August 10, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    दुर्ग / शौर्यपथ / कृषि उपज मंडी के दुकान में रखा 250 कट्टा धान चोरी कर लेने की रिपोर्ट नंदिनी थाने में दर्ज की गई है।  मिली जानकारी के अनुसार वार्ड नंबर 09 बोडेगांव दुर्ग निवासी राकेश कुमार जैन 46 वर्ष ने रिपोर्ट दर्ज करायी है कि प्रार्थी ट्रेडिंग तथा खेती किसानी का काम करता है कृषि उपज मंडी में एक दुकान रजिस्टर्ड कराया है। अधिया दिये खेत से 380 कट्टा सरना   धान मिला था जिसे जगह नही होने के चलते कृषि उपज मंडी वालों से चर्चा कर खाली दुकान नंबर 12 में 15 दिसंबर 2020 को रखवा दिया था। टोकन नही मिलने के कारण धान दुकान में ही था जिसे समय-समय पर आकर देखा करता था। घटना के एक दिन पहले 5 जनवरी को भी प्रार्थी दुकान आकर धान चेक किया था। लेकिन दुसरे दिन 06 जनवरी को राजकुमार यादव जो पीडि़त का खेत रेखा लिया है उसने फोन करके बताया कि धान रखा दुकान का ताला खुला हुआ है। जिसके बाद कृषि उपज मंडी स्थित दुकान नंबर 12 में पहुंचने पर 380 कट्टा धान में से 250 कट्टा धान गायब मिला जिसकी अनुमानित कीमत 1 लाख 86 हजार 800 रुपये है। घटना की रिपोर्ट पर पुलिस ने अज्ञात चोर के खिलाफ अपराध कायम कर मामले को जांच में लिया है। 

    दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे की अध्यक्षता में जिला प्रबंधन समिति, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की बैठक संपन्न हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2020-21 में राज्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) द्वारा जिले की दुर्ग, धमधा एवं पाटन जनपदों के लिये लक्षित 55 ग्राम पंचायतों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के विस्तृत कार्ययोजना का अनुमोदन हुआ। जिसमें जनपद पंचायत दुर्ग के 14, जनपद पंचायत धमधा के 17 एवं जनपद पंचायत पाटन 24 ग्राम पंचायतें शामिल हैं।
    बैठक में जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एस आलोक ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा और उनके जीवन स्तर को उन्नत बनाना ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन का उद्देश्य है। उन्होनें बताया कि ठोस एवं तरल अपशिष्ट के 4 आर - रिफ्यूज, रिड्यूज, रियूज व रिसाईकल, सिद्धांत को लागू कर ठोस एवं तरल अपशिष्ट का पर्यावरणीय अनुकूल तकनीक के द्वारा समुचित निपटान,स्थानीय एवं कम लागत के तकनीकों का उपयोग करते हुए पर्यावरणीय स्वच्छता सुनिश्चित करना, अपशिष्ट से उर्जा रूपांतरित करने हेतु यथासंभव प्रयास करना, ठोस अपशिष्ट एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन में ग्रामीणों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना, ग्रामीण क्षेत्रों के सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता को बढ़ावा देना, जिससे सामान्य स्वच्छता दृष्टिगोचर हो आदि एस.एल.डब्ल्यू.एम. के मूख्य उद्धेश्य हैं।
    सीईओ जिला पंचायत ने बताया कि फेज 1 में विगत वर्ष 117 ग्राम पंचायतों के कार्ययोजना का अनुमोदन हुआ था जिसमें प्रथम चरण में 3 हजार से अधिक जनसंख्या वाली ग्राम पंचायतों को लक्षित किया गया था, जिसमें सांसद एवं विधायक आदर्श ग्राम भी सम्मिलित हैं। लक्षित समस्त ग्राम पंचायतो में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य पूर्ण किये जाने हेतु राशि जारी की जा चुकी है तथा 80 ग्रामों में कार्य पूर्ण हो चुका है शेष 37 ग्रामों में कार्य प्रगतिरत है,जिसे जनवरी अंत तक पूर्ण कर लिया जाएगा।
