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दुर्ग। दिनांक 28 जनवरी 2026 को डायल 112 चीता वन थाना मोहन नगर की टीम ने मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए एक लापता महिला को सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचाया।
ड्यूटी पर तैनात आरक्षक राजेश्वर साहू (आईडी 1001) एवं चालक दुष्यंत कुमार (आईडी 197) को शाम 6:35 बजे सूचना मिली कि शांति नगर के पास एक अज्ञात महिला बैठी हुई है, जो मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हो रही है।
सूचना मिलते ही डायल 112 टीम मौके पर पहुंची। पूछताछ में महिला ने अपना निवास माया नगर, रिसाली बताया। टीम ने तत्काल सतर्कता बरतते हुए महिला को 112 वाहन में बैठाकर माया नगर, रिसाली ले जाकर आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई। पहचान सुनिश्चित होने पर महिला को आजाद मार्केट, माया नगर, रिसाली स्थित उसके घर पहुंचाया गया, जहां परिजन मिले।
परिजनों ने बताया कि महिला 17 दिसंबर 2025 को बिना बताए घर से चली गई थी और मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण उसकी तलाश की जा रही थी। महिला की पहचान उत्तरी मनहरे, पिता भगवती मनहरे, उम्र 42 वर्ष, निवासी आज़ाद मार्केट, माया नगर, रिसाली के रूप में हुई।
डायल 112 टीम के अथक प्रयासों से महिला को सुरक्षित एवं सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। इस मानवीय कार्य की स्थानीय लोगों ने सराहना की।
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंप कर रखी विभिन्न मांगें,पांडेय ने पूरा कराने दिया आश्वासन
भिलाई / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ यूपी बिहार रेल यात्री सेवा संघ के अध्यक्ष हाजी एम. एच. सिद्दीकी एवं सचिव मोहम्मद सलीम (अधिवक्ता) के साथ एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय से उनके आवास पर मुलाकात कर उन्हें रेल यात्रा में होने वाली कठिनाइयों से अवगत कराया। जिसमे प्रमुख रूप से उ.प्र. बिहार जाने वाले यात्रियों की समस्याओं के समाधान करने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।
इस दौरान गोंदिया बरौनी एक्सप्रेस 15231/15232 या सारनाथ एक्सप्रेस 15159/15160 को सप्ताह में कम से कम तीन दिन वाया मऊ, बेल्थरा रोड़, सलेमपुर, भटनी, मैरवा, सिवान, छपरा होकर चलाने और इसे वापसी में भिलाई पावर हाउस स्टेशन पर भी स्टॉपेज देने की मांग रखी गई।
वहीं दुर्ग गोरखपुर नौतनवा एक्सप्रेस 18201/18202 को नियमित रूप से प्रतिदिन चलाने के साथ ही नौतनवा एक्सप्रेस 18201 के समय को परिवर्तित कर शाम 4.00 बजे से पहले दुर्ग से चलाने की मांग की गई। जिससे बनारस से आगे जाने वाले यात्रियों को समय पर अपने गाँव पहुंचने में आसानी हो। इसी तरह पावर हाउस रेलवे स्टेशन पर स्टॉपेज देने की भी मांग की गई। प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने सभी मांगो को गंभीरता पूर्वक सुना और इन्हें पूर्ण कराने पूरी कोशिश करने का आश्वासन दिया। इस दौरान हीरालाल यादव, सत्तार अहमद, शशांक पाण्डेय, विवेक नायक, शाहनवाज़ अहमद एवं शहादत हुसैन भी प्रतिनिधि मंडल में प्रमुख रूप में शामिल थे।
दुर्ग |
नगर पालिक निगम दुर्ग की मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) की महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को महापौर श्रीमती अलका बाघमार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल सहित सभी एमआईसी सदस्यों की उपस्थिति में नगर विकास से जुड़े अहम एजेंडों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें जल प्रबंधन, सड़क, पाइपलाइन एवं स्वच्छता से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
