January 08, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

 रायपुर / शौर्यपथ /  ‘बात हे अभिमान के, छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान के’ स्लोगन को धरातल पर उतारते हुए नाॅर्थ अमेरिका में छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों के संगठन नाॅर्थ अमेरिका छत्तीसगढ़ एसोसिएशन ( North America Chhattisgarh Association-NACHA ) के सदस्यों ने भी बड़े ही जोश और उमंग के साथ ‘रन विथ छत्तीसगढ़ वर्चुअल मैराथन’ में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर आज प्रदेश भर में वर्चुअल मैराथन आयोजित की गई। इस मैराथन में न सिर्फ छत्तीसगढ़ के लाखों बुजुर्ग, युवा और बच्चों ने एकजुटता दर्शाने के लिए भारी संख्या में अपनी सहभागिता की अपितु ‘रन विथ छत्तीसगढ़ की सतरंगी छटा’ सात समंदर पार शिकागो नाॅर्थ अमेरिका में भी खिलकर सामने आई।

भिलाई में भसीन या शंकरलाल देवांगन तो दुर्ग में दिनेश देवांगन या देवेन्द्र चंदेल के नामों पर लग सकती है मुहर या अरुण सिंह पर संगठन खेलेगा दाव

दुर्ग / शौर्यपथ / भाजपा संगठन में भिलाई-दुर्ग के भाजपा का जिलाध्यक्ष बनाने को लेकर राजनीति में उबाल आ गया है। इसके लिए लोकसभा सांसद विजय बघेल और राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय अपने-अपने समर्थकों के माध्यम से आमने-सामने आ गए हैं। करीबी की ताजपोशी के लिए दोनों नेताओं के बीच गुटीय संघर्ष के हालातों पर जिले भर की राजनीतिक निगाहें टिकी हुई है।
प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय के भिलाई व दुर्ग जिला संगठन के अध्यक्षों की नियुक्ति 15 दिसंबर से पहले कर दिए जाने का संकेत देने के बाद भाजपा की स्थानीय राजनीति में मौसम की ठंडकता के बावजूद गरमाहट भर आई है। अब तक जो सियासी चर्चा सरगर्म है उसके मुताबिक संगठन में अपने समर्थक को जिला अध्यक्ष की कुर्सी पर बिठाने लोकसभा सांसद विजय बघेल और राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय एक बार फिर आमने-सामने आ गए हैं। इसके साथ ही दोनों नेताओं के समर्थकों की निगाह प्रदेश भाजपा कार्यालय से होने वाली अधिकृत घोषणा पर टिकी हुई है। हालांकि इस बार के हालात के अनुसार वैशाली नगर विधायक विद्यारतन भसीन को भिलाई भाजपा की कमान मिल सकती है। राजनीति के जानकारों की मानें तो पिछले निगम चुनाव में जिस तरह से भसीन को महापौर प्रत्याशी बनाकर भाजपा के प्रदेश संगठन ने स्थानीय नताओं के गुटीय संघर्ष पर विराम लगाया था। वैसा ही निणय भिलाई जिलाध्यक्ष बनाने में भी लिया जा सकता है। वैसे देखा जाये तो बसीं के लिए जिलाध्यक्ष की खुर्सी इतनी आसान ही नहीं है निष्क्रियता का आरोप हमेशा से भसीन पर लगता रहा है जबकि भाजपा को इस समय ऐसे जिलाध्यक्ष की जरुरत है जो सक्रीय रहे और जमीनी स्तर से कार्यकर्ताओ के साथ समन्वय बना कर चले किन्तु भसीन के जिलाध्यक्ष बन्ने से जमीनी कार्यकर्ताओ में कही ना कही हताशा हो सकती है किन्तु किस्मत के धनी माने जाने वाले भसीन पर भी संगठन अपना दाव लगा सकती है . वैसे अभी तक भिलाई भाजपा जिलाध्यक्ष के लिए सरोज गुट से खिलावन सिंह साहू और विजय खेमे से शंकरलाल देवांगन की दावेदारी चर्चे में है। इसी तरह दुर्ग जिला अध्यक्ष के लिए सरोज खेमा दिनेश देवांगन के नाम को सहमति दिलाने का प्रयास कर रहा है। जबकि विजय बघेल की ओर से देवेन्द्र सिंह चंदेल का नाम आगे किए जाने की चर्चा है। इस बीच यह भी चर्चा सरगर्म है कि प्रदेश संगठन भाजपा के दोनों दिग्गजों के बीच एक-एक जिला अध्यक्ष का बंटवारा कर सकता है। ऐसी स्थिति में भिलाई संगठन विजय बघेल को देकर दुर्ग में सरोज पांडेय की पसंद पर अध्यक्ष बनाए जाने की संभावनाओं को लेकर चर्चा सरगर्म है।
वही दुर्ग जिलाध्यक्ष के लिए भाजपा के कई कार्यकर्ता वार्ड न. 21 के पार्षद अरुण सिंह को भी देखना चाहते है वैसे तो अरुण सिंह निर्दलीय पार्षद के रूप में विजयी हुए है कीनू वर्तमान समय में भी भाजपा के सक्रीय कार्यकत्र्ता है और विजय गुट से सम्बन्ध रखते है . युवाओं में अरुण सिंह को ज्यादा पसंद किया जाता है हिन्दू युवा मंच के द्वारा कई मौको पर अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर चुके अरुण सिंह धमधा टोल नाका के आन्दोलन के लिए जाने जाते है संगठन चलाने की कला में माहिर अरुण सिंह युवा जोश से भरपूर है और युवाओं की बहुत बड़ी फौज उनके साथ है वर्तमान समय में दुर्ग जिला भाजपा को जिस तरह का तेज तर्रार अध्यक्ष चाहिए उसके लिए अरुण सिंह से बेहतर कोई नहीं किन्तु दुर्ग में सरोज पाण्डेय के चुने हुए प्रत्याशी ( निगम चुनाव ) संजय सिंह के सामने निर्दलीय मैदान में उतर कर और रिकार्ड मतों से जीत दर्ज कर