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May 30, 2026
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दुर्ग

दुर्ग (5094)

दुर्ग / शौर्यपथ।
पैदल लड़खड़ाते कदमों और बैसाखियों के सहारे कार्यक्रम स्थल तक पहुँचे दिव्यांगजन, जब ट्रायसिकल, व्हीलचेयर और बैसाखी लेकर मुस्कुराते हुए अपने घर लौटे, तो यह दृश्य मानवता और सेवा भावना का जीवंत उदाहरण बन गया। अवसर था जन समर्पण सेवा संस्था, दुर्ग के सेवा कार्यों के 9 वर्ष पूर्ण होने का।

जन समर्पण सेवा संस्था द्वारा शहर के जरूरतमंद दिव्यांगजनों को ट्रायसिकल, व्हीलचेयर और बैसाखी का वितरण किया गया। भूखे को भोजन कराना और निःशक्तों को सहारा देना सबसे बड़ा मानव धर्म है—इसी मूल भावना के साथ संस्था बीते 9 वर्षों से लगातार सेवा कार्यों में जुटी हुई है। “कोई भूखा न सोए” संकल्प के तहत 1 जनवरी 2017 से आज तक बिना एक दिन रुके, दुर्ग रेलवे स्टेशन सहित शहर के विभिन्न स्थानों पर प्रतिदिन 200 से अधिक गरीब, असहाय और दिव्यांगजनों को निःशुल्क भोजन एवं आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

संस्था के सदस्य सुजल शर्मा एवं अख्तर खान ने बताया कि शहर में ऐसे कई दिव्यांगजन हैं, जो अब तक पैदल या बैसाखी के सहारे जीवन यापन करने को मजबूर थे। उनकी आवश्यकता को समझते हुए संस्था के 9 वर्ष पूर्ण होने तथा संस्था की विशेष सहयोगी समाजसेविका सुश्री पायल जैन के जन्मदिवस के अवसर पर 2 जनवरी को सहायक उपकरणों का वितरण किया गया।

इस अवसर पर सुनीता राम (सुपेला, भिलाई) एवं दीपमाला देवराज (अटल आवास, उरला, दुर्ग) को ट्रायसिकल, अनंत कुमार पवार (हाउसिंग बोर्ड, भिलाई) को व्हीलचेयर तथा राजेश कुमार साहू (दुर्ग रेलवे स्टेशन) को बैसाखी प्रदान की गई। इन साधनों के माध्यम से अब वे सुरक्षित रूप से आवागमन कर सकेंगे और आत्मनिर्भर होकर अपने जीवन यापन की दिशा में आगे बढ़ पाएंगे।

संस्था द्वारा अब तक 9 वर्षों में 113 बैसाखी, 59 व्हीलचेयर एवं 56 ट्रायसिकल का वितरण दिव्यांगजनों को किया जा चुका है, जो अपने आप में एक उल्लेखनीय और प्रेरणादायी उपलब्धि है।

कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि दिव्यांगता कोई अभिशाप नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ यह प्रेरणा बन सकती है। शारीरिक अभाव को यदि शक्ति में बदला जाए, तो वही व्यक्ति समाज के लिए उदाहरण बन जाता है।

जन समर्पण सेवा संस्था विगत 9 वर्षों से गरीबों, भूखों, दिव्यांगों, विक्षिप्तों, गौमाता तथा पशु-पक्षियों की सेवा में सतत रूप से सक्रिय है। संस्था द्वारा न केवल ट्रायसिकल और व्हीलचेयर, बल्कि कमोड चेयर, मेडिकल पलंग और अन्य आवश्यक सहायता भी समय-समय पर उपलब्ध कराई जाती रही है।

संस्था के सेवा कार्य दुर्ग तक सीमित न रहकर अब पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। दीपावली पर बुजुर्गों और बच्चों को नए वस्त्र व मिष्ठान वितरण, पशु-पक्षियों के लिए हजारों सकोरे एवं कोटना वितरण तथा प्रतिदिन रात्रि में निःशुल्क भोजन सेवा जैसी गतिविधियाँ संस्था की पहचान बन चुकी हैं।

9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर संस्था द्वारा विशेष सेवा अभियान के अंतर्गत विगत तीन दिनों से ठंड से बचाव हेतु फुटपाथ पर रहने वाले जरूरतमंदों को कंबल, भोजन एवं मिष्ठान का वितरण भी किया जा रहा है।

इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा बंटी सहित संदीप वोरा, विवेक मिश्रा, मनोज शर्मा, विकास पुरोहित, आशीष मेश्राम, अर्जित शुक्ला, प्रतिभा पुरोहित, रूपल गुप्ता, सुजल शर्मा, अख्तर खान, संजय सेन, मोहित पुरोहित, ऋषि गुप्ता, राजेन्द्र ताम्रकार, मृदुल गुप्ता, अंकेश पेशवानी, वाशु शर्मा, गौरव बजाज, प्रवीण पींचा, अनश खान, अंश पांडेय, सुधीर कुमार, तरेंद्र, विकास सापेकर, आसिफ खान, संदीप साहू, हरीश सेन, दद्दू ढीमर, शुभम सेन सहित संस्था के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।

   दुर्ग / शौर्यपथ / नव वर्ष के पहले ही दिन शिवनाथ महोत्सव ने छठे वर्ष भव्य रूप धारण किया। सुबह से महमरा घाट पर मेला सज गया, जहां भक्तों और पर्यटकों ने शिवनाथ की स्वच्छ धारा में आस्था की डुबकी लगाई। शाम ढलते ही 51 हज़ार दीयों ने तट को आकाशीय ज्योति से नहला दिया।
बनारस की गंगा आरती की तर्ज पर 11 पंडितों ने विधि-विधान से महाआरती उतारी, जिसे देखने आसपास के जिलों से लेकर अन्य राज्यों तक के हज़ारों श्रद्धालु उमड़ पड़े। आयोजक वरुण जोशी ने बताया, "22 वर्षों की लंबी लड़ाई के बाद शिवनाथ नदी लीज मुक्त हुई, तब से हम यह महोत्सव मना रहे हैं। यह दुर्ग जिले का सबसे बड़ा नववर्ष उत्सव बन चुका है।"
कार्यक्रम में सभी वर्गों का ख्याल रखा गया। बच्चों के लिए झूले-जंपिंग, युवाओं के लिए छत्तीसगढ़ मंच के संगीत पर ठुमके, तो महिलाओं-बच्चियों ने दीपदान में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। मुंबई की टीम द्वारा की गई इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी ने तो रंग जमाया ही, आकर्षण का केंद्र बनी रही।
इस भव्य आयोजन में दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल, ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, पूर्व विधायक अरुण वोरा, महापौर अल्का बाघमार, समाजसेविका मानसी गुलाटी सहित हज़ारों भक्त मौजूद रहे। शिवनाथ महोत्सव ने न केवल आस्था जगाई, बल्कि सांस्कृतिक एकता का अनूठा संगम रचा।

  भिलाई / शौर्यपथ / हजरत दाता बाबा भोला शफी शाह रहमतुल्लाह अलैह की 26 वीं सालाना चादरपोशी पर अंचल के अकीदतमंदों की ओर से भेजी जाने वाली चादर शरीफ की जियारत नए साल पर गुरुवार को भिलाई खानकाह में कराई गई। इस दौरान बड़ी तादाद में अकीदतमंद जुटे और सभी ने मिलकर मुल्क में अमन व तरक्की की दुआएं मांगी।
नंदिनी एयरोड्रम के पास स्थित ग्राम बीरेभाठ की खानकाह में चादर शरीफ की जियारत के साथ शिजरा ख्वानी, फातिहा ख्वानी और सलात-व-सलाम का नजराना पेश किया गया। इसके बाद बाद आम लंगर बड़ी तादाद में लोग शामिल हुए। इनमें दुर्ग-भिलाई के अलावा ग्रामीण अंचल से भी लोगों ने भागीदारी दी।
हाजी एमएच सिद्दीकी ने बताया कि हजरत दाता बाबा भोला शफी शाह रहमतुल्लाह अलैह की 26 वीं सालाना चादरपोशी 8 जनवरी को मझौली शरीफ (उप्र) में होने जा रही है। यहां मुल्क की तमाम खानकाहो से चादर शरीफ़ भेजी जा रही है। इसी कड़ी मे भिलाई खानकाह से भी बाबा हुजूर व दादी अम्मा की चादर शरीफ़ लेकर जायरीनों का एक जत्था मझौली शरीफ़ जाएगा। अकीदतमंदों को इस चादर शरीफ़ की जियारत भिलाई ख़ानकाह में करवाई गई।

