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रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वामी विवेकानंद के गुरू एवं महान विचारक स्वामी रामकृष्ण परमहंस की 18 फरवरी को जयंती पर उन्हें नमन किया है। बघेल ने स्वामी रामकृष्ण को याद करते हुए कहा कि आध्यात्मिक गुरू स्वामी परमहंस जी मानवीय मूल्यों के पोषक और मानवता के पुजारी थे। परमहंस जी के विचार मूल्य सदा हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
हिजाब विवाद इस समय देश के साथ देश के बाहर भी चर्चा का विषय बना हुआ है. हिजाब विवाद पर विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि ये मामला विदेश मंत्रालय का नहीं है. ये मामला न्यायालय में चल रहा है और भारत के अंदरुनी मामले पर बाहर के लोगों को बोलने का हक़ नहीं है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने शुक्रवार की प्रेस ब्रीफिंग में यूक्रेन और चीन सीमा विवाद को लेकर भी पक्ष रखा. बागची ने कहा कि जहाँ तक चीन सीमा का सवाल है वहाँ की स्थिति पर हम कई बार स्पष्ट कर चुके हैं। उससे अधिक बोलने का कारण नहीं है. चीन सीमा मामले को लेकर पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के सरकार पर बोले गए हमले को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यह एक राजनीतिक बयान है, नीतिगत नहीं.
यूक्रेन-रूस विवाद के बीच यूक्रेन में रह रहे भारतीयों को सुरक्षित निकालने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा, 'हम स्थिति पर नज़र रखे हैं. भारतीयों के लिए एडवाइज़री जारी की गई हैं. घबराने की जरूरत नहीं है. फ़्लाइट्स चल रही हैं. दूतावास में सामान्य रूप से का कामकाज चल रहा है.' यूक्रेन से भारतीयों को लोगों को निकालने के बारे में बागची ने कहा, 'अभी कोई फ़ैसला नहीं लिया गया है, लेकिन साथ ही स्पष्ट करना चाहता हूं कि हालात पर नज़र रखी जा रही है.'उन्होंने यह भी बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर 18 असे 23 फरवरी तक जर्मनी और फ्रांस का दौरा करेंगे.
रायपुर /शौर्यपथ/
छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर द्वारा छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम के प्रावधानों के तहत रायपुर जिले की आरंग तहसील के अंतर्गत नगर पंचायत समोदा की परिषद के कर्तव्यों के निर्वहन हेतु आगामी आदेश तक तहसीलदार आरंग को प्रशासक नियुक्त किया गया है।
रायपुर /शौर्यपथ/
खनन के दौरान गुप्तकालीन मृदभांड
रायपुर जिले के आरंग विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम कुम्हारी में तालाब गहरीकरण के दौरान प्राप्त योग नृसिंह की विरल प्राचीन मूर्ति को सुरक्षित एवं संरक्षित करने के लिए संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग द्वारा रायपुर के घासीदास स्मारक संग्रहालय में लाई गई है। योग नृसिंह की यह प्राचीन मूर्ति लाल बलुआ प्रस्तर से निर्मित है और 4थी-5वीं सदी ईसवी की आंकी जा रही है। तालाब खनन के दौरान गुप्तकालीन पात्र परंपरा के मृदभांड भी पाए गए हैं।
खनन के दौरान गुप्तकालीन मृदभांड
