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May 23, 2026
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बस्तर

बस्तर (1126)

दंतेवाड़ा / शौर्यपथ / दंतेवाड़ा जिले के ग्राम पंचायत चितालंका के पम्मी नाग को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का  लाभ मिला है। आपको बता दें को कुछ दिनों पहले श्रीमती पम्मी नाग के पति बबलू का रोड  एक्सीडेंट में मृत्यु  हो गयी।जिससे परिवार बेसहारा हो गया। बबलू नाग ही  रोजी मजदूरी कर अपने घर का पालन पोषण करता था। रोड एक्सीडेंट के बाद सिर में चोट ज्यादा लगने के कारण इलाज के दौरान हॉस्पिटल में उनकी मृत्यु से परिवार को गहरा सदमा लगा। आर्थिक रूप से अक्षम परिवार को जिला पंचायत सीईओ आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा (प्रीमियम राशि 12 रुपये सालाना) का लाभ दिलाते हुए नॉमिनी पत्नी पम्मी नाग, राधा स्व सहायता समूह चितालंका को सेन्ट्रल बैंक दंतेवाड़ा से क्लेम करवा कर बीमा धन 2 लाख की राशि का आर्थिक सहायता प्रदान किया गया।

दंतेवाड़ा / शौर्यपथ / दंतेवाडा जहां एक तरफ स्थाई शिक्षक एवम शासकीय कर्मी  हड़ताल पर 22 अगस्त से बैठे हुए हैं उनमें प्राइमरी स्कूल के शिक्षक भी शामिल है जिससे शिक्षा व्यवस्था चरमरा सी गई है वहीं दूसरी युवा अतिथि शिक्षक धुर नक्सली क्षेत्र कटेकल्याण के ग्राम टेटम में मात्र ₹5000 मानदेय पर शिक्षा की अलख जगा रहे हैं और बच्चों को पढ़ा रहे ताकि समय कोर्स कंप्लीट हो सके। यह एक प्रकार की सेवा है शिक्षा से बढ़कर कोई दान नहीं होता इसका महत्व समझ कर इन बच्चों के भविष्य सुधारने  की जेम्मेदारी उन स्थाई शिक्षक जिनका वेतन इनसे कई गुना ज्यादा होता है वह अपनी जिम्मेदारियों को  दरकिनार कर अपने फायदे के लिए हड़ताल पर जा बैठे हैं ऐसा ही एक मामला कटेकल्याण के ग्राम टेटम  प्राइमरी स्कूल जहां दर्ज बच्चो  की संख्या  में 30 है जिन्हें प्राथमिक शिक्षा अतिथि शिक्षकों द्वारा नाम मात्र मानदेय में पढ़ाया जा रहा है जिससे पढ़ाई में किसी भी प्रकार की बाधा ना हो

- लक्ष्य संस्था ने भटका दिया अभ्यार्थियों को लक्ष्य से
- अब यहां सिर्फ खानापूर्ति हो रही है, दक्ष ट्यूटर ही  नहीं है
- इसी संस्था में पढ़े विद्यार्थि GBयों से ले  रहे है अध्यापन कार्य
- बॉय हॉस्टल में छात्राओं के लिए कोई सुविधा  नहीं है


