
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
दुर्ग / शौर्यपथ / जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आमजन से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री विरेन्द्र सिंह और डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव भी मौजूद रहे। जनदर्शन में कुल 120 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार और आर्थिक सहायता जैसी समस्याएं प्रमुख रहीं।
सबसे प्रमुख मुद्दा गोड़पेन्ड्री के किसानों द्वारा उठाया गया, जहां भारतमाला परियोजना के तहत बन रही सिक्सलेन सड़क ने करीब 100 किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। किसानों ने बताया कि सड़क खेतों के बीच से गुजरने के कारण उनका सीधा रास्ता बंद हो गया है। अब उन्हें खेत तक पहुंचने के लिए करीब 3 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई कि सड़क किनारे की जा रही घेराबंदी से स्थिति और गंभीर हो जाएगी, जिससे खेती प्रभावित होगी। किसानों ने ग्राम छाटा और मानिकचौरी के बीच अंडरपास या पुलिया निर्माण की मांग की। इस पर कलेक्टर ने एनएच और एसडीओ पाटन को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
वहीं भिलाई के मदर टेरेसा नगर (वार्ड क्रमांक 31) के निवासियों ने जाम सीवरेज की समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि गटर पाइपलाइन बार-बार जाम हो जाती है, जिससे गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है और दुर्गंध व मच्छरों की समस्या बढ़ रही है। नगर निगम में शिकायत के बावजूद स्थायी समाधान नहीं मिला। वार्डवासियों ने पुरानी पाइपलाइन को बदलकर नई सीवरेज लाइन डालने की मांग की। कलेक्टर ने नगर निगम भिलाई को स्थल निरीक्षण कर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसी क्रम में ग्राम हनोदा के एक निवासी ने आबादी भूमि का पट्टा न मिलने की शिकायत रखी। उन्होंने बताया कि 1980 से पहले बना उनका मकान अब जर्जर हो चुका है, जबकि 2017 के सर्वे के बाद गांव के अन्य लोगों को पट्टा मिल चुका है। उन्होंने पड़ोसियों द्वारा रास्ता बाधित कर प्रताड़ित करने की भी बात कही। कलेक्टर ने तहसीलदार दुर्ग को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जनदर्शन में सामने आई इन समस्याओं ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि विकास कार्यों के साथ जमीनी जरूरतों और नागरिक सुविधाओं के संतुलन पर ध्यान देना जरूरी है।
दुर्ग / शौर्यपथ / भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया 2027 के अंतर्गत पंजीकृत युवाओं के लिए ऑनलाइन लिखित परीक्षा (सी.ई.ई.) का आयोजन 1 जून 2026 से 15 जून 2026 के मध्य होना संभावित है। परीक्षार्थियों की बेहतर तैयारी के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र दुर्ग द्वारा निःशुल्क परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण आगामी 4 मई 2026 से 3 जून 2026 तक प्रदान किया जाना प्रस्तावित है।
अग्निवीर भर्ती 2026-27 के लिए आवेदन कर चुके इच्छुक अभ्यर्थी इस प्रशिक्षण का लाभ उठाने के लिए रोजगार विभाग के आधिकारिक पोर्टल erojgar.cg.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, विस्तृत जानकारी के लिए आवेदक जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र से ई-मेल This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
-शासकीय अशासकीय सभी विद्यालयों में हो ग्रीष्म कालीन अवकाश
-1 मई से 10 जून तक सुशासन तिहार
-संभाग आयुक्त ने ली संभाग स्तरीय अधिकारियों की बैठक
