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May 02, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग नगर पालिक निगम में 20 साल बाद सत्ता में कांग्रेस की सरकार बनी . कांग्रेस की सरकार के बन्ने से लेकर अज तक निगम की…

राजनांदगांव / शौर्यपथ / पुलिस अधीक्षक डी. श्रवण, अति. पुलिस अधीक्षक मानपुर जयप्रकाश बढई एवं एसडीओपी मानपुर सुश्री रूचि वर्मा के मार्गदर्शन में थाना खडगांव में मुखबिर के सूचना मिला कि ग्राम वाको एवं कुम्हारी के मध्य खेत लारी मे अवैध महुवा शराब तैयार कर बिक्री किया जा रहा है। सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक कार्तिकेश्वर जांगड़े के हमराह स्टाफ एवं गवाह के रेड कार्यवाही किया गया, जिसमे आरोपी मैनू राम बोगा पिता छत्तर सिंह बोगा जाति गोड़ उम्र 40 साल साकिन वार्ड नंबर 6 कुम्हारी थाना खडग़ांव जिला राजनांदगांव के कब्जे से 20 लीटर हाथ भट्टी का बना कच्ची महुआ शराब जप्त कर आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 04/2021 धारा 34 (2) आबकारी एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया एवं आरोपी को गिरफ्तार किया जाकर ज्यु. रिमांड पर भेजा गया है। उक्त रेड कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक कार्तिकेश्वर जांगड़े, सहायक उप निरीक्षक बीआर ठाकुर, आरक्षक की सराहनीय भुमिका रही।

दुर्ग / शौर्यपथ / लघु उधोग भारती के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण अग्रवाल,प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश अग्रवाल,प्रदेश कोषाध्यक्ष के.एस.बेदी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पवन बडजात्या, दुर्ग जिला इकाई अध्यक्ष संजय चौबे, इंडस्ट्रियल स्टेट हथखोज इकाई के अध्यक्ष मनीष भुचासिया, सुशील बाकलीवाल,मनोज गोयल ने बताया की दुर्ग के विधयाक अरुण वोरा को एक ज्ञापन दुर्ग पालीटेक्निक कालेज के संबध में सौपा गया, दुर्ग शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज जो की छत्तीसगढ़ का सबसे पुराना कॉलेज है, जिसमें एक कमर्शियल प्रैक्टिस डिपार्टमेंट है इसकी सीट बढ़ाना अति आवश्यक है, एवं कमर्शियल प्रैक्टिस डिपार्टमेंट में आज के वातावरण के हिसाब से कोर्स को समाहित करना अति आवश्यक है, जैसे एक अनुमान के मुताबिक छत्तीसगढ़ में 50,000 जीएसटी प्रैक्टिशनर की आवश्यकता है, आज हर व्यापारी को जीएसटी प्रैक्टिशनर की नितांत आवश्यकता है ! अगर शासन इस कोर्स को दुर्ग पॉलिटेक्निक कॉलेज में शुरू कर देती है तो छत्तीसगढ़ के बहुत से युवाओं को रोजगार मिल सकता है, इस कोर्स को पढ़ाई करने के लिए छत्तीसगढ़ कमर्शियल टैक्स के अधिकारियों का सहयोग लिया जा सकता है !
इसी तारतम्य में छत्तीसगढ़ के सभी पालीटेक्निक कॉलेज की सीटों का आवंटन मध्यप्रदेश शासन में जो था, वही सीटें आज भी है इन सीटों को बढ़ाना अति आवश्यक है अत: सभी ब्रांच की सीटों को तत्काल इसी वर्ष से बढ़ाया जाना चाहिए ! इसी तरह आज छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक की की तरफ बहुत तेजी से बढ़ रहा है, इस हेतु स्किल एवं टेकनिकल पढ़े लिखे युवा की बहुत मांग है इस हेतु दुर्ग पॉलिटेक्निक कॉलेज में विवेकानन्द स्वामी टेक्नीकल युनिवेर्सिटी द्वारा संचालित बीवाक् जो की स्किल प्रोग्राम है, जिसे डिप्लोमा एवं डिग्री कोर्स है एवं इंस्ट्रूमेंटेशन ब्रांच, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मेकाट्रानिक्स ब्रांच जो की नितांत आवश्यक है, इसे भी तत्काल जोड़ा जाना चाहिए ! ताकि दुर्ग पालीटेकनिक कालेज को डिप्लोमा के साथ डिग्री कालेज का दर्जा भी प्राप्त हो सकेगा ! गौर तलब है की पूर्व में शुरुवात से पॉलिटेक्निक कॉलेज में जो पीछे गेट था, वह गेट को कालान्तर में बंद कर दिया गया था जीई रोड में भयंकर ट्राफिक होने के कारण परिस्थितयों को देखते हुए वह गेट को वापस खोला जाना चाहिए ताकि कालेज आने वालो लोगों को आने जाने में असुविधा एवं दुर्घटना ना हो !

