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दुर्ग । शौर्यपथ । दुर्ग शहर मध्य ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अलताफ अहमद ने कृषि विधेयक को लेकर केंद्र सरकार के दावे को झूठा करार दिया है। अलताफ ने कहा कि यह विधेयक पूरी तरह किसान विरोधी है। केंद्र सरकार की नीतियों से देश के करोड़ों किसानों का विश्वास उठ चुका है। कृषि प्रधान देश में पूरी खेती की व्यवस्था को मोदी सरकार ने कार्पोरेट जगत के हवाले कर दिया है। केंद्र सरकार अगर वास्तव में किसानों का हित चाहती है तो पूरे देश में भूपेश सरकार की नीतियों को लागू करना चाहिए। अलताफ ने कहा कि मोदी सरकार के इस बिल से किसान तबाह हो जाएंगे। विधेयक लागू होने के बाद देश के किसान फसल की पैदावार के लिए जी-तोड़ मेहनत करेंगे और इसका मुनाफा बड़े औद्योगिक-व्यवसायिक घराने कमाएंगे। अलताफ ने सवाल किया कि अगर यह बिल किसानों के फायदे के लिए है तो हरियाणा, पंजाब, मप्र सहित अन्य राज्यों में किसान बिल के विरोध में सड़कों पर आंदोलन किसलिए कर रहे हैं। अलताफ ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों से कर्जमाफी और 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का वादा किया था। यह वादा सरकार बनाने के दो दिनों के भीतर लागू कर दिया गया। दूसरी ओर मोदी सरकार ने 6 साल पहले लोकसभा चुनाव में किसानों की आय दोगुना करने का वादा किया था। यह वादा आज तक पूरा नहीं किया गया। केंद्र सरकार के किसान विरोधी फैसलों के कारण बड़े राज्यों में किसान आत्महत्या कर रहे हैं। अलताफ ने कहा कि मोदी सरकार अगर किसानों का भला चाहती है तो धान, गेहूं, मक्का,जौ सहित सभी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने का फैसला करे। केंद्र सरकार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की किसान नीतियों को पूरे देश में लागू करना चाहिए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के फैसलों से छत्तीसगढ़ के किसान बेहद खुश हैं। केंद्र सरकार को भी भूपेश सरकार की नीतियों को फालो करना चाहिए। -0-0-0-0-
दुर्ग / शौर्यपथ / नगर निगम की सामान्य प्रशासन विभाग की प्रभारी जयश्री जोशी ने भाजपा पार्षदों के आरोपो का जवाब देते हुए दोहराया है कि शहर में बार-बार पानी सप्लाई बंद होने और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था ठप होने के लिए पिछले 20 साल में पूर्व महापौरों की कार्य प्रणाली जिम्मेदार है। जयश्री ने कहा कि शहरवासियों की फिक्र किए बगैर जिस तरह से 20 साल तक नगर निगम का पूरा सिस्टम चौपट रहा। सही मायनों में जनता की समस्याएं दूर न करने के कारण ही शहर का समग्र विकास नहीं हो पाया।
जयश्री ने कहा कि भाजपा पार्षदों को 20 साल के कार्यकाल का महिमा मंडन करने से पहले यह स्पष्ट कर दें कि अगर बहुत अच्छे काम किए गए हैं तो दुर्ग में भाजपा विधानसभा और दुर्ग नगर निगम चुनाव में कैसे हार गई। जयश्री ने तंज कसते हुए कहा कि पिछले कार्यकाल में महापौर चंद्रिका चंद्राकर के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाने वाले भाजपा पार्षद बताएं कि खुद के वार्ड में वे अपने पति रत्नेश चंद्राकर को क्यों नहीं जिता पाई।
जयश्री ने कहा कि बीते 20 वर्षों के कार्यकाल में काम नहीं हुआ बल्कि विकास के नाम पर दिखावेबाजी होती रही। कमीशनखोरी चरम पर रही। इसी दिखावेबाजी और कमीशनखोरी के कारण भाजपा की इतनी करारी हार हुई है। जयश्री ने कहा कि उनके द्वारा पूर्व महापौरों पर लगाए गए आरोप नगर निगम की पिछली परिषद के कार्यकाल पर करारा तमाचा है।