दुर्ग, 21अप्रैल 2026/ संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर ने कहा कि संभाग अंतर्गत फसलों की पैदावारी बढ़ाने हेतु जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए। इसी प्रकार मिलेट्स फसलों जैसे ज्वार, बाजरा, रागी आदि की पैदावारी के लिए किसानों को प्रोत्साहित कर इनके प्रोसेसिंग एवं मार्केटिंग पर भी कृषि विभाग द्वारा आवश्यक पहल की जाए। बालोद स्थित मां दंतेश्वरी मैया सहकारी शक्कर कारखाने में गन्ने की आपुर्ति हेतु गन्ने के फसल की पैदावारी हेतु दुर्ग जिले के किसानों को भी अनुदान राशि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। संभाग मुख्यालय दुर्ग स्थित कृषि विभाग के प्रशिक्षण केन्द्र भवन का सदुपयोग हेतु कृषकों का प्रशिक्षण एवं भ्रमण आदि होते रहना चाहिए। उक्त भवन अन्य विभागों के प्रशिक्षण हेतु भी निर्धारित दर पर उपलब्ध कराई जाए। संभाग आयुक्त श्री राठौर आज संभागीय कार्यालय के सभाकक्ष में संभाग स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक में संयुक्त संचालक कृषि को उक्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा 20 अप्रैल से 15 जून 2026 तक स्कूलों के लिए ग्रीष्म कालीन अवकाश घोषित किया गया है। संभाग अंतर्गत सभी शासकीय-अशासकीय स्कूलों में आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संयुक्त संचालक शिक्षा को निर्देशित किया कि बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश में समर कैम्प आदि का आयोजन स्कूल प्रबंधन द्वारा नहीं कराये जाए।
संभाग आयुक्त श्री राठौर ने सभी कार्यालयों में फाइल मूवमेंट ई-ऑफिस प्रक्रिया के तहत और अधिकारी/कर्मचारियों की निर्धारित समय पर उपस्थिति हेतु बायोमेट्रिक प्रक्रिया अपनाने की जानकारी ली। संभाग आयुक्त श्री राठौर ने अधिकारियों को अवगत कराया कि शासन द्वारा आगामी 1 मई से 10 जून 2026 तक सुशासन तिहार 2026 संचालित किए जाने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक 15-20 ग्राम पंचायतों के समूह पर जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री, मंत्रीगण एवं वरिष्ठ प्रशानिक अधिकारियों द्वारा विकास कार्यों का औचक निरीक्षण पश्चात् जिला मुख्यालयों में समीक्षा बैठक आयोजित किए जाएंगे। संभाग आयुक्त श्री राठौर ने सभी संभागीय अधिकारियों को सुशासन तिहार हेतु विभागीय तैयारियां करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी कार्यालयों के चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों हेतु ड्रेस कोड पर जोर देते हुए अधिकारियों को गंभीरता से ध्यान देने के निर्देश दिए। संभाग आयुक्त ने शासकीय सीसीएम कॉलेज कचांदुर में पीडब्ल्यूडी एवं विद्युत यांत्रिकी द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की जानकारी ली एवं अधिकारियों को प्राथमिकता के साथ कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में उपायुक्त (राजस्व) श्री पदुमलाल यादव और उपायुक्त (विकास) श्री संतोष ठाकुर एवं समस्त विभाग के संभाग स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र टाउनशिप के सेक्टर-6 (पश्चिम), वार्ड क्रमांक-63 में प्रस्तावित नई शराब दुकान का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। स्थानीय निवासियों के विरोध के बीच, भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
आवासीय और शैक्षणिक क्षेत्र की सुरक्षा पर सवाल
विधायक देवेंद्र यादव ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि जिस स्थान पर शराब दुकान खोलने का निर्णय लिया गया है, वह सामाजिक और नैतिक दृष्टिकोण से पूरी तरह अनुचित है। पत्र में मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर जोर दिया गया है:
शैक्षणिक संस्थान: प्रस्तावित स्थल के निकट स्कूल और कॉलेज स्थित हैं, जहाँ विद्यार्थियों का लगातार आना-जाना बना रहता है।
आवासीय कॉलोनी: यह क्षेत्र पूरी तरह से आवासीय है, जहाँ बड़ी संख्या में परिवार निवास करते हैं।
चिकित्सकीय क्लिनिक: क्षेत्र के मुख्य बाजार में डॉक्टरों के क्लिनिक हैं, जहाँ मरीजों का आना-जाना लगा रहता है।
धार्मिक स्थल: स्थान के समीप ही धार्मिक स्थल होने के कारण क्षेत्र की संवेदनशीलता और भी अधिक बढ़ जाती है।
शांति-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका
विधायक ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे सार्वजनिक और व्यस्त स्थल पर शराब की दुकान खुलने से न केवल क्षेत्र की शांति व्यवस्था प्रभावित होगी, बल्कि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी असुविधा की स्थिति पैदा होगी। उन्होंने इसे मानवीय दृष्टिकोण से पूर्णतः अव्यवहारिक करार दिया है।
सीएम से त्वरित कार्यवाही की उम्मीद
