August 04, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    रायपुर / शौर्यपथ / प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी अगस्त माह का प्रथम सप्ताह विश्व स्तनपान सप्ताह के रूप में मनाया जा रहा है। यह सर्वविदित है कि शिशु के लिए स्तनपान सर्वोत्तम आहार तथा शिशु का मौलिक अधिकार है।
    विश्व स्तनपान सप्ताह 2020 विश्व स्तनपान सप्ताह विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी 1 से 7 अगस्त 2020 के बीच मनाया जाएगा । इस वर्ष का स्तनपान सप्ताह का थीम “सपोर्ट ब्रेस्टफीडिंग फॉर ए हेल्थीअर प्लानेट” है जो इस बात पर जोर देती है कि स्वस्थ और सेहतमंद विश्व के लिए स्तनपान का समर्थन करना बहुत जरूरी है ।
    मां का दूध शिशु के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए महत्त्वपूर्ण है । माँ का दूध जिसे पहला टीका भी कहा जाता है और यह खुद में पूर्ण आहार है छः माह तक यह शिशु को डायरिया, निमोनिया और कुपोषण से बचाने और स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। समस्त गतिविधियों का संचालन शासन द्वारा निर्धारित कोविड-19 के दिशा निर्देशों को ध्यान में रखते हुए मनाया जाएगा जैसे साबुन से बार बार हाथ धोना, मास्क का उपयोग,और दूरी बनाए रखना।
    राज्य बाल रोग एवं टीकाकरण अधिकारी डॉ.अमर सिंह ठाकुर ने बताया शिशु के लिए स्तनपान मौलिक अधिकार तथा सर्वोत्तम आहार है । जिन शिशुओं को 1 घंटे के अंदर स्तनपान नहीं कराया जाता उन में नवजात मृत्यु दर की संभावनाएं 33% बढ़ जाती है। छः माह तककी आयु तक शिशु को केवल स्तनपान कराने पर आम रोग जैसे दस्त एवं निमोनिया के खतरे में क्रमशः 11% एवं 15% कमी लाई जा सकती है । अधिक समय तक स्तनपान करने वाले बच्चों की मानसिक और शारीरिक वृद्धि उन बच्चों की अपेक्षा अधिक होती है जिन्हें मां का दूध थोड़े समय के लिए प्राप्त होता है ।
    स्तनपान स्तन कैंसर से होने वाली मृत्यु को भी कम करता है । विभिन्न शोधों से यह स्पष्ट हो चुका है कि स्तनपान से न केवल शिशुओं और माताओं को बल्कि समाज और देश को भी कई प्रकार के लाभ होते हैं । स्तनपान की महत्वता तथा शिशु एवं बाल मृत्यु दर में कमी के लिए उनके प्रभाव को दृष्टिगत रखते हुए आवश्यक है कि जन्म के 1 घंटे के भीतर नवजात को स्तनपान प्रारंभ कराया जाए और 6 माह तक केवल स्तनपान कराया जाए । शिशु के 6 माह पूरे होने पर संपूरक आहार देना प्रारंभ किया जाए और शिशु के 2 वर्ष पूरे होने तक स्तनपान जारी रखा जाए इसलिए स्तनपान कराने में माताओं का सहयोग एवं स्तनपान को बढ़ावा दिया जाना अत्यंत महत्वपूर्ण गतिविधि में से एक है ।
    भारत सरकार द्वारा वर्ष 2016 में स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए (MAA--- Mother’s Absolute Affection) यानि मां कार्यक्रम की शुरुआत की थी । डॉ. ठाकुर ने कहा ‘’मां’’ कार्यक्रम के अंतर्गत सभी चिकित्सा इकाइयों को बेबी फ्रेंडली बनाने की आवश्यकता है सफल स्तनपान के साथ प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी नियमित रूप से मां और समुदाय के साथ संपर्क में रहे जिसे गर्भवती महिला और जन्म के समय से 2 साल तक के बच्चों को नियमित रूप से सहयोग मिलता रहे। चिकित्सा स्वास्थ्य केंद्र में होने वाले प्रसव में चिकित्सक स्टाफ नर्स एलएचवी और एएनएम सभी को स्तनपान के लिए परामर्श दें । आवश्यकता हो वहां मां की सहायता भी करें । ध्यान रखें कि किसी भी अवस्था में व्यवसायिक एक शिशु आहार को बढ़ावा ना दें । एक लिखित स्तनपान नीति की उपलब्धता सुनिश्चित करें ।
    इस नीति को लागू करने के लिए सभी स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों का आवश्यक क्षमता वर्धन स्वास्थ्य कर्मी द्वारा सभी गर्भवती महिलाओं को स्तनपान के लाभ और प्रबंधन के बारे में सूचना प्रदान की जायेगी और स्वास्थ्य कर्मी द्वारा माताओं को जन्म के घंटे के भीतर स्तनपान कराने में मदद करते हैं।
    छत्तीसगढ़ में 1 घंटे के अंदर स्तनपान की दर मात्र 47.1% है (नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 4) जिसको चिकित्सक, स्वास्थयकर्मी और समुदाय स्तर पर स्तनपान के व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए अत्याधिक प्रयास करने किये जा रहे है ।

