September 17, 2026
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    बिलासपुर

    बिलासपुर (234)

    बिलासपुर। शौर्यपथ। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र कोनी में 17 मार्च को सवेरे 10.30 बजे से दोपहर 3 बजे तक निःशुल्क विशेष रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें 20 निजी प्रतिष्ठानों द्वारा सेल्स असिस्टेंट, सेल्स मैनेजर, एकांउटेंट, इंश्योरेस एडवाईजर, नर्सिंग, फार्मेसी आदि जैसे 306 विभिन्न पदों पर भरती की कार्यवाही की जाएगी, जिसमें से 206 पद महिलाओं के लिए है। रोजगार मेला में महिलाओं के लिए पृथक से काउंटर की व्यवस्था रहेगी। रोजगार मेेला में बिल्डर, ऑटोमोबाईल, हास्पिटल, इंश्योरेंश, कृषि एवं शैक्षणिक सेक्टरों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों के लिए निर्धारित योग्यता पदों के अनुसार 10वीं, 12वीं, ग्रेजुएशन, आई.टी.आई., नर्सिंग, एम.बी.ए. आदि निर्धारित की गई है।

    बिलासपुर । शौर्यपथ । बिलासपुर संभाग में पर्यटन को बढ़ावा देने तथा पर्यटन गतिविधियों से जुड़े हुए निजी एवं शासकीय संस्थाओं को पर्यटन से लाभ पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा बिलासपुर में क्षेत्रीय कार्यालय सह पर्यटन सूचना केन्द्र का शुभारंभ किया गया। छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष श्री अटल श्रीवास्तव एवं अन्य अतिथियों ने प्रताप चौक स्थित राघवेन्द्र भवन में क्षेत्रीय पर्यटक सूचना केंद्र का शुभारंभ किया। 

    इस मौके पर पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री अटल श्रीवास्तव ने बताया कि क्षेत्रीय कार्यालय से बिलासपुर संभाग के मुख्य पर्यटन केंद्रों खूंटाघाट जलाशय, अचानकमार अभ्यारण्य, मल्हार, ताला, रतनपुर, हसदेव बांगों, सतरेंगा, मदकूद्वीप आदि अनेक पर्यटन स्थलों में पर्यटकों के मूलभूत सुविधाओ के विकास के लिए सम्बन्धित विभागों के समन्वय से जल्द कार्यवाही की जाएगी। 

    इस केन्द्र से सभी प्रकार के पर्यटन सम्बन्धी समस्त जानकारियां प्रदान की जाएगी । साथ ही क्षेत्रीय कार्यालय से बिलासपुर संभाग के भीतर सभी जिलों में पर्यटन गतिविधियों के समन्वय से पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।

        राज्य में पर्यटन की अपार संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के कार्य विस्तार के लिए बिलासपुर क्षेत्रीय कार्यालय सह पर्यटक सूचना केन्द्र से प्रदेश भर के पर्यटन मंडल द्वारा संचालित होटल मोटल रिसोर्ट आरक्षण, पर्यटन संबंधी समस्त जानकारी, छत्तीसगढ़ पर्यटन के प्रचार-प्रसार एवं बिलासपुर संभाग के पर्यटन उत्पादों को शामिल कर पर्यटकों को आकर्षित करने का प्रयास किया जाएगा।

    बुजुर्गों में होने वाली संचारी व गैर-संचारी बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार की दी गई जानकारी

