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रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री ग्राम पंचायत राजागांव के आस्था केंद्र देवगुड़ी स्थल पहुंचे, यहां उन्होंने देवगुड़ी परिसर में स्थित जिम्मेदारीन बुढ़ी माता मंदिर और बारह पिकोड़ी चौरासी माता गुड़ी में विराजी जिम्मेदारीन माता, लंगुर माता, मावली माता, बंजारिन माता, बाम्हनी माता, तारकिन माता, भीमा डोकरा , सुरलीन डंडहा देवी देवता का दर्शन एवं पूजा- अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली एवं सुख-समृद्धि की कामना की।
मंदिर के पुजारियों ने विधि-विधान से पूजा अर्चना करवाई।
रायपुर /शौर्यपथ/
ओम शिव गायत्री स्व-सहायता समूह ने गौठान में उत्पादित बैगन, बरबट्टी, मशरूम, भिंडी से भरी टोकरी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भेंट किया।
रायपुर /शौर्यपथ/
कोंडागांव के माकड़ी ब्लाक के रहने वाले परतू राम पांडे ने भेंट मुलाकात कार्यक्रम में मुख्यमंत्री से शिकायत की कि उसकी पत्नी का नाम राशन कार्ड में नहीं जुड़ा है, इसके लिए वो बार बार चक्कर लगाते हैं.... मुख्यमंत्री ने तत्काल कार्रवाई के आदेश देते हुए राशन कार्ड में नाम जोड़ने के निर्देश दिए.....इससे पहले की भेंट मुलाकात कार्यक्रम खत्म होता, परतू राम पांडे की पत्नी सोहदरा का नाम राशन कार्ड में जुड़ गया ....परतू राम पांडेय भी हैरान रह गए जब मुख्यमंत्री ने खुद इसकी जानकारी दी उन्हें दी.
मुख्यमंत्री ने रोती हुई बेटी की आंखों में आंसू ना आने देने का वादा किया पूरा
आर्थिक रूप से कमजोर बालिका लोकेश्वरी के लिए तीन लाख रूपए की राशि जारी
दृष्टिहीन भाई-बहन भानुप्रिया और खलेन्द्र के जीवन में उजियारा लेकर आए मुख्यमंत्री
दृष्टिहीन बच्चों के पिता देवेन्द्र आचार्य की मदद के लिए तुरंत 1.50 लाख रूपए हुए जारी
रायपुर /शौर्यपथ/
जनता के दुख-दर्द दूर
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का आम जनता से भेंट-मुलाकात का दौर जारी है। सरगुजा संभाग के बाद मुख्यमंत्री बस्तर संभाग में शासकीय योजनाओं की मैदानी स्तर तक पहुंच की जांच परख कर रहे हैं। इसी बीच वे लोगों से दुख-दर्द भी सुन रहे हैं और उनकी परेशानी का हल मिनटों में कर रहे हैं। लोगों की आंखों से आंसू पोछने के लिए मुख्यमंत्री श्री बघेल ने नियमों को भी शिथिल कर दिया है। प्रशासन भी चौकस है और मुख्यमंत्री की स्वीकृति पर तुरंत लोगों को सहायता पहुंचा रहा है। इसी कड़ी में बस्तर विधानसभा के भैंसगांव ग्राम पंचायत में हजारों की भीड़ में सुबक रही बेटी कुमारी लोकेश्वरी बघेल के लिए मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृत तीन लाख रूपए की सहायता राशि और बकावंड में दृष्टिबाधित भाई-बहन भानुप्रिया और खलेन्द्र के पिता श्री देवेन्द्र आचार्य की मदद के लिए स्वीकृत 1.50 लाख रूपए की राशि तुरंत जारी कर दी गई है। इसके लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अपने स्वेच्छा अनुदान मद से नियमों को भी शिथिल किया है।