गौरतलब है कि 15 फरवरी को सोशल मीडिया में प्रसारित ग्राम कुम्हारी जिला रायपुर से खुदाई में दौरान नरसिंह की प्राचीन प्रतिमा मिलने की खबर के आधार पर संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के संचालक विवेक आचार्य ने विभागीय अधिकारियों की टीम बनाकर प्राप्त प्रतिमा और उसके प्राप्ति स्थल का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उप संचालक डॉ. पी.सी. पारख के नेतृत्व में पुरातत्त्ववेत्ता प्रभात कुमार सिंह, उत्खनन सहायक प्रवीन तिर्की की टीम कुम्हारी पहुँची और मूर्ति एवं प्राप्ति स्थल का मुआयना किया। सरपंच तेजराम साहू ने अधिकारियों को बताया कि बस्ती के उत्तर में बघधरा नामक देवस्थल के पास स्थित भाठा जमीन पर ग्राम पंचायत द्वारा तालाब निर्माण के उद्देश्य से मनरेगा के तहत की जा रही खुदाई के दौरान यह मूर्ति प्राप्त हुई है, जिसे पंचायत भवन में रखा गया है। विभागीय टीम को उक्त स्थल के निरीक्षण के दौरान गुप्तकालीन पात्र परंपरा के मृदभांड भी देखने को मिला।
खनन के दौरान गुप्तकालीन मृदभांड
पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस प्राचीन मूर्ति की पहचान योग नृसिंह के रूप में की गई है। यह अनूठी और विरले प्राप्त होने वाली मूर्ति है। इसे नृसिंह अथवा शांत नृसिंह भी कहा जाता है। ऐसी मुद्रा में देवता अकेले शांत बैठे हुए प्रदर्शित किये जाते हैं। आमतौर पर हिरण्यकश्यप का वध करते (पेट फाड़ते) हुए नृसिंह मूर्ति बहुतायत में मिलती है, लेकिन नृसिंह की इस रूप की प्रतिमा का शिल्पांकन अपेक्षाकृत कम हुआ है। लाल बलुआ प्रस्तर निर्मित इस मूर्ति का आकार 18ग12.5ग02 सेंटीमीटर है, जिसका निचला भाग अंशतः खण्डित है। मूर्ति की बनावट, प्रतिमालक्षण और प्राप्ति स्थल से ज्ञात पात्र-परंपरा के आधार पर इसकी तिथि लगभग 4थी-5वीं सदी ईसवी आंकी जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों एवं पंचों सेे चर्चा उपरांत तालाब गहरीकरण के दौरान प्राप्त मूर्ति को सुरक्षित एवं संरक्षित करने के लिए सरपंच से प्राप्त कर रायपुर लाया गया है। संचालक द्वारा नृसिंह मूर्ति को महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय में सुरक्षित एवं संरक्षित करने का निर्देश संग्रहाध्यक्ष को दिया गया है।
नृसिंह देवता की अनूठी शिल्पाकृति को पुरातत्व विभाग को सौंपने की कार्यवाही में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अतुल विश्वकर्मा, आरंग के थाना प्रभारी एल.डी. दीवान सहित उप सरपंच पोखनलाल, डॉ. नंद कुमार, फुलेश्वर साहू, आशाराम साहू और सुरेश साहू का उल्लेखनीय सहयोग रहा।
दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया और खूब तालिया बटोरी
महासमुंद /शौर्यपथ/
सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थल सिरपुर में माघ पूर्णिमा के अवसर पर सिरपुर महोत्सव के पहले दिन उभरते बाल कलाकार श्रव्य क्षीरसागर ने पियानो वादन एवं चिरंजीव श्रेयन क्षीरसागर ने देशभक्ति गीत इंसाफ की डगर पर बच्चों दिखाओ चल कर…और ऐसे गगन के तले जहां प्यार ही प्यार मिले गीत गाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया और खूब तालिया बटोरी। बतादे कि ये दोनों भाई है और कलेक्टर महासमुंद निलेश कुमार क्षीरसागर के सुपुत्र है
राज्य में मत्स्य पालन को दिया गया है कृषि का दर्जा
रायपुर /शौर्यपथ/
मछली पालन से बढ़ी आमदनी, सपने हो रहे पूरे
