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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
शौर्यपथ लेख ( डॉ. सिद्धार्थ शर्मा ) /बाबा रामदेव द्वारा कोरोना के उपचार के दावे के साथ एक आयुर्वेदिक दवा बाजार में उछाल दी गयी. उस दवा के बाजार में आते ही रामदेव के समर्थकों और विरोधियों ने उस दवा के विरोध और समर्थन में गजब हंगामा और हुड़दंग शुरू कर दिया है. दवा के पक्ष और विपक्ष में हो रहा यह हंगामा किसी अंधेर नगरी का आभास करा रहा है.
विरोधियों की बात बाद में पहले बात समर्थकों के हंगामे और हुड़दंग की... इस बार यही वर्ग ज्यादा दोषी दिख रहा है.
ध्यान रहे कि एक अमेरिकी कम्पनी ने 6 जून तक कोरोना के उपचार की वैक्सीन की 20 लाख खुराक बना कर रख ली है और वैक्सीन का उत्पादन युद्ध स्तर पर रात दिन लगातार किया जा रहा है. लेकिन अमेरिका में अब तक हो चुकी एक लाख से अधिक मौतों के बावजूद वह वैक्सीन बाजार में नहीं उतारी गयी है. ऐसा इसलिए है क्योंकि कम्पनी की उस वैक्सीन का त्रिस्तरीय परीक्षण पूर्णतया सफल रहा है किन्तु वैक्सीन का अन्तिम परीक्षण अभी चल रहा है. यह प्रक्रिया सम्भवतः अगस्त/सितम्बर के अन्त में पूर्ण होगी. क्योंकि कम्पनी अपनी वैक्सीन की सफ़लता के प्रति पूर्णतया आश्वस्त है इसलिए उसने भारी आर्थिक जोखिम उठा कर उस वैक्सीन का उत्पादन कर के स्टॉक जमा करना प्रारम्भ कर दिया है. क्योंकि वैक्सीन उत्पादन की प्रक्रिया बहुत जटिल और धीमी होती है इसलिए कम्पनी ने यह आर्थिक जोखिम उठाया है. अगर अपने अन्तिम परीक्षण में वह वैक्सीन सफल हुई तो उसी दिन से वह वैक्सीन बाजार में उपलब्ध हो जाएगी और यदि अन्तिम परीक्षण में वह वैक्सीन सफल नहीं हुई तो सारा तैयार स्टॉक नष्ट कर दिया जाएगा. यह होती है एक सभ्य शिक्षित जागरूक समाज की सोच.
अब बात बाबा रामदेव की... ज्ञात रहे कि आयुर्वेदिक दवाओं को बनाने और बेंचने का धंधा बाबा रामदेव द्वारा पिछले लगभग डेढ़ दशक से किया जा रहा है. अतः हमको आपको, किसी आम आदमी को भले ही ज्ञात नहीं हो लेकिन बाबा रामदेव को यह भलीभांति ज्ञात है कि किसी भी रोग के उपचार की दवा को बाजार में उतारने से पहले कुछ परीक्षणों की औपचारिकताओं की पूर्ति करना अनिवार्य है. अतः इस बार उन औपचारिकताओं की पूर्ति के बिना बाबा रामदेव अपनी दवा लेकर बाजार में क्यों कूद गए.? ध्यान रहे कि केन्द्र सरकार के आयुष मंत्रालय ने बाबा रामदेव की दवा के गुण-दोष, गुणवत्ता पर कोई टिप्पणी नहीं की है इसके बजाय उन औपचारिकताओं की पूर्ति नहीं किए जाने पर अपनी आपत्तियां दर्ज करायी हैं. आयुष मंत्रालय की वह आपत्तियां शत प्रतिशत सही हैं. उन आपत्तियों को बाबा रामदेव भी नकार नहीं पा रहे हैं. उन आपत्तियों का तार्किक तथ्यात्मक उत्तर देने के बजाय बातों के बताशे फोड़ रहे हैं. ध्यान रहे कि देश में आयुर्वेदिक दवाएं बनाने वाली वैद्यनाथ डाबर, ऊंझा ,झंडू सरीखी बहुत पुरानी और बहुत बड़ी लगभग दर्जन भर कम्पनियां हैं. इन. कम्पनियों की एक साख है देश में. मंझोले और छोटे स्तर की हज़ारों आयुर्वेदिक कम्पनियां भी देश में हैं. एकबार बाबा रामदेव को उन अनिवार्य परीक्षणों की औपचारिकताओं की पूर्ति से छूट देने का अर्थ उन सभी कम्पनियों को ऐसा करने की खुली छूट दे देना होगा. इससे जो अराजकता फैलेगी वह बहुत भयानक होगी.
