August 06, 2026
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    PANKAJ CHANDRAKAR

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     स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी स्कूल दरभा की छात्रा के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने बताया स्वामी आत्मानंद स्कूल शुरू करने के पीछे क्या थी उनकी कल्पना

    दरभा की टॉपर बेटी शाजिदा ने फर्राटेदार अंग्रेजी में मुख्यमंत्री से बात की, 90.8 प्रतिशत अंकों से टॉप करने का श्रेय मुख्यमंत्री को दिया

    मुख्यमंत्री ने शाजिदा को दीं बधाई और शुभकामनाएं

    रायपुर / शौर्यपथ /

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बस्तर के दरभा ब्लॉक के गांव मंगलपुर में भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान छात्रा शाजिदा के पूछने पर स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी स्कूल शुरू करने के पीछे की अपनी कल्पना सभी के साथ साझा की। उन्होंने कहा कि मैं भी गांव के स्कूल में पढ़ा हूँ, जब मैं स्कूल में पढ़ता था, उस समय से मेरे दिमाग मे ये बात थी कि गांव के स्कूलों में वही सुविधा मिलनी चाहिए जो शहरों में मिलती है। मैं जब मिडिल स्कूल और हाई स्कूल में पढ़ता था और कभी दुर्ग-भिलाई जाता था, तो वहां की पढ़ाई देखता था। वहां लोग कोचिंग क्लास जाते थे। हमें गांव में ट्यूशन भी नहीं मिलता था। जब हमारी सरकार बनी और कोरोना काल था, मैंने अधिकारियों को बुलाकर पूछा कि छत्तीसगढ़ को बने 20 साल हो गए, क्या कोई ऐसा स्कूल बना, जिसमें आपके भी बच्चे पढ़ें। शासकीय शिक्षक खुद अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाते थे। हमने रायपुर से शुरुआत की। पहले 3 स्कूल शुरू किए। फिर पहले साल 121 स्कूल खोले, अब 50 स्कूल भी बढ़ा दिए और सीट भी।

    गांव के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं

    मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं, कमी है अवसर की। गांव का व्यक्ति जब मुख्यमंत्री बन सकता है। गांवों में प्रतिभा की कमी नहीं है। सभी बच्चों को अवसर मिले ये हमारा प्रयास है। सरकार की योजना का लाभ शहर के बच्चों के साथ गांव के बच्चों को भी मिलना चाहिए।

    शाजिदा ने दिया मुख्यमंत्री को अपनी सफलता का श्रेय

    स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल दरभा की छात्रा शाजिदा ने फर्राटेदार अंग्रेजी में मुख्यमंत्री से बात करते हुए उन्हें अपनी सफलता का श्रेय दिया। शाजिदा ने कहा कि मैंने दसवीं कक्षा में 90.8 प्रतिशत अंकों के साथ बस्तर के सभी आत्मानन्द स्कूलों में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। मैं आपको धन्यवाद देना चाहती हूं, क्योंकि आपने हमें ये स्कूल दिया है। इस स्कूल से गरीब बच्चों की बहुत हेल्प हुई है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि हमको दरभा जैसी जगह में ऐसा स्कूल मिलेगा। इससे पहले मैं कॉन्वेंट स्कूल में पढऩे रोज 20 किलोमीटर का सफर तय कर के दरभा से जगदलपुर जाती थी। वहां मुझे वो सुविधाएं नहीं मिलती थी, जो यहां मिल रही हैं। घर के नज़दीक स्कूल होने की वजह से आने जाने में जो समय बचा उसका उपयोग मैंने अपनी पढ़ाई में किया। शाजिदा ने मुख्यमंत्री को अपने स्कूल की मैगज़ीन भी भेंट की और उनके संग सेल्फी भी ली।

