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इंदिरा मार्केट से चार महीने में भी नहीं हटा कब्ज़ा, महापौर अलका बाघमार की नाकामी पर उठ रहे सवाल
मुख्य समाचार ...
रविवार 14 सितंबर को वार्ड 60 पुष्पक नगर निरीक्षण में महापौर ने वेज ठेले लगाने की अनुमति दी और नॉनवेज ठेले हटाने का फरमान सुनाया।
सवाल उठ रहा है कि क्या यह फैसला निष्पक्ष है या भेदभाव का प्रतीक?
सुराना कॉलेज, समृद्धि बाजार, पुलगांव चौक, जिला अस्पताल—हर जगह ठेले और गुमटियों की “फौज” ने सड़कों को पाट दिया है।
महापौर निवास के आसपास भी अवैध ठेले, लेकिन निगम चुप।
दुर्ग। शौर्य पथ विशेष रिपोर्ट
दुर्ग की जनता आज यह सोचने पर मजबूर है कि नगर निगम महापौर अलका बाघमार वास्तव में शहर को अतिक्रमण मुक्त करना चाहती हैं या अतिक्रमण युक्त? रविवार 14 सितंबर को वार्ड क्रमांक 60 पुष्पक नगर में निरीक्षण के दौरान महापौर ने शाकाहारी खाद्य सामग्री के ठेले लगाने की अनुमति दी और नॉनवेज ठेले तत्काल हटाने का फरमान सुना दिया।
लेकिन सवाल यह है कि क्या यह निर्णय शहर की समस्या का हल है, या फिर नए विवादों को जन्म देने वाला कदम?
महापौर के दोहरे मानदंड
कुछ माह पहले तक महापौर बाघमार शहर को अतिक्रमण मुक्त करने की बातें करती रहीं। परंतु आज हालात यह हैं कि सुराना कॉलेज, समृद्धि बाजार, जिला अस्पताल, पुलगांव चौक से लेकर गौरव पथ तक, ठेले–गुमटियों की “फौज” ने सड़कों पर कब्जा जमा लिया है। यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और प्रशासन की चुप्पी इस बदहाली को और गहरा रही है।
महापौर निवास के पास भी अवैध ठेले वालों की भरमार है। सवाल उठता है—अगर जनता को रास्ते पर चलने में तकलीफ़ हो रही है तो यह अनुमति और मौन सहमति आखिर किसके हित में है?
इंदिरा मार्केट: चार महीने से ‘हारती’ महापौर
सबसे बड़ा कटाक्ष यह है कि इंदिरा मार्केट के जूता-चप्पल लाइन और कपड़ा लाइन पर एक समुदाय विशेष द्वारा वर्षों से जमे अतिक्रमण को हटाने में महापौर बाघमार लगातार चार महीने से नाकाम साबित हो रही हैं।
जिस स्थान को शहर का सबसे बड़ा व्यावसायिक आकर्षण बनना चाहिए था, वहां अब यह अतिक्रमण “प्रबंधन” की तरह खड़ा है—मानो नगर निगम ने खुद इसकी स्थायी दुकानदारी को वैध मान लिया हो।
शहरवासी कह रहे हैं—“अगर महापौर जी इंदिरा मार्केट से 100 मीटर अतिक्रमण नहीं हटा पा रहीं, तो पूरे शहर से क्या हटाएंगी?”