        रायपुर / शौर्यपथ / वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिये शारीरिक दूरी बनाये रखना,और मास्क और सेनेटाइज़र का उपयोग करते हुए घर पर ही रहकर आने वाले त्यौहारों का भरपूर आनंद लें । एक लापरवाही कोरोना संक्रमण को लोगों के घर तक ला सकती है । घर पर ही रह कर त्यौहार मनाने से खुद के साथ-साथ पूरा प्रदेश को कोविड-19 के संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है । मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर डॉ.मीरा बघेल के अनुसार कोरोना वायरस संक्रमण के बढते रोगियों की संख्या को देखते हुए रक्षाबंधन, ईदुल अज़हा और जन्माष्टमी के पर्व को सरकारी नियमों को ध्यान में रखकर मनाएं जिस प्रकार पूर्व में सरकार के बनाए नियमों का पालन करते हुए नवरात्रि,रमज़ान,और ईदुल फितर मनाया गया था।

       डॉ.बघेल ने लोगों से अपील की है कि त्यौहार शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं। कोरोना काल में अपने-अपने घरों में रहकर ही ईदुल अज़हा की नमाज अदा करें। घर पर भी शारीरिक दूरी का अनुपालन करें। मास्क अवश्य लगाएं। वहीं पुलिस-प्रशासन के साथ प्रमुख लोगों की बैठक में यह फैसला लिया गया लोग घरों पर रहकर ही त्यौहारों को मनायेंगे। सार्वजनिक स्थान पर त्यौहार कार्यक्रम भी नहीं होंगे। बेवजह सड़कों पर निकलने वालों पर पुलिस-प्रशासन द्वारा सख्ती की जाएगी। दरअसल, 6 अगस्त तक रायपुर और बीरगांव नगर निगम एरिया टोटल कंटेनमेंट जोन घोषित है। इसे देखते हुए शारीरिक दुरियों का पालन समेत अन्य नियमों का पालन करते हुए सामूहिक नमाज अदा करने और सामूहिक कार्यक्रम करने पर रोक लगाने का फैसला लिया गया।

       रायपुर मनोरोग स्पर्श क्लिनिक   के चिकित्सा मनोवैज्ञानिक डीएस परिहार कहते है:``भले ही अपने रिश्तेदारों से त्यौहारों पर गले न मिल पाए, हाथ न मिला पाए तो कोई बात नही,लेकिन फ़ोन पर ऑडियो वीडियो बातचीत कर दिलों की दूरियां खत्म कर अपने संबंधों को मजबूत कर सकते हैं । एक दूसरे का भरोसा बन सकते हैं । ‘’मनोवैज्ञानिक श्री परिहार आगे कहते है: ``त्यौहारों का असली मजा परिवार के साथ ही है । हम वैश्विक महामारी की आपदा को खत्म करने के लिए अपने परिवार के साथ ही त्यौहार को जिंदगी भर के लिए अनोखा बना सकते हैं । लोग ऐसे में अपने परिवार माता-पिता अपने बच्चों का पूरा ध्यान रखते हुए मानसिक तौर पर तनाव मुक्त होकर पर्व को मनायें ।‘

    बिलासपुर  / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश में कला और अभिनय के क्षेत्र कई सितारे धीरे-धीरे टीम टिमा कर अपने कला और अभिनय के बल पर न सिर्फ ऊपर आ रहे है बल्कि अपनी चमक से पुरे प्रदेश को गौरवान्वित भी कर रहे है आज हम बात कर रहे है टिक टाक क्वीन अनुकृति पांडे जो कि बिलासपुर में एक मध्यम वर्गीय ब्राहमण परिवार में जन्म ली और स्वप्रेरित होकर अभिनय और मॉडलिंग के क्षेत्र में मॉडल के रूप में काम कर चुकी है 14 वर्ष के उम्र से ही अनुकृति ने मॉडलिंग कर अपने प्रतिभा से दर्शको और प्रशंसको के बिच एक प्रतिबिंब बनकर उभरी है.बहुमुखी प्रतिभा की धनी अनुकृति अभी महज 18 वर्ष की है किन्तु मेहनत और लगन से ही उन्होंने अपनी पहचान लोगो के बीच बनाई है.जिससे लगातार उन्हें प्रशंसा के साथ काम भी मिला मिलनसार व् मृदुभाषी अनुकृति के फैन  फोल्लोविंग  बिलासपुर छत्तीसगढ़ ही नहीं देश-विदेश से भी है इन्होने अपना सफर टिकटोक से शुरुवात कर लगभग 1.35 मिलियन लोगों के दिलों में जगह बनाई अपने अंदर के कलाकार को टिकटाक के माध्यम से प्रशंसको तक पहुँचाने में सफल रही.अपने करियर की शुरुआत विज्ञापनों से की जिसमे डाउट नट एप एक शिक्षा प्रद एप है ,वॉच,ड्रेस,ज्वेलरी,म्यूजिक एवं गूगल एप्स जैसे  सेगमेंट में  विज्ञापन शामिल है   हाल ही में इन्होने मुंबई के मशहूर निर्माता निर्देशक समीर चंद्रा की वैब सीरीज में काम किया है जिसके बाद  इनके पास ऍमटीवी पॉप सेगमेंट में लीड मॉडल के लिए ऑफर आये है.अहमदाबाद,मुंबई के मीट और ग्रीट जैसे सेलेब्रिटी प्रोग्राम तक का सफर इन्होने अपनी कड़ी मेहनत से प्राप्त किया बताया जा रहा है कि नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी की हालिया एक वेब सिरिस मे भी अनुकृति को रोल मिल सकता है बिलासपुरवासियो के लिए यह बड़ी खबर है कि शहर कि बेटी को ऐसा मुकाम मिला जिससे वो पूरा प्रदेश का नाम दुनिया में रौशन कर सकती है .

