August 04, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    रायपुर / शौर्यपथ / खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उमेश पटेल ने आज खेल दिवस पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के ख्याति प्राप्त खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों से बातचीत की। पटेल ने राज्य के सभी खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को खेल दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी।
    मंत्री पटेल ने कहा कि 29 अगस्त को हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के जन्म दिवस को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। वर्तमान में कोरोना संक्रमण से उत्पन्न विषम परिस्थितियोें के कारण पूरे देश में खेल गतिविधियों के संचालन में अवरोध उत्पन्न हुआ है। देश के विभिन्न राज्यों में उत्कृष्ट खिलाड़ियों को दिए जाने वाले पुरस्कारों को भी स्थगित किया गया है। छत्तीसगढ़ में भी कोरोना संक्रमण के कारण सुरक्षा की दृष्टि से खेल दिवस पर आयोजित होने वाले पुरस्कार अलंकरण समारोह को स्थगित रखा गया है।
    मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के लिए अनेक कदम उठाएं है। राज्य में खेल प्राधिकरण का गठन भी किया गया है। इसके अलावा ‘वन स्टेट-वन गेम‘ के तहत केन्द्र सरकार द्वारा ऑलंम्पिक-2024 में तीरंदाजी में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रतिभाशाली तीरंदाज खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कर उन्हें तैयार करने की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ राज्य को सौंपी गई है। इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा नैसर्गिक प्रतिभा वाले युवाओं का चयन कर उन्हें प्रशिक्षण देने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जशपुर में हॉकी के खेल को बढ़ावा देने के लिए एस्ट्रोटर्फ का काम चालू किया गया है। पाटन-मर्रा में स्टेेडियम का निर्माण किया जा रहा है। दुर्ग में जूडो एकेडमी की स्थापना की गई है। राज्य सरकार नारायणपुर में मलखम्भ को प्रोत्साहित करने के लिए वहां सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राजीव युवा मितान क्लबों का गठन किया जा रहा है। गतवर्ष युवा महोत्सव के तहत ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को एक नया मंच प्रदान किया गया। प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर सके इस दिशा में विशेष पहल की जा रही है। कोविड-19 के कारण खेल गतिविधियां बंद हो गई है, इन्हें पुनः चालू करने के लिए खेल विभाग द्वारा रोडमेप तैयार कर लिया गया है।
    मंत्री पटेल ने कहा कि राज्य के नागरिकों, कोरोना वारियर्स, जनप्रतिनिधियों और शासकीय सेवकों के सामूहिक प्रयासों से कोरोना को हराने में सफलता मिलेगी। सभी के प्रयासों से जल्द ही कोरोना वायरस के प्रभाव से छुटकारा मिलेगा। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को जो भी मदद की जरूरत होगी, उसे पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में खेल विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, संचालक श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा सहित अनेक खिलाड़ी शामिल हुए।
    मंत्री पटेल को दुर्ग जिले की हॉकी खिलाड़ी पद्मश्री श्रीमती सबा अंजुम और राजनांदगांव की सुश्री रेणुका यादव, रायपुर के बैडमिंटन खिलाड़ी ईशान भटनागर, बिलासपुर के तैराक शिवाक्ष साहू और तीरंदाज ईतवारी राज, बस्तर की नबी और नारायणपुर के मलखंभ खिलाड़ी मनोज ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वर्तमान में संचालित खेल गतिविधियों, प्रशिक्षण आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मंत्री ने अन्य खिलाड़ियों से भी दूरभाष पर चर्चा की। पटेल ने सभी खिलाड़ियों और बैडमिंटन के स्टेट प्लेयर ईशान भटनागर को नेशनल बैडमिंटन के लिए चयन होने पर बधाई और शुभकामनाएं दी।
