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May 30, 2026
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दुर्ग

दुर्ग (5094)

 खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया

दुर्ग / शौर्यपथ / वॉलीबॉल एसोसिएशन, एस.सी. एवं सी.ए., भिलाई इस्पात संयंत्र के संयुक्त तत्वावधान में स्वर्गीय बीरा सिंह की स्मृति 20वीं सीनियर छत्तीसगढ़ राज्य अंतर-जिला वॉलीबॉल चौंपियनशिप का आयोजन वॉलीबॉल कॉम्पलेक्स पंत स्टेडियम, सेक्टर-1 भिलाई में किया गया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस चार दिवसीय प्रतियोगिता का शुभारंभ 25 दिसंबर को हुआ, जिसमें प्रदेशभर से पुरुष एवं महिला वर्ग की कुल 48 टीमें भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता में महिला वर्ग की 17 तथा पुरुष वर्ग की 31 टीमें शामिल हैं।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि दुर्ग की पावन धरा पर आयोजित यह प्रतियोगिता खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी मेहनत और प्रतिभा के बल पर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया।
इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 8 खिलाड़ियों को सम्मानित किया, जिनमें महेन्द्र ध्रुव, अब्दुल्ला, पीहू यादव, दीपेश सिन्हा, कोमल मौर्या, संतोष कुमार, रेखा पदम और विनोद नायर शामिल हैं। वहीं वॉलीबॉल खेल में विशेष योगदान देने वाले 6 वरिष्ठजनों कौशल प्रसाद नायक, एस.एन. नेमा, टीकम दास अंडानी, शंकर लाल यादव, नईमुद्दीप हन्फी एवं राजेश्वर सिंहकृको भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट वॉलीबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री महेश गागड़ा, उपाध्यक्ष अकरम खान, सचिव श्री हेम प्रकाश नायक, एसोसिएट सचिव श्री विनोद नायर सहित अनेक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

  दुर्ग / शौर्यपथ /

भिलाई के जयंती स्टेडियम मैदान में चल रही हनुमंत कथा में मंगलवार का दिन आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। बागेश्वर धाम के आचार्य पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा आहूत दिव्य दरबार में सैकड़ों फरियादी अपने कष्टों के निवारण हेतु पहुंचे, जहाँ कथा वाचक ने परंपरागत पर्ची विधि से उनकी समस्याओं को लिखित रूप में बताया और समाधान सुझाया।
सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा और दोपहर तक कथा स्थल खचाखच भर गया। लाखों भक्त मैदान में बैठकर दिव्य दरबार एवं कथा का रसपान करते रहे।

फरियादियों की भीड़, कष्ट निवारण का सिलसिला

दूर-दूर से आये श्रद्धालुओं ने अपनी अर्जी लगाई। प्रेतबाधा, मानसिक व्याधियाँ, अंधविश्वासजन्‍य पीड़ा सहित विविध समस्याओं से ग्रसित लोगों का पंडित शास्त्री ने साधना के माध्यम से निवारण बताया। धमधा क्षेत्र के एक किसान को बेटी के विवाह हेतु हनुमंत कथा संयोजक राकेश पाण्डेय सहित भक्तों द्वारा बड़ी आर्थिक सहयोग राशि भी प्रदान की गई।

धार्मिक महात्माओं की उपस्थिति

कथा के तीसरे दिन अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास तथा बद्रीनाथ धाम के महंत, यज्ञ सम्राट बालक दास भी कथा स्थल पहुँचे और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया।

सीएम, विधानसभा अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री हुए उपस्थित

हनुमंत कथा के दर्शन हेतु प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपनी धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय के साथ पहुँचे। व्यासपीठ पर उन्होंने महाआरती में भाग लिया और पंडित धीरेंद्र शास्त्री से आशीर्वाद प्राप्त किया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री सरोज पाण्डेय, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, पूर्व विधायक अरुण वोरा, हनुमंत कथा संयोजक राकेश पाण्डेय, रजक बोर्ड अध्यक्ष प्रहलाद रजक, जिलाध्यक्ष द्वय पुरुषोत्तम देवांगनसुरेंद्र कौशिक सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