    स्व-सहायता समूह के स्वच्छाग्राहियों के माध्यम से होगा डोर-टू-डोर कलेक्शन - सीईओ जिला पंचायत ने बताया कि लक्षित ग्रामों में घर-घर कचरा एकत्रीकरण का कार्य ग्रामों में गठित स्व-सहायता समूह के स्वच्छाग्राहियों के माध्यम से किया जाएगा।उन्होनें बताया कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रा.) फेस (प्प्) में ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु 5 हजार तक जनसंख्या वाले गांव के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु रू. 60 प्रति व्यक्ति और तरल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु रू. 280 प्रति व्यक्ति निर्धारित किया गया है।जिसमें जनसंख्या अनुसार 60 रू. प्रति व्यक्ति की दर से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु राशि रू. 1.00 लाख से कम आने पर अधिकतम राशि रू. 1.00 लाख ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु लिया जा सकता है एवं 5 हजार से अधिक जनसंख्या वाले गांव के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु रू. 45 प्रति व्यक्ति तरल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु रू. 660 प्रति व्यक्ति लिया जाना है। 5000 से अधिक जनसंख्या वाले ग्राम पंचायतों के वित्तीय वर्ष 2018-19 में लक्षित किया जा चुका है।
    वित्तीय अभिसरण से ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन के विभिन्न घटकों हेतु राशि का इंतजाम - ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु व्यक्तिगत, सामुदायिक डस्टबिन 15 वें वित्त आयोग से,कचरा एकत्रित करने हेतु ट्राईसिकल, हाथ ठेला की खरीदी स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से पात्र हितग्राही के घरों में नाडेप, वर्मी कम्पोस्टिंग संरचना का निर्माण महात्मा गांधी नरेगा मद से व्यय होगा। सेग्रिगेशन शेड का निर्माण का कार्य महात्मा गांधी नरेगा पहुंच योग्य एवं गांव की परिधि में ही निर्मित किया जाएगा। मॉडल बायोगैस संयंत्र का निर्माण स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेस-2 से किया जावेगा एवं पारिवारिक, संस्थागत बायोगैस संयंत्र निर्माण हेतु नवीन एवं नवीकरणीय उर्जा मंत्रालय (अक्षय उर्जा) द्वारा एम.एन.आर.ई के मार्गदर्शिकानुसार सब्सीडी दी जा सकती है। सामुदायिक नाडेप, वर्मी कम्पोस्ट पिट आदि का निर्माण (जहॉ आवश्यक हो) स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) एवं महात्मा गांधी नरेगा से किया जा सकता है। कम्पोस्ट पिट के निर्माण में लगने वाली श्रम लागत मनरेगा अभिसरण से वहन होगी। केटल शेड का निर्माण महात्मागांधी नरेगा से मार्गदर्शिका अनुसार किया जा सकता है।
    सभी विकासखंड में एक प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन ईकाई स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से निर्मित किया जायेगा। कचरा एकत्रित करने हेतु व्यक्ति, स्वच्छाग्राही स्व-सहायता समूह को संलग्न किया जावेगा, जिसके मानदेय का भुगतान ग्राम से एकत्र यूजर चार्ज एवं बिजनेस मॉडल से प्राप्त राशि एवं कमी होने पर 15वॉ वित्त की राशि से किया जा सकता है। स्व-सहायता समूह के अधिकतम 06 सदस्य प्रत्येक 05 दिन में एक बार कचरा एकत्रित करेंगे, जिन्हें न्यूनतम निर्धारित मजदूरी का भुगतान किया जा सकता है। कचरा एकत्रित करने हेतु संलग्न व्यक्ति, स्व-सहायता समूह के लिये सहयोगी उपकरण एवं सुरक्षा उपकरण 15 वें वित्त आयोग, वल्र्ड बैंक परफारमेंस ग्रांट, डी.एफ.एफ. या सी.एस.आर. के अभिसरण से व्यय किया जायेगा।
