
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
Google Analytics —— Meta Pixel
- 04 करोड़ 65 लाख रूपए लागत के महाविद्यालय भवन निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन
- विज्ञान प्रायोगिक सामग्री खरीदी के लिए 5 लाख रूपए की घोषणा
दुर्ग / शौर्यपथ / जिले के धमधा तहसील अंतर्गत शासकीय महाविद्यालय पेंड्रावान (धमधा) के नवीन भवन के लिए भूमिपूजन आज प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। 4 करोड़ 65 लाख रुपये की लागत के इस महाविद्यालय भवन के बन जाने से क्षेत्र के बारहवी उत्तीर्ण विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सहूलियत होगी। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक ईश्वर साहू, राज्य तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू, पूर्व विधायक लाभचंद बाफना, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे एवं सुरेंद्र कौशिक उपस्थित थे।
समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री वर्मा ने कहा कि जीवन की सफलता केवल शिक्षा की डिग्री पाने से नही है अपितु संस्कृति और संस्कार को आत्मसात कर जीवन जीना है। उन्होंने महाविद्यालयीन विद्यार्थियों द्वारा छत्तीसगढ़ी संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति का सराहना करते हुए सांस्कृतिक दल के लिए 5100 रूपए प्रोत्साहन राशि अपने तरफ से प्रदान करने की घोषणा की। मंत्री वर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सुशासन मंे प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी को क्रमशः पूरी कर रही है। प्रदेश में सरकार शांति और विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने बस्तर में नक्सली उन्मूलन में सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी की विजन के साथ 2047 तक प्रदेश को विकसित राज्य बनायंेगे। उच्च शिक्षा मंत्री वर्मा ने पेंड्रावान और बोरी महाविद्यालय में अहाता निर्माण का भरोसा दिलाया, वहीं उन्होंने महाविद्यालय के विज्ञान प्रायोगिक सामग्री खरीदी के लिए 5 लाख रूपए की घोषणा की।
क्षेत्रीय विधायक ईश्वर साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज गांव वालों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी होने जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी जी की गारंटी को प्रदेश सरकार द्वारा समय से पहले पूरी करने की पहल से अवगत कराते हुए प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को रेखांकित किया। महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती उषाकिरण अग्रवाल ने महाविद्यालय के शैक्षणिक गतिविधियों एवं मागों से मंत्री जी को अवगत कराया। सरपंच श्रीमती प्रतिमा सिन्हा ने स्वागत उद्बोधन में ग्राम एवं क्षेत्र की जनता की विभिन्न मांगों की ओर मुख्य अतिथि मंत्री वर्मा का ध्यान आकृष्ट किया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं पंचायत प्रतिनिधि, महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थी और बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।
दुर्ग । शौर्यपथ । नगर निगम में विपक्ष की भूमिका सुचारू रखने और जनता की आवाज़ बनने के दायित्व पर खरा उतरने को लेकर कांग्रेस के भीतर सांबा-सा तनाव स्पष्ट दिखने लगा है। पिछले छह महीनों के आंदोलन और नेता प्रतिपक्ष पद की प्रतीक्षा के बाद जब संजय कोहले को वह आरामदेह ऑफिस-व्यवस्था मिल गई, तो उनसे जुड़ी असंतुष्टि धीरे-धीरे मुखर होती जा रही है। अब कांग्रेस के नव-निर्वाचित जिला अध्यक्ष व पूर्व महापौर धीरज बांकलीवाल के ऊपर यह दायित्व सुलझाने की बड़ी जिम्मेदारी आ खड़ी हुई है — कि वे क्या निगम में सचमुच मजबूत विपक्ष तैयार कर पाएंगे या मामला फिर भी धूल में दफन हो जाएगा।