         बिलासपुर / शौर्यपथ / जिले में इस बार का वृक्षारोपण मनरेगा की मद से हो रहा है और जंगल विभाग चुन-चुन कर बिलासपुर के प्रशासनिक अमले और जनप्रतिनिधियों को गुमराह कर रहा है। जिले की प्रत्येक रेंज में बीटगार्ड से लेकर रेंजर और डीएफओ तक केवल पौधे लगाने के स्थान पर रुपये तोड़ने का काम किया जा रहा है। जनप्रतिनिधि वृक्षारोपण का सतही काम देख कर सोशल मीडिया पर खुश हो रहे है। जबकि बिलासपुर के गौठान स्वं सहायता समूह और वन प्रबंधक समिति को कुछ हासिल नही हुआ। फाॅरेस्ट ने सबसे पहले महात्मा गांधी रोजगार गारंटी कानून के 4 करोड़ 25 लाख में सेंधमारी की और गड्ढे में जमकर पैसा कमाया। एक नही दर्जनों स्थानों पर मानव श्रम की जगह मशीन से गड्ढा खोदा गया। कई जगहों पर कम भुगतान कर गड्ढे खोदवाय गए।
         अब मामला जैविक खाद्य का है। जिले में मुख्यमंत्री से लेकर मुख्य सचिव और कलेक्टर से विधायक तक ने घुम-घुम कर गौठान निर्माण कराए। इस तरह जिले में 97 गौठान बने और मुख्यमंत्री की महत्वकांक्षी योजना अस्तित्व में आई। गौठान में जैविक खाद्य बनाई गई और खाद्य जिले में जैविक खाद्य की खपत का आंकलन करके ही बनी। किन्तु फाॅरेस्ट ने जिले के गौठानों को बड़ा झटका दिया। 4 लाख गड्ढांे में राजनंदगांव जिले के वनप्रबंधन समितियों की जैविक खाद्य डाली जा रही है। अब सवाल यह उठ रहा है कि जिले के उदासीन नेतृत्व को यह पता ही नई चला की पेड़ लगाने के दौरान अपने हाथों से जिस जैविक खाद्य को डाल रहे है उसका उत्पादन बिलासपुर में नही हुआ है। जिले के प्रभारी मंत्री ने अपनी प्रशासनिक पकड़ को इतना ढीला कर रखा है कि अधिकारी शासन के दिशा निर्देश को ही अनदेखा करते है।
         यही कारण है कि बिलासपुर के गौठान का जैविक खाद्य गौठान में ही पड़ा है और राजनंदगांव से जैविक खाद्य के तीन ट्रक अब तक आ चुके है। विभाग को जैविक खाद्य बुलाने की शीघ्रता इतनी थी कि खाद्य लेने वाले ट्रक यहीं से भेजे गए। इस मामले में जंगल के उच्च अधिकारी गेंद को एक दुसरे के पाले में डालते है। एक बड़ा अधिकारी दुसरे बड़े अधिकारी के निर्देश पर काम होना बताता है, जबिक बड़े अधिकारी का कहना है कि मैने पुरी जिम्मेदारी रेंजर को देदी है, और रेंजर दिशा निर्देश के अनुसार ही काम करेगा। अब यह बात समझ के परे है कि रेंजर को कागज पर छपा हुआ दिशा निर्देश मानना है या कि साहब के मौखिक दिशा निर्देश मानना है। कुल मिलाकर यी समझ आता है कि राजनंदगांव का प्रभारी मंत्री और फाॅरेस्ट का मिनिस्टर एक ही है। तो क्या लोक निर्माण और गुह विभाग बिलासपुर प्रभारी इतना कमजोर हो गया या बिलासपुर के नेताओं की जागरूक्ता केवल फेसबुक तक है। 

    दुर्ग / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना के तहत दुर्ग शहर विधानसभा क्षेत्र में 10 सार्वजनिक स्थान जिसमें जिला चिकित्सालय, कलेक्ट्रेट परिसर, मुक्तिधाम, नई गंज मंडी, इंदिरा मार्केट, पुलगांव गौठान मार्ग, शिवनाथ नदी पुराना पुल जैसे जर्जर हो चुकी सड़कें शामिल हैं। इन स्थानों को पक्की सड़क से मुख्य मार्ग से जोडऩे का कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जाने के लिए विधायक अरुण वोरा ने कार्यपालन अभियंता अशोक श्रीवास से जल्द प्रस्ताव बना कर निर्माण कार्य प्रारंभ करने हेतु चर्चा की। इन स्थानों पर हजारों लोगों का आवागमन दिन रात लगा रहता है किन्तु पिछले कई वर्षों से गड्ढा युक्त हो चुकी सड़कों से आम जन एवं कार्यालयीन कर्मचारियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
