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March 10, 2026
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दुर्ग

दुर्ग (5001)

   भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई इस्पात संयंत्र के सामग्री प्रबंधन विभाग द्वारा 21 नवम्बर को इस्पात भवन में महिला उद्यमियों एवं वेंडर्स के लिए वेंडर डेवलपमेंट कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य महिला उद्यमियों एवं वेंडर्स को भिलाई इस्पात संयंत्र के ई-निविदा पोर्टल (एसआरएम प्लेटफॉर्म) से जोडऩा, उन्हें निविदा प्रक्रिया की जानकारी देना तथा उनके व्यवसायिक विकास को प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम में लगभग 40 महिला उद्यमियों एवं वेंडर्स ने ऑनलाइन जूम मीटिंग माध्यम से भाग लिया। इस अवसर पर वेंडर डेवलपमेंट सेल के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ई-निविदा पोर्टल पर एक संक्षिप्त प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसमें निविदा के लिए लॉगिन करने, निविदा भरने की प्रक्रिया तथा तकनीकी पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी गई। वहीँ प्रतिभागियों के प्रश्नों के समाधान हेतु इंटरएक्टिव सेशन भी आयोजित किया गया, जिसमें वेंडर्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का संचालन वेंडर हेल्प डेस्क की श्रीमती उपासना देशमुख, एवं संदीप कुमार द्वारा किया गया व कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। विभागीय अधिकारियों ने प्रतिभागियों से अपील की कि वे संयंत्र के साथ अधिकाधिक व्यापारिक अवसरों का लाभ लें तथा सरकारी योजनाओं के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं का पूर्ण उपयोग करें।

  दुर्ग / शौर्यपथ / नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन अधिकारी यशवंत कुमार से विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान में हो रही गंभीर अनियमितताओं पर तत्काल संज्ञान लेते हुए कार्रवाई करने की मांग की है। डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची को शत-प्रतिशत शुद्ध एवं अद्यतन करने के लिए चलाए जा रहे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान में दुर्ग जिले के अधिकांश क्षेत्रों में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) पूरी तरह लापरवाही बरत रहे हैं। निर्वाचन आयोग के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि बीएलओ को प्रत्येक मतदाता के घर जाकर सत्यापन करना होगा,नए मतदाताओं का पंजीयन करना होगा तथा मृत,स्थानांतरित एवं दोहरे प्रविष्टियों को हटाना होगा।लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अभियान शुरू हुए 18 दिन से अधिक बीत जाने के बावजूद अधिकांश बीएलओ अपने बूथ क्षेत्र के घरों में नहीं जा रहे हैं।बीएलओ एक ही स्थान पर बैठकर फॉर्म बांट रहे हैं और भरवा रहे हैं। यह भारत निर्वाचन आयोग के नियमों का खुला उल्लंघन है। इससे न केवल नए मतदाताओं का पंजीयन प्रभावित हो रहा है,बल्कि जिन मतदाताओं के नाम गलती से कट गए हैं या जिन्होंने स्थानांतरण कराया है,उनके नाम भी सूची में जुडऩे से वंचित हो जाएंगे। इसका सीधा नुकसान आम मतदाता को होगा और लोकतंत्र की मूल भावना को ठेस पहुंचेगी।डॉ.प्रतीक उमरे ने कहा कि सबसे गंभीर बात यह है कि बीएलओ द्वारा नियमों के खिलाफ काम करने के बावजूद संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर (ईआरओ) कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। कई जगह में शिकायत के बाद भी बीएलओ को केवल खानापूर्ति के लिए चेतावनी दी जा रही है,जबकि नियमों के अनुसार ऐसी लापरवाही पर तत्काल निलंबन एवं एफआईआर जैसी कठोर कार्रवाई का प्रावधान है।उन्होंने इस विषय पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग मुख्य निर्वाचन अधिकारी से किया है।