एमआईसी सदस्य नरेंद्र बंजारे, देवनारायण चंद्राकर, शेखर चंद्राकर, लीना दिनेश देवांगन, ज्ञानेश्वर ताम्रकर, काशीराम कोसरे, मनीष साहू, शिव नायक, लीलाधर पाल, शशि साहू, नीलेश अग्रवाल, हर्षिका संभव जैन, उपायुक्त मोहेन्द्र साहू, अभियंता अधिकारी विनीता वर्मा, मो. सलीम सिद्दीकी, प्रकाशचंद थावनी, सुरेश केवलानी, पंकज साहू, रेवाराम मनु, दुर्गेश गुप्ता, अभय मिश्रा सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 04, गया नगर में 1500 किलोलीटर क्षमता के उच्च स्तरीय जलागार के निर्माण हेतु 15वें वित्त आयोग अनुदान अंतर्गत मिलियन प्लस सिटीज (जल प्रबंधन) योजना के तहत ₹199.02 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई।
महाराजा चौक से बोरसी चौक तक प्रस्तावित 1.80 किमी लंबे फोरलेन सड़क निर्माण के लिए आवश्यक पाइपलाइन शिफ्टिंग कार्य को स्वीकृति।
मिनीमाता चौक से महाराजा चौक होते हुए ठगड़ा डेम तक पाइपलाइन शिफ्टिंग कार्य को वर्ष 2025–26 के बजट में सम्मिलित करते हुए ₹439.50 लाख की स्वीकृति।
चंडी मंदिर से नया पारा मार्ग (लंबाई 0.90 किमी) के चौड़ीकरण एवं पुनर्निर्माण अंतर्गत पाइपलाइन शिफ्टिंग हेतु ₹100.45 लाख स्वीकृत।
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) घटक के तहत शहर में 8 स्थानों पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
इसके अंतर्गत सूखा एवं गीला कचरा प्रबंधन हेतु नए संयंत्रों की स्थापना, पूर्व स्थापित संयंत्रों के उन्नयन तथा आगामी 5 वर्षों के संचालन एवं संधारण के लिए कुल ₹1597.69 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई है।
यह पहल शहर में कचरे के पृथक्करण, वैज्ञानिक निपटान और स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने बैठक में एमआईसी सदस्यों से अनुरोध किया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु 8 उपयुक्त स्थानों का शीघ्र चिन्हांकन कर विभाग को जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ हो सके।
इन सभी स्वीकृतियों से नगर में जलापूर्ति, सड़क, स्वच्छता एवं नागरिक सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा और दुर्ग शहर के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।
भिलाई | विशेष संवाददाता
भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन, दुर्ग परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत आयोजित जागरूकता अभियान कार्यक्रम रविवार को लगातार तीसरे वर्ष भी सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के मुख्य कार्यालय, खुर्सीपार गेट, भिलाई में किया गया, जहां सड़क सुरक्षा को लेकर अनुकरणीय पहल देखने को मिली।
कार्यक्रम के दौरान 250 से अधिक ड्राइवरों का स्वास्थ्य परीक्षण, 150 से अधिक लोगों की नेत्र जांच, तथा 100 से अधिक यूनिट रक्तदान कर सामाजिक सरोकार का मजबूत संदेश दिया गया। इसके साथ ही चालकों को यातायात नियमों की जानकारी, ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित मार्गदर्शन प्रदान किया गया। सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 100 से अधिक महिलाओं एवं 500 से अधिक पुरुषों को हेलमेट का वितरण किया गया, जो कार्यक्रम की सबसे प्रभावशाली उपलब्धियों में रहा।
यातायात जागरूकता को जनमानस तक पहुंचाने के लिए नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया, जिसने सरल और प्रभावी संवाद के माध्यम से सुरक्षित ड्राइविंग, नियमों के पालन और जीवन की अहमियत का संदेश दिया। उपस्थित जनसमूह ने इस प्रस्तुति को सराहा।
कार्यक्रम में अतिरिक्त परिवहन आयुक्त छत्तीसगढ़ श्री यू.बी.एस. चौहान, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी दुर्ग श्री एस. लकड़ा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दुर्ग श्री सुखनंदन राठौर, उप पुलिस अधीक्षक भिलाई श्री सत्य प्रकाश तिवारी, टीआई (आरटीओ) दुर्ग श्री डगेश्वर सिंह राजपूत, टीआई (आरटीओ) दुर्ग श्रीमती अरुणा साहू एवं परिवहन निरीक्षक श्री एस.के. जांगड़े की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि सड़क सुरक्षा अभियान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि निरंतर जनजागरूकता का माध्यम होना चाहिए।
भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री इंद्रजीत सिंह ने सभी अतिथियों, सहयोगी संस्थाओं एवं कार्यक्रम में शामिल ड्राइवर साथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा,
“सड़क सुरक्षा केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। एक छोटी सावधानी भी किसी की जिंदगी बचा सकती है।”
कार्यक्रम का सफल संचालन महासचिव श्री मलकीत सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं सदस्य, ड्राइवर साथी, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह आयोजन न केवल सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता का उदाहरण बना, बल्कि सामाजिक सहभागिता और जिम्मेदार नागरिकता का भी सशक्त संदेश देकर गया।
दुर्ग।
तहसील साहू संघ दुर्ग द्वारा साहू सदन, केलाबाड़ी में कार्यकारिणी विस्तार एवं शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन गरिमामय एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में दुर्ग जिला साहू संघ के अध्यक्ष नंद लाल साहू तथा तहसील साहू संघ दुर्ग के अध्यक्ष पोषण साहू विशेष रूप से उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान संगठन की नवगठित कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को विधिवत शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर शैलेन्द्र कुमार साहू को तहसील साहू संघ दुर्ग का मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया। उन्हें संगठन की गतिविधियों, सामाजिक कार्यों एवं विचारों को समाज और जनमानस तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने समाज की एकता, संगठन की मजबूती और सामाजिक उत्थान के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। नवनियुक्त पदाधिकारियों ने समाजहित में निष्ठा, ईमानदारी और पूर्ण समर्पण के साथ अपने दायित्वों के निर्वहन का संकल्प लिया।
इस अवसर पर तहसील साहू संघ के पूर्व अध्यक्ष भीखम साहू, यतीश साहू सहित साहू समाज के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने कार्यकारिणी विस्तार को संगठन को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में सकारात्मक कदम बताते हुए नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ दीं।
समारोह उत्साहपूर्ण और सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
विधायक ललित चंद्राकर एवं महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
दुर्ग / शौर्यपथ / श्री रामलला दर्शन (अयोध्या धाम) योजनाÓ के तहत आज दुर्ग जिले से रामभक्तों का एक बड़ा जत्था स्पेशल ट्रेन से अयोध्या के लिए रवाना हुआ। जय श्री राम नारों से गूंजता दुर्ग रेलवे स्टेशन से 182 श्रद्धालुओं को ट्रेन के माध्यम से रवाना किया गया।
दुर्ग रेलवे स्टेशन से श्रद्धालुओं से भरी स्पेशल ट्रेन को छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व विधायक श्री ललित चंद्राकर, महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान स्टेशन परिसर में श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था। यात्रा से पहले सभी यात्रियों को भोजन, पेयजल, चिकित्सकीय सुविधा एवं आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गईं। प्रशासन द्वारा पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षा और सुविधा की विशेष व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर गणमान्य नागरिक एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