उल्लेखनीय है कि भैंसगांव ग्राम पंचायत में भेंट-मुलाकात के दौरान कल 25 मई को मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने भीड़ में भी रोती हुई बेटी को देख लिया। ग्राम पंचायत कुरूषपाल की रहने वाली इस बेटी लोकेश्वरी को मुख्यमंत्री ने अपने पास बुलाया, उसके सिर पर हाथ फेरा और उसे पानी पिलाया। उसने मुख्यमंत्री को बताया कि उसके पिता की 15 साल पहले मौत हो चुकी है। घर ना होने की वजह से अपनी विधवा मां और भाई के साथ अपने मामा के यहां रहने को मजबूर हैं। आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से वो और उसका भाई पढ़ाई भी नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि घरेलू कार्यों में मां की मदद करनी पड़ती है।
रोती हुई लोकेश्वरी के आंसुओं को पोंछते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल कार्यवाही करते हुए लोकेश्वरी को 3 लाख रूपए की आर्थिक मदद स्वीकृत कर दी। रोती हुई लोकेश्वरी अपने चेहरे पर मुस्कान और आंखों में विश्वास की चमक लेकर वापस घर लौटी।
इसी तरह 25 मई को बकावंड में आयोजित भेंट मुलाकात कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दृष्टिबाधित छात्रा को स्मार्ट फोन एवं अन्य उपकरण खरीदने दिये डेढ़ लाख रुपए स्वीकृत कर उनके जीवन में ज्ञान का उजियारा भर दिया। भेंट मुलाकात के दौरान सवरा गांव की दृष्टिबाधित छात्रा भानुप्रिया आचार्य ने कहा कि मैं पढ़ना चाहती हूँ। आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने की वजह से दिक्कत है। उनके दृष्टिबाधित भाई खलेन्द्र ने भी संगीत सीखने की इच्छा जाहिर की। दोनों के लिए भानुप्रिया ने स्मार्ट फोन और टेप रिकार्डर की माँग की। मुख्यमंत्री ने तुरंत इसके लिए डेढ़ लाख रुपए देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री को अपने साथ खिलाया खेल, परखा निशाना
चाइनीज चेकर में मुख्यमंत्री ने चली चाल तो छात्र ने बाजी करायी ड्रा
स्वामी आत्मानंद स्कूल के लोकार्पण के बाद बच्चों से रू-ब-रू हुए मुख्यमंत्री श्री बघेल
रायपुर /शौर्यपथ/
ने मुख्यमंत्री से
कोंडागांव के माकड़ी में 1.44 करोड़ रूपए की लागत से स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय का निर्माण किया गया है। इसका लोकार्पण आज मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने किया। यह प्रदेश का पहला आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल है, जहां नर्सरी की कक्षाएं भी संचालित होंगी। लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री श्री बघेल स्कूली बच्चों से रू-ब-रू हुए। मुख्यमंत्री जैसे ही बच्चों के बीच पहुंचे बहुत से बच्चों ने एक स्वर में उनसे पूछा- सर, हेलीकॉप्टर से माकड़ी कैसा दिखता है। इस सवाल का जवाब मुख्यमंत्री ने बाकायदा पानी की बोतल हाथ में लेकर डिमास्ट्रेशन के साथ दिया और बच्चों को जमीन पर रहने और हेलीकॉप्टर में उड़ने का अंतर बता दिया।
इसी तरह दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली विभा ये जानना चाहती थी कि मुख्यमंत्री बघेल की हॉबी क्या है। वहीं लालिमा साहू ने पूछा कि, सर आपको हम सभी से मिलकर कैसा लगा ? स्कूली बच्चों के कौतुहल को भांपकर मुख्यमंत्री श्री बघेल ने भी बड़ी सहजता से उनके सभी सवालों का जवाब दिया। यहां मुख्यमंत्री को स्कूली छात्रों ने ही पूरे स्कूल परिसर का भ्रमण कराया। इस दौरान कक्षा 9वीं के छात्र प्रीतेश ने मैग्नेटिक डार्ट गेम खेलने के लिए मुख्यमंत्री बघेल को आमंत्रित किया और कहा, सर आइए देखते हैं आपका निशाना कैसा है। मुख्यमंत्री भी छात्र के इस अनुरोध को टाल नहीं पाए और उन्हांेने सटीक निशाना लगाकर दिखाया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने चाइनीज चेकर पर भी हाथ आजमाए और उसमें भी अपना हुनर दिखाया।
