August 09, 2026
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    PANKAJ CHANDRAKAR

    PANKAJ CHANDRAKAR

    मनोरंजन/शौर्यपथ/

    अक्षय कुमार एक के बाद एक अपनी फिल्मों के लुक शेयर कर रहे हैं और उनकी रिलीज डेट भी बता रहे हैं. कुछ दिन पहले ही अक्षय कुमार ने पृथ्वीराज की रिलीज डेट का ऐलान किया था, अब उन्होंने अपनी मोस्ट अवेटेड फिल्म बच्चन पाण्डेय का अपने डेंजर लुक शेयर किया है. इसके साथ ही अक्षय कुमार ने जानकारी दी है कि उनकी फिल्म का ट्रेलर कब रिलीज होने जा रहा है. बच्चन पांडे का यह उनकी लुक फैन्स में जबरदस्त एक्साइटमेंट पैदा कर रहा है.

    अक्षय कुमार ने बच्चन पांडे के पोस्टर को शेयर करते हुए लिखा है, 'यह एक ऐसा कैरेक्टर है जिसमें पेंट की दुकान की तुलना में अधिक रंग हैं! बच्चन पांडे आपको डरने, हंसाने, रूलाने सब के लिए तैयार है. कृपया उसे अपना सारा प्यार दें. 18 फरवरी, 2022 को ट्रेलर आउट.' इसके साथ ही अक्षय ने फिल्म का मजेदार डायलॉग भी शेयर किया है, 'मुझे भाई नहीं गॉडफादर बोलते हैं.' इस तरह उन्होंने बता दिया है कि फिल्म में उनका अंदाज क्या रहने वाला है.

    अक्षय कुमार की फिल्म 'बच्चन पांडे' का निर्देशन 'हाउसफुल 4' के लिए जाने जाने वाले फरहाद समजी कर रहे हैं. फिल्म में कृति सैनन, जैकलीन फर्नांडीज, अरशद वारसी और पंकज त्रिपाठी भी हैं. बता दें कि अक्षय कुमार की 'सूर्यवंशी' कुछ समय पहले रिलीज हुई थी, और इसने बॉक्स ऑफिस पर जमकर धूम मचाई थी. फिल्म ने रिकॉर्ड तोड़ बिजनेस भी किया था. अब फैन्स को बच्चन पांडे का इंतजार है.

     

     

     

    शिक्षा /शौर्यपथ/

    जीतती हमेशा वही कंपनी है जो फोकस्ड है। भारत में हमारा मुकाबला ज्यादा व्यवस्थित और बेहद विशाल खिलाड़ियों से है। हॉन्डा जितना अपने रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर खर्च करती है, वो रकम बजाज ऑटो के टर्नओवर की करीब 70 प्रतिशत के बराबर है। विश्व स्तर पर बजाज भी छोटी कंपनी कतई नहीं है। हमें केवल अपने सीमित रिसोर्सेज पर फोकस करना है और लक्ष्य बेहद सावधानी से तय करने हैं।इच्छाओं से भरी सोच अपनाने से पहले विजन की सुरक्षा कर लेनी चाहिए। आज के दौर में सुधार की भूख बेहद जरूरी है। हम आत्म-संतुष्ट तो कतई नहीं हो सकते। हमारी इच्छाशक्ति को चुनौती देने के लिए हमेशा ही ऊंचे पहाड़ मौजूद रहने चाहिए। इसलिए खुद की आलोचना भी करना आना चाहिए।

    ‘कंपनी को कल्चर ही अलग बनाता है’

    कल्चर का अलग होना बेहद जरूरी है। बस महत्वपूर्ण यह है कि इसी कल्चर पर वहां मौजूद हर इंसान यकीन कर रहा हो और यही कल्चर हर कर्मचारी को प्रेरित कर रहा हो। कंपनी कोई भी हो... बड़े संस्थानों की बड़ी लड़ाई इसी कल्चर को बनाए रखने की होती है। उनकी चिंता यह होती है कि क्या हमारे लोग रोज काम पर आना एंजॉय करते हैं? क्या संस्थान में पॉजिटिव एनर्जी फ्लो कर रही है या नहीं? हमारी कंपनी की एक्टिविटीज़ में ग्राहक केंद्रबिंदु है या नहीं?

