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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
धमतरी / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का कार्य 16 नवम्बर से शुरू हो गया है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री जय प्रकाश मौर्य ने अपील किया है कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत नए मतदाता, जिनकी आयु 01 जनवरी 2021 को 18 वर्ष पूरी हो गई है, वे अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते हंै। इसके लिए वे अपने नजदीकी काॅमन सर्विस सेंटर (सीएससी) अथवा बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं। मतदाता सूची में नाम जुडवाने के लिए फाॅर्म-06, प्रवासी मतदाता पंजीकरण के लिए फाॅर्म-06 (क) मतदाता सूची से नाम हटवाने फाॅर्म-7, मतदाता सूची में नाम, पता एवं फोटो सुधरवाने फाॅर्म-08, उसी विधानसभा में निवास स्थान बदलने फार्म-8 (क) तथा डूप्लिकेट इपिक कार्ड के लिए फार्म-001 भरा जा सकता है।
मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए जारी कार्यक्रम के अनुसार 16 नवंबर 2020 को मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। इसी तरह 15 दिसंबर तक दावा-आपत्ति प्रस्तुत की जा सकेगी। प्राप्त दावा-आपत्तियों का निराकरण 05 जनवरी 2021 तक किया जाएगा। संशोधन एवं नए नाम जोड़ने के बाद 15 जनवरी 2021 को अंतिम रूप से पुनरीक्षित फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली का प्रकाशन किया जाएगा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिले में स्वीप कार्यक्रम के तहत विशेष मतदाता जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में कोटवारों के जरिए मुनादी भी कराई जा रही है।
धमतरी / शौर्यपथ / कलेक्टर धमतरी जयप्रकाश मौर्य के निर्देश पर आबकारी विभाग द्वारा अवैध मदिरा निर्माण, परिवहन, भण्डारण, विक्रय के विरूद्ध सतत् कार्रवाई की जा रही है। जिला आबकारी अधिकारी श्री मोहित जायसवाल ने बताया कि अवैध कच्ची महुआ शराब की शिकायत मिलने पर नगरी विकासखण्ड के ग्राम कुकरेल स्थित बांसपारा (थाना केरेगांव) में आबकारी अमला द्वारा छापामार कार्रवाई कर रमेश्वरी कमार से 14.7 लीटर महुआ शराब, प्रहलाद साहू से दो लीटर महुआ शराब तथा लावारिस हालात में प्राप्त 350 किलोग्राम महुआ लहान बरामद की गई।
आरोपियों के विरूद्ध आबकारी एक्ट के तहत क्रमशः धारा 34(2)(क), (ख), 34 (1)(क) तथा 34(1)(च) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर दो को जेल दाखिल किया गया। सम्पूर्ण कार्रवाई के दौरान वृत्त प्रभारी अधिकारी वैभव मित्तल आबकारी उपनिरीक्षक निलोफर जैन एवं आबकारी स्टाफ उपस्थित रहे।
धमतरी / शौर्यपथ / मानव जीवन में वन की उपस्थिति बेहद महत्वपूर्ण है। वन न सिर्फ पर्यावरण एवं जलवायु का संतुलन निर्धारण करता है, बल्कि प्राकृतिक पेड़-पौधों को सुरक्षित रखता है। वन क्षेत्र में आयुर्वेद एवं चिकित्सा के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाली बहुमूल्य जड़ी-बूटियां, फूल-फल, पत्ते, छाल आदि का संग्रहण किया जाता है, जो आज वन क्षेत्र में निवासरत परिवारों की आय का बड़ा जरिया बन चुका है। वहीं शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर इसकी खरीदी किए जाने से लघु वनोपजों के संग्रहणकर्ताओं को काफी लाभ मिल रहा है।