  दुर्ग / शौर्यपथ / खुर्सीपार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आज सुबह नेशनल हाईवे रोड पर चंद्र क्रेन के पास एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने पीछे से बाइक को ठोकर मार दी। पीछे बैठी युवती सड़क पर गिर गई और ट्रक ने उसे कुचल दिया। घटनास्थल पर ही युवती की मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी ट्रेलर चालक वाहन सहित फरार हो गया। खुर्सीपार पुलिस के द्वारा मामला कायम कर विवेचना में लिया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक आज सुबह भिलाई तीन निवासी पिता के द्वारा राजनांदगांव ससुराल से पावर हाउस रेलवे स्टेशन पहुंची अपनी बेटी साक्षी द्विवेदी 29 वर्ष को बाइक में बैठ कर भिलाई तीन जा रहे थे। इसी दौरान पावर हाउस ओवर ब्रिज से उतारने के बाद चंद्र क्रेन के ठीक सामने नेशनल हाईवे रोड पर पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर के द्वारा बाइक को ठोकर मार दी गई। इस हादसे में साक्षी द्विवेदी सड़क पर गिर गई और ट्रेलर ने उसे कुचल दिया जिसके कारण उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक मृतका साक्षी द्विवेदी का विवाह राजनांदगांव में हुआ था अधिकांश शनिवार एवं इतवार को अपने मायके आई थी आज भी वह अपनी बीमार माता को देखने के लिए पहुंची थी इसी दौरान हादसे का शिकार हो गई।
इस मामले में खुर्सीपार पुलिस के द्वारा ट्रेलर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना की जा रही है।

  दुर्ग / शौर्यपथ / इंदिरा गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय वैशाली नगर भिलाई में में पी एम उषा के अंतर्गत "भारतीय लोकतंत्र में राजनीतिक एवं सामाजिक स्थायित्व के लिए मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रासंगिकता" विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
पीएम-उषा (प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान) का मुख्य उद्देश्य भारत में राज्य-संचालित उच्च शिक्षण संस्थानों में पहुंच, इक्विटी, जवाबदेही, सामर्थ्य और गुणवत्ता को बढ़ावा देकर उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है।
प्रथम सत्र में मुख्य अतिथि हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो ( डॉ ) संजय तिवारी थे। विषय विशेषज्ञ के रूप में डॉ सरिता कोल्हेकर( प्राध्यापक, शासकीय महाविद्यालय वारासिवनी, बालाघाट, मध्यप्रदेश), डॉ शकील हुसैन( प्राध्यापक, शास वी वाय टी स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग) ,डॉ प्रमोद यादव(प्राध्यापक ,एस. आर.सी. सुराना कॉलेज दुर्ग), डॉ अमरनाथ शर्मा ( प्राध्यापक शासकीय महाविद्यालय बोरी) ,डॉ डी एन सूर्यवंशी ( सेवानिवृत्त प्राचार्य) तथा डॉ एल. एस. गजपाल (प्राध्यापक, पं रविशंकर शुक्ला विश्वविद्यालय) उपस्थित थे।
जिन्होंने एस आई आर प्रक्रिया के विभिन्न पक्षों का विस्तार से विश्लेषण किया। अंतिम सत्र के मुख्य अतिथि भूपेन्द्र कुलदीप ( कुलसचिव, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय,दुर्ग) थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ अलका मेश्राम ने की । संयोजक डॉ किरण रामटेके, पी एम उषा संयोजक डॉ संजय दास , सह संयोजक डॉ चांदनी मरकाम तथा आयोजन सचिव प्रो अमृतेष शुक्ला रहे। 2 सत्रों में विभिन्न शोध केंद्रों तथा महाविद्यालय से आए 18 शोधार्थी तथा प्राध्यापकों ने अपने शोध पत्र का वाचन किया जिसमें प्रो सुरेश ठाकुर ( जिला स्तर मास्टर ट्रेनर) तथा तथा गिरिजा शंकर साव ( डी एस पी, कांकेर नक्सल ऑपरेशन) प्रमुख रहे। अतिथियों द्वारा संगोष्ठी स्मारिका का विमोचन तथा प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इस संगोष्ठी में पूरे राज्य से 69 शोध सारांश प्राप्त हुए। मंच संचालन समिति सदस्य डॉ कैलाश शर्मा, डॉ रबिंदर छाबड़ा, कौशल्या शास्त्री , प्रो महेश अलेंद्र, डॉ चांदनी मरकाम , डॉ रामा बनर्जी ने मंच संचालन का दायित्व निर्वहन किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक, ग्रंथपाल, क्रीड़ाधिकारी, अन्य महाविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी तथा छात्र छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

