August 04, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    दुर्ग / शौर्यपथ / नगर के गंजपारा मेनरोड निवासी एक युवा स्टील कारोबारी ने डेढ वर्ष पूर्व हुई मां की मौत का स्वयं को जिम्मेदार ठहराते हुए बीती रात अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। आत्महत्या की जानकारी तब मिली जब सुबह जब पति की आहट नहीं मिलने पर पत्नी ने देवर के साथ दरवाजा खोल कर देखा तो कमरे के अंदर उसका पति फंदे पर झूलता हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर दुर्ग सीएसपी विवेक शुक्ला, सिटी कोतवाली थाना प्रभारी राजेश बागड़े टीम के साथ पहुंचे। मृतक के पास से सुसाइड नोट पुलिस को मिला है जिसमें खुद को उसने जिम्मेदार ठहराते हुए डेढ़ वर्ष पूर्व मां की मृत्यु के पश्चात डिप्रेशन में रहने का उल्लेख किया है।
    नगर पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला ने बताया कि मृतक आनंद राठी, उम्र 38 साल द्वारा आत्महत्या करने की आज सुबह सूचना मिली थी । आनंद राठी और उनके परिवार का माहेश्वरी स्टील के नाम से बड़ा कारोबार है। मृतक की पत्नी के अलावा घर में दो बच्ची और छोटे भाई का भी परिवार रहता है। परिजनों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से वे काफी परेशान थे। अंग्रेजी में लिखे सुसाइड नोट में मृतक ने अपने आत्महत्या के लिए खुद को जिम्मेदार बताया है। इस मामले में किसी को भी दोषी करार नहीं दिया है। साथ ही डेढ़ वर्ष पूर्व मां की मृत्यु के पश्चात डिप्रेशन में रहने का भी उल्लेख मृतक द्वारा सुसाइडल नोट में किया गया है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।

    भिलाई / शौर्यपथ / ईदुलअजहा के लिए लाये गये फरीदनगर में एक डेढ क्विलंटल का बकरा बाहुबलि सुल्तान लोगों के लिए कौतूहल बना हुआ है। इस बकरा को देखने के लिए यतीमखाना चौक के पास लालबहादुर (इम्तियाज) के घर के सामने हुजूम लग रहा है और लोग फोटो खींच रहे हैं तथा उसके साथ विडियो बना रहे है। बकरा मालिक पूरी सोशल डिस्टेंसिंग रखते हुए लोगों को दिखा रहे हैं। इस बकरा को खरीदने के लिए भी कई लोग आ चुके है, लेकिन बकरा के मालिक लालबहादुर ने स्पष्ट कह दिया है कि मैं इस बकरा को नही बेचूंगा। इस बकरा के मालिक ने बताया कि इस बकरा की जानकारी मिलने पर पंजाब के अंतिम छोर पाक के पास से मंगाया हूं। ये बकरा तोंतापरी और जमनापाली का क्रास बीट है,और इसकी प्रजाति लुप्त होने के कगार पर है। इसके कान ही डेढ़ डेढ फीट के है और इसकी लंबाई करीब दस फीट की है। इसके सर का बाल भी बहुत बड़े बडे है और इसके बाल उसके नाक तक बढ़ा हुआ है, तथा केवल आंख खुली है। यह देखने में भी बहुत आकर्षक लग रहा है।
    इस बकरे को नही करायेंगे कुर्बानी, रखेंगे पालकर
    बकरे के मालिक लालबहादुर और उनके बड़े भाई इश्तखार ने बताया कि यह बकरा बाहुबलि सुल्तान कुर्बानी के लिए पंजाब से मंगाये थे लेकिन इस प्रजाति के विलुप्त होने की स्थिति को देखते हुए हम लोगों ने निर्णय लिया है कि अब इसको कुर्बानी नही करायेंगे क्योंकि अन्य बहुत सारे लोग भी यह मांग कर रहे हैं कि इसकी कुर्बानी नही कराकर इसको पालकर रखे, इसलिए इस भारी भरकम बकरे की जगह अब दूसरा बकरा कुर्बानी करायेंगे और इस बकरा को पाल कर रखेंगे ताकि ये बकरा अन्य लोगों के भी काम आ सके और इसकी प्रजाति यहां बढ़े। जैसे जैसे लोगों की जानकारी मिल रही है लोग इससे क्रासबीट के लिए अनुरोध कर रहे है।