वृहत आरोप और नगर की बदहाल हालत
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों और शहरवासियों के कहे अनुसार पिछले 20 सालों में जिस तरह निगम की हालत वर्तमान में बदहाली के शिखर पर नजर आ रही है, वह पहली बार भयावह रूप में नजर आ रहा है। जल आपूर्ति में अनियमितता, टूटे-फूटे और गड्ढों से भरी सड़कें, अतिक्रमण, रात में अंधेरे वाले रास्ते, बदबूदार वातावरण, कार्यालयों में अधिकारियों का अनुपस्थित होना, सफाई व्यवस्था की विफलता और धनवानों द्वारा अवैध पक्का निर्माण — ये वे मुद्दे हैं जो नागरिकों की रोज की परेशानियों का कारण बने हुए हैं।
इन तमाम समस्याओं के बीच कांग्रेस के दर्जनभर पार्षदों की उम्मीद थी कि उन्हें मिले नेता प्रतिपक्ष संजय कोहले निगम में विपक्षी तीखापन बनाए रखकर जनता की आवाज़ बुलंद करेंगे। पर स्थानीय लोगों और कई पार्षदों का आरोप है कि कोहले पिछले छह महीने में सिर्फ़ एसी-कमरा और कैमरा मिलने के लिए आंदोलन करते रहे; और जैसे ही सुविधाएँ मिलीं, उन्होंने महापौर की प्रशंसा करने वाले व्यवहार में आ धीरे-धीरे विपक्षी भूमिका से दूरी बना ली।
कांग्रेस बनाम भाजपा: संगठनात्मक अनुशासन और जनता की धारणा
असंतुष्टि केवल कांग्रेस पार्षदों तक सीमित नहीं रही — दबी जुबां में भाजपा के कुछ पार्षद भी कहते सुने गए हैं कि जब नेता प्रतिपक्ष ही मौन हो जाए तो उनको किसके खिलाफ आवाज़ उठानी चाहिए। राजनीतिक विश्लेषण यह बताता है कि विपक्ष की सक्रियता ही लोकतंत्र में सत्ता को जवाबदेह बनाती है; और यदि विपक्ष का नेतृत्व स्वयं साइलेंट मोड में चला जाए तो नगर शासन की जवाबदेही कमजोर पड़ती है और प्रशासनिक अनियमितताएँ बढ़ती हैं।
पार्टी कार्यकारिणी के अंदर यह मत बनता जा रहा है कि संगठन द्वारा दी गई ज़िम्मेदारी का यदि निर्वाह ईमानदारी से नहीं हो रहा तो बदलाव अपरिहार्य है। कई कांग्रेस पार्षद अब धीरज बांकलीवाल से यही अपेक्षा रखते हैं कि वे युवा जोश और सशक्त नेतृत्व के साथ नगर निगम में विपक्षी चेहरा बदलकर नए सिरे से सक्रियता दिखाएँ — वरना आरोपों को लेकर अंदरूनी असंतोष और सार्वजनिक धारणा दोनों ही पार्टी के लिए महंगी साबित हो सकती हैं।
धीरज बांकलीवाल पर क्या दबाव है?
धीरज बांकलीवाल, जिनके पास निगम की राजनीति की जानकारी और पूर्व महापौर के नाते अनुभव भी है, के ऊपर अब दो तरह का दबाव है — एक, निगम में अनियमितताओं और जनक्रोध के मुद्दों को उजागर कर एक जिम्मेदार और संघर्षशील विपक्षी नेतृत्व स्थापित करना; और दूसरा, संगठनात्मक संतुलन बनाए रखते हुए ऐसे कदम उठाना कि पार्टी की छवि सुधारे और स्थानीय लोकप्रियता बनी रहे। यदि बांकलीवाल पहले ही कार्यालय आवंटन आदि जैसी सुविधाएँ मिलने के बाद मौन रहने वालों की राह अपनाते हैं, तो कांग्रेस के लिए दीर्घकालिक राजनैतिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।
सम्भावित परिणाम और राजनीतिक रणनीति
यदि जिला अध्यक्ष शीघ्र ही कदम नहीं उठाते — जैसे नेता प्रतिपक्ष की भूमिका पर पुनर्विचार, नया चेहरा उतारना, या पारदर्शी सामूहिक रणनीति अपनाना — तो निगम में कांग्रेस का संघर्ष कमजोर दिखेगा और स्थानीय मतदाता वर्ग में निराशा बढ़ेगी। दूसरी तरफ़, सक्रिय विपक्ष और नियमित धरनों, प्रश्न-काल, जन सुनवाइयों और मीडिया-प्रेसर के जरिये मुद्दों को उठाने से निगम प्रशासन पर असर पड़ सकता है और नगर की समस्याओं का समाधान भी तेज़ हो सकता है — यही कांग्रेस पार्षदों की अपेक्षा है।
निष्कर्ष — यह मरीज कौन ठीक करेगा?