नेताओं के वक्तव्य

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा—
“छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम की ननिहाल है। ऐसे पवित्र प्रदेश में पंडित धीरेंद्र शास्त्री जैसे संत सनातन धर्म का ध्वज उठाकर समाज को एकजुट करने का जो संकल्प लिए हैं, उसमें प्रत्येक सनातनी को अपनी भूमिका निभानी चाहिए।”
उन्होंने आयोजन के लिए सेवा समर्पण समिति व संयोजक राकेश पाण्डेय को बधाई दी।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा—
“पंडित धीरेंद्र शास्त्री का प्रत्येक शब्द मानव जीवन को दिशा देने वाला है। वह केवल कथा वाचक ही नहीं, बल्कि सनातन धर्म के प्रखर प्रचारक हैं। उनके मार्गदर्शन में समाज का कल्याण सुनिश्चित है।”

सांध्यकालीन कथा में हनुमान चालीसा का दिव्य पाठ

दिव्य दरबार के पश्चात शाम 5 बजे से देर रात तक पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने हनुमान चालीसा की चौपाइयों का दिव्य पाठ कर प्रत्येक पंक्ति का महत्व समझाया। हजारों श्रद्धालु भक्ति के उल्लास में झूमते रहे और “जय हनुमान” के घोष से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा।

durg  / shouryapath / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जयंती स्टेडियम मैदान भिलाई में आयोजित 5 दिवसीय दिव्य श्री हनुमंत कथा समारोह में आज सपत्निक सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम सभी के लिए बड़े सौभाग्य की बात है। पंडित श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री महाराज जी का आशीर्वाद छत्तीसगढ़ को हमेशा मिलता रहा है। उन्होंने बताया कि प्रभु श्रीराम ने अपने वनवासकाल का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में बिताए है। छत्तीसगढ़ माता शबरी का भी यह जगह है। इस दौरान उन्होंने भक्त माता ने जूठे भोजन को खिलाई थी।

मुख्यमंत्री ने श्रीराम लला अयोध्या धाम योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 38 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन करा चुके हैं और लगातार भक्तों को दर्शन करा रहे हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा दर्शन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि विगत 5 वर्षों से बंद यह योजना पुनः प्रारम्भ की गई। अभी तक 5000 बुजुर्ग लाभान्वित हो चुके है। इस योजना के अंतर्गत राज्य के वृद्ध श्रद्धालुओं को देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन कराए जा रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना शुरू कर एक हजार रूपए प्रतिमाह दिया जा रहा है। इस योजना से लगभग 70 लाख महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि सारंगढ जिले के ग्राम दानसरा की महिलाओं ने महतारी वंदन योजना की राशि का चंदा करके प्रभु श्री राम मंदिर का निर्माण कर रही हैं।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी ने अखंड भारत की जो कल्पना की है, वह एक दिन जरूर पूरा होगा। देश-दुनिया में जागृति का यह समय आ चुका है और आप सब जिस भाव के साथ शामिल हुए हैं, उससे ऐसा लगता है कि भारत को विश्व गुरू बनाने का समय आ चुका है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सपत्निक आरती में शामिल हुए और उन्होंने प्रदेश की सुख- समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दिव्य श्री हनुमंत कथा का आयोजन 25 दिसम्बर से 29 दिसम्बर 2025 तक सेवा समर्पण समिति द्वारा किया जा रहा है।

इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग अन्य विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, विधायक श्री ललित चंद्राकर, छत्तीसगढ़ खादी बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय, पूर्व सांसद सुश्री सरोज पाण्डे, पूर्व विधायक श्री लाभचंद बाफना, श्री अरूण वोरा एवं आयोजन समिति के पदाधिकारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, नगर के गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