    दुर्ग । शौर्यपथ । दुर्ग थोक फल सब्जी मंडी के पूर्व अध्यक्ष नासिर खोखर द्वारा जिला कलेक्टर से दुर्ग भिलाई के सभी सब्जी के थोक , चिल्हर विक्रेता व रेजा, हमाल, वाहन चालकों की कैम्प लगाकर कोरिना जांच की मांग की गई थी । जिस पर जिला प्रशासन के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से आज थोक फल सब्जी मंडी धमधा रोड में कैंप लगाकर जांच की गई । जिसमे मंडी के व्यापारी, कर्मचारी, रेजा हमाल , वाहन चालकों की जांच की गई । मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला दुर्ग द्वारा भेजी गयी टीम में डॉ विभोर लाल व उनके सहयोगी लैब टेक्नीशियन पीयूष व जितेंद्र थे व दूसरी टीम में डॉ आलोक शर्मा के साथ लैब टेक्नीशियन हेमलता निर्मलकर, थलेस्वर साहू, स्वास्थ कर्मी नितिन बैस उपस्थित रहे । स्वास्थ विभाग की टीम ने सोशल डिस्टेंस का पालन करने, सेनेटाइजर का उपयोग करने व कोरोना से सुरक्षा व सावधानी के उपाय बताकर जागरूकता अभियान भी चलाया । मंडी के पूर्व अध्यक्ष नासिर खोखर ने कहा कि सब्जी मंडी में रोज हजारों लोगों को आना जाना है यहां संक्रमण का ज़्यादा खतरा है । एक व्यापारी या विक्रेता संक्रमित होता है तो सैकड़ों लोगो से संपर्क के कारण बहुत तेज़ी से संक्रमण फैलने का का खतरा हो सकता है , सब्जी आवश्यक वस्तु होने के कारण जिला प्रशासन के आदेशानुसार व्यापारी सब्जी मार्केट जनहित में चालू रख रहे है इसलिए यहां कारोना की जांच अतिआवश्यक थी । सब्जी व्यापारियों की जांच व जागरूकता अभियान में संगठन के अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों ने सहयोग किया व जांच कराने लोगो को प्रेरित किया । नासिर खोखर ने कहा कि आगे भी कैंप लगवाकर सब्जी व्यवसाय से जुड़े लोगों की जांच करवाई जाएगी ।