जिले का लगभग 52 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है, जो काफी बड़ा रकबा है। लघु वनोपजों एवं वनोत्पादों के संग्रहण के लिए वन विभाग द्वारा जिले में 26 वनोपज सहकारी समितियां गठित की गई हैं, जहां पर इन वनोत्पादों का संग्रहण किया जाता है। वन मण्डलाधिकारी एवं प्रबंध संचालक जिला वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित श्री अमिताभ बाजपेयी ने बताया कि जिला वनोपज सहकारी समितियों के माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 24 प्रजाति के वनोपज खरीदे जाते हंै, जिसमें कालमेघ, पुवाड़ बीज, आंवला बीज, हर्रा-कचरिया, हर्रा, बहेड़ा-कचरिया, बहेड़ा, शहद, वन तुलसी, वन जीरा, शतावर सूखा, नागरमोथा, कुसुमी लाख, गिलोय, धवई फूल, महुआ फूल, भेलवा, माहुल पत्ता, बेल गुदा, चिरौंजी गुठली, साल बीज, महुआ बीज, कुसुम बीज क्रय किए जाते हैं। इसके अलावा संघ द्वारा निर्धारित दर पर इंद्रौज, कुटज छाल और आंवला फल क्रय किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि लघु वनोपज क्रय करने के लिए 22 हजार 280 क्विंटल का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके संग्रहण के लिए 657.85 लाख व्यय होगा जो वन क्षेत्र में निवासरत वनवासियों की अतिरिक्त आय के रूप में मिलेगा। वन मण्डलाधिकारी एवं प्रबंध संचालक ने बताया कि जिले के लगभग 12 हजार 300 परिवारों के द्वारा लघु वनोपज का संग्रहण किया जाता है तथा इस कार्य के लिए 273 स्वसहायता समूह गठित किए गए हैं, जिनसे जुड़े 3129 लोगों को वनोपज क्रय का दो प्रतिशत कमीशन दिया जाएगा। यह राशि लगभग 13.15 लाख रूपए होगा। वनोपज को विक्रय करने से पहले प्राथमिक रूप से साफ-सफाई करना, धूल-मिट्टी हटाना, सूखाना आदि कार्यों में लगे 50 लाख स्वसहायता समूहों को प्रारम्भिक प्रसंस्करण के लिए छह लाख आठ हजार रूपए की आय प्राप्त होगी।
उन्होंने बताया कि लघु वनोपज संग्रहण का न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना का सर्वाधिक लाभ संग्राहकों को वनोपज का अधिक मूल्य दिलाना तथा प्रसंस्करण के माध्यम से रोजगार का अतिरिक्त साधन उपलब्ध कराना है। साथ ही वनों में अतिक्रमण की प्रवृत्ति को रोककर विनाशविहीन विदोहन करना है जिससे लोगों में वन संसाधन के प्रति जागरूकता, सजगता और संरक्षण की भावना विकसित करना है।
-- जिला पंचायत अध्यक्ष ने डभरा जनपद पंचायत में दिलाई शपथ
--कोविड-19: महात्मा गांधी नरेगा के जन आंदोलन से हो रहे ग्रामीण जागरूक
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / कोरोना वैश्विक महामारी को लेकर महात्मा गांधी नरेगा द्वारा चलाए जा रहे कोविड 19 जन आंदोलन से ग्रामीण जागरूक होकर सचेत हो रहे है। दो गज की दूरी मास्क है जरूरी, जब तक दवाई नहीं तब तक ढिलाई नहीं जैसे स्लोगनों से भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसी तारतम्य में जिला पंचायत से लेकर जनपद पंचायत एवं ग्राम पंचायतों में जन आंदोलन की प्रतिज्ञा दिलाई जा रही है। वहीं विगत दिनों जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यनिता यशवंत चंद्रा द्वारा जनपद पंचायत डभरा के अधिकारी, कर्मचारियों को मनरेगा जन आंदोलन की प्रतिज्ञा दिलाई।
जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी अग्रवाल ने बताया कि वैश्विक महामारी कोविड-19 संक्रमण के प्रसार को बढ़ने से रोकने के लिए मनरेगा जन आंदोलन चलाया जा रहा है। महात्मा गांधी नरेगा के कार्यस्थल पर ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए सरकारी भवनों, नागरिक सूचना पटल के पिछले हिस्से पर जागरूकता संदेश लिखवाए जा रहे है, तो वहीं कार्यस्थल पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए प्रतिज्ञा दिलाई जा रही है। इस संबंध में सभी जनपद पंचायत सीईओ एवं मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी को कहा गया है कि कार्यस्थल पर निर्देशों का पालन जरूर कराएं। जन आंदोलन को व्यापक रूप में सोशल मीडिया के माध्यम, व्हाटसअप पर प्रतिदिन एवं मोबाइल मैसेज के माध्यम से भी भेजकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जिला पंचायत में विगत दिनों प्रतिज्ञा के आयोजन होने के बाद जनपदों को भी निर्देश दिए गए थे।
जीवन में उतारे प्रतिज्ञा
जनपद पंचायत डभरा में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यनिता यशवंत चंद्रा द्वारा जनपद पंचायत के अधिकारी, कर्मचारी को प्रतिज्ञा ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रतिज्ञा को अपने जीवन में जरूर उतारे ताकि स्वयं के साथ आसपास के लोग भी सुरक्षित रहें। कोविड से बचने के सभी उपाय हमें अपनाने चाहिए, ताकि यह बीमारी को जल्द से जल्द खत्म किया जा सके। इसके अलावा जनपद पंचायत नवागढ, पामगढ़, सक्ती, जैजैपुर, मालखरौदा, बलौदा, अकलतरा, बम्हनीडीह में भी अधिकारी, कर्मचारियों ने शपथ ली।
गांव-गांव में जागरूकता
कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है, इसलिए जब तक दवाई नहीं तब तक ढिलाई नहीं जैसे संदेशों का गांव-गांव में प्रचार किया जा रहा है। प्रतिदिन ग्रामीण इन संदेशों को पढ़कर अपने जीवन में उतार सकें, इसके लिए मनरेगा के माध्यम से दीवाल लेखन किया जा रहा है, इसके साथ ही मनरेगा के बनाए जा रहे सूचना पटल के पिछले हिस्से पर भी संदेशों को लिखवाया गया है। वहीं नवापारा, परसदा, बाना, परसाहीनाला, मुडपार, परसदा, बोराईडीह, रेडा, कलमी, धाराशिव (रो), पोड़ी आदि ग्राम पंचायतों में चल रहे तालाब गहरीकरण, नाली निर्माण, डबरी, गोठानों में भी ग्रामीणों, श्रमिकों को शपथ दिलाई जा रही है। इस दौरान मनरेगा के 12 बिंदुओं के सूत्र वाक्य का वाचन भी किया जा रहा है।
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / किसानों की आय बढ़ाने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गोधन न्याय योजना के तहत 2 रूपए प्रति किलो ग्राम की दर से खरीदे जा रहे गोबर किसानों की अतिरिक्त स्थायी आय का जरिया बन गया है। इस योजना ने गौपालकों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दिया है।
छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी ‘गोधन न्याय योजना’ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में मददगार साबित हो रही है। गोबर बेचने से मिले रूपये को कोई अपनी खेती-किसानी में लगा रहा है, तो कोई उससे पशुधन खरीद कर दुग्ध व्यवसाय को मजबूती प्रदान करने में लगा हुआ है। गौ पालको को दुध के अलावा गोबर से भी नगद आमदनी होने से आर्थिक रूप से समृद्ध हो रहें है। गौपालक किसान अतिरिक्त आय का उपयोग अपने जीवन स्तर को संवारने और बेहतर करने में लगा रहे हैं।
जिला पंचायत कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के 9 विकासखण्ड और 14 नगरीय निकायो में 241 गौठानो के माध्यम से 20 जुलाई से 01 दिसम्बर तक 1,45,50,079 किलोग्राम से अधिक गोबर खरीदी की गई है। खरीदे गए गोबर के राशि 2करोड ,91लाख ,159 रूपयें का भुगतान गौपालक किसानों के बैंक खातें में आॅनलाइन किया गया है।
नवागढ़ विकासखण्ड में 29,74,612 किलोग्राम गोबर खरीदी की गई है। इसी प्रकार पामगढ़ विकासखण्ड के 11,05,520 किलोग्राम, अकलतरा में 17,17,602 किलोग्राम, बलौदा - 14,60,261 किलोग्राम, बम्हनीडीह में 13,31,554 किलोग्राम, जैजैपुर में 10,39,559 किलोग्राम, सक्ती में 88,71,862 किलोग्राम, मालखरौदा - 4,27,888 किलोग्राम और डभरा में 16,27,653 किलोग्राम गोबर की खरीदी की गई है।
इसी प्रकार नगर पालिका जांजगीर-नैला में 3,65,652 किलोग्राम, अकलतरा में 3,27,393 किलोग्राम, चांपा में 1,24,595 किलोग्राम, सक्ती में 1,88,773 किलोग्राम, नगर पंचायत बलौदा में 34,270 किलोग्राम, नवागढ़ में 21,638 किलोग्राम, शिवरीनारायण में 2,26,139 किलोग्राम, सारागांव में 29,275 किलोग्राम, नयाबाराद्वार में 68,534 किलोग्राम, राहौद 4,453 किलोग्राम, खरौद मे 3,32,719 किलोग्राम, डभरा में 47869 किलोग्राम, चन्द्रपुर में 64,439 किलोग्राम, अड़भार में 1,05,204 किलोग्राम और जैजैपुर नगर पंचायत में 52,612 किलोग्राम गोबर की खरीदी की गई है।
जांजगीर-चाम्पा / शौर्यपथ / अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देष पर देष के किसानों द्वारा मोदी नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार द्वारा लाये गये कृशि सुधार बिल को वापस लेने की मांग के समर्थन में आज नगर कांग्रेस कमेटी द्वारा जिला कांग्रेस कमेटी के मार्ग निर्देषन में प्रातः 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक नगर के व्यवसायियों से दुकाने बंद रखकर अन्नदाता किसानों की मांग का समर्थन करने की अपील की।
व्यवसायियों ने भी किसानों की जायज मांग का समर्थन करते हुये अपनी दुकानें बंद रखकर समर्थन किया। चाॅक चैबंद पुलिस व्यवस्था के बीच नगर के सभी कांग्रेसी नेता एवं कार्यकतागण प्रातः 9 बजे गायत्री मंदिर नैला से पैदल चलकर केरा रोड तक घुम-घुमकर खुली दुकानों के संचालकों से किसान विरोधी वाले काले कानून वापस लेने की अपील करते नजर आये और दुकानदारों ने समर्थन में अपनी प्रतिश्ठान को निर्धारित समय तक बंद रखा।