भारतीय ज्ञान केन्द्रित सफल सांस्कृतिक भोपाल प्रवास से लौटे आचार्य शर्मा

भिलाई /शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के शिक्षाविद आचार्य डॉ.महेश चन्द्र शर्मा सफल सांस्कृतिक - शैक्षणिक भोपाल प्रवास से लौटे। यह प्रवास राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भारतीय ज्ञान परम्परा पर केन्द्रित था। अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ डॉ. शर्मा ने पुस्तकों का आदान-प्रदान भी किया।
आचार्य शंकर सांस्कृतिक न्यास एवं मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा भारत भवन भोपाल में आयोजित एकात्म प्रेरणा संवाद में ब्राजील के पद्मश्री आचार्य जोनास लापेस मसेट्टी विशेष रूप से उपस्थित थे। आचार्य मसेट्टी ने ब्राजील में भी विश्वविद्या गुरुकुलम् स्थापित किया है। ढाई हजार से अधिक विद्यार्थी यहां वेदान्त का अध्ययन कर रहे हैं। प्रधान मन्त्री नरेन्द्र मोदी ने " मन की बात " में उनकी प्रशंसा करते हुवे उन्हें भारतीय संस्कृति का दूत कहा था। डॉ.शर्मा ने उन्हें अपनी पुस्तक " संस्कृति के चार सोपान" भेंट की , जिसकी सराहना करते हुवे उन्होंने साधुवाद दिया।
पद्मश्री मसेट्टी ने कहा वेदांत विज्ञान है जिससे हम अपने आपको जान सकते हैं। इस कार्यक्रम में उनके शिष्य और परिजन भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। भोपाल के सांस्कृतिक प्रवास के साथ नर्मदापुरम के बाबई गांव का साहित्यिक भ्रमण भी डॉ.शर्मा ने किया,यह प्रसिद्ध राष्ट्रीय कवि पं.माखनलाल चतुर्वेदी जी की जन्मभूमि है। आजकल इस स्थान को "माखन नगर" के नाम से जाना जाता है।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भोपाल परिसर में हुए आयोजन में केन्द्रीय संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली की अध्यक्ष संध्या पुरेचा, दिल्ली विश्वविद्यालय की साहित्य प्रोफेसर डॉ.मीरा द्विवेदी, पुणे के नाटक विशेषज्ञ सतीश पांवड़े एवं हरदा के नाट्यशास्त्र डॉ.देवेन्द्र पाठक द्वारा विश्व प्रसिद्ध ग्रन्थों श्रीमद्भगवद्गीता और भरत मुनि के नाट्यशास्त्र पर केन्द्रित भारतीय ज्ञान परम्परा का लाभ डॉ.महेशचन्द्र शर्मा को मिला। परिसर के निदेशक प्रो.हंसधर झा ने डॉ.शर्मा की पुस्तकों "साहित्य और समाज" एवं "गागर में सागर" की सराहना की। इस दौरान बेलूर मठ के प्रति कुलपति स्वामी आत्मप्रिया नन्द और अद्वैत आश्रम के स्वामी शुद्धिदा नन्द आदि को सुनने हजार से अधिक प्रोफेसर , शोधार्थी और विद्यार्थियों की उपस्थिति रही।