राज्यपाल ने वेटरन डे कार्यक्रम में वीर नारियों और वीर माताओं का किया सम्मान
राज्यपाल ने भूतपूर्व सैनिकों के आवागमन के लिए वाहन भेंट किया

रायपुर / शौर्यपथ / राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ एवं ओड़िशा उपक्षेत्र द्वारा आयोजित वेटरन डे कार्यक्रम में शामिल हुई और वीर नारियों और वीर माताओं का सम्मान किया। उन्होंने पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को देश के प्रति उनके योगदान के लिए धन्यवाद देते हुए शहीद सैनिकों को नमन किया।

राज्यपाल ने कहा कि भारतीय सेना का नाम लेते ही हमारा मस्तक गर्व से ऊंचा उठ जाता है। जो हर मौसम में हर क्षण देश की सीमा में रक्षा की दीवार बनकर तैनात रहते हैं। जिनके कारण आज देश का हर नागरिक महफूज रहता है और चैन की सांस लेता है। वे जागते हैं तो हम शांति से सो पाते हैं, क्योंकि हमें पता है कि हमारी सेना के रहते दुश्मन की सेना क्या, दुश्मन देश का परिंदा भी पर नहीं मार सकता। हमारी सेना जमीन, नभ और जल पर चौबीसों घंटे अपनी निगरानी रखी रहती है। स्वतंत्रता के बाद जितने भी युद्ध हुए, हमारे सैनिकों ने अपने मनोबल और साहस से लड़ा और दुश्मनों को धूल चटाई। चाहे बांग्लादेश युद्ध को याद करें या कारगिल का युद्ध, दुश्मनों ने हमारी सेना के आगे घुटने टेके। आज जब हम देश के सबसे ऊंचे सैन्यस्थल की बात करें जहां माइनस 30 से 40 डिग्री तक तापमान दिन में रहता है और रात में तापमान माइनस 70 डिग्री तक चला जाता है, वहां हमारे सैनिक अपनी जान की परवाह किए बिना तैनात रहते हैं। जब पूरा देश कोरोना संक्रमण से जूझ रहा था उस समय चीन ने हमारे देश की सीमा को लांघने की कोशिश की तो हमारी सेना ने उसका मुंहतोड़ जवाब दिया और दुश्मनों को अपने कदम पीछे करने के लिए मजबूर किए। यह युद्ध क्षेत्र लद्दाख क्षेत्र के गलवान घाटी में स्थित है, जहां का तापमान माइनस 20 से 22 डिग्री रहता है, वहां हमारे सैनिकों ने बहादुरी का परिचय दिया और आज भी तैनात हैं।
राज्यपाल ने कहा कि युद्ध क्षेत्र ही नहीं हमारे देश में जब कभी भी प्राकृतिक विपदा, बाढ़ या भुकंप आई, हमारे सैनिक एक सूचना पर तैनात हो जाते हैं और संकटग्रस्त लोगों की मदद कर उनकी जान बचाते हैं। हमारे देश ही नहीं, हमारे पड़ोसी देशों जैसे नेपाल में भी भूकंप आया था तो हमारे सैनिकों ने उनकी सहायता की। आज जब पूरा विश्व और देश में कोरोना संकट छाया हुआ है, उस समय हमारे सेना ने क्वारेंटाईन सेंटर भी स्थापित किए थे और दवाईयां एवं आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति में प्रमुख भूमिका निभाई। मैंने यह भी देखा था कि कोरोना योद्धाओं के सम्मान में वायु सेना के विमानों ने आसमान से पुष्प बरसाकर उनका उत्साहवर्धन किया था। उन्होंने छत्तीसगढ़ के पूर्व सैनिकों की सामाजिक संस्था ‘सिपाही’ का जिक्र करते हुए कहा कि कोरोना काल में वे स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर लोगों की मदद की। राज्यपाल ने कहा कि सैनिकों के साहस एवं निःस्वार्थ सेवा और बलिदान की गाथाएं नई पीढ़ियों को उत्साहित करती हैं।
राज्यपाल ने कहा कि सरकार की निरंतर कोशिश रहती है कि सैनिकों की सेवानिवृत्ति के बाद का जीवन कैसे सहज किया जाए। उन्होंने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारजनों को नया रायपुर आने-जाने में होने वाली परेशानी को दूर करने के लिए एक वाहन देने का निर्णय लिया गया है। राज्यपाल ने भूतपूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करूंगी और यदि किसी भी प्रकार की समस्या हो तो मुझसे संपर्क कर सकते हैं।