    खेल संचालनालय में खेल दिवस पर मेजर ध्यानचंद के योगदान को किया गया याद
    खेल दिवस पर आज 29 अगस्त को सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हाकी स्टेडियम रायपुर स्थित खेल संचालनालय में खेल संचालक श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने मेजर ध्यानचंद के चित्र पर माल्यार्पण किया। खेल संचालक ने सभी खिलाड़ियों, विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों खेल दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। भारतीय हॉकी को शिखर पर पहुंचाने वाले मेजर ध्यानचंद के योगदान को याद किया गया। उन्होंने सभी को कोरोना महामारी से सतर्कता बरतने की भी अपील की।

    छत्तीसगढ़ सरकार जनता के प्रति अपनी जवाबदेही निभा रही है- राहुल गांधी
    संसद-विधानसभा संविधान की रक्षा के लिये जरूरी, भावनाओं से बचेगा संविधान- सोनिया गांधी
    छत्तीसगढ़ सरकार अंतिम व्यक्ति को ध्यान में रखकर कर रही है फैसले
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समावेशी दृष्टिकोण से सभी की बेहतरी के लिए कर रहे हैं काम
    नये विधानसभा भवन का निर्माण शीघ्र पूरा होगा- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
    लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाना और लोकतांत्रिक व्यवस्था की अगुवाई हमारा संकल्प- डा. महंत
    छत्तीसगढ़ विधासभा भवन के नवीन भवन का नवा रायपुर में शिलान्यास: 270 करोड़ रुपए की लागत से 51 एकड़ में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा नया भवन

    रायपुर / शौर्यपथ / सांसद श्रीमती सोनिया गांधी एवं सांसद राहुल गांधी और मोतीलाल वोरा की वर्चुअल उपस्थिति में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और विधानसभा अध्यक्ष डा. चरणदास महंत ने आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नये भवन के निर्माण के लिए बटन दबाकर शिलापट का अनावरण किया। नवा रायपुर के सेक्टर 19 में लगभग 270 करोड रुपए की लागत से यह भवन महानदी और इंद्रावती भवन के पीछे 51 एकड़ में बनेगा। मुख्य भवन का निर्माण 52 हजार 497 वर्ग मीटर में किया जाएगा।
    इस अवसर पर सांसद श्रीमती सोनिया गांधी ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के नये भवन के लिए छत्तीसगढ़ की जनता को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संसद और विधानसभा लोकतंत्र के सबसे बड़े स्तंभ और पवित्र मंदिर हैं। यहां संविधान की रक्षा होती है, लेकिन यह याद रखना होगा कि संविधान भवनों से नहीं भावनाओं से बचेगा। उन्होंने कहा कि हमारे पुरखों ने आजादी की लड़ाई लड़ी, उनके सपनों पूरा करने के लिए अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। श्रीमती सोनिया गांधी ने देश की वर्तमान स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश और समाज में नफरत फैलाने वाली ताकतें लोकतंत्र के सामने चुनौती बन गई हैं। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता खतरे में हैं, लोकतांत्रिक संस्थाएं ध्वस्त की जा रही हैं। नफरत फैलाने वाली ताकतें चाहती हैं कि समाज के सभी वर्ग के लोग अपना मुंह बंद रखें। वह देश का मुंह बंद करना चाहती हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू, डा. राजेंद्र प्रसाद, बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर ने यह सोचा नहीं होगा कि आजादी के 73 वर्ष बाद ऐसे कठिन समय का सामना लोगों को करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आज हम शपथ लें कि हम समाज के अंतिम व्यक्ति को ध्यान में रखकर फैसले लेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री बघेल और छत्तीसगढ़ सरकार के कामकाज की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार अंतिम व्यक्ति को ध्यान में रखकर फैसले ले रही है। उन्होंने इस मौके पर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों, आदिवासियों, गरीबों के हित में किए जा रहे कामों के साथ ही राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, सुपोषण अभियान, तेंदूपत्ता संग्रहण दर में वृद्धि का उल्लेख किया और कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समावेशी दृष्टिकोण से सभी वर्गों के विकास के लिए काम कर रहे हैं।