    रायपुर / शौर्यपथ /

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह घोषणा जगदलपुर विधानसभा के मंगलपुर में आयोजित भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान की। इसके साथ ही कोटमसर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने आदिवासी युवकों को 15 जिप्सी वाहन दिये जाएंगे। सुकमा के दोरनापाल, कूकनार और तोंगपाल में भी स्वामी आत्मानंद स्कूल आरंभ किये जाएंगे। कनकापाल से लेदा और जीरम से एलमनार तक सड़क बनेगी। मावलीपदर, नेतानार, पंडरीपानी और माड़पाल में आदर्श देवगुड़ी की स्थापना होगी। मंगलपुर में मुख्यमंत्री से बाड़ी में फल-सब्जी का उत्पादन कर रही समूह की महिलाओं और किसानों ने संवाद किया और बताया कि बाड़ी प्रोत्साहन की योजनाओं से उनके आय में विशेष वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग 65 प्रकार के लघु वनोपज खरीद रहे हैं। समर्थन मूल्य पर कोदो, कुटकी, रागी खरीद रहे हैं। इस पर मूल्य संवर्धन कर रहे हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री ने ग्रामीण नीलू बघेल के घर भोजन भी किया। ग्रामीणों को भेंट मुलाकात में बताया कि आज यहां का पपीता मैंने खाया है। बहुत अच्छा लगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने दिव्यांग बालिका काम्या को ट्रायसायकल प्रदान की।

    मुख्यमंत्री ने दी सलाह, नेट लगाकर संग्रहण करें तो ज्यादा रेट मिलेगा- मुख्यमंत्री ने वनोपज संग्राहकों से विशेष रूप से चर्चा की। उन्होंने पूछा कि सबसे महंगा लघु वनोपज कौन सा है। ग्रामीण जनों ने बताया कि लाख सबसे कीमती वनोपज है इसकी कीमत 325 रुपए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे कीमती वनोपज चिरौंजी चार है। नेट लगाकर इसका संग्रहण किया जाए तो ज्यादा रेट मिलेगा।

    बंजर जमीन में पपीता लगाकर समूह ने किया 40 लाख का व्यवसाय- मंगलपुर की स्वसहायता समूह की सदस्य हेमवती कश्यप ने बताया कि उनके समूह में 43 महिलाएं हैं। शासन की बाड़ी योजना का लाभ लेने के लिए दस एकड़ में पपीता लगाया। लगभग 300 टन पपीते का उत्पादन 10 महीने में हो चुका है। यह पपीता 40 लाख रुपए में बेचा है और इससे 10 लाख रुपए की आय हुई है। हेमवती ने कहा कि समूह का ट्विटर एकाउंट भी है और इसमें हम नियमित पोस्ट भी करते हैं। आप भी हमारे पोस्ट लाइक करें और इन्हें रिट्वीट भी कीजिएगा।

    कोल्हापुर में बिजली के लिए सर्वे हुआ, सीधे लाइन बिछाना संभव न हुआ तो सोलर से करें आपूर्ति- कोल्हापुर के ग्रामीणों ने बताया कि यहां 15 साल बाद बिजली का सर्वे हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि सीधे बिजली लाइन लगाना संभव न हो तो सोलर से बिजली की आपूर्ति करें। ग्रामीणों को बिजली को लेकर किसी तरह की दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
    लखपति नाग को ग्रीन नेट देने के दिये निर्देश, कहा अब करोड़पति बनेंगे- लखपति नाग ने बताया कि वे अपने खेत में सेमी उगा रहे हैं। वे मल्चिंग पद्धति से खेती कर रहे हैं और इससे अच्छा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम आपको करोड़पति बनाएंगे। आपको ग्रीन नेट दिया जाएगा ताकि आपकी आय तेजी से बढ़ सके।

    तीरथगढ़ की खूबसूरती को निहारने बना नेचर ट्रेल-कांगेर वैली के खूबसूरत तीरथगढ़ जलप्रपात की सुंदरता को बेहतरीन व्यू से निहारते रहने नेचर ट्रेल बनाया गया है। 2 करोड़ 59 लाख रुपए की लागत से इसे बनाया गया है। एक करोड़ 10 लाख रुपए की लागत से इको काटेज एवं प्रेजेंटेशन सेंटर बनाया जाएगा, मुख्यमंत्री ने इसके लिए भूमिपूजन किया।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    साधना कश्यप ने मुख्यमंत्री को बताया कि कवल्ली कला गौठान में चांदनी स्वयं सहायता समूह के 10 सदस्य हैं। उन्हें पशु विभाग से बटेर मिले है, वे वर्मी काम्पोस्ट भी बनाते हैं और अभी भुट्टे लगाए हैं। उन्हें अब तक 1.80 हजार का व्यवसाय हुआ है।