अपर मुख्य सचिव गृह एवं प्रभारी मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने कहा कि देश की सेवा में सैनिकों ने अमूल्य योगदान दिया है। सैनिकों के बलिदान की कहानियां नई पीढ़ी को प्रेरणा प्रदान करती है। शासन द्वारा भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिजनों का ख्याल रखा जाता है। भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों की समस्याओं का पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भूतपूर्व सैनिकों को कोई परेशानी न हो, यह प्रयास शासन द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सैनिक कल्याण बोर्ड के माध्यम से भी वे अपनी समस्याओं को शासन के ध्यान में ला सकते हैं।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ एवं ओड़िशा उपक्षेत्र के कमांडर ब्रिगेडियर श्री प्रशांत चौहान ने कहा कि वेटरन डे पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों के सम्मान का दिन है। यह कोशिश की जाती है कि उनकी समस्याओं का हरसंभव समाधान हो। साथ ही इसके लिए एक्स सर्विसमेन सेल का भी गठन किया गया है। इस सेल कार्यालय नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ एवं ओड़िशा उपक्षेत्र में रहेगा। संचालनालय सैनिक कल्याण छत्तीसगढ़ के संचालक एयर कमोडोर श्री ए. एन. कुलकर्णी (से.नि.) ने कहा कि वेटरन डे पर सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों को एक-दूसरे का उत्तरदायित्व बताने का दिन है। उन्होंने भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारजनों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
इस मौके पर विधायक एवं छत्तीसगढ़ राज्य हाउंसिंग बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, छत्तीसगढ़ एवं ओड़िशा उपक्षेत्र के अधिकारीगण, भूतपूर्व सैनिक एवं उनके परिजन उपस्थित थे।

रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के प्रभारी मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने इन योजनाओं और कार्यक्रमों में और तेजी लाने के लिए निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2020-21 सत्र में प्रारंभ होने वाले स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मिडियम स्कूलों की तैयारी पूरी हो चुकी। गांवों में आजीविका केन्द्र के रूप में विकसित किए जा रहे गोठानों में गोबर खरीदी और वर्मी कम्पोस्ट निर्माण के अतिरिक्त विभिन्न बहुउद्देश्यीय गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं।
लोकसेवा केन्द्र के माध्यम से 169 नयी सेवाएं शुरू की जाएंगी। प्रदेश में वर्तमान में 260 सेवाएं लोकसेवा केन्द्रों के जरिए दी जा रही हैं। प्रभारी मुख्यसचिव ने इस संबंध में विभिन्न विभागों को 31 जनवरी तक विस्तृत जानकारी प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में बताया गया कि ग्रामीण बाजारों में शुरू किए गए मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक का लाभ बड़ी संख्या में लोग उठा रहे हैं। इन क्लीनिकों के माध्यम से उपचार करा रहे मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। प्रभारी मुख्य सचिव ने किसानों से जुड़ी योजनाओं के संबंध में जानकारी लेते हुए निर्देशित किया कि किसानों को धान के अतिरिक्त अन्य फसलों के लिए भी प्रोत्साहित किया जाए।प्रभारी मुख्यसचिव सुब्रत साहू ने कहा कि गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने के लिए टांका निर्माण का कार्य प्राथमिकता के साथ किया जाए ताकि गोधन न्याय योजना का क्रियान्वयन और भी प्रभावी तरीके से हो सके। बस्तर संभाग के सभी जिलों में गौठानों के सुचारू संचालन के लिए प्रबंधन समितियों का गठन किया जाए।
उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत प्रदेश में कितने लोगों को रोजगार मिल रहा है, इसका विवरण नियमित रूप से संधारित कर प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने लघु वनोपज संग्रहण, फलदार वृक्षों के रोपण एवं प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की दिशा में अब तक हुई प्रगति भी जानकारी ली। प्रभारी मुख्यसचिव ने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण कार्य में क्षतिग्रस्त हुए वृक्षों की प्रतिपूर्ति के लिए अधिक से अधिक पौधों का रोपण किया जाए। विशेषतौर पर फलदार प्रजाति के पौधों के रोपण को प्राथमिकता दी जाए।
बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त डा.एम.गीता,सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास आर.प्रसन्ना, सचिव लोक निर्माण विभाग सिद्धार्थ कोमल परदेशी, खाद्य सचिव डा. कमलप्रीत सिंह, सचिव सामान्य प्रशासन डी डी सिंह,सचिव योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी आशीष भटट् सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 13 जनवरी 2021 तक 71 लाख 48 हजार 349 मीट्रिक धान की खरीदी की गई है। अब तक राज्य के 17 लाख 38 हजार 231 किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचा। राज्य के मिलरों को 23 लाख 49 हजार 271 मीट्रिक टन धान का डी.ओ. जारी किया गया है। जिसके विरूद्ध मिलरों द्वारा अब तक 20 लाख 17 हजार 49 मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है।
छत्तीसगढ़ खाद्य विभाग की वेबसाइट के अनुसार जांजगीर-चांपा जिले में एक लाख 63 हजार 291 किसानों से 6 लाख 98 हजार 612 मीट्रिकं टन धान की खरीदी पूरी हो गयी है। खरीदे गए धान में से 3लाख 26 हजार 8 मीट्रिक टन धान का डीओ काटा जा चुका है। मिलर द्वारा 290510 मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है।
जिले में 196 समितियों के द्वारा 230 धान उपार्जन केन्द्रों के माध्यम खरीदी की जा रही है। जिले में इस वर्ष 1,87,077 किसानों ने पंजीयन कराया है, जिनके द्वारा बोये गए धान का रकबा 2,17,709.927 हेक्टेयर से अधिक है। जिले में किसानों की संख्या में 13,566 का इजाफा हुआ है। इस वर्ष 80.55 लाख क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। कलेक्टर यशवंत कुमार के मार्गनिर्देशन में धान उपार्जन, टोकटन जारी करने, खरीदे गए धान के उठाव आदि की व्यवस्था की गयी है। धान खरीदी में सतत् निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गयी है। आवश्यकता के विरूद्ध शत-प्रतिशत् बारदानों की आपूर्ति राज्य शासन द्वारा सुनिश्चित की जा चुकी है