    सांसद राहुल गांधी ने अपने प्रेषित संदेश में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार जनता के प्रति अपने उत्तरदायित्व को बेहतर तरीके से निभा रही है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की राजीव गांधी किसान न्याय योजना और गोधन न्याय योजना के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने इस फैसले से किसानों-गरीबों-मजदूरों के हाथों में पैसा पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि छत्तीसगढ़ सरकार के जनोन्मुखी कार्य आगे भी जारी रहेंगे। श्री राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ के नये विधानसभा के शिलान्यास के लिए सभी को बधाई दी। सांसद राहुल गांधी के इस संदेश का वाचन संसदीय मंत्री रविंद्र चौबे ने किया।
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मौके पर अपने उद्बोधन की शुरुआत छत्तीसगढ़ महतारी और भारत माता के जयकारे से की। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर आबाद हो, इसको लेकर छत्तीसगढ़ सरकार चौतरफा उपाय कर रही है। मंत्रिमंडल के सहयोगियों और अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए आवास बनाने की शुरुआत बीते वर्ष की जा चुकी है। कोरोना संक्रमण की वजह से काम में थोड़ा विलंब हुआ। संसदीय सचिवों को नवा रायपुर में ही आवास आबंटित किए गए हैं। मुख्यसचिव नवा रायपुर में निवास करने लगे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी वर्षों में यहां राज्यपाल, मंत्रीगण और शासन-प्रशासन से जुड़े सभी लोग रहने लगेंगे, यहां सुविधाएं बढ़ेंगी। इस नये शहर को बसाने की सभी अड़चनें दूर हो जाएंगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हमारी यह कोशिश रहेगी कि विधानसभा का नया भवन जल्दी बनकर तैयार हो जाए और हम सब छत्तीसगढ़ की पौने तीन करोड़ जनता और छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा के लिए यहां बैठेंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा भवन के शिलान्यास कार्यक्रम में सांसद श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी की वर्चुअल उपस्थिति के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।


    विधानसभा अध्यक्ष डा. चरणदास महंत ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के नये भवन के शिलान्यास अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बधाई देते हुए कहा कि उनकी परिकल्पना के अनुरूप सर्वसुविधायुक्त आधुनिक तकनीक से लैस भव्य भवन की आधारशिला रखी गई है। यह भवन नहीं, लोकतंत्र का मंदिर है। इस मौके पर हम सभी विधायकगण संकल्प लेते हैं कि हम भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने की अगुवाई करेंगे। इस मौके पर उन्होंने छत्तीसगढ़ के निर्माण में भागीदारी निभाने वाले पुरखों को नमन किया और उम्मीद जताई कि पुरखों के आशीर्वाद से हम सब छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा में जुटे रहेंगे। डा. महंत ने इस मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनकी सरकार का उल्लेख करते हुए कहा कि आप सभी को छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा का मौका मिला है। उन्होंने गरीबों, किसानों, मजदूरों, आदिवासियों, वंचितों की बेहतरी के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और कहा कि जनकल्याण के कार्यों के लिए सभी का सहयोग मिल रहा है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि छत्तीसगढ़ बाबा गुरुघासी दास, संत कबीर की धरती है। छत्तीसगढ़ वास्तव में प्रेम की धरती है। हम सब प्रेम और सद्भाव का उदाहरण बनें।
    विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना संकटकाल में मास्क लगाएं परंतु वाणी की मिठास बनाए रखें। सोशल डिस्टेंसिंग रखें, परंतु दिलों के बीच दूरी न आने दें। नेता प्रतिपक्ष श्री धरमलाल कौशिक ने विधानसभा भवन के शिलान्यास के लिए मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष सहित सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि विधायकों के लिए भी निकट भविष्य में आवास की व्यवस्था होगी।
    लोकनिर्माण एवं गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा का भवन महानदी भवन एवं इंद्रावती भवन के बीच पिछले हिस्से में रिक्त भूमि पर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसकी रूप-रेखा दिल्ली में राष्ट्रपति भवन के सामने स्थित नार्थ एवेन्यू एवं साउथ एवेन्यू जैसी रखी गई है। नये विधानसभा भवन के सामने राजपथ जैसा मार्ग बनेगा, जिसके जरिये महानदी एवं इंद्रावती भवन से पैदल भी विधानसभा पहुंचा जा सकेगा। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बनने वाले नए भवन में छत्तीसगढ़ की गौरवशाली और समृद्ध संस्कृति तथा परंपरा की झलक देखने को मिलेगी। विधानसभा भवन में अत्याधुनिक लाइब्रेरी और ऑडिटोरियम का भी निर्माण किया जाएगा । भविष्य को ध्यान में रखते हुए नये विधानसभा भवन में करीब 150 से 200 विधायकों के बैठने की व्यवस्था एवं अध्यक्षीय दीर्घा, अधिकारी दीर्घा, प्रतिष्ठित दर्शक दीर्घा, पत्रकार दीर्घा एवं दर्शक दीर्घा का निर्माण किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों, नेता प्रतिपक्ष एवं उपाध्यक्ष और मुख्य सचिव तथा विधानसभा के प्रमुख सचिव, सचिव एवं अन्य सचिव के लिए कक्ष, मीटिंग हॉल एवं स्टाफ कक्षों का निर्माण किया जाएगा। नवीन भवन में विभिन्न समिति कक्षों का निर्माण, पुस्तकालय, एलोपैथिक, होम्योपैथिक एवं आयुर्वेदिक औषधालय, पोस्ट ऑफिस, रेल्वे रिजर्वेशन काऊंटर एवं बैंक के लिए भी कक्षों का निर्माण होगा। विधानसभा के चारों ओर सड़क निर्माण, वृक्षारोपण सहित सौन्दर्यीकरण का कार्य किया जाएगा।

            शौर्यपथ लेख ( शरद पंसारी )/ कोरोना एक ऐसी महामारी बनकर दुनिया के सामने आयी जिसे सदियों तक याद रखा जायेगा . एक छोटे से शहर से जन्म कोरोना आज पूरी दुनिया पर राज कर रहा है . दुनिया में क्षेत्रफल की तुलना के हिसाब से सर्वाधिक जनसँख्या वाला देश भारत ही है . भारत में कहने को कोरोना का आगाज जनवरी माह के अंत में ही हो गया था किन्तु तब संख्या ऊँगली पर गिनी जा सकती थी . आज देश में कोरोना मरीज संक्रमितो की संख्या लाखो में है देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चौपट हो चुकी है और ऐसी हालत में अर्थव्यवस्था सुधारने  की जिम्मेदारी देश के वित्त मंत्री की होती है किन्तु जिस तरह प्याज के दाम बढ़ने पर वित्त मंत्री ने कह दिया था कि वो तो प्याज खाती ही नहीं है . मतलब वो अगर प्याज ना खाए तो क्या आम इंसान भी प्याज का सेवन छोड़ दे . तब क्या प्याज के दाम बढ़ने से रोकने की जिम्मेदारी सरकार की नहीं रही . ऐसे ही ब्यान वर्तमान में वित्त मंत्री ने दे दिया कि कोरोना का प्रकोप ईश्वर की देन है मतलब सरकार अब कुछ नहीं कर सकती जब सरकार कुछ कर नहीं सकती तो फिर सत्ता में क्यों है . सत्ता भी त्याग दे इस्श्वर सब देख लेगा . तिरुमाला मंदिर के वे पुजारी जो सालो से भगवन की सेवा कर रहे है और कोरोना संक्रमित होने के बाद भी ईश्वर को दोष नहीं दिए फिर प्रभु राम की तथाकथित अनुयायी ये कैसे कह सकते है कि महामारी में उनका कोई दोष नहीं . फ़रवरी में देश के एक बड़े नेता ने सरकार से कहा था कि अगर जल्द ही कोई सार्थक कदम नहीं उठाया जाएगा तो परिणाम भयंकर होंगे किन्तु तब भी सत्ता में बैठे जिम्मेदार इस बात को मजाक में लिए और हल्लो ट्रम्प , सत्ता परिवर्तन का खेल चलता रहा फिर एक दिन अचानक बिना किसी तैयारी के बिना किसी राज्य सरकार को सूचित किया ये फैसला आ गया कि देश लॉक