भेदभाव का आरोप
नॉनवेज ठेले हटाने और वेज ठेले को अनुमति देने का फैसला भी महापौर की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर रहा है। छोटे व्यापारी चाहे वेज बेचें या नॉनवेज—दोनों अपने परिवार का भरण–पोषण कर रहे हैं। ऐसे में एकतरफा फैसला भेदभावपूर्ण ही माना जाएगा।
शहर की सफाई व्यवस्था बदहाल
अतिक्रमण की समस्या से परे, शहर की असली तस्वीर और भी भयावह है। गंदगी का अंबार, टूटी सड़कों की बदहाली, अंधेरे में डूबी स्ट्रीट लाइटें, उजड़े उद्यान और आवारा मवेशियों की भरमार—यही है आज का दुर्ग। प्रदेश सरकार जहां गोधन की रक्षा और गौमाता की सेवा की बड़ी-बड़ी बातें करती है, वहीं शहर में चरागाह की जमीन पर निजी बिल्डरों का कब्जा है और महापौर इस पर मौन साधे हुए हैं।
जनता की अपेक्षाएं टूटीं
जनता ने अलका बाघमार को भारी मतों से विजयी इसलिए बनाया था ताकि शहर की स्थिति सुधरे। लेकिन आज हालात यह हैं कि शहरी सरकार की कार्यशैली पर हर तरफ उंगलियां उठ रही हैं। स्वास्थ्य प्रभारी नितेश अग्रवाल की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। सफाई व्यवस्था की बदहाली और बदबूदार वातावरण पर न तो निगम प्रशासन को परवाह है और न ही जिम्मेदारों को शर्म।
“पोस्टर सरकार” बनाम “जमीनी हकीकत”
पोस्टर-बैनरों और सोशल मीडिया पर “स्वच्छ दुर्ग, सुंदर दुर्ग” के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि शहर की व्यवस्था हर दिन चरमरा रही है। इंदिरा मार्केट से लेकर समृद्धि बाजार और पुलगांव चौक तक अतिक्रमण का साम्राज्य फैला हुआ है।
तीखी बात :
कभी डॉ. सरोज पांडे जैसी महापौर ने शहर हित में सख्त फैसले लेने का दम दिखाया था। लेकिन आज की शहरी सरकार सिर्फ बयानों और अनुमति देने की राजनीति में उलझी है। जनता अब पूछ रही है—
“महापौर जी, आप शहर को अतिक्रमण मुक्त कर रही हैं, या फिर अतिक्रमण युक्त?”
दुर्ग। शौर्य पथ की विशेष रिपोर्ट।
शहर के सबसे बड़े व्यावसायिक केंद्र इंदिरा मार्केट की स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। व्यापारी संगठन एक ओर पसरा वालों पर अवैध कब्ज़ा और अव्यवस्थित बाजार का ठीकरा फोड़ रहे हैं, लेकिन सवाल यह उठता है कि बड़े व्यापारी खुद कितने नियमों का पालन कर रहे हैं? बीते दिनों व्यापारियों ने बैनर-पोस्टर और रैली के जरिए महापौर अलका बाघमार को बाजार की जर्जर व्यवस्थाओं और अवैध गतिविधियों की शिकायत की। रैली में पार्किंग ठेकेदार की अवैध वसूली,सड़कों पर पसरा वालों का कब्ज़ा जैसे मुद्दे उठे। लेकिन तस्वीर का दूसरा पहलू यह है कि खुद कई व्यापारी ही निगम के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
व्यापारी बनाम पसरा वाले – असली दोषी कौन?
निगम ने इंदिरा मार्केट को व्यवस्थित और सुंदर व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित किया था, लेकिन अब दुकानों के बरामदे तक एवं सडको पर सामान फैलाकर व्यापारी अपनी दुकानें चला रहे हैं। - कई दुकानों ने बिना अनुमति अपने भवन का स्वरूप बदल लिया है, जिसने बाजार की मूल संरचना को ही बिगाड़ दिया।
30 से 40 फीट चौड़ी सड़कें बाजार लगते ही इतनी संकरी लगने लगती हैं मानो किसी गली से गुजर रहे हों।
व्यापारी संगठन पसरा वालों को दोषी ठहराते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि असंगठित फुटपाथी और संगठित बड़े व्यापारी – दोनों ही बराबर रूप से बाजार की बदहाली के जिम्मेदार हैं।
पसरा वालों की भी अपनी कहानी -
पिछले कई दशक से तिहार और त्यौहारी सीजन में कई परिवार पसरा लगाकर अपनी रोजी-रोटी कमा रहे हैं। ये वही छोटे लोग हैं जिनके बूते बाजार सीजन में रौनक होता है। निगम प्रशासन अगर सिर्फ गरीब पसरा वालों पर कार्रवाई करेगा और बड़े व्यापारियों द्वारा किए जा रहे अवैध कब्ज़े व निर्माण पर आंख मूंदेगा, तो सवाल उठना लाज़मी है कि प्रशासन गरीबों पर अत्याचार कर धनवानों को संरक्षण दे रहा है?