    वर्तमान में कांग्रेस सरकार ने सुगम सड़क योजना के अंतर्गत प्रदेश भर में सार्वजनिक स्थानों में पहुंच मार्ग बेहतर बनाने के लिए करोड़ों रु की राशि का बजट आबंटन किया है। श्री वोरा ने 64 करोड़ की लागत से बनने जा रहे नेहरू नगर चौक से मिनीमाता चौक तक के मार्ग चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण की भी जानकारी ली जिसपर कार्यपालन अभियंता ने बताया कि अगस्त माह के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ कर लिया जाएगा साथ ही 14 करोड़ की लागत से बन रहे ऑडिटोरियम का कार्य भी अंतिम चरण में है जिसे अतिशीघ्र लोकार्पित किया जाएगा।

    रायपुर / शौर्यपथ / राजधानी के डॉ. अम्बेडकर अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड और अस्पताल के अन्य संवेदनशील जगहों पर अब सफाई कर्मचारी पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट) किट पहन कर कार्य करेंगे। अस्पताल प्रशासन ने कोरोना संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए 170 सफाई कर्मचारियों के लिए पीपीई किट यानी व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए हैं। पीपीई किट मिलने के बाद सफाई कर्मचारी और अधिक आत्मविश्वास के साथ सेवा का कार्य कर सकेंगे। कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए सभी सफाई कर्मचारियों को मास्क, ग्लव्स और सैनेटाइजर्स उपलब्ध करवाए गए थे। राज्य सरकार के निर्देश पर सभी सफाई कर्मचारियों के लिए अलग से ठहरने की व्यवस्था और प्रोटीन युक्त भोजन की व्यवस्था भी किए गए हैं। कोविड-19 वार्ड में आइसोलेशन में कर्मचारियों और अन्य स्थानों पर सफाई कार्य में लगे सफाई कर्मियों की सुरक्षा को देखते हुए पीपीई किट अति आवश्यक थी।
    बता दें कि कोरोना से पीड़ित मरीजों का मेकाहरा में 7 जून से इलाज शुरु किया गया। अस्पताल में 500 बेड का कोविड-19 बार्ड बनाया गया है अब तक 1000 कोरोना पॉजिटिव मरीज इलाज के बाद डिस्चार्ज भी हो गए हैं। ऐसे में सफाई कर्मचारियों की ज़िम्मेदारी दुगुना हो गयी हैं ।
    भारतीय सफ़ाई कर्मचारी महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष निलेश लंगोटे का कहना है सफाई कर्मचारियों की स्वास्थ्य को लेकर सावधानी जरुरी है। ये हमारे फ्रंट लाइन करोना योद्धा है। रायपुर मेकाहारा के सफाई कर्मचारी की जरुरत को देखते हुए अस्पताल प्रशासन अलग से कपड़े का ड्रेस बनवाया है जिसके बाद महिला सफाई कर्मी पीपीई कीट को पहनते हैं। वहीं संक्रमण से बचाव के लिए सभी 170 सफाई कर्मचारियों को अस्पताल परिसर से लगे मंगल भवन को क्वारेंटाइन सेंटर के रुप अस्थायी आवास व्यवस्था किया गया है। कोविड वार्ड में ड्यूटी के बाद ठनहें 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन भी किया जाता है। ताकि परिवार से दूर रहने वाले इन सभी कर्मचारियों के बेहतर स्वास्थ्य व परिजनों को भी वायरस से सुरक्षित रखा जा सके। इन सभी के लिए अच्छा प्रोटीन युक्त भोजन और नास्ता भी दिया जा रहा है। कोरोना काल के विपरीत परिस्थितियों में कोरोना वारियर्स का सम्मान पाने का असली हकदार सफाई कर्मचारी हैं।
    डॉ अंबेडकर अस्पताल के पीआरओ शुभ्रा सिंह ठाकुर ने कहा कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए सफाई कर्मचारी सराहनीय कार्य कर रहे हैं। ऐसे में यह हम सब की जिम्मेदारी है कि उनकी सेहत और सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखें। कोविड-19 वार्ड में तैनात सफाई कर्मचारियों, डॉक्टरर्स, स्टाफ नर्स व अन्य सहयोगी स्टाफ को भी पीपीई कीट उपलब्ध कराया गया है। पीआरओ सुश्री ठाकुर ने बताया यदि भविष्य में और पीपीई किट या अन्य किसी संसाधन की कमी होती है, तो वह उपलब्ध करवाया जाएगा।उन्होंने कहा कोरोना संकट के दौरान विपरीत परिस्थितियों में भी सफाई कर्मचारी आइसोलेशन, अस्पतालों, चिकित्साकर्मियों के अस्थाई निवास वाले होटल्स में दिन-रात पूरी कर्मठता और तत्परता से काम कर रहे हैं।
