August 06, 2026
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    PANKAJ CHANDRAKAR

    PANKAJ CHANDRAKAR

    हेल्थ टिप्स /शौर्यपथ/ 

    माइग्रेन विश्व की सबसे सामान्य बीमारियों में से एक है। साथ ही, यह दुनिया में सबसे ज्यादा होने वाला न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर भी है। इससे पीड़ित लोगों को लगातार सिर दर्द की परेशानी होती है। आंकड़ों के मुताबिक, इससे जूझने वाले 20% लोग सिर दर्द रोकने के लिए ओपिओइड नामक ड्रग का इस्तेमाल करते हैं। वैज्ञानिकों की मानें, तो दवाइयों के बिना भी माइग्रेन का इलाज संभव है। जर्नल ऑफ अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन  में प्रकाशित हुई एक हालिया रिसर्च में कहा गया है कि माइंडफुल मेडिटेशन और योगा करने से माइग्रेन कम हो सकता है।

    माइग्रेन से जुड़े कुछ तथ्य:

    माइग्रेन रिसर्च फाउंडेशन के अनुसार दुनिया में 100 करोड़ लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं।

    माइग्रेन सबसे ज्यादा दर्दनाक 18 से 44 की उम्र के बीच होता है।

    90% मरीजों में यह बीमारी आनुवंशिक होती है।

    तकरीबन 40 लाख लोगों को रोज माइग्रेन की शिकायत होती है।

    माइग्रेन की 85% मरीज महिलाएं होती हैं।

    आधे से ज्यादा मरीजों को पहला माइग्रेन अटैक 12 साल की उम्र के पहले आता है


    क्या कहती है रिसर्च

    रिसर्च में माइग्रेन के मरीजों को दो ग्रुप्स में बांटा गया। पहले ग्रुप को इलाज के तौर पर माइंडफुलनेस (सचेतना) प्रैक्टिस करने को कहा गया। इसमें मेडिटेशन, हठ योग और सांस लेने के पैटर्न पर ध्यान दिया गया। इसके अलावा, उन्हें घर में भी ये प्रैक्टिस करने का सुझाव दिया गया। दूसरे ग्रुप को केवल सिर दर्द के बारे में शिक्षा दी गई। माइग्रेन के हर पहलू के बारे में बताया गया। क्लास के दौरान उनसे सवाल-जवाब और डिस्कशन करवाए गए।

    8 हफ्तों के इस ऐक्सपैरिमैंट में ये बात सामने आई कि माइंडफुलनेस-बेस्ड इलाज माइग्रेन अटैक्स को कम करने में कारगर है। लगातार मेडिटेशन और योग करने वाले लोगों में ना केवल माइग्रेन, बल्कि डिप्रेशन और चिंता भी कम हुई। वहीं दूसरी ओर, शिक्षा पाने वाले लोगों की स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं हुआ।


    कैसे करें माइंडफुल मेडिटेशन

    आज के दौर में मरीजों को दवाइयों के साथ-साथ लाइफस्टाइल में परिवर्तन करने की भी सलाह दी जाती है। अपने रोजमर्रा के जीवन में ये टिप्स फॉलो कर आप घर बैठे माइग्रेन को कम कर सकते हैं:

    सबसे पहले अपनी शारीरिक और मानसिक स्थिति को स्वीकारें।

    बिना किसी डिस्ट्रैक्शन के अपनी पीठ के बल लेट जाएं। आंखें बंद कर, अपनी सांस की गति की ओर ध्यान लगाएं। सिर से लेकर पैर तक, पूरे शरीर को स्कैन करें।

    आरामदायक पोजिशन में बैठकर आंखें बंद करें और गहरी सांस लें, फिर छोड़ें। यह ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने से मन शांत होता है।

    रोजाना ताजी हवा और अच्छे वातावरण में 30 मिनट वॉक करें। चलते हुए अपनी सांसों पर ध्यान दें।

    हर दिन 20 से 30 मिनट के लिए स्ट्रेचिंग और हठ योग करें।

     

     

     

     

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने राज्यसभा में कहा कि, स्वास्थ्य सचिव तीन बार राज्य सरकारों के साथ सलाह मशवरा कर चुके हैं