    साधना ने मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल से कहा कि हमने अभी भुट्टा लगाया है, आपको भुट्टा भेंट करना चाहते हैं, मुख्यमंत्री स्वयं जाकर साधना से भेंट स्वरूप भुट्टा लिए।

     

    रायपुर /शौर्यपथ/

    छत्तीसगढ़ राज्य शाकंभरी बोर्ड के अध्यक्ष राम कुमार पटेल ने आज धमतरी में उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बाड़ी विकास छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है। इसके तहत ज्यादा से ज्यादा किसानों को लाभान्वित करने का प्रयास विभाग द्वारा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में सुराजी गांव योजना के बाड़ी विकास कार्यक्रम के तहत अब तक राज्य में लगभग एक लाख व्यक्तिगत बाड़ियां तथा 3700 से अधिक सामुदायिक बाड़ियां विकसित की गई हैं। सामुदायिक बाड़ियों का संचालन महिला समूह द्वारा किया जा रहा है और सब्जी-भाजी का उत्पादन कर वह बेहतर लाभ अर्जित कर रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को गौठानों की रिक्त भूमि में सामुदायिक बाड़ियों के विकास के साथ ही ग्रामीणों के घर से लगी भूमि में भी बाड़ी विकास के कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण इलाकों में सब्जी, फल- फूल उत्पादन को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य सिर्फ लोगों आय को बेहतर बनाना नहीं बल्कि ग्रामीण अंचल में पोषण के स्तर का भी सुधार करना है। जब गांवों में विभिन्न प्रकार की साग- सब्जियां, मौसमी फल उपलब्ध होंगें तो लोगों को सहज रूप से खाने को मिलेंगे। इसके सेवन से उनका पोषण स्तर सुधरेगा और छत्तीसगढ़ कुपोषण से मुक्त होगा।

    अध्यक्ष  पटेल ने अधिकारियों को नियमित रूप से ग्रामीण इलाकों का दौरा कर उद्यानिकी क्षेत्र विस्तार के लिए कृषकों को प्रेरित करने को कहा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में उद्यानिकी फसलों की खेती की अपार संभावनाएं है और इस को बढ़ावा देकर हम किसानों की माली हालत को बेहतर बना सकते हैं। बैठक में विभागीय योजनाओं कार्यक्रमों के तहत उद्यानिकी फसलों की खेती के लिए किसानों को दी जाने वाली सुविधाएं उन तक पहुंचाने के भी निर्देश दिए गए।

    यह समीक्षा बैठक शासकीय उद्यान रोपनी बिंद्रा नवागांव धमतरी में हुई। बैठक से बैठक से पहले शाकंभरी बोर्ड के अध्यक्ष श्री राम कुमार पटेल ने उद्यानिकी विभाग के समस्त अधिकारियों कर्मचारियों के साथ झीरम घाटी शहीद दिवस के मौके पर नक्सल हिंसा में शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की और नक्सलवाद तथा सभी प्रकार की हिंसा का डटकर विरोध करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य शाकम्भरी बोर्ड के सदस्य  हरि पटेल भी उपस्थित थे।

     

     

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नानगुर ग्राम पंचायत में भेंट मुलाकात कार्यक्रम के उपरांत क्षेत्र वासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ऑक्सीजन, लाइफ सपोर्ट सिस्टम सहित सर्वसुविधायुक्त वातानुकूलित एम्बुलेंस की सौगात दी। उन्होंने एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर स्वास्थ्य केन्द्र के लिए रवाना किया। गौतलब है जिला प्रशासन ने यह एम्बुलेंस जिला खनिज संस्थान न्यास से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नानगुर को भेंट किया है, जिसका उपयोग गम्भीर मरीजों को तत्काल चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा। इस अवसर पर उद्योग मंत्री  कवासी लखमा, सांसद श्री दीपक बैज और विधायक  रेखचन्द जैन भी उपस्थित थे ।

    43 महिलाएं 10 एकड़ खेत में लगा रही पपीता, 10 महीने में 300 टन पपीते का उत्पादन कर रहे हैं साल में दस लाख बच रहा है