    उन्होंने बताया अस्पताल में तीन पालियों में 24 घंटे ड्यूटी पर सफाई कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। संबंधित ठेका कंपनी को निर्देश दिया गया है समय-समय पर कोविड-19 के लिए जारी गाइड लाइन का पालन किया जाए। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट, प्रोटेक्टिव गियर्स हैं, पर्सनल प्रोटेक्टिव किट पहनने से कोरोनावायरस पीड़ितों का इलाज कर रहे डॉक्टरों और नर्स सहित सफाई कर्मचारियों आदि को सुरक्षित रखने के लिए डिजाइन किया गया है। इन गियर्स को पहनने से डॉक्टर्स व मेडिकल स्टॉफ कीटाणु के संपर्क में आने से खुद को अधिक से अधिक बचा पाते हैं। पीपीई किट में चश्मे, फेस शील्ड, मास्क, ग्लव्स, गाउन, हेड कवर और शू कवर शामिल हैं।

    ० 200 रूपये रूपये के रिचार्ज की बात को लेकर हत्या
    ० एक नाबालिक सहित आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

      राजनांदगांव / शौर्यपथ / थाना डोंगरगांव के ग्राम कोहका नाला पुल के पास हुयी हत्या को सुलझाते हुए डोंगरगांव पुलिस ने एक आरोपी सहित 1 विधि से सपसरत बालक को गिरफ्तार किया है। प्रार्थी एवलाल मेश्राम पिता स्व. उमेद राम मेश्राम उम्र 53 साल निवासी कोहका थाना डोंगरगांव, जिला राजनांदगांव ने थाना हाजिर आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि बीते गुरूवार को लगभग 15.30 बजे अज्ञात व्यक्ति द्वारा इसके मझला भाई प्रेमलाल मेश्राम की हत्या कर शव को कोहना नाला पुल के नीचे फंेक दिया है । घटना स्थल पर मृतक का टीवीएस मोटर सायकल पुलिया के रेलिंग में खड़ा है। मोटर सायकल के पास ही उसका चश्मा तथा एक अज्ञात व्यक्ति का चप्पल एवं बीयर बोतल का कॉच का छोटा-छोटा तुकडा पड़ा हुआ है कि रिपोर्ट पर थाना डोंगरगांव में अपराध क्रमंाक 133/20 धारा 302 भादंवि का अपराध कायम कर विवेचना कार्यवाही में लिया गया।
    प्रकरण को गंभीरता से लेते हुये थाना प्रभारी केपी मरकाम द्वारा श्रीमान पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोरखनाथ बघेल, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी घनश्याम कामड़े अं. चौकी से दिशा-निर्देशन प्राप्त कर आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के लिये सायबर टीम तथा थाना डोंगरगांव कि पुलिस टीम रवाना किया गया। घटना स्थल पर मिले साक्ष्य व गोपनीय सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर कि संदेही मुकेश वैष्णव तथा विधि से संघसरत बालक को मौके पर देखा गया है। पतासाजी दौरान मौके पर मिला साक्ष्य एवं टॉवर लोकेश से पता चला कि आरोपी मुकेश वैष्णव अपने साथी विधि से संर्घसरत बालक के साथ होकर मृतक प्रेम लाल मेश्राम से वाद-विवाद करते हुए प्रेमलाल मेश्राम की घटना स्थल पर पत्थर से वार कर हत्या कर फरार हो गया है। आरोपी पुलिस से छिपते-छिपाते दिगर राज्य भागने के फिराक में थे, जिन्हें टॉवर लोकेशन व गुप्त सूत्रों से पतासाजी कर आरोपी मुकेश वैष्णव पिता ओमकार वैष्णव उम्र 26 साल निवासी कोहका थाना डोंगरगांव का विधि से संधर्सरत बालक के साथ कुष्ट जिला दुर्ग में घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों से पुछताछ करने पर जुर्म स्वीकार करते हुये बातया की 200 रूपये की रिचार्ज की बात को लेकर तीनों में विवाद हुआ था। वाद-विवाद के दौरान मृतक द्वारा मारपीट करने पर दोनों ने एक राय होकर प्रेमलाल मेश्राम के सिर पर पत्थर से वार कर हत्या कर दिया तथा शव का पुल के नीचे फंेक दिये तथा वहां से मोटर सायकल से भाग गये थे। आरोपी तथा विधि संघसरत बालक से घटना में प्रयुक्त मोटर सायकल तथा हत्या में प्रयुक्त पत्थर को जप्त किया गया है। आरोपीद्वय को गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें ज्यूडिशियल रिमांड पर भेजा जा रहा है।