        बिलासपुर / शौर्यपथ /  अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में वृद्धजनों के स्वास्थ्य की विशेष रूप से जांच की गई। इस दौरान  बुजुर्गों में होने वाले संचारी व गैर-संचारी बीमारियों की जैसे डाइबिटीज, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, शारीरिक कमजोरी एवं हड्डी रोग संबंधी समस्याओं की जांच की गई। साथ ही इन बीमारियों की रोकथाम और उपचार के बारे में जानकारी भी दी गई।
    वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, संरक्षण तथा सम्मान के प्रति लोगों में जागरूकता के लिए प्रतिवर्ष 1 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जाता है। इसके साथ ही अक्टूबर माह को वयोवृद्ध माह के रूप में मनाया जाता है। इसी के मद्देनजर इस विशेष दिवस पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में लगे स्वास्थ्य शिविर में कुल 85 .वयोवृद्धों के स्वास्थ्य की जांच और परामर्श प्रदान किया गया। साथ ही साथ हड्डी संबंधी रोगों से पीड़ित बुजुर्गों को निःशुल्क छड़ी प्रदान की गई। वहीं नेत्रजांच कर मरीजों का निःशुल्क चश्मा बनाया गया और उन्हें निःशुल्क दवाएं भी उपलब्ध कराई गई। साथ ही स्वस्थ्य जीवन शैली अपनाने के लिए बुजुर्गों को प्रोत्साहित भी किया गया। इस संबंध में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील हंसराज ने बताया: “वयोवृद्धों की सुरक्षा, संरक्षण तथा सम्मान के प्रति लोगों में जागरूकता के लिए प्रतिवर्ष 1 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जाता है। इसके तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में बुजुर्गों के स्वास्थ्य परामर्श, जांच एवं उपचार के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया। जिसमें विभिन्न जांच और परामर्श के साथ ही जरूरतमंद मरीजों को छड़ी और चश्मा निःशुल्क प्रदान किया गया। साथ ही अक्टूबर माह को वयोवृद्ध माह के रूप में मनाया जाता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में आमदिनों में भी वृद्धजनों को स्वास्थ्यलाभ दिए जाने का लगातार प्रयास किया जाता है। वयोवृद्ध माह के दौरान भी केन्द्र में 15 अक्टूबर तक वृद्ध मरीजों के लिए  विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्हें स्वस्थ्य जीवन शैली अपनाने के लिए बुजुर्गों को प्रोत्साहित किया जाएगा। “
    बताते चलें वृद्धों एवं प्रौढ़ों के साथ होने वाले अन्याय, उपेक्षा और दुर्व्यवहार पर लगाम लगाने के उद्देश्य से हर साल अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस (International Day of Older Persons) मनाया जाता है। इस वर्ष "रिजिलेंस ऑफ ओल्डर पर्सन इन चेंजिंग वर्ल्ड विद स्पेशल फोकस ऑन ओल्डर विमेन (Resilience Of Older Person in Changing World with special focus on older women)" की थीम पर यह दिवस मनाया जा रहा है।
    छड़ी और चश्मा पाकर मिली खुशी- क्षेत्र के 65 वर्षीय सुखदेव साव जो लंबे समय से पैरों और जोड़ों में दर्द से पीड़ित थे। सुखदेव ने बताया: “क्षेत्र के मेडिकल स्टोर से दवाएं और तेल लाकर पैरों में लगाता था। कुछ दिन थोड़ा आराम मिलता मगर फिर दर्द बढ़ जाता जिससे मुझे चलने-फिरने में काफी दिक्कत हो रही थी। मितानिन ने  मुझे स्वास्थ्य शिविर के बारे में बताया तो मैंने यहां आकर जांच कराई। चिकित्सकों ने जांच कर मुझे दवाएं और छड़ी भी दी। साथ ही नियमित व्यायाम करने की सलाह दी है।“ इसी तरह सुखीबाई की आंख से कम दिखता था, उनकी आंखों की जांच कर उन्हें चश्मा दिया गया। चश्मा पाकर सुखीबाई ने बताया: “स्वास्थ्य शिविर में मेरे आंखों के साथ ही रक्तचाप, डाइबिटीज की भी जांच हुई। चिकित्सकों ने वृद्धावस्था में होने वाली बीमारियों के बारे में भी बताया। साथ ही मुझे कुछ दवाएं और चश्मा भी दिया है। जिससे पढ़ने में  अब मुझे परेशानी नहीं होगी। “

    बिलासपुर / शौर्यपथ /

    विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के उपलक्ष्य में महादेव नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं के लिए ‘आत्महत्या रोकथाम कार्यशाला सह परिचर्चा’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मानसिक चिकित्सालय सेंदरी के विशेषज्ञों ने मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान और इसके निदान के संबंध में विस्तार से जानकारी दी साथ ही मानसिक अस्वस्थता की वजह से आत्महत्या जैसे विचार के आने और इन विचारों के निदान तथा तनाव प्रबंधन के बारे में भी जानकारी प्रदान की।