    रायपुर /शौर्यपथ/

    शासन की बाड़ी योजना के माध्यम से स्वसहायता समूह की महिलाओं ने कमाल कर दिया है। बस्तर जिले के मंगलपुर में पपीते की खेती करने वाले समूह की सदस्य हेमवती कश्यप ने आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से अपने समूह की सफलता को साझा किया। हेमवती ने बताया कि शासन की योजना बाड़ी के माध्यम से फल-सब्जी की खेती को प्रोत्साहित कर रही है। इसके लिए हमने समूह के माध्यम से इसका लाभ लेने का निश्चय किया। 43 महिलाओं के समूह ने उद्यानिकी विभाग की मदद से पपीते की खेती करने का कार्य शुरू किया। कड़ी मेहनत से 10 एकड़ बंजर जमीन में हमने हरियाली ला दी। अभी हम लोग 10 महीने में 300 टन पपीते का उत्पादन कर चुके हैं और इसके माध्यम से 40 लाख रुपए का व्यवसाय किया है जिसमें दस लाख रूपए की बचत समूह को हुई है। हेमवती ने बताया कि हमने अपने उत्पाद के प्रचार के लिए ट्विटर एकाउंट भी बनाया है और इसमें नियमित पोस्ट कर रहे हैं। मुख्यमंत्री जी आप भी हमारे ट्विटर के पोस्ट लाइक करें और इसे रिट्वीट भी करें। मुख्यमंत्री ने इस पर खुशी जताते हुए कहा कि यह बहुत बढ़िया काम हो रहा है। उन्होंने उद्यानिकी विभाग के उपसंचालक से इन्हें दिये गये मार्गदर्शन के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने कहा कि तरक्की के लिए खूब मेहनत करनी पड़ती है। हर गांव में लोगों को समूह बनाकर केला, पपीता, अमरूद, सब्जी, अनार, आम आदि का व्यावसायिक उत्पादन करना चाहिए।