प्रशासनिक विफलता और पार्किंग समस्या पार्किंग की समस्या भी बाजार की असुविधा का बड़ा कारण है। दोपहिया और चारपहिया वाहनों की अलग-अलग पार्किंग व्यवस्था न होने के यातायात का दबाव बढ़ता जा रहा है और ठेकेदार पर मनमाने शुल्क वसूली के आरोप लग रहे हैं।
सवाल यह है कि रेलवे स्टेशन या अन्य सार्वजनिक स्थानों की तरह जब वहां पार्किंग शुल्क चुकाना आम बात है, तो आंदोलन व विरोध सिर्फ निगम क्षेत्र के बाजार में ही क्यों होता है?
जिम्मेदारी सिर्फ पसरा वालों की नहीं अगर निगम प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई करना चाहता है तो उसे दोहरी नीति छोड़नी होगी। - जिन पसरा वालों ने तय सीमा से आगे कब्ज़ा किया है, उन्हें हटाना होगा। - साथ ही, जिन बड़े व्यापारियों ने बरामदों और सड़कों तक दुकान फैलाई है, उन्होंने जो बिना अनुमति संशोधन किया है, उनके खिलाफ भी समान रूप से दंडात्मक कार्रवाई करनी होगी। - व्यापारी संघ के पदाधिकारियों को भी आह्वान करना चाहिए कि व्यापारी अपनी सीमा में रहकर व्यापार करें, ताकि निगम प्रशासन की कार्यवाही संतुलित और निष्पक्ष दिखे।
जनता की अपेक्षा – सुंदर और निष्पक्ष बाजार इंदिरा मार्केट सिर्फ व्यापारियों का बाजार नहीं बल्कि शहरवासियों की सुविधा और पहचान का केंद्र है। निगम प्रशासन अगर बाजार को नियमानुसार व्यवस्थित करता है, तो यह दुर्ग शहर के लिए उदाहरण बन सकता है। लेकिन अगर कार्रवाई सिर्फ कमजोर वर्ग यानी पसरा वालों तक सीमित रही तो यह *“अमीरों को संरक्षण, गरीबों पर प्रहार”* वाली तस्वीर और साफ होगी।
रायपुर / शौर्यपथ / कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर ने छत्तीसगढ़ के बड़े चूककर्ता संस्थानों की सूची जारी की है, जिन पर कुल 11 करोड़ 24 लाख 90 हजार 875 रुपये की राशि बकाया है। जारी सूची के अनुसार बीएसआर सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल्स लिमिटेड, दुर्ग पर 6.01 करोड़ रुपये, आइडियाक इंक मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड, रायपुर पर 1.34 करोड़ रुपये, किरोड़ीमल प्रौद्योगिकी संस्थान, रायगढ़ पर 1.01 करोड़ रुपये, प्रतिभा फ्लोकॉन इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड, दुर्ग पर 38.18 लाख रुपये, नवभारत फ्यूज कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, रायपुर पर 34.85 लाख रुपये, डीवी प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, रायपुर पर 33.92 लाख रुपये, भिलाई बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड, रायपुर पर 29.25 लाख रुपये, आसिया फैब्रिकेटर्स, दुर्ग पर 25.71 लाख रुपये और कैनेलाइट फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, रायगढ़ पर 17.38 लाख रुपये का बकाया दर्ज है।
EPFO ने स्पष्ट किया है कि भविष्य निधि अधिनियम के तहत इन संस्थानों के खिलाफ बैंक खाते अटैच करने, संपत्ति कुर्क करने और जरूरत पड़ने पर नियोक्ताओं की गिरफ्तारी तक की कार्रवाई प्रस्तावित है। इस वर्ष अब तक 65 संस्थानों के बैंक खाते अटैच कर 49 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है।
क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त जयवदन इंगले ने बताया कि चूककर्ता संस्थानों के विरुद्ध कार्रवाई तेज करने के लिए प्रवर्तन अधिकारियों की टीम गठित की गई है और उन्हें गहन जांच व वसूली का आदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि अपर केंद्रीय भ.नि. आयुक्त रंगनाथ के नेतृत्व में यह अभियान लगातार जारी रहेगा। इंगले ने संस्थानों से अपील की है कि वे विधिक कार्रवाई से बचने के लिए तुरंत लंबित देयों का भुगतान करें। EPFO का कहना है कि कर्मचारियों की निधि में किसी भी प्रकार की देरी या चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी और बकाया राशि की वसूली हर हाल में की जाएगी।