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

     अभी तक भारत में ओमिक्रॉन  के 161 मामले पाए गए हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे वैरिएंट ऑफ कंसर्न डिक्लेयर किया है. ओमिक्रॉन डेल्टा वेरिएंट का ही म्यूटेंट वैरिएंट है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने राज्यसभा में आज कहा कि ''ओमिक्रॉन से लड़ने के लिए हमने पूरी तैयारी की है.'' मंडाविया ने कहा कि रिस्क कैटेगरी में उन देशों को रखा गया है जहां पर ओमिक्रॉन ज्यादा फैला है. सरकार की ओर से की गई तैयारियों को लेकर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ''मैंने सभी राज्य सरकारों से खुद बातचीत की है. स्वास्थ्य सचिव तीन बार राज्य सरकारों के साथ सलाह मशवरा कर चुके हैं. हम देख रहे हैं कि इसका वैक्सीनेटेड लोगों पर क्या असर हो रहा है.''

    मनसुख मंडाविया ने कहा कि ''सभी राज्यों के पास दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक है. अगर जरूरत पड़ी तो हम बफर स्टॉक का इस्तेमाल करेंगे. देश में ऑक्सीजन की कैपेसिटी बढ़ाई गई है. राज्यों के पास 48000 वेंटिलेटर पहुंचा दिए गए हैं.''

    गौरतलब है कि देश में ओमिक्रॉन के अब तक 161 मरीज सामने आए हैं, यह मामले 12 राज्‍यों से मिले हैं जबकि ओमिक्रॉन के 42 मरीज़ ठीक हो चुके हैं. स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि ठीक होने वाले ओमिक्रॉन के ज़्यादातर मरीजों में महाराष्ट्र, दिल्ली और कर्नाटक के हैं. अब ओमिक्रॉन से संक्रमित कोई भी मरीज़ गंभीर नहीं है. महाराष्‍ट्र से अब तक सबसे ज्‍यादा 54 केस आए हैं. इसके बाद दूसरे स्‍थान पर दिल्‍ली (32) है जबकि तेलंगाना से ओमिक्रॉन वेरिएंट के 20 केस आए हैं.


    देश में अब तक आए ओमिक्रॉन के केस

    महाराष्ट्र : 54

    दिल्ली : 32

    तेलंगाना : 20

    राजस्थान : 17

    गुजरात : 13

    केरल : 11

    कर्नाटक : 8

    यूपी : 2

    तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, पश्चिम बंगाल और चंडीगढ़ : 1

    हालांकि ओमिक्रॉन को लेकर चिंता के बीच भारत में कोरोना के नए मामलों की संख्‍या में लगातार कमी आ रही है. देश में सोमवार को समाप्त 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 6,563 नए मामले दर्ज किए गए हैं. यह आंकड़ा रविवार की तुलना में 7.3 फीसदी कम है. वहीं, इस दौरान 132 लोगों की संक्रमण की वजह से मौत हुई है. पिछले 24 घंटे में 8,077 लोगों ने कोरोना को मात दी है, इसके साथ ही कोरोना से ठीक होने वालों की संख्या बढ़कर 3,41,87,017 हो गई है.

     

     

     

    भाभा एटामिक रिसर्च सेंटर से गोबर से बिजली एवं फूड इररेडियेशन प्लांट के लिए टेक्नॉलाजी हस्तांतरण को लेकर पहल शुरू

    आश्रित ग्रामों के गौपालक ग्रामीण भी गौठानों में बेच सकेंगे गोबर: मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल

    पशुपालकों, गौठान समितियों और स्व-सहायता समूहों को जारी किए 3.93 करोड़ रूपए

    रायपुर /शौर्यपथ/

    भाभा एटामिक रिसर्च सेंटर से गोबर से बिजली एवं फूड इररेडियेशन प्लांट के लिए टेक्नॉलाजी हस्तांतरण को लेकर पहल शुरू