राज्य निर्माण के बाद पहली बार दुर्ग शहर में इतनी बेहतरीन प्लानिंग के साथ विकास कार्य हो रहे हैं। जयश्री ने भाजपा पार्षदों से कहा है कि शहर में जनहित का ध्यान रखकर समग्र विकास कैसे होता है, यह जानने-समझने के लिए उन्हें विधायक अरुण वोरा और महापौर धीरज बाकलीवाल से विकास का सबक सीखना चाहिए। 20 साल तक विकास कार्यों को लेकर भाजपा पार्षदों के ज्ञान चक्षु नहीं खुल पाए हैं, तो अब खुल जाएंगे।
जयश्री ने कहा कि उन्होंने भा जपा से पार्षद चुनाव जीता और लोक कर्म प्रभारी बनने के बाद लगातार मेहनत की और सभी 60 वार्डों में लगातार विकास कार्य कराने सक्रिय रही। इसी का नतीजा रहा कि उन्हें दूसरी बार भी लोक कर्म प्रभारी बनाया गया। कठपुतली बनने से इंकार करने और नगर निगम में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ आवाज उठाने के कारण 2014 के चुनाव में भाजपा ने उन्हें सामान्य सीट होने और योग्यता के बावजूद महापौर की टिकट नहीं दी।
जयश्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने सम्मान के साथ इस बार के चुनाव में पार्षद की टिकट दी और एमआईसी प्रभारी बनाया। उनके पार्टी बदलने पर हायतौबा मचाने वाले भाजपा पार्षद बताएं कि मध्यप्रदेश में 22 विधायकों को किसने दलबदल कराया? उन्होंने कहा कि जिनके घर कांच के होते हैं उन्हें हाथ में पत्थर रखने से बचना चाहिए।
दुर्ग / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने केंद्र सरकार के कृषि विधेयक को किसान विरोधी बताते हुए कहा है कि इससे देश के लाखों किसानों को जबर्दस्त आर्थिक नुकसान होगा। राजेंद्र ने कहा कि यह विधेयक किसान विरोधी होने के साथ-साथ जनविरोधी भी है। कृषि विधेयक से कार्पोरेट घराने मुनाफा कमाएंगे जबकि किसान एग्रीमेंट के जाल में फंस जाएंगे। किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य तक नहीं मिल पाएगा।
राजेंद्र ने कहा कि इस विधेयक के लागू होने पर कार्पोरेट घराने किसानों से एग्रीमेंट करेंगे। किसानों की फसल या उपज खरीदकर पूंजीपति घराने जमाखोरी करेंगे। भरपूर भंडारण करने के बाद कालाबाजारी भी करेंगे और मुनाफा कमाएंगे। कार्पोरेट घरानों के शिकंजे में आने से किसानों को अपनी खेती की जमीन से भी वंचित होना पड़ सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि सहकारी समितियां और कृषि उपज मंडी किसानों को संबल प्रदान करते हैं। केंद्र सरकार के विधेयक से सहकारी समिति संस्था और मंडी व्यवस्था धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगी। कृषि विधेयक के आने से सहकारी समितियों के माध्यम से बीज-खाद खरीदी और नगद ऋण लेने की व्यवस्था के साथ समर्थन मूल्य पर फसल खरीदी व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
राजेंद्र ने कहा कि मोदी सरकार ने जीएसटी और नोटबंदी लागू करते समय इसे देश हित में बताया था। दावा किया गया कि इससे महंगाई, बेरोजगारी, कालाबाजारी और आतंकवाद में कमी आएगी। लेकिन इससे गिने-चुने उद्योगपतियों और पूंजीपति घरानों को फायदा हुआ। मोदी सरकार अब कृषि विधेयक लाकर कार्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने का प्रयास कर रही है। राजेंद्र ने दावा किया कि यह विधेयक भी जीएसटी और नोटबंदी की तरह जन विरोधी और किसान विरोधी साबित होगा।
कांग्रेस नेता ने कहा कि मोदी सरकार की विनाशकारी नीतियों के कारण पिछले 6 साल में देश में महंगाई और बेरोजगारी लगातार बढ़ी और अब चरम सीमा पर पहुंच चुकी है। आतंकी गतिविधियां भी बढ़ी हैं। खुले बाजार में 2 हजार रुपए के नोट गायब होने लगे हैं। देश की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। सरकार सार्वजनिक उपक्रमों को निजी हाथों में बेच रही है।