रायपुर /शौर्यपथ/
किसानों का पैसा खाने वाले बाहर नहीं घूम सकते, उन्हें जेल भेजा जाएगा। किसानों से धोखाधड़ी किये जाने का मामला संज्ञान में आते ही कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। माकड़ी में भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने एक किसान की शिकायत पर सभी किसानों को आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि किसानों से धोखाधड़ी के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए ताकि ऐसे तत्वों को सबक सिखाया जा सके। उल्लेखनीय है कि माकड़ी में भेंट-मुलाकात के दौरान एक किसान ने सहायक कृषि विस्तार अधिकारी ए.के. टंडन के विरुद्ध शिकायत की थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि श्री टंडन के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि किसानों का हित सरकार की प्राथमिकता है। किसानों को फसल कीे उचित मूल्य के साथ ही उन्हें संरक्षण देना भी प्राथमिकता में है ताकि खेती किसानी को आगे बढ़ाने में निरंतर मदद मिलती रहे। भेंट-मुलाकात के दौरान उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, राज्यसभा सांसद श्रीमती फूलोदेवी नेताम, सांसद श्री दीपक बैज, कोण्डागांव विधायक श्री मोहन मरकाम एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।
भेंट मुलाकात के दौरान राशन कार्ड में नाम नहीं जुड़ने की शिकायत की, मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये और कार्यक्रम समाप्त होते तक नाम भी जुड़ गया- भेंट मुलाकात कार्यक्रम में लोगों की समस्या का निदान मौके पर ही हो रहा है। परतू पांडे ने शिकायत करते हुए कहा कि मेरी पत्नी का नाम राशन कार्ड में नहीं जुड़ा है। मुख्यमंत्री ने तुरंत इसके लिए निर्देश दिये। कार्यक्रम की समाप्ति पर मुख्यमंत्री ने परतू को बताया कि आपकी पत्नी सोहदरा का नाम राशन कार्ड में जोड़ दिया गया है।
मावा गिरदा कोण्डानार के तहत हो रहा प्रशिक्षण- बस्तर फाइटर्स के लिए भर्तियां होने वाली हैं और इसकी तैयारियों के लिए प्रशिक्षण भी राज्य शासन द्वारा दिया जा रहा है। मावा गिरदा कोंडानार योजना के तहत इसकी तैयारी के लिए युवक-युवतियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। युवाओं ने बताया कि प्रशिक्षण बहुत उम्दा है और इससे उम्मीद जग गई है कि हम निश्चित ही बस्तर फाइटर्स के लिए चयनित हो जाएंगे।
कोंडागांव का तिखूर जा रहा है वियतनाम भी- मुख्यमंत्री ने कहा कि कोंडागांव के उत्पादों को अब अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल गई है। यहां का तिखूर वियतनाम भी जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जब आपका उत्पाद पहुंचता है तो आपको कई गुना लाभ मिलने की गुंजाइश बनती है। हमारी सरकार की यही कोशिश है कि बस्तर के उत्पादों की विशिष्टता की ब्रांडिंग हो, दुनिया भर को इनकी खूबी की जानकारी मिले। यह प्रमोशन जितना अच्छा होगा, हमारे वनोपजों की मांग उतनी ही बढ़ेगी और आप लोग समृद्धि के नये स्तर को प्राप्त करेंगे।