    संपूर्ण कार्यवाही के दौरान निरीक्षक केपी मरकाम, सायबर सेल के प्रधान आरक्षक बसंतराव, आरक्षक प्रवीण मेश्राम, आरक्षक मनीष मानिकपुरी, आरक्षक राकेश धु्रव, थाना से सउनि मेघनाथ सिन्हा, सउनि गोवर्धन देशमुख, प्रधान आरक्षक मोहन चंदेल, जय सोनवानी, आरक्षक योगेश साहू, आरक्षक राणा प्रसन्ना, आरक्षक जानेन्द्र वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

    बालोद / शौर्यपथ / कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जनमेजय महोबे ने आदेश जारी कर कहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण के रोकथाम एवं बचाव हेतु 06 अगस्त 2020 की मध्यरात्रि तक आवश्यक सेवाओं में छूट के साथ व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं बाजार बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। साथ ही कार्यालयीन आदेश के तहत आगामी त्यौहारों को देखते हुए 30 और 31 जुलाई 2020 को प्रातः 07 बजे से शाम 04 बजे तक व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं बाजार खोलने की अनुमति दी गई थी।
    उक्त आदेश के प्रक्रम में आगामी त्यौहारों को देखते हुए 01 अगस्त से 03 अगस्त 2020 तक प्रातः 07 बजे से दोपहर 12 बजे तक मिठाई दुकान खोलने एवं राखी विक्रय करने की अनुमति दी गई है। साथ ही प्रतिबंधित अवधि में सभी प्रकार के निर्माण कार्यों की छूट होगी। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।

    दुर्ग । शौर्यपथ । प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने प्रदेश के भाजपा नेताओं को नियमित रूप से मेडिटेशन और योग शिविर में जाने की सलाह दी है। भूपेश सरकार के खिलाफ भाजपा नेताओं की लगातार अनर्गल बयानबाजी पर राजेंद्र ने कहा कि ध्यान-योग करने पर उन्हें 15 साल की सत्ता से हटने के दर्द से उबरने में मदद मिलेगी। उन्हें रमन सरकार की नाकामियों पर आत्मचिंतन करने का सुअवसर मिलेगा। 18 माह की भूपेश सरकार की उपलब्धियां भी साफ-साफ दिखने लगेगी। राजेंद्र ने कहा कि भाजपा की सरकार हमेशा उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने वाली योजनाएं शुरू करती है, जबकि कांग्रेस सरकार हमेशा गरीबों, आदिवासियों और किसानों समेत हर वर्ग के लोगों को सीधा फायदा पहुंचाती है। प्रदेश की जनता के साथ 15 साल तक भाजपा शासनकाल में छलावा होता रहा। भाजपा शासनकाल में भ्रष्टाचार कर प्रदेश की खनिज-वन संपदा को लूटने के साथ विकास कार्यों में कमीशनखोरी का खेल चलता रहा। रमन सरकार ने जनता के हित में ठोस फैसले नहीं किए। किसानों, आदिवासियों, महिलाओं समेत हर वर्ग के साथ रमन सरकार ने धोखा किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सिर्फ 18 माह के कार्यकाल में प्रदेश के हर वर्ग को राहत देने के फैसले किए हैं। इनकी तारीफ करने की बजाय भाजपा नेता ऊलजलूल बयानबाजी कर रहे हैं। राजेंद्र ने कहा कि भाजपा नेता आदिवासियों के हितों का संरक्षण करने की सलाह दे रहे हैं। सच ये है कि रमन सरकार ने आदिवासियों की जमीन जबरन छीनकर उद्योगपतियों को आवंटित कर दी थी, मगर वहां कई साल तक उद्योग नहीं लगाया गया। भूपेश सरकार ने आदिवासियों की जमीन वापस दिलाने का काम किया है। गरीब और भूमिहीन आदिवासियों को वन अधिकार पट्टा दिलाने का काम भूपेश सरकार ने किया है। देश में सबसे ज्यादा तेंदूपत्ता का समर्थन मूल्य 4 हजार रुपए करने सहित 31 वनोपज की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने का ऐतिहासिक फैसला भी भूपेश सरकार की देन है। आदिवासी इलाकों में सबसे पहले हॉट क्लीनिक, सुपोषण अभियान चलाकर जैसी योजनाएं चलाकर स्वास्थ्य सुविधाएं और पौष्टिक भोजन देने की शुरुआत की गई। प्रदेश के अन्य हिस्सों की तरह आदिवासी इलाकों में भी किसानों को कर्जमाफी, 25 सौ रुपए की दर