   भिलाई / शौर्यपथ / समकालीन हिंदी कविता के राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति लब्ध कवि नासिर अहमद सिकंदर के आकस्मिक निधन से हिंदी के रचनाकारों में गहरा शोक व्याप्त है। नासिर अहमद सिकंदर ने अपने प्रकाशित कविता संग्रहों -‘जो कुछ भी घट रहा है दुनिया में’, ‘इस वक्त मेरा कहा’, ‘भूलवश और जानबूझकर’ तथा ’अच्छा आदमी होता है अच्छा’ के माध्यम से पाठकों तथा आलोचकों को प्रभावित किया।
प्रसिद्ध कवियों, लेखकों व आलोचकों से लिए गए साक्षात्कार का एक संग्रह ’कुछ साक्षात्कार’, आलोचनात्मक संग्रहों में ‘बचपन का बाइस्कोप’ तथा ‘प्रगतिशीलता की पैरवी‘ प्रकाशित कर चर्चित रहे। नासिर अहमद सिकंदर को उनकी रचनात्मकता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम ‘केदारनाथ अग्रवाल सम्मान’ तथा ‘सूत्र सम्मान’ से सम्मानित किया गया। कवि नासिर अहमद सिकंदर के आकस्मिक निधन से स्तब्ध दुर्ग भिलाई की साहित्यिक बिरादरी एवं जन संस्कृति मंच, जनवादी लेखक संघ तथा प्रगतिशील लेखक संघ ने सम्मिलित रूप से शोक सभा आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कल्याण महाविद्यालय के हिंदी विभाग के सहयोग से आहुत इस आयोजन में दुर्ग भिलाई के रचनाकारों ने नासिर अहमद सिकंदर से जुड़े अपने संस्मरणों के माध्यम से उन्हें याद किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में दिवंगत कवि नासिर अहमद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। कवि शरद कोकस ने नासिर अहमद की रचना प्रक्रिया पर विस्तार से अपनी बात रखते हुए कहा कि नासिर सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही नहीं पूरे हिंदी साहित्य जगत में अपनी सरल सहज तथा रचनात्मक चेतना से युक्त कविता के लिए जाने जाते हैं।
कल्याण महाविद्यालय के हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुधीर शर्मा ने उनकी कविता ‘सौंफ-लौंग-इलायची’ का जिक्र करते हुए कहा कि वे अपने आसपास बिखरे पड़े दृश्य को कविता का कथ्य बना लेते थे। ऋषि गजपाल ने निजी रिश्तों और मित्रों की पुरानी यादें साझा की। घनश्याम त्रिपाठी ने कहा कि नासिर, सहमति असहमति को निजी रिश्तों से दूर रखते थे। कवि परमेश्वर वैष्णव ने उनकी प्रारंभिक रचनात्मक सक्रियता को रेखांकित किया।
नासिर अहमद सिकंदर की लंबी बीमारी के दौरान सदैव उनके साथ रहे कमलेश्वर साहू ने कहा कि नासिर अहमद सिकंदर मित्रों पर परिवार के सदस्यों की तरह भरोसा करते थे। कैलाश बनवासी ने नासिर अहमद की उर्दू और हिंदी रचना शिल्प की समझ पर चर्चा की। सरिता सिंह ने नासिर अहमद सिकंदर के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे आत्मीय रिश्तों के निर्वहन में अव्वल थे।
बृजेंद्र तिवारी ने कहा कि नासिर देश दुनिया की मौजूदा हालात से दुखी थे। नासिर अहमद सिकंदर की बेटी शगुफ्ता ने शोक सभा में शामिल रचनाकारों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मेरे पापा बहुत शांत स्वभाव के थे। वे आमजन की दुःख पीड़ा से आहत होते थे लेकिन अपनी तकलीफों को कभी प्रकट होने नहीं देते थे।
साहित्यिक पत्रिका सूत्र के संपादक विजय सिंह ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि कवि नासिर अहमद सिकंदर ’सूत्र’ पत्रिका के संपादक मंडल के अहम सदस्य थे। वे पत्रिका के वैचारिक बुनियाद और मीनार थे। वरिष्ठ कवि रवि श्रीवास्तव ने नासिर अहमद सिकंदर की रचनात्मक सक्रियता के साथ रचनाकारों को संगठित रखने के संगठन कौशल तथा दिवंगत साहित्यकारों के प्रति सम्मान की तारीफ की।
वरिष्ठ अधिवक्ता एवं राजनीतिक चिंतक कनक तिवारी ने नासिर अहमद सिकंदर से अपने निजी रिश्तों के साथ उनकी काव्यात्मक समझ का जिक्र करते हुए कहा कि मैंने समकालीन हिंदी कविता के शिल्प, बिम्ब की सूक्ष्मता को नासिर अहमद सिकंदर के माध्यम से जाना। वे समकालीन हिन्दी कविता के जागरूक आलोचक व गुणी शिक्षक थे।
आलोचक सियाराम शर्मा ने कहा कि मौजूदा हालात ने नासिर अहमद सिकंदर जैसे संवेदनशील कवि को भीतर से तोड़ दिया था। वे अपने चिंतन में थोड़ा-थोड़ा रोज मर रहे थे। उनका निधन, निधन न होकर मानव विरोधी विषम सामाजिक परिस्थितियों द्वारा की गई क्रमिक हत्या है। शोक सभा में नासिर अहमद सिकंदर के साथ-साथ रायपुर के महान शायर और ’श्लोक’ पत्रिका के संपादक रज़ा हैदरी साहब को भी भाव भीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। इस श्रद्धांजलि सभा में शायर मुमताज, कथाकार लोकबाबू, कवि विजय वर्तमान, शिवनाथ शुक्ला, यश ओबेरॉय और जयशंकर के साथ दुर्ग-भिलाई के रचनाकार बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन रजनीश उमरे ने किया।