    एस.एल.डब्ल्यू.एम. अंतर्गत रख-रखाव व संचालन व्यय ग्राम से प्राप्त यूजर चार्ज एवं बिजनेस मॉडल से प्राप्त राशि एवं कमी होने पर 15वॉ वित्त की राशि का उपयोग किया जावेगा। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से प्रावधानित राशि 70 प्रतिशत होगी जिसका समानुपातिक 30 प्रतिशत राशि का व्यय 15 वें वित्त आयोग के अंतर्गत 50 प्रतिशत टाईड फंड से किया जाना अनिवार्य है। इसी प्रकार तरल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु घरों से निकलने वाले अपशिष्ट जल के लिये सोख्ता गड्ढा निर्माण पेयजल स्त्रोत से निकलने वाले अपशिष्ट जल हेतु सोख्ता गड्ढा निर्माण महात्मा गांधी नरेगा या स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजनाओं के अभिसरण से व्यय किया जा सकेगा।उक्त मजदूरी का भुगतान महात्मागांधी नरेगा से अभिसरण किया जाना है। सामुदायिक सोख्ता गड्ढे का निर्माण महात्मा गांधी नरेगा,स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) या दोनों योजनाओं के अभिसरण से किया जा सकता है, सोख्ता गड्ढे, गे्र वाटर प्रबंधन एवं अन्य पद्वति के निर्माण में लगने वाली श्रम लागत मनरेगा या अन्य योजनाओं के अभिसरण से प्राप्त की जायेगी।

    दुर्ग / शौर्यपथ / जीवनदीप समिति की बैठक में एमसीएच बिल्डिंग की व्यवस्था पुख्ता करने के संबंध में निर्णय लिये गए। यहाँ पृथक से वेटिंग हाल बनाने का निर्णय लिया गया। साथ ही गर्मी में प्रसूता महिलाओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए तीसरी और चैथी मंजिल में डक्ट कूलर लगाने का निर्णय लिया गया। जिला अस्पताल में सर्जन की नियुक्ति के संबंध में भी शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिये गए। बैठक कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे की अध्यक्षता में हुई। कलेक्टर ने बैठक में कहा कि जीवनदीप समिति के माध्यम से अस्पताल में सुविधाओं का अधिकतम विस्तार किया जा सकता है, इसके लिए जरूरी है कि समिति अपनी आय बढ़ाए। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. बालकिशोर ने बताया कि सर्जन और निश्चेतना विशेषज्ञ की नियुक्ति के लिए कार्रवाई की जा रही है। शीघ्र ही जिला अस्पताल को विशेषज्ञ सर्जन और निश्चेतना विशेषज्ञ की सेवाएं मिल सकेंगी। कलेक्टर ने कोविड पाजिटिव मरीजों के लिए भी सी-सेंक्शन की व्यवस्था कराने आवश्यक तैयारियों के निर्देश दिए। बैठक में एमसीएच बिल्डिंग के सामने सुगम सड़क बनाने सहित अनेक बातों पर चर्चा हुई। आरईएस को वाहन पार्किंग शेड आदि बनाने के निर्देश दिये गये। बैठक में सदस्य दिलीप ठाकुर, पुरुषोत्तम कश्यप एवं भूषण देवांगन, आरएमओ डॉ. अखिलेश यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
    रैन बसेरा केवल मरीजों के परिजनों के लिए रखने चर्चा- बैठक में सदस्य दिलीप ठाकुर ने रैन बसेरा को केवल मरीज के परिजनों के लिए रखने जाने का सुझाव रखा। उन्होंने कहा कि केवल मरीजों के परिजनों को रखने से रैन बसेरा की व्यवस्था मुकम्मल हो सकेगी। कलेक्टर ने निगम आयुक्त को यहाँ सदस्यों के साथ निरीक्षण कर इस संबंध में चर्चा करने निर्देश दिया ताकि इस बाबत निर्णय लिया जा सके।
    ट्रांजिट हास्टल बनेगा, जमीन होगी चिन्हांकित- कलेक्टर ने बैठक में ट्रांजिट हास्टल के लिए जमीन चिन्हांकित करने के निर्देश भी दिये। ट्रांजिट हास्टल में जिला अस्पताल में समय-समय पर लगने वाले विभिन्न कैंपों में बाहर से आने वाले डाक्टर एवं कोविड जैसी आपात स्थिति में ली जाने वाली सेवाओं के संबंध में आने वाले विशेषज्ञों के रूकने की व्यवस्था होगी।
    ब्लड डोनेशन कैंप लगाए जाएं- कलेक्टर ने कहा कि ब्लड डोनेशन कैंप के लिए शेड्यूल बनाया जाए। समय-समय पर ऐसे कैंप आयोजित किये जाएं ताकि किसी भी तरह से ब्लड की दिक्कत न हो। उन्होंने कहा कि ऐसा शेड्यूल बनाकर उपलब्ध कराएं ताकि इसके लिए इच्छुक समाजसेवियों एवं अन्य नागरिकगणों से संपर्क किया जा सके।