    बेमेतरा/नवागढ़ ( शौर्यपथ ) नवागढ़ में चर्चित नवागढ़-बेमेतरा मार्ग पर न्यायालयीन आदेशों की अवमानना कर गरीब आदिवासी के मकान एवं दुकान को तोड़े जाने के मामले में मलबे को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। नवागढ़ जनपद पंचायत सीईओ ने उक्त भूमि पर पड़े हुए मलबे को उठाने के लिए आदेश कर दिया जबकि उक्त मामला में उच्च न्यायालय ने स्टे ऑर्डर दिया हुआ है। जिसकी आगामी सुनवाई 31 जुलाई को होनी है। सीइओ के आदेश पर वहाँ कर्मचारी हाइवा एवं जेसीबी लेकर पहुँच गए और मलबे को उठाने लगे।
    पीड़ित कृष्णा ध्रुव ने बताया कि उसने जेसीबी एवं हाइवा ड्राइवर से पूछताछ किया तो ड्राइवर ने कहा कि हमे लाखन सिंह ने भेजा है। जिसके पश्चात कृष्णा ने मामले की शिकायत कलेक्टर बेमेतरा से की। मामले को तत्काल संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर शिव अनंत तायल ने नवागढ़ अनुविभागीय अधिकारी ज्योति सिंह को फोन कर कार्य रोकने हेतु आदेशित किया। जिसके पश्चात एसडीएम ने दखल देते हुए मौके पर जाकर कर्मचारियों को कार्य रोकने को कहा औऱ सीईओ नवागढ़ को फटकार लगाई।
    कलेक्टर को दिए शिकायत में आदिवासी कृष्णा ध्रुव ने उल्लेख किया ही पहले ही नवागढ़ तहसीलदार ने न्यायालयीन आदेशों की अवहेलना कर कोरोना काल मे मेरे दुकान व मकान को तोड़कर रोजी रोटी को नुकसान पहुचाया है। फिर भी जनपद के नेता क़ी मंशा पूर्ण नही हो पाई तो सीईओ पर दबाव डालकर न्यायालयीन प्रक्रिया में दखल कर रहे है। उन्होंने कलेक्टर के अतिरिक्त एसडीएम नवागढ़ एवं थाना प्रभारी नवागढ़ को लिखित शिकायत सौपी है, और कोर्ट के मामले में दखल करने वाले के ऊपर कार्यवाही की मांग की है।
    नवागढ़ जनपद पंचायत सीईओ नरपत लाल साहू द्वारा कलेक्टर द्वारा घोषित लॉकडाउन के बीच इस तरह का आदेश देना अनेक सवालों को खड़ा करता है। ऐसी क्या जरूरत आन पड़ी की सीईओ ने न्यायालयीन मामले में हस्तक्षेप कर लॉकडाउन का भी ख्याल न रखा।


    "सामान्य सभा में समतलीकरण का निर्णय लिया गया था,जिसके आधार पर जनपद पंचायत से मलबा उठाने का आदेश दिया गया था।"
    एनएल साहू
    सीईओ जनपद पंचायत नवागढ़।

    "कलेक्टर के आदेशानुसार मलबा उठाने के कार्य को तत्काल रोकने हेतु सीईओ को निर्देशित किया गया है।"
    ज्योति सिंह
    एसडीएम नवागढ़।

    नवागढ़ / शौर्यपथ / वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते प्रदेश में लॉकडाउन का सिलसिला लगातार जारी है। ऐसे में नवागढ़ ब्लॉक के ग्राम मुरता के युवाओं ने लॉकडाउन का सदुपयोग करते हुए गाँव में पेड़ लगाने का काम किया है। जो आज ग्राम मुरता सहित आसपास के इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस पौधरोपण के प्रमुख सूत्रधार शिक्षक विक्रम साहू ने बताया कि लॉकडाउन के चलते स्कूल कॉलेज सहित सब कुछ बंद था। जिससे युवाओं का ज्यादातर समय ऑनलाइन गेमिंग एवं चैटिंग में व्यतीत हो रहा था। लिहाजा लॉकडाउन में समय का सदुपयोग करने के लिए व्हाटसएप ग्रुप रामवाटिका बनाया गया। जिसमें गांव के युवाओं को जोड़ा गया। जिसके बाद सभी ने आपस में चर्चा कर कुछ रुपये एकत्रित किए और इस तरह से गांव के सार्वजनिक जगहों में पौधा लगाने की शुरुआत हुई। जो निरन्तर जारी है।

    इधर वरुण साहू ने बताया कि पौधरोपण के लिए आवश्यक सामानों सहित पौधे खरीदने के लिए राम वाटिका ग्रुप के सदस्यों ने चन्दा जमा किया। 8 हजार 500 रुपये का 30 नग सिर्फ पाम ट्री खरीदा गया है। जिसमें से 20 पौधों को गांव के मावली मंदिर तालाब किनारें में लगाया गया है। उन्होंने आगे बताया कि मुरता मेनरोड से मावली मंदिर पहुंच मार्ग के दोनों किनारें तकरीबन 30 अशोक के पौधे रोपे गए हैं। यहां युवाओं के द्वारा न सिर्फ पौधरोपण किया जा रहा है, बल्कि उन्हें सुरक्षित रखने जाली तार का घेरा भी लगाया जा रहा है। जिससे कि पशुओं एवं बकरियों से पौधों को बचाया जा सकें।