    पर्यटन को बढ़ावा देने कोटमसर के आदिवासी युवाओं को 15 जिप्सी वाहन दिये जाएंगे

    मुख्यमंत्री ने जगदलपुर विधानसभा के मंगलपुर में की बड़ी घोषणा

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री ने जगदलपुर विधानसभा

    छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य होगा, जो महाराष्ट्र के बाद नेशनल पार्क क्षेत्र में वन संसाधन मान्यता पत्र दिए जाएंगे। इससे वनवासियों को रोजगार के साथ-साथ आय के लिए अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।
    मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने यह घोषणा जगदलपुर विधानसभा के मंगलपुर में आयोजित भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान की। इसके साथ ही कोटमसर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने आदिवासी युवकों को 15 जिप्सी वाहन दिये जाएंगे। सुकमा के दोरनापाल, कूकनार और तोंगपाल में भी स्वामी आत्मानंद स्कूल आरंभ किये जाएंगे। कनकापाल से लेदा और जीरम से एलमनार तक सड़क बनेगी। मावलीपदर, नेतानार, पंडरीपानी और माड़पाल में आदर्श देवगुड़ी की स्थापना होगी। मंगलपुर में मुख्यमंत्री से बाड़ी में फल-सब्जी का उत्पादन कर रही समूह की महिलाओं और किसानों ने संवाद किया और बताया कि बाड़ी प्रोत्साहन की योजनाओं से उनके आय में विशेष वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग 65 प्रकार के लघु वनोपज खरीद रहे हैं। समर्थन मूल्य पर कोदो, कुटकी, रागी खरीद रहे हैं। इस पर मूल्य संवर्धन कर रहे हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री ने ग्रामीण नीलू बघेल के घर भोजन भी किया। ग्रामीणों को भेंट मुलाकात में बताया कि आज यहां का पपीता मैंने खाया है। बहुत अच्छा लगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने दिव्यांग बालिका काम्या को ट्रायसायकल प्रदान की।
    मुख्यमंत्री ने दी सलाह, नेट लगाकर संग्रहण करें तो ज्यादा रेट मिलेगा- मुख्यमंत्री ने वनोपज संग्राहकों से विशेष रूप से चर्चा की। उन्होंने पूछा कि सबसे महंगा लघु वनोपज कौन सा है। ग्रामीण जनों ने बताया कि लाख सबसे कीमती वनोपज है इसकी कीमत 325 रुपए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे कीमती वनोपज चिरौंजी चार है। नेट लगाकर इसका संग्रहण किया जाए तो ज्यादा रेट मिलेगा।
    बंजर जमीन में पपीता लगाकर समूह ने किया 40 लाख का व्यवसाय- मंगलपुर की स्वसहायता समूह की सदस्य श्रीमती हेमवती कश्यप ने बताया कि उनके समूह में 43 महिलाएं हैं। शासन की बाड़ी योजना का लाभ लेने के लिए दस एकड़ में पपीता लगाया। लगभग 300 टन पपीते का उत्पादन 10 महीने में हो चुका है। यह पपीता 40 लाख रुपए में बेचा है और इससे 10 लाख रुपए की आय हुई है। हेमवती ने कहा कि समूह का ट्विटर एकाउंट भी है और इसमें हम नियमित पोस्ट भी करते हैं। आप भी हमारे पोस्ट लाइक करें और इन्हें रिट्वीट भी कीजिएगा।
    कोल्हापुर में बिजली के लिए सर्वे हुआ, सीधे लाइन बिछाना संभव न हुआ तो सोलर से करें आपूर्ति- कोल्हापुर के ग्रामीणों ने बताया कि यहां 15 साल बाद बिजली का सर्वे हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि सीधे बिजली लाइन लगाना संभव न हो तो सोलर से बिजली की आपूर्ति करें। ग्रामीणों को बिजली को लेकर किसी तरह की दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
    लखपति नाग को ग्रीन नेट देने के दिये निर्देश, कहा अब करोड़पति बनेंगे- लखपति नाग ने बताया कि वे अपने खेत में सेमी उगा रहे हैं। वे मल्चिंग पद्धति से खेती कर रहे हैं और इससे अच्छा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम आपको करोड़पति बनाएंगे। आपको ग्रीन नेट दिया जाएगा ताकि आपकी आय तेजी से बढ़ सके।
    तीरथगढ़ की खूबसूरती को निहारने बना नेचर ट्रेल-कांगेर वैली के खूबसूरत तीरथगढ़ जलप्रपात की सुंदरता को बेहतरीन व्यू से निहारते रहने नेचर ट्रेल बनाया गया है। 2 करोड़ 59 लाख रुपए की लागत से इसे बनाया गया है। एक करोड़ 10 लाख रुपए की लागत से इको काटेज एवं प्रेजेंटेशन सेंटर बनाया जाएगा, मुख्यमंत्री ने इसके लिए भूमिपूजन किया।

     


    झीरम घाटी के शहीदों को दी विनम्र श्रद्धांजलि

    शहीदों के परिजनों से मिले, उनके हिम्मत और हौसले की तारीफ की

    रायपुर /शौर्यपथ/

    झीरम घाटी के शहीदों को दी विनम्र श्रद्धांजलिमुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज जगदलपुर के लालबाग मैदान में झीरम घाटी शहीद मेमोरियल का लोकार्पण किया और झीरम घाटी के शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने यहां शहीदों की याद में लगभग 100 फीट ऊंचा तिरंगा फहराया और मेमोरियल का निरीक्षण किया।

    शहीदों के परिजनों से मिले, उनके हिम्मत और हौसले की तारीफ की
    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि झीरम घाटी की हृदयविदारक घटना के शहीदों को मैं नमन करता हूं। शहीदों को नमन करते हुए झीरम घाटी शहीद स्मारक को लोकार्पित कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि पहली पंक्ति के जननायक परिवर्तन के लिए निकले थे। प्रदेश के किसानों, युवाओं, बच्चों और महिलाओं के जीवन में परिवर्तन लाना उनका लक्ष्य था। आज वे हमारे बीच नही हैं, लेकिन उनका मार्गदर्शन सदैव बना हुआ है।

    नही हैं, लेकिन उनका मार्गदर्शन सदैव बना हुआ है
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ में हर किसी के साथ न्याय हो रहा है। आज हमारे नेता होते तो बहुत खुश होते। वो जहां भी होंगे आज हम सभी को आशीष दे रहे होंगे। शहीद परिवारों के सुख दुख में हम उनके साथ हैं। हम सभी शहीदों के परिवारों के साथ परिवार की तरह जुड़े हैं।