डाउन में जायेगा और जो जहां है वही रहेगा . तैयारी के नाम पर खूब ताली बजी थाली बजी ईश्वर को प्रसन्न किया गया किन्तु क्या हुआ भुखमरी बढ़ी , बेरोजगारी बढ़ी , अर्थव्यवस्था चौपट हो गयी इन सबके बीच अपने गृह ग्राम जाते हुए हजारो मौत के आगोश में समा गए , इधर संक्रमण का विस्तार होता रहा उधर संक्रमण का कारण एक समुदाय विशेष को दिया जाने लगा जिस पर बाद में कोर्ट की फटकार भी मिली किन्तु इसके बाद भी माहौल कोरोना का नहीं बना राफेल का स्वगत हुआ , राम मंदिर की चर्चा हुई ,20 लाख  हजार करोड़ से अर्थव्यवस्था पत्री पर उतारने का प्रचार हुआ जब सब खत्म हो गया और स्थिति बिगड़ने लगी तो देश का मुख्य मुद्दा सुशांत का हत्यारा कौन पर टिक गया . सुशांत की आत्महत्या से सभी दुखी है किन्तु क्या सिर्फ सुशांत की मौत हुई क्या उन हजारो लोगो की मौत जो सफ़र करते हुई , जो कोरोना संक्रमण से हुई , जो भुखमरी से हुई , जो दंगे से हुई की कोई कीमत नहीं . क्या उनका परिवार नहीं , बेरोजगारी पर चर्चा , व्यापार पर चर्चा , स्वास्थ्य पर चर्चा से ज्यादा जरुरी लगा विकाश दुबे कैसे मरा उसका एनकाउन्टर कैसे हुई , कितना दुर्दांत था . वाह क्या बात चली किन्तु इन सब बातो में उनकी बात नहीं चली जो रोजगार हीन हो गए उनकी बात नहीं चली जो भुखमरी में जी रहे है उनकी बात नहीं चली जो कोरोना काल में ड्यूटी करते हुए मौत के आगोश में चले गए .
             २० लाख हजार करोड़ तो पता नहीं कहा गए किसे मिले और किसे मिलेंगे किन्तु ५ किलो चलावल महिना देकर वाह वही का खेल चलता रहा , पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ाकर देशभक्ति का परिचय दिया जाने लगा , तरह तरह के फोटो खिंचवाकर देश को उल्लू बनाने का खेल चलता रहा बस नहीं चला तो स्वास्थ्य की सेवा को कैसे बेहतर करे , रोजगार के लिए क्या कदम उठाये , शिक्षा के लिए क्या करे , भुखमरी से कैसे छुटकारा पाए . माना ऐसी महामारी १०० साल बाद आयी और पूरी दुनिया इसकी चपेट में है किन्तु जिस तरह से भारत में कोरोना संक्रमण तेजी से फ़ैल रहा है और बेकाबू होते जा रहा है ऐसे समय में सरकार के वित्त मंत्री जिसके एक एक फैसले से देश की व्यवस्था उपर नीचे होती है एक सर्वोच्च पद पर बैठकर इस तरह भगवान् को दोष देना कहा तक सही है क्या भगवान् अपनी औलाद को कभी तकलीफ दे सकता है जिन्दगी और मौत तो ईश्वर के हाँथ में है किन्तु बेहतर जिन्दगी देने का कार्य सुशासन का कार्य तो सत्ता में बैठे लोगो को ही करना है . सवाल तो उनसे ही पूछे जायेंगे जिनके पास सत्ता की शक्ति हो . जिनके पास फैसले लेने की ताकत नहीं हो उनसे कैसे सवाल करे . क्या देश में बेरोजगारी , महंगाई , स्वास्थ्य , शिक्षा , भुखमरी से निजात के लिए कोई कदम उठाएगी या अब सब भगवान् भरोसे ही चलेगा अगर ऐसा है तो ये लॉक डाउन - अनलाक का खेल किस लिए छोड़ दो भगवान् भरोसे जिसको जो करना हो वो करे जिसको जैसे जीना हो जिए क्या जरुरत कानून का , क्या जरुरत शासन का और क्या जरुरत सत्ता का जब सब भगवान् के ऊपर है तो भगवान् ही सब संभालेगा और बिगाड़ेगा .( लेखक के निजी विचार )

    शौर्य की बातें / कशिश कुकरेजा की आसमयिक निधन ने एक बार फिर जख्म को हरा कर दिया कशिश कुकरेजा कौन है ना मै इन्हें जानता हूँ ना कभी मुलाकात हुई है . सुनील कुकरेजा मेरे फेसबुक मित्र है उनकी धर्मपत्नी है कशिश कुकरेजा जो ३ दिनों पहले सदा के लिए इस लोक से विदा हो गयी . सुनील कुकरेजा के प्रोफाइल में सभी ने उनकी अर्धांग्नी की आसमयिक नधन पर अपनी संवेदना व्यक्त की और कई पुरानी यादो को एक बार फिर जीवंत करने का प्रयास किया उसमे से एक दृश्य ने फिर से मेरे लाल की कमी को दिल से आँखों पर उतार दिया . सुनील जी अपने परिवार पत्नी और दो बच्चो के साथ एक खुशहाल जिन्दगी जी रहे थे और अचानक भविष्य के सपने बुनते बुनते अन्धकार की ओर चले गए जिस अन्धकार से शारीरिक तौर पर और समाज के लिए तो बाहर निकल आयेंगे किन्तु अंतरात्मा से सदैव उसी अन्धकार में खोये रहेंगे .