by PIB Raipur
रायपुर / शौर्यपथ / विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस (10 सितम्बर 2025) के अवसर पर एनआईटी रायपुर के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग ने “मूल्य शिक्षा के माध्यम से तनाव प्रबंधन” विषय पर संगोष्ठी आयोजित की। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि संस्थान की निदेशक (प्रभारी) डॉ. ए. बी. सोनी रहीं। इस दौरान डॉ. एस. सान्याल और डॉ. मनोज चोपकर विशेष रूप से उपस्थित थे, जबकि डॉ. हीना चावड़ा, संकाय सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ भी शामिल हुए।
कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता बढ़ाने, आत्महत्या से जुड़े मिथकों को तोड़ने और मूल्य-आधारित जीवनशैली अपनाने पर बल दिया गया। डॉ. सोनी ने शिक्षा व्यवस्था में मूल्यों और आध्यात्मिक संस्कृति को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई, वहीं डॉ. चावड़ा ने आत्महत्या और अवसाद के मनोवैज्ञानिक पहलुओं पर चर्चा करते हुए आत्मविश्वास, स्वस्थ रिश्ते और सकारात्मक सोच को जीवन का आधार बताया। छात्रों द्वारा आत्महत्या के कारणों और समाधान पर तैयार वीडियो भी प्रस्तुत किया गया।
संवाद सत्र में डॉ. सान्याल ने छात्रों को शैक्षणिक प्रबंधन और जीवन कौशल पर उपयोगी सुझाव दिए। उन्होंने समय प्रबंधन को सफलता की कुंजी बताते हुए “टू-डू लिस्ट” जैसे साधारण उपायों को अपनाने पर जोर दिया। साथ ही छात्रों को नियमित कक्षाओं में उपस्थिति बनाए रखने, क्लबों और समितियों में सक्रिय भागीदारी करने तथा पसंदीदा गतिविधियों को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की गतिविधियाँ न केवल अकादमिक प्रदर्शन को बेहतर बनाती हैं, बल्कि तनाव कम करने और आत्मविश्वास बढ़ाने में भी मदद करती हैं।
by PIB Raipur
नवोदय और एकलव्य विद्यालयों में खेलों पर विशेष ध्यान, प्रशिक्षकों की कोचिंग क्षमता उन्नत करने पर जोर
रायपुर / शौर्यपथ।
उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव आज केन्द्रीय युवा कार्य एवं खेल मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल बैठक में शामिल हुए। यह बैठक खेल एवं युवा विकास से जुड़े अवसरों और चुनौतियों पर केंद्रित रही। श्री साव मुंगेली कलेक्टोरेट से ऑनलाइन जुड़े।
बैठक में युवाओं को खेलों से जोड़ने और देश में खेल संस्कृति विकसित करने के लिए ‘खेलो इंडिया’ योजना की तर्ज पर नई युवा कल्याण योजना शुरू करने पर विचार किया गया। इसके साथ ही प्रत्येक राज्य में खेल विश्वविद्यालयों की स्थापना, भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के क्षेत्रीय केंद्रों की संख्या बढ़ाने, खेल अधोसंरचना के रखरखाव हेतु विशेष बजट प्रावधान तथा एकीकृत डिजिटल खेल मंच के विकास जैसे मुद्दों पर भी गहन चर्चा की गई।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि—
नवोदय और एकलव्य विद्यालयों में खेलों पर विशेष फोकस किया जाए।
सभी स्कूलों और कॉलेजों में नियमित खेल गतिविधियों के लिए विशेष कार्ययोजना बने।
केंद्र और राज्य सरकार के विद्यालयों में खेल अधोसंरचना विकसित की जाए और आवश्यक स्टाफ की भर्ती की जाए।
साई (SAI) के क्षेत्रीय केंद्रों में प्रशिक्षकों की कोचिंग क्षमता और कौशल का उन्नयन किया जाए।
खेल कोटे से नियुक्त खिलाड़ियों को केवल खेल संबंधी जिम्मेदारियां दी जाएं ताकि उनके अनुभव का लाभ नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को मिल सके।
श्री साव ने विश्वविद्यालय स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने, खेल अधोसंरचना के विस्तार और व्यवस्थित खेल नीति तैयार करने पर बल दिया। उन्होंने खेल अधोसंरचना की निगरानी (मॉनिटरिंग) के लिए भी विशेष कार्ययोजना बनाने का सुझाव दिया।
बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री साव के साथ मुंगेली की अतिरिक्त कलेक्टर निष्ठा पाण्डेय तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा और एसडीएम अजय शतरंज भी उपस्थित रहे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिलाई शपथ, समारोह में देश के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी - पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी रहे उपस्थित
नई दिल्ली । एजेंसी ।
भारतीय लोकतंत्र के संवैधानिक इतिहास में शुक्रवार का दिन एक नया अध्याय जोड़ गया। वरिष्ठ नेता सी.पी. राधाकृष्णन ने राष्ट्रपति भवन के भव्य दरबार हॉल में देश के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। यह अवसर गौरव और संवैधानिक गरिमा का अद्वितीय संगम बन गया, जहाँ देश की लोकतांत्रिक यात्रा का नया पड़ाव दर्ज हुआ।
शपथ ग्रहण समारोह में कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्री, संसद के दोनों सदनों के सदस्य, मुख्य न्यायाधीश, संवैधानिक संस्थाओं के प्रमुख और अनेक राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक रंग दिया। आयोजन स्थल पर देश-विदेश के राजनयिक प्रतिनिधियों और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने इसे और अधिक महत्त्वपूर्ण बना दिया। समारोह में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी मौजूद रहे, जिन्हें विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था।
संविधान और संवाद की जिम्मेदारी
सी.पी. राधाकृष्णन ने शपथ लेने के बाद अपनी संक्षिप्त अभिव्यक्ति दी और कहा कि वे संविधान की गरिमा बनाए रखने तथा लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा, “मेरा पूरा प्रयास रहेगा कि उच्च सदन में संवाद, सहमति और सकारात्मक बहस की परंपरा को और सशक्त बनाया जाए।”
उपराष्ट्रपति बनने के साथ ही राधाकृष्णन राज्यसभा के सभापति के संवैधानिक पद पर भी आसीन हो गए हैं। अब उनके सामने उच्च सदन की कार्यवाही को गरिमा और संयम के साथ संचालित करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
भव्य लेकिन संयमित आयोजन
राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में आयोजित यह आयोजन परंपरागत गरिमा और सादगी का अद्भुत समन्वय था। राष्ट्रीय गान और औपचारिकताओं के बीच पूरा वातावरण लोकतांत्रिक गरिमा से परिपूर्ण दिखाई दिया। देश की राजनीति, न्यायपालिका और प्रशासन के शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति ने इसे ऐसा अवसर बना दिया, जिसे आने वाले वर्षों तक याद किया जाएगा।
राजनीतिक सफर और अनुभव
सी.पी. राधाकृष्णन का सार्वजनिक जीवन लंबा और विविध रूप से सक्रिय रहा है। विभिन्न संसदीय दायित्वों का निर्वहन करते हुए उन्होंने अपनी सादगी और संगठनात्मक क्षमता से विशेष पहचान बनाई। उन्हें अब उच्च सदन में संवाद को सार्थक दिशा देने और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने की महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करनी होगी।
देश की निगाहें अब राज्यसभा पर
विशेषज्ञों का मत है कि उपराष्ट्रपति के रूप में राधाकृष्णन की भूमिका संसद की दिशा तय करने में निर्णायक होगी। देश की निगाहें अब राज्यसभा पर टिकी हैं, जहाँ वे संवाद की नई संस्कृति और लोकतंत्र की मजबूती की राह प्रशस्त करेंगे।
इस प्रकार देश के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में सी.पी. राधाकृष्णन का पदभार ग्रहण भारतीय लोकतंत्र के लिए एक नए संकल्प और नई ऊर्जा का प्रतीक बन गया है।