इस दौरान कचहरी चैक और नेताजी चैक में छोटी सभा आयोजित की गई जहां जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डाॅ. चैलेष्वर चंद्राकर ने पारित कृशि सुधार बिल को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुये कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा मनमाने और तानाषाह तरीके से नये-नये कानून लोगों पर थोपने का प्रयास कर रही है। उसी कड़ी में कृशि विरोधी काला कानून लाया गया है । जिस कानून के लोगों होने से किसान पूंजीपतियों के गुलाम हो जायेंगे, उक्त कानून में न तो न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी दी गई है और न ही कृशि मंडी समाप्त नहीं होगी इसकी गारंटी दी गई है। कांग्रेस हमेषा किसानों के हितों के लिये काम करती रही है और उनके हितों की रक्षा के लिये हमेषा संघर्श करती रहेगी। कार्यक्रम को नगर पालिका अध्यक्ष भगवानदास गढ़ेवाल, प्रवक्ताद्वय रफीक सिद्धिकी व षिषिर द्विवेदी, गिरधारी यादव, ऋशिकेष उपाध्याय, षत्रुहनदास महंत, जिला युंका अध्यक्ष प्रिंस षर्मा, अनिल राठौर ने भी संबोधित कर काले किसान विरोधी कानून को वापस लेने की मांग की।
कार्यक्रम का संचालन नगर कांग्रेस अध्यक्ष विवेक सिंह सिसोदिया ने व आभार प्रदर्षन पार्शद रामविलास राठौर ने किया। इस दौरान प्रमुख रूप से पूर्व विधायक चुन्नीलाल साहू, नगर महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती हेमलता राठौर, ब्यास कश्यप, अजीत सिंह राणा, पार्शदगण विश्णु यादव, रामकुमार यादव, संतोश गढ़ेवाल, मनोज कालू अग्रवाल, षेशनाथ टण्डन, दीपकराज आसना, संतोश भोपालपुरिया, संजय केदारनाथ अग्रवाल, हीरा उपाध्याय, बसंत अग्रवाल, सुरेष सेन, सुरेष अग्रवाल, सुखराम गरेवाल, एन.एस.यू.आई. अध्यक्ष आकाष तिवारी, अतीक कुरैषी, भोलू यादव, नरसिम्हा यादव, महेष राठौर, किषोर साव, अनिल चन्द्रा, राजा बाबू, प्रीतम सिंह राठौर, राजा खान सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित थे।
सरोज पांडेय के बयान में छत्तीसगढ़ी कला संस्कृति परंपरा खेलकूद का विरोध झलक रहा है
रायपुर / शौर्यपथ / राज्यसभा सांसद सरोज पांडे के बयान पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा नेत्री एवं राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय पर तंज कसते हुए कहा कि दीनदयाल उपाध्याय की कथा सुनने वाले क्या जाने छत्तीसगढ़ की माटी की खुशुब छत्तीसगढ़ की तीज त्योहारों परम्पराओं का आनंद ,गेड़ी चढ़ना,लट्टू चलना,हरेली तिहार राउत नाचा में छत्तीसगढ़ की महक आती है। सरोज पांडेय के बयान में छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति परंपरा तीज त्योहारों खेल का विरोध झलक रहा है।
उन्होंने कहा कि आखिर भाजपा नेताओं को छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति परंपरा तीज त्यौहार से इतनी चिढ़ क्यों है?रमन शासनकाल में मुख्यमंत्री निवास में कभी भी छत्तीसगढ़ के तीज त्योहारों का आयोजन नही हुआ। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति परंपरा को पुनर्जीवित कर रहे हैं देश में ही नहीं बल्कि विश्व में अलग पहचान दे रहे हैं।ऐसे में भाजपा नेताओं को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के राउत नाचा में शामिल होने और लट्टू चलाने से पेट में दर्द क्यों हो रहा है?
