपना कर्तव्य निर्वाह करने का समय आता है उस समय पांडे गुमशुदा हो जाती हैं।
फूलोदेवी नेताम ने कहा केंद्र सरकार के गलत नीति के कारण महंगाई ने लोगों का कमर तोड़ दिया है । डीजल, पेट्रोल के मूल्य में बेताहाशा वृद्धि होने से आम जनता परेशान है दैनिक जीवन के आवश्यक वस्तुओं के दामों में वृद्धि होती जा रही है। महिलाएँ बहुत परेशान है बढ़ती हुई महंगाई से घर का बजट असंतुलित हो गया है ।संकट के समय में केंद्र सरकार से राहत एवं सहायता की अपेक्षा रखते है जनता लेकिन केंद्र सरकार जनता को राहत देने के बजाय महंगाई का अौर अतिरिक्त बोझ थोप रही हैं सरोज पांडे जी क्या आपने कभी बढ़ती हुई महंगाई को कम करने के लिये नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा। महिलाओं के बारे में आपको इतना अधिक चिंता है तो आप बताये कोरोना काल के विषम परिस्थितियों में महिलाओं के लिये आपने क्या किया ।
फूलोदेवी नेताम ने कहा कि सरोज पांडे ने छत्तीसगढ़ के मुख्य मंत्री भूपेश बघेल को राखी भेजकर साबित कर दिया कि मा. भूपेश बघेल के ऊपर बहुत ही ज्यादा विश्वास है नेताम ने कहा कि सिर्फ सरोज को नहीं छत्तीसगढ़ के प्रत्येक महिलाओं को बघेल जी के ऊपर विश्वास एवं भरोसा है । इतने कम समय में कांग्रेस सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लिए और इन ऐतिहासिक निर्णय के कारण आज छत्तीसगढ़ मे सब तरफ खुशहाली हैं । हर वर्ग के लोग खुश है। कोई भी नही सोचे थे कि गोबर के भी पैसे मिलेगें। ग्रामीण महिलाओं में भी अलौकिक आत्मविश्वास आ गया है ।
दुर्ग / शौर्यपथ / नगर निगम के पूर्व महापौर चंद्रिका चंद्राकर ने आज दुर्ग शहर विधायक अरुण वोरा पर कोविड 19 के तहत 14 दिनों के होम कवांराटाईन नियम का खुलेआम उलंघन करने व जिला प्रशासन द्वारा इस पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि अब राज्य में कोरोना संक्रमण तेजी बढ़ रहा है तथा राज्य सरकार द्वारा कल से 8 दिनों लॉक डॉउन कर आम लोगों के लिए कड़ाई करने जा रही है तब वहीं देश के सबसे संक्रमित राज्य दिल्ली से लौटने के पश्चात नियमानुसार होम कवांराटाईन होने के बजाए विधायक महोदय द्वारा खुलेआम अपनी ही राज्य सरकार द्वारा बनाए गए नियम का धज्जियां उड़ाते हुए अपने स्वागत से लेकर भंडार गृह निगम अध्यक्ष पदभार लेने तक मुख्यमंत्री से लेकर मंत्रियों तक और यहां शहर में स्थानीय स्तर पर महापौर जनप्रतिनिधि व आम लोगों से प्रतिदिन संपर्क कर जिस प्रकार सत्ता का दुरुपयोग कर जन समान्य के स्वास्थ्य को खतरे में डालने का प्रयास किया है वह अत्यंत निंदाजनक है और इस पर कड़ी कारवाही होनी चाहिए ।
इस सम्बन्ध में प्रेस को जारी एक वक्तव्य में पूर्व महापौर चंद्रिका चंद्राकर ने आज विधायक वोरा पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि जब से प्रदेश में भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार बनी है तब से दुर्ग विधायक निरंकुश हो गए है निगम से लेकर प्रशासन तक शहर के प्रत्येक कार्यों में अपनी दबदबा दिखाने व वाहवाही लूटने की राजनीति के चलते वे नियम कानून को भी ताक में रखने से परहेज़ नहीं कर रहे है जिसका ताजा उदारहरण आज जनता ने भी देख लिया है कि किस प्रकार वे अपने पद व प्रभाव का दुरुपयोग कर जनस्वास्थ्य को खतरे में डाल रही है एक तरफ जब पूरी दुनिया कोराना के वैश्विक महामारी से जूझ रहा है तथा अब प्रदेश में भी यह वायरस तेजी फैल रहा है तब प्रशासन द्वारा आम जनता पर सख्ती बरती जा रही है लेकिन सरकार में बैठे लोगों द्वारा जब नियम कानून तोड़ी जा रही हो तो उस पर आखे बन्द कर ली जाती है यह आम व खास में फर्क नहीं होनी चाहिए पूर्व महापौर ने आगे कहा कि देश की राजधानी दिल्ली इस समय सबसे ज्यादा कोरॉना संक्रमित राज्यो में से एक है यहां की भूपेश बघेल सरकार ने ही यह नियम बनाए है कि कोई भी व्यक्ति जब दूसरे राज्य से लौटेंगे तो उन्हें नियमतः 14 दिनों के लिए होम कवांराटाईन होना अनिवार्य है पर यहां