रायपुर / शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में कार्टून वॉच पत्रिका द्वारा आयोजित कार्टून फेस्टिवल-2025 में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कार्टून केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज का दर्पण भी है, जो हास्य और व्यंग्य के माध्यम से गंभीर मुद्दों को सरलता से प्रस्तुत करता है। कार्टून मनोरंजन के साथ ही समाज को जागरूक करने और सोचने के लिए प्रेरित करने वाली कला है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने जम्मू-कश्मीर के प्रख्यात कार्टूनिस्ट मनोज चोपड़ा को कार्टून वॉच पत्रिका का लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्रदान किया। उन्होंने कार्टून फेस्टिवल में हिस्सा ले रहे कार्टूनिस्टों का उत्साहवर्धन करते हुए स्वयं भी कार्टून बनाया।
कार्टून वॉच फेस्टिवल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह गर्व की बात है कि कार्टून वॉच पत्रिका ने 29 वर्षों का सफल सफर तय कर लिया है और अब अपने 30वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। मैं कार्टून वॉच की पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देता हूँ कि वे आगे भी कार्टून की इस विधा में उत्कृष्ट कार्य करते रहें।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यदि अगले वर्ष कार्टून वॉच फेस्टिवल बस्तर में आयोजित हो तो यह अत्यंत हर्ष का विषय होगा। बस्तर में अब शांति स्थापित हो रही है और जल्द ही यह क्षेत्र पूर्णतः नक्सलमुक्त होगा। नियद नेल्ला नार योजना (जिसका अर्थ है – आपका अच्छा गाँव) के माध्यम से सरकार की योजनाएँ बस्तर के लोगों तक पहुँच रही हैं। 300 से अधिक गाँवों में अब तक सड़क, बिजली, पानी और राशन कार्ड जैसी सभी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। जहाँ पहले बंदूक की आवाज गूंजती थी, वहाँ अब स्कूल की घंटी बज रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। इसी तरह बस्तर की सांस्कृतिक पहचान का उत्सव बस्तर पंडुम आयोजित किया गया, जिसमें 47 हजार लोग शामिल हुए। यह इस बात का प्रमाण है कि बस्तर के लोग अब मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। कल ही मैं बस्तर में इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में शामिल हुआ। अब बस्तर में बड़े पैमाने पर निवेश के साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के रोडमैप के रूप में हमने विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। छत्तीसगढ़ में सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डाटा सेंटर और टेक्सटाइल सहित अनेक क्षेत्रों में निवेश हो रहा है। हाल ही में जापान और कोरिया की यात्रा के दौरान भी हमने उद्योगों के साथ कई एमओयू किए हैं। छत्तीसगढ़ का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है।
उन्होंने कहा कि कार्टून एक बेहद सशक्त माध्यम है। कार्टून वॉच की टीम सरकार की योजनाओं को भी कार्टून के जरिए आमजन तक पहुँचाए। कार्टून वॉच का यह प्रयास कार्टूनिस्टों को मंच प्रदान करता है, जो उनकी रचनात्मकता को और निखारने में सहायक है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि कार्टून की विधा मीडिया और साहित्य का अद्भुत संगम है। यह विधा चुटीलेपन के साथ गागर में सागर भरने का सामर्थ्य रखती है। मैं स्वयं जब भी समाचार पत्र पढ़ता हूँ, कार्टून अवश्य देखता हूँ। श्री त्रयम्बक शर्मा ने कार्टून की इस विधा को जीवंत बनाए रखने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि कार्टून वॉच देश की एकमात्र कार्टून पत्रिका है। 