छत्तीसगढ़ में नई सरकार के गठन के बाद जनकल्याणकारी नीतियों ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए भी आदमनी बढ़ाने नए द्वार खोल दिए हैं। इसकी बानगी गरियाबंद के फिंगेश्वर विकासखंड के किसान परिवार में देखने को मिली, जहां किसान बालचंद साहू ने परम्परागत खेती के इतर मछली पालन में संभावनाएं तलाशीं और उम्मीद के मुताबिक सफलता भी पायी। मछली पालन से आर्थिक समृद्धि की ओर कदम बढ़ाकर यह किसान परिवार अपनी दैनिक जरूरतों के अलावा दूसरी भौतिक सुविधाओं के सपने को भी पूरा कर रहा है।
गौरतलब है कि राज्य में नई सरकार ने मत्स्य पालन को कृषि का दर्जा दिया है। इसके बाद प्रदेश के कई हिस्सों में छोटे और मझोले किसान धान और गेंहू जैसी परम्परागत खेती के अलावा मछली पालन जैसे उपाय अपना रहे हैं। राज्य के साथ बाहरी राज्यों में अच्छा बाजार मिलने के कारण इन किसानों को बेहतर आमदनी भी हो रही है। इन्हीं में से एक गरियाबंद के ग्रामीण अंचल के किसान बालचंद बताते हैं कि उनकी 18 एकड़ की पुस्तैनी जमीन है। लम्बे समय तक वे अपनी जमीन में धान की फसल लेते रहे, लेकिन उन्हें लागत की अपेक्षा लाभ कम ही हो पा रहा था। ऐसे में राज्य सरकार की योजना और प्रोत्साहन से उन्होंने मत्स्य पालन का सोचा। किसान बालचंद ने पहले अपनी एक हेक्टेयर जमीन में तालाब का निर्माण कराया और मत्स्य विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में मछली पालन करना शुरू किया। मत्स्य पालन विभाग द्वारा उन्हें वर्ष 2019-20 में राष्ट्रीय कृषक विकास योजना अंतर्गत 40 प्रतिशत की दर से अनुदान राशि 2.80 लाख रूपये स्वीकृत किया गया। उक्त राशि से उन्होंने स्वयं के तालाब में मत्स्य पालन का विस्तार किया गया। अक्टूबर 2020 में उन्होंने 50 टन मत्स्य उत्पादन कर बाजारों में बिक्री कर अच्छी आमदनी अर्जित की। आमदनी के अच्छी जरिया मिलने से बालचंद ने अपने कृषि भूमि में एक हेक्टेयर का एक और तालाब बनवाया।
दूसरों को भी मिला रोजगार -
बालचंद ने बताया कि मछली पालन कार्य करने से मेरे साथ-साथ इस कार्य में जुड़े अन्य लोगों की भी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने बताया कि मत्स्य पालन कार्य में 5 मजदूर नियमित कार्यरत है। साथ ही पास-पड़ोस के 50 व्यक्ति रोज उनके फार्म से 25 से 50 किलोग्राम मछली खरीदकर गांवों में विक्रय कर आमदनी अर्जित कर रहे है। बालचंद मत्स्य पालन व्यवसाय से उत्साहित होकर अब हेचरी निर्माण की ओर अग्रसर है।
उद्यानिकी में भी किया नवाचार -
किसान बालचंद साहू ने अपनी आमदनी का स्त्रोत बढ़ाने के लिए उद्यानिकी में भी नवाचार किया। इसके लिए उन्होंने तालाब में मछली पालन के अलावा तालाब के मेढ़ पर उद्यानिकी एवं दलहनी फसलों के साथ कटहल, पपीता, नींबू के पौधे रोपित किए और अपनी आमदनी का जरिया बढ़ाया।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायाधीश के निर्देशानुसार ट्राफिक चालान प्रकरणों की कार्यवाही वर्चुअल कोर्ट के माध्यम से किए जाने के संबंध में विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारियों की बैठक लेकर इस दिशा में शीघ्र समुचित कार्यवाही करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। बैठक में पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, प्रमुख सचिव विधि विभाग रामकुमार तिवारी, सचिव गृह विभाग धनंजय देवांगन सहित अन्य विभागों के अधिकारी एवं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारी वर्चुअल बैठक में शामिल हुए।