विधायक महोदय ने तो सारे हदे पार कर दी है दिल्ली से लौटने के दूसरे दिन राज्य शासन में बेवरेज निगम अध्यक्ष बनने की खुशी में लोगो के स्वास्थ्य को भी दरकिनार कर अपने स्वागत कराने न केवल निगम कार्यालय में भीड़ इकट्ठा किया और महापौर सहित तमाम अधिकारी व जनप्रतिनिधि से मिले बल्कि राजधानी में मुख्य मंत्री से भी मिल आए और उनके घर पर खाद्य मंत्री तक पहुंच गए वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा खानापूर्ति करते हुए 4 दिनों बाद घर के पिछले दरवाजे में होम कवारानिय का सूचना चस्पा करना और उसके बाद भी विधायक महोदय द्वारा राजधानी जाकर मंत्री व अपने समर्थकों की मौजूदगी में कार्यभार ग्रहण करना यह सरासर नियम कानून का धज्जियां उड़ाना है इस पर सरकार व प्रशासन को जवाब देना चाहिए कि जब वह लॉक डॉउन कर गरीबों से लेकर आम जन को घर से निकलने पर प्रतिबंधित कर रहे है तो नियम तोड़ कर खुलेआम घूमने वाले विधायक पर क्या कार्यवाही करेंगे यह आम व खास का भेदभाव बन्द करना चाहिए पूर्व महापौर चंद्रिका चंद्राकर ने जिला प्रशासन से मांग कि है कि वे कोरोना के मामले पर भेदभाव पूर्ण कार्यवाही बंद कर कोवीड 19 नियम का उलंघन करने वाले विधायक अरुण वोरा के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करते हुए उनके संपर्क में आने वाले सभी राजनेताओं व जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को भी होम कवांराटाईन करने की मांग की है।
आदिवासी विरोधी रमन सरकार में 15 साल तक मंत्री रहे बृजमोहन अग्रवाल बताएं उस दौरान आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार पर मौन क्यों थे?
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा योजना के जरिए कर रही है तेंदूपत्ता संग्राहको की हितों की रक्षा
रायपुर / शौर्यपथ / पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक बृजमोहन अग्रवाल के बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि आदिवासी विरोधी रमन भाजपा शासनकाल में 15 साल तक मंत्री रहे बृजमोहन अग्रवाल बताये उस दौरान आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार,आदिवासियों के कानूनी अधिकारों के हनन पर मौन क्यों थे?उनकी बोलती क्यो बंद थी?भाजपा नेता पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को मोदी सरकार के द्वारा तेंदूपत्ता संग्राहको की बीमा योजना बंद करने पर सवाल जनजाति मामलों के राज्यमंत्री रेणुका सिंह से पूछना चाहिए? मोदी सरकार के द्वारा तेंदूपत्ता संग्राहको की बीमा योजना बंद करने पर जनजाति मामलों के राज्यमंत्री रेणुका सिंह,राज्यसभा सदस्य रामविचार नेताम,सांसद गोमती साय, सांसद मोहन मंडावी,सहित भाजपा के सांसद मौन क्यों हैं ?जीवन बीमा निगम के माध्यम से दो बीमा योजना संचालित होती रही आम आदमी बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना बीमा योजना की 50% राशि भारत सरकार 37.5% राशि राज्य सरकार और 12.5% राशि छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी वनोपज संघ के द्वारा वहन किया जाता था।बीमा योजना हेतु राज्य सरकार ने 2019-20 के लिए प्रीमियम राशि जमा करने के लिए ₹13.20करोड़ का प्रावधान बजट में रखा था लेकिन मोदी सरकार तेंदूपत्ता संग्राहको के बीमा प्रीमियम का 50%राशि जमा करने के बजाय बीमा योजना को ही बंद कर दिया।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि 15 साल के रमन भाजपा शासनकाल के दौरान भी अनुसूचित जाति जनजाति के हक अधिकार एवं पांचवी अनुसूची क्षेत्रों के मिले अधिकारों का हनन किया गया। आदिवासियों के जल जंगल जमीन को हथियाने के लिए निरंतर भाजपा शासनकाल में पांचवी अनुसूची क्षेत्रों को मिले कानूनी अधिकारों का हनन किया गया। उस दौरान भी वर्तमान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय मौन थे और आज भी मोदी सरकार के द्वारा अनुसूचित जाति जनजाति वर्गों के हक अधिकार को खत्म किया जा रहा है तब भी मौन है?