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने राज्य में शासकीय क्षेत्र में फूड इररेडियेशन पार्क (खाद्य पदार्थाे का किरणन) की स्थापना के लिए सैद्धांतिक सहमति दी है। उन्होंने शासन स्तर भाभा एटामिक रिसर्च सेंटर से छत्तीसगढ़ में गोबर से विद्युत उत्पादन तथा फूड इररेडियेशन प्लांट की टेक्नालॉजी हस्तांतरण के लिए से जा रही पहल पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि इससे राज्य के किसानों को उनके उत्पाद का और अधिक लाभ दिलाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में गोधन न्याय योजना के तहत गोबर विक्रेता पशुपालकों, गौठान समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को 3 करोड़ 93 लाख रूपए की राशि ऑनलाईन अंतरित करते हुए पशुपालकों, गौठान समितियों एवं समूह की महिलाओं को बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर गौठानों में आश्रित ग्रामों के पशुपालक ग्रामीणों से भी गोबर की खरीदी किए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर गौठानों में संचालित गतिविधियों की मॉनिटरिंग के लिए एनआईसी द्वारा विकसित गौठान मैप एप का भी शुभारंभ किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री  रविन्द्र चौबे, पूर्व केन्द्रीय मंत्री  भक्त चरणदास, मुख्यमंत्री के सलाहकार  प्रदीप शर्मा, खनिज विकास निगम के अध्यक्ष  गिरीश देवांगन, विशेष रूप से उपस्थित थे।

    गौठानों की स्थापना और गोधन न्याय योजना के माध्यम से राज्य में गौमाता की सेवा एवं संरक्षण का काम किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने कहा कि गांवों में गौठानों की स्थापना और गोधन न्याय योजना के माध्यम से राज्य में  गौमाता की सेवा एवं संरक्षण का काम किया जा रहा है। गौमाता की सेवा पशुपालक, ग्रामीण किसान, चरवाहा, गौठान समिति से जुड़े सभी लोग कर रहे हैं। गौठानों में पशुओं के चारे एवं पानी का प्रबंध किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोधन न्याय योजना के तहत गोबर बेचने का लाभ सभी गांव के पशुपालकों को मिले, इसके लिए गौठानों में आश्रित ग्रामों के लोगों से भी गोबर खरीदी की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। गौठानों में पशुओं के चारे के लिए पैरादान की अपील उन्होंने किसानों से की। मुख्यमंत्री नेे कहा कि अभी गौठानों में एकत्र किया गया पैरा पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कृषि उत्पादन आयुक्त को सभी कलेक्टरों के माध्यम से पैरादान का अभियान वृहद पैमाने पर संचालित करने और किसानों के खेत से पैरा एकत्र कराए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने गौठानों में हरे चारे की व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वन विभाग द्वारा हरे चारे की कटाई की गई है। पशुपालकों हरा चारा क्रय करने के लिए प्रेरित किए जाए। वन विभाग से समन्वय कर गौठानों में भी हरा चारा लाने की व्यवस्था और उसे स्लाईज के रूप में एकत्र किया जाना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने सभी गौठानों में कम से कम पांच प्रकार की आयमूलक गतिविधियां अनिवार्य रूप से शुरू कराए जाने के निर्देश दिए, ताकि गौठानों से जुड़ी महिला समूह की आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने वनांचल इलाके के गौठानों में लघुवनोपजों के प्रसंस्करण एवं वैल्यु एडीशन के काम को प्राथमिकता से शुरू कराए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के गौठानों में उत्पादित वर्मी कम्पोस्ट एवं सुपर कम्पोस्ट का उपयोग राज्य के किसानों ने अपने खेतों में किया है। इसके बड़े उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। किसानों का कहना है कि वर्मी कम्पोस्ट से भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ी है और खेतों की मिट्टी की स्थिति सुधरी है। मुख्यमंत्री ने वर्मी कम्पोस्ट एवं सुपर कम्पोस्ट के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए इसका व्यापक प्रचार-प्रसार एवं किसानों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। 