फ्री ब्लड टेस्ट का व्यापक लाभ — हर दिन सैकड़ों लोग करा रहे 31 पैरामीटर की जांच

भिलाई नगर / शौर्यपथ /
वैशाली नगर विधानसभा के रहवासियों के लिए नए वर्ष की शुरुआत बड़ी सौगात के साथ होने जा रही है। क्षेत्र के विधायक रिकेश सेन ने जीरो रोड, शांति नगर स्थित अपने विधायक कार्यालय में मात्र 1 रुपये में एक्स-रे सुविधा शुरू करने की घोषणा की है। यह सेवा 14 जनवरी से प्रतिदिन सुबह 8 से 11 बजे तक उपलब्ध रहेगी।

एक्स-रे सुविधा क्यों ज़रूरी?
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर विधायक रिकेश सेन ने कहा कि एक्स-रे आधुनिक चिकित्सा पद्धति का मुख्य आधार है। यह—हड्डियों के फ्रैक्चर,मोच, गठिया एवं जोड़ों के विस्थापन ,निमोनिया, टीबी तथा सांस संबंधी संक्रमण ,पाचन तंत्र में समस्या या शरीर में फंसी वस्तुओं ,दंत समस्याओं ,स्तन कैंसर (मैमोग्राम) सहित विभिन्न ट्यूमर का तेज़, सुरक्षित और सटीक निदान प्रदान करता है, जिससे डॉक्टर उपचार की सही दिशा तय कर पाते हैं और गंभीर स्थितियों में मरीजों की जान बचाई जा सकती है।

पहले से मिल रही ब्लड टेस्ट सुविधा को मिल रही बड़ी प्रतिक्रिया
स्वास्थ्य सेवाओं को जनसुलभ बनाने के उद्देश्य से विधायक कार्यालय में पहले से चल रही निःशुल्क ब्लड टेस्ट सुविधा क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी मदद साबित हो रही है। हर दिन सैकड़ों लोग आकर 31 प्रकार के ब्लड पैरामीटर की जांच करवा रहे हैं, जिसकी रिपोर्ट उन्हें वहीं उपलब्ध कराई जा रही है।

‘सभी को सहज स्वास्थ्य सुविधा’ — विधायक रिकेश सेन
विधायक रिकेश सेन ने कहा कि उनकी प्राथमिकता है कि वैशाली नगर विधानसभा का कोई भी व्यक्ति आर्थिक कारणों से स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे।
उन्होंने बताया कि — “एक्स-रे बेहद ज़रूरी चिकित्सा सुविधा है। हम चाहते हैं कि आम लोग महंगे इलाज और जांचों की चिंता किए बिना सही समय पर निदान करा सकें, ताकि गंभीर बीमारियों से बचाव संभव हो सके।”