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि बृजमोहन अग्रवाल 15 वर्ष रमन सिंह सरकार में मंत्री रहे और तब उन्हें आदिवासी हित की याद क्यों नहीं आई ? भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में वादा किया था कि हर आदिवासी परिवार को 10 लीटर दूध देने वाली जर्सी गाय दी जाएगी और और आदिवासी परिवार से एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी । जब भाजपा सरकार ने यह वादे पूरे नहीं किये तब बृजमोहन अग्रवाल को आदिवासी हित की याद क्यों नहीं आई ? 15 वर्ष भाजपा शासनकाल में आदिवासियों पर जो अत्याचार हुए जिस तरीके से आदिवासियों की जमीनों की अफरा-तफरी की गई टाटा प्लांट बंद होने के बाद आदिवासियों की जमीन उनको वापस नहीं की गई मीना खलखो सारकेगुड़ा पेद्दागेलूर झलियामारी एडसमेटा जैसी घटनाओं में आदिवासियों की जान गई, उन पर अत्याचार किये गए तब बृजमोहन अग्रवाल खामोश रहे और अब कांग्रेस की सरकार पर आरोप लगाने के लिए झूठ का सहारा ले रहे हैं इससे ज्यादा दुखद और क्या हो सकता है ?मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने पूर्व के रमन सरकार के द्वारा जबरिया अधिग्रहित की गई 1700 आदिवासी परिवारों के 4000 एकड़ जमीन को लौट आने का ऐतिहासिक काम किया है। तेंदूपत्ता का मानक दर 2500 प्रति बोरा से बढ़ाकर ₹4000 प्रति मानक दर ने खरीदी हुआ। 35 से अधिक वनोपज को समर्थन मूल्य में खरीदने की गई । महामारी संकटकाल में देशभर में कुल 138 करोड़ की वनोपज की खरीदी हुई है। जिसमें छत्तीसगढ़ ने ही 112 करोड़ रुपए का वनोपज खरीदी हुई। भाजपा शासित राज्य मध्यप्रदेश में 81 लाख उत्तर प्रदेश में निरंक,गुजरात में एक करोड़ 73 लाख की वनोपज की खरीदी हुई है।
दुर्ग । शौर्यपथ । छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने गोधन न्याय योजना को लेकर भाजपा नेताओं की बयानबाजी का तीखा जवाब दिया है। राजेंद्र ने कहा कि वर्षों से राजनीति करने के बावजूद कई भाजपा नेताओं की समझ विकसित नहीं हो पाई है। भाजपा नेताओं को योग और ध्यान करना चाहिए ताकि उनकी समझ विकसित हो सके। राजेंद्र ने कहा कि पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर सहित अन्य भाजपा नेताओं का ऊलजलूल बयान छत्तीसगढ़ की जनता और गौमाता का अपमान है। राजेंद्र ने कहा कि हमारे पुरखों ने हरियर छत्तीसगढ़, खुशहाल छत्तीसगढ़, सुग्घर छत्तीसगढ़ और समृद्ध छत्तीसगढ़ का सपना देखा था। भूपेश सरकार ने नरवा, गरूवा, घुरवा अऊ बारी योजना के बाद किसान न्याय योजना लागू कर उन सपनों को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। गोबर खरीदने के निर्णय से भूमिहीन और पशुपालकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इस योजना से गांव आत्मनिर्भर बनेंगे। अनाज का उत्पादन भी बढ़ेगा। राजेंद्र ने तीखे लहजे में कहा कि गौमाता की रक्षा का ढोंग करने वाले भाजपा नेता गोधन न्याय योजना को लेकर ऊलजलूल बयान दे रहे हैं। 15 साल तक रमन सरकार के कार्यकाल में गौरक्षा के नाम पर सिर्फ भ्रष्टाचार हुआ। सच ये है कि भाजपा सरकार में गौशाला के नाम पर चारा घोटाला किया गया। इसमें भारी भ्रष्टाचार हुआ। सैकड़ों गायों की मौत भूख से हो गई। भूपेश सरकार ने गौठान बनाकर गौमाता के चारे-पानी की बेहतर व्यवस्था की है। भाजपा नेताओं पर आरोप लगाते हुए राजेंद्र ने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने उन्हीं योजनाओं को लागू किया, जिसमें उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के साथ बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की संभावनाएं थी। रतनजोत के बीज से डीजल बनाने की योजना में करोड़ों रुपए खर्च कर एक लीटर भी डीजल नहीं बना। मोबाइल वितरण योजना से अंबानी की कंपनी को लाभ पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि भूपेश सरकार ने किसानों का कर्ज माफ करने के अलावा 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, हाफ बिजली बिल जैसी योजनाएं लागू की है और अब गोबर खरीदने की योजना से किसानों और आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा। बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने में माहिर भाजपा नेता जनहितैषी योजनाओं को पचा नहीं पा रहे हैं, क्योंकि यह योजना शुद्ध रूप से ग्रामीणों, युवाओं और महिलाओं को लाभ देने वाली योजना है। राजेंद्र ने कहा कि गोधन न्याय योजना की तुलना शराब दुकान से करना भाजपा नेताओं की ऊलजलूल बयानबाजी का नमूना है। भाजपा नेताओं का यह बयान उनकी विकृत मानसिकता को दर्शाता है। छत्तीसगढ़ की जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। -0-
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