    कृषि मंत्री  रविन्द्र चौबे ने कहा कि मुख्यमंत्री  भूूपेश बघेल के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा गांवों में तेजी से गौठानों की स्वीकृति एवं निर्माण का काम किया जा रहा है। राज्य के सभी ग्राम पंचायतों में गौठानों की स्थापना की जाएगी। गौठानों में गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी को भी अब विभाग विस्तार देगा। अब तक गोबर से लगभग 14 लाख क्विंटल वर्मी एवं सुपर कम्पोस्ट का उत्पादन किया गया है। गौठानों में गोबर से बिजली उत्पादन के बाद अब गोबर से प्राकृतिक पेंट निर्माण की शुरूआत करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना पूरे देश के लिए अनुकरणीय है, इस योजना की प्रशंसा पूरे देश में हो रही है। कार्यक्रम के प्रारंभ में कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत ने गोधन न्याय योजना की प्रगति के संबंध में पॉवर प्वाईंट प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने भाभा एटामिक रिसर्च सेंटर से छत्तीसगढ़ में गोबर से विद्युत उत्पादन एवं फूड इररेडियेशन प्लांट की तकनीकी हस्तांतरण की प्रगति के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में पहला फूड इररेडियेशन प्लांट शासन द्वारा स्थापित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि फूड इररेडियेशन प्लांट की टेक्नालॉजी को अमेरिका, यूरोप के कई देशों में मान्यता दी है। छत्तीसगढ़ में स्थापित होने वाले फूड इररेडियेशन प्लांट की खाद्य सामग्री सीधे विदेशों को सप्लाई की जाएगी। कृषि विभाग के विशेष सचिव एवं गोधन न्याय मिशन के प्रबंध संचालक डॉ. एस. भारतीदासन ने गौठान मैप एप के बारे में पॉवर प्वाईंट प्रेजेंटेशन देते हुए बताया कि इसके माध्यम से गौठानों की गतिविधियों की मॉनिटरिंग एवं वहां उत्पादित सामग्री की मार्केटिंग में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव  सुब्रत साहू, संचालक कृषि  यशवंत कुमार, संचालक उद्यानिकी  माथेश्वरन व्ही., संचालक पशु चिकित्सा  चंदन त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

     

    प्रेमनगर नगर पंचायत चुनाव पर मतदान केन्द्रों का जिले के आला अधिकारियों ने लिया जायजा
    सूरजपुर /शौर्यपथ/

    प्रेमनगर नगर पंचायत चुनाव निविग्न, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्वक सम्पन्न कराने सभी 15 मतदान केन्द्रों पर पुलिस की पर्याप्त संख्या में तैनाती की गई है। जिले के प्रेमनगर नगर पंचायत चुनाव शांतिपूर्ण सम्पन्न कराने, मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, मतदान केन्द्रों पर चल रहे मतदान का जायजा लेने सोमवार को कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक  भावना गुप्ता व सीईओ जिला पंचायत  राहुल देव ने मतदान केन्द्रों पर पहुंचे। उन्होंने मतदान केंद्रों पर जाकर लोगों से बात कर शांतिपूर्ण तरीके से मतदान करने को कहा। उन्होंने लोगों से मतदान अवश्य करने की अपील की। मतदान केन्द्रों में सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को सर्तकतापूर्वक ड्यूटी करने के निर्देश दिए। जिले के आला अधिकारियों ने प्रेमनगर में चल रहे नगर पंचायत चुनाव के दौरान प्रत्येक मतदान केन्द्रों में पहुंचकर चल रहे चुनाव कार्याे का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से बात करते हुए चुनाव के दौरान आपसी शांति व सौहार्द बनाए रखने, कोरोना गाईडलाइन का पालन करते हुए मतदान करने, कोई व्यक्ति शांति व सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करता है तो उसकी सूचना तुरंत प्रशासन व पुलिस को देने निर्देशित किया ताकि ऐसे लोगों से प्रशासन सख्ती से निपट सके।
    मतदान केंद्रों के आस-पास जमा न होने दे भीड़।

    कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक ने मतदान केंद्रों पर नियुक्त पुलिस कर्मियों को भी ड्यूटी से संबंधित जानकारी देते हुए बताया कि चुनाव में गंभीरता के साथ अपनी ड्यूटी का निर्वहन करें। मत डाल कर निकलने वाले मतदाताओं को मतदान केंद्र के आस-पास जमा न होने दें। उन्होंने कहा कि भय रहित चुनाव की जिम्मेवारी आप पर है और इस कर्तव्य पर खरा उतरने का प्रयास करें।
    युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक ने दिखाया उत्साह। 