विधायक देवेंद्र यादव ने वार्डवासियों और आम नागरिकों की भावनाओं का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे इस जनहित के मुद्दे पर संज्ञान लें। उन्होंने मांग की है कि उक्त शराब दुकान को तत्काल प्रभाव से आवासीय क्षेत्र से हटाकर किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए ताकि टाउनशिप की शांति और गरिमा बनी रहे।
*कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यो की समीक्षा की*
दुर्ग/कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सभी नगर निगम आयुक्त, मुख्य नगर पालिका अधिकारी (नगर पालिका परिषद) एवं नगर पंचायत अधिकारियों की बैठक लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अपूर्ण एवं अप्रारंभ कार्यों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। उन्होंने हितग्राहियों को निर्माण कार्य में सक्रिय रूप से प्रेरित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में हितग्राहियों से सतत संपर्क बनाए रखते हुए निर्माण कार्यो की नियमित निगरानी करें, ताकि निर्धारित लक्ष्य समय पर प्राप्त किया जा सके।
कलेक्टर ने कहा कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप आवास निर्माण कार्यों को समय पर पूरा कर हितग्राहियों को उपलब्ध कराया जाए। जिन हितग्राहियों की निर्माण कार्य में रुचि नहीं है, उनकी बैठक लेकर उन्हें समझाइश दी जाए, इसके बावजूद रूचि नही लेने पर उनकी आवास स्वीकृति निरस्त करने की कार्यवाही करने को कहा। इसके साथ ही जिन हितग्राहियों ने अपने अंशदान की पूरी राशि जमा कर दी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आवास का पजेशन दिया जाए। कलेक्टर ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप पात्र हितग्राहियों को समय पर आवास उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। बैठक में अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और हितग्राहियों से निरंतर संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही ठेकेदारों को कार्य में तेजी लाने के लिए कहा गया। कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश देते हुए कहा कि सभी लंबित कार्यों को मई माह तक हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि हितग्राहियों को शीघ्र लाभ मिल सके। बैठक में नगर निगम भिलाई आयुक्त श्री राजीव पाण्डेय, नगर निगम दुर्ग आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल, नगर निगम भिलाई चरोदा आयुक्त श्री दशरथ राजपूत, नगर निगम रिसाली आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा सहित सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारी उपस्थित थे।
दुर्ग। प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 'सुशासन' की नई इबारत लिखने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दुर्ग नगर निगम में बैठा 'बाजार विभाग' उनके इन दावों की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा। बाजार अधिकारी अभ्युदय मिश्रा की संदिग्ध कार्यशैली और बाजार प्रभारी शेखर चंद्राकर की रहस्यमयी चुप्पी ने आज शहर की व्यवस्था को नरक बना दिया है। सवाल यह है कि ये अधिकारी और जनप्रतिनिधि जनता के प्रति जवाबदेह हैं या फिर सफेदपोश रसूखदारों के 'चाटुकार' बनकर रह गए हैं?
राम रसोई: 'सेवा' की आड़ में ज़मीन का खेल और मिश्रा-चंद्राकर का मौन
बस स्टैंड स्थित 'राम रसोई' का मामला इस वक्त शहर में चर्चा का विषय है। प्रतिष्ठित व्यापारी चतुर्भुज राठी, जिनके पास धन-संपत्ति का अंबार है, उन्होंने राम रसोई के नाम पर बस स्टैंड की बेशकीमती ज़मीन हथिया ली। अनुबंध के मुताबिक दोनों समय भोजन देना था, लेकिन हकीकत में केवल एक समय की औपचारिकता निभाई जा रही है।
हैरत की बात यह है कि अनुबंध की समय सीमा खत्म हुए महीनों बीत गए, शिकायतें फाइलों में दफन हैं, लेकिन बाजार अधिकारी अभ्युदय मिश्रा कभी फाइल 'परिषद' में होने का बहाना बनाते हैं तो कभी 'सचिवालय' का। सचिवालय ने साफ कर दिया है कि फाइल उनके पास नहीं है। तो क्या मिश्रा जी ने यह फाइल टेबल के नीचे मिलने वाले 'काले धन' के बदले कहीं छिपा दी है?
सत्ता का सुख या सुशासन का अपमान?
