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April 18, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

India / Shouryapath / Lockdown implement starting again in the world due to the growing virus crisis appeared first on NewsCrab. The coronavirus outbreak in the world is not yet…

सरकारी खर्च पर करेंगे एमबीबीएस की पढ़ाई: जेएनयू इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस एण्ड रिसर्च सेंटर जयपुर में दिलाया गया प्रवेश
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन दंतेवाड़ा ने निजी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए
जमा कराई एक करोड़ 36 लाख 74 हजार रूपए की फीस
तीन विद्यार्थियों के एमबीबीएस कोर्स के लिए कुल 3 करोड़ 32 लाख 25 हजार रूपए का आएगा खर्च
नीट क्वालिफाई करने के बाद भी तकनीकी कारणों से नहीं मिल पाया
था एमबीबीएस कोर्स में प्रवेश
अब साकार होगा डॉक्टर बनने का सपना

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की संवेदनशील पहल से प्रदेश के सुदूर अंचल दंतेवाड़ा के तीन प्रतिभावान विद्यार्थियों का डॉक्टर बनने का सपना अब साकार हो सकेगा। पी.ई.टी. तथा पी.एम.टी की कोचिंग हेतु संचालित बालक आवासीय विद्यालय बालूद एवं कन्या आवासीय विद्यालय कारली, दन्तेवाड़ा के इन तीनों छात्र-छात्राओं को जयपुर केे निजी मेडिकल कॉलेज जेएनयू इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस एण्ड रिचर्स सेंटर में सरकारी खर्चे पर प्रवेश दिलाया गया है। इन तीनों छात्र-छात्राओं के प्रवेश के लिए एक करोड़ 36 लाख 74 हजार रूपए फीस जिला प्रशासन दंतेवाड़ा द्वारा जमा करा दी गई है। छत्तीसगढ़ राज्य के इतिहास में यह पहली बार है कि कोई सरकार सुदूर अंचलों के छात्र-छात्राओं को निजी कॉलेज में सरकारी खर्चे पर MBBS की पढ़ाई पूरी कराने जा रही है।
ज्ञातव्य है कि जिला प्रशासन द्वारा पी.ई.टी. तथा पी.एम.टी की कोचिंग हेतु संचालित बालक आवासीय विद्यालय बालूद एवं कन्या आवासीय विद्यालय कारली, दन्तेवाड़ा से छम्म्ज् 2020 क्वालिफाई कर चुके इन छात्र-छात्राओं का तकनीकी त्रुटि के कारण एमबीबीएस कोर्स हेतु स्टेट काउंसिलिंग में रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाने के कारण ये छात्र-छात्राएं मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने से वंचित रह गये थे। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के संज्ञान में जैसे ही यह जानकारी आई, तो उन्होंने संवेदनशील पहल करते हुए छात्र-छात्राओं को निजी मेडिकल कॉलेजों में सरकारी खर्चे पर प्रवेश दिलाने के निर्देश जिला प्रशासन दंतेवाड़ा को दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश के परिपालन में जिला प्रशासन द्वारा कार्यवाही करते हुए तीन विद्यार्थियों श्री सुधीर कुमार रजक, श्री जयंत कुमार और कुमारी ऐश्वर्या नाग को निजी कॉलेजों में प्रवेश दिलाने की कार्यवाही सुनिश्चित की गयी। इन तीनों छात्र-छात्राओं के निजी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस कोर्स की फीस 3 करोड़ 32 लाख 25 हजार रूपए में से कुल 1 करोड़ 36 लाख 74 हजार रूपए की राशि जमा करा दी गई है।

: प्रधानमंत्री 11 जनवरी को मुख्यमंत्रियों के साथ करेंगे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग :

रायपुर / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगामी 11 जनवरी को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करेंगे। जिसके चलते मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का 11 जनवरी को दंतेवाड़ा जिले का प्रस्तावित कार्यक्रम स्थगित हो गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कल 9 जनवरी से बस्तर संभाग के प्रवास पर रहेंगे। वे 9 जनवरी को नारायणपुर में और 10 जनवरी को बीजापुर जिले में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 9 जनवरी को नारायणपुर जिले के प्रवास के दौरान नारायणपुर में आयोजित कार्यक्रम में जिलेवासियों को 85.91 करोड़ रूपये से अधिक लागत के विकास कार्यों की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री इनमें से 77.80 करोड़ रूपए की लागत से 26 कार्यों का भूमिपूजन और 8.11 करोड़ रूपए की लागत से 14 कार्यों का लोकर्पण शामिल है। मुख्यमंत्री इस अवसर पर हितग्राहीमूलक योजनाओं के अंतर्गत 935 स्व-सहायता समूहों एवं 15 60 कृषकों को हाइब्रिड सब्जी बीज मिनीकिट और 148 हितग्राहियों को धागाकरण मशीन सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं में सामग्री और आर्थिक सहायता का चेक भी वितरण करेंगे।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जिला मुख्यालय नारायणपुर के हाईस्कूल मैदान में आयोजित आमसभा में एक करोड़ 70 लाख 40 हजार की लागत से 30 ग्रामों में सोलर ड्यूल पंप और टेंक 5000 लीटर स्थापित टेंक, एक करोड़ 28 लाख 10 हजार की लागत से 30 स्थलों में क्रेडा की विशेष योजनान्तर्गत स्थापित सोलर हाई मास्ट संयंत्र, 95 लाख 40 हजार रूपए की लागत से बनने वाले ग्राम गढ़बेंगाल विकासखण्ड नारायणपुर में निर्मित शास.उ.मा.वि. भवन, एक करोड़ की लागत से बनने वाले कुकड़ाझोर में नव निर्मित थाना और एक करोड़ की लागत से एड़का में नव निर्मित थाना सहित कुल 8.11 करोड़ रूपए की लागत की 14 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगें।
मुख्यमंत्री बघेल एक करोड़ 14 लाख की लागत से बनने वाले ट्रांजिट हॉस्टल, 10 करोड़ 70 लाख रूपए की लागत से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बनने वाली राजनांदगांव बारसूर रोड से माहका तक सड़क, 4 करोड़ 20 लाख रूपए की लागत से बनने वाले नारायणपुर-ओरछा में सामुदायिक शौचालय, 13 करोड़ 74 लाख रूपए की लागत से बनने वाले नारायणपुर-गारपा मार्ग, 15 किलोमीटर से आकाबेड़ा (कोडोली से झारावाही) सड़क और 18 करोड़ 70 लाख 10 हजार रूपए की लागत से बनने वाले ब्रेहबेड़ा (नारायणपुर) से कंदाड़ी-कीहकाड़-मुरनार-बेचा मार्ग सहित कुल 77.80 करोड़ रूपए की लागत की 26 कार्यों का भूमिपूजन करेंगे।

रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में सिकलसेल की पहचान अब जमीनी स्वास्थ्य कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर स्वयं करेंगे। ग्रामीणों को अब दूर के अस्पताल में जाकर जांच नही करानी पड़ेगी। स्वास्थ्य मंत्री टी.एस सिंहदेव ने आज इस संबध्ंा में राज्य में लागू किए जा रहे पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया । प्रदेश के पांच जिलों दुर्ग,सरगुजा , दंतेवाड़ा, कोरबा एवं महासमुंद जिलों में शुरू किए जा रहे इस प्रोजक्ट के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को आई सी एम आर के मुंबई स्थित संस्थान इंस्टीट्यूट आफ इॅम्यूनो हिमेटोलाॅजी के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा। इस जांच के लिए किया जाने वाला पांइट आफ टेस्ट तकनीक अंतर्राष्टीय एवं राष्टीय वैज्ञानिक संस्थाओं द्वारा प्रमाणित है।
इस नई तकनीक का उपयोग कर सिकलसेल रोग की पुष्टि ग्राम स्तर पर और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में भी की जा सकेगी। इससे सिकलसेल बीमारी से होने वाली मृत्यु दर में कमी आएगी। गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच हो जाने से मातृ एवं नवजात मृत्यु दर को कम करने में भी मदद मिलेगी। वर्तमान में सिकल सेल के लिए आधुनिकतम दवाएं उपलब्ध हैं जिससे रोगी सामान्य जीवन जी सकता है।
ज्ञात हो कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा विगत दो वर्षाें में सिकलसेल के संदेहात्मक प्रकरणांे की पहचान के लिए बडे़ पैमाने पर स्की्रनिंग की गई है। स्क्रीनिंग में 1.03 लाख लोगों को चिंहांकिंत किया गया और उनका इलाज किया जा रहा है।