मुख्य सचिव ने कहा कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश के निर्देश हैं कि राज्य के सभी जिलों में ट्राफिक चालान प्रकरणों पर त्वरित कार्यवाही वर्चुअल कोर्ट के माध्यम से हो इसके लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध शीघ्र कर लिए जाए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि ट्राफिक प्रकरणों की वर्चुअल कोर्ट से जिन प्रदेश में कार्यवाही की जा रही है, वहां के बैंकों से किए गए एग्रीमेंट की जानकारी ली जाए तथा छत्तीसगढ़ स्थित बैंक जो कम से कम चार्जेश पर पॉस मशीन लगाने के इच्छुक हैं उनसे प्रस्ताव प्राप्त करने के संबंध में चर्चा हुई। बैठक में पुलिस महानिदेशक ने वर्चुअल कोर्ट प्रकरणों के संबंध में पुलिस विभाग द्वारा की जा रही तैयारियों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा। बैठक में आयुक्त परिवहन ने बैंक के प्रतिनिधियों से ट्राफिक चालानों के प्रकरणों के वर्चुअल निराकरण एवं डिजिटल भुगतान के संबंध में आवश्यक चर्चा की।
बैठक में बताया गया कि चंडीगढ़ और मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों में इस प्रक्रिया का क्रियान्वयन विभिन्न बैंकों के सहयोग से किया जा रहा है। जैन ने इन राज्यों और बैंक के बीच हुए एग्रीमेंट की प्रति और छ.ग. में बैंक के साथ किए जाने वाले एग्रीमेंट की प्रति के साथ बैंकों द्वारा प्राप्त प्रस्ताव की विस्तृत जानकारी से उच्च न्यायालय के आई.टी. कमेटी को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के उच्च न्यायालय ने राज्य के सभी संभागीय मुख्यालय में ट्राफिक चालान प्रकरणों की कार्यवाही वर्चुअल कोर्ट के माध्यम से प्रारंभ किए जाने के निर्देश दिए हैं। जिस पर कार्यवाही शुरू कर दी गई है, रायपुर संभाग मुख्यालय में यह कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। पॉश मशीनों के माध्यम से टेªफिक चालान प्रकरणों का निपटारा किया जा रहा है। राजनांदगांव, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा संभाग में भी जल्द ही डिजिटल चालान प्रकरणों के निपटारे की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रदीप गुप्ता, संचालक संस्थागत वित्त शीतल शाश्वत वर्मा, माननीय उच्च न्यायालय के नोडल अधिकारी चौहान, क्षेत्रीय महाप्रबंधक स्टेट बैंक राव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मनोरंजन /शौर्यपथ/
बॉलीवुड़ के दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर अपने अनोखे अंदाज के लिए जाने जाते हैं. वे कई मौकों और मुद्दों पर अपनी राय भी देते हैं. खेर सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहते हैं और आए दिनों अपने फैंस के साथ कुछ ना कुछ शेयर करते रहते हैं. वहीं हाल ही में एक्टर ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक तस्वीर शेयर की है. इस तस्वीर में देखा जा सकता है कि वे एक बाथ टप में लेटे नजर आ रहे हैं. इंटरनेट पर यह तस्वीर जमकर वाहवाही लूट रही है.
अनुपम खेर ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक तस्वीर साझा की है. इस तस्वीर में देखा जा सकता है कि वे एक लकड़ी के बाथ टप में लेटे हैं. वे ऐसे लेटे हैं जैसा की एक बच्चा अपनी मां के गर्भ में लेटा होता है. इस तस्वीरो को साझा करते हुए वे कैप्शन में लिखते हैं- 'मुझे यह तस्वीर काफी पसंद है, मुझे उम्मीद है कि आपको भी यह पसंद आएगी. इस लिए इस तस्वीर पर कैप्शन आप भेजें. जिसके सबसा सबसे अच्छा कैप्शन लगा उनमें से कम से कम 5 लोगों को मैं घर बुलाऊंगा. ये वादा रहा'.