भिलाई। शौर्यपथ।  सामाजिक संस्था प्रजा सेवा समिति भिलाई ने अपनी संस्था के 18वें स्थापना दिवस के अवसर पर पी.एम.श्री शासकीय प्राथमिक शाला बालाजी नगर, खुर्सीपार में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति -निर्माण के अंतर्गत छत्तीसगढ़ शासन के विद्यालय में न्योता भोज का आयोजन किया। इसके साथ ही संस्था की ओर से विद्यालय के सभी बच्चों को कॉपी, कंपास, पेन का वितरण समिति एवं समाज के गणमान्य नागरिकों द्वारा प्रदान किया गया। उल्लेखनीय है कि प्रजा सेवा समिति विगत दशकों से शिक्षा, स्वास्थ्य, निर्धन कन्या विवाह रक्तदान, बेघरों के लिए आवास निर्माण करके देने का कार्य लगातार करते हुए आ रही है। इस न्योता भोजन के आयोजन में प्रजा सेवा समिति के सदस्यों के अलावा विभिन्न समाजों के गणमान्य नागरिक, शिक्षक शाला प्रबंधन समिति के सदस्य उपस्थित थे।

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दुर्ग। शौर्यपथ।

दुर्ग जिला पंचायत में चाय–नाश्ते के नाम पर भ्रष्टाचार का बड़ा खेल उजागर हुआ है। जनदर्शन में पहुंचे युवा कांग्रेस नेता यशवंत देशमुख ने एक गंभीर मामले की शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि जिला पंचायत कार्यालय द्वारा 50 रुपये के नाश्ता–चाय के लिए 230 रुपये की अवैध भुगतान किया गया है।

दो साधारण बिल… और उनमें छिपी सैकड़ों नहीं, हजारों रुपये की लूट—यह मामला अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है।

50 रुपये की चाय–नाश्ता ‘जादुई’ रूप से बना 230 रुपये!

 

शिकायत में बताया गया है कि

चाय — ₹10,नाश्ता — ₹30,पानी — ₹10

कुल वास्तविक लागत : ₹50 प्रति व्यक्ति

लेकिन जिला पंचायत कार्यालय ने इन साधारण वस्तुओं की प्रति प्लेट ₹230 का भुगतान कर दिया।यानी प्रति प्लेट ₹180 रुपये की सीधी लूट, जो एक मनरेगा मजदूर की एक दिन की मजदूरी से भी ज्यादा है।

सबसे चौंकाने वाली बात—यह भुगतान बिना GST बिल के किया गया, जो नियमों के पूर्ण विरुद्ध है।ग्राम पंचायतों में जहाँ बिना GST बिल के भुगतान नहीं किया जाता, वहीं जिला पंचायत जैसे उच्च कार्यालय में ही नियमों को ताक पर रखकर भुगतान किया गया… वो भी कई बार!

महिला स्व-सहायता समूह को छोड़ा गया, सड़क किनारे की छोटी दुकान को मिल गया हजारों का भुगतान!

जिला पंचायत ने गढ़ कलेवा का टेंडर महिला समूह को दिया है जहाँ सिर्फ ₹130 में पूरी स्पेशल थाली उपलब्ध है।इसके बावजूद चाय–नाश्ता के नाम पर 230 रुपये की खरीद कर दी गई!

सवाल उठता है—

? महिला समूह के उत्थान की बात सिर्फ कागजों पर ही क्यों?

? जब बेहतर विकल्प उपलब्ध था, तो फिर छोटी सी चाय दुकान को इतना बड़ा बिल किसकी सिफारिश पर?

खाली बिल का ‘चमत्कार’ — दुकानदार ने खोली पोल

 

चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि चौहान चाय–नाश्ता सेंटर के मालिक ने स्वयं कहा कि उन्होंने सिर्फ खाली बिल दिया था, उसमें लिखावट जिला पंचायत के द्वारा की गई या किसी और के द्वारा इसकी जानकारी नहीं है इस बिल मे उनके हस्ताक्षर भी नहीं है!

 

इससे यह साफ हो जाता है कि—

✔ बिल में हेरफेर कार्यालय में बैठकर की गई

✔ संख्या व दरें बाद में मनमानी तरीके से भरी गईं

✔ पूरी प्रक्रिया पूर्वनियोजित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है

राजस्व की डकैती या ‘चाय–नाश्ता घोटाला’?