राजेंद्र ने कहा कि अगर मोदी सरकार को वास्तव में किसानों की फिक्र है और किसानों को सही मायनों में लाभ पहुंचाना चाहते हैं तो किसानों की हर फसल का समर्थन मूल्य ज्यादा से ज्यादा बढ़ाने का साहसिक फैसला करें। पूरे देश में किसानों की हर फसल की खरीदी बढ़े हुए समर्थन मूल्य पर करने से संबंधित विधेयक लाएं। केंद्र सरकार किसान विरोधी कृषि विधेयक लाकर किसानों और देशवासियों पर कुठाराघात करने वाले फैसले लेना बंद करे।
दुर्ग / शौर्यपथ / कगना रनौत को दिए जा रहे वाई श्रेणी सुरक्षा पर और प्रियंका गाँधी के सुरक्षा हटाने पर प्रदेश कांग्रेस महामंत्री राजेन्द्र साहू ने केंद्र सरकार की दोहरी मानसिकता की निति पर वार करते हुए कहा कि माना आज देश में भाजपा की सरकार ने एक महिला के सुरक्षा के लिए वाई श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है किन्तु क्या ऐसी ही भावना देश की अन्य महिलाओं के लिए भी केंद्र सरकार ने अपनाई है . कौन है कंगना जिसे केंद्र ने एक प्रदेश के मुखिया सहुए बहस के कारण वाई श्रेणी की सुरक्षा प्रदान कर दी जबकि इसी देश में एक महिला ऐसी है जिसके पिता की ही नहीं दादी की भी क्रूर तरीके से हत्या हुई और देश की विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी की नेता है जिनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की होनी चाहिए किन्तु सरकार द्वारा एक ऐसी महिला को सुरक्षा देने में इतनी तत्परता सिर्फ इस लिए कि सरकार के पुराने दोस्त जो वर्तमान में राजनैतिक विरोधी है के खिलाफ कंगना मुखर हो रही है क्या कंगना के सहारे महाराष्ट्र में अपने आप को ताकतवार घोषित करने के लिए ये किसी साजिश के तहत हो रहा है जबकि देश की एक बेटी जिसके पूर्वजों ने देश के लिए त्याग और बलिदान किया जिसके दादी और पिता की हत्या हो गयी उसको मिलने वाली सुरक्षा छिन ली गयी मकान ख़ाली करवा दी गई और दूसरी ओर जिस परिवार का देश हित में कोई योगदान नहीं है केंद्र सरकार उसे सुरक्षा दे रही हैं और मीडिया उसे झाँसी की रानी साबित करने में लगी है जो देश का दुर्भाग्य हैऔर इस दुर्भाग्य में केंद्र सरकार परदे से पीछे अपना राजनैतिक खेल खेल रही है . केंद्र सरकार की इस दोहरी निति से भाजपा सरकार की दोहरी मानसिकता ही सामने आ रही है .
दुर्ग / शौर्यपथ / भारत की राजनीती में दुर्ग जिला एक ऐसा जिला है जहा से दोनों ही पार्टी के नेता दिल्ली तक केन्द्रीय राजनीती कर चुके है और दोनों ही दल के नेताओ में कई तरह की समानताये है तो कई विरोधाभास भी . जी हाँ हम बात करते है दुर्ग जिले में दीदी के नाम से मशहूर भाजपा की राष्ट्रिय महासचिव राज्यसभा सांसद डॉ सरोज पाण्डेय की . भिलाई के मैत्री नगर से एक सामान्य परिवार से राजनितिक सफऱ शुरू करने वाली सरोज पाण्डेय ने दुर्ग निगम में 10 साल तक महापौर के रूप में शहरी सरकार चलाई है महापौर रहते रहते विधायक और सांसद के पद में एक साथ विद्यमान रही .
वर्तमान में डॉ. सरोज पाण्डेय भारत ही नहीं दुनिया के सबसे बड़े संगठन में आठ राष्ट्रिय महासचिव में से एक है , साथ ही राज्यसभा की सांसद भी है . सामान्य परिवार से आने के बाद अपने मेहनत के दम पर महापौर , विधायक और सांसद तक का सफऱ भाजपा के राष्ट्रिय महासचिव के सफऱ तक पहुँचाने के बाद भी जारी है . राजनितिक जीवन में कई उतार चढाव आने के बाद भी यहाँ तक एक बार लोकसभा का चुनाव हारने के बाद भी संगठन ने भरोसा कायम रखा और केंद्र की राजनीती में महासचिव के पद पर शोभित किया . डॉ. सरोज पाण्डेय के बाद उनके ही ख़ास समर्थको को दुर्ग निगम में महापौर के रूप में सत्ता हांसिल हुई जैसे कि वर्तमान में विधायक वोरा के समर्थन से ही धिरक बाकलीवाल को महापौर की खुर्सी प्राप्त हुई .