श्रीरामजी के बिना हनुमानजी अधूरे, चौपाई वार महत्व बताया पंडित धीरेंद्र शास्त्रीजी ने... आज दोपहर 1 बजे लगेगा दिव्य दरबार

भिलाई / शौर्यपथ / औद्योगिक नगरी भिलाई में सेवा समर्पण संस्था के संयोजक राकेश पाण्डेयजी के नेतृत्व में चल रही **दिव्य हनुमंत कथा** के द्वितीय दिवस पंडित धीरेंद्र शास्त्रीजी (बागेश्वर धाम) ने हनुमान चालीसा के षष्ठ चौपाई **"हाथ बज्र व ध्वजा विराजे"** का दिव्य भाष्य करते हुए कहा—जैसे बांग्लादेश में निर्दोष हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं, वैसे ही आज के काल में सनातन धर्म की रक्षा एवं हिंदू भक्तों की सुरक्षा हेतु **ध्वज, माला एवं भाला** तीनों सदा धारण करना अत्यावश्यक है। हे भक्तगण! अधर्म के विरुद्ध यह त्रिशूल हनुमानजी का प्रतीक है।
कथा स्थल पर भक्तों की भारी वर्षा हुई। दुर्ग-भिलाई, रायपुर, राजनांदगांव सहित छत्तीसगढ़ एवं अन्य प्रांतों से सैकड़ों भक्तगण पधारे। इनमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव सायजी की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय , भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री सरोज पाण्डेय , सांसद विजय बघेल एवं धर्मपत्नी श्रीमती रजनी बघेल , अहिवारा विधायक डोमन लाल कोसेवाड़ा, प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष सुष्री विभा अवस्थी, दुर्ग-महापौर श्रीमती अल्का बाघमार, जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव की माता पुष्पा देवी यादव, पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर, सांवला राम डाहरे, बस्तर राजा कमल सिंह भंजदेव सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने कथा श्रवण कर पंडित शास्त्रीजी के चरणों में आशीर्वाद ग्रहण किया।

हनुमान चालीसा का दसवां भाग: श्रीराम भक्ति का सार
पंडित धीरेंद्र शास्त्रीजी ने हनुमान चालीसा के दसवें भाग तक के प्रत्येक चौपाई का निहितार्थ प्रकट करते हुए कहा—**"श्रीरामजी के बिना हनुमानजी अधूरे हैं, हनुमानजी के बिना श्रीरामजी अधूरे!"** यह भक्ति का परम सत्य है। गोस्वामी तुलसीदासजी ने चालीसा में लिखा प्रत्येक शब्द भक्त-भगवान की महिमा ही नहीं, मानव जीवन का सार है। बुरी शक्तियों एवं अधर्मियों के विरुद्ध हनुमान चालीसा **वज्र बाण** है। इसे आचरण में आत्मसात कर धर्ममार्ग पर चलो, तो कल्याण निश्चित। श्रीराम-हनुमान भक्ति के पावन भजनों में समस्त भक्तगण झूम उठे।

आज का दिव्य कार्यक्रम:
शनिवार को तृतीय दिवस दोपहर 1 से 3 बजे तक दिव्य दरबार —पर्ची के माध्यम से दुख-समस्याओं का निवारण। तत्पश्चात 3 से 6 बजे तक पुनः कथा वाचन । हे भक्तो! आइये, हनुमानजी की कृपा पाइये। जय बजरंगबली!