कुर्सी का मोह — यह केवल एक व्यक्तिगत दोष का टैग नहीं रह जाता बल्कि जब वह मोह लोकतंत्र के आवश्यक प्रतिस्पर्धी तंत्र को प्रभावित करने लगे, तब मामला गंभीर हो जाता है। आज की सवा-सवाल भरी राजनीति में धीरज बांकलीवाल के सामने यह चुनौती है कि वे क्या संजय कोहले को नए सिरे से सक्रिय कर पाएँगे, या आवश्यकता हुई तो विपक्ष का चेहरा बदलकर निगम में जनता की आवाज़ को फिर से बुलंद कर पाएँगे।
कांग्रेस की अगले कुछ कार्यवाहियों और निगम में उठने वाले सार्वजनिक मुद्दों पर उनके कदम यह तय करेंगे कि क्या दुर्ग नगर निगम में विपक्ष फिर से एक दबंग और जवाबदेह शक्ति बनकर उभरेगा — या कुर्सी का मोह लोकतंत्र की ज़रूरतों पर भारी पड़ जाएगा।
भारतीय लोक जीवन में श्री राम कृष्ण व्याप्त है
यही है सनातन संस्कृति - संत निरंजन
दुर्ग ग्रामीण / शौर्यपथ / पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू धर्मपत्नी श्रीमती स्व.कमला देवी साहू जी की पुण्य स्मृति में आयोजित ग्राम पाऊवारा में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में श्रीकृष्ण जन्म का भव्य आयोजन किया गया।
कथा के पांचवे दिन कथा वाचक संत श्री निरंजन महाराज जी ने भगवान श्री कृष्ण अवतार की कथा का विस्तृत वर्णन करते हुये श्रोताओं को आनंदित किये।
ईश्वर के संकल्प सृष्टि का सृजन पालन संहार होता है। भगवान के नेत्र खोलने पर मुस्कुराने पर प्रलय और आंख टेढ़ी कर देने पर संहार हो जाता है।मानव मात्र को कर्तव्य कर्म मे प्रेरित करने अकर्ता ईश्वर हमें कार्य करते हुए दिखाई देते हैं। आत्मा राम अनुभूति का विषय है निर्गुण ब्रह्म सगुन रूप में लीला करते है आत्म तत्व के लिए स्वयं पर स्वयं की कृपा होना आवश्यक है।
सच्चिदानंद भगवान को जानने के लिए गुरुओं सन्तो के सरणों में लोट कर पद-रज से स्वयं को आनन्दित करें। भगवान राम मर्यादा पुरुषोत्तम कहलायें और श्री कृष्ण के रूप में सर्वत्र प्रेम बाँटे। जंगलो में घुमते हुए बनवासी राम भोले -भाले आदिवासीयो को, पिछड़ो को गले लगाकर समाज के मूल धारा से जोड़े। वही योगीराज भगवान कृष्ण गोरक्षा प्रकृति संवर्धन, संगठन,स्वास्थ्य, सात्विक भोजन, निर्भीकता, सहजता धैर्य, साहस, स्नेह जैसी मानवीय मूल्यों को स्थापित कर संसार को पीड़ा देने वाले दैत्यों' का संहार किये।
द्वारीकाधीश के रूप में भगवान श्री कृष्ण कला संस्कृति का पोषण करते हुए कुशल प्रज्ञा पालन किये।कर्तव्य पथ में असहाय बने अर्जुन को युध्द कि किए प्रेरित कर कुशल युध्द संचालक बनकर गीला-ज्ञान भक्ति और वैराग्य को संदेशवाहक बने।भगवान के इन दिब्य लीलाओ का स्मरण करते हुए दुःख दर्द भरे इस दुनिया में जीवन का बाग सजाना है। पल भर सत्संग कथा हरि का सबसे अनमोल खजाना है।
जीवन को उत्सव बनाकर सम्पूर्ण जीवन को प्रेम और आनंद पूर्वक व्यतित करते, नित्य हम भगवान श्री कृष्ण के संदेश को आत्मसात कर धन्य बनें।
जैसे ही कथा में वासुदेव जी नवजात श्रीकृष्ण जी को लेकर कथा स्थल पर पहुंचे तो श्रद्धालु झूम उठे। श्रद्धालुओं नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की के जयघोष से पांडाल गूंज उठा। इस मौके पर श्रीकृष्ण जन्म की खुशी में बधाई गाई गई और प्रसाद वितरित किया गया।