14 जनवरी से शुरू होगी 1 रुपये वाली एक्स-रे सुविधा
वैशाली नगर क्षेत्र के सभी रहवासी विधायक कार्यालय में सिर्फ 1 रुपये की टोकन राशि देकर एक्स-रे करा सकेंगे। समय — प्रतिदिन सुबह 8:00 से 11:00 बजे तक

  दुर्ग / शौर्यपथ /

   अविभाजित मध्य प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, भविष्यदृष्टा एवं जननेता पंडित रविशंकर शुक्ल की 68 वीं पुण्यतिथि पर 31 दिसम्बर, 2025 को इस्पात नगरी भिलाई के सेक्टर-9 स्थित उनकी भव्य प्रतिमा के समक्ष प्रातः 10.00 बजे श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया है। इस अवसर पर भिलाई बिरादरी के सदस्य और आम जन द्वारा पं. शुक्ल को पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की जायेगी।
उल्लेखनीय है कि देश के सर्वश्रेष्ठ एकीकृत इस्पात संयंत्र की भिलाई में स्थापना में पंडित रविशंकर शुक्ल ने आधारभूत भूमिका निभाई थी। पं. जगन्नाथ शुक्ल एवं श्रीमती तुलसी देवी के पुत्र के रूप 2 अगस्त, 1876 में सागर में जन्में पं. रविशंकर शुक्ल बचपन से ही मेघावी रहे। उनकी प्राथमिक शिक्षा सागर में ही हुईं। व्यवसाय के कारण पिता श्री जगन्नाथ शुक्ल के छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में आ जाने के कारण पं. शुक्ल ने अपनी मिडिल स्कूल की शिक्षा राजनांदगांव से शुरू की। कुछ ही समय बाद पिता के रायपुर आने से पु. शुक्ल ने अपनी शिक्षा रायपुर में जारी रखी। जबलपुर के राबिनसन कॉलेज से इंटरमिडियेट और नागपुर के हिसलॉप कॉलेज से शिक्षा ग्रहण करने के दौरान ही युवा पं. शुक्ल कांग्रेस के आंदोलन से प्रभावित हो गये थे। 1899 में 22 वर्ष की उम्र में पं. शुक्ल स्नातक हो गये।
1898 में अमरावती में हुए कांग्रेस के 13 अधिवेशन में पं. शुक्ल ने अपने शिक्षक के साथ भाग लिया और देश के अनेक तत्कालीन महानायकों के संपर्क में आये। यही से पं. शुक्ल की राजनैतिक जीवन और आजादी के आंदोलन की यात्रा प्रारंभ हुई। 50 वर्ष के अपने राजनैतिक एवं सामाजिक जीवन में पं. शुक्ल ने अनेक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए प्रदेश के विकास, शिक्षा और आधारभूत संरचनाओं की स्थापना के लिये महत्वपूर्ण और स्मरणीय कार्य किये। पूर्व सी पी एवं बरार तथा अविभाजित मध्य प्रदेश के विकास में उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जायेगा। पं. रविशंकर शुक्ल ने 31 दिसम्बर, 1956 में 80 वर्ष की उम्र में नई दिल्ली में अंतिम सांस ली।


देश के सर्वश्रेष्ठ एकीकृत इस्पात संयंत्र की भिलाई में स्थापना के प्रबल समर्थक और प्रणेता पं. शुक्ल की पुण्य स्मृति में श्रृद्धांजलि सभा का आयोजन भिलाई इस्पात संयंत्र के क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक समूह द्वारा किया गया है। दुर्ग जिला कांग्रेस कमेटी के और पं रवि शंकर शुक्ल सामाजिक एवं सांस्कृतिक समिति और कान्यकुब्ज सामाजिक चेतना मंच भिलाई द्वारा सभी लोगों से श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने और श्रद्धांजलि देने की अपील की है।
पं रवि शंकर शुक्ल सामाजिक एवं सांस्कृतिक समिति के महासचिव श्री मनोज मिश्रा और जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष श्री मुकेश चंद्राकर ने इस्पात नगरी के सभी गणमान्य नागरिकों, जिला कांग्रेस समिति के सदस्यों और भिलाई बिरादरी के सदस्यों से श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित रहने का आग्रह किया है।