    दुर्ग / शौर्यपथ / राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में सुव्यवस्थित धान खरीदी की नीति से किसानों के जीवन में खुशहाली आयी है। समर्थन मूल्य पर धान की बिक्री और समय पर राशि भुगतान होने पर किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। बैंक के पुराने ऋण चुकता करने के बाद बची राशि परिवार की मॉली हालत सुधारने में सहायक रही है। इन्हीं में से ग्राम कातरों के उन्नत लघु कृषक श्री सदाराम भी है, जिन्होंने अपने 4.28 एकड़ की कृषि भूमि पर धान की खेती कर अपने उपज को आसानी से समर्थन मूल्य में बेचने में कामयाबी हासिल की है। सदाराम ने बताया कि सरकार द्वारा इस वर्ष धान खरीदी के लिए तुंहर टोकन एप से उन्हें टोकन प्राप्ति में कोई परेशानी नहीं हुई। पहली बार उन्होंने उपार्जन केन्द्र में 167 कट्टा धान की बिक्री और दूसरी बार 67 कट्टा धान की बिक्री की। अब वह अपने द्वारा उपार्जित धान बेच चुके हैं। धान बिक्री के पश्चात् भुगतान भी उन्हें एक सप्ताह के भीतर प्राप्त हो चुका हैं। प्राप्त राशि से उन्होंने 70 हजार रूपए की बैंक ऋण चुकता किया है, शेष राशि का उपयोग वह रबी फसल की तैयारी और पारिवारिक खर्च में व्यय करने की बातें कहीं। वे कहते हैं कि धान खरीदी की व्यवस्था पहले से कही बेहतर है ऑनलाईन टोकन की व्यवस्था से किसानों को बहुत सुविधा दी गई है। घर बैठे टोकन मिलने से समिति में टोकन के लिए लाइन लगाने की नौबत नहीं है, साथ ही समय की बचत भी हुई है।
श्री सदाराम का कहना है कि 3100 रूपए प्रति क्विंटल दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदने की व्यवस्था किसानों की आर्थिक स्तर को मजबूती प्रदान की है। सरकार की इस पहल के लिए सदाराम मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को दिल से धन्यवाद ज्ञापित किया है। सदाराम जैसे अनेकों कृषक है जिन्‍होंने तुंहर टोकन एप के माध्यम से सुगमतापूर्वक उपार्जन केन्द्रों में अपना उपज को बेचने सफल हुए हैं।

 भिलाई / शौर्यपथ /
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के भिलाई इस्पात संयंत्र ने उत्पादन उत्कृष्टता की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेस–8 (महामाया) ने एक ही दिन में 10,025 टन हॉट मेटल उत्पादन कर अब तक का सर्वाधिक एक-दिवसीय उत्पादन दर्ज करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस उल्लेखनीय प्रदर्शन के साथ फर्नेस ने अपने ही पूर्व सर्वश्रेष्ठ एक-दिवसीय उत्पादन रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया।
इस अभूतपूर्व उपलब्धि के उपलक्ष्य में ब्लास्ट फर्नेस–8 के केंद्रीय नियंत्रण कक्ष (सेंट्रल कंट्रोल रूम) में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कार्यकारी कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री तापस दासगुप्ता रहे। अपने संबोधन में उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को विभिन्न विभागों एवं अनुभागों के सामूहिक, समन्वित और सतत प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि कोक ओवन, सिंटर प्लांट, ओर हैंडलिंग प्लांट, रॉ मटेरियल डिपार्टमेंट, ऑक्सीजन प्लांट, इंस्ट्रूमेंटेशन, पावर ब्लोइंग स्टेशन, रेल एवं कोल लॉजिस्टिक्स, स्टील मेल्टिंग शॉप, ट्रांसपोर्टेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन, रॉ एनर्जी डिपार्टमेंट सहित सभी सहयोगी विभागों की भूमिका सराहनीय रही है। श्री दासगुप्ता ने सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए प्रतिदिन 10,000 टन प्रति दिवस हॉट मेटल उत्पादन को निरंतर बनाए रखने तथा इस उत्कृष्ट प्रदर्शन को दोहराने पर बल दिया।
इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (ब्लास्ट फर्नेस) मनोज कुमार ने भी ब्लास्ट फर्नेस–8 की टीम को बधाई देते हुए उत्पादन में आई इस सकारात्मक गति को आगे भी बनाए रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (सेवाएं) तुषार कान्त, मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (मैटेरियल्स एंड यूटिलिटीज) बिजय कुमार बेहेरा, मुख्य महाप्रबंधक (कोक ओवन) तुलाराम बेहेरा, मुख्य महाप्रबंधक (मैकेनिकल) प्रमोद कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (रॉ एनर्जी डिपार्टमेंट) प्रोसेनजीत दास, मुख्य महाप्रबंधक (प्रोडक्शन प्लानिंग एंड कंट्रोल) प्रवीण राय भल्ला, मुख्य महाप्रबंधक (स्टील मेल्टिंग शॉप–3) त्रिभुवन बैठा, मुख्य महाप्रबंधक (रेल एवं कोल लॉजिस्टिक्स) राहुल श्रीवास्तव, महाप्रबंधक प्रभारी (ट्रांसपोर्टेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन) गोपीनाथ मल्लिक, महाप्रबंधक प्रभारी (पावर ब्लोइंग स्टेशन) जाकिर शैख़, महाप्रबंधक प्रभारी (सिंटर प्लांट–2) जगेन्द्र कुमार सहित ब्लास्ट फर्नेस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं ब्लास्ट फर्नेस–8 की समर्पित टीम के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह उपलब्धि सेल–भिलाई इस्पात संयंत्र की तकनीकी दक्षता, परिचालन अनुशासन और टीम भावना को रेखांकित करते हुए राष्ट्रीय इस्पात उत्पादन में इसके महत्वपूर्ण योगदान को और सुदृढ़ करती है।