    ‘ईमानदारी और भरोसे पर फोकस रखिए’

    हम जिससे भी डील करें, उससे ईमानदार होने की कोशिश करें। इसी कारण ‘हमारा बजाज’ सभी को अपनापन महसूस करवाता है। कोई भी कंपनी तभी जिंदा रहेगी जब वो वक्त के साथ बदलती रहेगी। यहां आत्मा बदलने की बात नहीं हो रही है, बर्ताव की बात हो रही है। नई पीढ़ी का आना अटल सत्य है। उनके सामने भी चैलेंज वही होगा... बिना कल्चर को प्रभावित किए कंपनी को आगे ले जाना। मुझे गर्व है कई भारतीय कंपनियां ऐसा कर पा रही हैं।

    ‘जिसने भी कोई उपलब्धि हासिल की है उनमें मैंने यह खूबियां पाई हैं..’

    बदलाव को तैयार रहिए - बदलते माहौल को भांपना सीखिए। उसी के अनुसार खुद को ढालते रहिए। किसी भी कंपनी को चलाने के लिए यह सबसे बड़ी खूबी है।

    सीखते रहिए - कामयाबी कोई भी हो, हासिल वही करता है जिनका झुकाव हमेशा कुछ करते रहने की ओर होता है और ये जल्दी सीखने वाले लोग होते हैं।

    समर्पित रहिए - ग्राहकों के प्रति पागलपन की हद तक समर्पित रहिए। उनकी राय के अनुरूप ही प्रॉडक्ट बनाइए। और हां..., सर्विस में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।

    हमेशा ‘अलग’ बने रहिए - वह मत करिए जो सभी करते हैं। कुछ अलग ढूंढिए। अलग हमेशा होता है और जो इसे ढूंढ लेता है वो इसका फायदा जरूर उठाता है।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देशानुसार राज्य में विभाग द्वारा वन अपराधों की रोकथाम के लिए अभियान लगातार जारी है। इस कड़ी में जगदलपुर वन वृत्त के बस्तर वनमंडल अंतर्गत वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो, वन विभाग, कंजेरवेशन कोर सोसायटी तथा पुलिस विभाग के संयुक्त टीम द्वारा विगत दिवस आवश्यक कार्रवाई करते हुए लगभग 18.900 किलोग्राम पैंगोलिन स्केल की जब्ती की गई है। साथ ही 6 नग तेंदुआ नाखून तथा 1 नग मोटर सायकल और 1 नग बोलेरोे वाहन की जब्ती सहित अपराधी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत वन अपराध के प्रकरण दर्ज कर विभाग द्वारा जांच की कार्रवाई जारी है।

    टीम द्वारा कार्रवाई के दौरान विगत दिवस 11 फरवरी को मुखबीर की सूचना के आधार पर हाता ग्राऊण्ड जगदलपुर के समीप एक मोटर सायकिल सवारों से 17 किलोग्राम पैंगोलिन स्केल जब्त किया गया। पुछताछ के दौरान उनसे प्राप्त सूचना के आधार पर 12 फरवरी को पुनः 1,900 किलोग्राम पैंगोलिन स्केल, 6 नग तेंदुआ नाखून, 1 नग मोटर सायकल तथा 1 नग बोलेरो वाहन की जब्ती की कार्रवाई की गई। जांच पड़ताल के दौरान अपराधियों द्वारा बताये अनुसार दंतेवाड़ा के ग्राम कारली में 4 स्टार कछुआ दंतेवाड़ा के वन विभाग टीम द्वारा अपराधी सहित पकड़े गए।

    धर्म संसार /शौर्यपथ/

    सनातन धर्म में माघ पूर्णिमा का विशेष महत्व है. माघ माह की पूर्णिमा तिथि को प्रत्येक वर्ष ललिता जयंती मनाई जाती है. इस दिन मां ललिता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है. मान्यता है कि इस दिन मां ललिता की पूजा-उपासना करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ती होती है और माता की कृपा से व्रती को सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है.

    साल 2022 में ललिता जयंती 16 फरवरी को मनाई जाएगी. बता दें कि इस तिथि को माघ पूर्णिमा भी है. माता ललिता को दस महाविद्याओं तीसरी महाविद्या माना जाता है. आइए जानते हैं ललिता जयंती व्रत की पूजा की तिथि, महत्व और विधि.