रही बात स्वदेशी की तो यह याद रखिए कि कोरोना के उपचार के लिए जिस ग्लेनमार्क कम्पनी की दवा सामने आयी है वो ग्लेनमार्क शत प्रतिशत भारतीय कम्पनी ही है, जो आज दुनिया के कई देशों में व्यापार कर रही है.
अतः बाबा रामदेव की दवा के पक्ष में लाठी भांज रहे समर्थक यह ध्यान रखें कि परीक्षण की औपचारिकताओं की पूर्ति के बिना दवा को बाजार में उतार देना बहुत घातक होगा. जो लोग यह तर्क दे रहे हैं कि वो दवा कोई ज़हर नहीं है तो वो यह भी समझ लें कि दवा पर विश्वास कर 15 दिन खाने वाले व्यक्ति पर यदि दवा प्रभाव नहीं डालेगी तो तब तक बहुत देर हो चुकेगी. अतः परीक्षण की औपचारिकताएं अत्यन्त आवश्यक हैं. या फिर बाबा रामदेव वह दावा वापस लें कि यह कोरोना की दवा है उसके पश्चात उसे बेचे. देश को ऐसी अंधेर नगरी ना बनाये जहां ना खाता ना बही... जो रामदेव कहे वही सही.
दवा का विरोध कर रहा वर्ग वो है जिसे भारतीय संस्कृति सभ्यता की कोख से उपजी किसी भी विद्या और विधा से ही घृणा है. उसकी यह घृणा इतनी पाशविक हो चुकी है कि उस वर्ग को अब किसी दवा का भी विरोध करने में कोई हिचक नहीं है. ऐसा पहली बार नहीं हो रहा. इससे पूर्व अतीत में भी बाबा रामदेव की दवाओं और यहां तक कि योग विद्या का तीव्र विरोध भी यह वर्ग करता रहा है. अतः इसबार भी उसका विरोध उसकी पाशविक प्रवृति और प्रकृति के ही अनुरूप है.
व्यंग लेख ( डॉ. सिद्धार्थ शर्मा - दुर्ग ) / एक दिन #बादशाह दरबार लगाकर शिकार की कहानी सुना रहे थे, जोश में आकर बोले :- एकबार तो ऐसा हुआ मैंने आधे किलोमीटर दूर से निशाना लगाकर जो एक हिरन को तीर मारा तो तीर सनसनाता हुआ हिरन की बाईं आंख में लगकर दाएं कान से होता हुआ पिछले पैर के दाएं खुर में जा लगा..!
#जनता ने कोई दाद नहीं दी, वो इस बात पर यकीन करने को तैयार ही नहीं थे..!
?इधर बादशाह भी समझ गया कि मैंने ज़रूरत से ज़्यादा लम्बी छोड़ दी,और अपने #रफूगर की तरफ देखने लगा..!
#रफूगर उठा और कहने लगा:- हज़रात, मैं इस वाक़ये का चश्मदीद गवाह हूँ, दरसल बादशाह सलामत एक पहाड़ी के ऊपर खड़े थे, हिरन काफी नीचे था, हवा भी मुआफ़िक चल रही थी वरना तीर आधा किलोमीटर कहाँ जाता है..?
?जहां तक बात है 'आंख' , 'कान' और 'खुर' की है, तो अर्ज़ करदूँ, जिस वक्त तीर लगा था, उस वक़्त हिरन दाएं खुर से दायाँ कान खुजला रहा था, इतना सुनते ही जनता जनार्दन ने दाद के लिए तालियां बजाना शुरू कर दीं..!
?अगले दिन रफूगर बोरिया बिस्तरा उठाकर जाने लगा, तो बादशाह ने परेशान होकर पूछा कहाँ चले..!
रफूगर बोला:- बादशाह सलामत, मैं छोटी मोटी तुरपाई कर लेता हूँ, शामियाना सिलवाना हो तो #भारतीय_गोदी मीडिया को रख लीजिए..!! ( डॉ. सिदार्थ शर्मा के फेसबुक पेज से ..)