    एक इन्सान के लिए उसकी दुनिया के अहम् किरदार उसका परिवार होता है मिया बीबी और बच्चे ये ऐसे रिश्ते है जो स्वयं के प्रयास से ही मजबूत बनते है और हर परिस्थिति में ये अपनी दुनिया में खुश रहते है . कुश रहने का सबसे बड़ा कारण होता है उनकी दुनिया में सब साथ है . किन्तु इस दुनिया से कोई एक भी अलग हो जाये तो करोडो अरबो की भीड़ में भी इंसान अकेला हो जाता है और ऐसा ही हाल वर्तमान में सुनील जी के साथ है उनके मासूम बच्चो के साथ है . सभी साथ है किन्तु उस साथ का कोई अर्थ ही नहीं होता जब उनका कोई अपना साथ ना हो . शायद इसी को कहते है मोहमाया की दुनिया . इस दुनिया में पैसे की भले कमी हो जिन्दगी खुशहाल रहती है किन्तु कोई अपना ना हो तो माया सिर्फ दिखावट का रूप ले लेती है . आज डेढ़ साल से उपर हो गए मेरी दुनिया का एक सितारा खो गया फिर भी जिन्दा है किन्तु सिर्फ दिखावट की दुनिया में जी रहे है . आज भी अंतर्मन वीरान है माया से जिन्दगी कट रही है किन्तु मोह तो अब लेश मात्र भी नहीं रहा फिर भी जी रहे है क्योकि इसी को शायद जिन्दगी कहते है . आज सुनील जी के साथ जो हुआ उसने दिल झंझोड़ दिया . दुःख की इस घडी में मेरी अंतरात्मा के साथ सुनील जी से संवेदनाये है ईश्वर कशिश भाभी जी को अपनी चरणों में स्थान दे और सुनील जी एवं उनके दोनों बच्चो को इतनी शक्ति दे कि जिन्दगी के बचे हुए इम्तिहान को सफलता पूर्वक पार करते रहे . जैसे हामरे जिन्दगी में शौर्य की जगह कोई नहीं ले सकता और उसकी याद को कोई नहीं मिटा सकता उसी तरह कशिश जी हमेशा सुनील जी के और उनके बच्चो के दिल में सदैव जीवित है और वही उनकी शक्ति है . निक्की बेटा तेरे पास कशिश आंटी आई है उन्हें उनके बच्चो जैसा प्यार देना . सुनील जी ईश्वर आपको दुःख की इस घडी में शक्ति प्रदान करे . ॐ शांति .

    लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / ईयरफोन लगाकर संगीत सुनते समय लोग अक्सर इस कदर मशगूल हो जाते हैं कि उन्हें पता ही नहीं चलता कि आसपास…
    खाना खजाना / शौर्यपथ / वेज बिरयानी बहुत ही स्‍वादिष्‍ट होती है। वेज बिरयानी बनाने का तरीका बहुत आसान है। यह झटपट तैयार होने वाली…
    सेहत / शौर्यपथ / आमतौर पर वजन कम करने के लिए लोग सबसे पहले खाना छोड़ देते हैं या डाइटिंग करना शुरू कर देते हैं…

    खेल / शौर्यपथ / ऑस्ट्रेलिया के बायें हाथ के तेज गेंदबाज डेनियल सेम्स 19 सितंबर से यूएई में होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग के आगामी सत्र में दिल्ली कैपिटल्स की टीम में इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज जेसन रॉय की जगह लेंगे. अब तक अंतरराष्ट्रीय पदार्पण का इंतजार कर रहे सेम्स पिछले साल बिग बैश लीग के सबसे सफल गेंदबाज थे. रॉय बायीं ओर की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण पाकिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला से बाहर हो गए हैं, जिसके कारण वह आईपीएल में भी हिस्सा नहीं ले पाएंगे. सेम्स के टीम में शामिल होने से दिल्ली कैपिटल्स के तेज गेंदबाजी आक्रमण को विविधता भी मिलेगी क्योंकि उसकी मुख्य टीम में सिर्फ दायें हाथ के तेज गेंदबाज शामिल हैं.
    दिल्ली कैपिटल्स की टीम में शामिल होने पर सेम्स ने कहा, ‘‘आईपीएल किसी भी क्रिकेटर के लिए बड़ा मंच है और स्वदेश में हम सभी हर साल इस टूर्नामेंट पर करीबी नजर रखते हैं.' उन्होंने कहा, ‘‘मैं भाग्यशाली हूं कि इस साल इसका हिस्सा बन पाया और मैं दिल्ली कैपिटल्स प्रबंधन का आभारी हूं कि उन्होंने मुझे यह मौका दिया. मैं यूएई में बाकी खिलाड़ियों के साथ जुड़ने का इंतजार नहीं कर सकता.' दिल्ली कैपिटल्स में ऑस्ट्रेलिया के मार्कन स्टोइनिस और एलेक्स कैरी भी शामिल हैं. सेम्स ने पिछले साल बिग बैश लीग के दौरान सुर्खियां बटोरी थी जब उन्होंने सिडनी थंडर्स की ओर से 17 मैचों में 30 विकेट चटकाए थे. बता दें कि यूएई में खिलाड़ियों का क्वारंटीन पीरियड बस खत्म होने को है और जल्द ही आपको सभी टीमों के खिलाड़ी नेट अभ्यास करते दिखाई पड़ेंगे.

    मनोरंजन / शौर्यपथ / बॉलीवुड की धक-धक गर्ल माधुरी दीक्षित अपने डांस और एक्सप्रेशंस की वजह से बॉलीवुड में खास तौर पर पहचाना जाता है. 'तेजाब' फिल्म से बॉलीवुड में जबरदस्त पहचान बनाने वाली माधुरी दीक्षित अब भी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के साथ जुड़ी हुई हैं और फिल्मों के साथ ही टीवी पर भी नजर आती हैं. माधुरी दीक्षित के वीडियो और फोटो समय-समय पर सोशल मीडिया पर धूम मचाते रहते हैं. माधुरी दीक्षित का एक पुराना डांस वीडियो (Madhuri Dixit) सोशल मीडिया पर छाया हुआ है, जिसमें एक्ट्रेस अपने ही सुपरहिट सॉन्ग पर जमकर थिरक रही हैं.
    माधुरी दीक्षित का एक पुराना डांस वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसमें माधुरी दीक्षित 'लज्जा' फिल्म के 'बड़ी मुश्किल' गाने पर कुछ इस अंदाज में स्टेप्स कर रही हैं कि दर्शक खूब हंगामा मचा रहे हैं. इस वीडियो में माधुरी दीक्षित के एक्सप्रेशंस भी देखने लायक है, और यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब पसंद भी किया जा रहा है. बता दें कि माधुरी दीक्षित ऑनलाइन डांस क्लासेज भी चलाती हैं.

    धर्म संसार / शौर्यपथ / हिंदू कैलेंडर में हर तीन साल में एक बार एक अतिरिक्त माह का प्राकट्य होता है, जिसे अधिक मास, मल…

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