इस अवसर पर प्रदेश साहू संघ के अध्यक्ष डॉ निरेन्द्र साहू,पूर्व विधायक बालोद प्रीतम साहू,पूर्व विधायक साजा लाभचंद बाफना,पूर्व अध्यक्ष हस्त शिल्प बोर्ड दीपक साहू जिला अध्यक्ष साहू समाज नंद लाल साहू, कृष्णा साहू, मंजु साहू,रमेश साहू,अध्यक्ष सेवादल धमतरी होरिलाल साहू,तुलसी साहू,राष्ट्रीय महासचिव लक्ष्मी गुप्ता, हलधर साहू,कलाम, प्रभात धुर्वे,सरस्वती चंद्रकार,युगल पांडे, अखिलेश तिवारी,महेश दुबे, नवीन ताम्रकार,ईश्वर सोनी, राजेन्द्र ठाकुर, दीपिका चन्द्रकार, भीषम हिरवानी, रत्ना नारम देव,झमित गायकवाड़,सनीर साहू, रिवेन्द्र यादव, तारकेश्वर चन्द्रकार, घसिया देशमुख, बाबू लाल देशमुख, भुनेश्वरी ठाकुर,रुपेश देशमुख, मुकेश साहू, देवा साहू,गोपाल साहू, डालेश साहू नोहर साहू, सहित हजारों की संख्या में श्रोता समाज एवं समस्त आयोजन कर्ता व समस्त ग्रामवासी पाऊवारा बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
भिलाई निगम / शौर्यपथ / कैलाश नगर, मानसरोवर मंदिर के समीप स्थित खसरा नंबर 1591, 1592 एवं 1593, जो लंबे समय से शासकीय भूमि के रूप में दर्ज है, को बचाने के लिए स्थानीय नागरिकों ने बड़ा आंदोलन खड़ा कर दिया। वर्ष 2023 में पार्षद नेहा साहू की पहल पर इस भूमि पर सामुदायिक भवन निर्माण हेतु नगर निगम भिलाई द्वारा निविदा जारी की गई थी, परंतु शासन परिवर्तन के बाद निविदा निरस्त हो गई।
भूमि पर कब्जे के लगातार प्रयास
भूमि लंबे समय से खाली होने के कारण भू-माफियाओं की नजर बनी हुई थी। इसी क्रम में आशा वैष्णव द्वारा अपने निजी खसरों (1588 और 1590/1) का सीमांकन शासकीय भूमि पर करवाने का प्रयास किया गया। मोहल्लेवासियों एवं पार्षद नेहा साहू ने स्थल पंचनामा में इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई, क्योंकि बिना मूल दस्तावेज और रजिस्ट्री के शासकीय भूमि पर सीमांकन किया जा रहा था।
लगातार शिकायतों के बाद नगर निगम आयुक्त एवं अतिरिक्त तहसीलदार को भूमि संरक्षण हेतु आवेदन किया गया, जिसके आधार पर राजस्व प्रकरण दर्ज कर टीम गठित की गई। सीमांकन प्रक्रिया कई बार भू-माफियाओं के हस्तक्षेप के कारण बाधित होती रही और महीनों तक प्रकरण लंबित रहा।
शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा
18 नवंबर 2025 को सुनील कश्यप एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा संपूर्ण भूमि पर पोल, प्री-कास्ट दीवार और कैमरा लगाकर कब्जा कर लिया गया। जब मोहल्लेवासियों ने इसका विरोध किया तो सुनील कश्यप ने दावा किया कि उसने यह जमीन आशा वैष्णव से खरीदी है। इसकी शिकायत पार्षद नेहा साहू ने नगर निगम, तहसीलदार, एसडीएम दुर्ग और कलेक्टर को दी, परन्तु तत्काल कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बीच भू-माफियाओं द्वारा अवैध प्लॉटिंग भी शुरू कर दी गई।
01 दिसंबर से अनिश्चितकालीन धरना
प्रकरण में विलंब व लगातार कब्जों के विरोध में पार्षद नेहा साहू तथा मोहल्लेवासी 01 दिसंबर 2025 से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। इसी दिन तहसीलदार भिलाई ने आशा वैष्णव को काम रोकने और शासकीय भूमि सीमांकन का आदेश जारी किया।
सीमांकन में 80% भूमि शासकीय पाई गई
दो दिन चली सीमांकन प्रक्रिया में कब्जाई गई भूमि का करीब 80% हिस्सा शासकीय पाया गया।
जांच टीम ने बताया कि निजी खसरा 1590/1 का चिन्हांकन भी आवश्यक है। सीमांकन के बाद लगभग 28–30 घर शासकीय भूमि पर निर्मित पाए गए, जिनमें से आधे से अधिक घरों को आशा वैष्णव या उनके पिता द्वारा बेचा गया था। शेष घर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से अनुमोदित पाए गए।