    प्रेमनगर नगर पंचायत चुनाव के मतदान को लेकर युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक में उत्साह देखा गया। युवाओं ने मतदान कर अंगुली पर स्याही के फोटो खिंचे और मोबाइल से इंटरनेट मीडिया पर डाले। वहीं बुजुर्गों ने भी लाठी व स्वजनों के सहारे मतदान केंद्रों पर पहुंचकर मतदान किया।

     

    रायपुर /शौर्यपथ/  

    छत्तीसगढ़ सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं में से महत्वपूर्ण सुराजी गांव योजना के गरूवा घटक के तहत अब तक राज्य में निर्मित एवं सक्रिय रूप से संचालित 7836 गौठानों में से 2029 गौठान स्वावलंबी हो गए हैं। स्वावलंबी गौठान गोबर खरीदी से लेकर वर्मी कम्पोस्ट के निर्माण के लिए स्वयं के पास उपलब्ध राशि का उपयोग करने लगे हैं। रायगढ़ जिले में सर्वाधिक 249 गौठान स्वावलंबी हुए है। दूसरे नंबर कबीरधाम जिले में 141 गौठान तथा तीसरे क्रम पर महासमुन्द जिले में 131 गौठान स्वावलंबी हुए है। 

    कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार गरियाबंद जिले में 25, धमतरी में 66, बलौबाजार में 84 तथा रायपुर जिले में 75, दुर्ग में 86, बालोद में 67, बेमेतरा में 58, राजनांदगांव जिले में 101, कोरबा में 103, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 25, जांजगीर-चांपा में 90, बिलासपुर में 76, मुंगेली में 60, कोरिया में 73, जशपुर में 70, बलरामपुर में 55, सरगुजा में 65, सूरजपुर में 53, कांकेर में 105, कोण्डगांव में 21, दंतेवाड़ा में 35, नारायणपुर में 6, बस्तर में 35, बीजापुर में 22 तथा सुकमा जिले में 52 गौठान स्वावलंबी बन चुके हैं। 

    गौरतलब है कि राज्य में पशुधन के संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा अब तक 10558 गांवों में गौठान के निर्माण की स्वीकृति दी जा चुकी है। जिसमें से 7836 गौठानों का निर्माण पूरा हो चुका है और वहां पर गोबर खरीदी, वर्मी कम्पोस्ट के निर्माण सहित अन्य आयमूलक गतिविधियां संचालित हो रही है। वर्ममान में 2392 गौठानो का तेजी से निर्माण कराया जा रहा है शेष 356 गौठानो के निर्माण का कार्य अभी शुरू कराया जाना है। गौठानों में पशुधन के देखरेख, चारे-पानी एवं उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की अपील पर पशुधन के चारे के लिए किसानों द्वारा पैरा दान किया जा रहा है। अब तक 4 लाख 79 हजार 224 क्विंटल से अधिक पैरा गौठानों में दान के माध्यम से संग्रहित किया है। जिसका मूल्य 200 रूपए प्रति क्विंटल के मान से 9 करोड़ 58 लाख के लगभग है। इसके अलावा गौठानों में पशुओं के लिए हरे चारे के इंतजाम के लिए हाईब्रिड नेपियर ग्रास का रोपण एवं अन्य चारे की बुआई भी की गई है।

    रायपुर /शौर्यपथ/  

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय ठाकुर प्यारेलाल सिंह की जयंती 21 दिसम्बर पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने ठाकुर प्यारेलाल सिंह के छत्तीसगढ के लिए अमूल्य योगदान को याद करते हुए कहा है कि ठाकुर साहब छत्तीसगढ़ में सहकारी आंदोलन के पुरोधा के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने न सिर्फ गरीबों की सेवा की बल्कि उनके अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष किया। । वेे छात्र जीवन से ही स्वाधीनता आंदोलनों से जुड़े। उन्होंने अत्याचार और अन्याय के विरोध में अपनी आवाज बुलंद की और जन असंतोष को संगठित दिशा प्रदान की। राजनांदगांव में मिल मजदूरों को संगठित कर ठाकुर प्यारेलाल सिंह ने कुशल नेतृत्व प्रदान किया। छत्तीसगढ़ में छात्रों को संगठित रूप से आंदोलनों से जोड़ने का श्रेय भी ठाकुर साहब को जाता है। उन्होंने जन-जागरण के लिए भी कई काम किये। उनके योगदान हमेशा याद किये जाएंगे।