    नर्सिंग छात्र छात्राओं को गतिविधि के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और भविष्य में आने वाली परेशानियों को बेहतर ढंग से हल करनेके उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से तनाव से दूर रहने, मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं, आत्महत्या करने के पूर्व के लक्षणों की पहचान करने,तनाव एवं अवसाद होने पर अपनी पसंदीदा कार्य कर ध्यान को भटकाने, मेडिटेशन, योगा द्वारा जीवन प्रबंधन के संबंध में बताया गया। साथ ही जीवन अनमोल है, इसे संवारने के बारे में भी विस्तार से बताया।  मानसिक चिकित्सालय सेंदरी की नर्सिंग ऑफिसर एंजलीना वैभव लाल ने बताया: “लंबे समय तक तनाव न केवल मानसिक स्वास्थ्य बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है। एक चिकित्सक ही व्यक्ति के मानसिक, शारीरिक और व्यवहार संबंधी संकेतों के आधार पर तनाव का निदान कर सकता है। जैसे किसी व्यक्ति में ध्यान केंद्रित करने में असमर्थता, याददाश्त में कमी या भूलने की बीमारी, चिंतातुर रहना, चिड़चिड़ापन रहना, नींद कम आना और लोगों से दूरी बनाकर रहना आदि लक्षणों को देखकर उसके मानसिक अस्वस्थता और तनाव की पहचान की जा सकती है। चिकित्सक इसको देखकर फौरन उस व्यक्ति को उचित परामर्श देता है।“  इस मौके पर स्पर्श क्लिनिक के प्रशांत पांडेय ने बताया: ”भागमभाग जिंदगी और तमाम तरह की समस्याओं की वजह से आज हर व्यक्ति तनावग्रस्त है। तनाव भी एक तरह की मानसिक समस्या है। इसकी वजह से कई बार व्यक्ति अपनी जिंदगी को समाप्त करने की कोशिश भी करता है। इसलिए तनाव प्रबंधन पर ध्यान देते हुए तनाव से दूर रहना चाहिए।  तनाव के प्रबंधन का पहला चरण तनाव के मूल कारण का पता लगाना है क्योंकि तनाव प्रबंधन के तरीके तब तक प्रभावी नहीं होंगे जब तक  मूल कारण की पहचान न हो जाए। तनाव को खत्म करने की कोशिश करना तनाव प्रबंधन का दूसरा कदम है। व्यवहार में बदलाव लाना और कुछ आसान तकनीकों जैसे समय प्रबंधन करना, दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताना, व्यायाम, मेडिटेशन कर, पर्याप्त नींद लेना, नकारात्मकता से बचना तथा  संगीत सुनकर तनाव को खत्म किया जा सकता है।“

    घबराएं नहीं, खुलकर करें बात - कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के लक्षण, पहचान और उपचार के संबंध में बताया। उन्होंने बताया,"मानसिक अस्वस्थता की स्थिति हो तो घबराएं नहीं बल्किऐसी स्थिति में जिला अस्पताल के स्पर्श क्लीनिक के माध्यम से मानसिक रोगी निशुल्क परामर्श एवं उपचार प्राप्त कर सकता है। काउंसिलिंग के माध्यम से लोगों की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का निदान होता है। इसलिए मानसिक बीमारियों या समस्याओं को छिपाएं नहीं बल्कि इस पर खुलकर बात करें। चिकित्सकों, परिवार के लोगों या दोस्तों से इस संबंध में बातें करें। ताकि मानसिक समस्या का समाधान खोजा जा सके।"

    गंभीर बीमारी से जुझ रहे जिले के 113 मरीजों के लिए योजना बनी संजीवनी

    बिलासपुर / शौर्यपथ /

    राज्य शासन द्वारा प्रदेश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना जरूरतमंद लोगों के लिए उम्मीद की नयी किरण लेकर आई है। इस योजना में गंभीर एवं दुर्लभ बीमारियों के उपचार के लिए 20 लाख रूपए तक विशेष उपचार सहायता लोगों को दी जाती है। छत्तीसगढ़ एकमात्र ऐसा राज्य है जहां इलाज हेतु इतनी बड़ी राशि लोगों को दी जा रही है। जरूरतमंद लोगों के लिए यह योजना संजीवनी साबित हो रही है। जिले में मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत वर्ष 2021 में 77 लोग लाभान्वित हुए है एवं इस वर्ष माह जनवरी से अब तक 36 लोग लाभान्वित हो चुके है।