    सीवरेज करें ठीक- बैठक में अस्पताल में जहाँ कहीं भी सीवरेज सिस्टम की दिक्कत है उसे पुख्ता करने के निर्देश दिये। सीवरेज सिस्टम कहीं-कहीं ठीक न होने काक्रोच आदि निकलते हैं। इसे ठीक करने के निर्देश दिये गए। कलेक्टर ने कहा कि अस्पताल की पुख्ता व्यवस्था के लिए जो भी बातें आपात स्थिति में आती हैं उन्हें त्वरित रूप से हल किया जाए ताकि मरीजों को किसी तरह से परेशानी न हो।

    दुर्ग / शौर्यपथ / दिल्ली में गणतंत्र दिवस के परेड में लोक कलाकार रिखी क्षत्रीय छत्तीसगढ़ की झांकी का नेतृत्व करेंगे। झांकी में 22 वाद्ययंत्रों की प्रदर्शनी होगी वहीं इसका धुन भी परेड ग्राउंड में गूंजेगा। रिखी सातवीं बार परेड में शामिल हो रहे हैं।
    भिलाई के लोक कलाकार रिखी क्षत्रीय नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर होने वाले परेड में छत्तीसगढ़ के लोक वाद्यों की धुन से गणतंत्र पर्व का उत्साह दोगुना करेंगे। इस बार का थीम छत्तीसगढ़ के लोक संगीत का वैभव है। रिखी क्षत्रीय व उनकी टीम करीब दो माह से इसे लेकर लगातार मेहनत कर रही थी। इसके बाद नई दिल्ली से उनके समूह को मंजूरी दी गई है। गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित अनेक गणमान्य के बीच लोक वाद्य पर आधारित छत्तीसगढ़ की झांकी प्रदर्शित होगी। इसमें सबसे ऊपर छत्तीसगढ़ का पारंपरिक मुंडा बाजा होगा। रिखी गणतंत्र दिवस पर परेड को लेकर बेहद उत्साहित हैं। वे सात जनवरी को नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे। जहां अ यास के कठिन दौर के बाद उनकी टीम राजपथ पर उतरने के लिए तैयार होगी।
    रिखी ने बताया कि दुर्लभ लोक वाद्य पर आधारित झांकी का चयन भी कठिन प्रक्रिया के बाद हुआ है, जिसमें राज्य सरकार से लेकर केंद्र सरकार के अफसर ने कई दौर पर परखा। शुरुआत में टीम को परखा गया उसके बाद माडल को मंजूरी मिली और अंत में राजपथ पर इस झांकी के साथ बजने वाले संगीत को चयनित किया गया। रिखी ने बताया कि राजपथ पर सिर्फ 55 सेकंड का ही संगीत बजेगा। उन्होंने बताया कि झांकी का ग्राफिक्स माडल उनकी निगरानी में बनाया गया है, इसमें कई बार फेर बदल के बाद अंतिम रूप से चयन किया गया है, जहां रिखी क्षत्रीय सबसे ऊपर रहेंगे और उनके साथ चार कलाकार होंगे, वहीं नीचे झांकी के दोनों हिस्से में चार-चार कलाकार रहेंगे। भिलाई स्टील प्लांट के कनवर्टर शाप से सेवानिवृत्त रिखी क्षत्रीय गणतंत्र दिवस में छत्तीसगढ़ की झांकी के साथ अवसर मिलने पर बेहद उत्साहित हैं और दिल्ली जाने को तैयारी में लगे हुए हैं।

    दुर्ग / शौर्यपथ / पखवाड़ा बीत गया, पर खुड़मुड़ा हत्याकांड का खुलासा नहीं हो सका। पुलिस की जांच टीमें हर एंगल से मामले के खुलासे के लिए लगी हुई है,…

    नये मेला-स्थल के लिए 54 एकड़ जमीन चिन्हित, सुविधा विकसित करने नहीं होगी धन की कमी
    फिंगेश्वर का नया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजिम महतारी के नाम पर
    राजिम माता शोध संस्थान के लिए 05 एकड़ जमीन देने की घोषणा
    राजिम में निर्माणाधीन धर्मशाला को 50 लाख रुपए

    राजिम/ शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि धर्म-नगरी राजिम केवल एक शहर नहीं है, बल्कि यह पूरे छत्तीसगढ़ की संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यहां केवल तीन नदियों का ही संगम नहीं होता, बल्कि सांस्कृतिक संगम भी होता है। पूरे छत्तीसगढ़ के साथ-साथ ओडिशा, महाराष्ट्र के लोग भी राजिम पहुंचते हैं।