फाजिल्का /शौर्यपथ/
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'यूपी, बिहार के भैये' वाले बयान के लिए पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी पर 'हमला' बोला है. पीएम ने कहा, 'इस टिप्पणी पर दिल्ली वाला परिवार तालियां बजा रहा था.'रविवार को होने वाली वोटिंग के पहले पंजाब में एक रैली को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा, 'कांग्रेस के सीएम ने क्या कहा और इस पर दिल्ली का परिवार तालियां बजा रहा था, पूरे देश ने यह देखा था. ' प्रधानमंत्री ने कहा, 'गुरु गोबिंद सिंह कहां जन्मे थे? पटना साहिब में, बिहार में. क्या आप गुरु गोबिंद सिंह को पंजाब के बाहर करेंगे? ऐसी विभाजनकारी मानसिकता के लोगों को एक क्षण के लिए भी पंजाब पर राज करने की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए.
संत रविदास का किया उल्लेख
पीएम मोदी ने इस मौके पर गुरु रविदास का भी जिक्र किया, इन दलित गुरु की जयंती बुधवार को थी और विभिन्न नेताओं ने अपने चुनाव प्रचार को रोकते हुए मंदिर पहुंचकर गुरु रविदास को याद किया था. पीएम ने कहा, 'हमने केवल कल संत रविदास जयंती मनाई, वह कहां पैदा हुए थे. उत्तर प्रदेश, वाराणसी में. क्या आप संत रविदास को पंजाब से हटा पाएंगे.'
बता दें कि पंजाब के सीएम चन्नी ने एक रोडशो के दौरान यूपी, बिहार संबंधी कमेंट किया था और इस दौरान प्रियंका गांधी उनके बगल में ही थीं. चन्नी ने कहा था, 'प्रियंका गांधी पंजाब की बहू हैं. वे पंजाब की बहू हैं. यूपी, बिहार, दिल्ली के भैया यहां आकर शासन नहीं कर सकते हैं. हम यूपी के भैया को पंजाब में नहीं आने देंगे.' इस दौरान प्रियंका गांधी मुस्कुराते हुए ताली बजा रही थीं. समर्थकों ने भी तालिययां बजाते हुए 'बोले सो निहाल' का उद्घोष किया था.
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नई दिल्ली /शौर्यपथ/
पंजाब चुनाव से पहले देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पंजाब की जनता के लिए एक वीडियो संदेश जारी किया है. उन्होंने कहा कि प्यारे पंजाब वासियों, भारत एक अहम मोड़ पर खड़ा है. मेरा बहुत मन था की मैं पंजाब, उत्तराखंड, गोवा, उत्तर प्रदेश और मणिपुर के भाई बहनों के पास जाकर देश के हालातों पर चर्चा करूं. पर वर्तमान हालात में डॉक्टरों की राय मानते हुए मैं आपसे इस वीडियो सन्देश के जरिये बात कर रहा हूं.
आज की स्थिति बहुत चिंताजनक है. कोरोना की मार के बीच केंद्र सरकार की अदूरदर्शी नीतियों की वजह से एक तरफ लोग गिरती अर्थव्यवस्था, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी से परेशान हैं, दूसरी तरफ हमारे आज के हुक्मरान साढ़े सात साल सरकार चलाने के बाद भी अपनी गलतियों को मानकर उनमें सुधार करने के बजाय लोगों की परेशानियों के लिए हमारे पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को जिम्मेदार ठहराने में लगे हैं.
मेरा स्पष्ट मानना है कि प्रधानमंत्री पद की खास गरिमा होती है और इतिहास को कसूरवार ठहराने से अपने गुनाह कम नहीं हो सकते. प्रधानमंत्री के रूप में मैंने दस साल तक काम करते हुए खुद ज्यादा बोलने की बजाय मेरे काम के बोलने को प्राथमिकता दी. हमने कभी अपने राजनीतिक फायदे के लिए देश को नहीं बांटा, कभी सच पर पर्दा डालने की कोशिश नहीं की, कभी देश और पद की गरिमा कम नहीं होने दी. हमने हर मुश्किल के बावजूद भारत और भारतीयों का मान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ऊंचा बढ़ाया.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