    ललिता जयंती का महत्व

    हर साल माघ मास की पूर्णिमा तिथि को ललिता जयंती मनाई जाती है. इस दिन माता का पूजन और व्रत किया जाता है. कहते हैं कि इस दिन मां ललिता की आराधना करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है और जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति भी मिल जाती है. कहते हैं कि ललिता जयंती के दिन मां ललिता के साथ स्कंदमाता और भगवान शिव शंकर की पूजा-अर्चना भी की जाती है. बता दें कि मां ललिता को राजेश्वरी, षोडशी, त्रिपुरा सुंदरी आदि के नामों से भी जाना जाता है. ललिता जयंती के दिन कई जगहों पर मेले का आयोजन भी होता है. इस दिन मां ललिता के मंदिर में माता के दर्शनों के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है.

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

    सपना चौधरी देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में पॉपुलर हैं. अपनी मेहनत और गजब के टैलेंट के दम पर हरियाणवी डांसर सपना चौधरी ने इंडस्ट्री में एक बड़ा मुकाम हासिल किया है. आज सपना चौधरी महज एक नाम नहीं बल्कि ब्रांड बन चुकी हैं. वैसे तो डांसिंग क्वीन के सोशल मीडिया पर एक से बढ़कर एक डांस वीडियो देखने को मिलते हैं लेकिन उनका लेटेस्ट वीडियो होश उड़ा देने वाला है. इस वीडियो में सपना चौधरी का स्वैग भी है और धड़कनें बढ़ा देने वाली खूबसूरती भी. सोशल मीडिया पर सपना चौधरी का लेटेस्ट वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में उन्होंने ट्रोल्स को जवाब दिया है.

    हमेशा अपने चेहरे पर स्माइल रखने वाली हरियाणवी डांसर सपना चौधरी अगर गुस्से के अंदाज में नजर आएं तो सोचना लाजमी है कि इसके पीछे की वजह क्या होगी. दरअसल अपने लेटेस्ट वीडियो में सपना चौधरी के चेहरे पर मुस्कुराहट नहीं बल्कि गुस्सा देखने को मिल रहा है. सपना चौधरी ने अपने ऑफिशियल इंस्टा हैंडल पर ये वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में सपना चौधरी एक दमदार डायलॉग बहुत ही दमदार अंदाज में बोलती हुई नजर आ रही हैं. सपना अपने इंस्टा वीडियो में बहुत ही स्वैग के साथ बोल रही हैं, 'जब तक हम आपसे बात कर रहे हैं, आप हैं वरना हम भी आपके बाप हैं '. इस वीडियो को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि सपना इस डायलॉग के जरिए अपने हेटर्स को करारा जवाब दे रही हैं. उनके लुक्स की बात करें तो रेड कलर की ड्रेस में हो सपना बला की खूबसूरत दिख रही हैं.

    बेबाक अंदाज और खिलखिलाती हुई हंसी के लिए सपना चौधरी को फैंस बेहद पसंद करते हैं. अपने जबरदस्त डांसिंग टैलेंट के साथ साथ फैंस को सपना चौधरी का बेबाक अंदाज भी भाता है. हालांकि कई बार सपना चौधरी को ट्रोलर्स का शिकार भी होना पड़ता है. यही वजह है कि इस वीडियो के जरिए सपना चौधरी ट्रोलर्स को करारा जवाब देती हुई नजर आ रही हैं. वीडियो को शेयर करते हुए सपना ने कैप्शन में लिखा, 'मेरे बारे में आप क्या सोचते हैं वो मुझे डिफाइन नहीं करता कि मैं कौन हूं'. इस वीडियो पर एक फैन ने कमेंट करते हुए लिखा, 'गजब सपना जी', तो दूसरे फैन ने अपना रिएक्शन देते हुए लिखा, 'आप तो हमारी ब्यूटी और डांसिंग क्वीन हैं '.

     

     

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

    दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना ने सोमवार को एक आदेश जारी करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस सभी रैंक के अफसर व स्टाफ अब अपनी वर्दी पर दाहिने तरफ नेमप्लेट के ऊपर नए तरीके का प्रतीक चिह्न लगाएंगे. लाल व नीले रंग के मिश्रण वाले इस प्रतीक चिह्न में बीच में इंडिया गेट की तस्वीर है. प्रतीक चिह्न में ऊपर दिल्ली पुलिस व नीचे फॉर द नेशनल कैपिटल लिखा हुआ है. यह कढ़ाई व मेटल दो तरह के वर्जन में लॉन्च किया गया है. आदेश में कहा गया है कि 1954 में भारत के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने दिल्ली पुलिस को लाल व नीले रंग का प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया था. ऐसे में आवश्यक है कि हम अपने संगठन के उक्त विलक्षण सम्मान को याद रखें.