    यह बात मुख्यमंत्री ने आज राजिम में साहू समाज द्वारा आयोजित भक्तिन महतारी राजिम दाई के जयंती महोत्सव में कही। उन्होंने कहा कि राजिम का सैकड़ों साल पुराना इतिहास है। यह हमारी संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि राजिम मेले को व्यवस्थित रूप से आयोजित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा नये मेला-स्थल के लिए 54 एकड़ जमीन का चिन्हांकन कर लिया गया है। इसमें कुछ निजी जमीन भी शामिल है, जिसके बारे में भू-स्वामी किसानों से सहमति ले ली गई है। उन्होंने कहा कि राजिम मेले के दौरान साधु-संतों, शासकीय कर्मचारियों तथा बाहर से आने वाले अन्य लोगों को होने वाली असुविधा को ध्यान में रखते हुए चिन्हित स्थल पर सभी आवश्यकत इंतजाम तथा निर्माण किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। मड़ई-मेले हमारी पहचान से जुड़े हुए हैं। श्री बघेल ने अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि महादेव घाट पर आज मेले के लिए जगह नहीं बची, ऐसी हालत राजिम में निर्मित नहीं होने दी जाएगी।
    मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि फिंगेश्वर में नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का नामकरण भक्तिन महतारी राजिम दाई के नाम पर किया जाएगा। उन्होंने राजिम में निर्माणाधीन धर्मशाला के लिए 50 लाख रुपए की स्वीकृति देने तथा राजिम माता शोध संस्थान के लिए पांच एकड़ जमीन देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा अपनी सांस्कृतिक पहचान को कायम रखने के लिए ही छत्तीसगढ़ शासन ने तीजा-पोरा, कर्मा जयंती, हरेली, विश्व आदिवासी दिवस तथा छठ जैसे तीज-त्यौहारों पर सार्वजनिक अवकाशों की घोषणा की है। आज छत्तीसगढ़ का अपना राजगीत है, किसी भी कार्यक्रम की शुरुआत इसी से की जाती है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कार के लिए प्राथमिकता के साथ काम कर रही है। खेत और पशुधन हमेशा किसान की ताकत रहे हैं, लेकिन बीच में व्यवस्थाओं में कमी आ गई थी। आज शासन की योजनाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था फिर से मजबूत हो रही है। गोधन न्याय योजना के तहत शासन 2 रुपए किलो में गोबर की खरीदी कर रहा है। पहले लोग धान बेचकर मोटरसाइकिल खरीदा करते थे, अब वे गोबर बेचकर भी खरीद लेते हैं। श्री बघेल ने कहा कि धान खरीदी के लिए शासन द्वारा बारदानों की व्यवस्था के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस साल कोरोना संकट की वजह से जूट के बारदानों का निर्माण प्रभावित हुआ, इसीलिए छत्तीसगढ़ ने जूट कमिश्नर से मात्र साढ़े 3 लाख गठान बारदाने मांगे थे, लेकिन उन्होंने कहा कि 1 लाख 45 हजार गठानें ही दी जा सकती हैं। इसमें से भी छत्तीसगढ़ को अब तक केवल 1 लाख 05 हजार गठानें बारदानें ही मिल पाए हैं। छत्तीसगढ़ ने धान खरीदी व्यवस्था सुचारू रूप से जारी रखने के प्लास्टिक बोरों की 70 हजार गठानें खरीदी हैं। इसके अलावा राइस मिलरों, सोसायटियों और किसानों से भी बोरों की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र ने 03 जनवरी को एफसीआई को छत्तीसगढ़ का 24 लाख टन चावल लेने की अनुमति दी है, हालांकि केंद्र से 60 लाख टन की सहमति हुई है। शेष मात्रा के लिए भी केंद्र से आग्रह किया गया है।
    मुख्यमंत्री ने राजिम मेला स्थल में प्रदेश साहू संघ के आयोजन स्थल पर पहुंचकर सबसे पहले माता राजिम की पूजा-अर्चना एवं माल्यार्पण कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर गृह, जेल, लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू, संसदीय सचिव सुश्री शकुंतला साहू,महासमुंद सांसद चुन्नी लाल साहू, बिलासपुर सासंद अरुण साव, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा, थानेश्वर साहू, पूर्व सांसद चन्दूलाल साहू, अभनपुर विधयक धनेद्र साहू, विधायक राजिम अमितेश शुक्ल, प्रदेश साहू संघ के अध्यक्ष अर्जुन हिरवानी, संरक्षक विपिन साहू, पूर्व मंत्री श्रीमती रमशीला साहू , साहू समाज के पदाधिकारी डॉ ममता साहू, मोती लाल साहू, अन्य प्रतिनिधि, सदस्य उपस्थित थे .