    शहीद परिवारों के सुख दुख में हम उनके साथ हैं। हम सभी शहीदों के
    मुख्यमंत्री श्री बघेल आज सुबह चित्रकोट से हेलीकॉप्टर द्वारा सीधे जगदलपुर के लालबाग मैदान पहंुचे और हेलीपैड से चलकर झीरम घाटी शहीद मेमोरियल में झीरम घाटी के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने मेमोरियल का लोकार्पण किया। जगदलपुर के लालबाग मैदान में झीरम घाटी में 32 शहीदों की याद में मेमोरियल स्थापित किया गया है। लोकतंत्र पर सबसे बड़े हमले में शहीदों की याद में आम जनता को समर्पित है झीरम घाटी शहीद मेमोरियल।
    गौरतलब है कि 25 मई 2013 को झीरम घाटी में नक्सल हिंसा में वरिष्ठ जनप्रतिनिधि  नंदकुमार पटेल,  विद्याचरण शुक्ल,  महेन्द्र कर्मा, श्री उदय मुदलियार,  योगेन्द्र शर्मा सहित 32 लोग शहीद हुए थे। इनमें बहुत से कार्यकर्ता, जवान और आमलोगों ने शहादत दी थी। राज्य में शहीदों के बलिदान की स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए 25 मई को झीरम घाटी श्रद्धांजलि दिवस मनाया जा रहा है।

     

     

    डेढ़ महीने तक हाथों से पत्थर बीन महिलाओं ने उगाया मीठा पपीता

    पपीता की खेती कर हमें पहली बार हवाईजहाज में बैठ दिल्ली जाने का मौका मिला, हमारी ज़िंदगी आपकी सरकार बदल रही- पपीता कृषक बहनों ने जताया मुख्यमंत्री का आभार

    एक साल में लागत वसूलने और 10 लाख की कमाई पर मुख्यमंत्री ने महिलाओं को दी बधाई

    मंगलपुर की पपीता बाड़ी है नरवा गरुवा घुरूवा बाड़ी योजना की सफलता का उत्कृष्ट उदाहरण-10 एकड़ में 300 टन पपीता उगाकर किया 40 लाख का विक्रय

    दिल्ली की सब्जी मंडी में 80 रुपये प्रति किलो में बिक रहा यहां का पपीता

    एशिया में पहली बार की गई उन्नत अमीना किस्म के पपीते की खेतीऑटोमेटेड ड्रिप इर्रिगेशन सिस्टम और मोबाइल एप्प द्वारा बाड़ी में लगे वेदर स्टेशन से महिलाएं कर रहीं आधुनिक खेती

    मुख्यथमंत्री ने किया मंगलपुर में पपीता बाड़ी का निरीक्षण

    रायपुर /शौर्यपथ/

    डेढ़ महीने तक हाथों

    कहते हैं इरादे अगर चट्टानी हों तो पत्थर में भी फूल खिलते हैं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है, बस्तर की इन महिलाओं ने। मां दन्तेश्वरी पपई उत्पादन समिति की 43 महिलाओं की मेहनत से अब बस्तर के मंगलपुर गांव की पथरीली जमीन में भी पपीता के अंकुर फूट रहे हैं।मंगलपुर की ये पपीता बाड़ी नरवा गरुवा घुरूवा बाड़ी योजना की सफलता का उत्कृष्ट उदाहरण है।

    माँ दन्तेश्वरी समिति की हेमवती कश्यप ने मुख्यमंत्री को आज अपनी सफलता की कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि हमने 10 एकड़ में 300 टन पपीता उगाकर 40 लाख रुपये का विक्रय किया, पपीता की खेती कर हमें पहली बार हवाईजहाज में बैठ दिल्ली जाने का मौका मिला, हमारी ज़िंदगी आपकी सरकार बदल रही है।

    मुख्यमंत्री ने महिलाओं को पपीता की खेती से दिल्ली का हवाई सफर करने और एक साल में लागत वसूल कर 10 लाख की कमाई करने पर बधाई दी।