अब बात करे तो शहर के विधायक अरुण वोरा की पिछले 6 चुनाव में कांग्रेस की तरफ से एक ही प्रत्याशी शहर के लिए निर्धारित रहा यानी की 30 साल के राजनितिक जीवन में 3 हार और तीन जीत के बाद भी शहर के विधायक अरुण वोरा है ये भी संभव है कि भविष्य के चुनाव में शहर विधायक के प्रत्याशी के रूप में एक बार फिर अरुण वोरा का नाम आये या हो सकता है कि युवाओ की मांग के अनुसार विधायक पुत्र को टिकिट मिल जाए जो भी हो कांग्रेस की तरफ से एक ही चेहरा या एक ही परिवार को मौका मिलेगा जो की भविष्य में तय होगा किन्तु अगर वर्तमान की बात करे तो लगभग एक साथ राजनीती शुरू करने वाले शहर के लाडले अरुण भैया ( कांग्रेस ) और भाजपा से डॉ. सरोज पाण्डेय उफऱ् दीदी दोनों ने ही राजनीती की शुरुवात लगभग एक साथ की थी किन्तु तब स्थिति बहुत ही अलग थी तब अरुण वोरा देश के कद्दावर नेता मोतीलाल वोरा जो मुख्यमंत्री , राज्यपाल और अखिल भारतीय कांग्रेस के सालो से कोषाध्यक्ष पद पर रहे साथ ही गाँधी परिवार के सबसे करीबी रहे है बावजूद इसके अरुण वोरा दुर्ग की राजनीती से कभी बाहर नहीं जा पाए और दुर्ग तक सीमित रहे . अरुण वोरा के दुर्ग की राजनितिक तक सीमित रहने से दुर्ग का कोई भी कांग्रेसी ब्लाक अध्यक्ष , विधानसभा क्षेत्र का अध्यक्ष , विधायक प्रतिनिधि , सांसद प्रतिनिधि से आगे नहीं बढ़ पाया क्योकि आगे बढऩे के लिए उनके नेता को भी आगे बढऩे का इंतज़ार करना पडा . दुर्ग में आज ऐसे कई कांग्रेसी है जो धीरे धीरे ग्रामीण राजनीती की तरफ तो कोई वैशानी नगर की तरफ तो कोई भिलाई की तरफ रुख कर लिया ताकि आगे बढ़ सके .
जबकि इसके विपरीत दुर्ग जो एक समय कांग्रेस का गढ़ था इस गढ़ में स्व. हेमचंद यादव ने सेंध मारी और सरकार में मंत्री पद पर 10 सालो तक रहे , स्व. हेमचंद यादव भी दुर्ग बैगा पारा के सामान्य यादव परिवार से मंत्री पद तक का सफऱ फिर प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर संगठन में प्रदेश स्तर की राजनीती में सक्रीय रहे . वही भाजपा से दूसरी बड़ी नेत्री के रूप में डॉ. सरोज पाण्डेय आगे बड़ी जो आज भाजपा के केन्द्रीय संगठन में एक महत्तवपूर्ण पद पर है और कई प्रदेशो में प्रभारी की भूमिका का कुशल तरीके से नेत्रित्व भी कर चुकी है . उनके कई समर्थक विधायक तक का सफऱ तय कर चुके है और अपनी एक अलग पहचान बना चुके है . वही दुर्ग कांग्रेस में संगठन की बात करे पद की बात करे या अन्य किसी भी समबन्ध में कांग्रेस की चर्चा हो पिछले 40 सालो से एक ही नाम . दुर्ग कांग्रेस से आज वर्तमान में ऐसा कोई नहीं जो प्रदेश स्तर की राजनीति तो दूर जिले स्तर की राजनीती कर रहा हो ऐसे में वर्तमान में कई कांग्रेसी दबी जुबान में और कई बार तो खुले में भी इस बात को कह चुके है कि दुर्ग में कांग्रेस के कार्यकर्ता के रूप में राजनीती की शुरुवात कार्यकत्र्ता के रूप में ही अंत भी . यह आंकलन पूर्व से लेकर वर्तमान राजीनीतिक स्तर का आंकलन मात्र है भविष्य में कोई और दुर्ग से प्रदेश स्तर या केंद्र स्तर पर भी पहुँच सकता है क्योकि भविष्य किसी ने नहीं देखा किन्तु भूतकाल सबके सामने है .