    इस तरह से राम वाटिका ग्रुप ने पौधरोपण कर गांव की तस्वीर बदलने का बीड़ा उठाया है। जिसे समस्त ग्रामवासियों का भरपुर समर्थन मिल रहा है। इनमें राजदेव साहू, विकास साहू, जितेंद्र साहू, चमन, प्रशांत, अमन, कुंजबिहारी साहू, अजय श्रीवास, संजय साहू, भागिरती साहू, होली साहू सहित अन्य ग्रामीणों ने सहयोग प्रदान किया।

    - प्रशासनिक सक्रियता के चलते युद्धस्तर की तैयारी पर खड़ा हुआ कोविड कंट्रोल सिस्टम, कोविड संकट से निपटने प्रशासन तैयार


        दुर्ग / शौर्यपथ / कोविड जैसी असाधारण विपदा से लड़ने के लिए प्रशासन ने भी असाधारण रूप से रिस्पांस किया है। पूरी रणनीति के साथ युद्धस्तर से की गई तैयारी से दुर्ग न केवल कोरोना से लड़ने में सक्षम है अपितु आगे किसी भी संकट से निपटने के लिए भी पूरी तरह से तैयार है। लाकडाउन के खुलने के पश्चात तेजी से बढ़े संक्रमण की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने संकट से निपटने के लिए सभी मोर्चों पर व्यापक तैयारियां की हैं। इसके लिए जिला प्रशासन ने सात सूत्र निर्धारित किए थे जिस पर तेजी से काम हो रहा है। इन पर तेजी से काम हुआ है और अब स्थिति यह है कि संकट से निपटने के लिए पूरा तंत्र खड़ा है सक्रिय है और तेजी से काम कर रहा है।
        पहले सौ टेस्ट होते थे अब ग्यारह सौ- सबसे पहले संक्रमण को थामने के लिए ज्यादा टेस्टिंग करना लक्ष्य था। इस पर कमाल का काम हुआ। पहले जिले में टेस्टिंग की क्षमता सौ थी। इसे बढ़ाना प्रमुख लक्ष्य था। इस पर काम हुआ और लगभग ग्यारह गुना प्रगति हुई। पहले सौ टेस्ट होते थे। जून महीने से टेस्टिंग बढ़ाई गई ग्यारह सौ टेस्ट हर दिन हो रहे हैं। इसके लिए अधोसंरचना खड़ी करने भरपूर मेहनत की गई। इसके लिए लैब टेस्टिंग जरूरी थी। 30 लैब टेक्निीशियन की नियुक्ति की गई। टेस्टिंग के लिए 2 ट्रू नाट मशीन लगाई गई। रात दिन टेस्टिंग पर काम हुआ।


           ढाई लाख घरों में हुआ सर्वे- अब तक का सबसे बड़ा अभियान सर्वे को लेकर चलाया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं नगरीय निकाय के कर्मचारियों ने, शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने इस दिशा में महती कार्य किया। इसके लिए दो सौ दल बनाये गए। ढाई लाख घरों में सर्वे किया गया। इन सबका डाटा बेस बनाया गया। सर्वे में डाटा बेस के माध्यम से बाद में भी फोन में लगातार संपर्क किया गया। सर्वे के पश्चात फीवर वाले केस चिन्हांकित कर बारह सौ सैंपल लिये गए।
        होम क्वारंटीन के लिए लगाये गए दल- होम क्वारंटीन के 4 हजार लोगों की मानिटरिंग के लिए भी दल लगाये गए। इनकी रिपोर्ट हर दिन नोडल अधिकारी लेते रहे। इसके साथ ही 160 लोग पेड क्वारंटीन में हैं जिनकी मानिटरिंग भी की गई।
        इलाज के लिए अभी 1550 बेड के अस्पताल की सुविधा, इतने ही बेड किये जा रहे तैयार- पूरे जिले में 1550 बेड के अस्पताल तैयार हैं। इसके साथ ही 1550 बेड और तैयार किये जा रहे हैं। कंट्रोल रूम की स्थापना भी की गई है। भारत सरकार के आरोग्य सेतु पोर्टल से संभावित संक्रमितों की सूची बनाकर उन्हें काल किया जा रहा है।