पार्षद बने अरुण सिंह के लिए इस अध्यक्ष की खुर्सी के लिए सबसे बड़ी दीवार सरोज पाण्डेय के रूप में है अगर अरुण सिंह को सरोज पाण्डेय का समर्थन मिल गया तो दुर्ग जिला अध्यक्ष बनने के सभी रस्ते अरुण सिंह के लिए आसान हो जायेंगे और दुर्ग भाजपा एक बार फिर नए रूप में विपक्ष की मजबूत भूमिका में नजर आएगी किन्तु राजनीती में ये बदलाव आसान नहीं है वही यह भी कह सकते है कि राजनीती में सब संभव है जहां सारी अटकले धराशायी हो जाती है वही एक निष्क्रिय या नया चेहरा भी मैदान में नजर आ जाता है . देखना यह है कि संगठन किस नजरिये से जिलाध्यक्ष के चुनाव में सफलता हांसिल करता है क्योकि गुटीय राजनीती से उबरना वर्तमान समय में प्रदेश की और दुर्ग की राजनीती के लिए संगठन की सबसे बड़ी चुनौती है .
गौरतलब रहे कि तकरीबन डेढ़ साल से भाजपा के संगठन जिला भिलाई और दुर्ग के नये अध्यक्ष चयन का मामला लंबित है। इसके लिए बड़े नेताओं की अपने करीबी समर्थकों की राजपोशी सुनिश्चित कराने के लिए मची खींचतान को काफी हद तक जिम्मेदार माना जा सकता है। मौजूदा राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पाडेंय के वर्ष 2009 में पहली बार लोकसभा चुनाव जीतने के साथ ही भिलाई व दुर्ग के भाजपा संगठन में उनका वर्चस्व कायम रहा है। इस बार भी सरोज समर्थक दोनों संगठन जिलों में अपना अध्यक्ष बनाने कोई कसर छोड़ते नहीं दिख रहे हैं। लेकिन इस बार समीकरण काफी बदल सा गया है। सरोज गुट को लोकसभा सांसद विजय बघेल समर्थकों से कड़ी चुनौती मिलती दिख रही है।
यहां पर यह बताना भी लाजिमी होगा कि संगठन चुनाव के तहत बूथ और मंडल अध्यक्षों की चयन सूची सार्वजनिक होते ही लोकसभा सांसद विजय बघेल ने खुलकर विरोध जताया था। विजय बघेल को पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय, श्रीमती रमशीला साहू, विधायक विद्यारतन भसीन और पूर्व विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के साथ-साथ उनके समर्थकों का स्वस्फूर्त समर्थन मिला। विजय बघेल ने सदस्यता अभियान और बूथ व मंडल अध्यक्षों के चयन प्रक्रिया को फर्जी करार देते हुए प्रदेश व राष्ट्रीय संगठन तक शिकायतें की। जिसके बाद भिलाई व दुर्ग जिलाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया को टाल दिया गया। लगभग डेढ़ साल से भिलाई और दुर्ग जिला संगठन अपने कार्यकाल खत्म कर चुके अध्यक्षों के नेतृत्व में ही सांगठनिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा है।
अब जब 15 दिसंबर तक नये जिलाध्यक्षों की घोषणा हो जाने की चर्चा है तो भाजपा की स्थानीय गुटबाजी को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि आम सहमति बनाना राजधानी के बड़े नेताओं के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 14 और 15 दिसम्बर को सरगुजा, सूरजपुर तथा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद 15 दिसम्बर को दोपहर 2 बजे रायपुर लौटेंगे। मुख्यमंत्री निर्धारित दौरा कार्यक्रम के तहत 14 दिसम्बर को पूर्वान्ह 11 बजे सर्किट हाउस अंबिकापुर से कार द्वारा प्रस्थान कर 11.15 बजे मेंड्राकला पहुंचेंगे और धान खरीदी केन्द्र का निरीक्षण कर किसानों से चर्चा करेंगे। वे इसके पश्चात् ग्राम केशवपुर में गौठान का निरीक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 12 बजे से ब्रम्हपारा में उत्कृष्ट अंग्रेजी मीडियम स्कूल और 12.30 बजे गोधन एम्पोरियम का उद्घाटन तथा निरीक्षण करेंगे।
मुख्यमंत्री बघेल अंबिकापुर के पीजी कालेज ग्राउंड में दोपहर 12.45 बजे आयोजित सभा में शामिल होंगे और विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण तथा भूमिपूजन करेंगे। वे दोपहर 2.45 बजे पीजी कालेज ग्राउंड अंबिकापुर से हेलीकाप्टर द्वारा प्रस्थान कर 3 बजे जिला मुख्यालय सूरजपुर पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री वहां आयोजित सभा को सम्बोधित करेंगे और विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण तथा भूमिपूजन करेंगे। वे इसके पश्चात् सर्किट हाउस सूरजपुर पहुंचेंगे और वहां विभिन्न समाज प्रमुखों तथा संरक्षण प्रमुखों और अधिकारियों से चर्चा करेंगे।
मुख्यमंत्री बघेल 15 दिसम्बर को सुबह 10.40 बजे सूरजपुर के नया बस स्टैण्ड का लोकार्पण करेंगे। वे इसके पश्चात् सूरजपुर में गढ़कलेवा का उद्घाटन करेंगे। मुख्यमंत्री श्री बघेल पूर्वान्ह 11 बजे पुलिस ग्राउंड हेलीपैड सूरजपुर से हेलीकाप्टर द्वारा प्रस्थान कर दोपहर 12.15 बजे बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम सकरी पहुंचेंगे। वे वहां आयोजित छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 2 बजे पुलिस ग्राउंड हेलीपैड रायपुर वापस आएंगे।