उल्लेखनीय है कि खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में धान खरीदी हेतु राज्य में बारदानों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। राज्य में अनुमानित धान उपार्जन 89.00 लाख मे. टन हेतु लगभग 4.45 लाख गठान बारदानों की आवश्यकता संभावित है। वर्तमान में लगभग 67.35 लाख मे. टन धान का उपार्जन किया जा चुका है। 89 लाख मे. टन धान के अनुमानित उपार्जन के विरूद्ध लगभग 21.65 लाख मे. टन का उपार्जन किया जाना शेष है। शेष धान के उपार्जन हेतु लगभग 1.08 लाख गठान बारदानों की आवश्यकता होगी। जिसके विरूद्ध वर्तमान स्थिति में लगभग 53 हजार गठान बारदाने उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त कस्टम मिलिंग हेतु धान के उठाव से लगभग 35 हजार गठान मिलर बारदानें प्राप्त होने हैं। वर्तमान में धान के उठाव से लगभग 10 से 12 हजार गठान मिलर बारदाने प्रति सप्ताह प्राप्त हो रहे हैं, अतः धान खरीदी की शेष अवधि में 35 हजार गठान मिलर बारदाने प्राप्त होने की पूर्ण सम्भावना हैं। साथ ही लगभग 10 हजार गठान एचडीपीईध्पीपी बारदानों की नवीन आपूर्ति भी होनी हैं। वर्तमान में लगभग 5 हजार गठान एचडीपीई/पीपी बारदाने प्रति सप्ताह प्राप्त हो रहे हैं, अतः धान खरीदी की शेष अवधि में 10 हजार गठान एचडीपीई/पीपी बारदाने प्राप्त होने की पूर्ण सम्भावना हैं।
इसी प्रकार पीडीएस दुकानों से 10 हजार गठान बारदानों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलों की मांग अनुसार चावल के अग्रिम भण्डारण-वितरण की अनुमति प्रदान की जा रही है। इस प्रकार कुल 1.08 लाख गठान बारदानों की आवश्यकता के विरूद्ध शत-प्रतिशत् बारदानों की आपूर्ति राज्य शासन द्वारा सुनिश्चित की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त जूट कमिश्नर के माध्यम से लगभग 36 हजार गठान नये जूट बारदाने भी अपेक्षित हैं। उपरोक्त व्यवस्था के बावजूद भी यदि किसी समिति में बारदानों की आवश्यकता उत्पन्न होती है, तो इस हेतु किसान बारदानों में धान खरीदी की अनुमति भी राज्य शासन द्वारा प्रदाय की गई है। इस प्रकार धान खरीदी हेतु राज्य में बारदानों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग लोकसभा के भाजपा सांसद विजय बघेल फिर कोरोना संक्रमित हो गये है। उनको सर्दी, खांसी और हल्का बुखार है। सांसद विजय ने इन सबको देखते हुए पूरी सजगता के साथ आज अपने घर में ही सैंपल दिया। स्वास्थ्य विभाग का महकमा सैंपल लेने पहुंचा था। दोपहर के वक्त में एंटीजन टेस्ट लिया गया और रिपोर्ट शाम 4 बजे के बाद आई है। इसकी पुष्टि सांसद विजय बघेल ने खुद की।
उन्होंने बताया कि 13 जनवरी को हल्का बुखार लग रहा था। सर्दी-खांसी भी लग रहा था। सेक्टर-9 अस्पताल में चेकअप भी कराया। सभी टेस्ट नॉर्मल थे। कोरोना सैंपल कराने के लिए डॉक्टरों ने सजेस्ट किया। आज दोपहर में सैंपल दिया। शाम को रिपोर्ट पॉजिटिव आई। रायपुर एम्स में भर्ती होने के लिए जा रहा हूं। सभी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करें।

दुर्ग / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री कौशल विकास योजनांतर्गत स्ट्राईव योजना के तहत् कौशल प्रशिक्षण हेतु 30 जनवरी तक आवेदन आमंत्रित किया गया है। चयनित आवेदकों को दुर्ग जिले के शासकीय आई.टी.आई. दुर्ग में डोमेस्टिक डेटा एन्ट्री ऑपरेटर, फील्ड टेक्निशयन, कम्युटिंग एंड पेरिफेलर, इलेक्ट्रिकल वाइंडर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसी प्रकार महिला आई.टी.आई भिलाई में सेविंग मशीन ऑपरेटर-निट, डोमेस्टिक डेटा एन्ट्री ऑपरेटर, डोमेस्टिक आई.टी. हेल्प डेस्क अटेंडेंट, आसोसिएट डेस्कटॉप, पब्लिसिंग-डी.टी.पी, सेल्फ इम्पलायड, टेलर, फील्ड टेक्निशियन, कम्युटिंग एंड पेरीफेलर का प्रशिक्षण कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। पुरी आई.टी.आई. में डोमेस्टिक डेटा एन्ट्री ऑपरेटर, डोमेस्टिक आई.टी. हेल्प डेस्क अटेंडेंट, क्लाउड एप्लीकेशन डेवलपर, कम्प्यूटर एडेड, इंजियनियरिंग टेस्ट एक्सक्यूटिव का एवं आमदी नगर आई.