             अतिरिक्त मैनपावर भी लगाया गया- इस विपदा से निपटने के लिए बड़ा वर्कफोस जिला प्रशासन द्वारा लगाया गया है। कोविड के संक्रमण को रोकने रूटीन स्टाफ के अलावा 20 डाक्टर, 5 स्टाफ नर्स एवं 25 सफाई कर्मियों की अतिरिक्त नियुक्ति की गई है। कलेक्टर ने हेल्थ डिपार्टमेंट को निर्देश दिये हैं कि कोरोना संक्रमण को रोकने किसी भी तरह से दक्ष मैनपावर की कमी नहीं होनी चाहिए।
            इधर पुलिस और प्रशासन का बड़ा अमला लाकडाउन की मानिटरिंग के लिए लगाया- पुलिस और निगम प्रशासन का बड़ा अमला लाकडाउन की मानिटरिंग में लगा है। इससे लाकडाउन पूरी तरह सफल रहा है। बेवजह निकलने वालों पर नियमतः कार्रवाई की जा रही है।


        सभी के फीडबैक से हो रहा काम- कोरोना संक्रमण से निपटने जनसामान्य से, विभिन्न सामाजिक राजनीतिक, आर्थिक संगठनों से अच्छे फीडबैक मिले हैं। जिला प्रशासन लगातार इनके संपर्क में है। सभी के फीडबैक से एवं समन्वय से दुर्ग जिले में लाकडाउन अब तक सफल रहा है और कोरोना की बड़ी विपदा के बावजूद जिला इसे नियंत्रित करने की दिशा में सक्रियता से कार्य कर रहा है।

    ख्हस बात ...

    कोविड जैसी विपदा सौ साल में एक बार आती है। nuclear bomb की श्रृंखला अभिक्रिया की तरह ही जब केस बढ़ते हैं तो विस्फोट की तरह बढ़ते हैं। ऐसे में इतनी संख्या में मरीजों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करना आसान काम नहीं है। इसके बावजूद अभी 3 हजार की कोविड कैपेसिटी का तंत्र खड़ा कर लिया गया है। इसके लिए कोरोना वारियर्स रात दिन काम कर रहे हैं। नई नियुक्ति भी की गई। गाड़ियां भी लगाई गई। सबसे बड़ा कार्य सर्वे को लेकर और टेस्टिंग को लेकर है।
    इसमें सबसे बड़ी भूमिका कोरोना वारियर की है। घर घर घूमने वाली आंगनबाडी कार्यकर्ता जिन्होंने इतने कम समय मे ढाई लाख सर्वे कर लिए। हेल्थ वर्कर जो खुद संक्रमित हो गए। पुलिस जवान जो सबसे ज्यादा शिकार हैं।

    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग के कसारीडीह, डिपरापारा, शिवनगर सहित ग्राम-सिलोदा, महमरा, विनायकपुर, खपरी, कुठेलाभाठा बररहापुर, नंदवाय, गोता, खर्रा, कुम्हारी वार्ड-9 एवं 11,ग्राम मेड़ेसरा, चीचा, अहिवारा के वार्ड-7 एवं 4, ग्राम करेला भरर, अखरा एवं पाटन के वार्ड-38 कन्टेन्मेंट क्षेत्र घोषित किया गया है। नया कोरोना पाॅजिटिव केस पाये जाने पर संबंधित क्षेत्रों को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है। उक्त क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन घोषित करने के परिणामस्वरूप कन्टेनमेंट जोन में चिन्हांकित क्षेत्र में सभी प्रकार के दुकानें व वाणिज्यिक प्रतिष्ठान बंद रहेगी। इसके अलावा सभी प्रकार की वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध रहेगा। मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर अन्य किसी भी कारण से घर से बाहर निकलना प्रतिबंधित होगा। उक्त क्षेत्र की निगरानी पुलिस विभाग के द्वारा पेट्रोलिंग कर की जावेगी। जिला चिकित्सालय व स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से संबंधित क्षेत्र में स्वास्थ्य की निगरानी के साथ ही निर्देशानुसार सेम्पल की जांच की जायेगी।