भिलाई /शौर्यपथ / भिलाई की भलाई के पोस्टर इन दिनों टाउनशिप और नेशनल हाईवे पर बहुतायात संख्या में दिखने शुरू हो गये हेेै। महापौर एवं विधायक देवेन्द्र यादव जहां अपना महापौर का कार्यकाल आगामी जनवरी में पूरा करने जा रहे हैंऔर वहीं विधायक का 11 दिसंबर को दो साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। महापौर रहने के दौरान उनके द्वारा किये गये तमाम कार्यों को भिलाई की भलाई के पोस्टर इन दिनो अच्छे खासे चर्चे में है। जैसे उदाहरण के तोर पर पावर हाउस में मदर मार्केट निर्माण सहित अन्य कार्य चर्चा का विषय बने हुए है। कुछ माह पहले भाजपा के पार्षद ये सवाल उठाते फिर रहे हैं कि महापौर देवेन्द्र यादव अपने पांच साल में पांच कार्य तो ऐसा बता दे जो उन्होंने किया है। देवेन्द्र ने भाजपाई पार्षदों को अपने इस होर्डिंग्स के माध्यम से बता दिया कि भिलाई के भलाई के लिए उनके द्वारा पांच सालों में किये गये विकास कार्य के पोस्टर भाजपा पार्षद स्वयं अपनी आंखों से देख लें। श्री यादव भिलाई की भलाई, भिलाई के गोठ जैसे कई अभियान चलाकर क्षेत्र की जनता के बीच लगातार लोकप्रियता हासिल करते जा रहे हैं, जिसे भाजपा पार्षद व भाजपा से जुडे तमाम नेता उनकी बढती लोकप्रियता को पचा नही पा रहे हैं।