महापौर श्रीमती अलका बाघमार खुद को विकास की वीरांगना कहलवाना पसंद करती हैं, लेकिन उनके नाक के नीचे बाजार प्रभारी शेखर चंद्राकर सत्ता की मलाई चाटने में व्यस्त हैं। चुनावी सीजन में बड़े-बड़े वादे करने वाले चंद्राकर अब रसूखदार कब्जेधारियों के सामने नतमस्तक क्यों हैं? छोटे गरीबों की गुमटियों पर बुलडोजर चलाने वाला निगम प्रशासन 'राम रसोई' के अवैध कब्जे के सामने 'भीगी बिल्ली' क्यों बन जाता है?
भाजपा की साफ-सुथरी छवि पर रसूखदारों का 'पोस्टर वार'
चतुर्भुज राठी जैसे व्यापारी, जो भाजपा कार्यालयों में नजर आते हैं और महापौर के पोस्टर लगाकर खुद को पार्टी का हितैषी बताते हैं, क्या उन्हीं के दबाव में अभ्युदय मिश्रा और शेखर चंद्राकर ने घुटने टेक दिए हैं? यदि मुख्यमंत्री के सुशासन का डंका बज रहा है, तो दुर्ग निगम के ये 'सिपहसालार' भाजपा की छवि को क्यों धूमिल कर रहे हैं?
कटाक्ष: दुर्ग निगम के इतिहास में शायद अभ्युदय मिश्रा पहले ऐसे बाजार अधिकारी होंगे, जिनके पास घोटालों की पूरी लिस्ट है, लेकिन कार्रवाई करने के नाम पर उन्हें 'लकवा' मार जाता है। वहीं शेखर चंद्राकर का मौन यह साबित कर रहा है कि उनके लिए जनता के हित नहीं, बल्कि खास लोगों से करीबी ज्यादा अहम है।
अगली किश्त में होगा बड़ा खुलासा...
बाजार विभाग का यह सड़ांध भरा खेल यहीं खत्म नहीं होता। इंदिरा मार्केट की पार्किंग में चल रही अवैध वसूली और उस पर अभ्युदय मिश्रा की 'सहमति वाली चुप्पी' का कच्चा चिट्ठा हम अगले अंक में खोलेंगे।
देखना होगा कि क्या महापौर अलका बाघमार सत्ता सुख का त्याग कर इन लापरवाह अधिकारियों पर चाबुक चलाती हैं, या फिर जनता यूं ही इन झूठे वादों के जाल में फंसकर त्रस्त रहेगी?
दुर्ग। शौर्यपथ ।
जिले में पुलिस विभाग ने अनुशासनहीनता पर सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़ी कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने थाना छावनी में पदस्थ आरक्षक नितिन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
? वायरल वीडियो बना कार्रवाई की वजह
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरक्षक क्रमांक 864 नितिन सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें वह थाना छावनी क्षेत्र के कथित गुंडा-बदमाश एवं आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों के साथ केक काटते हुए नजर आए।
प्रथम दृष्टया यह मामला संदिग्ध आचरण एवं विभागीय मर्यादा के उल्लंघन का प्रतीत हुआ, जिसके बाद पुलिस विभाग ने तत्काल संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्रवाई की।
⚖️ अनुशासनहीनता और आपराधिक तत्वों से संबंध का आरोप
जारी आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि आरक्षक का यह कृत्य पुलिस की छवि को धूमिल करने वाला है। विभाग ने इसे अनुशासनहीनता तथा आपराधिक तत्वों से अनुचित संबंध का मामला मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की है।
निलंबित आरक्षक को रक्षित केंद्र दुर्ग अटैच किया गया है।
? निलंबन अवधि में मिलेगा जीवन निर्वाह भत्ता
आदेश में यह भी कहा गया है कि निलंबन अवधि के दौरान संबंधित आरक्षक को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
? सख्त संदेश: बर्दाश्त नहीं होगा अनुचित आचरण
इस कार्रवाई को पुलिस विभाग की सख्त अनुशासनात्मक नीति के तहत उठाया गया कदम माना जा रहा है। इससे यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि किसी भी कर्मचारी द्वारा आपराधिक तत्वों से संबंध या अनुचित व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।
? शौर्यपथ विश्लेषण:
यह कार्रवाई न केवल विभागीय अनुशासन को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि आम जनता के बीच पुलिस की विश्वसनीयता को मजबूत करने का भी प्रयास है। ऐसे मामलों में त्वरित और कठोर निर्णय प्रशासन की गंभीरता को दर्शाते हैं।
दुर्ग। शौर्यपथ।
शहर की होनहार छात्रा रमा पाण्डेय ने CBSE कक्षा 10वीं की परीक्षा में 93.4% अंक प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे दुर्ग शहर का नाम रोशन किया है। रमा पाण्डेय ने बेथनी विद्यालय बोरसी भाटा दुर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त कर टॉपर बनने का गौरव हासिल किया।