    दंतेवाड़ा / शौर्यपथ / जिले के अधिकांश गांव धुर नक्सली, पहाड़ी से घिरे, घने वन, नदी, नालों, दुर्गम रास्तों के मध्य स्थित हैं जहां तक पहुंच पाना आसान नहीं है। यहाँ रहने वालों के जीवन की कल्पना कोई सामान्य गांव या शहर का व्यक्ति नहीं कर सकता। इन्हें अपने जीवन यापन में विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। चाहे वह भोजन, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी या अन्य साधनों की हो। कटेकल्याण के पखनाचुआ ग्राम टाकोपारा के निवासियों को भी पीने के पानी की उपलब्धता के लिए जूझना पड़ता था। वो सालों से पहाड़ों में स्थित ‘चुआ’ गढ्ढे के पानी को पीकर जीवन यापन कर रहे थे। जिसका पता चलते ही जिला कलेक्टर दीपक सोनी ने त्वरित कारवाई करते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी को बोरवेल खनन के निर्देश दिये। दो दिन के अंदर बोरवेल खनन कर लिया गया।
    जिससे अब ग्रामीणों को चुआ का पानी नहीं पीना पड़ेगा। खुश होकर ग्रामीणों ने कलेक्टर को इस कार्य के लिए धन्यवाद दिया। कलेक्टर का कहना है कि जिला प्रशासन का कार्य जिले के सीमा के आखिरी व्यक्ति तक तमाम सुविधाएं मुहैया कराना है, चाहे उन्हें कठिनाइयों से ही क्यूं न गुजरना पड़े। उनकी समस्याओं का तुरंत निराकरण किया जायेगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के कार्यपालन अभियंता जी पी नेताम ने बताया कि वर्तमान में उनके पास 28 बोर खनन के आदेश है, जहां कार्य प्रगति पर है। साथ 150 स्थानों पर बोरवेल खनन भी किया जाएगा जो जल्द ही पूर्ण किये जायेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे पहुंचविहीन स्थल जहाँ बोरवेल खनन मशीन नहीं पहुंच सकते वहां भी पानी की उपलब्धता अन्य माध्यमों से कराई जाएगी। जिला दन्तेवाड़ा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का कार्य करेंगे। विभाग द्वारा विगत 02 वर्षों में नलजल, सोलरपम्प, मिनीमाता योजना एवं हैण्डपम्पों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के मजरे/पारे/टोलों में 372 नलकूपों का खनन कर 327 सफल नलकूपों में हैण्डपम्प स्थापना एवं चबुतरा निर्माण का कार्य किया गया है जिससे ग्रामवासियों को शुद्ध पेयजल प्राप्त हो रहा है। इसी कड़ी में कलेक्टर के निर्देश एवं मार्गदर्शन में कई बसाहटों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया गया है। जिसमें मुख्य रूप से पखनाचुआ के पटेलपारा, टेकापारा, कुंजामपारा एवं बड़ेगुडरा के भुंजीपारा, कवासीपारा, बुरगुम पारा एवं ग्राम झिरका के पटेलपारा, उपसरपंचपारा शामिल है इसी तरह नलजल योजना के माध्यम से विकासखण्ड गीदम के पाहुरनार तथा विकासखण्ड कटेकल्याण के दुवालीकरका में पेयजल प्रदाय किया जा रहा है। जल जीवन मिशन अंतर्गत जिला दन्तेवाड़ा में जल जीवन मिशन अंतर्गत हर घर जल योजना के तहत वर्ष 2024 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवारों को नल के माध्यम से 55 लीटर प्रति व्यक्ति शुद्ध पेयजल प्रदाय किया जाना है जिसके लिये विभाग द्वारा जिला कार्ययोजना तैयार किया गया है।
    योजना के अंतर्गत जिला दन्तेवाड़ा के 225 ग्रामों की वर्ष 01.04.2020 की स्थिति में कुल 49307 परिवार शामिल है। जिसमें 1091 परिवारों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जल प्रदाय किया जा रहा है। शेष 48216 परिवारों के लिये जिला कार्ययोजना तैयार किया गया है।