     

    रायपुर /शौर्यपथ/  

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी,समाज सुधारक और प्रसिद्ध साहित्यकार स्वर्गीय पंडित सुंदरलाल शर्मा की जयंती 21 दिसम्बर पर उन्हें नमन किया है।  बघेल ने कहा है कि पंडित सुंदरलाल शर्मा ने छत्तीसगढ़ में स्वाधीनता आंदोलनों की मजबूती और जनजागरण के लिए भरसक प्रयत्न किया।उन्होंने सामाजिक चेतना की आवाज हर घर तक पहुंचाने का अविस्मरणीय कार्य किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में फैले अंधविश्वास,छुआ-छूत,रूढिवादिता जैसी कुरीतियों को दूर करने के लिए अथक प्रयास किया। वे किसानों के अधिकारों की लड़ाई के रूप में प्रसिद्ध कंडेल सत्याग्रह के प्रमुख सूत्रधार थे।  बघेल ने कहा कि पंडित सुदरलाल शर्मा के जीवन मूल्य सदा प्रेरणा देते रहेंगे।

     

    रायपुर /शौर्यपथ/  

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल एवं कृषि मंत्री  रविन्द्र चौबे ने राज्य के किसान भाईयों से गौठानों में गौमाता के चारे की व्यवस्था के लिए पैरा-दान करने की अपील की है। किसान भाईयों के नाम जारी अपनी अपील में मुख्यमंत्री ने कहा है कि आप सब को मालूम है कि राज्य के गांवों में पशुधन के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए गौठान बनाए गए है। इन गौठानों में गोधन के चारे एवं पानी का निःशुल्क प्रबंध गौठान समितियों द्वारा किया गया है। पशुधन के लिए गौठानों में सूखे चारे का पर्याप्त प्रबंध हो सके इसके लिए किसान भाईयों से आग्रह है कि धान की कटाई के बाद खेतों में पैरा को जलाने की बजाय अपने गांव की गौठान समिति को बीते वर्ष भांति इस साल भी पैरा-दान करें। इससे गोधन के लिए चारे का इंतजाम करने में समितियों को आसानी होगी। मुख्यमंत्री ने गोधन के चारे के लिए सर्वाधिक पैरा-दान करने वाले कृषक एवं सर्वाधिक पैरा एकत्र करने वाली गौठान प्रबंध समिति को विकासखंड स्तर पर पुरस्कृत एवं सम्मानित किए जाने के निर्देश भी दिए हैं। 

    मुख्यमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता जताई है कि किसान भाई धान की कटाई के बाद पराली जलाने के बजाय अपने खेतों में पैरा का ढेर रखे हैं। उन्होंने कृषि उत्पादन आयुक्त को सभी कलेक्टरों को किसानों के खेत से पैरा एकत्र एवं परिवहन कराकर गौठानों में लाने का अभियान तेजी से शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मुंगेली जिले में पशुधन के लिए गौठानों में पैरा एकत्रीकरण के काम की सराहना की और कहा कि सभी जिलों में इसी तरह से पैरा इकट्ठा किया जाना चाहिए। राज्य के गौठानों में अब तक 4 लाख 79 हजार 224 क्विंटल धान-पैरा एकत्र किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक एकत्र पैरा की मात्रा पर्याप्त नहीं है। सभी जिलों में जिला प्रशासन द्वारा कृषि एवं पशुधन विभाग के सहयोग से पैरा एकत्र किए जाने का काम युद्ध स्तर पर किया जाना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन विभाग द्वारा हरे चारे की कटाई की गई है। किसानों को हरा चारा क्रय करने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ ही गौठानों में भी इसे लाकर स्लाईज बनाकर रखा जाना चाहिए, ताकि पशुओं को पर्याप्त मात्रा में हरे चारे के भी उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