दुर्ग / शौर्यपथ।
ग्राम चिंगरी में आयोजित शिव महापुराण कथा के षष्ठ एवं सप्तम दिवस (अंतिम दो दिवस) अत्यंत भव्य, भावविभोर एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए। मां अंबे दुर्गा उत्सव नवयुवक मंडल एवं सर्व समाज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस पावन कथा श्रृंखला का समापन शिव-पार्वती विवाह, गणेश एवं कार्तिकेय जन्म-विवाह, पार्थिव शिवलिंग पूजन, तर्पण, हवन तथा महाप्रसाद वितरण के साथ श्रद्धा और दिव्यता के शिखर पर पहुंचा।
कथा व्यास पं. महेंद्र पांडेय जी ने अंतिम दो दिवसों में शिव-पार्वती विवाह की अमर लीला का अत्यंत रसपूर्ण, भावनात्मक एवं प्रेरणादायी वर्णन किया। सती के आत्मदाह के पश्चात माता पार्वती का हिमालय के घर जन्म, कठोर तपस्या द्वारा भगवान शिव को पुनः प्रसन्न करना तथा दिव्य विवाह का प्रसंग श्रोताओं को भाव-विभोर कर गया। विवाह अवसर पर हिमालय द्वारा कन्यादान, देवताओं की उपस्थिति और शिव-पार्वती के पावन मिलन ने प्रेम, तप और त्याग की अमर कथा को जीवंत कर दिया।
इसके पश्चात भगवान गणेश के जन्म की मार्मिक कथा सुनाई गई। माता पार्वती द्वारा उबटन से निर्मित पुत्र गणेश का द्वारपाल बनना, शिव द्वारा अनजाने में उनका मस्तक विच्छेदन और पश्चात हाथी का मस्तक धारण कर पुनर्जीवन — इस प्रसंग ने माता की ममता और शिव की करुणा को सजीव रूप में प्रस्तुत किया। गणेश के विघ्नहर्ता एवं प्रथम पूज्य बनने का प्रसंग श्रद्धालुओं के हृदय में गहराई तक उतर गया।
तत्पश्चात भगवान कार्तिकेय (स्कंद) के जन्म एवं विवाह की दिव्य कथा का वर्णन हुआ। तारकासुर के अत्याचार से पीड़ित देवताओं की प्रार्थना पर शिव-पार्वती के मिलन से उत्पन्न कार्तिकेय द्वारा तारकासुर वध और धर्म की विजय का प्रसंग शक्ति, साहस और धर्मरक्षा का प्रतीक बना।
समापन अवसर पर पार्थिव शिवलिंग का विधि-विधान से पूजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने जल, दूध, बिल्वपत्र, रुद्राक्ष आदि से भगवान शिव का अभिषेक किया। तदुपरांत तर्पण एवं हवन संपन्न हुआ, जिसमें पूर्वजों एवं पुण्यात्माओं की शांति के लिए आहुतियां अर्पित की गईं। कार्यक्रम के अंत में महाप्रसाद का वितरण हुआ, जिसे श्रद्धालुओं ने श्रद्धा एवं भक्ति भाव से ग्रहण किया।
यह संपूर्ण आयोजन देवी इशर गौरा-गौरी (माता पार्वती) की कृपा से संपन्न हुआ, जिसका उद्देश्य ग्रामवासियों की आत्मिक उन्नति, सुख-शांति एवं सामूहिक कल्याण रहा। अंतिम दो दिवसों में श्रद्धालुओं की संख्या हजारों में पहुंच गई और पूरा ग्राम ‘हर-हर महादेव’ तथा ‘जय माता दी’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
शिव महापुराण कथा की यह पावन श्रृंखला ग्राम चिंगरी के लिए एक ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन सिद्ध हुई, जिसने जन-जन के हृदय में शिव-पार्वती भक्ति की अमिट छाप छोड़ दी।
दुर्ग / शौर्यपथ / ग्राम चिंगरी में शिव महापुराण कथा का षष्ठ एवं सप्तम दिवस (अंतिम दो दिवस) अत्यंत भव्य, भावपूर्ण और समापन की दिव्यता से परिपूर्ण रहा। मां अंबे दुर्गा उत्सव नवयुवक मंडल एवं सर्व समाज द्वारा आयोजित इस पावन श्रृंखला का समापन शिव-पार्वती विवाह, गणेश जन्म, कार्तिकेय जन्म एवं विवाह, पार्थिव शिवलिंग पूजन, तर्पण, हवन तथा महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ, जिससे पूरा ग्राम शिव-पार्वती की कृपा से आलोकित हो उठा।
कथा व्यास पं. महेंद्र पांडेय जी ने अंतिम दो दिवसों में शिव-पार्वती विवाह की महान लीला का रसपूर्ण वर्णन किया। सती के आत्मदाह के बाद माता पार्वती ने हिमालय के घर जन्म लिया और कठोर तप से भगवान शिव को पुनः प्रसन्न किया। विवाह अत्यंत भव्य रूप से संपन्न हुआ, जहां हिमालय ने कन्यादान किया, देवताओं ने उपस्थित होकर आशीर्वाद दिया और शिव ने पार्वती को अपनी अर्धांगिनी बनाया। यह कथा प्रेम, तपस्या और दिव्य मिलन की अमर गाथा है।