टी.आई. हुडको में डोमेस्टिक डेटा एन्ट्री ऑपरेटर, वेब डेवलपर एवं रिटेल स्टोर मैनेजर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए न्यूनतम योग्यता 5वीं से स्नातक एवं 18 से 45 वर्ष निर्धारित किया गया है। इच्छुक आवेदक आवेदन के संबंध में अन्य जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं, साथ ही मोबाइल नंबर 7692056515 में व्हाटसअप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

भिलाई / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम क्षेत्र अंतर्गत अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध निगम प्रशासन ने आज दो स्थानों पर कार्यवाही किए। घासीदास नगर में खाली जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत पर झोपड़ी बनाने वाले को बेदखल कर स्थल को कब्जा मुक्त करते हुए बांस बल्ली को जप्त किया गया। जोन 02 के घासीदास नगर में हुई कार्यवाही में राजस्व विभाग की टीम ने नाली पर अतिक्रमण करने वाले पर कार्यवाही किए। निगम आयुक्त श्री ऋतुराज रघुुवंशी ने भिलाई निगम क्षेत्रांतर्गत अवैध कब्जा व अतिक्रमण करने वालों पर सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। आदेश के परिपालन में निगम का अमला लगातार अतिक्रमण करने वालों पर कार्यवाही कर रहा है। जोन 02 एआरओ संजय वर्मा ने बताया कि वार्ड 28 घासीदास नगर में कर्मा भवन के पास नाली निर्माण कार्य जारी है, जहां पर एक व्यक्ति द्वारा नाली के उपर बांस बल्ली से झोपड़ीनुमा मकान बनाकर कब्जा कर रहा था, साथ ही मवेशियों के लिए अतिरिक्त निर्माण किया था .
जिसकी शिकायत मोहल्ले के नागरिकों द्वारा करने पर जोन आयुक्त के निर्देश पर आज जेसीबी के साथ निगम की टीम पहुंची और उसे बेदखल कर स्थल को कब्जा मुक्त कराया गया। इसी प्रकार घासीदास नगर में ही कोयला डिपो के पास एक व्यक्ति द्वारा जाली तार से घेरकर शासकीय जमीन पर अतिक्रमण कर रहा था! जिसे एक बार हटाया जा चुका था! परंतु कुछ दिन बाद पुन: उसी स्थान पर फिर से कब्जा करने की शिकायत प्राप्त होने पर निगम का अमला मौके पर पहुंचा और उसके द्वारा अवैध रूप से किए गए घेरे को ध्वस्त करते हुए बेदखल किया गया।

योजना के तहत् गांव में 6 तालाब, 3 डबरी की खुदाई से मिल रही बेहतर सिंचाई सुविधा

    दुर्ग / शौर्यपथ / जिला मुख्यालय दुर्ग से 18 किलोमीटर दूर है भेड़सर गांव। एक समय था जब इस गांव को लद्दी वाले गांव के नाम से जाना जाता था। लेकिन अब इस गांव की पहचान बदलने लगी है। दलदली और लद्दी वाली जमीन अब तालाब का रूप ले चुकी है। यह सबकुछ संभव हुआ महात्मा गांधी रोजगार गांरटी योजना से। कटीली झाडिय़ों और दलदल कीचड़ से युक्त इस गांव के लोग विकास से कोसों दूर थे। लेकिन अब यहां सडक़ें हैं, तालाब हैं, भूमि का समतलीकरण कराया गया है, और नहर नालों की नियमित सफाई से परिदृश्य पूरी तरह बदल चुका है। 503 परिवार वाले इस गांव में 315 परिवार महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत् पंजीकृत है। 100 से अधिक परिवारों का घर पक्का बन चुका है। इतना ही नहीं रोजगार के साधन भी ग्रामीणों को उपलब्ध कराए गए हैं। पहले यहां के लोग ईंट के भट्टों में मजदूरी करते थे पारिश्रमिक भी कम ही मिलता था। कठिन परिश्रम के बाद भी मुश्किल से गुजारा हो पाता था। लेकिन गांव को विकसित करने के लिए जब गांव के लोगों को जिम्मेदारी दी गई तो एक तरफ जहां गांव की तसवीर बदलने लगी वहीं दूसरी तरफ गांव के लोगों के आर्थिक हालात भी सुधरने लगे। यहां अकुशल श्रमिकों का औसत मानव दिवस 70 से अधिक ही रहता है।