से धान खरीदी और किसान न्याय योजना का फायदा मिला। राजेंद्र ने कहा कि भाजपा नेता डॉ. रमन सिंह, धरमलाल कौशिक, बृजमोहन अग्रवाल, सरोज पांडेय सहित अन्य भाजपा नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बाबा रामदेव और श्री श्री रविशंकर की सलाह मानकर ध्यान-योग करेंगे तो आत्मचिंतन करने में मदद मिलेगी। भाजपा नेताओं को पता चलेगा कि भूपेश सरकार ने आदिवासियों के हित में जितने फैसले किए हैं उतने फैसले किसी भी सरकार ने नहीं किए। भाजपा नेताओं को याद रखना चाहिए कि रमन सरकार के कार्यकाल में चरणपादुका और जर्सी गाय वितरण को लेकर हुए भ्रष्टाचार के साथ-साथ आदिवासियों के शोषण का सच अभी लोग भूले नहीं हैं।

    खाना खजाना / शौर्यपथ / ईद-उल-अजहा के लाजवाब व्यंजन
    शीरखुरमा
    सामग्री :
    100 ग्राम सेंवई, 1 टेबलस्पून घी, 3 लीटर दूध, 250 ग्राम शक्कर, 10-12 टेबलस्पून पिसा हुआ चावल, 4-5 हरी इलायची दाने पिसे हुए, 1 कप मिल्क पावडर, 100 ग्राम खारक रातभर पानी में भिगोकर रखे और बारीक कटे हुए, 50 ग्राम बादाम बारीक कटे हुए, 50 ग्राम किशमिश, 50 ग्राम पिस्ता, 50 ग्राम नारियल के बारीक कतले तथा 1 टेबलस्पून केवड़ा।
    विधि :
    सबसे पहले इलायची पावडर, चावल के पावडर तथा शकर को थोड़े से दूध में घोलकर रखें। घी को एक बड़े बर्तन में धीमी आंच पर गर्म करें। इस घी में सेंवई डालकर सुनहरा होने तक भूनें। इसे बार-बार पलटते रहें ताकि ये जले नहीं। अब भूरी हो गई सेंवई को एक प्लेट में अलग निकालकर रख दें। उसी बर्तन में अब दूध डाल दें और उबालें।
    उबलते दूध में इलायची पावडर, शकर तथा पिसा हुआ चावल डाल दें। दूध को मध्यम आंच पर गाढ़ा होने तक उबालें और बीच में चलाते रहें। अब इसमें खारक, बादाम, किशमिश, पिस्ता, नारियल तथा सेंवई डाल दें। सेंवई के नर्म होने तक इसे पकाएँ। अब आँच पर से उताकर केवड़ा डालें और थोड़े और ड्राययफ्रूट्स से सजाकर पेश करें।
    चि‍कन सैंडवि‍च विद बटर
    सामग्री :
    8 स्लाइस डबल रोटी, 1 कप छोटे टुकड़ों में कटा व पका हुआ चि‍कन, 1 बड़ा प्याज बारीक कटा हुआ, आधा कप हरा धनि‍या, 3 हरी मि‍र्च बारीक कटी, चौथाई कप मेयोनेज, चौथाई कप खट्टी मलाई, मक्खन, स्वा‍दानुसार नमक।
    वि‍धि :
    सबसे पहले डबल रोटी पर मक्खन लगाएं। फिर चि‍कन में प्याज, हरी मि‍र्च, नमक, मलाई और मेयोनेज मि‍लाकर मि‍श्रण तैयार कर लें।
    इस मि‍श्रण को मक्खन लगी डबल रोटी पर लगाएं और दूसरी डबल रोटी से उसे कवर करें। सैंडवि‍च को टोस्टर में रखकर सेंकें और मूली और गाजर के साथ सर्व करें।
    मसालेदार चिकन बिरयानी
    सामग्री :
    एक किलो चिकन, एक किलो बासमती चावल, 250 ग्राम रिफाइंड तेल, 500 ग्राम कटा प्याज, 500 ग्राम कटे टमाटर, एक कप दही, 10-15 हरी मिर्च लंबी कटी हुई, पांच-पांच ग्राम दालचीनी, इलायची व लौंग, एक बड़ा चम्मच लहसुन-अदरक का पेस्ट, दो लीटर पानी, नमक स्वादानुसार।
    विधि :
    सबसे पहले चावल को साफ करके आधे घंटे के लिए पानी में भिगो दें। चिकन को बड़े-बड़े टुकड़ों में काट लें। आवश्यक मात्रा में तेल गर्म करके प्याज भूनें। अब हरी मिर्च, इलायची, दालचीनी, लौंग मिलाए तथा भून लें।
    प्याज सुनहरे हो जाने के पश्चात लहसुन-अदरक का पेस्ट और टमाटर डालकर सभी को भूनें। चिकन के टुकड़े, दही, नमक डालें। चिकन को पकने दें। अब चावल और आवश्यकतानुसार करीब दो लीटर पानी डालें तथा पकने दें। अब अच्छी तरह मिलाकर ढक्कन बंद करके चावलों को पकने दें।
    मसालेदार चिकन चॉप्स
    सामग्री :
    4 मध्यम आकार के चिकन के टुकड़े, 4 हरी मिर्च, एक मध्यम आकार का प्याज, 1 बड़ा चम्मच बारीक कटा अदरक-लहसुन, आधा छोटा चम्मच पेपर कॉर्न, एक चुटकी हल्दी पावडर, आधा कप बारीक कटा हरा धनिया, एक बड़ा चम्मच घी और स्वादानुसार नमक।