    भिलाई / शौर्यपथ /  भिलाई स्टील प्लांट के अंदर चल रहे अनफिट और कंडम वाहनों की जांच होगी। इसके लिए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने जांच के लिए बीएसपी प्रबंधन को पत्र लिखा है और जवाब मांगा है। अब ऐसे लग रहा है कि जल्द ही बीएसपी में सालों से चल रहे इस भ्रष्टाचार का जल्द ही खात्मा होने वाला है और सरकार को नुकसान पहुंचाने वाले अधिकारियों पर भी बड़ी कार्यवाही होने की भी संभावना नजर आ रही। आरटीओ दुर्ग ने पत्र में कहा है कि बीएसपी के अंदर स्वयं संयंत्र के वाहनों के साथ-साथ विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से भारी माल वाहन व अन्य भारी वाहन संचालित हो रहे हैं।

    इन वाहनों में दस्तावेज, फिटनेस और बिना पंजीयन के कई वाहन संचालित होने के कारण राज्य शासन को राजस्व की बड़ी हानि की शिकायत लगातार प्राप्त हो रही है। इसके लिए प्रवर्तन टीम द्वारा जांच के लिए पूर्व में जनवरी और फरवरी 2020 में संयंत्र के अंदर जाने का प्रयास किया गया परन्तु प्रबंधन द्वारा अनुमति नहीं दी गई। इसलिए जांच नहीं हो पाई। अभी दोबारा शिकायत मिली है जिसकी जांच होनी है। इसलिए प्रवेश की अनुमति दे।

    गौरतलब है कि भिलाई नगर विधायक व मेयर देवेंद्र यादव ने कल ही बीएसपी में चल रहे कंडम वाहनों और बिना परमिट आदि के बिना चल रहे गैर कानूनी कार्य करने वालो के खिलाफ सीएम को पत्र लिख कर शिकायत किये थे। । देवेंद्र ने सीएम भूपेश बघेल को पत्र लिखकर कहे थे कि भिलाई इस्पात संयत्र में अधिकारियों की सांठगांठ से निजी वाहन व सैकड़ों कंडम वाहन चल रहे हैं।

    इनमें ट्रेवल एजेंसी द्वारा अधिकारियों की सेवा में लगाए गए वाहनों से लेकर भारी वाहन भी शामिल हैं। संयंत्र में ऐसे कई वाहन चल रहे हैं जिनकी न तो फिटनेस सही है और न ही वे मानकों पर खरे उतरते हैं। केवल अधिकारियों की मिलीभगत से इन वाहनों का संचालन हो रहा है। देवेन्द्र ने सीएम भूपेश बघेल को पत्र लिखकर ऐसे अधिकारियों व कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मेयर देवेन्द्र ने पत्र में लिखा है कि भिलाई इस्पात संयंत्र में विभिन्न टूर एवं ट्रेवल्स के माध्यम से संचालित वाहन टैक्सी परमिट के स्थान पर संयंत्र के उच्च अधिकारियोंं की सांठगांठ से निजी वाहन संलग्र कर संचालित किए जा रहे हैं।
         वहीं संयंत्र के भीतर काफी संख्या में भारी वाहन ट्रक, डंफर, जेसीबी आदि बिना पंजीयन व फिटनेस के लंबे समय से अधिकारियों की मिलीभगत से संचालित हो रहे हैं। इससे संयंत्र के भीतर दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।
    साथ ही वाहनों का परमिट व पंजीयन शुल्क राज्य सरकार को नहीं मिल पा रहा है। जिससे सरकार को वर्षों से राजस्व की हानि हो रही है।विधायक व महापौर देवेन्द्र यादव ने पत्र के माध्यम से सीएम भूपेश बघेल से कहा है कि भिलाई इस्पात संयंत्र में चल रहे वाहनों की जांच कराई जाए। राजस्व हानि को लेकर स्थानीय प्रशासन से जांच कराने के बाद संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