  दुर्ग / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत आज चार हितग्राहियों को निःशुल्क एलपीजी गैस सिलेंडर वितरित किए गए। जैसे ही महिलाओं को सिलेंडर मिला, उनके चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। यह खुशी सिर्फ सुविधा मिलने की नहीं थी, बल्कि वर्षों से चली आ रही परेशानियों से राहत पाने की थी। छोटे से कच्चे मकान में जीवन गुजार रहीं राजेश्वरी साहू, मीना यादव, परमेश्वरी वर्मा और पावर्ती के लिए यह दिन किसी सपने के पूरे होने जैसा था। चूल्हे पर खाना बनाते समय धुएं, आंखों में जलन और सांस की तकलीफ से जूझना उनकी रोजमर्रा की मजबूरी थी। उज्ज्वला योजना के तहत स्वच्छ रसोई ईंधन उपलब्ध होने से अब उनके घरों में धुएं से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों में कमी आई है।
मेड़ेसरा निवासी श्रीमती राजेश्वरी साहू ने बताया कि निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन स्वीकृत होने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को सुरक्षित, स्वच्छ और किफायती खाना पकाने का ईंधन मिला है, जिससे उन्हें काफी सुविधा हो रही है। आवेदन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए पासपोर्ट आकार का फोटो, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड एवं बैंक खाते का विवरण जमा किया गया। गरीब परिवारों की महिलाओं को बिना किसी जमा राशि के एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है, जिससे उन पर किसी तरह का आर्थिक बोझ नहीं पड़ा। कनेक्शन मिलने से न केवल घरों में धुएं से होने वाला प्रदूषण कम हुआ है, बल्कि घरेलू श्रम और समय की भी बचत हो रही है।
रवेली निवासी परमेश्वरी वर्मा ने बताया कि पहले चूल्हे के धुएं से घर के छोटे-छोटे बच्चों को भी परेशानी होती थी। अब गैस सिलेंडर मिलने से बच्चों को धुएं से राहत मिलेगी और खाना बनाने में समय भी बचेगा। छोटा-मोटा काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाली मीना यादव ने बताया कि उन्हें इस योजना का लंबे समय से इंतजार था। पहले भी उन्होंने आवेदन किया था, लेकिन तब लाभ नहीं मिल पाया। अब वर्षों के इंतजार के बाद गैस कनेक्शन मिलने से उनके घर में खुशी का माहौल है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ग्रामीण और गरीब परिवारों की महिलाओं के जीवन में बदलाव ला रही है। यह योजना न सिर्फ स्वच्छ रसोई का सपना साकार कर रही है, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य और जीवन स्तर को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