भिलाई नगर / शौर्यपथ / छावनी थाना क्षेत्र के स्वीपर मोहल्ला में पुरानी रंजिश के चलते मंगलवार की रात एक युवक और उसके साथियों पर जानलेवा हमला कर दिया गया। घटना के बाद पुलिस ने चार नामजद आरोपियों सहित अन्य के खिलाफ गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

छावनी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार एस. अरविंद (28 वर्ष), निवासी सुंदर नगर कैंप-01, अपने मित्र एन. सागर और नंद कुमार यादव उर्फ नंदू के साथ स्वीपर मोहल्ला स्थित अपने रिश्तेदार एन. सुमती के घर गए थे। बताया गया है कि 25 दिसंबर को गुरुद्वारा के पास हुए विवाद को लेकर आरोपी अभी, पोलेश, बंगारु और उनके साथी 26 दिसंबर की रात दोबारा भिड़ गए।

रात करीब 10 बजे, आरोपियों ने नंदू को गाली-गलौच करते हुए घेर लिया। मना करने पर बंगारु और उसके साथियों ने नंदू को पकड़ लिया और अभी व पोलेश ने अपने पास रखी नुकीली वस्तु से उसे जान से मारने की नीयत से वार कर दिया। हमले में नंदू के दोनों पैरों की जांघ और कुल्हे में गहरी चोट आई और खून बहने लगा।

घटना के दौरान अरविंद और सागर ने बीच-बचाव की कोशिश की। विवाद बढ़ने की सूचना मिलने पर अरविंद के भाई एस. बालाराजू और एस. सतीश बोलेरो वाहन (CG07BT9260) से मौके पर पहुंचे। आरोपियों ने गाड़ी में भी तोड़फोड़ कर दी, जिससे लगभग 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ। इसी दौरान सतीश का रेडमी 12 5G मोबाइल और पर्स भी गायब हो गया।

पीड़ित की रिपोर्ट पर छावनी पुलिस ने अपराध क्रमांक 0652/25 दर्ज करते हुए आरोपियों अभी, पोलेश, बंगारु व अन्य साथियों के खिलाफ धारा 109-BNS, 296-BNS, 3(5)-BNS, 324(4)-BNS के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी उत्पादों के उपयोग, स्वास्थ्य जागरूकता और राष्ट्र निर्माण का दिया प्रेरक संदेश
दुर्ग / शौर्यपथ /

दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने नेवई बस्ती वार्ड 33 बूथ नंबर 185 में बूथ कार्यकताओं के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 129वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से मंडल अध्यक्ष राजू राकेश जंघेल विनोद श्रीवास्तव प्रेमलाल निर्मलकर पार्षद विधि यादव उपेंद्र रिगरी भूपेन्द्र बेलचंदन नरेंद्र निर्मलकर दामन सर्वा भागवत बुंदेला, तामेश्वर साहू रानू धनकर संजय यादव गज्जू साहू शेष जांगड़े नंदकुमार चंद्राकर सविता गोयल जानकी बारले कुसुम खेवार प्यारी साहू केसर साहू कुमारी वर्मा संगीता राय अशोक कुमार सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि वर्ष के अंतिम ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी अपनाने, देश में निर्मित उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा बिना चिकित्सकीय परामर्श के एंटीबायोटिक दवाओं के सेवन से बचने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर राष्ट्र को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ के माध्यम से प्रधानमंत्री निरंतर जनभागीदारी, नवाचार, आत्मनिर्भरता, स्वास्थ्य जागरूकता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को सशक्त बनाते हैं।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2025 को भारत के लिए उपलब्धियों से भरा गौरवशाली वर्ष बताया। उन्होंने देश की सुरक्षा, खेल, विज्ञान एवं अंतरिक्ष अनुसंधान, पर्यावरण संरक्षण तथा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के क्षेत्र में हुई ऐतिहासिक सफलताओं का उल्लेख किया। उन्होंने खिलाड़ियों और पैरा-एथलीटों के उत्कृष्ट प्रदर्शन तथा युवाओं के नवाचारों और ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन’ जैसे मंचों की सकारात्मक भूमिका को भी रेखांकित किया।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ के तहत स्वास्थ्यप्रद जीवनशैली अपनाने का संदेश देते हुए सभी देशवासियों को वर्ष 2026 के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

विधायक ललित चंद्राकर कहा कि ‘मन की बात’ देश को जोड़ने वाला और सकारात्मक ऊर्जा देने वाला कार्यक्रम है, जिसकी प्रत्येक कड़ी प्रेरणा, जागरूकता और जनभागीदारी की नई भावना का संचार करती है और जिसका सभी नागरिकों को बेसब्री से इंतजार रहता है।