छह दिन बाद प्रशासन से वार्ता
लगातार छह दिनों के धरने के बाद 06 दिसंबर 2025 की शाम को तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, जामुल थाना प्रभारी व टीम धरनास्थल पहुंचे। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि शासकीय भूमि को सुरक्षित किया जाएगा। निजी खसरों की स्थिति स्पष्ट होने तक क्षेत्र की वर्तमान स्थिति यथावत रखी जाएगी।
धरना समाप्त
संतोषजनक चर्चा के बाद पार्षद नेहा साहू एवं मोहल्लेवासियों ने धरना समाप्त करने की घोषणा की और जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा मीडिया का आभार व्यक्त किया।
मुख्य अतिथि तुलाराम बेहरा ने उद्बोधन में कहा कि कार्यक्षेत्र में वार्तालाप हिंदी में करने से संवाद सरल बनता है। कंप्यूटर, दस्तावेजों एवं रजिस्टरों में हिंदी में लेखन आज की आवश्यकता है। राजभाषा नीति के अनुसार पत्राचार एवं कार्यालयीन कार्य हिंदी में किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें शत-प्रतिशत कार्य हिंदी में करने की दिशा में प्रयासरत रहना चाहिए। हिंदी हमारे समग्र निष्पादन को भी बेहतर बनाती है।
महाप्रबंधक एवं विभागीय हिंदी समन्वय अधिकारी एम.एस. नायडू ने विभाग द्वारा हिंदी के क्षेत्र में की जा रही पहलों, विशेष कार्यों तथा संयंत्र स्तरीय प्रतियोगिताओं के विजेताओं की जानकारी दी। विभागीय प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि विभाग में राजभाषा के सांविधिक प्रावधानों का पालन किया जाता है तथा अधिकारियों के सभी नामपट्ट और रबर स्टाम्प द्विभाषी हैं।
कार्यक्रम में राजभाषा विभाग द्वारा सामान्य ज्ञान आधारित एक रोचक प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें एम.एस. नायडू, विजेन्द्र कुमार वर्मा और हेमराज क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार विजेता रहे। प्रोत्साहन पुरस्कार मधुसूदन नायक (महाप्रबंधक–प्रभारी सीआरजी), देवेन्द्र कुमार सोनी (इंजीनियरिंग एसोसिएट) और डी. विक्टर (चार्जमेन) को प्रदान किए गए।
कार्यशाला में महाप्रबंधक (प्रभारी प्रचालन) झगर सिंह, महाप्रबंधक (यांत्रिकी) मधुसूदन नायक, टी.ए. गगन किशोर, इंजीनियरिंग एसोसिएट राजेश वर्मा, रमेश दौने, राजेन्द्र कुमार गजेन्द्र, लोकचंद यादव, लेखराम घरेन्द्र, भोपाल सिंह ब्राहेन, उदय राज रामटेके, केदार वर्मा, अनिश कुमार राम, जूनियर इंजीनियरिंग एसोसिएट नरेन्द्र कुमार जोशी तथा टेक्नीशियन वी. दिवाकर राव, डेविड कुमार और दीनबंधु दुर्गा सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
उप प्रबंधक (संपर्क एवं प्रशासन–राजभाषा) जितेन्द्र दास मानिकपुरी ने राजभाषा के सांविधिक प्रावधानों की जानकारी दी तथा ऑनलाइन वॉइस टाइपिंग एवं ‘सैप’ प्रणाली में हिंदी में नोटशीट तैयार करने का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का संचालन इंजीनियरिंग एसोसिएट राजेश वर्मा ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन इंजीनियरिंग एसोसिएट विजेन्द्र कुमार वर्मा द्वारा प्रस्तुत किया गया।
जीई फाउंडेशन का दिव्यांग बच्चों का वार्षिक खेल मेला 'उड़ान' सफलतापूर्वक आयोजित