भिलाई / शौर्यपथ / नगर निगम के एक अधिकारी शंकर साहनी द्वारा निगम अधिकारी होने का पूरा लाभ उठाकर अपने छोटे और मझले भाई के दुकान को हड़पने के लिए…

भिलाई / शौर्यपथ / आकाशगंगा सब्जी विक्रेता संघ के निर्वाचित अध्यक्ष रविंदर सिंह उर्फ रवि सिंह ने अपनी कार्यकारिणी घोषित कर दिया है। कार्यकारिणी में संघ के बायलाज के अनुसार अध्यक्ष समेत कुल 22 पदाधिकारी बनाये गए हैं।
घोषित कार्यकारिणी में अध्यक्ष रविंदर सिंह उर्फ रवि सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष अमृत कुकरेजा, उपाध्यक्ष गोविंद सिंह राजपूत व राकेश गुप्ता, महामंत्री अरविंद कुमार गुप्ता, मंत्री दाउलाल देवांगन, फत्तेलाल जंघेल, कोषाध्यक्ष पवन सिंह राजपूत एवं कार्यालय प्रभारी त्रिलोक मिश्रा को बनाया गया है। कार्यकारिणी सदस्य अमिताभ जायसवाल, अनिरुद्ध गुप्ता, दिलीप साव, अज्जू, जय गुप्ता, लालचंद गुप्ता, मनोज जायसवाल, सरोज गुप्ता, सुरेश सिंह, संतोष शर्मा, मनोज गुप्ता, संजय पांडेय, सतीश पांडेय, विनय कुमार गुप्ता तथा रणजीत सिंह होंगे। संरक्षक के रूप में भरत गौर, घनश्याम गौर, बाबूलाल देवांगन, लक्ष्मण गौर, मंगलू राम देवांगन, नारायण सिंह, अजय सिंह को कार्यकारिणी में स्थान दिया गया है। अध्य रवि सिंह ने बताया कि उनका निर्वाचन 16 नवंबर को मतदान प्रणाली से हुआ था। उन्होंने अपनी कार्यकारिणी में युवाओं के साथ ही अनुभवी सदस्यों को स्थान दिया है जिससे पूरी कार्यकारिणी बेहतर तरीके से सब्जी व्यवसायियों के हित में काम करेगी।

भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा ऐसे कार्मिक जो कार्यस्थल में नवीनता, संसाधनों का बेहतर उपयोग, संगठनात्मक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए उच्चतम स्तर के सुरक्षा मानकों को बनाये रखते हुए तकनीकी/प्रक्रियात्मक अनुशासन का पालन करने में असाधारण प्रतिभा का प्रदर्शन करते है, उन्हें प्रेरित करने और पहचान देने के लिए प्रतिमाह ÓÓकर्म शिरोमणि पुरस्कारÓÓ प्रदान किया जाता है। इसी क्रम में कार्यपालक निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) एस के दुबे ने गैर-संकार्य विभाग के कार्मिक नंद कुमार (हेड स्टोर कीपर),कमल देव यादव (हेड स्टोर कीपर), श्रीराम अनुभाग अधिकारी को सितंबर-2020 तथा बी गोपाल राव निजी सचिव, पी आदिनारायण जनसंपर्क विभाग एवं  ललित नगर सेवाएँ विभाग-इलेक्ट्रिकल को माह अक्टूबर-2020 के लिए आज आयोजित एक समारोह में कर्म शिरोमणि पुरस्कार से सम्मानित किया। इस पुरस्कार योजना में पुरस्कृत कार्मिकों को सम्मान के रूप में संयंत्र प्रबंधन द्वारा उत्कृष्टता प्रमाण-पत्र, स्मृति चिन्ह एवं कार्मिक की धर्मपत्नी के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान की जाती है, साथ ही पुरस्कार विजेता की तस्वीर उनके विभाग के नोटिस बोर्ड में प्रदर्शित किया जाता है। इस कार्यक्रम का आयोजन इस्पात भवन सभागार में किया गया। इस अवसर पर महाप्रबंधक एल ए एवं पीआर जेकब कुरियन, महाप्रबंधक एमएम तपन कुमार, महाप्रबंधक दिनेश कुमार, महाप्रबंधक ए के साहू उपस्थित थे।

दुर्ग / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने किसानों के आंदोलन को माओवादियों से जोड़ने के भाजपा नेताओं के बयान पर कड़ा ऐतराज जताया है। राजेंद्र ने कहा कि यह देश के अन्नदाताओं का अपमान है। देश भर के किसान अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन को भाजपा द्वारा दूसरी दिशा में मोड़कर देश की जनता को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। यह किसानों का भी अपमान है और देश की जनता का भी अपमान है।
राजेंद्र ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार पिछले 6 साल में जीएसटी, नोटबंदी, हर साल दो करोड़ लोगों को रोजगार, हर व्यक्ति के खाते में 15 लाख रुपए जमा होने, महंगाई, महिला सुरक्षा, किसानों की आय दोगुना करने सहित हर मामले में पूरी तरह विफल रही है। आम जनता को इन मुद्दों से भटकाने के लिए भाजपा नेता पूर्व में भी अनर्गल बयानबाजी करते रहे हैं। अब उन्होंने किसानों को निशाना बनाया है।
भाजपा नेताओं के बयानों को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए राजेंद्र ने केंद्र सरकार के रवैये पर प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा नेता किसानों का हित चाहते तो हठ धर्म अपनाने की बजाय सकारात्मक माहौल में किसानों से बातचीत करते। किसानों के आंदोलन को आतंकवाद या माओवाद से जोड़ना न सिर्फ करोड़ों किसानों के लिए बल्कि पूरे देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस पार्टी इस कृत्य की कड़ी निंदा करती है।
राजेंद्र ने कहा कि भाजपा नेता नए कृषि बिल को किसानों के लिए लाभदायक बता रहे हैं लेकिन आज तक कोई भी भाजपा नेता यह नहीं बता पाया है कि किसानों को इस कानून से कैसे इसका लाभ मिलेगा। अगर कानून लाभदायक होता तो किसान अपना घर-बार, परिवार और अपने खेत छोड़कर आंदोलन करने नहीं आते। भाजपा नेता यह बताने में पूरी तरह विफल हैं कि किसान कहां अपनी फसल बेचेंगे तो उन्हें बेहतर दाम मिलेगा।
राजेंद्र ने आगे कहा कि भाजपा की करनी और कथनी में बड़ा फर्क इसी बात से देखा जा सकता है कि एक ओर यह कहा जा रहा है कि किसान कहीं भी अपनी उपज बेच सकते हैं। दूसरी ओर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान दूसरे प्रदेश से फसल आने पर फसल के साथ वाहन को जब्त करने की बात कर रहे हैं। कृषि बिल को मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार ही नहीं मान रही है।