रायपुर / शौर्यपथ / कांग्रेस ने देश भर में बढ़ रहे कोरोना के प्रकोप से निपटने में केंद्र सरकार को विफल और उदासीन बताया है।प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मोदी सरकार अपने संघीय दायित्वों के निर्वहन में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है ।कोरोना वैश्विक महामारी है ।यह महामारी पूरी दुनिया के साथ भारत मे फैली है ।इस वैश्विक महामारी से निपटने में शुरुआती दौर को छोड़ दिया जाय तो केंद्र सरकार राज्यो पर जबाबदारी डाल कर खुद पल्ला झाड़ चुकी है ।केंद्र सरकार ने संकट के समय देश की जनता को अकेले छोड़ दिया राज्य सरकार अकेले के दम पर इस महामारी से लड़ रही हैं। दुनिया के दूसरे देशों अमेरिका,ब्रिटेन ,फ्रांस,ब्राजील ,जर्मनी आदि ने इस महामारी से एक राष्ट्र के तौर पर सामना किया और सफल भी हो रहे भारत मे मोदी सरकार ने इस लड़ाई राज्यो में बांट दिया एक राष्ट्रीय आपदा के तौर पर लड़ाई शुरू ही नही की गई।
कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि दुर्भाग्य पूर्ण है कि छत्तीसगढ़ के 9 भाजपाई सांसद भी राज्य की जनता के प्रति अपने कर्तब्य को भूल गए है ।केंद्र सरकार से कोरोना की लड़ाई में राज्य को मदद दिलवाने में कोई दिलचस्पी नही ले रहे । आपदा काल मे देश महामारी नियंत्रण अधिनियम लागू है ऐसे में महामारी से निपटने की पूरी जबाबदारी संघीय सरकार की है।केंद्र अपनी जिम्मेदारी से भाग रहा है ।कोरोना के मरीजो का मुफ्त इलाज करवाने की पूरी जबाबदेही केंद्र सरकार की बनती है ।केंद्र सरकार देश भर में कोरोना मरीजो के इलाज और उसके टेस्ट दवाइयों आदि के खर्च की पूरी व्यवस्था करवाये।इलाज की मॉनिटरिंग करवाये लेकिन मोदी सरकार कुछ नही कर रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि आज देश मे 43 लाख से अधिक मरीज हो चुके है ।रोज लगभग एक लाख मरीज बढ़ रहे है ।अभी तक कोविड के प्रकोप से भारत मे 73 हजार लोगों की जाने जा चुकी है इन सबके बावजूद मोदी सरकार बेफिक्र बनी हुई है ।जब देश मे मात्र 5000 मरीज थे तब तो लॉक डाउन और कोरोना से बचाव के लिए प्रधानमंत्री सहित पूरी केंद्र सर चिंतित होने का ढोंग कर रही थी ।आज बिगड़ते हालात और बढ़ते केस के बीच केंद्र सरकार अन लॉक के नियम जारी कर कौन कौन से संस्थान कब कैसे खुलेंगे ।सिनेमा घर माल मल्टीप्लेक्स जिम क्लब कैसे फिर शुरू हो मोदी सरकार इसके लिए एडवायजरी जारी करने में व्यस्त है।
कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मोदी सरकार को कोविड से देश के जनता की बचाव की कोई फिक्र नही है देश भर की राज्य सरकारे अकेले जूझ रही है मोदी सरकार इस संकट के समय शुतुरमुर्ग के समान समस्या से भाग रही है।
रायपुर / शौर्यपथ/ भाजपा नेताओं के द्वारा राज्य सरकार के कोविड-19 नियंत्रण करने के उपायों में कमियां निकाल कर सुझाव देने की जा रही अवसरवादिता की ओछी राजनीति पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया व्यक्त की । प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार कोविड-19 महामारी के रोकथाम एवं इलाज के लिए केंद्र सरकार से तय मापदंडों का पालन कर रही है। छत्तीसगढ़ी और देश के समस्त राज्यों में भी केंद्र सरकार से तय कोविड-19 के मापदंडों का ही पालन किया जा रहा है।ऐसे में भाजपा के नेता राज्य सरकार के उपायों में कमियां निकाल कर सुझाव देने का दिखावा करने की अवसरवादिता की ओछी राजनीति करना बंद करे।