    विधि :
    चिकन को लेकर उसके सभी तरफ छुरी की सहायता से चीरा लगाएं और अलग रखें। अब जार में कटी प्याज, हरी मिर्च, हरा धनिया, अदरक-लहसुन, पेपर कॉर्न, हल्दी और नमक मिला कर मिक्सर ग्राइंडर में पीसें और एक पेस्ट बना लें।
    अब इस पेस्ट को चिकन के साथ अच्‍छी तरह से मिलाएं और एक घंटे के लिए ऐसे ही छोड़ दें। अब एक फ्राइंग पैन में तेल गर्म होने के लिए रखें। जब तेल अच्छा गर्म हो जाए तब इसमें चिकन के टुकड़े डालें और मध्यम आंच पर 10 मिनट तक पकाएं।
    इसके बाद इसे ढंक दें और तीन मिनट तक या फिर चिकन के नर्म होने तक धीमी आंच पर पकाएं। ताजे हरे धनिए की पत्तियों और तली हुई प्याज के साथ परोंसे।
    सीक कबाब
    ईद-उल-अजहा के खास मौके पर सीक कबाब बनना भी लाजिमी है। कई सारे खुशबूदार मसालों से तैयार सीक कबाब का स्वाद ऐसा होता है कि एक बार खाने के बाद इसका स्वाद भूल नहीं पाएंगे आप। इसको बनाने के लिए चिकन के बहुत ही बारीक पीस में मसाले मिलाकर कबाब तैयार किए जाते हैं और उन्हें चटनी के साथ परोसा जाता है। यह व्यंजन हर किसी को पसंद आता है।
    लाजवाब हैदराबादी मटन
    सामग्री :
    500 ग्राम मटन, दो प्याज, एक टमाटर, दो बड़े चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट, तीन हरी मिर्च, दो बड़े चम्मच किसा नारियल, पाव चम्मच हल्दी, दो चम्मच धनिया पावडर, आधा चम्मच जीरा पावडर, एक चम्मच लाल मिर्च पावडर, आधा छोटा चम्मच गरम मसाला, एक कप दही, एक दालचीनी का टुकड़ा, 4 लौंग, दो हरी इलाइची, एक तेज पत्ता, एक बड़ा चम्मच खसखस, थोड़ी-सी केसर, एक बड़ा चम्मच क्रीम, दो बड़े चम्मच तेल, एक बड़ा चम्मच घी और स्वादानुसार नमक।
    विधि :
    सबसे पहले मटन को अच्छी तरह साफ कर लें। अब एक बड़े चम्मच कुनकुने दूध में केसर को भिगाकर रखें। खसखस को 10‍ मिनट तक पानी में भिगाकर रखें। अब मटन के टुकड़ों को एक बड़े कटोरे में लें, इसमें अदरक-लहसुन का पेस्ट, हरी मिर्च, लाल मिर्च, धनिया तथा जीरा पावडर और दही मिलाएं। अच्‍छी तरह मिलाने के बाद इसे एक घंटे के लिए ऐसे ही छोड़ दें।
    अब खसखस और किसे हुए नारियल को पीस कर इसका पेस्ट बना लें। एक कड़ाही में तेल और घी गर्म करें। जब यह उबलने लगे तब इसमें सारे मसाले मिला दें और थोड़ी देर पकाएं। फिर इमसें प्याज डालें और सुनहरा-भूरा होने तक पकाएं।
    तत्पश्चात इसमें टमाटर डालें और तेल छोड़ने तक पकाएं। इसके बाद इसमें मटन डालें और अच्‍छी तरह मिलाएं। इसे ढक्कन से ढंक कर धीमी आंच पर ग्रेवी के गाढ़े होने तक पकाएं। फिर इसमें खसखस और नारियल का पेस्ट डालें और अच्छे से मिलाएं। फिर से इसे ढंके और 2 मिनट तक पकाएं। अब इसमें 1½ कप पानी मिलाएं और उबलने दें। जब यह उबलने लगे तब इसमें स्वादानुसार नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
    धीमी आंच पर ढंक कर इसे मटन के नर्म होने तक पकाएं और जब ग्रेवी आपकी इच्छानुसार गाढ़ी हो जाए, तब इसमें गरम मसाला डालकर अच्छे से मिलाएं। फिर इसमें दूध में भीगा हुआ केसर मिलाएं और आंच बंद कर दें। कटे हुए बादाम और हरे धनिए से सजा कर परोसें।
    स्वीटकॉर्न चिकन सूप
    सामग्री :
    उबला हुआ चिकन 250 ग्राम, 4 भुट्टे, 2 चम्मच मक्खन, 1 प्याज कद्दूकस किया हुआ, 1 ली. पानी, 40 ग्राम कॉर्नफ्लोर (पानी मिला कर तैयार किया गया पेस्ट), नमक और काली मिर्च स्वादानुसार, 1 चम्मच शक्कर, 1 चम्मच अजीनोमोटो, 2 चम्मच सफेद विनेगर।
    विधि :
    चार में से तीन भुट्टे बारीक पीस लें। एक भुट्टे के बारीक टुकड़े काट लें और पीसे हुए भुट्टे में मिलाकर रख दें। अब एक पेन में मक्खन डालकर कद्दूकस प्याज तलकर उसमें भुट्टे का मिश्रण और उबला हुआ चिकन मिला लें।

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