इसके पश्चात भगवान गणेश के जन्म की कथा सुनाई गई। माता पार्वती ने स्नान के समय अपने उबटन से एक बालक की रचना की और उसे अपना पुत्र घोषित किया। जब भगवान शिव आए तो गणेश ने माता की आज्ञा से द्वार रक्षक बने, जिससे क्रोधित होकर शिव ने उनका सिर काट दिया। बाद में हाथी का सिर लगाकर गणेश को पुनर्जीवित किया गया, और वे विघ्नहर्ता, प्रथम पूज्य बने। यह कथा माता की ममता और शिव की करुणा का प्रतीक है।
तत्पश्चात कार्तिकेय (स्कंद) के जन्म एवं विवाह की दिव्य कथा का वर्णन हुआ। तारकासुर के अत्याचार से व्यथित देवताओं की प्रार्थना पर शिव-पार्वती के मिलन से कार्तिकेय का जन्म हुआ। वे छह मुखों वाले, वीर योद्धा के रूप में प्रकट हुए और तारकासुर का संहार कर देवताओं की रक्षा की। बाद में उनका विवाह भी संपन्न हुआ, जो शक्ति और विजय का प्रतीक है।
समापन पर पार्थिव शिवलिंग का विधि-विधान से पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने जल, दूध, बिल्वपत्र, रुद्राक्ष आदि से लिंग पूजा की। इसके बाद तर्पण एवं हवन संपन्न हुआ, जिसमें पूर्वजों और पुण्यात्माओं की शांति के लिए आहुतियां दी गईं। पूजन पश्चात महाप्रसाद वितरित किया गया, जिसे ग्रामवासियों ने भक्ति-भाव से ग्रहण किया।
यह समस्त कार्यक्रम देवी इशर गौरा गौरी (माता पार्वती) की कृपा से संपन्न हुआ। इसका उद्देश्य ग्रामवासियों की आत्मोन्नति, सुख-शांति तथा पूर्वजों एवं पुण्यात्माओं की शांति प्राप्ति था। अंतिम दो दिवसों में श्रद्धालुओं की संख्या हजारों में पहुंच गई, और पूरा ग्राम 'हर हर महादेव' तथा 'जय माता दी' के जयकारों से गूंज उठा।
यह शिव महापुराण कथा श्रृंखला ग्राम चिंगरी के लिए एक ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन सिद्ध हुई, जिससे सभी के हृदय में शिव-पार्वती की भक्ति स्थायी रूप से बस गई।
दुर्ग, / महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम-2013 एवं शी-बॉक्स पोर्टल के संबंध में प्रशिक्षण सह कार्यशाला एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन 19 जनवरी 2026 को शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग एवं छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय में किया गया।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को प्रत्येक कार्यालय में आंतरिक शिकायत समिति एवं जिला स्तर पर स्थानीय शिकायत समिति के गठन की अनिवार्यता की जानकारी दी गई। बताया गया कि किसी भी महिला के साथ कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न की स्थिति में वह संबंधित कार्यालय की आंतरिक शिकायत समिति के समक्ष या शी-बॉक्स पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकती है। साथ ही समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों को अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार शिकायत प्राप्त होने पर की जाने वाली कार्रवाई की प्रक्रिया भी समझाई गई।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले सभी शासकीय एवं निजी संस्थानों में आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है। समिति का गठन नहीं करने पर 50,000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही सभी कार्यालयों को अपनी आंतरिक शिकायत समिति को शी-बॉक्स पोर्टल पर ऑनबोर्ड करने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, बाल विवाह प्रतिषेध, सखी वन स्टॉप सेंटर एवं महिला सशक्तिकरण केंद्र की योजनाओं की भी जानकारी दी गई। कार्यशाला में महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय के अधिकारी-कर्मचारी, आंतरिक शिकायत समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य तथा छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