    भिलाईनगर/ शौर्यपथ / महापौर परिषद की बैठक महापौर देवेंद्र यादव के निर्देश पर महापौर परिषद के सदस्य नीरज पाल की अध्यक्षता तथा उपायुक्त अशोक द्विवेदी की उपस्थिति में आज दिन गुरूवार को महापौर कक्ष में आयोजित हुई। बैठक में महापौर परिषद के सदस्यों और निगम प्रशासन के अधिकारी एवं सभी जोन आयुक्त उपस्थित थे! चर्चा के लिए 5 एजेंडों को प्रस्तुत किया गया। परिषद की बैठक में भिलाई निगम के सस्ता मार्केट केम्प 02 में माननीय उच्चतम न्यायालय बिलासपुर द्वारा 01 जनवरी 2013 को पारित आदेश के परिपालन में शासन के पत्रानुसार भूखंड का रजिस्ट्री कराकर कब्जा देने के संबंध में, वार्ड 03 कोसानगर स्थित शहरी गोठान में निःशुल्क शेड निर्माण कार्य की अनुमति प्रदान करने हेतु, वार्ड 03 कोसानगर स्थित शहरी गोठान में स्व. जमुना देवी की स्मृति में 01 लाख की दान राशि से शेड निर्माण कार्य की अनुमति हेतु, डाॅ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी उद्यान नेहरू नगर पूर्व के संचालन की अनुमति प्रदान करने हेतु तथा भिलाई निगम क्षेत्रांतर्गत विभिन्न निर्माण कार्यों हेतु कारित संविदाओं में निविदा दर की राशि कम प्राप्त होने से बचत हुई राशि से जोन 03 क्षेत्रांतर्गत वार्ड 49 सेक्टर 02 तालाब का सौंदर्यीकरण एवं उद्यान विकास कार्य किये जाने हेतु प्रस्तुत प्रकरण पर परिषद द्वारा चर्चा की गई।
    शहरी गोठान में पशुओं के लिए बनेगा टीन शेड -
    महापौर परिषद की बैठक में वार्ड 03 कोसानगर स्थित शहरी गोठान में निःशुल्क शेड निर्माण कार्य की अनुमति प्रदान करने हेतु आए हुए प्रकरण को महापौर परिषद ने सर्वसम्मति से पास किया! उल्लेखनीय है कि गौ सेवक सुशील अग्रवाल ने 30*60 फीट का शेड निर्माण कार्य नि:शुल्क करने के लिए आवेदन दिया था! वार्ड 03 कोसानगर स्थित शहरी गोठान में स्व. जमुना देवी की स्मृति में 01 लाख की दान राशि से शेड निर्माण कार्य की अनुमति हेतु प्रस्ताव पर चर्चा कर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पर सहमति दी गई। शासन की महत्वपूर्ण योजना के बेहतर क्रियान्वयन में जो लोग आ रहे है उन्हें प्रोत्साहन करते हुए शेड निर्माण के लिए अनुमति दी जाएगी।
    इसी प्रकार डाॅ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी उद्यान नेहरू नगर पूर्व के संचालन की अनुमति के विषय पर चर्चा पश्चात उद्यान को महाराष्ट्र स्नेह मंडल नेहरू नगर को संचालन के लिए अनुमति नियम शर्ताें के साथ देने तथा उसकी माॅनिटरिंग संबंधित जोन कार्यालय द्वारा किये जाने के साथ सहमति प्रदान की गई। बैठक में महापौर परिषद के सदस्य लक्ष्मीपति राजू, डाॅ दिवाकर भारती, जोहन सिन्हा, सूर्यकांत सिन्हा, दुर्गा प्रसाद साहू, जी राजू, सोशन लोगन एवं सचिव जीवन वर्मा सहित निगम के अधिकारी मौजूद रहे।

    बालोद / शौर्यपथ / कलेक्टर जनमेजय महोबे ने बालोद विकासखण्ड के ग्राम पोण्डी में चार पक्षियों की अचानक मौत की जानकारी मिलने पर तत्काल संज्ञान में लिया और पशु चिकित्सा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नगरीय निकाय, राजस्व विभाग के अधिकारियों की बैठक संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में लेकर उक्त पक्षियों की अचानक मौत की घटना के संबंध में जानकारी ली।
    पशु चिकित्सा विभाग के उप संचालक ने बताया कि ग्राम पोण्डी में मृत पाए गए पक्षियों की मौत के कारणों की जाॅच हेतु सैम्पल रायपुर भेजा गया है, जिसे वहाॅ से भोपाल के लैब में भेजा जाएगा। भोपाल के लैब में सैम्पल जाॅच पश्चात् पक्षियों की मौत के कारणों की जानकारी मिल पाएगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पक्षियों की मौत के कारणों के संबंध में किसी प्रकार का अनुमान लगाया जाना उचित नहीं होगा।
    कलेक्टर ने पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से जिले में शासकीय योजनाओं के तह्त संचालित पोल्ट्री फार्म और निजी पोल्ट्री फार्म की जानकारी विकासखण्डवार ली। उन्होंने कहा कि सभी विकासखण्डों में संचालित पोल्ट्री फार्म की सतत् निगरानी करें व नियमित रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करें। बैठक में अपर कलेक्टर ए.के.बाजपेयी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी लोकेश कुमार चन्द्राकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डी.आर.पोर्ते, एस.डी.एम. बालोद आर.एस.ठाकुर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. जे.पी.मेश्राम, पशु चिकित्सा विभाग के उप संचालक डाॅ.आर.एस.मौर्य सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