कार्य योजना बनाकर दलदली और बंजर जमीन पर खुदवाए गए तालाब- पानी विकास का आधार है, इसी बात को ध्यान में रखते हुए मनरेगा योजना के तहत् इस गांव में तालाब तथा खेतों में डबरी खुदवाने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया गया। पहले पहले जहां दलदली और बंजर भूमि थी वहां तालाब का निर्माण कराया गया। जिसका नतीजा यह हुआ कि गांव में निस्तारी और सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी मिलने लगा। वर्षा का जल डबरियों और तालाबों में इक_ा होने लगा। जिससे ग्राउंड वाटर का लेवल भी सुधरने लगा। तालाब और डबरी निर्माण के लिए गांव के ही लोगों को लगाया गया। वर्तमान में गांव में 6 तालाब और 3 डबरियां हैं। जिससे ग्राम वासियों को पर्याप्त मात्रा में सिंचाई और निस्तारी की सुविधा मिल रही है। मनरेगा योजना के तहत् इन तालाबों को कच्ची नालियों के माध्यम से जोड़ दिया गया है। डबरी खुदवाकर तेजराम के जीवन में आई खुशहाली, बेहतर सिंचाई मिलने से बड़ा
उत्पादन:- भेड़सर के किसान तेजराम गौतम के पास 3 एकड़ जमीन थी सिंचाई के लिए पूरी तरह से बारिश पर निर्भर थे। और अगर बारिश ठीक से नहीें होती थी तो स्थिति गंभीर हो जाती थी, इसलिए तेजराम ने सोचा कि क्यों न खेत में बोर खुदवाया जाए। लेकिन 4 से 5 बार बोर कराने पर भी उन्हें सफलता नहीं मिली। धन भी व्यर्थ गया और खेत भी प्यासे ही रहे। पानी कम होने के कारण फसल का उत्पादन भी कम हो गया था। ऐसे में मनरेगा योजना के रूप में उनके सामने एक उम्मीद की किरण नजर आई। उन्हें पता चला कि योजना के तहत् किसान अपने खेत में निजी डबरी का निर्माण करा सकते हैं। रोजगार सहायक से संपर्क करके सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद तेजराम के खेत में डबरी की खुदाई शुरू हुई। जिसमें गांव के लोगों ने ही काम किया और अच्छा पारिश्रमिक हासिल किया। डबरी बनने के बाद तेजराम की मुसीबतें दूर हुईं। अब बारिश का पानी डबरी में इक_ा हो जाने से तेजराम को बेहतर सिंचाई सुविधा मिलने लगी। फसल का उत्पादन भी बढ़ा, पहले जहां तेजराम 3 एकड़ जमीन में 25-30 क्विंटल उत्पादन ले रहे थे। डबरी बनने के बाद 50-55 क्विंटल धान की पैदावार ले रहे हैं। इतना ही नहीं खेत की मेड़ों में दलहन की फसल भी ले रहें हैं। डबरी बन जाने से एक पंथ दो काज की बात सच होती नजर आई है। क्योंकि तेजराम की डबरी का उपयोग न केवल सिंचाई के लिए हो रहा है बल्कि वे इसमें मछली पालन भी कर रहे हैं।
तोलागांव में दूर हुई पानी की कमी:- ग्राम पंचायत भेड़सर के आश्रित ग्राम तोलागांव में पानी की कमी बनी रहती थी। पहले यहां के दो तालाबों में जुलाई से नवंबर 4 माह पानी रहता था। इस गांव के अधिकांश लोगों का व्यवसाय पशुपालन था लेकिन मवेशियों के लिए पानी की कमी बनी रहती थी। समस्या को दूर करने के लिए मनरेगा के तहत् विस्तृत कार्य योजना बनाई गई। जिसके तहत् तालाबों में अधिक जलभराव के लिए गांव भर में कच्ची नालियों का निर्माण किया गया। जिससे खेतों को भी पानी मिला और जल संरक्षण भी होने लगा।
तीसरे फेस में गौठान का काम भी हो गया है शुरू
भेड़सर में तीसरे फेस के तहत् 15 एकड़ भूमि में गौठान का कार्य भी शुरू हो गया है, जिससे आने वाले दिनों में ग्रामीणों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

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