bhilai / shouryapath / सामाजिक संगठन गोल्डन एम्पथी (जीई) फाउंडेशन ने स्पेशल ओलंपिक्स भारत, छत्तीसगढ़ के सहयोग से संयुक्त रूप से रविवार को दिव्यांग बच्चों के लिए वार्षिक खेल मेला 'उड़ान' का आयोजन किया। जिसमें समूचे छत्तीसगढ़ के 15 विशेष स्कूलों के 500 से ज्यादा बच्चों ने अपनी प्रतिभा का जबरदस्त प्रदर्शन किया। ये बच्चे जहां खेल की विभिन्न विधाओं में आगे रहे वहीं ड्राइंग एवं पेंटिंग प्रतियोगिता में भी अपनी कल्पना के खूब रंग भरे। जनप्रतिनिधियों के साथ शासकीय-अशासकीय समस्त संस्थानों से आए अतिथियों ने इन बच्चों की हौसला अफजाई की और इनके शिक्षकों को भी सराहा।भिलाई निवास के सामने स्थित मैदान में रविवार की सुबह उपस्थित अतिथियों ने प्रतीक स्वरूप गुब्बारे उड़ाकर 'उड़ान' का औपचारिक शुभारंभ किया। आयोजन में विभिन्न संस्थानों से आए विशेष बच्चों के लिए अलग-अलग तमाम व्यवस्थाएं की गई थी। यहां बच्चों ने ड्राइंग एवं पेंटिंग में उत्साह के साथ भाग लिया। इस दौरान सुबह से शाम तक दिव्यांग बच्चों के लिए विविध खेल प्रतियोगिताएं हुईं। जिसमें इन बच्चों ने शारीरिक अक्षमता को पीछे छोड़ते हुए मैदान में अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
आयोजन में पहुंचे वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने कहा कि ये विशेष बच्चे हमारे समाज की धरोहर हैं और इन्होंने अपनी प्रतिभा से साबित किया है कि ये किसी भी सामान्य बच्चे से कम नहीं है। उन्होंने विशेष बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे जीई फाउंडेशन के कार्य की भी सराहना की। इससे पहले जीई फाउंडेशन की ओर से संयोजक प्रदीप पिल्लई व अन्य लोगों ने विधायक रिकेश सेन का स्वागत किया।
बच्चों और उनके शिक्षकों को सम्मानित करते हुए छत्तीसगढ़ स्पेशल ओलंपिक के प्रमुख डॉक्टर प्रमोद तिवारी ने कहा कि ऐसे आयोजनों से इन विशेष बच्चों की प्रतिभाएं निखरती हैं और भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे। बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉक्टर वर्णिका शर्मा ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इन बच्चों की मुस्कान हमेशा कायम रहे, ऐसा प्रयास हम सभी का होना चाहिए।
दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया ने कहा कि इन विशेष बच्चों के भविष्य को लेकर भी शासन सजग है और उनके निगम की ओर से आगे इनके बालिग होने पर हर संभव सहायता व मार्गदर्शन इन्हें दिया जाएगा। इससे पहले जीई फाउंडेशन की ओर से मृदुल शुक्ला ने स्वागत भाषण में अतिथियों का स्वागत करते हुए आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की।
आयोजन को दुर्ग पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल,भिलाई स्टील प्लांट के कार्यपालक निदेशक (रावघाट) अरुण कुमार, कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) एके चक्रवर्ती, मुख्य महाप्रबंधक (अनुरक्षण एवं उपयोगिताएं) विजय कुमार बेहरा, मुख्य महाप्रबंधक (रिफ्रैक्टरीज इंजीनियरिंग विभाग) प्रसन्नजीत दास,सेफी चेयरमैन नरेंद्र कुमार बंछोर, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल-सीआईएसएफ के कमांडेंट अभिजीत कुमार और भाजपा नेता मनीष पांडेय सहित अन्य अतिथियों ने भी संबोधित किया और इन बच्चों की हौसला अफजाई की।