    गौरतलब है कि बॉलीवुड फिल्मों की क्लिप का इस्तेमाल करके मीम्स बनाने से लेकर इंस्टाग्राम रील के उपयोग तथा ऑनलाइन संवाद सत्र आयोजित करने तक, दिल्ली पुलिस जनता से जुड़ने, साइबर और वित्तीय अपराधों के बारे में जागरूकता फैलाने तथा अपनी नागरिक केंद्रित पहल को प्रदर्शित करने के वास्ते सोशल मीडिया का सहारा ले रही है. दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने गत 3 फरवरी को ट्विटर के जरिये राजधानीवासियों के साथ बातचीत की और उन्हें अन्य बातों के अलावा पुलिस द्वारा की गईं नई पहल के बारे में जानकारी दी. दिल्ली पुलिस ने 4 फरवरी को साइबर सुरक्षा को लेकर ‘आस्क मी एनीथिंग' (मुझसे कुछ भी पूछें) सत्र का लाइव आयोजन किया था. ‘वैलेंटाइन वीक' के प्रति युवाओं के जुनून को भुनाने के प्रयास के तहत दिल्ली पुलिस ने ‘प्रॉमिस डे' को लोगों से अपील की कि वे संकट की स्थिति में आपात नंबर 112 डायल करने का वादा करें.

    इन सब प्रयासों के पीछे दिल्ली पुलिस का सोशल मीडिया केंद्र है, जिसकी निगरानी विशेष शाखा इकाई करती है. अधिकारियों ने बताया कि इस टीम में क्रिएटिव और तकनीकी पृष्ठभूमि के युवा हैं, जिनमें से किसी की भी उम्र 35 साल से अधिक नहीं है. अस्थाना ने बताया कि दिल्ली पुलिस उन लोगों को सूचित करना और उन्हें सशक्त बनाना जारी रखना चाहती है जिनकी वह सेवा करती है. सोशल मीडिया आज हमारे पास जनसंचार और जनसंपर्क के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपकरणों में से एक है. हम इस अवसर को प्रभावी तरीके से भुनाने को लेकर खुश हैं. यह हमारे नागरिक केंद्रित दृष्टिकोण के अनुरूप है.''उन्होंने कहा, 'सोशल मीडिया न केवल भविष्य बल्कि सूचना प्रवाह का वर्तमान है। हमारे लिए, यह पुलिस को अंतिम बिंदु तक ले जाने और नागरिकों को हर रोज चौबीसों घंटे पहुंच प्रदान करने का एक तरीका है.'

     

     

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

    कर्नाटक के हिजाब विवाद में आज भी कर्नाटक हाईकोर्ट में सुनवाई होगी. इससे पहले कल (सोमवार, 14 फरवरी) सुनवाई के दौरान छात्राओं की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने कहा कि ऐसा कोई कानून नहीं है जो शैक्षणिक संस्थानों में हेडस्कार्फ़ के उपयोग पर रोक लगाता है. उन्होंने पूछा कि किस कानून का इस्तेमाल कर शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पहनने पर रोक लगाने का आदेश दिया गया है.
    कामत ने कहा कि हिजाब को संविधान द्वारा दी गई धार्मिक स्वतंत्रता के तहत संरक्षित किया गया है और कोई भी कॉलेज निकाय यह निर्णय लेने के लिए सक्षम नहीं है कि सार्वजनिक व्यवस्था के उल्लंघन को देखते हुए इसे प्रतिबंधित किया जा सकता है या नहीं?

    कामत ने कहा कि हिजाब को पवित्र कुरान के इस्लामी ग्रंथ द्वारा अनिवार्य बनाया गया है. लिहाजा, "हमें किसी अन्य प्राधिकरण के पास जाने की आवश्यकता नहीं है और इसे संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत संरक्षित किया गया है." उन्होंने कहा कि मुस्लिम लड़कियां सिर पर स्कार्फ़ पहनकर किसी को चोट नहीं पहुँचा रही है., उन्होंने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता पर तभी रोक लगाई जा सकती है जब यह सार्वजनिक व्यवस्था में हस्तक्षेप करे.