 

कुछ ही घंटों के दो बैठकों का बिल 20 हजार और 35 हजार रुपये तक पहुंचा देना…यह कोई साधारण त्रुटि नहीं, बल्कि राजस्व की सीधी लूट है।

 

ऐसे में बड़ा सवाल—

क्या जिला प्रशासन इस खुली डकैती पर कठोर कार्रवाई करेगा

या फिर ‘अपना हिस्सा’ लेकर मौन साध लेगा?

क्योंकि अगर सिर्फ चाय–नाश्ते के दो बिलों में यह स्थिति है,तो अन्य बिलों की जांच में लाखों रुपये का घोटाला सामने आना कोई बड़ी बात नहीं!

 

 

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15वीं वित्त की राशि—जनहित के नाम पर भ्रष्टाचार का महाभोज

 

15वीं वित्त आयोग की राशि गांवों के विकास, बुनियादी सुविधाओं और जनहित के लिए होती है।

लेकिन यहां अधिकारियों ने उसे —

चाय–पानी और नाश्ते के नाम पर फर्जी बिल बनाकर ‘कमाई का जरिया’ बना दिया।

 

जब ग्राम पंचायत स्तर पर छोटी गलती पर भी

सरपंच–सचिव निलंबित कर दिए जाते हैं,

तो फिर जिला पंचायत जैसी उच्च इकाई में बैठे भ्रष्ट अधिकारी क्यों सुरक्षित हैं?

 

 

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कलेक्टर से कठोर कार्रवाई की मांग

 

युवा कांग्रेस नेता ने स्पष्ट मांग की है—

 

फर्जी भुगतान की तत्काल वसूली (रिकवरी) की जाए

 

संबंधित जिम्मेदार अधिकारी को निलंबित किया जाए

 

पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एवं व्यापक जांच कराई जाए

 

जिला पंचायत के सभी बिलों का ऑडिट कराया जाए

 

 

 

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प्रशासन की आँखें खोलने वाला प्रश्न

 

दुर्ग जिला में जहां आम जनता एक-एक रुपये की सुविधा का इंतज़ार करती है,

वहीं अधिकारी चाय के बिल पर ही हजारों रुपये उड़ा रहे हैं।

 

क्या शासन अब भी चुप रहेगा?

या फिर यह मामला उस ‘भ्रष्टाचार की चाय’ का पहला घूंट साबित होगा,

जो पूरे तंत्र की पोल खोल देगा?

बीच-बचाव करने पहुँची माँ और छोटे भाई पर भी हमला, तीनों आरोपी फरार, हत्या का मामला दर्ज

दुर्ग / शौर्यपथ / मामूली 2000 की उधारी ने एक युवक की जान ले ली। अंडा थाना क्षेत्र के शीतल तालाब शांति चौक में सोमवार रात करीब 9 बजे दो भाइयों और भांजे ने मिलकर युवक की डंडे और हाथ-मुक्कों से बेरहमी से पिटाई कर दी। घायल युवक की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। बीच-बचाव करने पहुँची उसकी माँ और छोटे भाई को भी आरोपियों ने पीटा। पुलिस ने तीनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घटना का सिलसिला — उधारी के पैसों पर बवाल से हत्या तक
जानकारी के अनुसार, मृतक ओंकारेश्वर सिन्हा निवासी अंडा, गुरुवार बाजार के पास रहता था। आरोपी अजीत धीवर**, उसका भाई **नमेश धीवर** और भांजा **चेतन धीवर** ओंकारेश्वर से ₹2000 की पुरानी उधारी को लेकर विवाद कर रहे थे। 11 नवंबर की रात, तीनों ने शांति चौक के पास ओंकारेश्वर को रोककर अश्लील गालियाँ दीं और पैसों की मांग को लेकर झगड़ा शुरू कर दिया।

इसी दौरान ओंकारेश्वर का छोटा भाई **नागेश्वर सिन्हा** और माँ **लक्ष्मी सिन्हा** को पास के युवक **लिकेश साहू** ने फोन पर झगड़े की सूचना दी। दोनों तुरंत मौके पर पहुँचे तो देखा कि तीनों आरोपी ओंकारेश्वर को धमका रहे हैं और पैसे नहीं लौटाने पर जान से मारने की बात कह रहे हैं। इसके बाद अजीत ने डंडे से और नमेश व चेतन ने हाथ-पैर से ओंकारेश्वर पर हमला बोल दिया।