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा नेताओं से पूछा क्या मोदी सरकार के द्वारा कोविड-19 से बचाव एवं ईलाज के लिए तय किए गये मापदंडों में कुछ कमी है?क्या राज्य सरकार को मोदी सरकार के कोविड 19 के बचाव के उपायों पर अमल नही करना चाहिए?क्या भाजपा नेताओं के पास मोदी सरकार के द्वारा देशभर के लिए तय की गई कोविड 19 के बचाव के मापदंड से बेहतर उपाय है? भाजपा नेता इन उपायों को मोदी सरकार को क्यो नही देते? कोरोना महामारी काल में लॉक डाउन वन से लेकर अनलॉक तक में क्या खुलेगा क्या बंद रहेगा ये तो केंद्र सरकार तय कर रही है।राज्य सरकार उसका पालन कर रही है।ऐसे में भाजपा के नेता सहयोग करने बजाये बस स्तरहीन राजनीति है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के 19 महीने के कार्यकाल के बाद छत्तीसगढ़ में भाजपा नेता मुद्दों के दिवालियापन के दौर से गुजर रहे है।कोरोना आपदा काल में भी भाजपानेता लगातार राजनीति करने के अवसर तलाश रही है।छत्तीसगढ़ में 30 डेडीकेटेड हॉस्पिटल में 3385 बिस्तर,178 कोविड-केयर में 21500 बिस्तर,आईसीयू, वेंटिलेटर टेस्टलैब और एंबुलेंस आरटीपीसीआर टेस्ट,रैपिड टेस्ट,ऑक्सीमीटर, पॉजिटिव पाये गये मरीजो के लिए आवश्यक दवाईयां खाने पीने का प्रबंध किया गया है।इसके अलावा रायपुर जिला में 10 हजार अतिरिक्त बेड और दुर्ग रायगढ़ बिलासपुर राजनंदगांव में दो-दो हजार अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की जा चुकी है।
दुर्ग / शौर्यपथ / कचांदुर स्थित चंदूलाल चंद्राकर अस्पताल जहां वर्तमान में कोरोना संक्रमित मरीजों को भर्ती कर ईलाज किया जा रहा है यहां की व्यवस्था अत्यंत खराब है यहां मरीजों को न तो समय पर चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध हो पा रहा है और न ही मरीजों के लिए बिछाई गई बेड की चादर 5 से 7 दिनों में भी बदला जा रहा है पूरे हॉल व गैलरी में जगह जगह गंदगी बिखरी पड़ी है वहीं बाथरूम व टायलेट की हालत देखकर स्वस्थ्य व्यक्ति भी बीमार पड़ जाने की स्थिति है फिसलन के कारण मरीज गिर रहे है बदबू से दम घुट रहा है और यहां की व्यवस्था अत्यंत बदतर होने के बाद सफाई कर्मी या डॉक्टर झांकने आ रहे है वहीं वर्तमान में उक्त अस्पताल में जिला भाजयुमो के दो पदाधिकारी जिला मंत्री नितेश बाफना व जिला स्वच्छता प्रकल्प संयोजक अनुपम मिश्रा भी पॉजिटिव आने के बाद हॉस्पिटल के तृतीय मंजिल में स्थित वार्ड नंबर 26 बेड नंबर 741,742 में 5 सितम्बर से उपचार हेतु भर्ती है किंतु विगत 5 दिनों में हॉस्पिटल के अव्यवस्था को देखकर उन लोगो के मन द्रवित हो गया है और कोविड पेशेंट होने के बाद भी अपने मानवीय कर्तव्यो व राजनीतिक दायित्वों को ध्यान में रखते हुए अस्पताल की दुर्दशा ठीक करने की मांग को लेकर उक्त कोविड हॉस्पिटल में आज सुबह भाजयुमो जिला अध्यक्ष दिनेश देवांगन की अनुमति से धरने पर बैठ गए है और लगातार जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे है जिसमें अन्य मरीज भी अपनी सहभागिता दे रहे है।