    हिजाब पर बैन के खिलाफ अपील करने वाली छात्रों के वकील देवदत्त कामत ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय भी यूनिफॉर्म के रंग के हिजाब की अनुमति देते हैं, भले ही उनकी भी यूनिफॉर्म है. मुस्लिम लड़कियों को वर्दी के रंग का हेडस्कार्फ पहनने की अनुमति है. जब केंद्रीय विद्यालय में अनुमति है तो राज्य सरकार के स्कूलों में क्यों नहीं है. इस बीच कर्नाटक सरकार ने 16 फरवरी से प्री यूनिवर्सिटी कॉलेज खोलने का फैसला किया है.

     

     

    रायपुर /शौर्यपथ/

    राज्यपाल अनुसुईया उइके ने अभ्यर्थियों एवं विद्यार्थियों के हितों को देखते हुए बस्तर और सरगुजा संभाग के सभी जिले तथा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही व कोरबा के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में सहायक शिक्षकों की भर्ती में स्थानीय निवासी होने की अनिवार्यता को शिथिल करने संबंधी राज्य शासन के प्रस्ताव पर अपनी स्वीकृति दे दी है।

    उल्लेखनीय है कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल, शैक्षणिक गुणवत्ता की दृष्टि से शासन की महत्वपूर्ण योजना है, जिसके लिए अंग्रेजी माध्यम का शिक्षक होना अनिवार्य है। शासन द्वारा जारी पूर्व निर्देशों में इन अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में सहायक शिक्षकों की भर्ती के लिए अभ्यर्थी को संबंधित जिले का निवासी होने की अनिवार्यता की शर्तों का उल्लेख किया गया था, किन्तु बस्तर व सरगुजा संभाग के जिलों तथा कोरबा व गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में शिक्षित पात्र उम्मीद्वारों की कमी को देखते हुए शासन ने सहायक शिक्षक के पदों की भर्ती हेतु इन जिलों में स्थानीय निवासी होने की शर्त को शिथिल करना प्रस्तावित किया, जिस पर राज्यपाल ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। जिससे अब इन जिलों के स्वामी आत्मानंद स्कूलों में रिक्त पद शीघ्र भरे जा सकेंगे।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने आज अंबिकापुर जिले के ग्राम भिट्ठीकला, सुखरी एवं कालापारा में जल जीवन मिशन के तहत घर-घर तक पहुंचाए जा रहे नल जल के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाकर ग्रामीणों के घरों तक नल जल की सुविधा देने का कार्य प्राथमिकता से किया जाए।

    अपर मुख्य सचिव ने निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों से बात की और नल जल की सुविधा का लाभ लेने के साथ उसकी देखभाल की जिम्मेदारी लेने की समझाईश दी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पंचायतों में ग्रामसभा आयोजित करायें जिसमें नल जल के सदुपयोग और उसके देख-भाल के बारे में जागरूक करें। उन्होंने कहा कि घर के सामने लगाए जा रहे टेप नल की सुरक्षा की सामूहिक जिम्मेदारी ग्रामीणों को दें। ग्राम कालापारा में नल जल के निरीक्षण के दौरान एसीएस ने सरपंच  बिलॉसो मरकाम से बातचीत की और नल जल के बारे में लोगों को जागरुक करने कहा ताकि लोग इसका ज्यादा से ज्यादा लाभ ले सकें। उन्होंने कालापारा में नवनिर्मित पानी टंकी तथा क्लोरीनीकरण कक्ष का भी अवलोकन किया। इसके पश्चात उन्होंने पानी टंकी के पास स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कालापारा का निरीक्षण किया। जल जीवन मिशन के तहत जिले के सभी स्कूलों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, अस्पतालों तथा ग्रामों में टेप नल की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। इस अवसर पर कलेक्टर संजीव कुमार झा, जिला पंचायत के सीईओ विनय कुमार लंगेह, सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे की अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित महानदी मंत्रालय भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ टी-कॉफी बोर्ड की बैठक में बस्तर एवं सरगुजा संभाग में चाय और कॉफी की खेती के रकबे को विस्तारित करने तथा बस्तर में उत्पादित कॉफी की मार्केटिंग के लिए प्राइवेट कंपनियों से एमओयू किए जाने का निर्णय लिया गया। बस्तर में उत्पादित कॉफी के विक्रय सह-मार्केटिंग के लिए रायपुर एवं नई दिल्ली में बस्तर कैफे प्रारंभ किए जाने की पहल की गई है। यहां यह उल्लेखनीय है कि बस्तर में उत्पादित कॉफी के लिए विक्रय सह-मार्केटिंग फिलहाल जगदलपुर में बस्तर कैफे का संचालन किया जा रहा है।