**माँ-बेटे को भी नहीं छोड़ा आरोपियों ने**
बीच-बचाव करने पहुँची माँ लक्ष्मी सिन्हा और भाई नागेश्वर को भी हमलावरों ने पीटा। नागेश्वर के सिर, कलाई और नाक पर चोटें आईं जबकि माँ की पीठ पर गंभीर चोट लगी। किसी तरह परिजन घायल ओंकारेश्वर को घर लाए, पर कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन जब उसे जिला अस्पताल दुर्ग लेकर पहुँचे तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

**पुलिस ने दर्ज किया हत्या का मामला**
छोटे भाई नागेश्वर सिन्हा की रिपोर्ट पर अंडा पुलिस ने अपराध क्रमांक **0112/25** धारा **3(5)-BNS, 103-BNS, 351(3)-BNS, 115(2)-BNS, 296-BNS** के तहत आरोपियों **अजीत धीवर**, **नमेश धीवर** और **चेतन धीवर** के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

> **“सिर्फ ₹2000 की उधारी को लेकर इस तरह की निर्मम हत्या समाज के लिए शर्मनाक है। आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।”**
> — *अंडा थाना प्रभारी, दुर्ग पुलिस*

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क्या आप चाहेंगे कि मैं इस खबर को **“शौर्यपथ समाचार”** के ऑनलाइन प्रकाशन प्रारूप (शीर्षक, उपशीर्षक, हाइलाइट, उद्धरण सहित डिजिटल लेआउट) में भी तैयार कर दूँ ताकि इसे सीधे वेबसाइट पर डाला जा सके?

दुर्ग। शौर्यपथ । रविशंकर स्टेडियम मार्ग पर सुराना कॉलेज के सामने इन दिनों हर दिन बाजार की चहल-पहल है। सब्जियां, कपड़े, घरेलू सामान से लेकर इलेक्ट्रॉनिक आइटम तक—यह बाजार लोगों की जरूरतों का केंद्र बन गया है। दुकानदारों की भी खूब आमदनी हो रही है और ग्राहकों को वाजिब दरों पर सामान मिल रहा है। लेकिन बड़ा सवाल ये है कि यह बाजार आखिर लग किसकी अनुमति से रहा है?

नगर निगम दुर्ग के ठीक पास लग रहे इस बाजार के संचालन की जानकारी निगम के अफसरों को है या नहीं—इस पर चुप्पी बरकरार है। नियमों के मुताबिक ऐसे अस्थायी या नियमित बाजारों की अनुमति निगम और जिला प्रशासन दोनों स्तर पर दी जानी चाहिए, मगर यहाँ ऐसा कोई स्पष्ट दस्तावेज या आदेश नहीं दिख रहा।

लोगों को डर है कि कहीं यह नया बाजार भी वही हाल न दोहराए, जैसा सुपेला संडे बाजार के साथ हुआ था—जब प्रशासन को अचानक हटाने की कार्रवाई करनी पड़ी और पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी।

लोगों का कहना है कि हमें बाजार से नहीं, बल्कि नियम-विरुद्ध गतिविधियों से आपत्ति है। प्रशासन की अनदेखी से भविष्य में विवाद या अतिक्रमण जैसी स्थिति बन सकती है।

अब सवाल यह है कि नगर पालिक निगम दुर्ग की महापौर अलका बाघमार और उनके अधिकारी इस उभरते बाजार को देखकर भी क्यों अनजान बने हुए हैं? क्या वाकई यह बाजार निगम की जानकारी के बिना चल रहा है, या फिर अनदेखी की नीति अपनाई जा रही है?

नागरिकों का कहना है कि यदि निगम व प्रशासन नियम से बाजारों को नियंत्रित करें तो न तो व्यापारियों को परेशानी होगी, न ही भविष्य में अवैध कब्जे का संकट खड़ा होगा। नियम से संचालित बाजार अपराध की संभावनाओं को भी खत्म करता है।

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