भूपेश सरकार के दो साल पूरे होने पर बलरामपुर से सुकमा तक दौड़ा पूरा छत्तीसगढ़

देश में दिनभर ट्रेंड करता रहा रन विथ छत्तीसगढ़

रायपुर / शौर्यपथ / 

 

 

छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार के 2 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित वर्चुअल मैराथन में आज एक लाख से ज्यादा लोगों ने दौड़ लगाई। बलरामपुर से सुकमा तक सभी 28 जिलों के लोगों ने इसमें हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री श्री बघेल भी इस आयोजन में शामिल हुए। इस मैराथन के लिए सुबह 6 बजे से 11 बजे तक का समय तय किया गया था, समय-सीमा बीतने के बाद भी मैराथन जारी था।
कोरोना की परिस्थितियों को देखते हुए राज्य के खेल एवं युवा कल्याण तथा जनसंपर्क विभाग ने इस खास तरह के मैराथन का आयोजन किया था। आम-तौर पर आयोजित किए जाने वाले मैराथन से अलग इस वर्चुअल मैराथन में कोरोना-काल की सावधानियों को देखते हुए प्रतिभागियों को कोविडकाल के नियमों का पालन करते हुए सोशल मीडिया पर अपनी दौड़ती हुई तस्वीर या वीडियो अपलोड करनी थी। आयोजन की थीम - 'बात हे अभिमान के, छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान के '- तय की गई थी। तस्वीरें और वीडियो  हैशटैग runwithchhattisgarh के साथ अपलोड करने की अपील की गई थी। फेसबुक और ट्वीटर पर यह हैशटैग दिनभर ट्रेंड करता रहा। आयोजन में शामिल होने के लिए 71 हजार लोगों ने पंजीयन कराया था, लेकिन सुबह 11 बजे तक एक लाख से अधिक लोग इस आयोजन में शामिल हो चुके थे।

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने आज सुबह की शुरुआत इस वर्चुअल-मैराथन में शामिल होकर की। उन्होंने खास टीशर्ट के साथ दौड़ते हुए अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर अपलोड की। उन्होंने कहा मेरे साथ छत्तीसगढ़ की जनता और छत्तीसगढ़ का स्वाभिमान दौड़ रहा है, आप भी दौड़ें।
प्रदेश के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, राजस्व मंत्री श्री जय सिंह अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंडिया, आबकारी मंत्री श्री कवासी लखमा, राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, रायपुर (ग्रामीण) के वरिष्ठ विधायक श्री सत्यनारायण शर्मा, रायपुर के महापौर श्री एजाज ढेबर सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने इस आयोजन में हिस्सा लिया। राजधानी रायपुर में मुख्यसचिव श्री अमिताभ जैन और पुलिस महानिदेशक श्री डी.एम.अवस्थी, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री राकेश चतुर्वेदी और मुख्यमंत्री के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी समेत अनेक प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी वर्चुअल मैराथन में हिस्सा लिया। आयोजन को लेकर आम लोगों में भी अच्छा उत्साह नजर आया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग के लोगों ने अपनी भागीदारी निभाते हुए सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें अपलोड कीं।