    गौठान मल्टी ऐक्टिविटी एवं आजीविका प्रबंधन के लिए होगा उपयोग
    रायपुर /शौर्यपथ/  

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में गौठान प्रबन्धन के लिए चिप्स द्वारा विकसित ‘गौठान मैप’ (गौठान मल्टी ऐक्टिविटी एवं आजीविका प्रबंधन) मोबाइल एप का लोकार्पण किया। इस एप द्वारा गोबर खरीदी, गोठान विवरण, चारागाह और पैरादान, स्व-सहायता समूह की गतिविधियों की जानकारी, अधोसंरचना आदि का सम्पूर्ण विवरण एक क्लिक पर प्राप्त होगा। 

    उल्लेखनीय है कि चिप्स द्वारा इन-हाउस विकसित एप में सम्पूर्ण राज्य में संचालित गोठानों का गोठानवार डेटाबेस होगा, जिसमें गोठानो में उपलब्ध संसाधन, गतिविधियां, हितग्राहियों एवं सेवाओं आदि का विवरण होगा। जियो-टैगिंग के माध्यम से गौठानों की डिजिटल मैपिंग की जाएगी। जिससे गौठानों के संसाधनों का सतत लेखा जोखा उपलब्ध होगा. प्रत्येक गोठान में स्व सहायता समूहों द्वारा संचालित मल्टी एक्टिविटी का डेटाबेस तैयार होगा। इस फ्रेमवर्क से गौठानों के मुख्य सूचकांकों की सटीक निगरानी हो सकेगी। इससे गौठानों में उत्पादित सामग्री की उपलब्धता एवं विपणन और लाभार्थियों का लेखा जोखा उपलब्ध होगा। 

    एप में राज्य शासन के लिए गौठान से जुड़ी गोठान समितियों और स्व-सहायता समूहों दोनों के लिये मजबूत डिजिटल मूल्यांकन तंत्र और सटीकता सुनिश्चित करने वाले गौठान केंद्रित डाटाबेस उपलब्ध होगा। इस डाटाबेस के आधार पर गौठानों में भविष्य में की जाने वाली गतिविधियों की रूपरेखा तैयार करने में मदद मिलेगी। गौठान में आय सृजन गतिविधियों की प्रवृत्ति और प्रदर्शन की निगरानी के माध्यम से आजीविका के नवीन स्रोतों की पहचान होगी, इससे हितधार कों की आय वृद्धि होगी और सूक्षम उद्द्योग की योजना बनाने तथा संवर्धन की संभावना बढ़ेगी।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री के विशेष सचिव और प्रबंध संचालक गोधन न्याय मिशन डॉ. एस. भारती दासन ने चिप्स को इस एप निर्माण के लिए धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में कृषि मंत्री  रविन्द्र चौबे, पूर्व केन्द्रीय मंत्री  भक्त चरणदास, मुख्यमंत्री के सलाहकार  प्रदीप शर्मा, इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रोद्योगिकी के अपर मुख्य सचिव  सुब्रत साहू और चिप्स के संयुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी  नीलेश सोनी विशेष रूप से उपस्थित थे।

    मतदान व्यवस्था का लिया जायजा
    राजनांदगांव /शौर्यपथ/

    कलेक्टर  तारन प्रकाश सिन्हा ने आज नगरीय निकाय आम एवं उप निर्वाचन के तहत नगर निगम राजनांदगांव के वार्ड क्रमांक 17 तुलसीपुर पार्षद चुनाव के लिए चल रहे मतदान का जायजा लेने ठाकुर प्यारेलाल उच्चतर माध्यमिक शाला राजनांदगांव मतदान केन्द्र पहुंचे। उन्होंने मतदान केन्द्र में पहुंचकर मतदान व्यवस्था का अवलोकन किया। ठाकुर प्यारेलाल उच्चतर माध्यमिक शाला राजनांदगांव परिसर में 5 मतदान केन्द्र स्थापित किए गए हैं। कलेक्टर  सिन्हा ने सभी केन्द्रों का बारी-बारी से निरीक्षण किया। उन्होंने मतदान केन्द्रों में मतदाता दलों के कर्मचारियों से चर्चा कर मतदान की स्थिति, मतदान कर चुके मतदाताओं की संख्या और मतदान प्रतिशत के बारे में जानकारी ली। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  प्रज्ञा मेश्राम, संयुक्त कलेक्टर  इंदिरा देवहारी, एसडीएम राजनांदगांव  अरूण कुमार वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

     

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