नरवा योजना से मिल रहा लाभ- नरवा योजना के हितग्राहियों ने भी मुख्यमंत्री से बातचीत की। उन्होंने बताया कि नरवा योजना के माध्यम से जलस्तर काफी बढ़ गया है। पहले ऊंचाई वाले इलाकों में जलसंकट रहता था जो अब दूर हो गया है। इसकी वजह से वे अब दो बार फसल ले पा रहे हैं।
स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल का लोकार्पण- मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल का लोकार्पण भी किया। यहां पर उन्होंने बच्चों के साथ चाइनीस चेकर गेम भी खेला, उनके साथ कंप्यूटर में बैठे और उन्हें चाकलेट वितरित किये।
पुलिस थाना माकड़ी का किया निरीक्षण- मुख्यमंत्री ने पुलिस थाना माकड़ी का निरीक्षण भी किया। यहां उन्होंने थाने के रोजनामचे को देखा। लंबित प्रकरणों की जानकारी ली। बंदी गृह, अभिलेख कक्ष, कंप्यूटर कक्ष और शस्त्रागार का निरीक्षण भी किया। इस मौके पर उन्होंने आम का पौधा भी रोपा।
भेंट मुलाकात में की गई घोषणाएं- इस मौके पर मुख्यमंत्री ने माकड़ी में हाइटेक बस स्टैंड की तथा बीजापुर में सहकारी बैंक शाखा खोलने की घोषणा की। सिंचाई के लिए 1466 पम्पों में बिजली कनेक्शनों को स्वीकृति देने की घोषणा की और 12 स्कूलों के नये भवन स्वीकृत करने की घोषणा की। रांधना में उन्होंने मिनी स्टेडियम की घोषणा की। इसके साथ ही बूढ़ातालाब माकड़ी तालाब के सौंदर्यीकरण की घोषणा भी उन्होंने की।
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ/
तेज धूप, प्रदूषण और खराब दिनचर्या से बालों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है. इससे हेयर टूटने, झड़ने और दो मुंहे ने लगते हैं जिसके कारण बाल की ग्रोथ रुक जाती है. ऐसे में आपको समझ नहीं आता है कि खराब हो गई बालों की सेहत में कैसे सुधार लाया जाए. ऐसे में हम आपको कुछ ट्रिक्स बता रहे हैं, जिसकी मदद से खोई हुई बालों की चमक वापस आएगी और उनकी लंबाई में भी इजाफा होगा, तो चलिए जानते हैं उनके बारे में.
लंबे बाल बढ़ाने के उपाय बताइए
स्कैल्प को रखें साफ
बाल की ग्रोथ अच्छी हो इसके लिए आपको अपने एक नियमित अंतराल पर बालों को धुलना होगा. जब भी आप बालों में शैंपू करें तो हल्के हाथों से स्कैल्प की मालिश करें जिससे ब्लड सर्कुलेशन अच्छा हो. इससे जरूरी न्यूट्रिएंट्स और ऑक्सीजन बालों तक सुचारू रूप से पहुंचने में मदद करते हैं.
डाइट पर दें ध्यान
बालों की अच्छी सेहत के लिए आपको अपने खान पान पर विशेष ध्यान देना होगा. अपनी डाइट में कोलेजन और बॉटोटिन जैसे पोषक तत्वों को शामिल करना होगा जो आपके हेयर के लिए बहुत जरुरी होते हैं.
बालों को रखें मॉइस्चराइज
हेयर की अच्छी ग्रोथ के लिए आपको अपने बालों की ड्राईनेस को कम करना होगा. आपको हेयरवॉश करने से पहले बालों की अच्छी ढंग से ऑयलिंग करनी होगी. इससे बाल धुलने के बाद ड्राई नहीं होंगे.
बालों की करें ट्रिमिंग
बाल की अच्छी सेहत के लिए हेयर फॉलिकल का अच्छा होना बहुत जरूरी है. इसके लिए आपको नियमित रूप से बालों की मसाज करते रहना होगा. इससे हेयर स्टीमुलेट होता है. वहीं, समय समय पर बालों की ट्रिमिंग भी करवाएं ताकि, आपकी हेयर ग्रोथ न रुके.