दंतेवाड़ा / शौर्यपथ / कांग्रेस सरकार ने लक्ष्य जैसी संस्था को भी मिट्टी में मिला दिया है। इस संस्था से राज्य का नाम रोशन करने वाले छात्र-छात्राएं निकली। उन्होंने अपनी मेधा का लोहा मनवाया है। यहां प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले स्थानीय छात्र-छात्राएं राज्य और राष्ट्र स्तर पर सेवाएं भी दे रहे हैं। कांग्रेस सरकार ने इस संस्था को भी हासिए पर ला कर खड़ा कर दिया है। अब यह संस्था सिर्फ अभ्यार्थियों को भटकाने का काम कर रही है। सिर्फ यहां खानापूर्ति हो रही है। इस संस्था में दक्ष ट्यूटर नही है। पूराने पढे हुए विद्यार्थियों से अध्यापन का कार्य लिया जा रहा है। जिस परिकल्पना के साथ इसकी बुनियाद रखी गई थी, वह हिल गई है। सच तो ये है कि गल्र्स हॉस्टल को भी नजरअंदाज कर दिया गया है। हॉस्टल में छात्राएं अहम सुविधाओं से वंचित है। इन बातों को धीरेंद्र प्रताप सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही है। उन्होंनें कांग्रेस सरकार को आड़े हाथों लिया है। सरकार ने लक्ष्य जैसे संस्था को भी नही छोड़ा। लापरवही कहें या भ्रष्टाचार दोनों ही तो परिलक्षित हो रही है। स्थानीय छात्र-छात्राओं के भविष्य से यह सरकार खेल रही है। इतना पैसा आदिवासी बच्चों के पास नही है कि वे बेहतर कोचिंग के लिए बाहर जाएं। भाजपा सरकार ने आदिवासी छात्र-छात्रओं को सफल करने के लिए प्रतियोगी संस्था की नींव रखी थी, लेकिन इस सकरार के आते ही उनके सपनों को चकनाचूर कर दिया है। लक्ष्य में बच्चे पढने जरूर जा रहे हैं, लेकिन उनको वो पढाई नही मिल रही है जिसकी वे आशा करके आ रहे हैं। सरकार आदिवासी छात्र-छात्राओं की तैयारी कराने वाली इस संस्था के साथ खिलवाड़ कर रही है। भाजपा सरकार ने तो टेंडर कर बेहतर कोचिंग संस्थानों को बुलावा देकर प्रतियोगिता की तैयारी करवाई थी। अब यहां अनुभवी अध्यापक तो है ही नहीं, इसी संस्था में पढे विद्यार्थियों से  अधपान करवाया जा रहा है। लक्ष्य संस्था की इस सरकार ने दुर्दशा कर दी है। ये दर्शाता है कि यह सरकार शिक्षा के प्रति कितनी संवेदनशील है। खुद को सिर्फ आदिवासी हितैषी होने का ढिंढोरा पीट रही है।

दंतेवाड़ा / शौर्यपथ / दंतेवाड़ा जिले मुख्यालय के जेल बाड़ी से कुछ दूर एक टीले के घर में नेत्रहीन महिला अपने नन्हे बालक के साथ रहती है जो कि कुछ वर्षो पहले यहां से विवाह कर जा चुकी थी परन्तु किस्मत को कुछ और ही मंजूर था उसने अपने पति को खो दिया तो उसकी मां ने उसे और उसके बच्चो को अपने घर ले आई जिस कारण उसकी कोई भी सरकारी पहचान नहीं बन पाई,साथ ही अशिक्षा के कारण और नेत्रहीनता के कारण वह जंगलों से लड़की बीनकर और उसे बेचकर जीवन यापन को मजबूर थी।
जब इस बात की खबर मीडिया मित्रो के साथ हमारी टीम ने  जिला कलेक्टर विनीत नंदनवार को दी तो,
कलेक्टर ने कर्मचारियों के हड़ताल मे बैठे होंने के बावजूद, उन कर्मचारियों जिला कलेक्टर ने आदेश दिया और उन कर्मचारियों ने भी उस महिला के दर्द को समझकर उसे तत्काल राहत देने रात्रि को ही उसके घर पहुंच गए।
आपको बता दे की उस महिला का नाम मासे है जो कि नेत्रहीन होकर भी अपनी बूढ़ी मां और बच्चे को पाल रही थी।
परन्तु अब जिला कलेक्टर ने उस महिला को समाज और सरकार कि मुख्य धारा से जोड़ने के लिए तत्काल प्रभाव से उसका मेडिकल सर्टिफिकेट,दिव्यांग पेंशन,दिव्यांग राशन कार्ड के साथ साथ उसे 20000 रुपए भी दिलवाए ,जो राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना से लाभान्वित करवाई गई।
इन सभी सहायताओ कि प्राप्त कर महिला अत्यंत खुश हुई और उसने जिला कलेक्टर के साथ साथ उनकी टीम को नमन किया।
जिला कलेक्टर और उनकी टीम के इस बेहतरीन त्वरित कार्यवाही से जिले वासी भी आश्वस्त हुए कि यह हड़ताल केवल सरकार के खिलाफ है ना कि जनता के,और ये सभी कर्मचारी अपने कर्तव्यों के पालन करने के लिए दिन और रात दोनों पहर अपने कर्योवके लिए अपने जिलाधीश के साथ खड़े है।