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही / शौर्यपथ / गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के ग्राम दानीकुंडी की स्व-सहायता समूह की महिलाएं ढेंकी चावल कुटाई कर प्रतिदिन करीब 400 रूपये की आय प्राप्त कर रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विगत दिनों जिले के भ्रमण के दौरान इड़हर की सब्जी के साथ ढेंकी चावल का स्वाद लिया। उन्हें यह भोजन बहुत भाया और मुख्यमंत्री ने इसकी तारीफ करते हुए ढेंकी चावल के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिये गांव के हर घर में इस परंपरागत पद्धति को अपनाने पर जोर दिया, जिससे घर बैठे रोजगार के साथ-साथ लोगों को पोषक तत्वों से परिपूर्ण विशुद्ध चावल भी मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने ग्राम दानीकुंडी में विविध सुविधा सह मूल्य संवर्धन केन्द्र में संचालित केन्द्र में ढेंकी चावल प्रसंस्करण इकाई का अवलोकन कर प्रसंस्करण कार्य में जुटी वनधन महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं से बातचीत भी की। महिलाओं ने उन्हें बताया कि वर्तमान में वे मोटे किस्म के चावल का ढेंकी से कुटाई कर रही है। वन विभाग द्वारा 30 रूपये से 35 रूपये किलो तक धान खरीद कर उन्हें दिया जाता है। कुटाई के बाद तैयार चावल की कीमत 60 से 65 रूपये प्रति किलो होती है। महिलाओं को चावल कुटाई का 10 रूपये प्रति किलो के हिसाब से भुगतान किया जाता है तथा चावल बनने के बाद धान के भूसों को महिलाएं बेचती हैं और मुनाफा कमाती है। प्रत्येक महिला प्रतिदिन 15 से 18 किलो तक धान कुट लेती है। कुटाई के बाद चावल की सफाई और पैंकिंग का कार्य भी इन्हीं महिलाओं के जिम्मे होता है।
ढेंकी चावल प्रसंस्करण कार्य से 70 परिवारों को मिल रहा है रोजगार
ढेंकी पद्धति से चावल प्रसंस्करण कार्य में दानीकुंडी एवं आसपास के 70 परिवारों को रोजगार मिल रहा है। वन धन महिला स्व-सहायता समूह की 20 महिलाएं ढेंकी से चावल कुटाई और पैंकिंग का कार्य करती है। वहीं गांव-गांव से धान एकत्र कर और उसे साफ-सुथरा कर वन प्रबंधन समिति दानीकुंडी को पहुंचाने के कार्य में लगभग 50 महिलाएं लगी हुई हैं। तैयार चावल को वन समिति द्वारा बाजार में 90 रूपये किलो के भाव से उपलब्ध कराया जाता है। इससे जो मुनाफा होता है वह समूह, धान उत्पादन करने वाले कृषक और वन समिति को मिलता है।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा के निर्देशानुसार धान खरीदी केन्द्रों में धान की अवैध बिक्री करने का प्रयास करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। जिसके अंतर्गत आज अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डोंगरगढ़ श्री अविनाश भोई के नेतृत्व में धान खरीदी केन्द्र अछोली के बाहर राजनांदगांव रोड पर धान से लोड वाहन क्रमांक सीजी 08 एल 2931 को रोका गया। वाहन में कलकसा डोंगरगढ़ के धान कोचिया हीरालाल का 75 कट्टा धान (सरना एवं पतला) लोड था। जिसे धान टोकन/ऋण पुस्तिका न होने के बावजूद सेवा सहकारी समिति अछोली में खपाने का प्रयास किया जा रहा था।
मौके पर से ग्राम राका निवासी वाहन चालक विजय पटेल एवं हम्माल गोपी मंडावी वाहन छोड़कर भाग गये। धान का अज्ञात व्यक्ति से जप्ति प्रकरण बनाते समय धान कोचिया हीरालाल उपस्थित हुए। वाहन जय स्तंभ चौक डोंगरगढ़ निवासी अनिश नरेडी का है। जिस पर धान व्यापारी के कहने पर धान लोड के लिए भेजा गया था। वाहन सहित धान को कोचिए से जप्त कर न्यायालय कलेक्टर राजनांदगांव के आदेश होने तक थाना प्रभारी डोंगरगढ़ को सुपुर्द किया गया है। मौके पर सहायक खाद्य अधिकारी डोंगरगढ़ मनीष चितले, सहकारिता विस्तार अधिकारी डोंगरगढ़ डीके मिश्रा, मंडी उप निरीक्षक ईश्वरी चन्द्राकर, मंडी लेखापाल बिहारीलाल सिन्हा उपस्थित थे।

जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा एवं जिले के प्रभारी सचिव धनंजय देवांगन ने आज जांजगीर के टीसीएल कॉलेज और बलौदा ब्लॉक के महुदा आईटीआई का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान परिसर में उपस्थित विद्यार्थियों से सिलेबस के संबंध में जानकारी ली ।कॉलेज विद्यार्थियों से चर्चा करते हुए बताया कि उच्च शिक्षा विभाग की वेबसाइट और पोर्टल में वरिष्ठ प्राध्यापकों के वीडियो लेक्चर उपलब्ध कराए गए है। कुछ वीडियो लेक्चर यूट्यूब पर भी उपलब्ध है। संबंधित विषय के छात्र आनलाइन क्लास में इसका लाभ ले सकते है । उन्होंने ऑनलाइन क्लास में अधिक से अधिक विद्यार्थियों को उपस्थित होने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रायोगिक विषय और प्रयोगशाला में उपस्थिति की जानकारी ली। विद्यार्थियों से चर्चा के पूर्व प्राध्यापकों से ऑनलाइन कक्षाओं के संबंध मे जानकारी ली।
प्रभारी सचिव ने महुदा आईटीआई में प्रशिक्षणार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के प्रति गंभीर रहे। व्यवसायिक प्रशिक्षण में लक्ष्य निर्धारित रहता है ।स्वरोजगार और रोजगार के लिए स्वयं की योग्यता को साबित करना प्रशिक्षणार्थी की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रभारी सचिव ने आईटीआई के डीजल मैकेनिक, फिटर, टर्नर के वर्कशाप में प्रशिक्षणार्थियों से सिलेबस के संबंध में चर्चा की और परीक्षा की तैयारी के संबंध में निर्देश दिए। संस्था परिसर के सौंदर्यीकरण प्लांटेशन आदि के संबंध में भी संबंधित प्राचार्यों को निर्देश दिए । निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ तीर्थराज अग्रवाल, एसडीएम श्रीमती मेनका प्रधान, कालेज आईटीआई के प्राचार्य भी उपस्थित थे।

मोटर व्हीकल एक्ट में इन नियमों का है प्रावधानज् जाने क्या कहते हैं यातायात के यह नियम

दुर्ग / शौर्यपथ / यदि कोई व्यक्ति यातायात के नियमों का उल्लंघन करेगा या आवश्यक वाहन संबंधित दस्तावेज नहीं होने पर भी ट्रैफिक पुलिस आपसे गलत व्यवहार नहीं कर सकता। मोटर यान अधिनियम के अंतर्गत धारा 139 में यह प्रावधान है कि वाहन चालक को दस्तावेज पेश करने के लिए 15 दिन का समय दिया जायेगा। अगर वाहन चालक ट्रैफिक पुलिस के मांगने पर तुरंत वाहन का आरसी बुक, बीमा, ड्रायविंग लायसेंस, परमिट, पीयूसी नहीं दिखाते हैं तो यह अपराध नहीं है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष राजेश श्रीवास्तव मार्गदर्शन एवं निर्देश में वाहन चालन संबंधी विशेष जागरूकता अभियान के तहत यह जानकारी दी गई।
राजेन्द्र प्रसाद चौक पर लगे शिवर में शुक्रवार को तक कुल 2055 ऐसे वाहन चालक जो यातायात नियमों की अनदेखी करते पाए गए, उन्हे नियमों की जानकारी देते हुए बंधपत्र भरवाया गया, जिसमें विशेष रूप से श्रीमती प्रेरणा अहिरे, न्यायिक मजिस्ट्रेट, दुर्ग के द्वारा उन वाहन चालको को समझाईश दी जिन्हें नियमों के विरूद्व वाहन चालक का कार्य करते हुए पाया गया। इस दौरान लोगों को मोटर व्हीकल एक्ट के उन नियमों से अवगत कराया गया जिससे वे अंजान है। शिविर में बताया गया कि अगर कोई व्यक्ति यह कहता है कि उक्त दस्तावेज उसके घर में है तो उसे उक्त दस्तावेज पेश करने के लिए समय दिया जाएगा। इसके बाद भी अगर पुलिस, दस्तावेज तत्काल नहीं दिखाने पर चालान की कार्रवाई करती है, तो कोर्ट में इसे खारिज कराने का विकल्प रहता है। सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स के नियम 139 में प्रावधान किया गया है कि वाहन चालकों के दस्तावेजों को पेश करने के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा ट्रैफिक पुलिस उसके विरूद्ध चालान की कार्रवाई नहीं कर सकती। अगर ट्रैफिक पुलिस गलत तरीके से चालानी कार्रवाई करती है तो उसका मतलब यह नहीं है कि, आपको चालान भरना ही पडेगा।
ट्रैफिक पुलिस का चालान कोर्ट का आदेश नहीं
ट्रैफिक पुलिस का चालान कोर्ट का आदेश नहीं है, इसे कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। अगर कोर्ट को लगता है कि आपकेे पास सभी दस्तावेज है और आपको इसे पेश करने के लिए 15 दिन का समय नहीं दिया गया, तो वह कार्रवाई को निरस्त कर सकता है। ड्राईविंग लायसेंस की वैद्यता समाप्त होने पर ड्राईविंग लायसेंस के नवीनीकरण के लिए एक साल पहले या एक साल बाद नये लायसेंस के लिए आवेदन दी जा सकती है । यदि किसी वाहन चालक का ड्रायविंग लायसेंस की वैद्यता अवधि समाप्त हो गई हो (अर्थात एक्सपायर हो गया हो ) तो आपको दुबारा ड्रायविंग लायसेंस की परीक्षा पास करना पडेगा। न्यायिक मजिस्ट्रेट दुर्ग श्रीमती प्रेरणा अहिरे ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति सड़क पर वाहन चलाता है तो आपको यातायात नियमों का पालन करना आवश्यक है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर वर्तमान में हजारों रूपये का चालान वाहन चालक पर या स्वामी के विरूद्ध कार्रवाई की जाती हैं।