धमतरी ब्यूरो /शौर्य पथ
बिहार रेजिमेंट के कर्नल संतोष बाबू शहीद 2 दिसंबर 2019 से रेजिमेंट में थे पोस्टेड
भारत और चीनी सैनिकों की हिंसक झड़प में भारत के एक अफसर और दो सैनिक शहीद हुए हैं. इनमें 16 बिहार रेजिमेंट के जांबाज अफसर कर्नल बी संतोष बाबू भी शामिल हैं. बी संतोष बाबू 16 बिहार रेजिमेंट में 2 दिसंबर 2019 से पोस्टेड थे.
बता दें, लद्दाख की गलवान घाटी में सोमवार रात को भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई. इस झड़प में भारतीय सेना के एक अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए. 70 के दशक के बाद पहली बार एलएसी पर भारतीय जवानों की शहादत हुई है.
सूत्रों की मानें तो सीमा विवाद को लेकर जब बॉर्डर पर कमांडरों की बैठक हुई तो उसमें तय हुआ कि PP14-15-17 पर चीन LAC के उस ओर जाएगा, लेकिन चीनी सैनिकों ने इसे मानने से इनकार कर दिया. भारत की ओर से बार-बार चीन को समझाया गया, लेकिन चीन ने इस दौरान हमला कर दिया. सूत्रों ने कहा कि चीनी सैनिकों ने भारतीय सैनिकों पर पत्थरबाजी की. लोहे के नाल, कीलें लगी लठ से भारत की सेना पर हमला किया. जो अफसर इस मामले को लीड कर रहे थे, उन्हें पथराव-झड़प में काफी गहरी चोटें आई हैं.
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इस घटना के बाद चीनी विदेश मंत्रालय का आधिकारिक बयान सामने आया है. बीजिंग ने उलटे भारत पर घुसपैठ करने का आरोप लगाया है. अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, बीजिंग का आरोप है कि भारतीय सैनिकों ने बॉर्डर क्रॉस करके चीनी सैनिकों पर हमला किया था. चीनी विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि भारत ऐसी स्थिति में एकतरफा कार्रवाई न करे.
पूरे देश ने लद्दाख की गलवान घाटी में शहीद जवानो को श्रद्धांजलि दी सही जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक संदेश में कहा कि शहीद जवानों द्वारा किए गए अंतिम बलिदान के लिए बहादुर दिलों को सलाम करते हैं, जिन्होंने राष्ट्र की सेवा में शहादत प्राप्त की. शहीदों के परिवारों के सदस्यों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और शहीदों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की.
खेल / शौर्यपथ / वेस्टइंडीज के खिलाफ 8 जुलाई से शुरू होने वाली तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए इंग्लैंड के सिलेक्टर्स टॉप ऑर्डर के बल्लेबाजों के सिलेक्शन को लेकर दुविधा में पड़ गए हैं। सिलेक्टर एड स्मिथ, जेम्स टेलर और कोच क्रिस सिल्वरवुड पहले टेस्ट के लिए टॉप ऑर्डर को लेकर रॉरी बर्न्स, डोम सिबली, जो डेनली और जैक क्राउली के नामों पर विचार कर सकते हैं। बर्न्स ने पिछले करीब 18 महीनों के दौरान दो शतकों के साथ शानदार प्रदर्शन कर टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज के रूप में अपनी दावेदारी मजबूत की है।