दंतेवाड़ा / शौर्यपथ / दंतेवाड़ा जिले में दंतेवाड़ा शहर से जाने वाली  हाईवे की हालत तो जंपक जपाक हो गई है। शहर से महज 2 कि मी की दूरी पर हाईवे सड़क पर बारिश के कारण कई बेहतरीन गड्ढे हो गए है,जिसका आलम यह है कि वहा डारेक्ट पौदो को लगाया जा सकता है ।
इस मार्ग मे भारी वाहनों के साथ साथ यातायात के कई वाहन जाते है जिसमे सुबह शाम डी ए वी स्कूल के छात्र छात्राओं का भी आवागमन है परन्तु ये बच्चे इन सबको पर जम्पक जपाक़ करके जाते है ,जहा उनके अभिभावक तो परेशान है ही मगर ऑटो से जाने वाले बच्चे अपने स्कूल झूला झूलते हुए पहुंचते है।
इन सभी जानकारियों के बाद भी विभाग और प्रशासन पता नहीं किस बात का इंतजार कर रहे है ।
हाईवे कि हालत उस अभिभावक कि तरह हो गई है जैसे दो बच्चो के बीच उनके अभिभावक कि होती है,एक तरफ पी एम जे एस वाई मौन है तो दूसरी तरफ पी डब्ल्यू डी मौन है। ऐसा लगता है कि दोनों विभागों मे होड़ है कि पहले आप।
अब देखना यह है कि किसी हादसे से पहले यह होड़ खत्म होगी या हादसे के बाद।
 

कोंडागांव / शौर्यपथ / कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन संघ के प्रांतीय आवाहन को लेकर दो सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार 22 अगस्त से प्रारंभ अनिश्चित कालीन जारी है  जिसमे आज आंदोलनकारियों को समर्थन देने पूर्व मंत्री लता उसेंडी भी पहुंची थी पूर्व मंत्री लता उसेंडी ने कहा की अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के द्वारा पूरे प्रदेश में धरना का कार्यक्रम रखा गया है और इसके पूर्व भी आप सब के द्वारा एक आंशिक धरना रखा गया था और माननीय मुख्यमंत्री जी को मांग पत्र दिया गया था कि महंगाई भत्ता मकान भाड़ा है यह सब चीजों में तत्काल कर्मचारियों को रिलीफ दें सुविधा प्रदान करें, लेकिन ऐसा जान पड़ता है कि वर्तमान में जो सरकार है वह अपने आंख में पट्टी बांध चुकी है, कान में रुई भर ली है और जिस तरह से भ्रष्टाचार का आलम छत्तीसगढ़ में फैला हुआ है जिस तरह से हम देख रहे हैं कि बेरोजगार युवा हो चाहे प्रदेश की महिलाओं को या  हमारे कर्मचारी समुदाय के सारे वर्गों को जिन वादों के साथ भारी बहुमत के साथ आज कुर्सीपर सरकार  बैठी है। छत्तीसगढ़ वासियों को आज आर्थिक रूप से सामाजिक रुप से अगर नुकसान उठाना पड़ रहा है कर्मचारियों को उठाना पड़ रहा है इसके दोषी आज प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी हैं मोहन मरकाम जी हैं जिनकी वजह से आज आंदोलन की स्थिति उत्पन्न हुई है ,और ऐसी सरकार को भी कुर्सी में बैठने का अधिकार नहीं है जहाँ जायज मांगों के भी लोगो को  आंदोलन करने की आवश्यकता पड़े।
आपको बता दें कि लगातार दो दिनों से शासकीय दफ्तर सूने पड़े हैं वह आमजन अपने शासकीय कार्यों के लिए यहां वहां भटकते नजर आ रही है बड़ी बात देखने को यह आई कि कर्मचारी कार्यालय कार्यालय पहुंच कार्यालय के कर्मचारियों को बाहर कर ताला जड़ रहे हैं यहां तक कि संविदा हुआ कलेक्टर दर के कर्मचारियों को भी कार्य करने नहीं दिया जा रहा है