    मोपका के 6 वर्षीय बालक सात्विक राय के लिए भी यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। सात्विक एक गंभीर त्वचा रोग एपिडर्माेलिसिस बुलोसा से ग्रसित है। यह एक दुर्लभ बीमारी है। जिसके इलाज में काफी पैसों की जरूरत पड़ती है। सात्विक के पिता श्री प्रदीप कुमार ने बताया कि उन्हें इस योजना के बारेे में उनके मित्र से जानकारी मिली। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना में आवेदन करने के दो माह के भीतर ही 15 लाख रूपए राज्य शासन द्वारा सात्विक के इलाज के लिए स्वीकृत हो गया। उन्होंने सात्विक का इलाज क्रिश्चन मेडिकल कॉलेज वेल्लोर में करवाया। इलाज के बाद सात्विक की स्थिति अभी ठीक है। श्री प्रदीप कुमार राज्य शासन को धन्यवाद देते हुए कहते हैं कि जरूरतमंद लोगों को लिए यह योजना काफी मददगार साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि इस योजना से मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के बड़े तबके के स्वास्थ्य की सुध ली है। सात्विक के इलाज के लिए इतनी बड़ी राशि एकत्र कर पाना उनके लिए कतई संभव नहीं था। शासन द्वारा दी गई मदद से आज उनके बच्चे का इलाज हो पाया है। प्रदेश के नागरिकों को दुर्लभ एवं गंभीर बीमारियों के लिए नगद रहित उपचार का लाभ दिलाने की दिशा में यह योजना एक महत्वपूर्ण कदम है।

    मुख्यमंत्री ने भेंट-मुलाकात से पहले माता नागेश्वरी देवी मंदिर पहुँचकर किए दर्शन

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल अपने प्रदेशव्यापी भेंट-मुलाकात के क्रम में आज से बिलासपुर संभाग में कार्यक्रम का आग़ाज़ किया। बिलासपुर संभाग में भेंट-मुलाक़ात की शुरुआत के लिए मुख्यमंत्री श्री बघेल ने सबसे पहले गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ज़िले को चुना है। मरवाही पहुँचने पर मुख्यमंत्री का स्थानीय जनप्रतिनिधियों व आम जनता ने गमछा व चरखे से काते गए सुत धागा पहनाकर आत्मीय स्वागत किया।
    मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज मरवाही में भेंट-मुलाक़ात से पहले माता नागेश्वरी देवी मंदिर पहुंचे और पारंपरिक विधि-विधान से देवी मां की पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने माता नागेश्वरी देवी से छत्तीसगढ़वासियों के सुख, समृद्धि एवं ख़ुशहाली की कामना की। स्थानीय लोगों के मुताबिक़ यहाँ नागेश्वरी देवी की प्रतिमा स्वयंभू प्रकट हुई हैं। वहीं पुरातात्विक दृष्टि से लगभग 10वीं शताब्दी की बतायी जाती हैं। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने देवी मां के दर्शन व पूजा-अर्चना के बाद मंदिर परिसर में कदम्ब, नीम और पीपल का पौधा रोपा और उस पर पानी सींचते हुए हरियाली व पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर विधायक डॉ के.के. धु्रव सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

    बिलासपुर /शौर्यपथ/

    कमिश्नर डॉ. संजय अलंग एवं आईजी  रतनलाल डांगी ने आज अपोलो अस्पताल का दौरा कर राहुल के स्वास्थ्य का जायजा लिया। लगभग 105 घंटे तक बोरवेल में फंसे जांजगीर जिले के ग्राम पिहरीद निवासी राहुल साहू का अत्याधुनिक एवं सर्वसुविधायुक्त अपोलो अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है। आज यहां अस्पताल में राहुल के स्वास्थ्य की जानकारी लेने संभागायुक्त डॉ. संजय अलंग एवं आई जी श्री रतन लाल डांगी पहुंचे। उन्होंने इलाज कर रहे डॉक्टरों से चर्चा कर उनके स्वास्थ्य एवं इलाज की जानकारी ली और मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी के निर्देशों के अनुरूप बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में राहुल के माता-पिता एवं परिजनों से भी मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। संभागायुक्त डॉ. अलंग ने राहुल के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि राहुल ने बहुत हिम्मत दिखाई। गौरतलब है कि राहुल साहू को कल 60 फीट गहरे बोरवेल से सुरक्षित रूप से निकाल लिया गया । ग्रीन कॉरीडोर बनाकर उसे देर रात अपोलो अस्पताल लाया गया। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि राहुल की स्थिति अभी स्थिर है और वह खाना खा रहा है।

    नवागढ़ /शौर्यपथ/

    पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय राजनांदगांव 77 वा नव आरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण सत्र 2021- 22 के दीक्षांत सम्मान समारोह में नवागढ़ ब्लाक के होनहार युवा पुलिस आरक्षक मोहम्मद जुनैद खान पिता रशीद खान को राजनांदगांव पीटीएस में सभी विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दुर्ग रेंज आईजी बीएन मीणा एवं एसपी राजनांदगांव इरफानुल शेख व अन्य अधिकारियों के द्वारा चेक, मेडल कप व प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया। इस सम्मान समारोह में उनके अभिभावकों को भी आमंत्रित किया गया था। इस सम्मान से नवागढ़ शहर में खुशी की लहर है।