दक्षिण अफ्रीका दौरे में लगी चोट से बर्न्स पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं और ऐसा माना जा रहा है कि वो सलामी बल्लेबाज के रूप में इंग्लैंड की ओर से पारी की शुरुआत करेंगे। वहीं दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लगातार तीन टेस्ट जीतने में क्राउली, सिबली और डेनली ने इंग्लिश टीम की ओर से शानदार प्रदर्शन किया था। सिबली ने उस सीरीज में अपने करियर का पहला शतक जमाया था। इंग्लैंड का टॉप ऑर्डर इस समय उतना मजबूत नहीं है, जितना कि पहले था। एंड्रयू स्ट्रॉस और फिर उसके बाद जॉनाथन ट्रॉट के संन्यास लेने के बाद इंग्लैंड की टीम में सलामी बल्लेबाज की कमी खलती रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सिबली और बर्न्स सलामी जोड़ी के रूप में इंग्लिश पारी की शुरुआत कर सकते हैं, जबकि क्राउली या डेनली तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी कर टीम के बैटिंग ऑर्डर को मजबूती दे सकते हैं। क्राउली ने टीम में खुद के सिलेक्शन की संभावना को लेकर कहा, 'मुझे नहीं लगता कि अभी तक कोई फैसला लिया गया है। मुझे विश्वास है कि आने वाले कुछ सप्ताह में प्रैक्टिस मैच में बेहतर प्रदर्शन कर मैं अपनी दावेदारी को मजबूत कर सकता हूं।'
मनोरंजन / शौर्यपथ / सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद से नेपोटिज्म को लेकर बड़ी बहस चल रही है। सोनू निगम ने कुछ दिनों पहले म्यूजिक इंडस्ट्री के माफिया को लेकर वीडियो शेयर किया था। उन्होंने भूषण कुमार पर आरोप लगाए थे कि वह नए टैलेंट को मौका नहीं देते और सिर्फ अपने सिंगर्स के साथ काम करते हैं। सोनू के आरोपों पर भूषण कुमार की पत्नी दिव्या खोसला कुमार ने हाल ही में वीडियो शेयर कर सोनू की हर बातों का जवाब दिया। इतना ही नहीं, दिव्या ने सोनू से पूछा कि आपने खुद कितने नए टैलेंट को मौका दिया है।
दिव्या के इस वीडियो के अपलोड करने के बाद सभी को सोनू के जवाब का इंतजार था, लेकिन सोनू ने जवाब देने की बजाय दिव्या का वीडियो ही अपने अकाउंट पर पोस्ट कर दिया और लिखा- प्रेजेंटिंग दिव्या खोसला कुमार। लगता है अपने कॉमेंट्स सेक्शन को खोलना भूल गईं। आइए इसमें उनकी मदद करें।
क्या कहा दिव्या ने
वीडियो में दिव्या कहती हैं, 'कुछ दिनों से सोनू निगम जी टी सीरीज और भूषण कुमार के खिलाफ कैंपेन चला रहे हैं। मैं बता दूं कि टी सीरीज ने कई नए लोगों को मौका दिया है जिसमें एक्टर्स, गायक, संगीतकार, डायरेक्टर शामिल हैं। मैंने खुद अपनी फिल्म यारियां में 10 नए लोगों को चांस दिया था जिसमें 4 लोग नेहा कक्कड़, हिमांश कोहली, रकुल प्रीत और कंपोजर आरको आज बड़े स्टार हैं।'
सोनू जी से मैं पूछना चाहती हूं कि आप तो बहुत बड़े कलाकार हैं तो आपने कितनो लोगों की मदद की है। आप तो कभी टी सीरीज में नहीं आए कि इस न्यूकमर के पास टैलेंट है आप इन्हें लॉन्च कीजिए। कैमरे के पीछे बोलना बहुत आसान है, लेकिन आपने कितने टैलेंट को इंडस्ट्री में चांस दिया जबकि टी सीरीज में 97 प्रतिशत लोग जो काम कर रहे हैं, वो आउटसाइडर थे। हम सभी को चांस देते हैं।
दिव्या ने कहा, सोनू निगम खुद दिल्ली की रामलीला में 5 रुपये के लिए गाना गाते थे। वहां से गुलशन कुमार जी ने इन्हें स्पॉट किया, इन्हें मुंबई की फ्लाइट की टिकट दी और इनसे कहा कि मैं तुम्हें बहुत बड़ा स्टार बनाऊंगा। बताइए सोनू निगम जी आपसे ये बात कही गई थी या नहीं। गुलशन जी ने आपको इतने ऊंचे मुकाम पर पहुंचाया और आपने क्या किया।
दिव्या ने आगे कहा, सोनू जी ने अपने वीडियो में कहा कि भूषण जी इनके पास आए और कहा कि प्लीज मुझे अबू सलेम से बचा लो। अब मैं आपसे ये पूछना चाहती हूं सोनू निगम जी कि अबू सलेम से बचने के लिए वह आपके पास मदद मांगने क्यों आए। प्लीज इस बात की तहकीकात की जाए कि क्या सोनू निगम के अबू सलेम से रिश्ते थे?