कपड़ा लाइन में दिखावटी कार्रवाई, कुआं चौक-गढ़ कलेवा-पोस्ट ऑफिस क्षेत्र में खुलेआम अवैध गुमठियां, ₹200-₹500 के चालान में निपट रहा कानून

दुर्ग नगर पालिक निगम का अतिक्रमण विभाग एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में है। जिस विभाग की जिम्मेदारी शहर को अतिक्रमण मुक्त रखने की है, वह अब कार्यवाही के नाम पर केवल चाय-नाश्ते तक सीमित नजर आ रहा है।

कपड़ा लाइन में हर बार वही कुछ दुकानदारों पर कार्रवाई कर अपनी “सक्रियता” साबित करने वाला निगम अमला, कुआं चौक जैसे व्यस्त इलाके में सड़कों तक फैले ठेले-गुमठियों पर पूरी तरह मौन दिखाई देता है। यातायात बाधित हो रहा है, आम नागरिक परेशान हैं, लेकिन अतिक्रमण विभाग की आंखें मानो बंद हैं।

पांडे जूस सेंटर द्वारा सड़क तक सामान फैलाने की कई बार लिखित व मौखिक शिकायतों के बावजूद, कार्रवाई केवल ₹200 से ₹500 के औपचारिक चालान तक सिमट जाती है। यह कार्रवाई नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से बचने का तरीका प्रतीत होती है।

सबसे गंभीर मामला पोस्ट ऑफिस के बगल, शासकीय गढ़ कलेवा के सामने स्थापित अवैध गुमठी का है। यह गुमठी न केवल अवैध है, बल्कि विवादों से भी घिरी रही है। इसके बावजूद इसी गुमठी से हजारों रुपये के चाय-नाश्ते के बिल जिला पंचायत में पास होना, कई बड़े सवाल खड़े करता है।

जब यहां केवल चाय के अलावा कुछ भी उपलब्ध नहीं, तो आखिर इतने बड़े बिल किस आधार पर पास हो रहे हैं? और इस अवैध गुमठी को बचाने के लिए कौन अधिकारी अपनी संवैधानिक शक्तियों का दुरुपयोग कर रहा है—यह अब जांच का विषय बन चुका है।

हैरानी की बात यह है कि निगम का अतिक्रमण अमला इस गुमठी तक “कार्रवाई” के लिए पहुंचता तो है, लेकिन तस्वीरें खिंचवाकर बिना किसी ठोस कार्रवाई के लौट आता है। यह दृश्य साफ संकेत देता है कि कार्रवाई केवल कागजों और कैमरों तक सीमित है।

शहर में ऐसे कई कबाड़ी व्यवसाय भी संचालित हो रहे हैं, जिनके पास न तो निगम की अनुज्ञप्ति है और न ही वैध लाइसेंस। लाइसेंस विभाग, राजस्व विभाग और अतिक्रमण विभाग—तीनों को जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई न होना, मिलीभगत की आशंकाओं को और मजबूत करता है।

इस पूरे घटनाक्रम की सीधी प्रशासनिक जिम्मेदारी निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल पर आती है। प्रशासनिक मुखिया होने के नाते निगम के कार्यों की निगरानी, कर्मचारियों पर नियंत्रण और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करना उनकी संवैधानिक व नैतिक जिम्मेदारी है। लेकिन लगातार सामने आ रही भेदभावपूर्ण कार्रवाइयों ने आयुक्त की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं।

वहीं जनप्रतिनिधि के रूप में महापौर अलका बाघमार की चुप्पी और निष्क्रियता भी अब चर्चा का विषय बन चुकी है। जनता के हितों से जुड़े इतने गंभीर मामलों पर मौन रहना, शहरी सरकार की मुखिया की भूमिका पर सवाल खड़े करता है।

आज निगम कर्मचारियों से लेकर आम नागरिकों तक के बीच यही चर्चा है कि—

क्या दुर्ग नगर निगम में कानून सबके लिए बराबर है? या फिर अतिक्रमण पर कार्रवाई केवल कमजोरों तक सीमित रह गई है?