    दुर्ग / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा स्व0 श्री मोतीलाल वोरा जी के नाम से उत्कृष्ट कार्य करने वालों को पुरस्कार देने के साथ ही उनके समाधि स्थल को विकसित करने और ठगड़बांध सौदर्यीकरण का कार्य पूरा होने पर स्व0 वोरा जी के नाम से नामकरण करने और निगम का जलगृह शापिंग काम्लेक्स का नाम भी स्व0 वोरा जी के नाम किये जाने पर महापौर परिषद ने विचार विमर्श कर प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है । एमआईसी की बैठक में निगम आयुक्त इंद्रजीत बर्मन, सभापति राजेश यादव के अलावा एमआईसी प्रभारी दीपक साहू, श्रीमती जयश्री जोशी, ऋषभ जैन, संजय कोहले, भोला महोबिया, मनदीप सिंह भाटिया, सत्यवती वर्मा, सुश्री जमुना साहू, अनुप चंदानियाॅ , अब्दुल गनी,के अलावा समस्त विभागीय अधिकारी उपस्थित थे ।
    महापौर एवं अध्यक्ष मेयरइन काउंसिल धीरज बाकलीवाल की अध्यक्षता में आज महापौर कक्ष में मेयरइन काउंसिल की बैठक संपन्न हुआ। बैठक में आज विभागों से प्राप्त 6 प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा कर निर्णय लिया गया। वहीं अध्यक्ष की अनुमति से स्व0 मोतीलाल वोरा जी का शोक श्रद्धांजली सभा आयोजित करने के साथ मालवीय नगर चैक को स्व0 वासुदेव चंद्राकर के नाम करने, शहर की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने विभिन्न खेलों के लिए महापौर ट्राफी का आयोजन करने का निर्णय एमआईसी में पारित किया गया। इसके अलावा मकान बार कोडिंग नंबर लगाने के कार्य की स्वीकृति प्रदान किया गया।
    बैठक में प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से 60 कुशल एवं 630 अकुशल श्रमिक प्रदाय हेतु प्राप्त निविदा विस्तार से चर्चा करने के उपरान्त जांच समिति गठित कर रिर्पोट के आधार पर निर्णय लेने पर विचार विमर्श किया गया। इसके अलावा प्रस्ताव क्रं0 2 में अग्रसेन चौक सुभाष स्कूल सीढ़ी के नीचे की दुकान के लिए आमंत्रित निविदा में आफसेट मूल्य से अधिकतम राशि सोनल कुमार गुप्ता द्वारा दुकान नहीं लेने की असमर्थता व्यक्त करने पर उसकी अमानत राशि राजसात करते हुये द्वितीय आफरकर्ता को दुकान देने की स्वीकृति दी गई । बैठक में गयाबाई प्राथमिक शाला गया नगर की चतुर्थ निविदा अनुसार दुकान क्रं0 1, 4, ओर 6 को अधिकतम आफरकर्ता को दिये जाने का प्रस्ताव पारित किया गया।
    बैठक में नगर पालिक निगम दुर्ग के नियंत्रणाधीन रायपुर नाका वायशेप ओव्हरब्रिज के नीचे निर्मित दुकानों का प्राप्त निविदा अनुसार दुकान क्रं0 01, 03, व 6 के लिए प्राप्त अधिकतम दर को स्वीकृति दी गई जबकि दुकान क्रं0 02 और 04 के लिए कोई निविदा प्राप्त नहीं हुआ । बैठक में गोंडवाना समाज द्वारा शहीद वीरनारायण सिंह के शहादत दिवस पर दुर्ग शहर के किसी चौक में प्रतिमा स्थापित करने की मांग पर महापौर परिषद ने लोक कर्म प्रभारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति द्वारा गोंडवाना समाज के प्रतिनिधियों के साथ स्थल का चयन कर स्वीकृति दिये जाने का निर्णय काउंसिल ने लिया है। इसके अलावा ठगड़ाबांध सौदर्यीकरण कार्य में रेल्वे लाईन तक लगभग 40 मीटर क्षेत्र रेल्वे क्षेत्राधिकार का होने के कारण उस भाग को सुरक्षित रखने लीज पर लिये जाने का प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में कार्यपालन अभियंता सुशील कुमार बाबर, मोहनपुरी गोस्वामी, राजेश पाण्डेय, सहा0 अभियंता जितेन्द्र समैया, भवन अधिकारी प्रकाशचंद थवानी, उपअभियंता ए0आर0 राहंगडाले, स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता, राजस्व अधिकारी आर0के0 बंजारे, बाजार प्रभारी अधिकारी थान सिंग यादव, सचिव शरद रत्नाकर एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे ।

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