    दुर्ग / शौर्यपथ / शहर में बीते दिन श्री शिवम् माल दुर्ग में कोरोना संक्रमित आधा दर्ज़न से ज्यादा संक्रमित कर्मचारी मिले जिसके बाद भी श्री शिवम् के संचालको द्वारा शासन के नियमो की धज्जी उड़ाते हुए मॉल के अन्दर 4 - 5 लोगो के रहने की व्यवस्था कर राखी थी जबकि शासन के नियमो के अनुसार माल को कन्तेंमेंट घोषित कर आवाजाही पूर्ण बंद रखने के निर्देश है इस बारे में दुर्ग जिला प्रेस क्लब के सदस्यों को सुचना मिलते ही सर्वप्रथम माल की वास्तु स्थिति देखि जिसमे सुचना सही पायी गयी तातुप्रांत इस बारे में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गंभीर सिंह ठाकुर से चर्चा करने पर ज्ञात हुआ कि मरीज मिलने के बाद बिल्डिंग को कन्टेनमेंट घोषित किया जाना है जिसकी जवाब्वाब्दारी निगम प्रशासन की होती है . इस बारे में जब दुर्ग निगम आयुक्त से चर्चा की गयी तो उनके द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए निगम अमला को बाज़ार प्रभारी दुर्गेश गुप्ता के नेत्रित्व में भेज कर श्री शिवम माल के संचालक अजय भट्टर को मौके पर बुलाया गया और जुर्माना की कार्यवाही की गयी इस मुहीम में दुर्ग जिला प्रेस क्लब के प्रयासों की सराहना करते हुए आयुक्त ने कहा कि जानकारी मिलते ही कार्यवाही की जाएगी .

       
    नगर पालिक निगम दुर्ग का अमला आज नगर निगम सीमा क्षेत्र में लाॅकडाउन के नियमों का उलंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करते हुये 47 लोगों पर जुर्माने की कार्यवाही कर 22,460 रुपये जुर्माना वसूल किया गया। इस दौरान उन्हें कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लाॅकडाउन का पालन करने निर्देश दिये गये। स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता, स्वच्छता निरीक्षक जसवीर सिंह भुवाल, मेनसिंग मंडावी, राजेन्द्र सराटे, थान सिंग यादव सहित पूरी टीम शहर के अनेक क्षेत्रों में भ्रमण कर आम जनता को अर्लट किया और जुर्माने की कार्यवाही की ।
             उल्लेखनी है कि राज्य शासन के निर्देश पर दुर्ग शहर में लाॅकडाउन का आज पांचवा दिन है । जिला प्रशासन और निगम प्रशासन द्वारा बार-बार अनुरोध अपील करने के बाद भी आम नागरिक लाॅकडाउन का पालन नहीं कर रहें। इस संबंध में जागरुक जनता व मिडिया की सूचना पर निगम स्वास्थ्य विभाग अमला द्वारा श्रीशिवम माॅल का निरीक्षण किया गया। माॅल में रेसीडंसियल आवाजी चालू रखा गया था जबकि यहाॅ कोरोना पाॅजिटिव वर्कर मिलने के बाद माॅल को बंद कर दिया गया है। परन्तु उसका रेसीडेंसियल उपयोग किया जा रहा था जिसके कारण आयुक्त इंद्रजीत बर्मन के निर्देशानुसार संचालक पर 10000 रु0 जुर्माना किया गया। इसी प्रकार जिला चिकित्सालय परिसर में ज्ञानी केटिंन संचालित किया जा रहा है जिन्हें 3000 रु0, वहीं निगम से निर्मित रैन बसेरा में शीलू देवी साहू द्वारा चाय नाश्ता का स्टाल चलाया जा रहा था जिसे 2000 रु0 जुर्माना किया गया। इसी प्रकार निगम सीमा क्षेत्र के इंदिरा मार्केट, अग्रसेन चैक, चंडी मंदिर चैक आदि जगहों पर 39 लोगांे द्वारा मास्क नहीं लगाये मिले जिनसे 50 रु0 से 100 रु0 जुर्माना लगाया । बाजार क्षेत्रों में निर्धारित समय से अधिक समय पर व्यवसाय करने वाले चार लोगों से 500 से 3000 रु0 तक जुर्माना लिये गये। निगम आयुक्त श्री बर्मन ने आम नागरिकों से अपील कर कहा कि दुर्ग जिला और शहर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुये पूर्ण लाॅकडाउन का पालन अवश्य करें। बिना काम के घर से बाहन न निकलें, मास्क और सेनिटाईजर का उपयोग करें, सोशल डिस्टेंस बना कर रखें। उन्होनें कहा कोरोना संक्रमण का चेन तोड़ना ही संक्रमण का सही ईलाज हैं। अतः नगर निगम को सहयोग प्रदान करें, स्वच्छत रहें सुरक्षित रहें।