आयोजन में दुर्ग, भिलाई, रायपुर, राजनांदगांव और धमतरी के विद्यालयों के विशेष बच्चों ने हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस दौरान अतिथियों की ओर से स्पेशल ओलंपिक्स, एशियन गेम्स और नेशनल स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों और उनके प्रशिक्षक (कोच) को भी सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही समग्र पुनर्वास केंद्र राजनांदगांव की ओर से एक विशेष स्टॉल लगाया गया। आयोजन स्थल पर बच्चों के लिए मेडिकल जांच, न्यूट्रिशन विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन तथा आवश्यक परामर्श भी उपलब्ध कराया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार ई वी मुरली, भिलाई नायर समाजम के प्रेसिडेंट मधु पिल्लई, जॉर्ज कुरियन, जी ई फाउंडेशन की ओर से मनीष टावरी,ज्योति पिल्लई ,सुभागा सुरेश,अनुपमा मेश्राम ,सुरुचि टावरी,मोनिका सिंह,स्वाति बारीक,स्वाति पंडवार, विशाखा सुरेखा, सुरेश,सोनम सागर,साक्षी पांडे,प्रकाश देशमुख,संजय मिश्रा,के.सुरेश,के. विनोद,जावेद खान,नीलकमल सोनी, देवनारायण, पी. रविकुमार और आर. शैलेष सहित कई प्रमुख लोगों की भागीदारी रही।समूचे कार्यक्रम का संचालन सत्यवान नायक ने किया।
फैला रंगों का उजियारा, 'हायो रब्बा' पर झूमे बच्चे
इस वर्ष के आयोजन में दौड़ और मटकी फोड़ सहित कई प्रमुख खेल शामिल थे। इसके साथ ही पहली बार इन विशेष बच्चों के लिए बोचे गेम्स भी रखा गया, जिसमें एक निर्धारित घेरे में गेंद को फेंकना था। बच्चों ने इसका खूब आनंद लिया। इन बच्चों ने ड्राइंग और पेंटिंग प्रतियोगिता में भी खूब उत्साह से भाग लिया। बच्चों ने अपने कल्पना के रंग भरे। वहीं खेल और पेंटिंग से फुरसत पाने के बाद इनाम मिलने की खुशी में बच्चों ने जम कर डांस किया। 'हायो रब्बा' गीत पर बच्चे देर तक उल्लास के साथ झूमते रहे। बच्चों के साथ-साथ उनके शिक्षकों ने भी आयोजन का आनंद लिया।
durg / shouryapath / कीटनाशक प्रबंधन की सुरक्षित प्रणाली को बढ़ावा देने अग्रणी राष्ट्रव्यापी संगठन पेस्ट मैनेजमेंट एसोसिएशन पुणे (पीएमए) ने जाने-माने कीटनाशक प्रबंधक प्रोफेशनल मोहम्मद मजहर नदीम को छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय प्रमुख के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति इंडस्ट्री में उनके लम्बे अनुभव, उत्कृष्ट कार्य और निरंतर समर्पण को ध्यान में रखते हुए की गई है।
नवनियुक्त रीजन चीफ़ मोहम्मद मजहर नदीम ने इस अवसर पर कहा-यह मेरे लिए केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि एक नई जिम्मेदारी और मुझ पर जताया गया विश्वास है। उन्होंने इस नियुक्ति के लिए पीएमए के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का आभार जताया है।
उन्होंने आगे कहा कि वे छत्तीसगढ़ में पेस्ट कंट्रोल क्षेत्र से जुड़े सभी सेवा प्रदाता, तकनीशियन और उपभोक्ताओं के लिए नए स्तर पर सहयोग, प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की दिशा में काम करेंगे। पीएमए के पदाधिकारियों ने आशा व्यक्त की है कि नई जिम्मेदारी के साथ मोहम्मद मजहर नदीम छत्तीसगढ़ रीजन में संगठनात्मक मजबूती, सेवा गुणवत्ता और इंडस्ट्री विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
रिटेंशन स्कीम से आबंटित आवास, मिनिमम वेज, टाउनशिप मार्केट के लीज नवीनीकरण, सेक्टर 9 हॉस्पिटल के निजीकरण, सहित विभिन्न मुद्दों पर हुई बातचीत