दुर्ग / शौर्यपथ / कृषि बिल के विरोध में दिल्ली से लगे सीमा में लगातार धरना प्रदर्शन चल रहा है वही कृषि बिल को किसानो के हित की रक्षा करने वाला बताने की कोशिश देश भर के भाजपा नेता ब्लाक स्तर से लेकर जिले स्तर पर कर रहे है कृषि बिल को किसानो के हितैषी वाला बताने के लिए किये गए प्रेस वार्ता में राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा कृषि सुधार कानून किसानों के जीवन स्तर में सुधार एवं आय में वृद्धी के लिए बनाया गया है। किसानो के साथ वर्षो से हो रहे अन्याय को खत्म करने के लिए ही केंद्र की मोदी सरकार ने कृषि बिल लाया है जिस पर कुछ अराजक लोगो द्वारा और टुकड़े टुकड़े गैंग द्वारा भ्रान्तिया फैलाई जा रही है . कृषि बिल के आड़ में खालिस्तान के नारे लगना ही इसका प्रयाप्त प्रमाण है कि यह आन्दोलन किसानो की आड़ में टुकड़े टुकड़े गैंग कर रही है . जबकि देश भर के किसान इस बिल का समर्थन कर रहे है . किसानो से बात करने का प्रयास और कुछ संसोधन का प्रयास केंद्र सरकार द्वारा किये जाने की बात को भी सिरे से नकारना और कृषि बिल कानून को वापस करने की मांग तथाकथित संगठनों द्वारा किया जा रहा है जबकि केंद्र की सरकार किसानो के साथ है और उनके साथ वर्षों से हो रहे अन्याय को दूर करने के लिए भी यह कानून बहुत ही कारगर है।
लेकिन यह ऐतिहासिक सुधार कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों को शायद रास नहीं आया इसलिए उन्होंने किसानों के बीच बिल के बारे में भ्रांतियां फैला कर देश के किसानों को गुमराह करने का काम कर रही है। पत्रकारवार्ता में सरोज पांडेय ने कहा कि किसान हमारे देश की रीढ़ है और उनके सम्मान के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कृषि का इस देश की जीडीपी में योगदान बढ़िया सुनिश्चित करने के लिए यह विधेयक लाया गया है। यह कानून किसानों के हित के लिए है और पूरे देश में इसका स्वागत हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि सबसे बड़ा सवालिया निशान एमएसपी पर उठाया जा रहा है सरकार ने बिल्कुल साफ साफ शब्दों में स्पष्ट कर दिया कि पहले भी था आज भी है और कल भी जारी रहेगा ऐसा पहली बार हुआ है कि सभी फसलों का समर्थन मूल्य लागत से 50 प्रतिशत ज्यादा पहुंच गया है। लेकिन जिस तरह से यह आंदोलन चलाया जा रहा है।
इसमें कुछ लोग जो नहीं चाहते कि देश हित के साथ किसानों का भला हो जिन्हें आप टुकड़े-टुकड़े भी कह सकते हैं। सरोज पांडेय ने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि दिल्ली में जो किसान आंदोलन चल रहा है उसमें कुछ बाहरी ताकतें है जो देश में शांति नहीं चाहते और देशहित पर कुठाराघात करना चाहते हैं। वह लोग इस बिल के खिलाफ बैठे हुए हैं। वहीं सरोज पांडेय ने यह भी कहा कि यदि बिल से इतनी ही परेशानी थी तो जब यह बिल लोकसभा में लाया गया और राष्ट्रपति ने हस्ताक्षर किए तब लोगों ने उस समय मांग क्यों नहीं की और अब यह बिल वापस लेने के लिए कहा जा रहा है। निश्चित तौर पर विपक्ष की एक बहुत बड़ी साजिश है। सरोज पांडे ने यह भी कहा कि इस बिल के माध्यम से किसानों को यह सुविधा भी दी गई है कि फसल उगाने से पहले किसान अपने कृषि उपज का दाम तय कर सकते हैं। इससे उन्हें आर्थिक मजबूती मिलेगी साथ ही किसानों का भुगतान एक निश्चित समय अवधि पर नहीं करने पर खरीदार पर कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान रखा गया है। पत्रकारवार्ता में सरोज पांडेय के साथ नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष अजय वर्मा,जिला अध्यक्ष भाजयुमो दिनेश देवांगन,प्रवक्ता सतीश समर्थ सहित बड़ी संख्या में भाजपाई उपस्थित थे।

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