भिलाई। शौर्यपथ ।
अंचल में वंचित समुदाय के उत्थान और शिक्षा के प्रसार के लिए विगत 3.5 दशक से सक्रिय बैतुलमाल कमेटी ने शैक्षणिक मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन मुस्लिम कम्युनिटी हॉल ,सेक्टर 6 भिलाई में किया। इस कार्यक्रम में बैतुलमाल वेलफेयर सोसाइटी भिलाई द्वारा दी जा रही अनुदान/ प्रोत्साहन  राशि से विभिन्न स्कूलों  में शिक्षा प्राप्त कर रहे  08 वीं से 12वीं  तक के  स्टूडेंट के बेहतर भविष्य के  लिए यह आयोजन किया गया। जिसमें चयनित  59 छात्र छात्राओं के साथ उनके अभिभावक एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।  कार्यक्रम में शिक्षा और सामाजिक कार्य के क्षेत्र के अग्रणी लोगों ने अपने अपने उद्बोधन में छात्र छात्राओं एवं  इनके अभिभावकों को स्कूल में पढ़ाए जा रहे सभी विषयों  पर चर्चा की एवं उनकी रुचि के हिसाब से विषय चुनने के अलावा कई अन्य विषय और कोर्स की जानकारी दी , विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की जानकारी भी दी गई। परीक्षा में कम या मध्यम प्राप्तांक  लाने वाले स्टूडेंट का भी हौसला बढ़ाया गया उन्हें रोजगारोन्मुखी कोर्स की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई जिससे वे बेहतर  जीवन यापन कर सकें।
मुख्य अतिथि भिलाई नगर मस्जिद ट्रस्ट के सदर एम आसिम बेग ने स्टूडेंट को अच्छे प्राप्तांक लाने प्रोत्साहित करते हुए कहा कि किसी भी  योग्य स्टूडेंट को निराश होने की जरूरत नहीं है,  बैतुलमाल कमेटी उनकी आगे की शिक्षा की जिम्मेदारी ले लेगी , बस आपको  अपनी काबिलियत दिखानी होगी।
इस दौरान विशेष वक्ता के तौर पर आरिफ खान फाउंडर सी ई ओ "इनोवेडास" ने विभिन्न विषयों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु मार्गदर्शन दिया। उन्होंने सभी स्टूडेंट  से सीधा संवाद करते हुए दोस्ताना माहौल में मार्गदर्शन दिया। दूसरे वक्ता कॉरपोरेट ट्रेनर रोशन रिज़वी ने अपने उद्बोधन में  स्टूडेंट की हौसला अफजाई करते हुए कई मिसालें दी। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षा में किसी भी नाकामी से अवसाद व तनावग्रस्त होने के बजाए फिर प्रयास कर सफलता अर्जित करने हेतु स्टूडेंट को प्रेरित किया।  शेख एकेडमी के निदेशक  शेख मुख्तार ने स्टूडेंट का मार्गदर्शन किया और सदैव छात्रों एवं समाज हित के  लिए अपनी सेवाएं  देने की बात कही।
बैतुलमाल कमेटी के सदस्य जावेद अहमद  ने उच्च अंक से वंचित रहने स्टूडेंट को  रोजगारोन्मुखी अलग-अलग कोर्स के संबंध में कई  जानकारी दी एवं बच्चों को  अपना हुनर दिखाने प्रेरित किया। बैतुलमाल वेलफेयर सोसाइटी भिलाई के अध्यक्ष  हमीदुल्लाह सिद्दीकी ने ऐसा आयोजन करते रहने का भरोसा दिया साथ ही सेक्रेटरी अरमान बेग की तरफ से  आए हुए सभी मेहमानों का शुक्रिया अदा किया गया। इस आयोजन को सफल बनाने में फाउंडर मेंबर अब्दुल हफीज़  व अब्दुल जाकिर खान , उपाध्यक्ष अलीम सिद्दीकी , वरिष्ठ सदस्य   सैयद आतिफ अली , अवध अहमद , इमरान बेग , मुहम्मद जावेद, शेख मुख्तार , शकील अहमद , एम आई खान , साहिल अहमद और  फैजान हसन सहित अन्य लोगों का योगदान रहा।

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