दुर्ग / शौर्यपथ / जिले के नवनियुक्त कलत्र डॉ. भूरे शिक्षा के प्रोत्साहन के लिए हमेशा कोई ना कोई पहल करते है और छात्रों के मनोबल को बढाने सदैव आगे रहते है . पिछले वर्ष जिले के कलेक्टर डॉ. भूरे मुंगेली जिले में पदस्त थे तब जिले के प्रावीण्य सूचि प्राप्त छात्र का प्रोत्साहन बढाने सपत्निक छात्र के गृह निवास गए और तोहफा देकर उत्साह वर्धन किया और मेरिट प्राप्त छात्र को शुभकानाए प्रेषित कर उज्जवल भविष्य की कामना के साथ रूचि अनुसार क्षेत्र में आगे बढऩे की सलाह दी थी . आज साल भर बाद मुंगेली के कलत्र की पदस्थापना अब दुर्ग जिले में हो गयी और एक बार फिर सीजी बोर्ड में प्रावीण्य सूचि पर आये छात्रों से मुलाक़ात की एवं उज्जवल भविष्य की शुभकामनाये देते हुए कहा की बोर्ड परीक्षाओं के लिए हर विद्यार्थी कड़ी मेहनत करता है इनमें से सबसे कड़ी मेहनत करने वाले प्रावीण्य सूची में चुने जाते हैं। इन मेधावी विद्यार्थियों को आज सुबह कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे की ओर से भी उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं मिली। कलेक्टर ने इन्हें गिफ्ट दिया और कहा कि यह आप लोगों के जीवन का बहुत सुखद पड़ाव है। इसी तरह मेहनत करते रहोगे तो आगे का रास्ता और भी खूबसूरत होगा।
उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाएं बहुत अहम होती हैं और इनमें अच्छा स्कोर करना महत्वपूर्ण है लेकिन यह पढ़ाई का केवल एक पड़ाव है। आगे बहुत सी चुनौतियां होती हैं जो विद्यार्थी लगातार अध्ययनशील रहते हैं। सीखने की उत्सुकता रखते हैं। उनके लिए तकलीफें कम होती है और वे आगे बढ़ते जाते हैं। जितनी ज्यादा कड़ी मेहनत करेंगे, दुनिया को जानने के लिए उत्सुक रहेंगे। उतनी ही ज्यादा तरक्की आप जीवन में करेंगे। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल, सहायक संचालक अमित घोष सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
कलेक्टर से इस अवसर पर बच्चों ने अपनी आकांक्षाएं भी साझा की। दसवीं में जिले के दो छात्राओं और एक छात्र ने प्रावीण्य सूची में अपनी जगह बनाई है। इनमें से महक शकुंतला विद्यालय की है आदर्श कुम्हारी के ज्योति अंग्रेजी माध्यम स्कूल का छात्र है और संजना करंजा उच्चतर माध्यमिक शाला की छात्रा है। महक और आदर्श इंजीनियरिंग की तैयारी करना चाहते हैं और संजना आईआईटी की तैयारी करना चाहती हैं। बारहवीं के टापर सौरभ साहू जिन्होंने चैाथी रैंक पाई है। नीट की तैयारी करना चाहते हैं। मीनल एग्रीकल्चर की तैयारी करना चाहती हैं। कलेक्टर ने सभी को कहा कि अपने पसंद की पढ़ाई करें। अभी खूब सारी सामग्री आपके पास मौजूद है इसलिए जितना जानना है उतना जानने के लिए आगे बढिय़े। कलेक्टर ने कहा कि हम सभी चाहते हैं कि जिले के बच्चों को सबसे अच्छी शिक्षा मिले। जहां किसी तरह की गाइडेंस में दिक्कत आ रही है तो विशेष कक्षाओं के माध्यम से हम यह सुनिश्चित करा रहे हैं। कलेक्टर ने आगे के करियर के रास्तों के बारे में भी विद्यार्थियों को बताया। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं के बाद अपनी रुचि के मुताबिक अच्छा विषय चुनने से आपका करियर भी अच्छा बनता है। उन्होंने कहा कि आपकी पसंद के विषयों में भी बहुत से करियर हैं इस संबंध में जितनी जानकारी प्राप्त करेंगे। आपके लिए बेहतर होगा।
भिलाई / शौर्यपथ / वार्ड 38 शहीद वीर सिंह नारायण नगर आशीष होटल के पीछे गलत जगह पर उगे हुए नीलगिरी का पेड़ पर निगम की ओर से किसी तरह का ध्यान नहीं दिए जाने से हो रहे लोगों के जान माल से बचने एवं आर्थिक नुकसान को रोकने के लिए क्षेत्रवासी परेशान होकर अपनी व्यथा को सामाजिक कार्यकर्ता सुमन शील के समक्ष रखकर समस्या से निजात दिलाने की मांग की है । अपनी व्यथा को प्रकट करते हुए लक्ष्मी पाल ,शेखर ने बताया कि एक साल से हम गलत जगह उगे हुए पेड़ को छटनी कराने के लिए निगम के पास आवेदन देते हुए आ रहे हैं तथा निगम के अधिकारी एवं पार्षद को भी बता रहे हैं कि हवा एवं बरसात के समय आए दिन पेड़ के बड़े-बड़े डंगाल टूटकर घर के छत के ऊपर गिरने से क्षति व नुकसान का सामना करना पड़ रहा है ।