इधर कोविड हॉस्पिटल कचांदुर में अव्यवस्थाओं को लेकर धरने में बैठे युवा मोर्चा पदाधिकारियों की जानकारी व गंदगी की तस्वीर व ज्ञापन वाट्सएप के माध्यम से जिलाधीश सर्वेश्वर भूरे को देते हुए जिला भाजयुमो अध्यक्ष दिनेश देवांगन ने कहा कि यह महामारी हमारे प्रदेश के साथ-साथ जिले में भी अपने पूरे चरम पर हैं इस दौर में कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति हॉस्पिटल में जब भर्ती होता है तो वैसे ही मानसिक रूप से परेशान होता है और वर्तमान में हॉस्पिटल की व्यवस्थाएं उनको जीवन ना देकर मौत की ओर अग्रसर कर देता है उक्त कोवि ड अस्पताल में भर्ती हमारे पदाधिकारियों ने जब स्वमेव इस व्यवस्था से रूबरू हुए तो उनका मन क्षुब्ध हो उठा है और मरीज होते हुए भी मानवीय एवं राजनीतिक कर्तव्य को ध्यान में रखकर मरीजों के साथ धरना में बैठ गए है जिला भाजयुमो ने इसका पुरजोर समर्थन करते हुए जिलाधीश महोदय से मांग की है कि वे धरनारत पदाधिकारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेकर दो दिनों के अंदर चंदूलाल चंद्राकर कोविड हॉस्पिटल की साफ सफाई से लेकर तमाम व्यवस्था ठीक किया जाए अन्यथा आंदोलन का विस्तार करते हुए जिला भाजयुमो उग्र प्रदर्शन करेंगी।
रायपुर / शौर्यपथ /भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय के बयान पर कांग्रेस संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि सही समय है कि भाषण वीर और बयान वीर बनने वाले भाजपा के नेता प्रधानमंत्री मोदी से कहें कि पीएम केयर्स फंड में करोना के नाम से जमा किए गए हजारों करोड़ रुपए अब करोना ग्रस्त लोगों के इलाज के लिए और मदद के लिए खर्च किए जाएं । यह पैसा प्रधानमंत्री मोदी ने करोना पीड़ितों की सहायता के नाम पर ही तो इकट्ठा किया है । छत्तीसगढ़ सहित राज्य सरकारों को भाजपा की केंद्र सरकार ने संक्रमण से लड़ने के लिये लॉक डाउन के पूरे समय में न कुछ दिया और करोना से लड़ने के लिए न कुछ किया। इसे पूरा देश जान भी रहा है और समझ भी रहा है । भाजपा के छत्तीसगढ़ के सांसदों ने छत्तीसगढ़ के करोना संक्रमितों की मदद के लिए सांसद निधि से कुछ देना तो दूर एक चिट्ठी तक लिखना मुनासिब नहीं समझा। अब करोना महामारी के इलाज के बारे में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय द्वारा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लिखा गया पत्र भाजपा के दोहरे चरित्र का जीता जागता सबूत है।
कांग्रेस संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने विष्णु देव साय से पूछा है कि क्या आयुष्मान योजना या स्मार्ट कार्ड योजना में करोना महामारी के इलाज का विकल्प था ? विष्णु देव साय इतना ही बता दें कि क्या इन दोनों योजनाओं में आज भी करोना महामारी के इलाज के खर्च की कोई व्यवस्था या प्रावधान है ? भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साए जनता की आंखों में धूल झोंकने के लिए इस तरह के पत्र मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लिख रहे हैं। सच्चाई तो यह है कि इन योजनाओं में करोना के इलाज का कोई प्रावधान नहीं है। करोना महामारी के इलाज का आयुष्मान योजना या स्मार्ट कार्ड योजना में प्रावधान होने को लेकर विष्णु देव साय द्वारा किए जा रहे सारे दावे पूरी तरीके से गलत और अर्थहीन हैं। जब पत्र लिखना शुरू कर ही दिया है तो विष्णुदेव साय को अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखना चाहिए और करोना के इलाज का प्रावधान आयुष्मान योजना या स्मार्ट कार्ड योजना में कराना चाहिये ताकि देश को इसका लाभ मिल सके।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