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि राज्यसभा सांसद सरोज पांडे को 15 साल के रमन भाजपा के शासनकाल का अवलोकन करना चाहिए उस दौरान प्रतिदिन 4 किसान आत्महत्या करने मजबूर थे। किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य नहीं मिलता था।किसानों के लिए बनाए गए जलाशय से पानी मांगने पर किसानों के ऊपर बेत प्रहार कराये जाते थे। किसानों आदिवासियों के ऊपर फर्जी मुकदमे दर्ज कराए जाते रहे। रमन सिंह सरकार के कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार के चलते छत्तीसगढ़ के खजाने पर 41 हजार करोड़ का कर्ज चढ़ गया। एक ओर खजाने में कर्ज बढ़ा, दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के 20 लाख किसान कर्ज के बोझ में दबे थे। रमन सिंह ने किसानों को धान की कीमत 2100 रू. प्रतिक्विंटल एवं 300 रू. बोनस नहीं दिया। मुक्त बिजली पांच हार्स पावर तक पम्प देने के वादा, को पूरा नहीं की, युवाओं के शासकीय नौकरी को आउट सोर्सिंग के माध्यम से बेचने का काम किया। निर्दोष आदिवासियों को जेल में बंद किया, आदिवासियों की 90 हजार एकड़ जमीन छीनी गई। पांचवी अनुसूची के अधिकारों का हनन किया। 20 हजार से अधिक महिलायें गायब हो गई। भाजपा से जुड़े लोग मानव तस्करी, ड्रग तस्करी, शराब तस्करी, माओवादियों के मददगार के रूप में गिरफ्तार हो रहे, चिटफंड घोटालों में भाजपा नेताओं की भूमिका है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा के किसान विरोधी चरित्र और चेहरा को छत्तीसगढ़ की जनता भली-भांति पहचानती है 15 साल तक रमन शासनकाल में किसानों के ऊपर अत्याचार हुए हैं किसानों का शोषण किया गया है और बीते 7 साल से मोदी सरकार किसानों के साथ धोखा छल वादाखिलाफी कर रही है। तीन किसान विरोधी काले कानून बनाकर किसानों को गुलाम बनाने की कोशिश किया जा रहा है किसानों को समर्थन मूल्य देने से भाजपा की सरकार बच रही है किसानों के धान की सरकारी खरीदी की जिम्मेदारी से भाग रही है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी भाजपा की सरकार जिस प्रकार से भारत के नवरत्न कंपनियों रेल रेलवे स्टेशन हवाई अड्डा सहित 135 सरकारी कंपनियों को अदानी अंबानी जैसे पूंजी पतियों को बेच रही है ठीक उसी प्रकार अब धान खरीदी से भी भाजपा की केंद्र सरकार भाग रही है किसानों को स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश के अनुसार लागत मूल्य का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य और 50 प्रतिशत प्रॉफिट देने का वादा कर सरकार में आए अब किसानों को समर्थन मूल्य देने के भी पक्ष में नहीं है यह भाजपा की किसान विरोधी चेहरा है।
36 हजार करोड़ के नान घोटाले के नामों को छिपाने पूरी ताकत झोंक दी थी भाजपा सरकार ने
गोबर बेच कर पशुपालक स्कूटी खरीद रहे तो नान घोटाला वाले को पीड़ा हो रही
रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में गौ-पालको से 2 रू. किलो की दर पर गोबर खरीदा जा रहा है। समाज के अंतिम छोर में खड़ी महिलाएं एवं गो-पालक गोबर 2 रू. किलो की दर में बेच रही है तो इसमें रमन सिंह जी को बड़ी पीड़ा हो रही है। गोबर खरीदी में रमन सिंह जी को बड़ी तकलीफ हो रही है। यह तकलीफ उस समय कहां थी गरीबों के निवाला को छीनकर जब 36 हजार करोड़ का नान घोटाला हुआ था ? 36000 करोड़ के नान घोटाले के नामों को छिपाने क्यों भाजपा सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी थी? 2 रू. की गोबर खरीदी में घोटाले का मनगढ़त, बेबुनियाद आरोप लगाने वाले रमन सिंह जी नान घोटाले के समय में क्यों खामोश चुप्पी साधे बैठे थे? जिस रमन सिंह जी के 15 वर्ष शासनकाल में गौशालाओं में गायों को पालने पोसने के नाम पर करोड़ों रू. का अनुदान घोटाला हुआ और गौ मांस के लिए और चमड़े के लिए सैंकड़ो हजारों गायों की निर्मम हत्यायें की गई उस समय रमन सिंह जी का जमीर कहां सोया पड़ा था? आज रमनसिंह को घोटालों की बात अचानक कैसे समझ में आने लगी है? दरअसल गरीबों को, महिलाओं को, समाज के अंतिम छोर में खड़े व्यक्तियों को और गो पालको को सीधे लाभ मिल रहा है जो रमन सिंह और भाजपा को बर्दाश्त ही नहीं हो रहा है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