दुर्ग भिलाई (शौर्यपथ )

भिलाई के जयंती स्टेडियम में श्री हनुमंत कथा और दिव्य दरबार का भव्य पांच दिवसीय आयोजन गुरुवार से प्रारंभ हो गया। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज भिलाई पहुंचे, जहां उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिंदू एकता, राष्ट्रवाद और सनातन धर्म की रक्षा का प्रबल संदेश दिया।
सनातन धर्म के ध्वजवाहक बाबा बागेश्वर धाम ने अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा कि हिंदुओं को जोडऩा, हनुमान जी की भक्ति जगाना और राष्ट्रवाद की जागृति यदि किसी को 'अंधभक्तिÓ लगे, तो उन्हें देश छोड़ देना चाहिए।यह आयोजन 25 से 29 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें 27 दिसंबर को विशेष रूप से देवी दरबार का आयोजन होगा।
आयोजको द्वरा सुबह 10 बजे सिविक सेंटर चौक से कलश यात्रा प्रारंभ हुई , जिसमें मातृ शक्तियां पीला वस्त्र धारण कर कलश सजाया गया । प्रथम दिवस की कथा में लाखों श्रद्धालुओं के सम्मिलित हुए , जिन्होंने हनुमान भक्ति में डूबकर आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त की ।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री का प्रेस कॉन्फ्रेंस:
हिंदू एकता का अलख जगाया -प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बांग्लादेश में हिंदू युवक को जिंदा जलाए जाने की घटना का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि भारत के सनातनियों को कान खोलकर सुन लेना चाहिए—बांग्लादेश में हिंदू होना अपराध है, तो भारत में भी वह दिन दूर नहीं। उन्होंने जोरदार अपील की, "अभी नहीं तो कभी नहीं!" यही समय है जब हिंदू एकजुट होकर हिंदू राष्ट्र बनाएं। बाबा ने स्पष्ट कहा कि जब तक भारत हिंदू राष्ट्र न बनेगा, उनकी यात्रा जारी रहेगी। जातिवाद को त्यागकर राष्ट्रवाद से ही देश की उन्नति होगी।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अंधविश्वास वाले बयान पर बाबा बोले, "हम नेता नहीं, संत हैं। जिन्हें हिंदू धर्म में विश्वास न हो, उन्हें यहां रहने की जरूरत नहीं।" छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के तीन प्रमुख कारण—आर्थिक तंगी, अशिक्षा और अंधविश्वास—को समाप्त करने का संकल्प दोहराते हुए उन्होंने पदयात्रा की घोषणा की, जिसकी तैयारी पूरी हो चुकी है।
सुरक्षा और व्यवस्थाएं: 600 पुलिसकर्मी, ड्रोन और सीसीटीवी से किलेबंदीसुरक्षा के मद्देनजर दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल के निर्देश पर जयंती स्टेडियम में 600 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। सीसीटीवी, ड्रोन कैमरों और विशेष मॉनिटरिंग कक्ष से पूर्ण निगरानी सुनिश्चित की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु सफाई, पार्किंग, भोजन और अन्य व्यवस्थाएं पूर्ण हैं।
आयोजक राकेश पांडेय ने अपील की कि सभी अनुशासित भाव से भाग लें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।यह कथा न केवल धार्मिक, अपितु सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का प्रतीक बनेगी, जो छत्तीसगढ़वासियों के हृदय में हनुमान भक्ति की ज्योति प्रज्वलित करेगी।

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