    सम्मान पर शहर के इमाम तुफैल रजा,मुतवल्ली सज्जाक क़ुरैशी, सदर हनीफ खान, इस्माइल खान , जियाउल खान, जलील खान,जिब्राइल खान, महबूब खान, लतीफ खान,नवाब खान,हीरू खान,रउफ खान,राजा खान, बशीर खान, अड्डू खान, फिरोज खान,कादर खान, डागा खान,जाहिद अली,जुनैद खान,मोहसिन खान व अन्य ने ख़ुशी जाहिर की है।

    गौरेला पेंड्रा मरवाही /शौर्यपथ/

    कलेक्टर  ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज जनपद पंचायत पेंड्रा के विभिन्न ग्रामों के गौठान, स्कूल, छात्रावास और आंगनबाडी केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होने मुख्यमार्गों में संचालित स्कूलों के बांउडरी वाल मंे स्वच्छ भारत मिशन और सर्व शिक्षा अभियान की आकर्षक पेंटिग कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होने ग्राम सकोला के स्कूल-हॉस्टल कैंपस में खेल-मैदान, पाथ-वे, गार्डन, घास आदि लगाकर सोदर्यीकरण करने तथा पुस्तकालय में पुस्तकों के व्यवस्थित रखरखाव सहित छोटे और बड़े बच्चों के लिए उचित बैठक व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

    निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ग्राम गोढ़ा के गौठान में स्व सहायता समूहो द्वारा किए जा रहे कार्यो की जानकारी ली तथा गौठान में वृक्षा रोपण करने के निर्देश दिए। उन्होने सभी गौठानों में स्व सहायता समूहों को सक्रिय करते हुए आजीविका गतिविधियां से जोड़ने और गौठानों में वृक्षा रोपण, बकरी पालन, मुर्गी पालन आदि मल्टीएक्टिविटि कार्याें के लिए योजना बनाकर कार्य करने कहा। उन्होने ग्राम गोढ़ा के शासकीय प्राथमिक शाला, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला और आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होने स्कूल के अधूरे बांउड्रीवाल, निर्माण की जानकारी ली तथा जल्द से जल्द निर्माणकार्य पूर्ण करने कहा। उन्होने स्कूल कैंपस में बालका और बालिकाओं के लिए शौचालय व्यवस्था के निर्देश दिए तथा आंगनबाड़ी केंद्र का रंगाई-पोताई कराए जाने कहा। उन्होने मनरेगा के तहत ग्राम गोढ़ा के हितग्राही कार्तिक पेंद्रो के यहा निर्माणाधीन कुआं का निरीक्षण किया तथा उपस्थित सरपंच को आवश्यकतानुसार गांव में और भी कुंआ निर्माण का कार्य कराए जाने कहा। उन्होंने जनपद पंचायत पेण्ड्रा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को मनरेगा के लंबित भुगतान जल्द कराने के निर्देश दिए।

    उन्होंने सकोला के स्कूल-हॉस्टल कैंपस में संचालित विभिन्न भवनों, पुस्तकालय कक्ष, मैदान, बाउंड्रीवाल आदि का व्यवस्थित विकास करने कहा, जिससे इस कैंपस की जिले में एक अलग पहचान बन सके। उन्होंने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, शिक्षा विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से स्कूल कैंपस का व्यवस्थित विकास करने के निर्देश दिए है। उन्होने परिसर में स्थित प्री मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास के बाउंड्रीवाल का मरम्मत करने, हास्टल में वृक्षा रोपण करने और साफ-सफाई रखे जाने के निर्देश दिए। उन्होने स्कूल कैंपस सहित ग्राम पंचायत सकोला में कचरा के उचित प्रबंधन के लिए कार्य करने कहा। इसके साथ ही उनके द्वारा ग्राम पंचायत भाड़ी के शासकीय प्राथमिक शाला में पुस्तकालय और किताबों का पिटारा के लिए चिन्हांकित भवन, आदिमजाति कल्याण विकास पूर्व माध्यमिक शाला और कन्या पूर्व माध्यमिक शाला एवं प्राथमिक शाला भाड़ी के लिए किए गए शौचालय उन्नयन कार्य का निरीक्षण किया। उन्होने जलजीवन मिशन के तहत पेयजल व्यवस्था और पानी निकासी की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पेंड्रा श्रीमती इंदिरा मिश्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

     

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