रमा पाण्डेय, रौनक ग्रुप के डायरेक्टर गणेश तिवारी की भांजी हैं। उनके पिता अवधेश कुमार पाण्डेय और माता मनीषा पाण्डेय ने अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
मेहनत, लगन और परिवार का सहयोग बना सफलता का आधार
रमा पाण्डेय ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और नियमित अध्ययन को दिया। सीमित संसाधनों में भी उन्होंने निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के साथ यह मुकाम हासिल किया, जो अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गया है।
बेटियों की शिक्षा का सशक्त संदेश
रमा की यह सफलता समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है कि यदि बेटियों को अवसर, समर्थन और प्रोत्साहन मिले तो वे हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं।
आज भी कई क्षेत्रों में बेटियों की शिक्षा को लेकर जागरूकता की आवश्यकता है, ऐसे में रमा पाण्डेय की यह उपलब्धि एक प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई है।
पृष्ठभूमि
रमा पाण्डेय अपनी प्रारंभिक शिक्षा से ही उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और कक्षा 10वीं में यह उपलब्धि हासिल कर अपने उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रख दी है।
शहर में खुशी की लहर
रमा की इस सफलता से परिवार, रिश्तेदारों और स्कूल में हर्ष का माहौल है। शिक्षकों ने भी उनकी मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
निष्कर्ष
रमा पाण्डेय की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा है। यह साबित करती है कि बेटियां यदि ठान लें, तो हर ऊंचाई को छू सकती हैं।
ऐसी बेटियों को प्रोत्साहित करना ही एक सशक्त और शिक्षित समाज की नींव है।
दुर्ग | भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती 2026-27 का सपना देख रहे दुर्ग जिले के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, दुर्ग द्वारा लिखित परीक्षा (CEE) में सफलता सुनिश्चित करने के लिए 01 मई से 31 मई 2026 तक एक विशेष 'परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण' कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
भर्ती परीक्षा की महत्वपूर्ण तिथियां
लिखित परीक्षा (संभावित): 01 जून से 15 जून, 2026 के मध्य।
प्रशिक्षण की अवधि: 01 मई से 31 मई, 2026 (पूरा एक माह)।
आवेदन का माध्यम: ऑनलाइन (पोर्टल के जरिए)।
प्रशिक्षण का उद्देश्य एवं लाभ
संचालनालय रोजगार एवं प्रशिक्षण छत्तीसगढ़ के निर्देशों पर आधारित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पंजीकृत युवाओं को लिखित परीक्षा के कठिन स्तर के लिए मानसिक और शैक्षणिक रूप से तैयार करना है।
विषय विशेषज्ञ मार्गदर्शन: अनुभवी शिक्षकों द्वारा परीक्षा पैटर्न के अनुसार तैयारी।
निःशुल्क सुविधा: यह मार्गदर्शन पूरी तरह निःशुल्क है ताकि आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्र भी लाभ उठा सकें।
आवेदन कैसे करें?
इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी जो इस प्रशिक्षण का लाभ उठाना चाहते हैं, वे निम्नलिखित माध्यमों से संपर्क या पंजीयन कर सकते हैं:
ऑनलाइन पोर्टल: erojgar.cg.gov.in पर जाकर आवेदन करें।
व्यक्तिगत संपर्क: जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, दुर्ग।
हेल्पलाइन नंबर: 0788-2323504 पर कॉल करें।
ईमेल: This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. पर अपनी जिज्ञासाएं भेजें।
प्रशासन की सलाह
जिला रोजगार अधिकारी ने आवेदकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द आवेदन करें। अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह एक बेहतरीन अवसर है जहाँ वे विशेषज्ञों की देखरेख में अपनी कमियों को दूर कर थल सेना में अपना स्थान पक्का कर सकते हैं।
"देश सेवा का जज्बा रखने वाले दुर्ग के युवा इस अवसर को न चूकें। सही दिशा में की गई मेहनत ही सफ
लता की कुंजी है।"
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