    समिति की सचिव हेमा कश्यप ने बताया कि ये जमीन बहुत ही पथरीली और बंजर थी, जमीन को खेती लायक बनाने के लिए डेढ़ महीने तक महिलाओं ने हाथों से पत्थर बीने और तकरीबन 100 ट्राली पत्थर बाहर किये। बाहर से लाल मिट्टी लाकर जमीन को समतल किया गया। महिलाओं ने समतलीकरण में श्रम दान दिया। पपीता का पौधा लगाने के लिए बेड बनाये। बड़ा बेड बनाने के लिए पुनः मिट्टी डाली गई। दिसम्बर 2021 में महिलाओं द्वारा शुरू किया गया जमीन तैयार करने का काम लगभग डेढ़ महीने चला, तब जाकर 11 जनवरी 2021 को पपीता के पौधे का रोपण शुरू हुआ। ये इन महिलाओं की कड़ी मेहनत ही है कि आज 10 एकड़ के क्षेत्र में 5500 पपीता के पौधे लहलहा रहे हैं। अभी तक 300 टन पपीते का उत्पादन हो चुका है। यहां इंटर क्रॉपिंग द्वारा पपीते के बीच मे सब्जियाँ उगाई जा रही हैं।एशिया में पहली बार यहां उन्नत अमीना किस्म के पपीते की खेती की जा रही। ये पपीता बहुत मीठा और स्वादिष्ट होने साथ ही पोषक भी होता है।

    मुख्यमंत्री ने बढाया महिलाओं का हौसला

    मुख्यमंत्री ने महिलाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि तरक्की के लिए मेहनत जरूरी है, बस जानकारी और हौसले की ज़रूरत है। यहां के लोग बहुत मेहनतकश हैं। आपने जो सीखा है, उसे और लोगों को भी सिखाएं। मंगलपुर की ही तरह बस्तर के हर गांव के किसान ऐसी खेती कर के तरक्की कर सकते हैं।

    दिल्ली में बिक रहा बस्तर की बाड़ी का पपीता

    बस्तर के दरभा ब्लॉक के मंगलपुर गांव में महिलाएं द्वारा उगाए पपीते का मीठा स्वाद दिल्ली तक पहुंच रहा है। दिल्ली की आजादपुर मंडी में पपीते की लगभग 5 टन की तीन खेप बेची जा चुकी है। जिसके 80 रुपये प्रति किलो की दर से दाम मिले हैं। ये सम्भव हुआ इन महिलाओं की हौसले और कड़ी मेहनत से।

    मुख्यमंत्री ने ऑटोमेटेड ड्रिप इर्रिगेशन सिस्टम से उन्नत कृषि का निरीक्षण किया

    मंगलपुर में महिलाएं पपीता उगाने के लिए ऑटोमेटेड ड्रिप इर्रिगेशन सिस्टम से उपयुक्त मात्रा में ही पानी और घुलनशील खाद पपीता की जड़ों तक पहुंच रहा है। पथरीली जमीन में ड्रिप इरीगेशन तकनीक द्वारा ही खेती सम्भव है। मुख्यमंत्री को इरिगेशन सिस्टम ऑपरेटर मनीष कश्यप ने बताया कि यह पूरा सिस्टम कंप्यूटरिकृत है, जिसे इंटरनेट द्वारा कहीं से भी ऑपरेट किया जा सकता है।

    वेदर स्टेशन और मोबाइल एप्प का भी कर रहीं उपयोग-

    महिलाओं की बाड़ी में एक अत्त्याधुनिक तकनीक का वेदर स्टेशन लगा है। जिसके द्वारा उपयुक्त तापमान, वाष्पीकरण दर, मिट्टी की नमी, हवा में नमी की मात्रा, हवा की गति, हवा की दिशा का मापन किया जाता है। इस जानकारी का उपयोग महिलाएं अपने मोबाइल में एप्प से सिंचाई के लिए कर रही हैं। इस तकनीक के इस्तेमाल से उत्पादकता बढ़ी है।

     

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जगदलपुर विधानसभा के मंगलपुर में आयोजित भेंट मुलाकात कार्यक्रम में दिव्यांग बालिका कुमारी काम्या को ट्राइसिकल भेंट की।

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