भिलाई / शौर्यपथ / आज विधायक नगर विधायक देवेंद्र यादव ने आज बीएसपी डायरेक्टर इंचार्च श्री सी आर महापात्र से मुलाकात की ।।
विधायक देवेंद्र यादव ने बताया कि जिस तरीके ने बीएसपी द्वारा टाउनशिप के रिटेंशन स्कीम के तहत निवासरत आमजन को नोटिस देकर घर के किराए में वृद्धि की जा रही है वो अमानवीय है ।। प्रबंधन को इस विषय में पुनः संज्ञान लेना चाहिए और इसपर रोक लगानी चाहिए
साथ ही प्रभावितों के प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात कर इस पर निर्णय लेना चाहिए ।।
प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों और वर्करों को मिले मिनिमम वेज
विधायक देवेंद्र ने स्पष्ट रूप से कहा कि रिवर्स बिडिंग बंद होनी चाहिए और जो निर्धारित दर है उसका भुगतान समय पर वर्करों को मिलना चाहिए जिस पर DIC ने सहमति जताई है और कहा है कि जल्द ही बायोमेट्रिक सिस्टम लागू किया जाएगा । बीएसपी टाउनशिप के मार्केट की दुकानों के लीज के विषय में हो निराकरण, जब तक निराकरण नहीं तब तक न हो कार्यवाही । भिलाई टाउनशिप के व्यापारियों द्वारा लगातार लीज नवीनीकरण की मांग की जा रही है, जिस पर आज विधायक ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस विषय में जल्द से जल्द निराकरण निकाला जाए और जब तक निराकरण पूर्ण न हो तब तक बीएसपी प्रबंधन द्वारा किसी भी आबंटित दुकान में कोई कार्यवाही न हो
सेक्टर 9 हॉस्पिटल का न हो निजीकरण, 50 हजार सेवानिवृत्त कर्मचारी अधिकारी का रखा जाए खयाल
विधायक देवेंद्र ने कहा कि सेक्टर 9 अस्पताल में आश्रित 50 हजार कर्मचारी अधिकारी का पूर्ण रूप से ध्यान रखा जाए और इस तरीके से सेक्टर 9 हॉस्पिटल के निजीकरण की बातें सामने आ रही है उसे पर विधायक ने कहा कि निजीकरण की ओर भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन बिल्कुल न सोचे अन्यथा हम गांधी वादी तरीके से इसका विरोध करेंगे ।।
सेक्टर एरिया में स्थित आवासीय बस्तियों को नोटिस देने के संबंध में बातचीत हुई और यह तय किया गया कि जब निवासरत आवासियों को मकान आवंटित नहीं हो जाता तब तक उन्हें बेदखली की कार्रवाई न किया जाए, विभिन्न विकास कार्यों के संबंध में भी बातचीत की गई ।।
निगम जांच में सामने आया कि संबंधित दुकान पर 50,106 रुपये का किराया लंबे समय से बकाया था। कई बार नोटिस देने और मौके पर जानकारी देने के बावजूद राशि जमा नहीं की गई। अंततः निगम ने सख्त कदम उठाते हुए दुकान को सीलबंद कर दिया।
अतिक्रमण और बाजार विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और दुकान पर ताला जड़ दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर के अन्य मार्केट और गुमटी किरायेदारों पर भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी। निगम के अनुसार, कई दुकानदारों पर लाखों रुपये का बकाया वर्षों से लंबित है।
इस सीलिंग कार्रवाई का नेतृत्व बाजार विभाग अधिकारी अभ्युदय मिश्रा ने किया। उनके साथ अतिक्रमण अधिकारी परमेश्वर कुमार, सहायक राजस्व निरीक्षक ईश्वर वर्मा, शशिकांत यादव समेत पूरा अमला मौजूद रहा।
आयुक्त सुमित अग्रवाल ने कहा कि निगम की दुकानों और गुमटियों का किराया दबाकर बैठने वालों पर अभियान लगातार जारी रहेगा।
“समय पर किराया जमा करें, अन्यथा कार्रवाई अनिवार्य है।”
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