एक साल पहले भीषण बरसात में पेड़ का डंगाल के गिरने से छत टूट कर गिर गया था जिस पर निगम के अधिकारी व पार्षद के उपस्थिति में आकर मौके स्थल का अवलोकन करने के बाद पेङ़ को कटवाने तथा नुकसान की क्षतिपूर्ति देने तक का आश्वासन दिया गया था लेकिन ना ही पेड़ की कटाई हुई और ना ही कोई क्षतिपूर्ति मिला पाया है , बल्कि इस की मंगलवार के बरसात एवं हवा में फिर से पेड़ का डंगाल के गिरने से हम लोगों की जान बच गई पर फिर एक बार नुकसान झेलना पड़ा है । समस्या से अवगत होने के उपरांत मौके स्थल पर से सामाजिक कार्यकर्ता सुमन शील ने निगम जोन आयुक्त अमिताभ शर्मा को वस्तु स्थिति से अवगत कराया और कहा है कि अभी हाल ही में लोगों द्वारा घटना से पहले आवेदन सौंपा गया है परंतु कोई ध्यान नहीं देने के चलते फिर से क्षेत्र में कई लोगों का आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है और अभी समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो किसी बड़ी दुर्घटना घटने की संभावना हो सकता है जिस पर वर्तमान जोन आयुक्त ने निरीक्षण कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है ।
भिलाई ( रिसाली )/ शौर्यपथ / भिलाई निगम क्षेत्र में कोरोना वारियर्स के रूप में काम कर रहे 20 सफाई कर्मियों का आज कोरोना जांच के लिए सेंपल लिया गया। लॉकडाउन के दौरान वार्डों में लगातार सफाई कार्य में जुटे हुए कर्मियों पर किसी प्रकार का संक्रमण न फैले इसे देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आरटीपीसीआर के रेंडम जांच के लिए स्वेब का सेंपल कर जांच हेतु भेजा है। कोरोना वायरस के रोकथाम हेतु फील्ड में तैनात कर्मचारियों का रैन्डम जांच किया जा रहा है। आज भिलाई निगम के जोन 03 व जोन 04 के कर्मचारियों का नोवल कोरोना वायरस के संक्रमण के जांच के लिए सैंपल लिए गए। इस जांच में उन लोगों को लिया गया जो कोरोना वायरस संक्रमण के रोकथाम हेतु आवश्यक सेवाओं में लगे हुए हैं जिनका रेंडम सैंपल लिया गया। डॉक्टरों ने बताया कि कोरोना से लडऩे मास्क लगाना एवं सोशल डिस्टेंस का पालन करना ही बेहतर माध्यम है साथ ही बार बार हाथों की सफाई करते रहे ताकि वायरस को फैलने से रोका जा सके।
कोरोना वायरस कम्युनिटी में न फैले इसके लिए जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम आज सुबह 11 बजे से निगम के जोन 03 व जोन 04 कार्यालय में कोरोना वायरस के जांच संबंधी सभी उपकरण के साथ पहुंचे। डॉ. हरिराम यदु, आयुष चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि डॉक्टरों की टीम 20 कर्मचारियों से आरटीपीसीआर जांच के लिए नाक और गले का स्वेब सेम्पल कलेक्शन किए। आज भिलाई निगम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था में कार्यरत जिनकी उम्र लगभग 50 वर्ष के आस पास है उन लोगों का चयन कर एतिहातन के तौर पर सेम्पल लेकर जांच हेतु एम्स रायपुर भेजा गया। इस दौरान डॉक्टरों की टीम ने सभी कर्मचारियों को कार्य के दौरान सोशल डिस्टेंस का पालन करने, मास्क का उपयोग करने व बार बार हाथों की सफाई करते रहने के निर्देश देते हुए तबीयत खराब होने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दिए। जांच शिविर में जिला स्वास्थ्य विभाग टीम में लैब टेक्निशियन अशोक वर्मा, वार्ड ब्वॉय देवेन्द्र पटेल, जोन 04 के स्वास्थ्य अधिकारी महेश पाण्डेय, जोन 03 के स्वच्छता अधिकारी आर.पी. तिवारी, स्वच्छता निरीक्षक के.के. सिंह आदि उपस्थित थे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