    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग गंजपारा निवासी अधिवक्ता मीनल जायसवाल ने आज अपने जन्मदिन पर पौधरोपण कर दुर्ग ब्लड बैंक पहुँच रक्तदान किया व अपने देहदान व नेत्रदान की वसीयत नवदृष्टि फाउंडेशन के कुलवंत भाटिया,राज आढ़तिया,मुकेश राठी, संतोष राजपुरोहित,सुरेश जैन ,हरमन दुलाई,जितेंद्र हासवानी,रितेश जैन को सौंपी,मीनल ने कहा इसके लिए उन्होंने अपनी बहन आशा सिन्हा,शोभा सिन्हा व अपने सीनियर सुखदेव सिंह भोगल से चर्चा कर देहदान की घोषणा की है,वह चाहती हैं जीते जी भी किसी का भला कर सकें व दुनिया से जाने के बाद भी यदि उनकी वजह से किसी का भला होता है तो उन्हें सुकून मिलेगा,मुकेश राठी के पड़ोस में रहने वाली मीनल कई दिनों से देहदान करना चाहती थी आज जन्मदिन पर मुकेश की सलाह पर उन्होंने घोषणा की,कुलवंत भाटिया ने कहा मीनल अन्य क्षेत्रों में सकीय हैं अतः उनके देहदान से बहुत से लोग प्रेरणा लेंगे उनके माता पिता का स्वर्गवास हो चूका है ऐसे में उनका स्वयं निर्णय लेना साहसिक है,राज आढ़तिया ने उन्हें हर तीन महीने में रक्तदान कर स्वस्थ रहने की सलाह दी,संस्था के सदस्यों ने मीनल को  प्रशस्ति पात्र दे सम्मानित किया व उनका उत्साह बढ़ाया ,

    नवदृष्टि फाउंडेशन  के अनिल बल्लेवार, कुलवंत भाटिया,राज आढ़तिया,प्रवीण तिवारी,मुकेश आढ़तिया,हरमन दुलई,प्रभु दयाल उजाला, प्रमोद बाघ, रितेश जैन, जितेंद्र हासवानी,सत्येंद्र राजपूत,गोपी रंजन दास,धर्मेंद्र शाह, पियूष मालवीय, मुकेश राठी, संतोष राजपुरोहित,  किरण भंडारी, चेतन जैन, चन्दन मिश्रा, यतीन्द्र चावड़ा, नत्थू अग्रवाल, खुर्शीद अहमद, आकाश मसीह, अनुराग तैलंग, वीरेंद्र पाली, अभय माहेश्वरी , प्रफुल्ल जोशी, संजीव श्रीवास्तव, विवेक साहू , शैलेश कारिया, हरपाल सिंह, मनीष जोशी, प्रसाद राव, दीपक बंसल ने मीनल को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं.

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