30 वर्षों की यह यात्रा इसके संपादक श्री त्रयम्बक शर्मा के जज़्बे को दर्शाती है। उनका यह सफर सभी कलाकारों के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने अपने कार्य से यह साबित किया है कि किसी भी क्षेत्र में पूरे समर्पण और निष्ठा से कार्य करने पर सफलता अवश्य प्राप्त की जा सकती है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह, हरिभूमि के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी, कार्टून वॉच के संपादक त्रयम्बक शर्मा सहित अनेक कार्टूनिस्ट और साहित्य-कला जगत के गणमान्यजन उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ / दृश्य–श्रव्य माध्यम, मीडिया और रचनात्मक कार्यों में रुचि रखने वालों के लिए भारत का सर्वश्रेष्ठ वैश्विक मंच ‘वेव्स एप’ अब 26 भाषाओं में निशुल्क उपलब्ध है। इसे दूरदर्शन और मोबाइल पर गूगल भंडार (एंड्रॉइड) तथा आईफ़ोन भंडार (आईओएस) से डाउनलोड किया जा सकता है।
‘वेव्स एप’ एक बहुपयोगी मंच है, जिसमें चलचित्र, संगीत, खेल, कार्टून, समाचार, कहानी वाचन, बच्चों के कार्यक्रम, धारावाहिक, इतिहास, धार्मिक चैनल, स्वास्थ्य, जीवनशैली संबंधी कार्यक्रम, लोक तथा पाश्चात्य संगीत जैसे अनेक आकर्षक कार्यक्रमों का आनंद लिया जा सकता है।
गौरतलब है कि गत 1 मई 2025 को भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व ध्वनि एवं दृश्य सम्मेलन ‘वेव्स’ का शुभारंभ किया था। इस सम्मेलन में दुनिया के 90 से अधिक देशों के सामग्री रचनाकारों और चलचित्र निर्माताओं ने भाग लिया था। इसके उपरांत भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा ‘वेव्स एप’ को जारी किया गया, जो अब एक सशक्त भारतीय मंच के रूप में विश्व पटल पर स्थापित हो चुका है।
पंजीकृत किसानों से होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी
मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक आयोजित
रायपुर / शौर्यपथ / खाद्य मंत्री दयालदास बघेल की अध्यक्षता में धान खरीदी एवं कस्टम मिलिंग की नीति निर्धारण से संबंधित निर्णय लेने हेतु गठित मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक आज मंत्रालय महानदी भवन में संपन्न हुई। बैठक में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी तथा राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा उपस्थित थे।
बैठक में आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में पंजीकृत किसानों से भारत सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य पर धान खरीदी किए जाने के लिए समुचित एवं पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। खरीफ वर्ष 2025-26 में किसानों का पंजीकरण एग्रीस्टेक पोर्टल के साथ-साथ एकीकृत किसान पोर्टल में किया जाएगा। किसान पंजीकरण का कार्य निर्धारित समय-सीमा में संपन्न करने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि किसानों को उनके द्वारा समर्थन मूल्य पर बेचे गए धान का भुगतान समय पर प्राप्त हो, इसके लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएँ। धान उपार्जन के लिए आवश्यक नये एवं पुराने जूट बारदाने की व्यवस्था समयानुसार सुनिश्चित करने की जानकारी दी गई। धान की रिसाइक्लिंग रोकने हेतु प्रभावी प्रबंध करने और सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध धान की रोकथाम के लिए विशेष जाँच दल गठित करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार, उपार्जित धान की मिलिंग हेतु आवश्यक तैयारियाँ करने पर भी बल दिया गया।
इस अवसर पर बैठक में सचिव खाद्य विभाग श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, सचिव वित्त विभाग मुकेश बंसल, सचिव वाणिज्य एवं उद्योग विभाग रजत कुमार, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ श्रीमती किरण कौशल, संयुक्त सचिव कृषि विभाग राहुल देव तथा प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक के. एन. कांडे उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव ने नक्सल प्रभावित जिलों में विकास कार्यों की समीक्षा की