डाडिया डेम में डूबे चार मृतक बच्चों के मामले में  जांच में सन्देह का लगाया आरोप

 कोंडागांव / शौर्यपथ / कोंडागांव जिला मुख्यालय में आज हजारों की संख्या में गोंडवाना समन्वय समिति के तत्वाधान मे चौपाटी मैदान में धरना प्रदर्शन किया समाज के लोगो ने प्रशासन के द्वारा मामले पर निष्पक्ष जांच न करने का आरोप लगाते मृत बच्चों को न्याय दिलाने की मांग करते नेशनल हाइवे मार्ग में रैली निकाल थाना का घेराव किया,घेराव के दौरान लगातार प्रदर्शनकारी पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहें ,जिसके कारण नेशनल हाइवे में यातायात 1 घंटे से अधिक समय तक बाधित रहा।
आप को बता दे की 29 जुलाई को कोंडागांव जिले के ग्राम बफना डाढ़िया डेम में 4 आदिवासी बच्चों के डूबने से मौत हो गई थी ।जिसके बाद लगातार समाज जल्द जांच कर कारवाही करने की मांग कर रहा है साथ ही मामले में दोषियों पर कार्यवाही की मांग को ले कर आज नेशनल हाइवे जाम के साथ साथ कोंडागांव कोतवाली का घेराव किया गया।

इस मकान तक पहुंच हर शासकिय योजनाएं हो रही है सिफर

     कोण्डागाँव /शौर्यपथ / तेज बारिश के बीच टिमटिमाते दीए की रोशनी में कच्ची लकड़ियों से खाना बनाने की मजबूरी यह किसी का शौक नही बल्कि सुरेश विश्वकर्मा के परिवार की मजबूरी है। जिसके परिवार तक पहुंच शायद  उज्जवला गैस बिजली की योजनाएं और पीएम आवास जैसी योजनाएं दम तोड़ देती है,जिले के अधिकारीयों की उदासीनता के चलते,अनेक परिवार
आज भी जर्जर कच्चे मकान में निवास करने को मजबूर हैं।
    जहाँ एक तरफ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का सपना भारत को 2025 तक डिजिटल बनाना, सभी को पक्के घर देना लकड़ी के धुएं से मुक्ति की सोच हर  सपना कोण्डागाँव  के नहर पारा में निवासरत सुरेश विश्वकर्मा के परिवार को देखकर विफल नजर आता है। चूल्हे में खाना बनाती गृहणी लता विश्वकर्मा से जब शासन की योजनाओं के लाभ को लेकर पूछा गया तो उदास होते उसने कहा  कि   पीएम आवास व उज्वला कनेक्शन के  लिए उसे अपात्र बताया गया, लता ने कहा कि मेरा परिवार मजदूरी करता है जर्जर मकान में रहना मेरी मजबूरी है मैं किराए के घर पर  रहने में असमर्थ हूं।एक तरफ जहां प्रदेश सरकार बिजली बिल हाफ व हर गरीब को कनेक्शन की बात कह रही है, वहीं लकड़ी के धुंए से मुक्ति की बात करते उज्वला योजना का शंखनाद किया गया था व पक्के मकान तक हर गरीब की पहुंच होने की बात देश के प्रधानमंत्री ने कही थी लेकिन इन  योजनाओं का लाभ किन पात्र हितग्राहियों को मिल रहा है जांच का विषय है। क्या शासन प्रशासन के नुमाइंदे ऐसे जर्जर मकान में रह रहे परिवार के साथ गंभीर हादसा होने का इंतजार कर रहे हैं।

कोंडागांव/ शौर्यपथ / दक्षिण कोंडागांव वनमण्डल के वन परिक्षेत्र माकड़ी अंतर्गत माकड़ी परिसर में मुखबिर से प्राप्त सुचना के आधार पर वनमण्डलाधिकारी के निर्देशन एवं उपवनमण्डलाधिकारी के मार्गदर्शन में दिनांक 21/08/2022 को परिक्षेत्र सहायक माकड़ी के नेतृत्व में वन परिक्षेत्र और उड़नदस्ता दल की संयुक्त टीम ने राम पांडे पिता सुकराम पांडे जाति कलार के ग्राम माकड़ी स्थित मकान में छापेमार की कार्यवाही की गयी। छापे की कार्यवाही में राम पांडे के मकान से अवैध रूप से भण्डारित की गयी सागौन, साल और बीजा के 76 नग चिरान लगभग 0.996 घन मीटर बरामद कर जप्ती की कार्यवाही की गयी। आरोपी के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण दर्ज कर जाँच की जा रही है।

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