हेल्थ टिप्स /शौर्यपथ/
डायबिटीज रोगियों को ब्लड शुगर लेवल मेंटेन रखने के लिए अपने खानपान का विशेष ध्यान रखना पड़ता है अन्यथा उनके लिए परेशानी खड़ी हो जाती है. इसके अलावा कई दूसरी बीमारियों का भी खतरा उत्पन्न हो जाता है. शुगर लेवल को मेंटेन रखने के लिए लोग डॉक्टर द्वारा सुझाई गई दवाइयों का सेवन तो करते ही हैं, साथ ही कुछ घरेलू उपाय भी अपनाते हैं. इस लेख में हम आपको ऐसे हरे पत्तों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके औषधीय गुण डायबिटीज कंट्रोल करने में बहुत मददगार हैं. यहां बात हो रही नीम और करी पत्तों की जो मधुमेह में बहुत फायदेमंद होते हैं.
डायबिटीज में फायदेमंद नीम और करी
- डायबिटीज रोगियों को अगर अपना ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करना है तो रोज सुबह नीम और करी की पत्तियों को चबाना चाहिए. इससे आपका ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल होता है.
- करी पत्ते का इस्तेमाल साउथ इंडिया में सबसे ज्यादा किया जाता है. इससे खाने को फ्राई करने का चलन है. करी पत्ते में मौजूद फाइबर आपकी पाचन क्रिया को स्लो कर देते हैं, जिससे शुगर लेवल कंट्रोल रहता है. इससे इंसुलिन हार्मोन भी बूस्ट होता है. अगर रोज सुबह में 10 करी पत्ते चबाते हैं तो बहुत फायदेमंद होगा. आप चाहें तो इसका जूस भी पी सकते हैं.
- नीम के पत्ते के औषधीय गुणों से हर कोई वाकिफ है. आप नीम की छाल, पत्ती और डंठल सभी का फायदा उठा सकती हैं. इसकी पत्तियां खाने से आपको स्किन संबंधी समस्याओं से निजात मिलेगी. इसे अगर बुखार और दांत, कान के दर्द में खाते हैं, तो भी बहुत असरदार होते हैं. वहीं, मधुमेह में आप चाहें तो इसका जूस भी पी सकते हैं. यह ज्यादा लाभदायक होता है
लाइफस्टाइल /शौर्यपथ/
ज्यादातर लोग ज्यादा पैसे तब खर्च करते हैं जब उनकी इमकम बढ़ जाती है. जैसे-जैसे सैलरी बढ़ने लगती है लिविंग स्टैंडर्ड हाई होने लगता है. धीरे-धीरे चाहत जरूरत में बदल जाती है. यह तो हम सभी जानते हैं कि खर्चों की कोई लिमिट नहीं है और ना ही इच्छाओं की. ऐसे में बचत की अहमियत तब समझ आती है जब जरूरत हो. कहते हैं कि हर व्यक्ति को अपनी इनकम का 10% पैसा बचाना चाहिए. लेकिन, ये कर पाना लोगों के लिए थोड़ा मुश्किल हो जाता है. ऐसे में हम आज आपको उन खर्चों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें आप थोड़ी सी ईमानदारी और अनुशासन से कम कर सकते हैं और अपनी सैलरी से ज्यादा से ज्यादा सेविंग कर सकते हैं.
सैलरी बचाने के टिप्स
अब आपके मन में ये सवाल उठ रहा होगा कि आखिर हेल्थ इंश्योरेंस खरीद कर पैसे कैसे बचाए जा सकते हैं जबकि हर साल इसका प्रीमियम देना पड़ता है. सालाना 12,000 हजार रुपए का प्रीमियम उस अस्पताल के अनवांटेड भारी-भरकम खर्चे से बहुत कम है जो आपको लाखों में देने पड़ सकते हैं. यह तो हम सभी जानते हैं कि बीमारियां और दुर्घटनाएं बिना निमंत्रण के आती हैं, ऐसे में इमरजेंसी में अस्पताल के खर्च को आप इस हेल्थ इंश्योरेंस से बचा सकते हैं. इसके अलावा आप ना सिर्फ खुदको बल्कि अपनी फैमिली को भी इस हेल्थ इंश्योरेंस से कवर कर सकते हैं
ट्रांसपोर्टेशन
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं ऐसे में आप अपने ट्रांसपोर्टेशन पर भी पैसे की बचत कर सकते हैं. हर कोई ऑफिस या बाजार अपनी गाड़ी से जाना पर प्रेफर करता है, लेकिन अगर आप इस अनचाहे खर्चे को कंट्रोल करना चाहते हैं तो अपनी सैलरी का एक बड़ा हिस्सा पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल कर के बचा सकते हैं. ट्रांसपोर्ट पर रोजाना की सेविंग साल में एक अच्छीखासी बचत का रूप लेती है.