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य के नक्सल प्रभावित जिलों में विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में बस्तर, सुकमा, दक्षिण बस्तर, दंतेवाड़ा, उत्तर बस्तर कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और गरियाबंद जिलों में हितग्राही मूलक कार्यक्रमों और योजनाओं की समीक्षा की गई।
प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह ने नक्सल प्रभावित जिलों में मनरेगा, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, उज्ज्वला योजना, जनधन खाता, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, आधार कार्ड सहित अन्य हितग्राही मूलक कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की।
बैठक में बताया गया कि एलडब्ल्यूई प्रभावित जिलों में लगभग 99 प्रतिशत से अधिक लोगों का आधार पंजीकरण पूरा कर लिया गया है। इसी प्रकार लगभग 28 लाख 18 हजार 616 किसानों का प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत पंजीकरण कर उन्हें योजना का लाभ दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत 26 लाख 21 हजार 491 हितग्राहियों के बैंक खाते खोले गए हैं। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 35 लाख 66 हजार 409 हितग्राहियों को गंभीर बीमारियों के उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ग्रामीण इलाकों में मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मोबाइल टावर स्थापित किए जा रहे हैं। क्षेत्र में लोगों को अधिक से अधिक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु विभिन्न बैंकों और डाकघरों की शाखाएं खोली जा रही हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सभी पात्र हितग्राहियों को नियमित रूप से खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए राशन कार्ड बनाए गए हैं।
बैठक में प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह ने निर्देशित किया कि क्षेत्र के सभी पात्र मनरेगा हितग्राहियों को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु उनका जॉब कार्ड अवश्य प्रदान किया जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत सभी आवासों का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा किया जाए तथा सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराए जाएं।
उन्होंने निर्देश दिया कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत शेष हितग्राहियों का शीघ्र सर्वे कर उन्हें लाभान्वित किया जाए। आत्मसमर्पित नक्सलियों को कौशल विकास योजना के तहत क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप विशेष ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाए। प्राथमिक और माध्यमिक स्तर की भवन-विहीन शालाओं के भवन शीघ्र निर्मित किए जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय एक ही परिसर में हों।
वीडियो कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, वित्त विभाग के सचिव मुकेश बंसल, शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, उच्च शिक्षा, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव डॉ. रवि मित्तल, आयुक्त बस्तर संभाग तथा पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सहित बस्तर, सुकमा, दक्षिण बस्तर, दंतेवाड़ा, उत्तर बस्तर कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और गरियाबंद जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक शामिल थे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