भिलाई / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत केनाल रोड निर्माण में प्रभावितों को प्रधानमंत्री आवास में मकान आबंटित होने के बाद भी कब्जा नहीं छोडऩे वालों के खिलाफ कार्यवाही की गई। जिस स्थान से हटाया गया था, वहां पर पुन: अवैध निर्माण करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए मकानों को तोड़कर बेदखली की कार्यवाही की गई। रमा साहू द्वारा केनाल रोड के किनारे दो तला मकान बना लिये थे तथा एक व्यक्ति द्वारा दीवार बनाकर बाउंड्रीवाल बना रहा था जिसे जेसीबी से तोड़कर बेदखली की कार्यवाही की गई। जोन आयुक्त ने इस तरह और भी जो लोग पुन: कब्जा कर रहे है, उसका निरीक्षण शीघ्र ही तोडऩे की कार्यवाही करने निर्देश दिए है।
जोन 04 शिवाजीनगर क्षेत्रांतर्गत केनाल रोड निर्माण के दौरान हटाए गए लोगों द्वारा पुन: अवैध निर्माण करते हुए पाए जाने पर जोन के राजस्व विभाग की टीम ने तोडफ़ोड़ की कार्यवाही किए। जोन 04 के सहायक राजस्व अधिकारी बालकृष्ण नायडू ने बताया कि केनाल रोड से प्रभावितों को प्रधानमंत्री आवास के तहत मकान आबंटन किया गया है। योजना में मकान आबंटन होने के बाद भी कई लोगों द्वारा कब्जा नहीं छोड़ा गया है तथा पहले सड़क निर्माण के दौरान तोड़े हुए मकान को पुन: निर्माण किया जा रहा है। ऐसे लोगों के मकानों को चिन्हित कर उन लोगों के विरूद्ध कार्यवाही की जा रही है।
जोन की तोडफ़ोड़ टीम व जेसीबी के साथ विभागीय अधिकारी केनाल रोड पहुंचे जहां 3 लोगों के द्वारा तोड़े हुए मकान को फिर बनाया जा रहा था, जिसे जोन आयुक्त व उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद जेसीबी से तोडफ़ोड़ कर बेदखली की कार्यवाही की गई। इस तरह कुछ और भी निर्माण कार्य करने की सूचना पर निरीक्षण कर उसे भी तोडऩे की कार्यवाही की जाएगी। रमा साहू द्वारा तोड़े हुए मकान को फिर से दो तला मकान बना रहे थे, एक व्यक्ति द्वारा बाउंड्रीवाल के लिए दीवार खड़ी कर रहा था, जिसे जेसीबी से तोडफ़ोड़ कर बेदखली की कार्यवाही किए। निगम आयुक्त श्री ऋतुराज रघुुवंशी ने अतिक्रमण व अवैध कब्जा करने वालों पर सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। आयुक्त के निर्देश के परिपालन में सभी जोन के आयुक्त व राजस्व अधिकारी अवैध निर्माण, अवैध प्लाटिंग की शिकायत मिलते ही त्वरित कार्यवाही कर रहे हैं।

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