स्मार्ट ऑनलाइन शॉपिंग
इस बात में कोई दोराय नहीं है कि सैलरी का अच्छाखासा हिस्सा आपके कपड़ों की शॉपिंग में जाता है. ऐसे में बचत करने और बजट को बनाए रखने के लिए आप स्मार्ट शॉपिंग का रास्ता अपना सकते हैं. इन दिनों कई सारे ऑनलाइन वेबसाइट हैं जहां मिलने वाले डिस्काउंट (Discount) और ऑफर्स के बीच आप अपने मन मुताबिक ड्रेसेस खरीद सकते हैं. कोशिश करें कि जब भी आप ऑनलाइन शॉपिंग करें तो वो फ्री शिपिंग हो. अगर नहीं तो तब तक होल्ड करके रखें जब तक आपको फ्री शिपिंग ना मिले. इसके अलावा आप ऑनलाइन पेमेंट डिस्काउंट और क्रेडिट कार्ड ऑफर्स को देखते हुए शॉपिंग करें. इससे आप अफॉर्डेबल शॉपिंग कर पाएंगे.
स्मार्ट ग्रोसरी शॉपिंग
ग्रॉसरी एक ऐसी चीज है जो हर घर की जरूरत है और जिस पर आपकी सैलरी का एक बड़ा अमाउंट खर्च होता है. ऐसे में अगर आप सोच-समझकर प्रॉपर लिस्ट बनाकर घर की ग्रॉसरी खरीदते हैं तो आप अपनी सैलरी में बचत कर सकते हैं. इसके अलावा किराने का सामान हफ्ते में 2-3 बार खरीदने के बजाय थोक में खरीदा जा सकता है. एक बार में पूरे महीने के लिए स्टॉक खरीदें. थोक में खरीदना सस्ता होता है. इसके अलावा हर सुपरमार्केट अपने कस्टमर्स के लिए कार्ड उपलब्ध कराते हैं जिसमें पॉइंट्स और सीजनल ऑफर्स मिलते हैं जो आपकी शॉपिंग को सस्ता बनाते हैं.
टेलीफोन बिल
टेलीफोन और मोबाइल आज हर किसी की जरूरत बन गए हैं. ऐसे में कई बार प्रॉपर प्लानिंग ना की जाए तो मोबाइल का बिल आपके घर का पूरा बजट बिगाड़ सकता है. आप सही मंथली रिचार्ज प्लान चुनकर इस फिजूलखर्ची को रोक सकते हैं. उदाहरण के लिए अगर आपके घर और ऑफिस दोनों जगह वाईफाई है तो आप कम डाटा वाला रिचार्ज करा सकते हैं. इससे आपके मोबाइल बिल का अमाउंट सेव होगा.
बिजली बिल में कर सकते हैं बचत
घर पर बेवजह जल रही लाइटें, पंखे या AC उस वक्त झटका देते हैं जब हाथ में लंबा-चौड़ा बिजली का बिल थमा दिया जाता है. ऐसे में बिजली के बिल में बचत करने के लिए आपको ज्यादा अलर्ट रहने की जरूरत है. कोशिश करें कि घर पर बेवजह लाइट या पंखे ना चलें. इसके अलावा आप टेक्नोलॉजी की मदद लेकर भी अपने इलेक्ट्रिसिटी का बिल कम कर सकते हैं. उदाहरण के लिए सीएफएल या एलईडी लाइट बल्ब का ज्यादा इस्तेमाल करें. इन छोटी-छोटी बातों का ख्याल रखकर आप अपनी सेल्फी में बचत कर सकते हैं. जिन चीजों की जरूरत नहीं है उन्हें अनप्लग करें क्योंकि इन्हीं के जरिये बिजली की फिजूलखर्ची होती है.