    मंत्री रविन्द्र चौबे ने बस्तर सहित राज्य के सरगुजा संभाग के पठारी इलाकों में चाय एवं कॉफी की खेती को बढ़ावा देने के लिए सर्वे कर प्रोजेक्ट बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस्तर में उत्पादित कॉफी के मार्केटिंग के लिए निजी कंपनियों से इस शर्त के साथ एमओयू किया जाए कि कॉफी के ब्रांडनेम में बस्तर का नाम अनिवार्य रूप से शामिल होगा। उन्होंने इसकी प्रोसेसिंग के लिए मशीन की स्थापना के लिए आवश्यक राशि का प्रबंध डीएमएम फंड से सुनिश्चित किए जाने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों को सुकमा जिले में भी कॉफी की खेती के लिए एरिया चिन्हांकित करने के निर्देश दिए।

    बैठक में जानकारी दी गई कि दरभा में 20 एकड़ में लगाए गए कॉफी प्लांटेशन से उत्पादन होने लगा है। प्रथम चरण में 8 क्विंटल कॉफी का उत्पादन हुआ है, जिसका उपयोग जगदलपुर में संचालित बस्तर कैफे के माध्यम से किया जा रहा है, जहां प्रतिदिन दो किलो कॉफी की खपत हो रही है। उत्पादित मात्रा के उपयोग एवं मार्केटिंग के लिए कम से कम तीन कैफे और प्रारंभ किए जा सकते हैं। बस्तर कॉफी की ब्रांडिंग के लिए रायपुर एवं दिल्ली में एक-एक कैफे शुरू किए जाने की बात कही गई।

    बैठक में बताया गया कि बस्तर के दरभा में वर्ष 2021 में 55 एकड़ में कॉफी की खेती की गई है। बस्तर जिले में अभी कुल 5108 एकड़ में कॉफी की खेती प्रस्तावित है, जिसमें तोकापाल ब्लाक के 9 गांवों में 1075 एकड़, लोहांडीगुड़ा के 11 गांवों में 1027 एकड़, बस्तानार के 14 गांवों में 1445 एकड़, बकावण्ड के 7 गंावों में 460 एकड़ में तथा दरभा ब्लाक के 13 गांवों में 1101 एकड़ में कॉफी की खेती प्रस्तावित है।

    बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि दरभा में कृषि महाविद्यालय जगदलपुर द्वारा 245 एकड़ में कॉफी प्लांटेशन की तैयारी पूरी कर ली गई है। उद्यानिकी विभाग द्वारा कॉफी बोर्ड बैंगलोर से चंद्रगिरी किस्म का 2.50 क्विंटल प्रमाणित बीज प्राप्त किए जाने की कार्यवाही की जा रही है, इससे 5 लाख पौधे तैयार किए जाएंगे, जिसका रोपण 500 एकड़ रकबे में किया जाएगा। इसी तरह कृषि महाविद्यालय जगदलपुर द्वारा कॉफी बोर्ड बैंगलोर से एक क्विंटल प्रमाणित बीज प्राप्त कर दो लाख पौधे तैयार किए जाएंगे। जिसका रोपण 200 एकड़ में किया जा सकेगा।

    बैठक में बताया गया कि बस्तर जिले में प्रतिवर्ष 1000 एकड़ में कॉफी की खेती को विस्तारित किए जाने का लक्ष्य है। वर्ष 2026 तक 5820 एकड़ में इसकी खेती होने लगेगी। शासन की विभिन्न योजनाओं के से कॉफी की खेती को बढ़ावा दिए जाने का कार्य किया जा रहा है। बैठक में जशपुर जिले में चाय की खेती को बढ़ावा देने की कार्ययोजना तथा टी-कॉफी उत्पादन हेतु आवश्यक संसाधनों के संबंध में भी चर्चा की गई। बैठक में उद्योग मंत्री कवासी लखमा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह, टी-कॉफी बोर्ड के प्रबंध संचालक अरूण प्रसाद, उद्यानिकी संचालक माथेश्वरन वी. सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

     

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