बाहर के खाने में करें कटौती
जितनी तेजी से जंक फूड और ऑनलाइन फूड डिलीवरी के ऑप्शंस बढ़े हैं उतनी ही तेजी से खाने पर खर्चा डबल हो गया है. तो अगर आप अपनी इनकम में से गैरजरूरी खर्चे कम करना चाहते हैं तो बाहर के खाने में खर्च कम कर दें. हो सके तो ऑफिस के लिए अपना लंच खुद बनाएं. इसके अलावा बाहर से फूड ऑर्डर करने में भी कमी करें और बाहर के खाने का प्लान भी महीने में 2 बार बनाएं. ये सिर्फ आपके पैसे की बचत ही नहीं करेगा बल्कि आपको स्वस्थ भी बनाएगा, क्योंकि ज्यादा बाहर का खाना आप को नुकसान पहुंचा सकता है.
धर्म आस्था /शौर्यपथ/
निर्जला एकादशी का हिंदू धर्म में खास महत्व है. प्रत्येक महीने में दो एकादशी पड़ती है. निर्जला एकादशी व्रत में कहा जाता है कि इसका व्रत करने से साल भर की एकादशी जितना लाभ मिलता है. निर्जला एकादशी व्रत इस बार 10 जून को रखा जाएगा. निर्जाला एकादशी का व्रत बिना जल ग्रहण किए रखा जाता है. मान्यता है को जो कोई भी इस एकादशी व्रत को रखता है, उसे भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है. शास्त्रों के मुताबिक एकादशी व्रत के दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान रखा जाता है. आइए जानते हैं निर्जला एकादशी व्रत का नियम.
निर्जला एकादशी व्रत नियम
धार्मिक मान्यतानुसार निर्जला एकादशी व्रत के दौरान पानी नहीं पिया जाता है, इसलिए इस एकादशी को निर्जला एकादशी कहा जाता है. हालांकि बीमार लोग व्रत के दौरान पानी की सकते हैं. जिन्हें सेहत से जुड़ी कोई समस्या है वे निर्जला एकादशी व्रत के दौरान फलाहार कर सकते हैं.
निर्जला एकादशी व्रत के दिन किसी भी प्रकार का तामसिक भोजन नहीं किया जाता है. मांस, मदिरा, लहसुन, प्याज ये सभी तामसिक भोजन में आते हैं. इसलिए व्रती को निर्जला एकादशी के दिन इन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए.
मान्यता है कि एकादशी की रात में सोना नहीं चाहिए, बल्कि रात्रि में भगवान विष्णु का स्मरण और भजन-कीर्तन करना चाहिए. कहा जाता है कि एकदशी के दिन रात के समय सोने से व्रत का प्रभाव खत्म हो जाता है.
निर्जला एकादशी का व्रत रखने वालों को इस दिन अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए. दरअसल मान्यता है कि इस दिन अपशब्द बोलने से व्रत का फल नष्ट हो जाता है. इसलिए हर भक्त इस बात का खास ख्याल रखते हैं.
मान्यतानुसार निर्जला एकादशी का व्रत रखने वालों को व्रत की अवधि में ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए. साथ ही मन कर्म और वचन से शुद्ध रहना चाहिए. इसके अलावा इस दिन क्रोध करने से बचना चाहिए. कहा जाता है कि एकादशी व्रत के दौरान क्रोध करने से व्रत का फल नहीं मिलता है.
निर्जाला एकादशी का व्रत रखने वालों को सुबह स्नान के बाद भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए. मान्यता है कि ऐसा करने से व्रत का पूरा फल मिलता है.
निर्जला एकादशी का व्रत रखने वाले व्यक्ति को जल से भरा हुआ कलश, खड़ाऊ, छाता, खीरा, ककड़ी आदि का दान करना पुण्यदायक माना गया है. इसलिए जितना संभव हो सके यह काम करना चाहिए.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
